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जौनपुर अयोध्या मार्ग पर पानी बहने से दुर्घटना बढी

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एडवोकेट ने मुख्यमंत्री से की लिखित शिकायत.पुलिस ने पानी बहाने वालों को रोकने का दिया निर्देश

जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के जौनपुर अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुत्तूपुर के पास एक वाहन एजेंसी द्वारा सड़क पर लगातार पानी बहाने से दुर्घटनाएं बढ़ गई थी। जिसको लेकर समाजसेवी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने सबको सड़क पर पानी न बहाने निर्देश दिया। जिससे एजेंसी में वाहनों की धुलाई बंद हो गई।

जौनपुर अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग पर कुत्तुपुर के पास स्थित वाहन एजेंसी के सामने महीनो से लगातार वाहनो के धुलाई का पानी बहाया जा रहा था। जिससे बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। सड़के उखड़ गई और आए दिन वाहन दुर्घटना होने लगी। अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा। जिसको गंभीरता से लेते हुए एडवोकेट समाजसेवी अजय कृष्ण यादव बबलू सारंग निवासी जर्रो मल्हनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य को पत्र के माध्यम से शिकायत की। इसके अलावा उन्होंने कई जिम्मेदार विभागों से और आईजीआरएस के माध्यम से जानकारी मांगी, कि किस अधिकार से अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार पानी बहाया जा रहा है। जिससे अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है , आए दिन दुर्घटनाएं बढी हैं ,क्यों न सब दुर्घटना पीङितो को मुआवजा दिया जाए। इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय ने गंभीरता से लिया और जिला मुख्यालय पर उन्होंने इसके पानी को तत्काल रोकने का निर्देश दिया।जिसके क्रम में शुक्रवार को पुलिस ने पहुंचकर एजेंसी के द्वारा वाहनों की धुलाई को तत्काल रोकने का निर्देश दिया और कहा कि सड़कों पर पानी न बहाए जाए।

इस बारे में थानाध्यक्ष अमरेंद्र पांडेय ने कहा कि सड़क पर पानी वाले बहाने वालों को सख्त हिदायत दी है कि रोड पर कोई पानी न बहाये। अतिक्रमण न करें। अन्यथा उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है । उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी बहाने अतिक्रमण करने वाले कुत्तुपुर से सिद्धीकपुर तक सभी को रोक लगाने की हिदायत दी गई है।

आदर्श भारती महाविद्यालय में सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न

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खेतासराय (जौनपुर): कस्बा के उत्तरी छोर पर स्थित श्री राम जानकी मन्दिर ठाकुरद्वारा में शुक्रवार को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य वटुओं का भी उपनयन संस्कार विधिवत सम्पन्न कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। आचार्य पं. अखिलेश चन्द्र मिश्र तथा डॉ. श्यामजीत पाण्डेय के आचार्यत्व में वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार उपनयन संस्कार सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर आचार्यों ने वटुओं को ब्रह्मचर्य पालन, गुरु-सेवा, अनुशासन और सदाचार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यज्ञोपवीत संस्कार भारतीय सनातन परम्परा का अत्यंत महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बालक को ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों से युक्त जीवन की ओर अग्रसर करता है।

महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार सिंह ने संस्कार प्राप्त करने वाले वटुओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह संस्कार जीवन में नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और आध्यात्मिकता की भावना को विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ भारतीय परंपराओं और मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर डॉ. धर्मराज पाण्डेय, शशिभूषण मिश्र, बी.एड. विभागाध्यक्ष मुकेश कुमार पाठक, डॉ. अजय कुमार तिवारी, चन्द्रवीर सिंह, डॉ. विजय कुमार पाण्डेय, विकास पाण्डेय सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुम्मा की नमाज

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अकीदत के साथ अदा की गई अलविदा जुम्मा की नमाज, मस्जिदों के बाहर मुस्तैद रहा पुलिस बल

