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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ताखा में पौधरोपण कर जन आरोग्य मेले का शुभारंभ

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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ताखा में पौधरोपण कर जन आरोग्य मेले का शुभारंभ

खेतासराय(जौनपुर): पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकास खण्ड शाहगंज सोंधी क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ताखा परिसर में रविवार को पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मृति यादव ने किया। इस अवसर पर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

पौधरोपण के उपरांत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में आयोजित जन आरोग्य मेले का शुभारंभ किया गया। मेले में क्षेत्र से पहुंचे मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई गईं। साथ ही लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा टीकाकरण के प्रति जागरूक किया गया।

प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. स्मृति यादव ने कहा कि पौधे केवल पर्यावरण को शुद्ध करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पर्यावरण और स्वस्थ समाज एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहना चाहिए।

जन आरोग्य मेले में चिकित्सकों ने मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया तथा नियमित जांच और समय पर उपचार कराने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधों की देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नीलम यादव, अस्मिता सोनकर, मुकेश चौरसिया, सनी गुप्ता, संतरा देवी, पूनम सिंह, आशा यादव, मंजू, सुनीता मुख्य रुप से उपस्थित रही।

हरियाली बढ़ाने को चला महाअभियान, सोंधी ब्लॉक में लगाए गए 1 लाख 49 हज़ार पौधे

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खेतासराय(जौनपुर): पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से विकास खण्ड शाहगंज सोंधी के ग्राम पंचायत हड़ही, भरौली में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय सिंह के नेतृत्व में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय सिंह ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें ताकि वे बड़े होकर पर्यावरण को सुरक्षित और समृद्ध बना सकें।

खण्ड विकास अधिकारी गजेंद्र पताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विकास खण्ड सोंधी की विभिन्न ग्राम सभाओं में विशेष अभियान के तहत कुल 49,414 पौधों का रोपण किया गया है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी संबंधित विभागों और ग्राम पंचायतों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम में एडीओ एजी प्रमोद कुमार सिंह, धर्मेन्द्र प्रधान, अरुण सिंह, बीडीसी राहुल सिंह, ग्राम पंचायत सचिव अजीत यादव, जीवीत सिंह, राम उजागिर यादव, योगेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर क्षेत्र को हराभरा बनाने का संदेश दिया।


वही इसी क्रम में रविवार को वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के अंतर्गत नगर पंचायत खेतासराय द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने के उद्देश्य से नगर के डोभी स्थित अंत्येष्टि स्थल पर 700 पौधों का रोपण किया गया। जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस दौरान अधिशासी अधिकारी अलका मौर्य ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करते हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष वसीम अहमद ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की। वृक्षारोपण कार्यक्रम में सभासद सतीश यादव, सलीम अहमद, शमीम अहमद, विवेक यादव, कविता श्रीवास्तव, गुफरान अहमद, दिवाकर यादव सहित नगर पंचायत के कर्मचारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल पर भी विशेष जोर दिया गया।


शासन के निर्देश पर संचालित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 एवं एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विकास खण्ड शाहगंज सोंधी के ग्राम पंचायत हड़ही स्थित ऐतिहासिक छंगू दास तपोभूमि पोखरे पर रविवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता से कुल 400 पौधों का रोपण किया गया।

कार्यक्रम में सहायक विकास अधिकारी (कृषि) धर्मेंद्र कुमार सरोज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।

वृक्षारोपण कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अरुण कुमार सिंह, बीडीसी प्रतिनिधि राहुल सिंह, रोजगार सेवक सुरेश चंद, वीरेंद्र सिंह, गौरव सिंह, वरुण सिंह, सुशील सिंह, संतोष कुमार बिंद, दीपचंद बिंद, दिनेश बिंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।


मत्स्य विभाग की महानिदेशक एवं जनपद की पौधरोपण नोडल अधिकारी धनलक्ष्मी के. ने रविवार सुबह राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्र एवं पर्यटन स्थल गूजरताल पहुंचकर पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए एक पेड़ मां के नाम अभियान का शुभारंभ किया।

महानिदेशक ने गूजरताल परिसर में पौधरोपण के बाद जनपद में चल रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखकर उन्हें वृक्ष बनाया जाए।

