जौनपुर । जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनसामान्य की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता पूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा प्रत्येक शिकायत का निस्तारण मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच के आधार पर किया जाए।
सैदनपुर निवासी सूर्यनाथ सिंह ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि विपक्षीगणों द्वारा उनकी जमीन की जुताई करने में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शिकायत का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बहरीपुर निवासी शांता प्रसाद ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उनकी भूमिधरी भूमि पर रास्ता बनवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में न्यायालय अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व), जौनपुर में नक्शा संशोधन का वाद भी विचाराधीन है। प्रार्थी द्वारा वाद के निस्तारण तक सीमांकन की कार्यवाही स्थगित कराने तथा उनकी भूमिधरी भूमि पर अनाधिकृत रूप से रास्ता बनवाए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई। इस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर को प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भूमि विवाद एवं राजस्व से संबंधित मामलों में राजस्व तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे। जिलाधिकारी ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में पूरी गंभीरता बरती जाए उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी स्वयं शिकायतों की नियमित समीक्षा करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी श्री नरेंद्र बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) श्री अजय अम्बष्ठ, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनतं चन्द्रशेखर, उप जिलाधिकारी सदर सुश्री योगिता सिंह, तहसीलदार सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुलपति के आदेश पर कुलसचिव ने जारी किया कालेजो को पत्र
शिक्षकों को पढ़ाई बाधित न करने के निर्देश
संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को कुलसचिव ने जारी किया पत्र
कुलसचिव ने शिक्षकों को दिया हिदायत
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों के शिक्षकों को अब प्राचार्य से अनुमति लेकर ही विश्वविद्यालय आना होगा अन्यथा वह नहीं आ सकते इसके लिए कुलपति के आदेश पर कुलसचिव ने सभी कॉलेजों और शिक्षकों को पत्र जारी कर दिया । शिक्षण कार्य की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां कार्यरत शिक्षकों को विश्वविद्यालय आने के दौरान निर्धारित कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित नहीं करने के लिए निर्देशित करें।
कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह की ओर से 6 नवम्बर को जारी पत्र में कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक महाविद्यालय के कार्य समय में विश्वविद्यालय आते हैं। इससे उनकी निर्धारित कक्षाएं एवं अन्य शैक्षणिक दायित्व प्रभावित होते हैं। विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए कक्षाओं का नियमित संचालन तथा पाठ्यक्रम समय से पूरा करना आवश्यक है।
