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JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 

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JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 
JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 

JAUNPUR NEWS जौनपुर : राजा श्रीकृष्ण दत्त पी.जी. कॉलेज में वित्तीय साक्षरता पर कार्यशाला आयोजित
राजा श्रीकृष्ण दत्त पी.जी. कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में SEBI एवं NISM के सौजन्य से वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता सुश्री निधि सिंह ने प्रतिभागियों को निवेश के महत्व, प्रतिभूति बाजार में निवेश की प्रक्रिया, प्राथमिक एवं द्वितीयक बाजार में निवेश, आईपीओ, म्युचुअल फंड एवं स्टॉक मार्केट में निवेश की कुशलता तथा वित्तीय सेवा उद्योग में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 


कार्यक्रम के संयोजक डॉ. लाल साहब यादव, विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि समृद्ध बनने के लिए आय अर्जित करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण बचत करना तथा सही प्लेटफॉर्म पर अपने धन का निवेश करना भी है। उन्होंने बताया कि बिना पर्याप्त जानकारी के शेयर मार्केट और म्युचुअल फंड में किया गया निवेश अक्सर नुकसान का कारण बनता है। इसलिए आज के समय में वित्तीय फ्रॉड से बचने तथा बाजार से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए वित्तीय साक्षरता का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों के महत्व को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।


महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में छात्रों के लिए केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं बल्कि वित्तीय जागरूकता और निवेश संबंधी समझ भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य के आर्थिक निर्णयों के प्रति अधिक सजग और आत्मनिर्भर बनाती हैं।डॉ. शैलेश पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग ने कहा कि वर्तमान समय में बदलते वित्तीय परिवेश में निवेश के विविध विकल्पों की सही जानकारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय बाजार से जुड़े अवसरों को समझते हुए विवेकपूर्ण निवेश करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का डिजिटल प्रबंधन श्री चंद्रकेतु द्वारा किया गया।कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्रबंधक श्री सत्य राम प्रजापति की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के बीच वित्तीय रूप से जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर डॉ. रजनीकांत द्विवेदी, डॉ सुधाकर शुक्ला डॉक्टर रविंद्र कुमार यादव डॉक्टर नम्रता श्रीवास्तव डॉक्टर संतोष त्रिपाठी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

डिजिटल युग में महिला सशक्तिकरण

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वर्तमान समय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का युग है। इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने समाज के लगभग प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। शिक्षा, व्यापार, प्रशासन, स्वास्थ्य और संचार जैसी व्यवस्थाएँ तेजी से डिजिटल माध्यमों पर आधारित होती जा रही हैं। इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहलू यह है कि इससे महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। डिजिटल तकनीक ने महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सूचना और अभिव्यक्ति के ऐसे अवसर प्रदान किए हैं, जिनके माध्यम से वे पहले की अपेक्षा अधिक आत्मनिर्भर और सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में समान भागीदारी कर सकें। भारतीय समाज में लंबे समय तक सामाजिक परंपराओं, आर्थिक सीमाओं और लैंगिक असमानता के कारण महिलाओं की भूमिका सीमित रही। लेकिन डिजिटल क्रांति ने इस स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

भारत में इंटरनेट उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 90 करोड़ के करीब पहुँच चुकी है। इनमें महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है और लगभग 47 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता महिलाएँ हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल पहुँच का विस्तार हो रहा है और लगभग 48 करोड़ से अधिक ग्रामीण नागरिक इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं। यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि डिजिटल तकनीक अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे ग्रामीण समाज तक भी पहुँच रही है, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए भी नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक ने महिलाओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। ऑनलाइन कक्षाएँ, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल पुस्तकालय और वेबिनार के माध्यम से महिलाएँ घर बैठे शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं। विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए यह सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है जो पारिवारिक या सामाजिक कारणों से नियमित शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोविड-19 महामारी के दौरान डिजिटल शिक्षा का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ, जब ऑनलाइन माध्यमों ने शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में भी डिजिटल तकनीक महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। आज अनेक महिलाएँ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना व्यवसाय स्थापित कर रही हैं। हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, घरेलू खाद्य उत्पाद और पारंपरिक कलाओं से जुड़े कार्यों को महिलाएँ सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँचा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।

भारत में लगभग 90 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें करोड़ों महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। ये समूह डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचा रहे हैं। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणाली जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल वॉलेट ने महिलाओं को वित्तीय लेन-देन में अधिक स्वतंत्र बनाया है। अब महिलाएँ स्वयं ऑनलाइन भुगतान, बचत और आर्थिक लेन-देन का प्रबंधन कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्वायत्तता मजबूत हुई है।