इस दौरान कार्यकारी अधिकारी अनिल शर्मा, एसडीओ सरफराज अहमद, एसडीएम कुणाल गौरव, वन क्षेत्राधिकारी शाहगंज राकेश कुमार, रेंजर बक्शा डॉ. रीता तिवारी, रेंजर सुइथा शोभनाथ यादव, वन दरोगा अनुज कुमार यादव सहित मत्स्य एवं वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

पौधरोपण महाअभियान में जनपद को कुल 60,73,400 पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित

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“एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण महाअभियान — जनपद जौनपुर में व्यापक तैयारी, 12 जुलाई को विशाल पौधरोपण कार्यक्रम

नोडल अधिकारी ने बैठक कर पौधरोपण महाअभियान तैयारी की ली जानकारी

जौनपुर । उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनपद जौनपुर में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण महाअभियान की तैयारियाँ पूरी गति से चल रही हैं।

   इस महाअभियान की बैठक लोक निर्माण विभाग (डाक बंगला) में महानिदेशक मत्स्य/नोडल अधिकारी पौधारोपण मा. धनलक्ष्मी जी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

   बैठक में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. ने बताया कि जनपद को कुल 60,73,400 पौधरोपण का लक्ष्य आवंटित किया गया है और इसे शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान आरंभ कर दिया है। मुख्य वृक्षारोपण कार्यक्रम विकास खण्ड करंजाकला के काफरपुर में आयोजित होगा, जिसमें मा. राज्य मन्त्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री गिरीश चंद्र यादव भाग लेंगे।

जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम सतत सक्रिय है। कंट्रोल रूम सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय कर अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहा है। गड्ढों की खोदाई, पौधों का उठान व वितरण तथा वृक्षारोपण स्थलों की तैयारियों की अद्यतन जानकारी कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।

डीएफओ  ने बताया कि वन विभाग ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। नर्सरियों से पौधों का उठान तीव्र  गति से किया जा रहा है तथा ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों को पौधों का वितरण जारी है। साथ ही पूर्व में तैयार किए गए गड्ढे और भूमि की तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है।

जिला प्रशासन ने आमजन, जनप्रतिनिधि, छात्र-छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों से इस महाअभियान में अधिकाधिक भागीदारी की अपील की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम को जनआंदोलन की तरह चलाया जाए और लगाए गए प्रत्येक पौधे की दीर्घकालिक सुरक्षा, सिंचाई तथा नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए।


कृषि विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित उन विभागों को विशेष सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं जिनके लक्ष्य अधिक आवंटित हैं। पौधारोपण स्थलों का पूर्व सत्यापन, गड्ढों की तैयारी, पौधों की उपलब्धता व उठान, सिंचाई, जियो-टैगिंग और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। समन्वय व सतत मॉनिटरिंग के लिए वन विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है।जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम से किसी भी प्रकार की सूचना, समन्वय या सहायता हेतु 9454417117 संपर्क नंबर हैं इस अवसर पर डीएफओ दिव्या,मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, पी. डी.के के पांडेय, जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, डी.पी.आर. ओ. नवीन सिंह, डी सी मनरेगा, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

विधिक जागरूकता साक्षरता शिविर का मछलीशहर विकासखंड में हुआ आयोजन

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जौनपुर / जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार शशि के निर्देशन तथा सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह की देख-रेख में ‘‘विकास खण्ड मछलीशहर, जौनपुर’’ में एक विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

        इस अवसर पर सिविल जज सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला औरे अधिक से अधिक संख्या में मुकदमों को समझौते और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त लोगों से अनुशासन का महत्व के बारें में जानकारी प्रदान की गयी और उन्हे अधिकारों का दुरुपयोग न करने के बारे में भी सावधान किया गया। इस दौरान बताया गया कि जनपद में कोई भी पीड़ित व्यक्ति कभी भी प्राधिकरण में सहायता के लिए आ सकते है।  

        उन्होंने 18 जुलाई को धारा 138 एन आई एक्ट के राष्ट्रीय लोक अदालत एवं 22, 23, 24 अगस्त को  माननीय सर्वोच्च न्यायालय में होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए अधिक से अधिक मामलों को आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित करने पर बल दिया।

         डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा जेल में निरुद्ध कैदियों के अधिकारों के बारे में बच्ची देवी बनाम स्टेट तथा सतेंद्र आंटील के द्वारा दिए गए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यदि कोई बंदी जेल में है और उसकी जमानत हो गई है और वह जमानत देने में सक्षम नहीं है उसकी सामाजिक आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तो वह व्यक्तिगत बंध पत्र पर आवेदन पत्र देने पर संबंधित न्यायालय द्वारा 30 दिन के लिए छोड़ दिया जाएगा और उसे कालखंड में वह अपने जमानतदार दाखिल कर देगा  राष्ट्रीय लोक अदालत और सुबह समझौता केंद्र पैरा लीगल वालंटियर फ्रंट लीगल ऑफिस सुबह समझौता प्री लिटिगेशन केंद्र के बारे में भी विस्तार से बताया।

        काउंसलर श्री देवेंद्र कुमार यादव ने पारिवारिक मामलों प्राधिकरण के अंगों के बारे में बताते हुए न्याय विभाग द्वारा संचालित टेलीलॉ के बारे में विस्तार से वर्णन किया और 15100 नंबर के महत्व को समझाया और कहा कि अधिक से अधिक मुकदमे आपस में समझौते से निपटाया जाए श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने उपस्थित लोगों को श्रम कानून के बारे में बताते हुए उसे अधिक से अधिक लाभ लेने की बात कही गई। आभार महाजन अली के द्वारा दिया गया।
इसमें सचिव पूर्ण कालिक सुशील कुमार सिंह डा दिलीप कुमार सिंह, डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल देवेंद्र कुमार यादव, काउंसलर श्रम प्रवर्तन अधिकारी दीपक गौतम, ग्राम प्रधान महाजन अली, एक्शन एनजीओ उप निरीक्षक थाना मछलीशहर मोहम्मद अहमद खान और बड़ी संख्या में महिलाएं तथा ग्रामवासी उपस्थित रहे।

आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ वर्षीय मासूम को नोचा, हालत गंभीर

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खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के शाहापुर गांव में गुरुवार शाम आवारा कुत्तों के झुंड ने एक आठ वर्षीय बालक पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बालक को प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार शाहापुर निवासी कल्लू बिन्द का पुत्र शिवांश गांव में घर लौट रहा था। इसी दौरान एक पोखरे के पास मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उस पर हमला कर दिया। जान बचाने के प्रयास में शिवांश पास के पोखरे में कूद गया, लेकिन कई कुत्ते भी उसके पीछे पानी में उतर गए और उस पर हमला करते रहे।

बालक की चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने उसे बचाने का प्रयास किया। इस दौरान कुत्तों ने उस पर भी झपटने की कोशिश की। राहगीर के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद बालक को कुत्तों के चंगुल से बाहर निकाला।

घटना में गंभीर रूप से घायल शिवांश को पहले शाहगंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार बालक का उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद गांव में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

विद्यार्थी परिषद राष्ट्र निर्माण पर देता है विशेष जोर: डॉ हरिओम त्रिपाठी

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 78 वा स्थापना दिवस मनाया गया

जौनपुर। 78 वर्षों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्ञान, शील, एकता को समाहित किए हुए छात्रशक्ति को राष्ट्रशक्ति के रूप में संगठित करते हुए लाखों विद्यार्थियों को राष्ट्र पुनर्निर्माण की चेतना से अभिसिंचित हुआ। जो अपना गौरवपूर्ण 78 वा स्थापना दिवस मना रहा है। जिसमें दलगत राजनीति से उठकर राष्ट्र निर्माण विषय पर चर्चा की गई।

इसी क्रम में जनपद के लगभग सभी महाविद्यालयों में नौ जुलाई को सथापना दिवस मनाया गया , मोहम्मद हसन महाविद्यालय , तिलकधारी महाविद्यालय , जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान जौनपुर तथा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मनाया गया। जिसमे में जिला प्रमुख प्रोफेसर हरिओम त्रिपाठी तथा डॉ हरेंद्र सिंह पूर्व विधायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को अध्यक्षता डॉ.अब्दुल कादिर ने किया। कार्यक्रम में बोलते हुए जिला प्रमुख प्रो हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि विधार्थी परिषद दल गत राजनीत से उपर उठ कर राष्ट्र पुनर्निर्माण की बात करता है। पूर्व विधायक डॉ हरेंद्र देव ने कहा कि विद्यार्थी परिषद संघठन आज के युवाओं का प्रेरणा स्रोत है ।डॉ अब्दुल कादिर ने अध्यक्षीय उद्बोधन में विधार्थी परिषद से युवाओं को जुड़ने का आह्वान किया तथा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रवक्ता पद पर चयनित हुए सर्वेश