पत्र में प्राचार्यों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को विश्वविद्यालय आने की योजना इस प्रकार बनाने के लिए अवगत कराएं, जिससे अध्यापन कार्य बाधित न हो। यदि महाविद्यालय के कार्य समय में विश्वविद्यालय आना आवश्यक हो तो संबंधित शिक्षक प्राचार्य से पूर्व सूचना देकर आवश्यक अनुमति प्राप्त करें। साथ ही अपनी निर्धारित कक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन के लिए समुचित वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि शिक्षकों के विश्वविद्यालय आने से पहले संबंधित विद्यार्थियों को इसकी सूचना दी जाए, ताकि अध्यापन कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे।
कुलसचिव ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों से निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
शिक्षक नेता डॉ यदुवंश कुमार ने कहा कि शिक्षक कक्षाएं पूरी करके ही छात्र शिक्षक हित कॉलेज हित में विश्वविद्यालय जाता है परीक्षा परिणाम फंसा होता है या जो भी काम जरूरी होते हैं वह शिक्षण कार्य पूरी करके जाता है, शिक्षकों पर किसी तरह का टिप्पणी करने के पहले मूल्यांकन किया जाए। ऐसे आदेश का शिक्षकगण विरोध करते हैं।
===== यह आदेश दुर्भावना पूर्ण है शिक्षकों के मर्यादा के खिलाफ है , 3 लाख छात्रों को पठन-पाठन प्रक्रिया में लगे शिक्षक पूरी निष्ठा से कक्षा संचालन करते हैं। उसके बाद छात्र व शिक्षक समस्या होती है या अन्य कोई समस्या होती है जरूरी होता है, तभी विश्वविद्यालय जाते हैं। प्राचार्य से अनुमति लेकर ही जाते हैं ,इस आदेश का हम पूरी तरह विरोध करते हैं और विश्वविद्यालय में तमाम कमियां है, उसको सुधारा नहीं जा रहा है, वहां के बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है। उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, काफी संख्या में रिजल्ट प्रभावित है, उसका निराकरण नहीं किया जा रहा है। शिक्षकों पर किसी तरह का भेद आरोप बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए नियमित टीकाकरण और पौष्टिक आहार जरूरी : सुनील यादव मम्मन
जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के मलनी जरों गांव स्थित तालाब परिसर में शनिवार को पशुपालन विभाग की ओर से बृहद पशु आरोग्य मेला शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 200 पशुपालकों को पशुओं की आवश्यक दवाएं एवं किट वितरित की गई। साथ ही पशुपालन से संबंधित चिकित्सकीय परामर्श देकर पशुओं को स्वस्थ रखने के प्रति जागरूक किया गया।
शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि भाजपा नेता एवं करंजाकला ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव मम्मन ने किया। उन्होंने पशुपालकों को दवाएं वितरित करते हुए कहा कि पशुपालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, जिससे लोगों को दूध, घी सहित विभिन्न दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता होती है। पशुओं को स्वस्थ रखना पशुपालकों की जिम्मेदारी है। इसके लिए नियमित रूप से चिकित्सकीय सलाह लेने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार देने तथा समय-समय पर टीकाकरण कराने की आवश्यकता है।
शिविर में पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों की समस्याएं सुनीं और आवश्यकतानुसार दवाएं एवं किट उपलब्ध कराई। आयोजन में एडवोकेट अजय कृष्ण बबलू सारंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस दौरान पशु चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार यादव, डॉ. सुभाष शर्मा, फार्मासिस्ट अरविंद कुमार, संजय शर्मा सहित जैराम, भूपेंद्र, कैलाशचंद, अश्वनी और अतुल ने दवा वितरण एवं पशुपालकों को परामर्श देने में सहयोग किया।
