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कार सवार युवक पर फायरिंग,सीने में लगी गोली साथी घायल

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थार अर्टिगा सवार बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम

  • मल्हनी मार्ग पर सफदरगंज के पास हुई घटना

जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में मल्हनी रोड पर सफदरगंज तिराहे के पास बुधवार को फायरिंग की घटना से सनसनी फैल गई। कार सवार 28 वर्षीय युवक विपिन यादव को बदमाशों ने गोली मार दी। गोली उनके सीने में लगी, जबकि एक अन्य गोली कान को छूकर निकल गई। इस दौरान कार में मौजूद उनके चाचा के बेटे अंश के पैर में भी गोली लग गई। विपिन की गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल से उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
बाबरखा निवासी मेहीलाल यादव के पुत्र विपिन यादव अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से भटेवरा गांव से घर लौट रहे थे। करंजाकला क्षेत्र में सफदरगंज तिराहे के पास पहुंचने पर उनकी कार के सामने एक अर्टिगा और थार आकर रुक गई। दोनों वाहनों से कुछ लोग उतरे। विपिन भी अपनी कार से बाहर आ गए।


इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसके बाद थार सवार लोगों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली विपिन के सीने में जा लगी, जबकि दूसरी गोली उनके कान को छूते हुए निकल गई। फायरिंग में चली एक अन्य गोली कार में बैठे अंश के पैर में लगी।
फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़े। लोगों को आता देख हमलावर दोनों वाहनों में सवार होकर वहां से फरार हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद विपिन की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। फुटेज के जरिए हमलावरों और उनके वाहनों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य बिंदुओं पर छानबीन जारी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

स्व•राजा यादवेंद्र दत दूबे की 28 वीं पुण्य तिथि मनायी गयी

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जौनपुर । स्व• राजा यादवेंद्र दत दूबे की 28 वीं पुण्य तिथि राजा श्री कृष्ण दत स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर में पूरे श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनायी गयी। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने स्व• राजा साहब की प्रतिमा के सम्मुख पूजन अर्चन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व को याद किया गया ।


सभागार में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ सत्यराम प्रजापति ने कहा कि राजा साहब का व्यक्तित्व समाज एवं शिक्षा के लिए प्रेरणाश्रोत है । उन्होंने अपने जीवन में समाज एवं शिक्षा के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य किए । वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे । उनके आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ) शंभू राम ने कहा कि महान व्यक्ति अपने कार्यों और आदर्शों के माध्यम से सदैव समाज का मार्ग दर्शन करते रहते है । राजा साहब का व्यक्तित्व बहुआयामी था । वे परम विद्वान , समाज सेवी , कुशल राजनेता , मिलनसार व दानी स्वभाव के व्यक्तित्व थे । स्व राजा साहब का समाज और शिक्षा के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा । प्राचार्य ने कहा कि राजा साहब के आदर्शों को हम सभी शिक्षक गण अपने जीवन में अपनाए । जिससे महाविद्यालय उत्तरोत्तर विकास करे ।
भौतिक विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक ने भी राजा साहब के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजा साहब जौनपुर के सत्रहवें नरेश रहे। देश आजाद होने के बाद भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में थे ।आप दो बार सांसद और चार बार विधायक भी थे । नेता विरोधी दल के रूप में आपकी वाणी विधान सभा में सुनने के लिए सदस्य गण इच्छुक रहते थे ।
डा माया नंद उपाध्याय पूर्व विभागाध्यक्ष शिक्षा शास्त्र ने भी राजा साहब के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला ।
कार्यक्रम का संचालन डा मनोजकुमार तिवारी ने किया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे ।

महाविद्यालय के शिक्षकों ने कैशलेस कार्ड वापस करने का किया ऐलान

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न्यूनतम वेतनमान एवं विनियमितीकरण की मांग को लेकर शिक्षकों में नाराजगी

  • 25 वर्षों से अल्प वेतन पर कार्यरत शिक्षकों ने सरकार से मांगा सम्मानजनक वेतन और सेवा-सुरक्षा

जौनपुर/मड़ियाहूं। शिक्षक दिवस के अवसर पर जहां पूरे देश में शिक्षकों के सम्मान और उनके योगदान को स्मरण किया जा रहा था, वहीं उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने न्यूनतम वेतनमान, सेवा-सुरक्षा एवं विनियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।