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जौनपुर। जिले के मड़ियाहूं विकास खंड ब्रह्मदेवा निवासी सर्वेश कुमार यादव पुत्र राम सजीवन यादव, का उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में प्रवक्ता (रसायन विज्ञान) पद पर चयन हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार एवं पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।


सर्वेश की इस उपलब्धि को उनकी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन का परिणाम बताया जा रहा है। इस अवसर पर अटेवा जौनपुर के जिला महामंत्री इंदु प्रकाश यादव,धर्मापुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष यादव , कृष्ण कुमार गुप्ता , जगदीश यादव ,अटेवा महिला विंग की अध्यक्ष आराधना चौहान सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शुभचिंतकों और मित्रों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

बारिश से पहले खपरैल घर बचाने की जंग में जुटे ग्रामीण

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परम्परा, गरीबी और सरकारी उदासीनता की मार्मिक तस्वीर

खेतासराय (जौनपुर): आसमान में घिरते काले बादल, तेज होती हवाएं और मिट्टी की सोंधी महक, शहरों में यह मौसम सुकून और राहत का एहसास कराता है, लेकिन गांवों के सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए यही बादल बेचैनी, चिंता और अनिश्चितता का संदेश लेकर आते हैं। मानसून की पहली बारिश से पहले जनपद जौनपुर के खेतासराय क्षेत्र के आस-पास गांवों में इन दिनों हर सुबह एक अनोखा दृश्य दिखाई देता है। जर्जर खपरैल मकानों की छतों पर पुरुष जान जोखिम में डालकर चढ़े हैं। महिलाएं नीचे मिट्टी और भूसे का गारा तैयार कर रही हैं। बच्चे टूटी खपरैल, बांस और ईंटें पकड़ाते हुए अपने हिस्से का श्रम दे रहे हैं। यह केवल छत की मरम्मत नहीं, बल्कि उस आशियाने को बचाने की जद्दोजहद है, जिसके नीचे पूरा परिवार अपने सपनों और संघर्षों के साथ जीवन बिताता है।

ग्रामीणों के लिए बारिश किसी उत्सव का मौसम नहीं होती, बल्कि एक ऐसी परीक्षा होती है जिसका सामना उन्हें हर साल करना पड़ता है। उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि छत की एक छोटी-सी दरार भी पूरी रात की नींद छीन सकती है। तेज बारिश शुरू होते ही घर के भीतर टपकता पानी, भीगे बिस्तर, खराब होता अनाज, बुझता चूल्हा और ठंड से कांपते बच्चे उनकी मजबूरी की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन जाते हैं।

किसान रामहित कहते हैं, हम लोग हर साल यही लड़ाई लड़ते हैं। बरसात आने से पहले छत नहीं सुधारी तो पूरी रात बाल्टी और बर्तन बदलते हुए कटती है। कई बार बच्चों की किताबें, कपड़े और महीनों का रखा अनाज तक भीग जाता है। पक्का मकान बनवाने की हमारी हैसियत नहीं है, इसलिए हर साल उसी पुरानी छत को फिर से जोड़ना हमारी मजबूरी बन गई है।

सुंदरी देवी की आवाज़ भर्रा जाती है। वह कहती हैं, हमारे लिए बरसात खुशी नहीं, डर लेकर आती है। रातभर बच्चों को गोद में लेकर बैठना पड़ता है ताकि वे भीग न जाएं। चूल्हा नहीं जलता, बिस्तर सूखते नहीं और कई बार सांप-बिच्छू भी घर में घुस आते हैं। तब लगता है कि गरीब की सबसे बड़ी चिंता रोटी नहीं, अपनी छत बचाना है।

जवाहरलाल बताते हैं कि पहले खपरैल, बांस और लकड़ी गांव में ही सस्ते मिल जाते थे, लेकिन अब इनकी कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि मरम्मत कराना भी कठिन हो गया है। मजदूर रखना संभव नहीं, इसलिए पूरा परिवार मिलकर छत की मरम्मत करता है। यदि लगातार दो-तीन दिन बारिश हो जाए तो मिट्टी की दीवारें गलने लगती हैं और पूरा घर असुरक्षित हो जाता है।