अजय कृष्ण बबलू सारंग ने कहा कि शिविर से आसपास के गांवों के पशुपालकों को काफी राहत मिली है। ऐसे आयोजन पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और पशुपालन को बढ़ावा देने में सहायक हैं।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के अध्यक्षता में तीन दिवसीय विधिक न्याय दिवस के अनुक्रम में दिनांक 7 नवंबर को विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन सदर तहसील जौनपुर में सचिव पूर्णकालिक सिविल जज सीनियर डिवीजन सुशील कुमार सिंह के देखरेख में किया गया इस अवसर पर डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल जनपद न्यायालय जौनपुर देवेंद्र कुमार यादव पैनल अधिवक्ता एवं तथा पैरा लीगल वालंटियर सुभाष यादव सुभाष यादव तहसीलदार सेलर शैलेंद्र कुमार सिंह तहसीलदार सेलर शैलेंद्र कुमार सिंह और बड़ी संख्या में जनता के लोग और वादकारीगण उपस्थित रहे
इस अवसर पर सेमिनार के अध्यक्षता करते हुए सचिव जिला तहसील सेवा प्राधिकरण शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि न्याय सबको मिले इस हेतु प्राधिकरण सतत प्रयत्नशील है उन्होंने तहसील स्तर पर प्राप्त जन सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया संविधान के बारे में बोलते हुए मुख्य अतिथि डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ने विधिक सेवा प्राधिकरण का इतिहास बताते हुए राष्ट्रीय राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के बारे में और वैकल्पिक न्याय प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया
इसी क्रम में उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण उसमें योगदान देने वाले प्रमुख लोगों डॉक्टर बी एन राव डॉक्टर भीमराव अंबेडकर डॉ राजेंद्र प्रसाद जवाहरलाल नेहरू सरदार वल्लभभाई पटेल के बारे में बताया और कहां की उद्देशिका भारतीय संविधान की कुंजी है और मूल अधिकार संविधान की आत्मा है भारत का कोई भी व्यक्ति जन्म से मृत्यु तक अनुच्छेद 14 से लेकर अनुच्छेद 30 तक मूल अधिकारों का उपभोग करने का पात्र है जिसका उल्लंघन करने पर उसके पास बंदी प्रत्यक्षीकरण प्रतिषेध परमादेश अधिकारपृक्षा प्रतिषेध जैसे अधिकार अनुच्छेद 32 और 226 के अंतर्गत प्राप्त हैं संविधान की आत्मा मूल अधिकार हैं भारतीय संविधान का निर्माण 2 वर्ष 11 मार्च 18 दिन में हुआ था और 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है अंतिम व्यक्ति और हर पीड़ित प्रताड़ित व्यक्ति तक न्याय पहुंचना चाहिए यह संविधान का मूल उद्देश्य है।
इस बारे में देवेंद्र कुमार यादव ने संचालन करते हुए संचालन करते हुए नीति निर्देशक तत्वों जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा पीड़ित और वंचित लोगों को दी जाने वाली सहायता और संविधान के अन्य अनुच्छेदों को सरल भाषा में समझाया और संविधान दिवस के महत्व के बारे में बताते हुए इस पर हो रही तैयारी के बारे में भी बताया और कहा कि संविधान देश के सर्वोच्च नियम है जिनके अनुसार सारे तंत्र कार्य करते हैं । उन्होंने न्याय के अनुक्रम में फ्रंट ऑफिस की भूमिका को भी विस्तार से बताया
jaunpur News :धनतेरस के दिन जौनपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में दिशा की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी जनप्रतिनिधि दोनों सांसद व सभी विधायक समेत सारे अधिकारी उपस्थित थे।
इस पर विधायक लकी यादव ने डीएम जौनपुर पर काफी नाराजगी जता दी। मामला ये था कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक विधानसभा के लिए 1 करोड़ रुपए की धनराशि अंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत स्वीकृत की गई थी। जिस पर विधायक द्वारा उनके मल्हनी विधानसभा क्षेत्र के 10 पार्कों में 10- 10 लाख रूपए की लागत से निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था।
