खेतासराय(जौनपुर): खेतासराय-शाहगंज मुख्य मार्ग पर स्थित गोरारी के पास बुधवार को ट्रेलर की चपेट में आने से एक फेरी व्यवसायी गम्भीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तत्काल उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुँचाया गया। जहाँ चिकित्सकों ने हालत गम्भीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार शेरजुरहमान (45 वर्ष) पुत्र इस्लामुद्दीन, निवासी सीतापुर जनपद, खेतासराय क्षेत्र में रहकर फेरी लगाकर कपड़े बेचने का कार्य करते हैं। बताया जाता है कि वह रोज की तरह फेरी का काम समाप्त कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान गोरारी के समीप एक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह गम्भीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और घायल को तत्काल अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
नवागत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जौनपुर समीर का पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने संगठनों के साथ मिलकर पुष्प कुछ देकर स्वागत किए। हम आपके मार्गदर्शन में काम करने बेहद उत्साहित हैं। अनुभव और नेतृत्व से हमारी टीम को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ अतुल प्रकाश यादव ने कहा कि नवागत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आपके नेतृत्व में काम करने और कुछ नया सीखने को मिलेगा। हमारे संगठन सब उत्सुक हैं। आपकी ऊर्जा और विचारों से हमारी टीम और भी मजबूत होगी।
जिलाध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि जनपद जौनपुर सिराज ए हिंद की धरती है शिक्षा का माहौल उच्च स्तर का रहता है। हमें पूरा विश्वास है कि आपका मार्गदर्शन और दृष्टिकोण हमारी टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नवागत बी एस ए ने कहा कि सामंजस्य बनाकर शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाया जाएगा। इस अवसर पर जिला महामंत्री शिवकुमार सरोज,मंडलीय मंत्री कुंवर यशवंत सिंह,जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद कुमार यादव,बक्सा ब्लॉक इकाई अध्यक्ष जय सिंह यादव आदि उपस्थित रहे
कलकत्ता से माँ का शव लेकर अंबेडकरनगर जा रही एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त
खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के भुड़कुड़हाँ मोड़ के पास बुधवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में शव लेकर जा रही एम्बुलेंस और स्कॉर्पियो की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों वाहनों में सवार करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अंबेडकरनगर जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत करमपुर गाँव निवासी राकेश सिंह अपनी माँ कौसल्ल्या सिंह का शव पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पैतृक गाँव लाकर अंतिम संस्कार करने के लिए एम्बुलेंस से जा रहे थे। एम्बुलेंस में उनके पिता शिवमूर्ति सिंह सहित अन्य लोग भी सवार थे। इसी दौरान भुड़कुड़हाँ मोड़ के समीप सामने से आ रही एक स्कॉर्पियो से एम्बुलेंस की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। स्कॉर्पियो में सवार बेचनराम सरोज (65 वर्ष) तथा चालक गिरधारी यादव (40 वर्ष) निवासी उदयकरणपुर, थाना औराई, जनपद भदोही अयोध्या से दवा लेकर अपने घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर काफी तेज थी। दुर्घटना के बाद दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि स्कॉर्पियो का एयरबैग समय पर खुल जाने के कारण उसमें सवार लोगों की जान बच गई और उन्हें अपेक्षाकृत कम चोटें आईं। हादसे में एम्बुलेंस सवार राकेश सिंह (45 वर्ष), शिवमूर्ति सिंह (67 वर्ष) निवासी करमपुर, थाना कोतवाली, जनपद अंबेडकरनगर, एम्बुलेंस चालक रंजीत बनर्जी तथा परिचालक सुदीप निवासी वर्धमान, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया। जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई। साथ ही घायलों के परिजनों को घटना की सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। दुर्घटना के कारण कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस की तत्परता से स्थिति जल्द सामान्य हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि भुड़कुड़हाँ मोड़ पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। मोड़ पर पर्याप्त संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण अक्सर हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस स्थान पर यातायात सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की माँग की है।