सामाजिक दृष्टि से भी डिजिटल माध्यमों ने महिलाओं को अपनी आवाज़ रखने का प्रभावी मंच प्रदान किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाएँ अपने विचार, अनुभव और समस्याओं को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकती हैं। इससे महिला अधिकार, लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता उत्पन्न हुई है। डिजिटल माध्यमों ने महिलाओं को संवाद और भागीदारी का नया आयाम दिया है, जिसके माध्यम से वे सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

हालाँकि डिजिटल युग में महिला सशक्तिकरण की इस प्रक्रिया के सामने कई चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल विभाजन की है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक महिलाओं के पास व्यक्तिगत मोबाइल फोन या इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई मामलों में महिलाएँ परिवार के किसी पुरुष सदस्य के फोन के माध्यम से ही इंटरनेट का उपयोग करती हैं। इसके अतिरिक्त डिजिटल साक्षरता की कमी भी एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिसके कारण कई महिलाएँ तकनीकी संसाधनों का पूरा लाभ नहीं उठा पातीं।

साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न भी महिलाओं की डिजिटल भागीदारी के लिए एक गंभीर चुनौती है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाएँ महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं। इसलिए डिजिटल सशक्तिकरण के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और जागरूकता को भी मजबूत करना आवश्यक है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक है कि सरकार और समाज मिलकर महिलाओं के बीच डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दें। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जानी चाहिए। साथ ही महिलाओं को तकनीक के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के बारे में जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है।

निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि डिजिटल युग महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। यदि डिजिटल संसाधनों की समान उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, तो डिजिटल क्रांति महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक समावेशी और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि डिजिटल विकास की प्रक्रिया में महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

लेखक: अज़ीम सिद्दीकी
संवाददाता: अमर उजाला (खेतासराय)
ईमेल: azim3027@gmail.com

बाइक की जोरदार टक्कर में तीन घायल, जिला अस्पताल रेफर

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खेतासराय(जौनपुर): रविवार को देर शाम खेतासराय-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित मनेछा के समीप दो बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में तीन गम्भीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंधी पहुँचा गया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार क्षेत्र युनुसपुर निवासी बसंतलाल (64 वर्ष) बाइक से गुरैनी बाजार से घर वापिस लौट रहे थे। इधर जनपद आज़मगढ़ के अम्बारी से किसी दोस्त से मिलकर बाइक से मुन्ना पुत्र छेदीलाल (58 वर्ष) निवासी मैदागिनी, बनारस व प्रमोद पुत्र स्व. राजमन विश्वकर्मा (37 वर्ष) निवासी बनारस अपने घर बनारस जा रहे थे। तभी क्षेत्र के मनेछा में जोरदार टक्कर हो गई। जिसमें तीनों गम्भीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंधी भेजवाया गया। जहाँ चिकित्सकों ने तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हालत गम्भीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

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JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

JAUNPUR NEWS ग्राम गहलाई ‘जौनपुर : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी के जीवन एवं उनके अद्वितीय योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का भव्य एवं भावपूर्ण प्रदर्शन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मदन मोहन तिवारी, कृष्ण मोहन तिवारी, राधे मोहन तिवारी, श्याम मोहन तिवारी, नंद मोहन तिवारी एवं समस्त समस्त तिवारी परिवार, ग्राम गहलाई के सौजन्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के निर्माता एवं दयाशंकर जी के पनत विशाल दुबे व कुशल दुबे भी उपस्थित रहे। फ़िल्म के निर्देशक धीरेंद्र सिंह व भूपेंद्र सिंह इंद्रोई ने सबका विशेष आभार प्रकट किया।

JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

सायं 6:00 बजे प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति के वातावरण के बीच दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म में पं. दयाशंकर तिवारी जी के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय योगदान, ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनके संघर्ष, कारावास की घटनाएँ, उनके सामाजिक नेतृत्व तथा ग्राम एवं क्षेत्र के उत्थान हेतु किए गए कार्यों को तथ्यात्मक साक्ष्यों, दुर्लभ छायाचित्रों, अभिलेखीय दस्तावेजों एवं वरिष्ठजनों के साक्षात्कारों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फ़िल्म में उनके व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष, राष्ट्रप्रेम, त्याग और आदर्शों को विशेष रूप से उभारा गया, जिससे उपस्थित दर्शक भाव-विभोर हो उठे।

फ़िल्म प्रदर्शन के उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को सजीव रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। युवाओं ने विशेष रूप से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे प्रेरणादायक बताया। 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पर हुए इस कार्यक्रम में दयाशंकर जी की पत्नी स्व. लालती तिवारी के पंडित जी के जीवन में प्रभाव को विशेष रूप से याद किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सामूहिक सहभागिता एवं सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। आयोजन में उपस्थित समस्त वर्गों की सहभागिता ने इसे एक पारिवारिक एवं ऐतिहासिक समारोह का स्वरूप प्रदान किया।

8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन

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8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन
8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन

खेतासराय (जौनपुर) विकासखण्ड शाहगंज सोंधी में मनरेगा कर्मचारियों का आठ माह से मानदेय लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। शनिवार को मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने विकासखण्ड परिसर में एकत्र होकर लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी निपेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में बीडीओ को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) प्रमोद सिंह को सौंपा और शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग उठाई।

इस दौरान निपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मनरेगा कर्मचारी विभागीय कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य भी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि होली और दीवाली जैसे प्रमुख त्योहार भी बिना मानदेय के गुजर गए, जिससे कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो मनरेगा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष निशानाथ, उमाकांत यादव, सुरेश, राम केवल, पिंटू कुमार, राम लवट यादव, शिखा सिंह, साधना यादव, रमेश कुमार, आरती गौतम, संतोष कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

 JAUNPUR,नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह UPSC की परीक्षा पास

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 JAUNPUR,नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह UPSC की परीक्षा पास
JAUNPUR,नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह UPSC

नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह UPSC की परीक्षा में हुए पास ,डीएम ने किया सम्मानित 

JAUNPUR NEWS :जौनपुर:के जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार अतुल सिंह को UPSC में चयन पर किया सम्मानित जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र ने अवगत कराया कि जनपद में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात अतुल सिंह, जो विगत कई वर्षों से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे थे, उन्होंने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त की है।

 जिलाधिकारी ने बताया कि अतुल सिंह कई बार असफल होने के बावजूद निरंतर प्रयास करते रहे और अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुए। आज उनके परिश्रम का परिणाम सामने आया है और उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में चयनित होकर जनपद का नाम गौरवान्वित किया है।इस अवसर पर अतुल सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र के मार्गदर्शन, प्रेरणा और आशीर्वाद को देते हुए कहा कि राजस्व विभाग की व्यस्त नौकरी के बावजूद जिलाधिकारी के प्रोत्साहन से उन्हें तैयारी जारी रखने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में कार्य करते हुए भी सेवा भावना के साथ अध्ययन जारी रखना संभव हुआ, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता प्राप्त हुई।

जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र ने अतुल सिंह को इस उपलब्धि पर पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्रम भेंट की और बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का परिणाम है, बल्कि यह जनपद के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री युवाओं को आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रेरित करते रहते हैं।

जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की ओर से अतुल सिंह को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा आशा व्यक्त की कि वह आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में भी उत्कृष्ट कार्य कर देश एवं समाज की सेवा करेंगे।

प्रबंधक संघ के मांग पर शारदा देवी डिग्री कॉलेज कङेरेपुर बदलापुर को मिला रोवर्स रेंजर्स समागम

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जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रबंधक महासंघ की मांग पर स्ववित्तपोषित शारदा देवी डिग्री कॉलेज कङेरेपुर बदलापुर को रोवर्स रेंजर्स का जनपदीय समागम मिल गया जिससे प्रबंधकों में खुशी का माहौल है।

बता दें कि सत्र 2025- 26 के जनपदी एवं विश्वविद्यालय समागम रोवर्स रेंजर्स का आयोजन के संबंध में स्ववित्तपोषितर प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डा. दिनेश तिवारी ने सहयोगियो के साथ विगत दिनो कुलपति को ज्ञापन देते हुए शिकायत की थी कि सिर्फ वित्तपोषित कॉलेज को रोवर्स रेंजर्स का समागम दिया जाता है। जबकि इसमें स्ववित्तपोषित कॉलेज को भी शामिल किया जाए जिस पर कुलपति प्रोफेसर बंदना सिंह ने विचार करते हुए कालेजो व विश्वविद्यालय समागम रोवर्स रेंजर्स गाजीपुर और जौनपुर का अलॉटमेंट कर दिया जिसमें जौनपुर स्ववित्तपोषित रोवर्स रेंजर्स जौनपुर का जनपदीय समागम शारदा देवी डिग्री कॉलेज कङेरेपुर बदलापुर में होगा वहीं वित्तपोषित कॉलेज समागम सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज बदलापुर में होगा। जबकि गाजीपुर मे रोवर्स रेंजर्स समागम राजकीय महिला पीजी कॉलेज गाजीपुर में होगा ।यह आयोजन महाविद्यालय 30 मार्च के भीतर जनपदीय समागम विश्वविद्यालय के नियमानुसार संपन्न करना होगा। इस संबंध में जिला मुख्य आयुक्त जौनपुर ने विश्वविद्यालय को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है।

कृषि वेबिनार का लाइव प्रसारण,किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी

