सेवानिवृत्ति कर्मचारी नेता रमेश यादव का सम्मान समारोह का आयोजन
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में शुक्रवार को कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की विश्वविद्यालय की प्रगति में बड़ी भूमिका होती है और उनकी कुशलता निष्ठा पर विश्वविद्यालय प्रगति की ओर बढ़ता रहता है , इनको जीवन की दूसरी पारी में भी इनको सफलता ही मिलेगी। इस दौरान सेवानिवृत्ति कर्मचारी नेता रमेशचंद यादव को आए हुए शिक्षकों प्रबंधकों ने सम्मानित करते हुए उनके जीवन चरित्र प्रकाश डाला ।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कर्मचारी संघ के पूर्व महामंत्री रमेश चंद्र यादव की कुशलता काम करने की दक्षता हमेशा सकारात्मक रही । विश्वविद्यालय की प्रगति में कर्मचारी लोगों की विशेष भूमिका होती है जिसको हमने तीन सालों में देखा है , उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति होने वाले कर्मचारियों के कर्मों पर लोग उनका सम्मान करते है , वह जीवन की दूसरी पारी भी अच्छे कर्म करेंगे और सफलता मिलेगी। इस दौरान कुलपति व परीक्षा नियंत्रक डा विनोद कुमार सिंह ने रमेश चंद यादव को स्मृति चिन्ह अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया । इस दौरान शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो विजय सिंह, प्रो राजेश सिंह, डॉ जेपी सिंह, डॉ लक्ष्मण प्रसाद सिंह ,डॉ यदुवंश कुमार , कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, राधेश्याम सिंह मुन्ना,अध्यक्ष वारिंदर यादव ने रमेश यादव के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला और उनके कार्यों की सराहना की।
इस दौरान गाजीपुर जौनपुर के कॉलेज प्रबंधको शिक्षकों ने उन्हें स्मृति चिन्ह माल्यार्पण कर सम्मानित किया । भावुक होते हुए रमेश यादव ने कहा की विश्वविद्यालय परिवार एक परिवार की तरह था और रहेगा आगे भी विश्वविद्यालय हित के लिए जो भी होगा सभी कर्मचारी भाइयों के साथ सहयोग जारी रहेगा और हर कर्मचारी विश्वविद्यालय छात्र शिक्षक हित की बात करता है। कहीं छोटी-मोटी गलतियां किसी से होती हैं उस पर सुधार का मौका दिया जाना जरूरी होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान यादों को साझा किया । सम्मान समारोह का संचालन डॉ राजेश सिंह ने किया । इस अवसर पर लक्ष्मी मौर्य, राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, उत्तम चौबे, सुशील प्रजापति ,रजनीश सिंह, अशोक सिंह ,अलका सिंह ,नीलम, रिचा सिंह अटेवा नेता इंदु प्रकाश सिंह ,डा यामिनी सिंह समेत तमाम कर्मचारी शिक्षक मौजूद रहे।
खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के अब्बोपुर गांव निवासी एक श्रमिक की शुक्रवार को आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान की छत पर शटरिंग का कार्य करते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। अब्बोपुर निवासी 22 वर्षीय प्रमोद बिन्द पुत्र संतू बिन्द मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। शुक्रवार सुबह वह दीदारगंज थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव फुलेश में चन्देश गौतम के निर्माणाधीन मकान की छत पर शटरिंग का कार्य करने गया था। कार्य के दौरान वह छत के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। साथ में काम कर रहे श्रमिकों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए शाहगंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया।
जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले आए। मृतक की शादी महज दो माह पूर्व हुई थी। उसकी असमय मौत से पत्नी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची दीदारगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