फर्जी सोशल ऑडिट की आड़ में उगाही का खेल बेनकाब, गाँव-गाँव घूमकर प्रधानों से ऐंठे रुपये
जौनपुर: शाहगंज-सोंधी विकास खंड में फर्जी सोशल ऑडिट के नाम पर की जा रही धनउगाही का एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। कार सवार तीन युवकों ने खुद को विभागीय ऑडिटर और अधिकारी बताकर ग्राम पंचायतों में दस्तक दी और विकास कार्यों की फाइलों में कथित खामियाँ निकालकर ग्राम प्रधानों को कार्रवाई का खौफ दिखाते हुए रुपये वसूले। मामला उजागर होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और कथित ऑडिटर मौके से फरार हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, इन युवकों के पास उन ग्राम पंचायतों की सूची थी जिनका सोशल ऑडिट शेष बताया जा रहा था। उन्होंने पंचायतों में पहुँचकर अभिलेख, वाउचर और भुगतान रजिस्टर की तहकीकात शुरू की और अनियमितताओं का हवाला देकर प्रधानों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि ग्राम पंचायत भरोठा में प्रधान अमरदेव गौतम से 25 हजार रुपये की माँग की गई, बाद में 10 हजार रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की गई। वहीं वसीरपुर में भी प्रधान से दो हजार रुपये वसूलने का आरोप है।
मामले की हकीकत तब सामने आई जब अब्बोपुर गाँव में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को युवकों की गतिविधियों पर शुब्हा हुआ। लोगों ने उनकी पहचान और नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि जिले से किसी भी प्रकार के सोशल ऑडिट का कोई नया आदेश जारी ही नहीं हुआ है। सख्त पूछताछ में कथित ऑडिटर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। खुद को घिरता देख तीनों युवक मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में बेचैनी और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रधानों का कहना है कि यह कोई साधारण घटना नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा उगाही का गिरोह हो सकता है, जो सरकारी जांच के नाम पर ग्रामीण प्रतिनिधियों को निशाना बना रहा था। इस मामले में खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) पीयूष त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सोशल ऑडिट के लिए जिले से कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि धनउगाही की शिकायत मिली है तो पूरे मामले की गहन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के चिरैयाडीह गाँव में फर्जी ऑडिटर बनकर धनउगाही करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार ग्राम प्रधान अमरदेव की तहरीर पर अंकित, वीरू और नवनीत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तहरीर के अनुसार एक युवक ने फोन कर स्वयं को विकास भवन का ऑडिटर बताया और अगले दिन घर पहुँचकर धन वसूलने का प्रयास किया। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के तार खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं यह गिरोह अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी तरह लोगों को अपना शिकार तो नहीं बना रहा था। सरकारी जाँच का नाम लेकर गरीब ग्रामीण व्यवस्था को ठगने वालों पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। क्षेत्र की जनता की निगाहें अब पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
जौनपुर-जिले के नगर पंचायत कजगांव का एक वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियों लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियों में साफ देखा जा रहा है कि उक्त नगर पंचायत में किस प्रकार से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। नगर पंचायत के द्वारा लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए नगर पंचायत में जगह-जगह आरों लगवाया गया है। जब आरों का बाहरी हिस्सा पूरी तरह से सड़ कर खराब हो गया है। तब इस भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा उसके ऊपर बैनर लगवाया जा रहा है ताकि