खेतासराय (जौनपुर): पवित्र रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुम्मा की नमाज क्षेत्र की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज अदा करने के लिए सुबह से ही मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में रोजेदारों और नमाजियों ने इबादत कर मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

कस्बे की बड़ी मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ नमाज अदा की। अलविदा जुम्मा के अवसर पर मस्जिदों के आसपास विशेष रौनक देखने को मिली और नमाज के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कस्बे की प्रमुख मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह लगातार क्षेत्र में चक्रमण करते रहे। जिससे नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। नमाज के बाद नमाजी शांति और अनुशासन के साथ अपने-अपने घरों को लौट गए। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सेंट डेविड स्कूल में इफ्तार पार्टी का आयोजन, रोजेदारों ने किया सामूहिक इफ्तार

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खेतासराय (जौनपुर) माह-ए-रमज़ान के पवित्र अवसर पर क्षेत्र के मनेछा गांव के सेंट डेविड स्कूल परिसर में गुरुवार को रमज़ान के 22वें रोज़े पर स्कूल प्रबंधन की ओर से भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में रोजेदारों व संभ्रांत लोगों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से इफ्तार कर देश व दुनिया में अमन-शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। इफ्तार से पूर्व सभी रोजेदारों ने मिलकर अल्लाह की बारगाह में दुआ की। इसके बाद मौलाना राफे ने नमाज़ अदा कराई।

नमाज़ के बाद उन्होंने रोजेदारों को संबोधित करते हुए कहा कि रमज़ान का महीना इबादत, सब्र, त्याग और बलिदान का महीना होता है। इस महीने में रोजेदार रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने अंदर आत्मसंयम, सहनशीलता तथा इंसानियत के भाव को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि रमज़ान का संदेश आपसी भाईचारा, प्रेम और जरूरतमंदों की मदद करना है। इफ्तार पार्टी में मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी और आपसी सौहार्द व सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान रोजेदारों के लिए खजूर, फल, शरबत व अन्य व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर डॉ. तबरेज़ आलम, आनंद सिंह, डॉ. एम.एस. खान, नफीस अहमद,एजाज़ अहमद, शारिक खान एडवोकेट, पत्रकार संघ अध्यक्ष एखलाक खान, डॉ0 सरफुद्दीन, मिनहाज इराकी मो0 शोएब, ज़ाहिद बेग आदि लोग उपास्थि रहे। कार्यक्रम के अंत मे आयोजक विद्यालय के फाउंडर मैनेजर डॉ. रईश खान ने आगंतुकों का आभार प्रकट किया।

किसान सम्मान निधि योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा  

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किसान सम्मान निधि योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा  
किसान सम्मान निधि योजना का लाभ फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा  

JAUNPUR NEWS जौनपुर : जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री के प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी सभी किसानों को योजना से जोड़ने का अभियान तेज जनपद के सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से आच्छादित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र ने कलेक्ट्रेट परिसर से फार्मर रजिस्ट्री के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूक करना और उन्हें इससे जुड़ी सुविधाओं का लाभ दिलाना है।


जिलाधिकारी ने बताया कि प्रचार वाहन जिले के सभी विकासखण्डों में पहुंचकर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों के बारे में जानकारी देगा।उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, धान और गेहूं की सरकारी खरीद, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड समेत खेती से जुड़ी अधिकांश सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही दिया जाएगा। इसलिए सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि किसान जनसेवा केंद्र के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा कृषि, राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारी भी किसानों को रजिस्ट्री कराने में सहयोग कर रहे हैं। किसान चाहें तो अपने मोबाइल फोन पर फार्मर रजिस्ट्री का लिंक डाउनलोड कर स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं।


जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद में अब तक 71 प्रतिशत से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस अभियान से जल्द ही जिले के शत प्रतिशत किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा सकेगा, ताकि जनपद का कोई भी पात्र किसान योजनाओं से वंचित न रह सकें।इस अवसर पर उप निदेशक कृषि डा. बीबी द्विवेदी, उप परियोजना निदेशक आत्मा डा. रमेश चंद्र यादव  सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।

JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 

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JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 
JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 

JAUNPUR NEWS जौनपुर : राजा श्रीकृष्ण दत्त पी.जी. कॉलेज में वित्तीय साक्षरता पर कार्यशाला आयोजित
राजा श्रीकृष्ण दत्त पी.जी. कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में SEBI एवं NISM के सौजन्य से वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता सुश्री निधि सिंह ने प्रतिभागियों को निवेश के महत्व, प्रतिभूति बाजार में निवेश की प्रक्रिया, प्राथमिक एवं द्वितीयक बाजार में निवेश, आईपीओ, म्युचुअल फंड एवं स्टॉक मार्केट में निवेश की कुशलता तथा वित्तीय सेवा उद्योग में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।

JAUNPUR,राज पी.जी कालेज में वित्तीय साक्षरता पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित 


कार्यक्रम के संयोजक डॉ. लाल साहब यादव, विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि समृद्ध बनने के लिए आय अर्जित करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण बचत करना तथा सही प्लेटफॉर्म पर अपने धन का निवेश करना भी है। उन्होंने बताया कि बिना पर्याप्त जानकारी के शेयर मार्केट और म्युचुअल फंड में किया गया निवेश अक्सर नुकसान का कारण बनता है। इसलिए आज के समय में वित्तीय फ्रॉड से बचने तथा बाजार से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए वित्तीय साक्षरता का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों के महत्व को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।


महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज वत्स ने अपने संबोधन में कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में छात्रों के लिए केवल अकादमिक ज्ञान ही नहीं बल्कि वित्तीय जागरूकता और निवेश संबंधी समझ भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य के आर्थिक निर्णयों के प्रति अधिक सजग और आत्मनिर्भर बनाती हैं।डॉ. शैलेश पाठक, असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग ने कहा कि वर्तमान समय में बदलते वित्तीय परिवेश में निवेश के विविध विकल्पों की सही जानकारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को वित्तीय बाजार से जुड़े अवसरों को समझते हुए विवेकपूर्ण निवेश करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का डिजिटल प्रबंधन श्री चंद्रकेतु द्वारा किया गया।कार्यक्रम में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्रबंधक श्री सत्य राम प्रजापति की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के बीच वित्तीय रूप से जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।इस अवसर पर डॉ. रजनीकांत द्विवेदी, डॉ सुधाकर शुक्ला डॉक्टर रविंद्र कुमार यादव डॉक्टर नम्रता श्रीवास्तव डॉक्टर संतोष त्रिपाठी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

डिजिटल युग में महिला सशक्तिकरण

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वर्तमान समय सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का युग है। इंटरनेट, स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने समाज के लगभग प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है। शिक्षा, व्यापार, प्रशासन, स्वास्थ्य और संचार जैसी व्यवस्थाएँ तेजी से डिजिटल माध्यमों पर आधारित होती जा रही हैं। इस परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहलू यह है कि इससे महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। डिजिटल तकनीक ने महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सूचना और अभिव्यक्ति के ऐसे अवसर प्रदान किए हैं, जिनके माध्यम से वे पहले की अपेक्षा अधिक आत्मनिर्भर और सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल अधिकार प्रदान करना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से सक्षम बनाना है ताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में समान भागीदारी कर सकें। भारतीय समाज में लंबे समय तक सामाजिक परंपराओं, आर्थिक सीमाओं और लैंगिक असमानता के कारण महिलाओं की भूमिका सीमित रही। लेकिन डिजिटल क्रांति ने इस स्थिति में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का कार्य किया है।