जिस पर डीएम जौनपुर द्वारा उनके केवल 02 प्रस्ताव को मंजूरी दी गई जबकि जिले के हर विधायक को किसी को 7, किसी को 9 किसी को 5 की मंजूरी दी गई।
इसी बात को लेकर विधायक लकी यादव ने दिशा बैठक के दौरान डी एम जौनपुर पर नाराजगी जाहिर कर धरने पर बैठने की बात कह दी।इसके बाद विधायक लकी यादव मान मनौव्वल के बाद अपनी जगह पर बैठ गए और बैठक आगे बढ़ाई गई।
-मानक को ताख पर रख निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा किया जा रहा घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग।
-सीवर लाइन का कनेक्शन सभी मकानों को न दिये जाने आरोप।
जौनपुर। जनपद के नगर पंचायत कजगांव के नगर वासियों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर नगर पंचायत कजगाँव के वार्ड संख्या तीन माधोपट्टी में मानक के विपरीत बनाये जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी व भारी अनियमितत की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग किया है। शिकायती पत्र द्वारा डीएम को नगरवासियों द्वारा बताया गया कि नगर पंचायत कजगाँव द्वारा वार्ड संख्या 3 में मझलेपुर छोटी मस्जिद के पास से माधोपट्टी सरहद तक सी.सी.रोड़ का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसके साइड वाल में घटिया किस्म के ईंट एवं सीसी रोड में घटिया किस्म के निर्माण सामग्री का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। सीसी रोड के साईड वाल के नाम पर दो ईंट व सीसी रोड कार्य में नाम मात्र की गिट्टी डालकर उसकी कुटाई कराये बगैर कार्य रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शिकायत के बावजूद अधिशासी अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से स्वतः स्पष्ट है कि उक्त घटिया निर्माण कार्य में अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत अध्यक्ष तथा ठेकेदार की मिलीभगत से हो रहा है। ताकि सरकारी खजाने से धन अर्जित हो सके।
उक्त बनाये जा रहे सीसीरोड़ के नीचे जल निकासी हेतु सीवर व जल निगम की पाईप बिछी हुई है जिसमें एकाध लोगों ने निर्माण कार्य से पहले कनेक्शन लिया है। शेप मकानो में कोई कनेक्शन ठेकेदार और जिम्मेदार द्वारा नही कराया गया जिससे जल निकासी व पेय जल की समस्या से आस-पास के लोगो को काफी दिक्कत व परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत कजगाँव द्वारा मानक के विपरीत कराये जा रहे सीसी रोड निर्माण कार्य में नगर पंचायत द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की जांच किया जाना जनहित में आवश्यक है। जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देने के दौरान नसरुद्दीन अन्सारी,अफसर अली,रहमान अन्सारी,मोहर्रम,टैमुर, मोहम्मद हाफिस,सहनवाज अन्सारी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
भारत देश पर्व उत्सव व्रत अनुष्ठान और यज्ञ हवन का देश है यहां पर हर एक उत्सव और महापर्व और व्रत प्रकृति पर्यावरण एवं मानवता के कल्याण से जुड़ा होता है भारत में विजयादशमी या दशहरा रक्षाबंधन दीपावली और होली चार सबसे बड़े महान पर्व होते हैं इसमें भी विजयादशमी या दशहरा क्षत्रियों का पर्व माना जाता है अर्थात देश की सुरक्षा रहेगी तभी देश आगे बढ़ेगा रक्षाबंधन ब्राह्मणों का पर्व माना जाता है जिसका अर्थ है यदि देश में बुद्धि और विज्ञान टेक्नोलॉजी का ज्ञान रहेगा तब देश तरक्की करेगा दीपावली महापर्व को वैश्यों का अर्थात व्यापारियों का महापर्व माना जाता है जब देश धन-धान्य से भरा रहेगा तभी देश खुशहाल होगा और सोने की चिड़िया बनेगा और होली को शूद्रों का महापर्व माना जाता है अर्थात जब देश सुरक्षित रहेगा धन-धान्य से भरा रहेगा कृषि बागवानी से फल फूल सब्जियां अनाज देश में भारी रहेंगे तभी देश समृद्ध होगा