शिक्षकों ने कहा कि पिछले लगभग 25 वर्षों से स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक अत्यंत अल्प वेतन पर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उनके भविष्य, वेतन और सेवा-सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के सहायता प्राप्त 331 महाविद्यालयों में स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे नियमित रूप से शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन एवं महाविद्यालय की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मानजनक वेतन एवं सेवा-सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे अपने अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्षरत हैं। विभिन्न सरकारों द्वारा समय-समय पर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। शिक्षक दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी समस्याओं का समाधान न होना शिक्षकों के लिए अत्यंत निराशाजनक है।

गौरतलब है कि 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गोरखपुर में मुख्यमंत्री से भेंट कर अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं को प्रमुखता से रखा था। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के लिए न्यूनतम वेतनमान निर्धारित करने तथा सेवाओं के विनियमितीकरण की मांग रखी और ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।

अनुदानित महाविद्यालय/विश्वविद्यालय अनुमोदित शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश की वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही स्ववित्तपोषित शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो प्रदेशभर के शिक्षक अपने अधिकारों के लिए व्यापक एवं लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। आगामी समय में सरकार के समक्ष शिक्षकों की मांगों को और अधिक प्रभावी एवं मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

डॉ. सुशील कुमार मिश्रा ने कहा कि “यदि हम जीवित रहेंगे तभी सरकार की कैशलेस व्यवस्था हमारे लिए उपयोगी होगी। जब हम इतने अल्प वेतन में सम्मानजनक जीवन जी ही नहीं पाएंगे और अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं होंगे, तो ऐसी स्थिति में कैशलेस व्यवस्था कैसे काम करेगी? इसलिए हमारी पहली प्राथमिकता सम्मानजनक वेतन और सेवा-सुरक्षा है। इसी कारण हम कैशलेस कार्ड वापस करने का ऐलान कर रहे हैं।”

शिक्षकों ने एक स्वर में कहा—

“अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सम्मानजनक वेतन, सेवा-सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य चाहिए।”

शिक्षकों ने सरकार से अपील की कि प्रदेश के स्ववित्तपोषित शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। साथ ही शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रखेंगे।

इसी क्रम में मड़ियाहूं पीजी कॉलेज, मड़ियाहूं, जौनपुर में स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया। शिक्षकों ने अनुदानित महाविद्यालय/विश्वविद्यालय अनुमोदित शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश की वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की तथा न्यूनतम वेतनमान, सेवा-सुरक्षा एवं विनियमितीकरण की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

श्रीराम लखन सिंह शिक्षण संस्थान के संस्थापक के निधन से शोक

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जौनपुर। श्री राम लखन सिंह शिक्षण संस्थान, नकहरा, खानदेव, जौनपुर के प्रबंधक संजीव कुमार सिंह (मान सिंह , अध्यक्ष – प्रबंधक संघ ) के पिता के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है। लोगों ने घर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त की।


बता दे की समाजसेवी राम सिंह ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा संस्थान की स्थापना की है, इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नजदीकी उपचार के लिए हॉस्पिटल की स्थापना की ,लेकिन उनका 84 वर्ष की उम्र में बीमारी के चलते निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्रवासियों में शोक व्याप्त है। लोगों ने समाजसेवी स्वर्गीय राम सिंह की जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सबकी मदद की और शिक्षा संस्थान व अस्पताल की स्थापना कर लोगों को सहूलियत प्रदान की। जिनकी कमी हमेशा महसूस होती रहती है। उनके निधन से परिवार ने अपना मार्गदर्शक और स्नेह का आधार खो दिया है।

Jaunpur, CDO के ब्लाक पर पहुचते ही ,मची अफरातफरी

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सीडीओ ने सोंधी व्लाक का किया औचक निरीक्षण

खेतासराय (जौनपुर): खेतासराय विकास खण्ड शाहगंज सोंधी का मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया ने औचक निरीक्षण किया उन्होंने सबसे पहले मनरेगा सेल का लेखा जोखा देखा उसके बाद आईजीआरएस रिपोर्ट रजिस्टर देखा शिकायत कर्ता से फोन पर बात करके उसका सत्यापन किया उसने संतुष्टि जाहिर की। शौचलय में प्रकाश की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इस प्रांगण में साफ-सफाई का का निर्देश दिया। आवास के लाभार्थियों के प्रगति की जानकारी ली कार्यों में तेजी लाने को कहा सभी कार्यालयों में अभिलेखों का रख-रखाव देखा संतुष्टि जाहिर की। खण्ड विकस अधिकारी गजेन्द्र प्रताप सिंह ने क्रमवार विभागीय योजनाओं के प्रगति की जानकारी दी।