महंगाई ने इस संघर्ष को और कठिन बना दिया है। खेती की आय लगातार घट रही है, मजदूरी से मुश्किल से घर का खर्च चल पाता है। ऐसे में हर साल खपरैल, बांस, लकड़ी और मरम्मत पर होने वाला खर्च गरीब परिवारों के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं है। पक्का मकान आज भी उनके लिए एक ऐसा सपना है, जो हर बरसात के साथ और दूर होता जाता है।

इसके बावजूद गांवों की सबसे बड़ी ताकत आज भी उनका सामूहिक सहयोग है। किसी एक घर की छत टूटती है तो पूरा मोहल्ला उसके साथ खड़ा दिखाई देता है। पड़ोसी बिना बुलाए मदद के लिए पहुंच जाते हैं। महिलाएं मिट्टी तैयार करती हैं, बच्चे सामान पहुंचाते हैं और पुरुष मिलकर छत दुरुस्त करते हैं। अभाव के बीच यही अपनापन गांव की असली पहचान बनकर सामने आता है।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत सरकारी आवास योजनाओं को लेकर है। गोरारी निवासी सुनीता कहती हैं, कई बार आवेदन किया, सभी कागजात जमा किए, लेकिन आज तक नाम सूची में नहीं आया। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। महरौड़ा के रमेश का कहना है कि गांव में कई ऐसे परिवार हैं जो वास्तव में पक्के मकान के हकदार हैं, लेकिन उन्हें आज तक लाभ नहीं मिला, जबकि कुछ ऐसे लोगों को योजना का फायदा मिल गया जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं।

इस सम्बंध में आनंद बरनवाल बताते है कि आने वाले दिनों में खपरैल का घर सपना होकर इतिहास के अध्याय में जुड़ जाएगा। जो भी बचे उनके बचाने और सवारने के लिए कारीगर और सामान मिलना मुश्किल हो जाता है और यदि किसी तरह कही से मिल भी रहा है तो उसके दाम बहुत बहुत महंगे है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अब खपरैल की जगह टीनशेड, पन्नी आदि उसकी जगह ले लिए है। अब ज्यादातर लोग सरकार के तरफ से मिलें अनुदान के बहाने पक्का मकान बनाने की कोशिश करते है। लेकिन पहले जो कच्चे मकान में सुकून और राहत होती थी वह अब बचे नहीं है और सपना होता चला जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पात्र परिवारों का निष्पक्ष सत्यापन कर समय पर आवास उपलब्ध कराया जाए, मानसून से पहले कच्चे मकानों की मरम्मत के लिए विशेष सहायता दी जाए, निर्माण सामग्री पर अनुदान मिले और योजनाओं में पूरी पारदर्शिता लाई जाए, तो हर साल हजारों गरीब परिवार इस भय से मुक्त हो सकते हैं। यह केवल आवास का प्रश्न नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का भी सवाल है।

खपरैल मकान केवल मिट्टी, बांस और खपरैल से बनी चार दीवारें नहीं हैं। वे गांव की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के साथ सामंजस्य की जीवंत मिसाल हैं। गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में अपेक्षाकृत गर्म रहने वाले ये मकान आज भी पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं। विडंबना यह है कि जो मकान कभी ग्रामीण जीवन की पहचान थे, वही आज गरीबी और सरकारी उदासीनता के सबसे बड़े प्रतीक बन गए हैं।

बरसात की पहली बूंद गिरने से पहले गांवों की छतों पर चल रही यह हलचल केवल मरम्मत का काम नहीं है। यह उन हाथों की कहानी है जो हर साल अपनी टूटी छत के साथ अपने टूटते सपनों को भी जोड़ते हैं। यह उन आंखों की कहानी है जो हर मानसून से पहले आसमान की ओर देखकर यही दुआ करती हैं कि इस बार बारिश थोड़ी कम हो। आखिर कब तक गरीब परिवार हर साल अपनी छत बचाने के लिए प्रकृति और गरीबी से एक साथ लड़ते रहेंगे? यह सवाल केवल गांवों का नहीं, बल्कि हमारी विकास यात्रा के उस अधूरे सच का भी है, जिसे अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।

एनजीबी यूनिवर्सिटी के नए कुलपति बने प्रोफेसर बीवी तिवारी

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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवनियुक्त कुलपति का ऑनलाइन किया गया अभिनंदन