आरों का जो बाहरी हिस्सा पूरी तरह से खराब हो गया है उसको ढका जा सके। नगर पंचायत के इस कारनामें का वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। नगर वासियों ने कहा कि जहां सरकार एक तरफ भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करने की बात करती है तो वहीं उक्त नगर पंचायत में खुलेआम नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के द्वारा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। एक कहावत है कि शासन-प्रशासन डाल-डाल तो नगर पंचायत कजगांव पात-पात यहां यह बात पूरी तरह से सत्य साबित होता है। लोगों ने बताया कि यह नगर पंचायत कजगांव जनपद का एक ऐसा नगर पंचायत है जो हमेशा अपने करनामों के चलते चर्चा में बना रहता है। जब इस वीडियों के बारे में नगरवासियों से बातचीत किया गया तो नगरवासियों ने बताया की नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी के द्वारा नगर पंचायत में खुलेआम मनमानी ढंग से सभी कार्य कराये जाते हैं। उक्त नगर पंचायत के सभासद पति सूरज कन्नौजिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया की यह आरों वाटर लगभग दो वर्ष पूर्व लगवाया गया है। जिसमें पहले से ही भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार नगर पंचायत द्वारा किया गया था। आज जब आरों का बाहरी हिस्सा सड़कर खराब हो गया है तो उस भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष के द्वारा उस पर बैनर लगवाया जा रहा है ताकि देखने वाले लोगों को ऐसा प्रतीत हो कि आरों पूरी तरह ठीक है। इसी क्रम में सभासद अरविन्द प्रजापति ने वायरल वीडियों पर कहां कि इस नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के सिवा और कुछ भी नहीं है। यहां शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।
महादेव धाम में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों के 16वें दिन, सोमवार को श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।
वैदिक मंत्रोच्चार और सामूहिक महामंत्र जाप
सुबह के सत्र में मुख्य आचार्य पंडित अभिषेक मिश्र के कुशल मार्गदर्शन में वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना का शुभारंभ हुआ। इस दौरान अरविंद सिंह, हिमांशु उपाध्याय, शिवानी सिंह, तृप्ति उपाध्याय और शिवानी शुक्ल ने पवित्र महामंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का सामूहिक जाप किया। इसके साथ ही सुशील कुमार उपाध्याय, रमाशंकर उपाध्याय, प्रभाकर शुक्ल, लक्ष्मी उपाध्याय, अमरनाथ शुक्ल, लालजी शुक्ल, सदानंद शुक्ल, लालप्रताप सिंह, दीनानाथ, विकास, संतोष, श्याम सुंदर और संजय प्रजापति, डब्बू प्रजापति सहित सैकड़ों महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महादेव को जल और प्रिय बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
राम-केवट संवाद और भजनों की प्रस्तुति से भक्तिमय हुआ माहौल
पुरुषोत्तम मास के सोलहवें दिन श्री रामचरितमानस के मास परायण पाठ में अयोध्याकाण्ड के अंतर्गत 15वें विश्राम के आगे और 16वें विश्राम तक की पावन कथा का रसपान कराया गया। मुख्य कथा वाचक पंडित श्रेय मिश्र और उनके सहयोगियों—कैलाश नाथ शुक्ल, हीरामणी उपाध्याय, रामसागर शुक्ल व अरविंद शुक्ल ने वनगमन के अत्यंत मार्मिक प्रसंग का संगीतमय वर्णन किया।कथा व्यास ने प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के गंगा तट पर पहुँचने और केवट के अनन्य प्रेम का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान कथा वाचक पंडित श्रेय मिश्र ने केवट के निश्छल भाव और मनुहार को अपने मधुर कंठ से भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने मानस की चौपाइयों के साथ-साथ यह मार्मिक गीत गाया:
माँगी नाव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरम मैं जाना। चरन कमल रज कहुं सबु कहई, मानुष करनि मूरि कछु अहई॥
इसके तुरंत बाद कथा वाचक ने केवट और प्रभु राम के बीच के प्रेम को दर्शाते हुए एक और भावपूर्ण भजन प्रस्तुत किया, जिसने पंडाल में उपस्थित हर भक्त को मंत्रमुग्ध कर दिया: “पद पखारन दे ओ मोरे राम, नाव में बैठाए लूंगा। सुना है तेरी धूल में जादू, नैया नारी बन जाएगी,गरीब की रोटी छिन जाएगी, पहले चरण धुलाए लूंगा…”