जिस पर उन्होंने संतोष जताया। इस दौरान डीपीआरओ मीनाक्षी देवी, डीसी एनआरएलएम जितेन्द्र प्रताप सिंह, एडीओ पंचायत दीपक यादव, आईएसबी एडीओ प्रमोद सिंह कमलाकांत मौर्य विजय गौड़ आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत,जिला अस्पताल रेफर

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बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, दो घायल, एक जिला अस्पताल रेफर

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के अब्बोपुर मार्ग पर शनिवार को दो बाइकों की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार दो लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुँचाया गया।

जानकारी के अनुसार, जमदहां निवासी उमर पुत्र मोहम्मद खालिद व हमजा पुत्र खालिद बाइक से जैगहां की ओर जा रहे थे। इसी दौरान अब्बोपुर के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गए।

हादसे में उमर के चेहरे पर गम्भीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, दूसरे घायल हमजा का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुँची और घटना की जानकारी ली। हादसे के कारण कुछ देर तक मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

जन्माष्टमी पर खेतासराय में जगह-जगह भव्य सजावट, देर रात तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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आकर्षक झांकियों और विद्युत सज्जा ने मोहा लोगों का मन, कृष्ण भक्ति में डूबा रहा कस्बा

खेतासराय (जौनपुर): श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र का माहौल पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्थानीय थाना परिसर में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह, खुटहन मुख्य मार्ग पर स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में विक्की गुप्ता, कोहरौटी वार्ड में रवि प्रजापति, पवन माली, राजू प्रजापति, महेश प्रजापति, सोंधी में सौरभ शर्मा, पुरानी बाजार में सुनील साहू समेत आदि लोगों द्वारा भव्य सजावट की गई। रंग-बिरंगी विद्युत झालरों, फूल-मालाओं और आकर्षक सजावटी सामग्री से सजे मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। शाम ढलते ही दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, जो देर रात तक बनी रही।

जन्माष्टमी को लेकर कई दिनों से मंदिरों और आयोजन स्थलों पर तैयारियां चल रही थीं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी सजाने के साथ ही आकर्षक विद्युत सजावट की गई थी। कहीं फूलों से सजे झूले में लड्डू गोपाल विराजमान रहे तो कहीं श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग से जुड़ी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। सजावट देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परिवार के साथ पहुंचे।

शाम होते ही मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई थी। मंदिरों के आसपास सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय लोगों तथा पुलिस की ओर से भी व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।

जन्माष्टमी की रात जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय नजदीक आते ही मंदिरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शंख-घंटे और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की और हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूब गया।

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के उपरांत श्रद्धालुओं ने आरती की और प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अनेक बच्चे कृष्ण और राधा के वेश में आयोजन स्थलों पर पहुंचे, जिससे धार्मिक आयोजन में विशेष आकर्षण जुड़ गया।

कस्बे के विभिन्न मोहल्लों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी पर्व को लेकर उत्साह रहा। घरों में भी लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर व्रत रखा। देर रात तक मंदिरों और प्रमुख आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। पूरे क्षेत्र में भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों के सामने गूंजा विरोध का स्वर,सपा सरकार बनी तो खुलेंगे बंद विद्यालय

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शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों के सामने गूंजा विरोध का स्वर,सपा सरकार बनी तो खुलेंगे बंद विद्यालय

शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों के सामने गूंजा विरोध का स्वर, राहुल त्रिपाठी ने कहा-सपा सरकार बनी तो खुलेंगे बंद विद्यालय


JAUNPUR NEWS जफराबाद [जौनपुर ] शिक्षक दिवस के अवसर पर महान शिक्षाविद एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जफराबाद विधानसभा क्षेत्र में बंद पड़े प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों को तत्काल खोलने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता राहुल त्रिपाठी के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।