भारत में इंटरनेट उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार देश में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 90 करोड़ के करीब पहुँच चुकी है। इनमें महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है और लगभग 47 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता महिलाएँ हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल पहुँच का विस्तार हो रहा है और लगभग 48 करोड़ से अधिक ग्रामीण नागरिक इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं। यह परिवर्तन इस बात का संकेत है कि डिजिटल तकनीक अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे ग्रामीण समाज तक भी पहुँच रही है, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए भी नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक ने महिलाओं के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। ऑनलाइन कक्षाएँ, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल पुस्तकालय और वेबिनार के माध्यम से महिलाएँ घर बैठे शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती हैं। विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए यह सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है जो पारिवारिक या सामाजिक कारणों से नियमित शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोविड-19 महामारी के दौरान डिजिटल शिक्षा का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ, जब ऑनलाइन माध्यमों ने शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में भी डिजिटल तकनीक महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। आज अनेक महिलाएँ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपना व्यवसाय स्थापित कर रही हैं। हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, घरेलू खाद्य उत्पाद और पारंपरिक कलाओं से जुड़े कार्यों को महिलाएँ सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँचा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।

भारत में लगभग 90 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनमें करोड़ों महिलाएँ जुड़ी हुई हैं। ये समूह डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स के माध्यम से अपने उत्पादों को बाजार तक पहुँचा रहे हैं। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान प्रणाली जैसे UPI, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल वॉलेट ने महिलाओं को वित्तीय लेन-देन में अधिक स्वतंत्र बनाया है। अब महिलाएँ स्वयं ऑनलाइन भुगतान, बचत और आर्थिक लेन-देन का प्रबंधन कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्वायत्तता मजबूत हुई है।

सामाजिक दृष्टि से भी डिजिटल माध्यमों ने महिलाओं को अपनी आवाज़ रखने का प्रभावी मंच प्रदान किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाएँ अपने विचार, अनुभव और समस्याओं को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकती हैं। इससे महिला अधिकार, लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता उत्पन्न हुई है। डिजिटल माध्यमों ने महिलाओं को संवाद और भागीदारी का नया आयाम दिया है, जिसके माध्यम से वे सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

हालाँकि डिजिटल युग में महिला सशक्तिकरण की इस प्रक्रिया के सामने कई चुनौतियाँ भी मौजूद हैं। सबसे बड़ी चुनौती डिजिटल विभाजन की है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक महिलाओं के पास व्यक्तिगत मोबाइल फोन या इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई मामलों में महिलाएँ परिवार के किसी पुरुष सदस्य के फोन के माध्यम से ही इंटरनेट का उपयोग करती हैं। इसके अतिरिक्त डिजिटल साक्षरता की कमी भी एक महत्वपूर्ण समस्या है, जिसके कारण कई महिलाएँ तकनीकी संसाधनों का पूरा लाभ नहीं उठा पातीं।

साइबर अपराध और ऑनलाइन उत्पीड़न भी महिलाओं की डिजिटल भागीदारी के लिए एक गंभीर चुनौती है। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाएँ महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं। इसलिए डिजिटल सशक्तिकरण के साथ-साथ साइबर सुरक्षा और जागरूकता को भी मजबूत करना आवश्यक है।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक है कि सरकार और समाज मिलकर महिलाओं के बीच डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दें। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएँ लागू की जानी चाहिए। साथ ही महिलाओं को तकनीक के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के बारे में जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है।

निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि डिजिटल युग महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आया है। यदि डिजिटल संसाधनों की समान उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, तो डिजिटल क्रांति महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। एक समावेशी और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि डिजिटल विकास की प्रक्रिया में महिलाओं की समान और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

लेखक: अज़ीम सिद्दीकी
संवाददाता: अमर उजाला (खेतासराय)
ईमेल: azim3027@gmail.com

बाइक की जोरदार टक्कर में तीन घायल, जिला अस्पताल रेफर

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खेतासराय(जौनपुर): रविवार को देर शाम खेतासराय-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित मनेछा के समीप दो बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर में तीन गम्भीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंधी पहुँचा गया। जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार क्षेत्र युनुसपुर निवासी बसंतलाल (64 वर्ष) बाइक से गुरैनी बाजार से घर वापिस लौट रहे थे। इधर जनपद आज़मगढ़ के अम्बारी से किसी दोस्त से मिलकर बाइक से मुन्ना पुत्र छेदीलाल (58 वर्ष) निवासी मैदागिनी, बनारस व प्रमोद पुत्र स्व. राजमन विश्वकर्मा (37 वर्ष) निवासी बनारस अपने घर बनारस जा रहे थे। तभी क्षेत्र के मनेछा में जोरदार टक्कर हो गई। जिसमें तीनों गम्भीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंधी भेजवाया गया। जहाँ चिकित्सकों ने तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हालत गम्भीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