खेतासराय(जौनपुर): बडऊर गांव में आम तोड़ने गए दो युवकों पर मधुमखियों ने हमला बोल दिया किसी तरह जान बचाकर भागे युवकों को बेशुद हाल में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र के चकिया गांव निवासी राहुल बिन्द अपने मित्र सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़ाऊर गांव निवासी रोहित के साथ गांव में ही आम की बाग में आम तोड़ने गए जैसे ही पेड़ पर दोनों ने आम तोड़ना शुरू किया ही था कि पेड़ पर लगे। मधुमखियों ने हमला बोल दिया दोनों पूरे बाग में दौड़ते रहे उनसे बचने के लिए लेकिन पीछा नही छोड़ा जिसमे बड़ाऊर निवासी युवक रोहित अचेत हो गया गांव वालों की मदद से किसी तरह दोनों को पीएचसी सोंधी में भर्ती कराया गया जहां पर उनका इलाज चल रहा है। इलाज कर रहे डाक्टर मसूद अहमद खान ने बताया कि गम्भीर हाल में युवकों को अस्पताल लाया गया जहां पर दोनों का इलाज चल रहा है स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
खेतासराय(जौनपुर): नगर के व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को खेल एवं युवा कल्याण स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव से मुलाकात कर रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में खेतासराय रेलवे स्टेशन पर लंबे समय से बंद पड़ी यात्री आरक्षण प्रणाली सेवा को पुनः शुरू कराने तथा कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कोविड काल के दौरान बंद हुई कई ट्रेनों का ठहराव अब तक खेतासराय रेलवे स्टेशन पर बहाल नहीं किया गया है, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में दून एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी, अयोध्या-वाराणसी पैसेंजर तथा वाराणसी-बालामऊ पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि पूर्व में इन ट्रेनों का ठहराव खेतासराय स्टेशन पर होता था, लेकिन कोरोना काल के बाद कई सेवाएं पुनः बहाल नहीं हो सकीं। साथ ही स्टेशन पर बंद पड़े टिकट आरक्षण काउंटर को भी शीघ्र चालू कराने की मांग की गई। राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को रेल मंत्रालय तक पहुंचाया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में आदर्श श्रीवास्तव, डॉ. गजेंद्र पांडेय, मनीष गुप्ता (धर्मरक्षक), आदर्श श्रीवास्तव, मोनिका श्रीवास्तव, अभिषेक सिन्हा, आदर्श श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जौनपुर । इन्दिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम सिद्दीकपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 02 खिलाड़ियों का क्रमशः वाॅलीबाल एवं हैण्डबाल में प्रदेश स्तरीय चयन/प्रतियोगिता उपरान्त चयन हुआ। कु. आशु यादव जो स्टेडियम में दिलीप कुमार, वाॅलीबाल प्रशिक्षक की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, इनका चयन स्पोर्ट्स काॅलेज गोरखपुर में कक्षा-11 में हुआ है। आशु ग्राम बिथार, पोस्ट चोरसण्ड जौनपुर की रहने वाली है इनके पिता जितेन्द्र यादव व्यवसायी है, आशु की प्रतिभा को बढ़ाने में इनके प्रशिक्षक के साथ ही पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान है। आशु यादव कहती हैं कि किसी भी लक्ष्य पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी और हम खेल जगत के अन्य सभी खिलाड़ियों को कहेंगे किसी स्तर पर निराश ना हो सफलता मिलेगी।
दूसरी तरफ अभिनव कुमार पुत्र पप्पू ग्राम देवकली पो. सरायख्वाजा का चयन प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता उपरान्त स्पोर्ट्स काॅलेज फतेहपुर में कक्षा 9 में हुआ है। अभिनव की प्रतिभा को विकसित करने में इनके प्रशिक्षक निलेश यादव हैण्डबाल प्रशिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनो खिलाड़ियों की उपलब्धि पर अशोक सोनकर, क्रीड़ा अधिकारी जौनपुर द्वारा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को लक्ष्य को पाने के लिए प्रोत्साहित किया।
सरायख्वाजा के जर्रो गांव में पक्का पोखरा पर हुई घटना
जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जर्रो पक्का पोखरा पर कुछ साधु वेषधारी में दबंग लोग आए और वहां भजन कीर्तन करने लगे। इस दौरान वह काफी संख्या में पेड़ काटने लगे। जिसे स्थानीय लोगों ने मना किया। जिसमें चौकीदार का हाथ पैर धार दार आरी से काट दिया। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की ।
बता दें की जर्रो का निवासी महेंद्र प्रताप यादव सरायख्वाजा थाना पर चौकीदार हैं और बताया जाता है कि गुरुवार को लगभग 2 बजे पक्का पोखरा पर स्थित आश्रम के आसपास कुछ साधु वेषधारी यहा आकर रुके हुए थे और गुरुवार को वहां बड़े-बड़े पेड़ काटने लगे जिस पर चौकीदार महेंद्र प्रताप उन्होंने मना किया, इस दौरान वहां दबंग भोलानाथ, राजाराम समेत चार लोग इस पेड़ काटने वाली आरी से उनके दाहिने हाथ की उंगलियां और दाएं पैर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया ,जिससे उंगलियों और पैर कट गए ।घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद पीड़ित को स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गए पीड़ित का उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजा कला में कराया गया और पीड़ित ने तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना से गांव में तनाव बन गया है
समस्याओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष को सौपा ज्ञापन
जौनपुर ।जिले की रोडवेज के आसपास की कॉलोनी में तमाम समस्याओं व्याप्त हैं, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य को ज्ञापन सौपा और समाधान के लिए लोगों ने आग्रह किया।
बता दें कि रोडवेज कॉलोनी मैं समस्याओं को लेकर अधिवक्ता ओम प्रकाश यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या को ज्ञापन सौपा और कहा कि कॉलोनी में नाली जेसीबी कार्य के दौरान छात्रिग्रस्त हो गई हैं। जिसमें जल निकासी बाधित हो गई है लोग परेशान हैं जिसका शीघ्र मरम्मत कराया जाए। नालियों के नियमित साफ सफाई कराई जाए। कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट की समस्या है, यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जाए। जिससे रात में आवागमन में कठिनाई न हो और जरूरत के स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था कराई जाए । कॉलोनी में नियमित सफाई जल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। पीने के पानी की समस्या है जिसका होना जरूरी है। इन सब मामलों को लेकर को ज्ञापन दिया और निस्तारण की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पर शीघ्र निस्तारण थी किया जाएगा।
बृद्ध ने थाने में पुलिस द्वारा बदसलूकी का लगाया आरोप
खुटहन ( जौनपुर)सरपतहा थाने के कम्मरपुर गांव में पशुशाला के ऊपर आई पेड़ की डाल को काटना एक बृद्ध पर भारी पड़ गया। आरोप है कि पहले तो पड़ोसी ने जमकर गालियां दी,बाद में थाने में पुलिस ने भी उसे घंटों बैठाए रखा। यह भी आरोप है कि पुलिस द्वारा भी उसके साथ गली गलौज और बदसलूकी की गई। पीड़ित के पौत्र अमन सिंह ने क्षेत्राधिकारी शाहगंज को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
गांव निवासी अमन सिंह का आरोप है कि पड़ोसी के द्वारा लगाया गया पेड़ विस्तृत रूप में हो गया है। उसकी कई डालें पशुशाला के ऊपर आ गई है। आंधी पानी में टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि उसके दादा 75 वर्षीय रमाशंकर मंगलवार को डाल की एक पतली टहनी काट दिए। जिसको लेकर पड़ोसी ने उन्हें भला बुरा कहकर मौके पर पुलिस बुला लिया। बृद्ध रमाशंकर को पुलिस थाने ले गई। उनका आरोप है कि थाने में पुलिस द्वारा उन्हें जेल भेजने की धमकी के साथ साथ गाली गलौज दिया गया। सीओ ने कहा कि तहरीर मिली है, घटना की जांच कराकर उचित कार्रवाई कराई जायेगी
कश्मीर के हिन्दू राज्य का इतिहास -डॉ दिलीप कुमार सिंह