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खेतासराय (जौनपुर): विकास खंड शाहगंज सोंधी के सभागार में शुक्रवार को भारत सरकार द्वारा आयोजित एग्रीकल्चर एंड रूरल ट्रांसफॉर्मेशन वेबिनार का लाइव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के बजट संबोधन और कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई नीतियों की जानकारी किसानों व कृषि कर्मियों को दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह तथा विशिष्ट अतिथि किसान नेता रामधारी बिन्द रहे। उन्होंने उपस्थित किसानों को कृषि क्षेत्र में लागू की जा रही नई योजनाओं और आधुनिक तकनीकी पहल के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान किसानों और कर्मचारियों को मौके पर ही EPCS (इवेंट पार्टिसिपेंट्स काउंट सिस्टम) मोबाइल ऐप भी डाउनलोड कराया गया। सहायक विकास अधिकारी (कृषि) धर्मेंद्र कुमार सरोज ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से विभागीय कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग अब रियल टाइम में फोटो और जीपीएस लोकेशन के साथ की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ेगी।

कार्यक्रम में प्राविधिक सहायक पंकज कुमार और सुरेश यादव ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर एडीओ पंचायत दीपक यादव, बीटीएम शमशाद अहमद, अश्वनी कुमार, उजागिर यादव, सफर तथा बड़ी संख्या में कृषि आजीविका साखियां और किसान मौजूद रहे। प्रगतिशील किसान बृजेश यादव, दयाराम यादव, प्रमोद बिन्द और रामरतन समेत कई किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेते हुए बजट में कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के प्रावधानों की सराहना की।

पोखरे में डूबने से दिव्यांग युवक की मौत,तैरता हुआ दिखा शव

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खेतासराय(जौनपुर): क्षेत्र के गोधना गाँव में गुरुवार की रात एक दिव्यांग युवक की पोखरे में डूबने से मौत हो गई सुबह तैरता हुआ शव दिखने से कोहराम मच गया। मृतक की पहचान विवेक सिंह (30 वर्ष) पुत्र स्व. राजेश सिंह, निवासी गोधना के रूप में हुई है, वह एक हाथ, पैर से विकलांग थे।

परिजनों के अनुसार विवेक सिंह रात क्रिकेट मैच देखकर बिस्तर पर सोने चले गए थे। सुबह बिस्तर न होने से परिजन खोजबीन शुरू कर दिया। इस दौरान घर समाने स्थित पोखरी में उतराया हुआ शव मिला। कयास लगाए जा रहे है कि रात में पोखरी के पास लघु शंका करने के दौरान असंतुलित होकर पानी मे गिर जाने से मौत हो गई। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

कड़ी सुरक्षा के बीच खेतासराय में संपन्न हुआ होलिका दहन

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कड़ी सुरक्षा के बीच खेतासराय में संपन्न हुआ होलिका दहन
कड़ी सुरक्षा के बीच खेतासराय में संपन्न हुआ होलिका दहन

कड़ी सुरक्षा के बीच खेतासराय में संपन्न हुआ होलिका दहन, 87 स्थानों पर शांतिपूर्ण आयोजन

खेतासराय (जौनपुर): कस्बा खेतासराय में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ होलिका दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला। कस्बे के विभिन्न स्थानों पर विधि-विधान से होलिका दहन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

होलिका दहन की मुख्य परंपरा के अनुसार कस्बे के प्राचीन दुर्गा मंदिर परिसर में क्षेत्र के लोग एकत्र हुए। यहां से डीजे की मधुर धुनों और जोगीरा के पारंपरिक गीतों के साथ जुलूस की शुरुआत हुई। उत्साह और उमंग के माहौल में लोग जौनपुर मुख्य मार्ग की ओर बढ़े और पंजाब नेशनल बैंक के समीप रात्रि लगभग साढ़े दस बजे पहला होलिका दहन विधि-विधान के साथ किया गया।

इसके पश्चात जुलूस पुनः कस्बे की ओर लौटा और प्राचीन दुर्गा मंदिर के पास स्थित प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक होलिका का दहन किया गया। यह स्थान कस्बे की पारंपरिक होली परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेते हैं।

इसके बाद जुलूस मुख्य मार्ग से होते हुए प्राचीन काली मंदिर के पास पहुंचा, जहां देर रात तीसरा होलिका दहन किया गया। इस दौरान पूरे कस्बे में उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं। होलिका दहन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया।

इस दौरान, होली जुलूस के अध्यक्ष जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा, मनीष गुप्ता (धर्मरक्षक), शांतिभूषण मिश्रा, सोनू बिन्द, धर्मचंद्र गुप्ता, अजय साहू (बब्लू), रविन्द्र पाण्डेय, विशाल मोदनवाल, गौरव मौर्या, शनि गुप्ता समेत आदि लोग मौजूद रहे। वही सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजित सिंह चौहान, राजस्व विभाग की टीम समेत सर्किल के कई थानों की पुलिस बल मौजूद रही। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुल 87 स्थानों पर होलिका दहन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सभी कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुए और इसमें क्षेत्र की जनता का अनुशासन एवं सहयोग सराहनीय रहा। उन्होंने शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी नागरिकों को बधाई दी।