इस दौरान राहुल त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने शिक्षा और शिक्षकों के सम्मान को समाज में विशेष स्थान दिलाया। ऐसे महान शिक्षाविद की जयंती पर बंद पड़े विद्यालयों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना जरूरी है। विद्यालयों का बंद रहना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को तत्काल इन विद्यालयों को खोलकर पठन-पाठन शुरू कराना चाहिए।


उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद पड़े विद्यालयों को खोला जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। समाजवादी पार्टी शिक्षा, रोजगार और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर समाजवादी पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में भुलई चौहान, शैलेंद्र चौहान, महेंद्र मौर्य, रविंद्र यादव, पिंकू, शंकर चौहान, मोनू चौहान, विवेक, संजीव चौहान, विपुल चौहान, राम रतन चौहान सहित विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

JAUNPUR NEWS,शिक्षक दिवस पर सम्मानित किये गए डॉ.सुधाकर शुक्ला

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शिक्षक दिवस

JAUNPUR NEWS जौनपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर नगर स्थित एक होटल में आयोजित सम्मान समारोह में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग राजा श्री कृष्ण दत्त पीजी कालेज जौनपुर के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधाकर शुक्ला को ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’ से सम्मानित किया गया।उत्तर प्रदेश सरकार के खेल राज्य मंत्री गिरीश यादव ने डॉ. सुधाकर शुक्ला को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया।

JAUNPUR NEWS,शिक्षक दिवस पर सम्मानित किये गए डॉ.सुधाकर शुक्ला


इस अवसर पर राज्य मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि गुरु ही शिष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक योग्य गुरु अपने ज्ञान और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करता है। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. सुधाकर शुक्ला ने समारोह के आयोजकों एवं सम्मान प्रदान करने वाले अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर मिला यह सम्मान उनके लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है तथा इससे शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर डॉ शुक्ला के शुभ चिंतको ने बधाई दिया है।

Jaunpur News, ललही छठ पर माताओं ने की संतान की लंबी उम्र की कामना

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जौनपुर में ललही छठ पर माताओं ने की संतान की लंबी उम्र की कामना

दही, महुआ चढ़ाकर रखा व्रत, बलराम जयंती पर हल-मूसल और बैल की पूजा भी हुई

Jaunur News जौनपुर । जौनपुर जिले में बुधवार को ललही छठ का पर्व आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर से लेकर गांव तक विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना की। माताओं ने दही, महुआ और विभिन्न फलों का प्रसाद चढ़ाकर अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर हल षष्ठी माता की पूजा की और कथा सुनी।

भादो महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व ललही छठ, हल षष्ठी और हलछठ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। इसलिए इसे बलराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। बलराम को बलदेव, बलभद्र और बलदाऊ के नाम से भी जाना जाता है तथा उन्हें शेषनाग का अवतार माना जाता है।

व्रती महिला शशि कला श्रीवास्तव ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से दो दिन पहले बलराम जी का जन्म हुआ था। बलराम का प्रमुख अस्त्र हल और मूसल था। इसी वजह से इस दिन हल, मूसल और बैल की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। किसान परिवारों में भी इस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया गया।

महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए कठिन व्रत रखा। व्रत के दौरान सामान्य अनाज का सेवन नहीं किया जाता है। महुआ की दातुन करने की भी परंपरा है। कई स्थानों पर तिन्नी और पसही के चावल जैसे तालाब में उगने वाले अनाज का सेवन किया गया। इस व्रत में गाय के दूध और दही का प्रयोग नहीं किया जाता, बल्कि भैंस के दूध, दही और घी का इस्तेमाल किया जाता है।

पूजा के लिए महिलाओं ने घर की दीवार पर गोबर से हल षष्ठी माता का चित्र बनाया। इसके साथ भगवान गणेश और माता गौरा की भी पूजा की गई। कई स्थानों पर महिलाओं ने तालाब के किनारे अथवा घर में छोटा तालाब बनाकर उसमें झरबेरी, पलाश और कांसी के पौधे लगाए। इसके चारों ओर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हल षष्ठी की कथा सुनी।

महिलाओं ने बताया कि कई स्थानों पर यह सामूहिक पूजा करीब 15 वर्षों से लगातार होती आ रही है। पर्व की तैयारियां दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थीं। बुधवार को सुबह से ही पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ जुटने लगी।