कश्मीर दो शब्दों से मिलकर बना है क: +समीर जिसका अर्थ है जल और वायु अर्थात संपूर्ण धरती पर कश्मीर की हवा और पानी सबसे शुद्ध ताजी और स्फूर्ति दायक थी ऐसा इसलिए था कि हिमालय पर्वत पर बर्फ से ढके शिखरों से आने वाला पानी तमाम खनिज पदार्थ और जड़ी बूटियों से मिलकर अमृत के समान स्वास्थ्यवर्धक हो जाता था और वही हाल वहां की हवा का भी रहता था शुभ्र स्वच्छ बर्फ को छूकर बहती हवा केसर जड़ी बूटियों और तमाम औषधियों से संयुक्त होकर अत्यंत सुगंधित ऑक्सीजन से ओतप्रोत हो जाती थी।
इस प्रदेश की स्थापना परम प्रतापी ब्रह्मा के पुत्र कश्यप ब्रह्म ऋषि ने किया था और उन्हीं के नाम पर कैस्पियन सागर का नाम भी पड़ा जिसको पहले कश्यप सागर कहा करते थे और उसकी खोज सर्वप्रथम फौजी स्वभाव वाले कश्यप जी ने ही किया था कश्मीर एक विशाल राज्य था जिसकी सीमाएं वर्तमान में अफगानिस्तान कजाकिस्तान कैलाश मानसरोवर से होती हुई आधे पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैली हुई थी और इसका क्षेत्रफल लगभग 1500000 वर्ग किलोमीटर में था सतयुग त्रेता और द्वापर युग में बड़े-बड़े ब्रह्म ऋषि संत महात्मा और दार्शनिक लोगों की तपस्थली थी और यहां पर अनेकानेक राजसूय यज्ञ हुए भगवान श्री राम के और युधिष्ठिर के छोड़े गए अश्व भी वहां गए जहां पर उस समय के राजाओं से उनका घनघोर युद्ध हुआ था महा योद्धा किरात यहीं के निवासी थे जिनके वेश में अर्जुन से भगवान शिव ने स्वयं घनघोर युद्ध किया था
आज जो कश्मीर भारत में है और जिस कश्मीर की बात हम करते हैं वह धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर नहीं है वह असली कश्मीर का केवल एक चौथाई है असली कश्मीर तो पाकिस्तान आजाद कश्मीर मुजफ्फराबाद में है दुनिया की सबसे सुंदर जड़ी बूटियां सबसे स्वच्छ ताजा पानी और स्वास्थ्यवर्धक फल फूल मिलते हैं और यहां रहने वाले लोग आराम से 100 वर्ष तक जीते हैं 1988 89 में मुझे ईश्वर की कृपा से आजाद कश्मीर एक सप्ताह जाने का मौका प्राप्त हुआ और वहां की असाधारण अद्भुत और कल्पना से परे का सौंदर्य देखकर हो गया था उसके बाद कश्मीर में भयानक याद पहले और सब कुछ तहस हो गया बचा हुआ कश्मीर तो केवल कहने के लिए है और श्रीनगर तक के भूभाग ही धरती का स्वर्ग कहे जाने योग्य है।
कश्मीर और भारत दोनों के इतिहास की सही और प्रामाणिक जानकारी अत्यंत आवश्यक है।प्राचीन काल में भारत का क्षेत्रफल मुख्य भूभाग का लगभग 25000000 और किलोमीटर था और है आधे अरब प्रायद्वीप पूरे ईरान कैस्पियन सागर से होता हुआ अरब और उससे अलग हुए मुस्लिम गणराज्य और एक तिहाई चीन संपूर्ण तिब्बत को लेते हुए म्यांमार थाईलैंड लाओस वियतनाम सिंगापुर मलेशिया इंडोनेशिया श्रीलंका तक फैला हुआ था इसके अलावा अमेरिका और यूरोप ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका अंटार्कटिका उस समय जंगली राज थे और वहां भी भारत का शासन था धीरे धीरे सम्राट जन्मेजय के बाद भारत की सीमाएं सिकुड़ना आरंभ हुई और अंतिम बार चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय में भारत का राज्य मक्का मदीना और तुर्की तक फैला हुआ था कश्मीर सदैव से भारत का सबसे बड़ा और सबसे सबसे सुंदर और पवित्र राज्य था।
अखंड कश्मीर से ही उत्तर भारत के सभी प्रमुख नदियां जैसे सिंधु ब्रह्मपुत्र झेलम रवि व्यास सतलज चिनाव निकलते हैं जो सदैव अपनी से भारी जड़ी बूटियां से युक्त स्वच्छ और ताजी होती है संसार की सबसे ऊंची 20 चोटियों में से 15 तो केवल कश्मीर में ही हैं
पहले का विराट कश्मीर तक फैला हुआ था जिसमें कैलाश मानसरोवर यक्ष गंधर्व और देवता लोक था।यहीं पर ऋषि मुनि तपस्या करते थे और अनंत ब्रह्मांड के रहस्य खोज लेते थे यहीं से सुमेरु का शिखर दिखाई देता था और यही से स्वर्ग का रास्ता जाता था यहां पर सिद्ध योगी तपस्वी रहते हैं जो हजारों लाखों वर्ष के हैं डॉ दिलीप कुमार सिंह
