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जौनपुर कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण की बैठक सकुशल संपन्न

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जौनपुर कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण की बैठक सकुशल संपन्न

जौनपुर 10 जनवरी: मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की समस्याओं मांगों तथा कार्मिकों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित हुई ।
             

बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा कर्मचारियों के विभिन्न विभागीय समस्याओं मूलतः समय से वेतन, बोनस, वेतन वृद्धि, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, स्थायीकरण, एसीपी, पदोन्नति, यात्राभत्ता, निलंबन, स्थानांतरण एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पावने (देय भुगतान) का समय से न मिलना आदि विभिन्न समस्याओं के सन्दर्भ में अवगत कराया गया जिसपर जिलाधिकारी ने समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विभागों से लम्बित समास्याओं को तत्काल निस्तारित किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि अपने कार्यरत कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। सभी विभागाध्यक्ष को सचेत किया कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न न होने पाये, पेंशनर्स की समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना जाए तथा इसका निस्तारण भी समय से किया जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी कार्मिक संगठनों से जनपद में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में अपना शत-प्रतिशत योगदान देते हुए जनपद को शीर्ष स्थान पर लाने की अपील भी की।  


इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) अरविन्द्र वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्दन सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी उमाकान्त सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष पदाधिकारीगण, जिला स्तरीय अधिकारीगण आहरण वितरण अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप सिंह समेत,सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारीगण सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए

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जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए
जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए

जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए

JAUNPUR NEWS: जौनपुर :चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी द्वारा धारा 27 एवं धारा 52 में लक्षित ग्रामों की प्रगति निर्धारित कार्य योजना के साथ सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया तथा पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न चकबंदी न्यायालयों में विचाराधीन वादों में से पुराने वादों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 रामअक्षयवर चौहान, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी,चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन

IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 

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IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 
IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 

IPC[आईपीसी] का क्या मतलब होता है,What is INDIAN PENAL CODE?

[IPC ] INDIAN PENAL CODE भारतीय दंड संहिता आईपीसी भारत का आपराधिक कानून है (इसमें कुल 511 धाराएं है जिसको 23 अध्याय में बांटा गया है

भारतीय दंड संहिता को संक्षेप में IPC (Indian Penal Code) कहते है,जो भारतीय कानूनी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक ऐसी कानूनी धारा है जो अपराधों और उनके लिए दंड का निर्धारण करती है।भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य समाज में न्याय, समानता और शांति बनाए रखना है।

आईपीसी कब लागू हुआ था ?

यह संहिता ब्रिटिश शासन के दौरान 1860 में बनाई गई थी, और तब से इसे कई बार संशोधित किया गया है,लेकिन इसका मूल ढांचा आज भी वही है।

भारतीय दंड संहिता के इतिहास की बात करे तो भारतीय दंड संहिता की शुरुआत अंग्रेजी साम्राज्य के दौरान हुई थी। इसका मुख्य रूप से भारतीय न्यायिक प्रणाली को एक सूत्र में बांधने और उसे व्यवस्थित करने के लिए तैयार किया गया था। इसे लार्ड मेकाले (Lord Macaulay) के नेतृत्व में 1830 में तैयार किया गया था और 1860 में इसे कानून के रूप में पारित किया गया। यह संहिता भारतीय समाज की विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी।

आईपीसी का नया नाम क्या है? क्या आप जानते है पिछले वर्ष संसद द्वारा पारित होने के बाद से आईपीसी IPC] की जगह भारतीय न्याय संहिता BNS [सीआरपीसी ] CRPC की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता [BNSS ]और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम [BSS ] को लागू कर दिया  गया है 

भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य क्या है?

भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य सामाजिक शांति बनाए रखना है भारतीय दंड संहिता का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति बनाए रखना है। यह अपराधियों के लिए दंड का निर्धारण करती है ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके।

न्यायिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना यह संहिता न्यायिक प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित करने का कार्य करती है, ताकि अपराधियों को सजा दी जा सके और निर्दोषों को बचाया जा सके।

अपराधों के लिए दंड का निर्धारण: यह कानून यह तय करता है कि किस प्रकार के अपराध के लिए कौन सा दंड दिया जाएगा। दंड का निर्धारण अपराध की गंभीरता और प्रकार के आधार पर किया जाता है।

आईपीसी में कुल कितनी धाराएं है?

