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समस्याओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष को सौपा ज्ञापन

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समस्याओं को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष को सौपा ज्ञापन

जौनपुर ।जिले की रोडवेज के आसपास की कॉलोनी में तमाम समस्याओं व्याप्त हैं, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य को ज्ञापन सौपा और समाधान के लिए लोगों ने आग्रह किया।

बता दें कि रोडवेज कॉलोनी मैं समस्याओं को लेकर अधिवक्ता ओम प्रकाश यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या को ज्ञापन सौपा और कहा कि कॉलोनी में नाली जेसीबी कार्य के दौरान छात्रिग्रस्त हो गई हैं। जिसमें जल निकासी बाधित हो गई है लोग परेशान हैं जिसका शीघ्र मरम्मत कराया जाए। नालियों के नियमित साफ सफाई कराई जाए। कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट की समस्या है, यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जाए। जिससे रात में आवागमन में कठिनाई न हो और जरूरत के स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था कराई जाए । कॉलोनी में नियमित सफाई जल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। पीने के पानी की समस्या है जिसका होना जरूरी है। इन सब मामलों को लेकर को ज्ञापन दिया और निस्तारण की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस पर शीघ्र निस्तारण थी किया जाएगा।

पशुशाला के ऊपर आई पेड़ की डाल काटना बृद्ध को पड़ा भारी

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JAUNPUR NEW

बृद्ध ने थाने में पुलिस द्वारा बदसलूकी का लगाया आरोप

खुटहन ( जौनपुर)सरपतहा थाने के कम्मरपुर गांव में पशुशाला के ऊपर आई पेड़ की डाल को काटना एक बृद्ध पर भारी पड़ गया। आरोप है कि पहले तो पड़ोसी ने जमकर गालियां दी,बाद में थाने में पुलिस ने भी उसे घंटों बैठाए रखा। यह भी आरोप है कि पुलिस द्वारा भी उसके साथ गली गलौज और बदसलूकी की गई। पीड़ित के पौत्र अमन सिंह ने क्षेत्राधिकारी शाहगंज को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

गांव निवासी अमन सिंह का आरोप है कि पड़ोसी के द्वारा लगाया गया पेड़ विस्तृत रूप में हो गया है। उसकी कई डालें पशुशाला के ऊपर आ गई है। आंधी पानी में टूटकर गिरने का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि उसके दादा 75 वर्षीय रमाशंकर मंगलवार को डाल की एक पतली टहनी काट दिए। जिसको लेकर पड़ोसी ने उन्हें भला बुरा कहकर मौके पर पुलिस बुला लिया। बृद्ध रमाशंकर को पुलिस थाने ले गई। उनका आरोप है कि थाने में पुलिस द्वारा उन्हें जेल भेजने की धमकी के साथ साथ गाली गलौज दिया गया। सीओ ने कहा कि तहरीर मिली है, घटना की जांच कराकर उचित कार्रवाई कराई जायेगी

कश्मीर के हिन्दू राज्य का इतिहास-डॉ दिलीप कुमार सिंह

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कश्मीर के हिन्दू राज्य का इतिहास -डॉ दिलीप कुमार सिंह

कश्मीर दो शब्दों से मिलकर बना है क: +समीर जिसका अर्थ है जल और वायु अर्थात संपूर्ण धरती पर कश्मीर की हवा और पानी सबसे शुद्ध ताजी और स्फूर्ति दायक थी ऐसा इसलिए था कि हिमालय पर्वत पर बर्फ से ढके शिखरों से आने वाला पानी तमाम खनिज पदार्थ और जड़ी बूटियों से मिलकर अमृत के समान स्वास्थ्यवर्धक हो जाता था और वही हाल वहां की हवा का भी रहता था शुभ्र स्वच्छ बर्फ को छूकर बहती हवा केसर जड़ी बूटियों और तमाम औषधियों से संयुक्त होकर अत्यंत सुगंधित ऑक्सीजन से ओतप्रोत हो जाती थी।