भगवती पार्वती ने यही के हिमवान शिखर पर दक्ष के पुत्री के रूप में जन्म लिया और अपने प्रदेशों के अपमान होने पर खुद को यज्ञ में स्वागत कर दिया और प्रजापति दक्ष का यज्ञ विध्वंस हो गया था।कश्मीर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली था लेकिन धीरे-धीरे उसे वामपंथी और कांग्रेसी इतिहासकारों ने विदेशी साजिश के तहत धूल धूल सहित कर दिया और यहां तक कह दिया कि परम पवित्र दिव्य अमरनाथ की गुफा एक मुस्लिम गडरिया खोजी थी जो पूरी तरह झूठी बात है जब पांडव लोग हिमालय पर चढ़ते हुए स्वर्गारोहण किए थे उस समय दिया गुफा विद्यमान थी या ज्ञान विज्ञान कला कौशल धर्म-दर्शन और वेद पुराण स्मृतियों का मुख्य केंद्र यहीं पर था यहीं पर अर्जुन दिग्विजय करते हुए आए थे और यहां से आगे उत्तरी ध्रुव तक गए थे
कल्हण के राजतरंगिणी से ज्ञात होता है। अशोक के पुत्र जालौक को कश्मीर में हिन्दू सभ्यता के प्रसार का श्रेय है । कनिष्क के समय कश्मीर कुण्डल वन के नाम से जाना गया। कश्मीर में कार्कोटवंश उत्पलवंश लोहारवंश के शासकों ने शासन किया। कार्कोट वंश में क्रमशः दुर्लभवर्धन चन्द्रापीड तारापीठ मुक्तापीड । सबसे प्रतापीय ललितादित्य हुआ कश्मीर को सजाने एवं संवारने का कार्य अधिक किया । उसने कश्मीर की सीमाओं को ईरान उत्तराखंड और तिब्बत तक पहुंचा दिया था और अब देश के आक्रमण का भीषण प्रतिकार किया थाकश्मीर में सूर्य का मार्तण्ड मंदिर उसी के समय में बना । उसके बाद जयपीड शासक हुआ। उत्पलवंश में अवन्तिवर्मन शंकरवर्मन गोपाल वर्मन इसी के समय यश्कर नामक व्यक्ति ने शासन सम्हाला उसके बाद रानी दिद्दा का शासन हुआ जो दुराचारी महिला थी ।
जम्मू और कश्मीर के फल फूल जड़ी बूटियां केसर और शिल्प तथा कला अद्भुत हैं और यहां के निवासी भी गोरे चिट्टे लंबे कद के होते हैं यहां की झीलों में बिहार करना अपने आप में नंदनकानन और स्वर्ग में बिहार करने जैसा है और बाग बगीचे सुगंधित उद्यान अपने आप में एक प्रतिमान है कला साहित्य त्याग तपस्या हर क्षेत्र में कश्मीर पहले सिरमौर और भारत का मुकुट था लोहार वंश में संग्राम राज अनंत कलश व हर्ष उच्छल सुस्सल भिक्षाक्षर जय सिंह राजतरंगिणी का विवरण जयसिंह के शासन के साथ समाप्त हो जाता है। कश्मीर में 1339 ई में मुस्लिम शासन की स्थापना होती है।
इसके बाद कई कालखंड आए और धीरे-धीरे मुस्लिम जनसंख्या बढ़ती गई और हिंदू अल्पसंख्यक हो गए लेकिन 200 वर्षों के बाद कश्मीर में फिर से सनातनी धर्म का शासन हो गया जो 1947 तक रहा एक बार फिर से महान सेवा नायक हरि सिंह नलवा ने इसकी सीमाओं को चीन तक फैला दिया था।और महाराजा हरी सिंह के साथ समाप्त हुआ यद्यपि इसके बाद भी वहां पर राजे रजवाड़े बचे हैं ।सम्राट ललितादित्य के बाद से ही यहां पर मुस्लिम घुसपैठ शुरू हुई और आज वहां 99% मुसलमान है। नेहरू के चलते कश्मीर आज पूरी तरह से मुस्लिम राज्य बन चुका है जिसको फिर से कश्मीरी सनातनी लोगों से बसाने का प्रयास जारी है राजनीति कुर्सी और मुस्लिम देशों की खिचड़ी के चलते कश्मीर आज अधर में झूल रहा है देखना है कब इसको अगले ललितादित्य या हरि सिंह नलवा प्राप्त होते हैं
खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के झांसेपुर गाँव में मंगलवार सुबह पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक नवविवाहिता द्वारा कीटनाशक पदार्थ का सेवन किए जाने से क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। परिजनों की तत्परता से उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांसेपुर गाँव निवासी राजेश बिन्द के पुत्र अश्वनी बिन्द का विवाह लगभग छह माह पूर्व सुल्तानपुर जनपद के डेंगूरपुर निवासी रोशनी बिन्द के साथ हुआ था। बताया जाता है कि मंगलवार सुबह किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। विवाद से आहत होकर रोशनी ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया।
घटना की जानकारी होते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तत्काल उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते उपचार मिलने से उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। फिलहाल नवविवाहिता का इलाज जारी है और परिजन उसकी देखभाल में जुटे हुए हैं।