[ IPC ] भारतीय दंड संहिता की संरचना की बात करे तो भारतीय दंड संहिता कुल 511 धाराओं में विभाजित है और यह कई प्रमुख भागों में बांटी गई है:

1. आधिकारिक सिद्धांत (General Principles) इसमें अपराध की परिभाषा,दंड के उद्देश्य और अपराधों के वर्गीकरण के बारे में बताया गया है।

2. अपराधों का वर्गीकरण भारतीय दंड संहिता में अपराधों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जैसे:
   – संभाषण अपराध (Cognizable Offenses) इनमें पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी करने की शक्ति होती है।
   – असंभाषण अपराध (Non-Cognizable Offenses) इन अपराधों के लिए पुलिस को पहले अदालत से अनुमति प्राप्त करनी होती है।

3. विशेष अपराध: इसमें उन अपराधों का वर्णन किया गया है जो विशेष रूप से भारतीय समाज में अत्यधिक गंभीर माने जाते हैं, जैसे हत्या (Section 302), बलात्कार (Section 376),चोरी (Section 378) आदि।

4. दंड और सजा भारतीय दंड संहिता में प्रत्येक अपराध के लिए दंड का प्रावधान है। सजा के रूप में जुर्माना, कारावास, और मृत्यु दंड तक की सजा का प्रावधान है।

5. न्यायिक प्रक्रिया इसमें अदालतों का काम,अपराधियों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

 भारतीय दंड संहिता के प्रमुख अपराध  

1. हत्या (Section 302) यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की जान लेता है, तो इसे हत्या माना जाता है। यह भारतीय दंड संहिता का सबसे गंभीर अपराध है, जिसके लिए मृत्यु दंड या उम्रभर की सजा का प्रावधान है।

2. बलात्कार (Section 376) बलात्कार एक गंभीर अपराध है, जिसमें किसी महिला के साथ अनैतिक शारीरिक संबंध बनाए जाते हैं। यह अपराध महिला के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन है।

3. चोरी (Section 378) जब कोई व्यक्ति दूसरे की संपत्ति को चोरी करके अपने पास रखता है,तो यह चोरी का अपराध माना जाता है। इसमें सजा के रूप में कारावास और जुर्माना लगाया जा सकता है।

4. दंगे और हिंसा (Section 147, 148) यदि कोई समूह किसी प्रकार की हिंसा या दंगे करता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।

5. धोखाधड़ी (Section 420) यह अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देकर उसकी संपत्ति या धन हड़पता है।

 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मिलने वाले दंड ?

भारतीय दंड संहिता में विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित किए गए हैं। जो इनमें शामिल हैं:

– मृत्यु दंड कुछ गंभीर अपराधों जैसे हत्या के लिए मृत्यु दंड की सजा दी जा सकती है।
– आजीवन कारावास यह सजा गंभीर अपराधों के लिए दी जाती है, जिसमें अपराधी को उम्रभर जेल में रहना पड़ता है।
– कारावास (साधारण या कठोर) अपराधी को कुछ वर्षों के लिए जेल में रखा जाता है।
– जुर्माना कई मामूली अपराधों के लिए जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
– संपत्ति की जब्ती किसी भी अपराधी की अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सकता है।

– समाज में बदलाव के साथ संहिता का अनुप्रयोग समाज में तेजी से बदलाव हो रहा है, जिससे कुछ पुराने अपराध और उनके दंड अब अप्रासंगिक हो सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए समय-समय पर संहिता में संशोधन की आवश्यकता होती है।

– लिंग आधारित अपराध महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए इस संहिता में और सुधार की आवश्यकता है,ताकि महिलाओं को अधिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।