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JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

JAUNPUR NEWS ग्राम गहलाई ‘जौनपुर : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी के जीवन एवं उनके अद्वितीय योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का भव्य एवं भावपूर्ण प्रदर्शन सम्पन्न हुआ। यह आयोजन मदन मोहन तिवारी, कृष्ण मोहन तिवारी, राधे मोहन तिवारी, श्याम मोहन तिवारी, नंद मोहन तिवारी एवं समस्त समस्त तिवारी परिवार, ग्राम गहलाई के सौजन्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म के निर्माता एवं दयाशंकर जी के पनत विशाल दुबे व कुशल दुबे भी उपस्थित रहे। फ़िल्म के निर्देशक धीरेंद्र सिंह व भूपेंद्र सिंह इंद्रोई ने सबका विशेष आभार प्रकट किया।

JAUNPUR NEWS,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित दयाशंकर तिवारी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म का ऐतिहासिक प्रदर्शन

सायं 6:00 बजे प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति के वातावरण के बीच दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म में पं. दयाशंकर तिवारी जी के स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय योगदान, ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनके संघर्ष, कारावास की घटनाएँ, उनके सामाजिक नेतृत्व तथा ग्राम एवं क्षेत्र के उत्थान हेतु किए गए कार्यों को तथ्यात्मक साक्ष्यों, दुर्लभ छायाचित्रों, अभिलेखीय दस्तावेजों एवं वरिष्ठजनों के साक्षात्कारों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फ़िल्म में उनके व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष, राष्ट्रप्रेम, त्याग और आदर्शों को विशेष रूप से उभारा गया, जिससे उपस्थित दर्शक भाव-विभोर हो उठे।

फ़िल्म प्रदर्शन के उपरांत आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को सजीव रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास और मूल्यों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं। युवाओं ने विशेष रूप से इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे प्रेरणादायक बताया। 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पर हुए इस कार्यक्रम में दयाशंकर जी की पत्नी स्व. लालती तिवारी के पंडित जी के जीवन में प्रभाव को विशेष रूप से याद किया गया।

कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सामूहिक सहभागिता एवं सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण देखने को मिला। आयोजन में उपस्थित समस्त वर्गों की सहभागिता ने इसे एक पारिवारिक एवं ऐतिहासिक समारोह का स्वरूप प्रदान किया।

8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन

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8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन
8 माह से मानदेय न मिलने पर मनरेगा कर्मियों का प्रदर्शन, BDO को सौंपा ज्ञापन

खेतासराय (जौनपुर) विकासखण्ड शाहगंज सोंधी में मनरेगा कर्मचारियों का आठ माह से मानदेय लंबित होने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। शनिवार को मनरेगा कर्मचारी महासंघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर तथा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों ने विकासखण्ड परिसर में एकत्र होकर लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों ने अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी निपेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में बीडीओ को संबोधित ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) प्रमोद सिंह को सौंपा और शीघ्र मानदेय भुगतान की मांग उठाई।

इस दौरान निपेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मनरेगा कर्मचारी विभागीय कार्यों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य भी पूरी जिम्मेदारी से निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले आठ माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि होली और दीवाली जैसे प्रमुख त्योहार भी बिना मानदेय के गुजर गए, जिससे कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो मनरेगा कर्मचारी कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस मौके पर रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष निशानाथ, उमाकांत यादव, सुरेश, राम केवल, पिंटू कुमार, राम लवट यादव, शिखा सिंह, साधना यादव, रमेश कुमार, आरती गौतम, संतोष कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।