पर्व और त्योहारों का वर्गीकरण
ध्यान देने वाली बात है कि एक ही व्यक्ति के अंदर ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र विद्यमान रहता है जब वह ज्ञान शास्त्रों का अर्जन करता है तो ब्राह्मण शस्त्रों का अध्ययन करता है तो क्षत्रिय व्यापार का कार्य करता है तो वैश्य और सेवा का काम करता है तो शूद्र कहा जाता है इसीलिए भारत में चारों महान पर्व सबके साथ समान भाव से खुशी और आनंद से मनाया जाता है और सबसे अधिक उत्साह उमंग से होली का त्यौहार मनाया जाता है जो भारत की अखंडता एकता का प्रतीक है। और यह सबसे आनंद का पर्व शूद्रों का माना जाता है विज्ञान टेक्नोलॉजी और ज्ञान का प्रवाह उच्च शिखर पर होगा तभी लोग आमोद प्रमोद और खुशहाली में बसंत ऋतु में होली का महापर्व मना सकेंगे इसका यही वैज्ञानिक और धार्मिक अर्थ है सभी व्रत पर्व उत्सव यज्ञ अनुष्ठान हवन का एक ही लक्ष्य है अंधकार से प्रकाश अज्ञान से ज्ञान और धर्म से धर्म की ओर ले जाना जो भारतीय संस्कृति सभ्यता और सनातन धर्म की चरम उपलब्धि है।
दीपावली एक संकुल महापर्व
दीपावली को संकुल महापर्व इसलिए माना जाता है कि इस महान पर्व में पांच बड़े-बड़े त्यौहार शामिल हैं सबसे पहले धनतेरस या धन्वंतरि पूजा आता है जिसमें बैद्यनाथ धन्वंतरि की पूजा होती है और औषधि का एक पौधा हर व्यक्ति को लगाने का नियम है इसको खरीदारी से जबरदस्ती जोड़ा गया है इसके बाद छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी की तिथि आती है इसी दिन भगवान श्री कृष्ण नरकासुर को मार कर उसके कैद से 1600 को मुक्त कराया था इसके बाद बड़ी दीपावली अर्थात लक्ष्मी पूजा का मुख्य पर्व आता है तत्पश्चात गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा का महापर्व आता है इसी महान पर्व के दिन भगवान श्री कृष्णा दुराचारी इंद्र का गर्व खर्व करके अन्य पूजा और गोवर्धन पूजा का नियम बनाया था और सबसे अंत में भैया दूज या यमद्वितीया का महापर्व आता है जो भाई बहन का पवित्र त्योहार माना जाता है । इन पांच पर्व को मिलाकर दीपावली का महान संकुल पर्व बन जाता है इसी प्रकार नवरात्रि का महापर्व भी एक संकुल महापर्व माना जाता है।
इस वर्ष कब पड़ रहे हैं दीपावली के सभी महापर्व
धनतेरस या धन्वंतरि जयंती
इस वर्ष धन्वंतरि पूजा या धनतेरस का महापर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा क्योंकि त्रयोदशी की तिथि इसी दिन है इसलिए धनवंतरी पूजा का शुद्ध समय सायं काल 6ं02 से सायंकाल 7ं57 तक है। यह बिल्कुल स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं कि धन्वंतरि पूजा यह धनतेरस विशुद्ध रूप से स्वस्थ और दीर्घायु अर्थात चिकित्सा का महापर्व है इसका किसी भी खरीदारी से कोई संबंध नहीं है और ना 1763 के पहले कहीं पर किसी भी वेद पुराण धर्म ग्रंथो में खरीदारी का वर्णन है और ना किसी राजा महाराजा ने इस दिन खरीदारी किया था । इसी दिन दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाकर यमराज की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। खरीदारी का महापर्व व्यापारी लोगों ने धर्म के कुछ लोबिया आचार्य और ज्योतिषी तथा पंडितों से मिलकर प्रचलित किया है अगर खरीदारी करना ही है तो इस दिन औषधीय गुण वाले पेड़ पौधों को खरीद कर अपने घर लगायें तो जीवन भर स्वस्थ रहेंगे।