इस प्रदेश की स्थापना परम प्रतापी ब्रह्मा के पुत्र कश्यप ब्रह्म ऋषि ने किया था और उन्हीं के नाम पर कैस्पियन सागर का नाम भी पड़ा जिसको पहले कश्यप सागर कहा करते थे और उसकी खोज सर्वप्रथम फौजी स्वभाव वाले कश्यप जी ने ही किया था कश्मीर एक विशाल राज्य था जिसकी सीमाएं वर्तमान में अफगानिस्तान कजाकिस्तान कैलाश मानसरोवर से होती हुई आधे पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैली हुई थी और इसका क्षेत्रफल लगभग 1500000 वर्ग किलोमीटर में था सतयुग त्रेता और द्वापर युग में बड़े-बड़े ब्रह्म ऋषि संत महात्मा और दार्शनिक लोगों की तपस्थली थी और यहां पर अनेकानेक राजसूय यज्ञ हुए भगवान श्री राम के और युधिष्ठिर के छोड़े गए अश्व भी वहां गए जहां पर उस समय के राजाओं से उनका घनघोर युद्ध हुआ था महा योद्धा किरात यहीं के निवासी थे जिनके वेश में अर्जुन से भगवान शिव ने स्वयं घनघोर युद्ध किया था

आज जो कश्मीर भारत में है और जिस कश्मीर की बात हम करते हैं वह धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर नहीं है वह असली कश्मीर का केवल एक चौथाई है असली कश्मीर तो पाकिस्तान आजाद कश्मीर मुजफ्फराबाद में है दुनिया की सबसे सुंदर जड़ी बूटियां सबसे स्वच्छ ताजा पानी और स्वास्थ्यवर्धक फल फूल मिलते हैं और यहां रहने वाले लोग आराम से 100 वर्ष तक जीते हैं 1988 89 में मुझे ईश्वर की कृपा से आजाद कश्मीर एक सप्ताह जाने का मौका प्राप्त हुआ और वहां की असाधारण अद्भुत और कल्पना से परे ‌ का सौंदर्य देखकर हो गया था उसके बाद कश्मीर में भयानक याद पहले और सब कुछ तहस हो गया‌ बचा हुआ कश्मीर तो केवल कहने के लिए है और श्रीनगर तक के भूभाग ही धरती का स्वर्ग कहे जाने योग्य है।

कश्मीर और भारत दोनों के इतिहास की सही और प्रामाणिक जानकारी अत्यंत आवश्यक है।प्राचीन काल में भारत का क्षेत्रफल मुख्य भूभाग का लगभग 25000000 और किलोमीटर था और है आधे अरब प्रायद्वीप पूरे ईरान कैस्पियन सागर से होता हुआ अरब और उससे अलग हुए मुस्लिम गणराज्य और एक तिहाई चीन संपूर्ण तिब्बत को लेते हुए म्यांमार थाईलैंड लाओस वियतनाम सिंगापुर मलेशिया इंडोनेशिया श्रीलंका तक फैला हुआ था इसके अलावा अमेरिका और यूरोप ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका अंटार्कटिका उस समय जंगली राज थे और वहां भी भारत का शासन था धीरे धीरे सम्राट जन्मेजय के बाद भारत की सीमाएं सिकुड़ना आरंभ हुई और अंतिम बार चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय में भारत का राज्य मक्का मदीना और तुर्की तक फैला हुआ था कश्मीर सदैव से भारत का सबसे बड़ा और ‌ सबसे सबसे सुंदर और पवित्र राज्य था।

अखंड कश्मीर से ही उत्तर भारत के सभी प्रमुख नदियां जैसे सिंधु ब्रह्मपुत्र झेलम रवि व्यास सतलज चिनाव ‌ निकलते हैं जो सदैव अपनी से भारी जड़ी बूटियां से युक्त स्वच्छ और ताजी होती है‌ संसार की सबसे ऊंची 20 चोटियों में से 15 तो केवल कश्मीर में ही हैं

पहले का विराट कश्मीर तक फैला हुआ था जिसमें कैलाश मानसरोवर यक्ष गंधर्व और देवता लोक था।यहीं पर ऋषि मुनि तपस्या करते थे और अनंत ब्रह्मांड के रहस्य खोज लेते थे यहीं से सुमेरु का शिखर दिखाई देता था और यही से स्वर्ग का रास्ता जाता था यहां पर सिद्ध योगी तपस्वी रहते हैं जो हजारों लाखों वर्ष के हैं डॉ दिलीप कुमार सिंह

