’विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम –
जौनपुर: ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका को नई मजबूती देगा विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’’रोजगार गारंटी 100 से बढ़कर 125 दिन, ग्रामीण आय में होगा सीधा इजाफा’’होगी समयबद्ध व पारदर्शी मजदूरी भुगतान’
’ग्राम सभा की सहभागिता से तय होंगी विकास योजनाएं, गांवों का होगा संतुलित विकास मंत्री नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री ए० के० शर्मा जी द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) जी राम जी योजना (गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) अधिनियम के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।प्रभारी मंत्री जी ने इस नए अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों, किसानों एवं मेहनतकश वर्ग के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन आएगा। यह अधिनियम ग्रामीण समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करने, ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने तथा स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने में अत्यंत सहायक होगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की ग्रामीण समाज के प्रति संवेदनशीलता और मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता बेरोजगारी भत्ता को एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बनाना है। पूर्ववर्ती मनरेगा अधिनियम में अनेक शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना कठिन था, जबकि नए अधिनियम में अनावश्यक प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। अब यदि श्रमिक द्वारा कार्य की मांग के बावजूद समय से रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा।उन्होंने यह भी बताया कि मजदूरी भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया है। यदि किसी कारणवश मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ श्रमिक को दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के शोषण पर प्रभावी रोक लगेगी और उन्हें उनके श्रम का पूरा लाभ समय पर मिलेगा। कृषि (बुआई और कटाई) के समय में वर्ष में अधिकतम 60 दिवसों हेतु कार्य बन्द रखे जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि कार्य निर्वाध रुप से संचालित हो सके और श्रमिकों की उपलब्धता कम न हो।
उन्होंने कहा कि अधिनियम के अंतर्गत विकास कार्यों की योजना अब ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत द्वारा विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार की जाएगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य होगी। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन होगा और गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अंत में मा० मंत्री जी ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
इस अवसर पर मा0 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण श्री गिरीश चन्द्र यादव, मा0 सांसद राज्यसभा श्रीमती सीमा द्विवेदी, विधायक शाहगंज श्री रमेश सिंह, एमएलसी श्री बृजेश सिंह ’’प्रिन्सू’’, विधायक मड़ियाहॅू डा0 आर0के0 पटेल, जिलाध्यक्ष द्वय श्री अजीत प्रजापति, डा0 अजय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष श्री पुष्पराज सिंह, अजय शंकर दुबे, अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया अन्य अधिकारीगण सहित मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।