  • अनुसंधान और पारदर्शी प्रशासन को बताया प्राथमिकता

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में डीन एवं पूर्व कार्यवाहक कुलपति रहे प्रो. बीवी तिवारी को नेहरू ग्राम भारती मनित विश्वविद्यालय प्रयागराज का नया कुलपति बनाया गया है । उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया और शिक्षा , अनुसंधान एवं पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता बताया। उनके कुलपति बनने का पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग अभिनंदन किया गया।

नेहरू ग्राम भारतीय मनित विश्वविद्यालय प्रयागराज का कुलपति बने प्रो बीबी तिवारी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं ,उन्होंने वर्ष 1982 से 86 के दौरान विश्वविद्यालय आईआईटी रुड़की से एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग को उपाधि प्राप्त की, तथा वर्ष 1993 में आईआईटी लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी की ।चार दशक से अधिक अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जीवन में प्रो. तिवारी ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में इंजीनियरिंग विभाग में बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां का निर्वहन किया और कार्यवाहक कुलपति की भी जिम्मेदारी निभाई।

इसके अलावा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी प्रयागराज, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यापन अनुसंधान और प्रशासनिक जिम्मेदारियां का सफलतापूर्वक निर्वहन किया । नेहरू ग्राम भारती मनीत विश्वविद्यालय प्रयागराज का कुलपति बनने पर उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अभिनंदन किया। पूर्व कुलपति प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि प्रो तिवारी का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव विश्वविद्यालय के विकास में नई दिशा देगा। नवनियुक्त कुलपति प्रो. बीबी तिवारी ने सभी के प्रति स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। प्रो.बीबी तिवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान ,नवाचार, अनुशासन ,पारदर्शिता और उत्तरदाई प्रशासन का केंद्र बनना है। किसी भी संस्थान की प्रगति सामूहिक प्रयास समर्पण सकारात्मक कार्य संस्कृति से ही संभव है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दून विश्वविद्यालय के प्रो. हरिश्चंद्र पुरोहित, प्रो एसके सिन्हा, पूर्व अधीक्षक मनु प्रसाद आचार्य, डॉ हरिश्चंद्र मौर्य ,प्रो. एके श्रीवास्तव ,प्रो. सौरभ पाल, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो. राजकुमार सोनी, प्रो. दिग्विजय सिंह.प्रो. मनोज मिश्रा,डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने उन्हें अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विवेक सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजक डॉ प्रमोद सिंह कौशिक ने किया। प्रो. बीवी तिवारी ने अंत में आयोजन के प्रति व शामिल सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अनियंत्रित ट्रक ने विद्युत पोल तोड़ते हुए गैरेज में खड़ी तीन गाड़ियों को रौंदा

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गोरखपुर से गिट्टी उतारकर मिर्जापुर लौट रहा था ट्रक, भागने की कोशिश नाकाम

खेतासराय (जौनपुर): खेतासराय-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित हबीब हॉस्पिटल के सामने मंगलवार की भोर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गोरखपुर से गिट्टी उतारकर मिर्जापुर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से जा टकराया, इसके बाद पास स्थित एक गैरेज में मरम्मत के लिए खड़ी तीन चारपहिया गाड़ियों को जोरदार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ट्रक का अगला पहिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोर में अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुँच गए। सूचना मिलने पर गैरेज संचालक उमाशंकर प्रजापति और क्षतिग्रस्त वाहनों के स्वामी भी घटनास्थल पर पहुँचे। ट्रक चालक वाहन को लेकर भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन क्षतिग्रस्त पहिए के कारण ट्रक सड़क पर घिसटता रहा। सड़क पर बने टायरों के निशान के आधार पर लोगों ने ट्रक को कुछ ही दूरी पर रोक लिया।

हादसे में गैरेज में खड़ी तीनों गाड़ियों के अगले और पिछले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे वाहन स्वामियों को हज़ारों रुपये के नुकसान का अनुमान है। वहीं विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। घटना के पीछे का कारण ट्रक चालक हरिश्चंद्र पुत्र राजेन्द्र प्रसाद वर्मा निवासी ग्राम तुलिस, लालगंज, मिर्जापुर ने बताया कि नींद लगने के कारण शाहगंज से खलासी नवीन ट्रक चला रहा था।

जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही खेतासराय पुलिस मौके पर पहुँची और ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। गनीमत रही कि हादसा सुबह के समय हुआ, जब सड़क पर लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। यदि घटना व्यस्त समय में होती तो बड़ा जनहानि का हादसा भी हो सकता था।