धन्वंतरी वैद्य हैं देवताओं के चिकित्सक हैं वह स्वस्थ और दीर्घायु के देवता हैं आयुर्वेद के प्रकांड पंडित हैं वैद्यराज हैं समुद्र मंथन के दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश को लेकर देवी लक्ष्मी के साथ प्रकट हुए थे और उन्होंने ही आयुर्वेद का ज्ञान समस्त विश्व में प्रसारित किया आज भी भारतीय आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र में उन्हीं की शपथ ली जाती है इस दिन खरीदारी का कारण व्यापारी लोगों और लोभी ज्योतिषी पंडितों की साथ गांठ है और कुछ नहीं है पूरे भारत में ऐसा कोई नहीं होगा जो धनतेरस को कुछ ना कुछ खरीदारी करता हो लेकिन कोई भी आज तक टाटा बिरला अंबानी नहीं बना;बन भी नहीं सकता है क्योंकि यह विशुद्ध रूप से स्वास्थ्य चिकित्सा और दीर्घायु का महापर्व है।
छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी
छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी इस वर्ष 7 और 8 नवंबर के दिन मनाई जाएगी और दोनों दिन मनाया जा सकता है क्योंकि 8 नवंबर को ही दीपावली भी मनाई जाएगी इसके पीछे यह कहानी है कि नरकासुर नाम के सम्राट ने जो पृथ्वी का पुत्र था असम में अपना एकछत्र राज स्थापित करके 16000 रानियों को अपने यहां बंदी बना कर रखा था यह उनकी इच्छा के विरुद्ध था । वह खुद को अजर अमर मानता था और कोई उसे हरा नहीं पता था ।कालांतर में भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर का वध करके पृथ्वी को पाप मुक्त किया तभी से यह महापर्व मनाया जाता है इस दिन सांय काल 5:13 से शाम को 6:25 तक बड़ा दीपक जलाने का शुभ समय है।
दीपावली या बड़ी दीपावली
बड़ी दीपावली या लक्ष्मी पूजा यह महान मुख्य पर्व है और भगवान श्री राम के रावण के वध करके अयोध्या आने के उपलक्ष में महान खुशी के रूप में अयोध्या के निवासी लोगों द्वारा मनाया गया था घर-घर में दीपक जले मिठाइयां बांटी गई थी तभी से यह महान पर्व चल रहा है एक और कथा के अनुसार देवी लक्ष्मी के समुद्र से उत्पन्न होने की खुशी में भी यह महापर्व मनाया जाता है दक्षिण भारत में नरसिंह अवतार लेकर भक्त प्रहलाद की रक्षा और उसके पिता की वध के साथ यह घटना जुड़ी है इसी दिन सिखों के गुरु हरगोबिंद सिंह और 22 राजाओं को कैद से मुक्ति मिली थी इसलिए भी प्रकाश पर्व मनाया जाता है। कार्तिक की अमावस्या की रात सबसे काली और भयानक होती है उसको अंधकार से प्रकाश में बदलने के लिए भीयह पर्व मनाया जाता है और कार्तिक की पूर्णिमा सबसे उजली होती है इसीलिए उसे प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है दीपावली का महापर्व 8 नवंबर को रविवार के दिन है और लक्ष्मी पूजन का शुभ समय सहन कल 5:54 से रात में 7:50 तक है।
गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा
संकुल पर्व में अगला महान पर्व गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पूजा है ।दुराचारी और निरंकुश इंद्र को पाठ पढ़ने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र की पूजा समाप्त करके गोवर्धन पहाड़ की पूजा करके उसी को अन्न समर्पित कराया इससे क्रोधित होकर इंद्र ने प्रलय काल के बादलों के साथ ब्रजमंडल में घनघोर वर्षा की और एक दिन में ही 2500 मिलीलीटर की वर्षा से सारा ब्रजमंडल डूबने लगा तब उन्होंने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पहाड़ को जड़ सहित उखाड़ लिया और 7 दिन तक भयंकर वृष्टि से बृजवासियों की रक्षा की और अंत में दुराचारी इंद्र परास्त हुआ और पैर पड़कर क्षमा याचना किया इस पर्व के दिन अन्न का ढेर अर्थात पहाड़ बनाकर उसे भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन को अर्पित किया जाता है इस वर्ष 22 अक्टूबर को सुबह 6ः40 से 8:50 तक गोवर्धन पूजा का महान पर्व है यम द्वितीया या भैया दूज