भगवती पार्वती ने यही के हिमवान शिखर पर दक्ष के पुत्री के रूप में जन्म लिया और अपने प्रदेशों के अपमान होने पर खुद को यज्ञ में स्वागत कर दिया और प्रजापति दक्ष का यज्ञ विध्वंस हो गया था।कश्मीर का इतिहास अत्यंत गौरवशाली था लेकिन धीरे-धीरे उसे वामपंथी और कांग्रेसी इतिहासकारों ने विदेशी साजिश के तहत धूल धूल सहित कर दिया और यहां तक कह दिया कि परम पवित्र दिव्य अमरनाथ की गुफा एक मुस्लिम गडरिया खोजी थी जो पूरी तरह झूठी बात है जब पांडव लोग हिमालय पर चढ़ते हुए स्वर्गारोहण किए थे उस समय दिया गुफा विद्यमान थी या ज्ञान विज्ञान कला कौशल धर्म-दर्शन और वेद पुराण स्मृतियों का मुख्य ‌ केंद्र यहीं पर था यहीं पर अर्जुन दिग्विजय करते हुए आए थे और यहां से आगे उत्तरी ध्रुव तक गए थे

कल्हण के राजतरंगिणी से ज्ञात होता है। अशोक के पुत्र जालौक को कश्मीर में हिन्दू सभ्यता के प्रसार का श्रेय है ‌‌। कनिष्क के समय कश्मीर कुण्डल वन के नाम से जाना गया। कश्मीर में कार्कोटवंश उत्पलवंश लोहारवंश के शासकों ने शासन किया। कार्कोट वंश में क्रमशः दुर्लभवर्धन चन्द्रापीड तारापीठ मुक्तापीड । सबसे प्रतापीय ललितादित्य हुआ कश्मीर को सजाने एवं संवारने का कार्य अधिक किया । ‌ उसने कश्मीर की सीमाओं को ईरान उत्तराखंड और तिब्बत तक पहुंचा दिया था और अब देश के आक्रमण का भीषण प्रतिकार किया थाकश्मीर में सूर्य का मार्तण्ड मंदिर उसी के समय में बना । उसके बाद जयपीड शासक हुआ। उत्पलवंश में अवन्तिवर्मन शंकरवर्मन गोपाल वर्मन इसी के समय यश्कर नामक व्यक्ति ने शासन सम्हाला उसके बाद रानी दिद्दा का शासन हुआ जो दुराचारी महिला थी ।

जम्मू और कश्मीर के फल फूल जड़ी बूटियां केसर और शिल्प तथा कला अद्भुत हैं और यहां के निवासी भी गोरे चिट्टे ‌ लंबे कद के होते हैं‌ यहां की झीलों में बिहार करना अपने आप में नंदनकानन और स्वर्ग में बिहार करने जैसा है और बाग बगीचे सुगंधित उद्यान अपने आप में एक प्रतिमान है कला साहित्य त्याग तपस्या हर क्षेत्र में कश्मीर पहले सिरमौर और भारत का मुकुट था लोहार वंश में संग्राम राज अनंत कलश व हर्ष उच्छल सुस्सल भिक्षाक्षर जय सिंह राजतरंगिणी का विवरण जयसिंह के शासन के साथ समाप्त हो जाता है। कश्मीर में 1339 ई में मुस्लिम शासन की स्थापना होती है।

इसके बाद कई कालखंड आए और धीरे-धीरे मुस्लिम जनसंख्या बढ़ती गई और हिंदू अल्पसंख्यक हो गए लेकिन 200 वर्षों के बाद कश्मीर में फिर से सनातनी धर्म का शासन हो गया जो 1947 तक रहा ‌ एक बार फिर से महान सेवा नायक हरि सिंह नलवा ने इसकी सीमाओं को चीन तक फैला दिया था।और महाराजा हरी सिंह के साथ समाप्त हुआ यद्यपि इसके बाद भी वहां पर राजे रजवाड़े बचे हैं ।सम्राट ललितादित्य के बाद से ही यहां पर मुस्लिम घुसपैठ शुरू हुई और आज वहां 99% मुसलमान है। नेहरू के चलते कश्मीर आज पूरी तरह से मुस्लिम राज्य बन चुका है जिसको फिर से कश्मीरी सनातनी लोगों से बसाने का प्रयास जारी है‌ राजनीति कुर्सी और मुस्लिम देशों की‌ खिचड़ी के चलते कश्मीर आज अधर में झूल रहा है‌ देखना है कब इसको अगले ललितादित्य या हरि सिंह नलवा प्राप्त होते हैं

