हज़रत मोहम्मद साहब की शहादत पर गूंजीं गम की सदाएं

हज़रत मोहम्मद साहब व इमाम हसन की शहादत पर गूंजीं गम की सदाएं

 JAUNPUR NEWS : रसूरे ख़ुदा पैगम्बर हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (स. अ.) व उनके बड़े नवासे हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत पर जुलूस नक़ी फाटक से निकला, शनिवार देर रात इमामबाड़ा नक़ी फाटक में मजलिस हुई जिसमें सोज़ख्वानी डा एबाद अली ने अपने हमनवा के साथ किया, पेशख़ानी हैदर काज़मी व फैज़ ने किया। मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना शेख़ हसन जाफर ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने अपनी धार्मिक सहिष्णुता एवं श्रेष्ठ चारित्रिक गुणों से मुस्लिम धर्म को एक महान् धर्म के रूप में प्रतिष्ठित किया था। मानवीय आधार पर इस धर्म की स्थापना करके उन्होंने आपसी सदभाव और मैत्री का सन्देश दिया था। सभी मनुष्यो को ईश्वर की सन्तान बताते हुए उन्होंने धार्मिक सदभाव व एकता का पाठ पढ़ाया। आगे मौलाना ने बताया कि मोहम्मद साहब की शहादत इस्लामिक माह के 28 सफर को हुआ था, तथा इसी तारीख को इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत भी है । 

 बाद खत्म मजलिस शबीहे अलम निकाला गया। उसके बाद नकी फाटक के सामने हुसैनिया मस्जिद पर तकरीर बेलाल हसनैन ने करते हुए हज़रत मोहम्मद साहब व हज़रत इमाम हसन की शहादत का जिक्र करते हुए उन पर ढ़ाऐ गयें मसायब को पढा तो माहौल ग़मगीन हो गया लोग सिसकियों के साथ रोने लगे। उसके बाद शबीहे ताबूत निकला। जिसके हमराह जुलूस की शक्ल में शहर की अन्जुमने जुल्फेकारिया मस्जिदतला, जाफरी मक़्दूमशाहअढ़न, कौसरिया रिज़वी खा, असग़रिया पुरानी बाजार, व अज़ादारिया बारादुअरिया नौहा पढ़ती मातम करती हुई मल्हनी पड़ाव होतें हुए इमाम चौक वक़्फ़ बीकानी बीबी तक गया।  जुलूस पुनः नक़ी फाटक में आकर समाप्त हुआ।

सै. मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद शाहिद गुड्डू, रज़ि हैदर जावेद ने जुलूस में आये हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। संचालन अब्बास काज़मी ने किया।  इस अवसर पर सैय्यद मोहम्मद हसन नसीम, शोएब, कायम कैफी आब्दी, मोहम्मद असद, नजमुल हसन, इसरार हुसैन एडवोकेट, अनवारुल हसन, जहीर हसन, तहसीन शाहिद, कमर हसनैन दीपू, आतिफ हुसैनी, शाहिद मेहदी, मेहदी रज़ा, सलमान, ज़ीशान, वजीह आब्दी, जफर हसनैन, सईद, आदि उपस्थित रहे।

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