संकुल महापर्व का अगला और अंतिम महापर्व भैया दूज या यमद्वितीया का महापर्व है । इस वर्ष यह महान पर्व 11 नवंबर को दिन में 1ः10 से 3ः20 में मनाया जाएगा इसकी कहानी भाई बहन के अटूट और पवित्र प्रेम पर आधारित है सूर्य की पुत्री यमुना अपने भाई यमराज को हर वर्ष इस दिन बुलाकर उन्हें अच्छे-अच्छे व्यंजन खिला कर सत्कार करती थी बदले में यमराज प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित वरदान देते थे कहा जाता है कि इस दिन अगर बहन पवित्र मन से भाई को तिलक लगाकर उसकी आरती करे तो उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है अर्थात सच्चे प्रेम से मृत्यु को भी जीता जा सकता है यह इसका संदेश है
दीपावली में सबके लिए पूजा की सरल एवं संपूर्ण विधि –
दीपावली की पूजा हमेशा स्थिर लग्न में प्रदोष काल और निशीथ बेला में किया जाता है। स्त्री लग्न में पूजा करने से देवी लक्ष्मी अधिक समय तक वहां पर निवास करती हैं अन्यथा देवी लक्ष्मी चंचल स्वभाव की होती हैं एक स्थान पर अधिक समय नहीं रह पाती हैं इस बार दीपावली पूजा का स्थिर लग्न साइन कल 7:08 से रात में 8:18 तक है जो कुल मिलाकर 1 घंटे 11 मिनट का समय है इसी समय में संपूर्ण पूजा पाठ आरती कर लेना चाहिए जिसकी विधि निम्नलिखित है । वैसे तो उदय तिथि के अनुसार दीपावली 8 नवंबर को मनाना चाहिए लेकिन श्री कृष्ण जन्माष्टमी और दीपावली दो ऐसे पर्व है जो स्थिर लग्न में ही मनाया जाते हैं इसमें उदया तिथि का अधिक महत्व नहीं होता है।
सर्वप्रथम पूजा स्थल की साफ सफाई करके कच्ची जमीन है तो गाय के गोबर से लीपा जाना चाहिए यदि यह पक्का फर्श है तो उसको पानी से धोकर गंगाजल छिड़क लेना चाहिए। गंगाजल सभी वस्तुओं पर और अपने ऊपर भी और अगर अन्य लोग हैं तो सबके ऊपर छिड़क लेना चाहिए।इसके पश्चात एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर लक्ष्मी मां की स्थापना करें मूर्ति के बाईं ओर श्री हरि विष्णु और दाहिनी और गणेश जी को रखें साथ-साथ कुबेर देवता सरस्वती मां काली देवी की मूर्ति रखें अगर ना मिले तो मन ही मन उनका संकल्प करें।
इसके पश्चात दीपक जलाकर सबसे पहले श्री हरि विष्णु माता लक्ष्मी गणेश जी का आवाहन करें इसके साथ-साथ धनराज कुबेर सरस्वती मां और काली देवी का भी आवाहन करें इसके पश्चात शुद्ध मन से #ओम केशवाय नमः ओम माधवाय नमः ओम नारायणय नमः #का मंत्र पढ़ने के बाद ओम महालक्ष्मी प्रसीद प्रसीद इति स्वाहा और गं गणपतए नमः ओम धनराजाय कुबेराय नमः का मंत्र पढ़े इतना सामान्य लोगों के लिए पर्याप्त है। इसके पश्चात धूप दीप फल मिठाई फूल सब कुछ उपर्युक्त देवी देवताओं को अर्पित करें और मिष्ठान और पकवान पर तुलसी का एक पत्ता अवश्य रखना चाहिए। मिष्ठान में बताशा और खील( धानका लावा)होना चाहिए। इसके पश्चात लक्ष्मी चालीसा या लक्ष्मी स्त्रोत करते हुए आरती करें और आरती करने के बाद सभी देवी देवताओं से यह प्रार्थना करें कि अगर पूजा में कोई भूल हो गए हो तो उसे क्षमा करें ।
यही सामान्य गृहस्थ और सामान्य लोगों के लिए संपूर्ण पूजा पाठ का विधान है अधिक जटिल और कर्मकांडी पूजा धर्म आचार्य और पंडा पुरोहित लोगों को ही करना चाहिए। इसके पश्चात सूप से दीपक जलाकर उसे धीरे-धीरे हवा देना चाहिए। यही संपूर्ण विधि विधान है और ऐसा बिना किसी तनाव और क्रोध के स्थिर चित्त करके करना चाहिए ऐसा करने पर निश्चित रूप से महादेवी लक्ष्मी और अन्य सभी देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती हैं इसके उपरांत भगवान शिव और मां पार्वती ब्रह्मदेव और सरस्वती मां की कृपा अपने आप प्राप्त हो जाती है क्योंकि तीनों ही महान देवता अंततः एक ही होते हैं।