पति-पत्नी के विवाद में नवविवाहिता ने किया कीटनाशक का सेवन,हालत खतरे से बाहर

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खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के झांसेपुर गाँव में मंगलवार सुबह पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक नवविवाहिता द्वारा कीटनाशक पदार्थ का सेवन किए जाने से क्षेत्र में हड़कम्प मच गया। परिजनों की तत्परता से उसे तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झांसेपुर गाँव निवासी राजेश बिन्द के पुत्र अश्वनी बिन्द का विवाह लगभग छह माह पूर्व सुल्तानपुर जनपद के डेंगूरपुर निवासी रोशनी बिन्द के साथ हुआ था। बताया जाता है कि मंगलवार सुबह किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। विवाद से आहत होकर रोशनी ने घर में रखा कीटनाशक पदार्थ सेवन कर लिया।

घटना की जानकारी होते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तत्काल उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, समय रहते उपचार मिलने से उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। घटना की सूचना क्षेत्र में फैलते ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। फिलहाल नवविवाहिता का इलाज जारी है और परिजन उसकी देखभाल में जुटे हुए हैं।

कॉलेज प्रबंधकों ने परीक्षा नियंत्रक को मांगों को लेकर सौपा ज्ञापन

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लघु शोध प्रबंधन का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षको से करने जाने की मांग

  • 40 फीसदी परीक्षकों पर लगाया शोषण करने का आरोप

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों के प्रबंधकों ने सोमवार को परीक्षा नियंत्रक से मिले। विभिन्न मांगों को लेकर परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौपा और लघु शोध प्रबंध का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षकों से कराए जाने की मांग की। इसके अलावा चालीस फीसद परीक्षकों पर शोषण करने का भी आरोप लगाया।

बता दें कि स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ की के अध्यक्ष डॉ दिनेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में प्रबंधकों का समूह पूर्वांचल विश्वविद्यालय कू परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह से मुलाकात की, प्रबंधकों ने अपनी समस्याओं को बताया कहा कि एनईपी के 2020 के अंतर्गत सत्र 2025- 26 स्नातकोत्तर एमए एमएससी एमकॉम की परीक्षा द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों द्वारा तैयार किए गए डिसर्टेशन (लघु शोध प्रबंध) का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षको से ही कराया जाए ,जबकि यह मूल्यांकन बाह्य परीक्षक से कराए जाने के लिए कहा गया है। पिछले वर्ष यह सभी मूल्यांकन आंतरिक परीक्षक से कराया गया था। क्योंकि सम एव विषम सेमेस्टर की प्रयोगात्मक परीक्षा बाह्य परीक्षक से कराया जाता है, जबकि कई अन्य विश्वविद्यालय में केवल विषम सेमेस्टर की परीक्षा बाह्य परीक्षक से तथा सम सेमेस्टर की परीक्षाओं को आन्तरिक परीक्षक से कराया जाता है। दोनों सेमेस्टर की प्रायोगिक परीक्षा बाहय परीक्षक से कराने पर महाविद्यालय में छात्रों को अधिक भार पड़ता है ,कई परीक्षक ऐसे आते हैं जो आर्थिक शोषण भी करते हैं और जो छात्रहित का ध्यान रखते हैं वह ऐसा नहीं करते। इन मामलों को लेकर परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह से गर्म जोशी से बात हुई । उन्होंने इसके बाद परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया की कुलपति से वार्ता के बाद इस पर तत्काल निर्णय लिया जाएगा, जो छात्र हित व विश्वविद्यालय हित में होगा उस पर ध्यान दिया जाएगा। प्रबंधक महासंघ की ओर से कहा गया कि अगर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो महाविद्यालय प्रायोगिक परीक्षा नहीं करायेगे, इसकी शिकायत उन्होंने सरकार से करने के लिए बाध्य होंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन करेंगे।

