मुंबई कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता संग हुई गुफ्तगु
जौनपुर। मछलीशहर से विधायक डॉ. रागिनी सोनकर के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलें अब और तेज होती नजर आ रही हैं। हाल ही में मुंबई के जहांगीर आर्ट गैलरी में आयोजित ‘माटी के रंग, रत्नाकर के चित्रों के संग’ प्रदर्शनी के दौरान उनकी सक्रिय उपस्थिति और भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के साथ मंच साझा करना कई राजनीतिक संकेत दे गया।
इस कला प्रदर्शनी में देश के प्रसिद्ध चित्रकार डॉ. लाल रत्नाकर की कृतियों का उद्घाटन उन्होंने किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. रागिनी सोनकर को विशेष महत्व देते हुए उनसे फीता कटवाया गया, जिसे राजनीतिक गलियारों में महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक था, लेकिन इसमें भाजपा से जुड़े किंगमेकर की उपस्थिति और रागिनी सोनकर को मिली प्रमुखता ने उनके संभावित राजनीतिक भविष्य को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, यदि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में समीकरण अनुकूल रहे, तो वे भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
पिछले कुछ समय से उनके लगातार दिल्ली और मुंबई दौरों तथा क्षेत्र में निजी बैनर के तहत कार्यक्रमों के आयोजन को भी उनके विरोधी दल परिवर्तन की संभावित रणनीति के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलते राजनीतिक माहौल में रागिनी सोनकर के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने खुद मुंबई के कार्यक्रम की फोटो और खबर समाचार पत्रों में अपने पीआरओ के माध्यम से प्रकाशित होने के लिए भिजवाई है। इससे यही संकेत मिलते हैं की यह खबर पुष्ट हो रही है। इधर, निषाद राज की जयंती मनाना तथा अपने को निषादों की बहू बताने वाले बयान को लोग इसी से जोड़कर देख रहे हैं क्योंकि निषाद पार्टी के संजय निषाद भाजपा गठबंधन के साथ हैं। भाजपा से टिकट लेने के बाद वह भी मछली शहर में चुनाव प्रचार के लिए आ सकते हैं ताकि निषाद केवट बिंद के वोट का लाभ इनको मिल सके, क्योंकि मछलीशहर विधानसभा में सोनकर समाज का वोट नहीं के बराबर है। इसके पूर्व भी वह भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के गणेश महोत्सव और मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज के कार्यक्रम में शामिल हुई थी। हालांकि सपा के विश्वसनीय सूत्र यह कह रहे हैं कि अपने परिवार से तीन टिकट खुद, पिता और बहन का लेने के लिए वह सपा मुखिया पर दबाव बनाने के लिए ऐसा जानबूझकर कर रही हैं। मामला जो भी हो दाल में कुछ काला जरूर है।