गीत और कथा के इस अद्भुत संगम को सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। केवट द्वारा प्रभु के चरण पखारने और गंगा पार कराने के इस मर्मस्पर्शी प्रसंग ने सभी भक्तों की आँखें नम कर दीं।
भव्य रुद्राभिषेक और महाआरती
विशेष अनुष्ठान के अंतर्गत क्षेत्र के प्रतिष्ठित श्रद्धालु अशोक शुक्ल ने अपनी धर्मपत्नी सहित मुख्य यजमान के रूप में बैठकर देवाधिदेव महादेव का दुग्धाभिषेक और भव्य रुद्राभिषेक संपन्न किया। संध्याकाल में भगवान मृत्युंजय की दिव्य महाआरती उतारी गई, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने सहभागिता की। आरती के उपरांत उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच भव्य रूप से प्रसाद का वितरण किया गया।
यूनियन ने संगोष्ठी कर याद किया ‘उदन्त मार्तण्ड’ का सफर
जौनपुर। देश में हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और समसामयिक चुनौतियों पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के तत्वाधान में जिला कैंप कार्यालय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के इस विशेष अवसर पर उपस्थित पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने देश के पहले हिन्दी पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन के ऐतिहासिक 200 वर्ष पूरे होने पर विस्तृत चर्चा की।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र ने कहा कि आज का दिन हर हिन्दी पत्रकार के लिए आत्ममंथन का दिन है। पंडित युगल किशोर शुक्ल ने जिस निष्पक्षता और जीवटता के साथ ‘उदन्त मार्तण्ड’ की नींव रखी थी, आज के डिजिटल युग में भी उस पत्रकारीय मूल्य और विश्वसनीयता को बचाए रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष व संपादक आदर्श कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आन्दोलन से लेकर आज तक समाज को दिशा देने का काम किया है। 200 वर्षों का यह सफर इस बात का गवाह है कि हिन्दी जन-जन की भाषा है और इसकी पत्रकारिता सीधे आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई लड़ती है।
इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार व यूनियन के कोषाध्यक्ष यशवन्त कुमार गुप्त ने भी अपने वक्तव्य में बदलते दौर में पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक भले बदल गई हो, लेकिन पत्रकारिता का मूल सिद्धांत ‘सत्य और जनसरोकार’ आज भी वही है। संगोष्ठी में लाल बहादुर यादव, सीएम पाण्डेय, जुबेर अहमद और ऋतिक अरोरा ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि युवा पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए और खबरों की सत्यता जांचने के बाद ही उसे समाज के सामने लाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पत्रकारों मे प्रेम प्रकाश मिश्र,दीपक चिटकारिया,प्रमोद कुमार पाण्डेय, रमाशंकर पाठक,ओमप्रकाश यादव,मोहर्रम अली,राजेश कुमार गुप्त,मनीष कुमार गुप्त,सचिन श्रीवास्तव, दयालु अस्थाना,नरेन्द्र कुमार गिरी,देवेश कुमार मिश्र,गंगा प्रसाद चौबे,अमरेश कुमार पाण्डेय,विजय प्रताप सिंह, चन्द्र मणि पाण्डेय सहित अनेक पत्रकार शामिल होकर पत्रकारिता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन महामन्त्री सन्तोष सोन्थालिया ने किया।
जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता दिवस पर संपादक पंडित जुगल किशोर शुक्ल की स्मृति में विचार व्यक्त करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि आज पत्रकारों के लिए आत्मावलोचन और स्व मूल्यांकन की आवश्यकता है पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक तो हो,किंतु तख्तपरकता भी आवश्य है। आपने कहा कि पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण और कार्यशाला की बहुत आवश्यकता है। मंत्री जी हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष पूर्ण होने पर न्यूज़ पोर्टल तीसरी आंख द्वारा चंद्रा सिटी मोंटेसरी स्कूल जौनपुर के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि चेयरमैन जिला सहकारी बैंक कुंवर वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने जुगल किशोर शुक्ल के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाने के लिए संयोजक के प्रति भी आभार व्यक्त किया। अपने समस्त पत्रकारों को भी इसके लिए साधुवाद दिया।