इस अवसर पर डॉ ज्ञान प्रकाश पाठक, कमलेश यादव भानु ,अमित पांडेय ,पिंटू चौबे, प्रदीप पांडेय ,राम दरस यादव, दिनेश यादव, प्रभाकर तिवारी, अभिनव यादव ,रत्नेश तिवारी ,कमलेश यादव ,राजकुमार मौर्य, सुधीर यादव, जयप्रकाश सिंह शिव कुमार, अमित सिंह, बहादुर मुन्नेलाल यादव मौजूद रहे।

बांस-बल्ली के सहारे दौड़ रही बिजली, हर पल अनहोनी का खतरा

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वार्ड नंबर-3 में स्थायी विद्युत पोल न होने से लोग परेशान

  • विभागीय लापरवाही पर फूटा आक्रोश, कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

खेतासराय (जौनपुर): नगर पंचायत खेतासराय के वार्ड नं. 3 पोस्ट ऑफिस मोहल्ला में स्थित आबादी क्षेत्र के लोगों की परेशानी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। राज गौरव आईटीआई के समीप मकान बनाकर रह रहे दर्जनों परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सबसे गम्भीर समस्या बिजली आपूर्ति की है। जहाँ स्थायी विद्युत पोल न लगने के कारण बांस-बल्ली के सहारे तार खींचकर बिजली पहुँचाई जा रही है। यह व्यवस्था न केवल विभागीय लापरवाही की कहानी बयां कर रही है, बल्कि किसी बड़े हादसे को भी दावत दे रही है।

बांस-बल्ली के सहारे दौड़ रही बिजली, हर पल अनहोनी का खतरा

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात और तेज हवाओं के दौरान बांस-बल्ली के सहारे टंगे बिजली के तार झूलने लगते हैं। जिससे करंट फैलने और जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। मोहल्ले के लोग हर वक्त खौफ, बेचैनी और फ़िक्र के साये में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

मोहल्ले के निवासी ज्ञानचंद गुप्ता, रोहित प्रजापति, चमेला देवी, उर्मिला देवी, रिंकू यादव, राम नवल, राजेश बिन्द, तारा देवी और रामसिंगार यादव ने बताया कि वर्षों से यहां स्थायी विद्युत पोल लगाने की माँग की जा रही है। इसके बावजूद विभाग की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की बेपरवाही और ग़फ़लत के कारण आबादी क्षेत्र के सैकड़ों लोग जोखिम भरे माहौल में रहने को विवश हैं।

नामित सभासद सोनू बिन्द ने कहा कि यदि किसी दिन बांस-बल्ली टूट गई या तार नीचे गिर गए तो बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में लगातार दहशत और बेचैनी बनी हुई है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही स्थायी पोल लगाकर सुरक्षित बिजली व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से माँग की है कि मामले को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल स्थायी विद्युत पोल स्थापित कर सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसी संभावित अनहोनी, हादसे या जानलेवा दुर्घटना से पहले समस्या का समाधान हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के दावों के बीच आबादी क्षेत्र में बांस-बल्ली के सहारे दौड़ती बिजली व्यवस्था सरकारी तंत्र की उदासीनता का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी लोगों की फ़रियाद सुनते हैं या फिर किसी बड़े हादसे के बाद जागते हैं।

अमृत सरोवर पर 150 पौधों का रोपण

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खुटहन (जौनपुर) नगवां गांव में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण और हरित अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमृत सरोवर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम प्रधान ऊषा देवी के पति रामकुमार उपाध्याय के नेतृत्व में 150 पौधों का रोपण किया गया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से प्रत्येक वर्ष पौधे लगाने तथा उन्हें संरक्षित करने का आह्वान किया। बृक्षारोपण में दयाराम, गणेश यादव, दुर्गेश,भोलू गुप्ता, मुकेश आदि युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थितो ने पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया

शांति भंग की आशंका में पांच गिरफ्तार, न्यायालय भेजे गए

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खेतासराय (जौनपुर): थाना खेतासराय पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने सभी आरोपितों के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा के तहत कार्रवाई की है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र के सुम्बुलपुर में जमीन एवं बंटवारे के विवाद को लेकर शांति भंग की आशंका के चलते बदरूद्दीन अहमद, मोहम्मद अकरम अहमद तथा शकील अहमद निवासी सुम्बुलपुर को गिरफ्तार किया गया। वहीं कस्बा खेतासराय क्षेत्र में उत्पात मचाने के मामले में शुभम कुमार पुत्र रामअचल एवं अभिषेक कुमार पुत्र रामबुझारत निवासी गड़ैया, थाना सरायख्वाजा को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक गुलाबचन्द्र, उपनिरीक्षक संजय पांडेय, उपनिरीक्षक अनिल कुमार पाठक तथा कांस्टेबल प्रदीप कुमार शामिल रहे।

डीएम ने पर्यटन स्थल गुजर ताल का किया निरीक्षण, टिकट व्यवस्था लागू करने के दिए निर्देश

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खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के खुदौली स्थित वन प्रक्षेत्र के अंतर्गत विकसित किए जा रहे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुजर ताल का शनिवार दोपहर जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पर्यटन स्थल के विकास कार्यों, सौंदर्यीकरण योजनाओं तथा पर्यटकों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं विभागीय अमले के साथ गुजर ताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने लगभग 989 बीघा क्षेत्रफल में फैले विशाल तालाब का निरीक्षण किया। पर्यटन स्थल घोषित होने के उपरांत यहाँ चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन करते हुए उन्होंने कार्यों को और अधिक गति देने पर जोर दिया।

करीब आधे घण्टे तक चले निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों में हलचल और व्यस्तता का माहौल बना रहा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुजर ताल के विस्तारीकरण का एक समुचित प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में इस स्थल को और अधिक आकर्षक तथा सुविधासंपन्न पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने ताल के किनारों पर पिचिंग स्टोन लगाए जाने, पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक सौंदर्य में वृद्धि के लिए छायादार वृक्षों का व्यापक स्तर पर रोपण कराने तथा पर्यटकों की सुविधा से संबंधित अन्य आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कहा कि गुजर ताल में पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए टिकट व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि उससे प्राप्त होने वाली आय को पर्यटन स्थल के रख-रखाव, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किया जा सके। उन्होंने कहा कि बेहतर प्रबंधन और नियमित मेंटेनेंस से यह स्थल जनपद का एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण बन सकता है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रमिला, जिला विकास अधिकारी (डीडीओ), उपजिलाधिकारी कुणाल गौरव, मीनाक्षी, वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार, वन दरोगा अनुज यादव सहित वन विभाग एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ माँ के नाम मुहिम के तहत पौधरोपण

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खेतासराय(जौनपुर): विकास खण्ड शाहगंज (सोंधी) में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम मुहिम के तहत व्यापक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर हजारों पौधे रोपे गए।

सोंधी ब्लॉक परिसर में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार की अध्यक्षता में खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) पीयूष त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर अभियान का आगाज़ किया। इस मौके पर उजागिर यादव, अन्ना हजारे, शेखर यादव, उमाशंकर प्रजापति, महेंद्र राघव सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

वहीं, वन विभाग शाहगंज रेंज द्वारा पर्यावरण संतुलन और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेंजर राकेश कुमार की क़यादत में मजडीहाँ गांव में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। यहाँ 7,500 पौधों के लक्ष्य के तहत एक पेड़ माँ के नाम अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में वन दरोगा ईश्वरचंद्र, अनुज यादव, गोरख प्रसाद, दुर्गेश यादव समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अलावा अब्बोपुर गाँव में पंचायत सचिव संजय यादव के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया। इस दौरान विजय गौड़, मो. फैसल, कमलाकांत मौर्य तथा प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोकी नाथ सहित अन्य लोगों ने भागीदारी निभाई।

पोरईकला गाँव के पंचायत भवन परिसर तथा पाराकमाल गाँव के कब्रिस्तान में पंचायत सचिव विनोद यादव के नेतृत्व में पौधे लगाए गए। वहीं पोरई खुर्द गाँव में मंदिर परिसर में पंचायत सचिव संजय यादव एवं ग्राम प्रधान कृपाशंकर राजभर की मौजूदगी में पौधरोपण किया गया।

एडीओ पंचायत दीपक यादव ने बताया कि विकास खण्ड सोंधी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 30 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे लगभग पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।