इस संगोष्ठी में उमानाथ विधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ० आशुतोष मिश्रा, जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ० अरुण कुमार मिश्रा, डॉ० सीमा सिंह, डॉ० मनोज वत्स, सभा नारायण चतुर्वेदी एडवोकेट, ने भी अपना विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार अनिल कुमार पांडे ने की।
इस कार्यक्रम का संचालन व संयोजन वरिष्ठ पत्रकार श्याम नारायण पांडे ने किया। स्वागत भाषण डॉक्टर बृजेश यदुवंशी एवं आभार प्रदर्शन कार्यक्रम संयोजक विवेक श्रीवास्तव एडवोकेट (संजय) ने किया।
कार्यक्रम में जिले के तमाम वरिष्ठ पत्रकार जिसमें कैलाश नाथ मिश्र, सुधाकर शुक्ला, दीपक मिश्रा, रविन्द मिश्रा, अजय पांडे, मयाराम यादव, रवि कान्त, कलेक्ट्रेट कर्मचारी नेता शिवमोहन श्रीवास्तव (नवाब), शिक्षा जगत के डॉ अशोक कुमार मिश्रा (प्रधानाचार्य) भी उपस्थित रहे।
दूल्हा हत्याकांड के मामले में नहीं मिला न्याय तो करेंगे धरना प्रदर्शन - राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह
जौनपुर : अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश का खोखला नारा देने वाली प्रदेश सरकार और अपनी जिम्मेदारी से दूर रहने वाले उसके प्रतिनिधि पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं. ज्ञात हो कि लगभग एक महीने पहले 1 मई को सरायख्वजा थाना क्षेत्र के बड़ौर गांव निवासी आजाद बिंद की दिनदहाड़े उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वो अपनी शादी के लिए दूल्हा बनकर बारात लेकर दुल्हन के घर खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर में जा रहे थे
इस जघन्य हत्याकांड से केवल जौनपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में हलचल मच गई थी जौनपुर के इस बहु चर्चित दूल्हा हत्याकांड के दो दो आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस की पकड़ से दूर है। फरार अभियुक्त भोला राजभर, प्रदीप बिंद पर ADG वाराणसी जोन द्वारा एक एक लाख का इनाम घोषित किया जा चुका है। अब इस मामले में सामाजिक राजनीतिक दलों के लोगों ने पुलिस प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है, समाज विकास क्रांति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा जौनपुर के पूर्व प्रत्याशी अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस चाह ले तो सभी आरोपी को पकड़ सकती है लेकिन पुलिस उन्हें बचा रही है, यह कितना शर्मनाक है कि आरोपियों की सत्ता पक्ष के लोगों के साथ तस्वीरें वायरल हो रही है और यही वजह है कि पुलिस उन्हें पकड़ नहीं रही। अगर पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ती है तो समाज विकास क्रांति पार्टी सड़क पर उतरेगी धरना प्रदर्शन करेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियो और सरकार की नाकामी का यही एक कांड नहीं है बल्कि आरोपी भोले राजभर बीजेपी का पदाधिकारी भी है इसलिए उसको सं सांसद का भी वरदहस्त भी प्राप्त है वरना एक आरोपी रवि यादव का एनकाउंटर हो सकता है तो इतना चर्चित आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे क्यों नहीं चढ़ा .इसी तरह बिंद नामक एक आरोपी को भी राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है
दूसरी तरफ सांसद और विधायक द्वारा जनहित के कामों को अनदेखी भी की जा रही जा रही है. जौनपुर से इलाहाबाद रोड पर निर्माणाधीन पुल का काम भी बंद पड़ा है जिससे लोगों को यातायात की भारी दिक्कत आ रही है .यही नहीं जौनपुर से बनारस रोड पर भी इसी तरह की लापरवाही के चलते लोग परेशान हैं. इसी तरह एक बहुत प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जमींदार सिंह के प्रपौत्र डॉ विक्रम सिंह जैसे सम्मानित व्यक्ति को किसी संबंध में पुलिस थाने जाने पर उन्हें कई घंटे तक बिठा कर अवहेलना की जाती है . यदि देश के लिए अपने को शहीद कर देने वाले एक स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के साथ इस तरह की उपेक्षापूर्ण व्यवहार होता है तो आम जनता को पुलिस थाने से कितना सहयोग मिल सकेगा . यह सोचने की बात है .जनहित कार्यों और लोगों की इस तरह की उपेक्षा के चलते 2027 में भारतीय जनता पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
कभी गाँवों की पहचान था कैथा, अब दुर्लभ होता जा रहा है
खेतासराय(जौनपुर): ग्रामीण भारत की जैविक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाने वाला कैथा (वुड एप्पल) का पेड़ आज धीरे-धीरे विलुप्ति की ओर बढ़ रहा है। एक समय था जब गाँवों, खेतों की मेड़ों, बाग-बगीचों और विद्यालयों के आस-पास कैथा के पेड़ सहज ही दिखाई देते थे, लेकिन बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और पारंपरिक वृक्षों के प्रति घटती रुचि के कारण अब इसकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।
कैथा का वैज्ञानिक नाम लिमोनिया एसिडीसीमा है। इसे अंग्रेजी में वुड एप्पल कहा जाता है। संस्कृत में यह कपित्थ तथा हिंदी में कठबेल या कैथा के नाम से प्रसिद्ध है। यह रुटेसी कुल का पौधा है। इसके पुराने वैज्ञानिक नाम फेरोनिया लोमोनिया तथा फेरोनिया एलफंटूम भी प्रचलित रहे हैं। आज भी अधिकांश लोगों की स्मृतियों में कैथा का विशेष स्थान है। स्कूलों के बाहर लगने वाले पाचक और चाट के ठेलों पर कैथा का उपयोग आज भी कहीं-कहीं देखने को मिल जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कैथा केवल स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि पोषण और औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसके फल में विभिन्न प्रकार के खनिज, विटामिन तथा पाचन में सहायक तत्व पाए जाते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में कपित्थ (कैथा) का उल्लेख अनेक रोगों में उपयोगी फल के रूप में मिलता है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे पाचन तंत्र को मजबूत करने, भूख बढ़ाने तथा पेट संबंधी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से कैथा का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी, विशेषकर मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी के उपचार के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया का उपचार प्रमाणित चिकित्सा पद्धति और चिकित्सक की सलाह से ही किया जाना चाहिए।
कैथा का अचार भारतीय ग्रामीण खान-पान की एक अनूठी विरासत माना जाता है। इसका खट्टा-तीखा स्वाद भोजन का आनंद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी सहायक माना जाता है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किया जाने वाला कैथा का अचार आज भी कई घरों में विशेष पसंद किया जाता है। खेतासराय क्षेत्र के गोरारी ख़लीलपुर निवासी पूर्व प्रधान आनंद बरनवाल बताते है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी परंपरागत विधि के अनुसार कैथा के गूदे को काटकर धूप में सुखाया जाता है और फिर सरसों, मेथी, सौंफ, हींग, लाल मिर्च तथा अन्य मसालों के साथ सरसों के तेल में मिलाकर अचार तैयार किया जाता है। उचित देखभाल के साथ यह अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। लेकिन विडंबना है कि यह पेड़ अब विलुप्त होने के कगार पर पहुँच चुका है। जिसका संरक्षण और संवर्धन बेहद जरूरी है।
कैथा का पेड़ केवल फल देने वाला वृक्ष नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सूखा सहन करने की क्षमता रखता है तथा कम पानी वाले क्षेत्रों में भी आसानी से विकसित हो जाता है। इसकी जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करती हैं और यह स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध बनाता है। वनस्पति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस वृक्ष के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे केवल पुस्तकों और चित्रों में ही देख पाएंगी।
पर्यावरण प्रेमियों और कृषि विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने खेतों, बगीचों, विद्यालय परिसरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कैथा के पौधे लगाएँ। इसके संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा स्थानीय स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक भारतीय वृक्षों का संरक्षण केवल पर्यावरण की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए भी आवश्यक है।
कैथा का पेड़ भारतीय ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और आयुर्वेदिक ज्ञान का जीवंत प्रतीक है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर इसके संरक्षण का संकल्प लें, तो यह अमूल्य प्राकृतिक धरोहर फिर से हमारे गाँवों और शहरों की पहचान बन सकती है। एक पेड़ कैथा का लगाइए, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की इस अनमोल विरासत को बचाइए।