– प्रवर्तन में चुनौतियाँ कानून की संपूर्णता के बावजूद अपराधियों को सजा दिलवाने में कई बार न्यायिक प्रक्रिया में देरी होती है,जो इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना देती है।भारतीय दंड संहिता (IPC) एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है,जो भारतीय समाज में अपराध और दंड के मध्य संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसका उद्देश्य समाज में न्याय,शांति और समानता सुनिश्चित करना है। 

JAUNPUR:पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना

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JAUNPURपॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना
JAUNPUR:पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना

JAUNPUR NEWS : जौनपुर; विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनन्य न्यायालय द्वारा पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष सत्र परीक्षण स्टेट बनाम मुन्ना यादव में अभियुक्त मुन्ना यादव को धारा 363 में 3 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना वह धारा 366 में  5 वर्ष की कठोर सजा और 10000 जुर्माना तथा धारा 506 में 2 वर्ष का कठोर कारावास और ₹3000 जुर्माना तथा 5/6 पॉक्सो अधिनियम सपठित धारा 376 आईपीसी मैं 20 वर्ष का कठोर कारावास व ₹50000 जुर्माना से दंडित किया गया मामले की  पैरवी भी विशेष लोक  अभियोजक वेद प्रकाश तिवारी व विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र पाल ने किया l 

शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र

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शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र
शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र

किसान यूनियन सात सूत्रीय मांग-पत्र बीडीओ सोंधी को सौंपा

खेतासराय (जौनपुर) विकासखण्ड शाहगंज सोंधी क्षेत्र के विभिन्न गाँव के किसानों ने गुरुवार को अपनी समस्याओं को लेकर सात सूत्रीय-पत्र को खण्ड विकास अधिकारी सौंपकर अपनी समस्याओं की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया। भारतीय किसान यूनियन जौनपुर के बैनर तले ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष रामधारी बिन्द के नेतृत्व में गुरुवार की सुबह आस-पास क्षेत्र के किसान एकत्र होने हो गए। जहाँ एकत्रित सभी किसान अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बंधित सात-सूत्रीय मांग-पत्र को खण्ड विकास अधिकारी शाहगंज सोंधी जितेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा।

इस दौरान किसानों ने मांग किया है कि रबी फसल की बुआई के लिए 24 घण्टे बिजली मिलें, उजाला महिला स्वयं सहायता समूह की मजदूरी समय से मिलें, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया जाएं, शाहापुर बड़ा तालाब से बेसो नदी तक नाले की सफाई हो, शाहापुर में शौचालय का निर्माण हो समेत कुल सात मांग करते हुए मांग-पत्र को बीडीओ को सौंपा है। इस दौरान मुख्य रूप से चंद्रभान, सन्तोष, इन्द्रराज,गणेश, रामअचल,शिवमूर्ति, उर्मिला, अशोक बिन्द समेत आदि लोग मौजूद रहे।

 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 

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 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 
 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 

आई टी आई के छात्रों के  लिए  शाहगंज के  बसंती देवी आई टी आई रोजगार मेला शुक्रवार को

जौनपुर : जिला अंतर्गत शाहगंज क्षेत्र के कौड़ियां स्थित बसंती देवी आई टी आई  में धुत कंपनी द्वारा रोजगार मेले का आयोजन किए गया है इस संबंध में बसंती देवी आई. टी.आई. के निदेशक दिवाकर मिश्रा ने बताया कि इस रोजगार मेला में  आई टी आई पास के साथ ही आई टी आई कर रहे छात्र भी ऑन जॉब ट्रेनिंग के अंतर्गत भाग ले सकते हैं । सुबह 10 से रोजगार मेला प्रारंभ हो जाएगा, जिसका पात्र छात्र लाभ उठा सकते है।

  • रिपोर्ट – मोहम्मद कासिम 

JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन,39 तरह के मसाले,इनकम करोड़ों में  

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JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन,39 तरह के मसाले,इनकम करोड़ों में  
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JAUNPUR NEWS जौनपुर 09 जनवरी :जिला उद्यान अधिकारी ने अवगत कराया है कि अपर मुख्य सचिव द्वारा गठित कमेटी जिसमे सदस्य डॉ0 सर्वेश कुमार संयुक्त निदेशक (उद्यान) लखनऊ, पवन कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र, वाराणसी, कन्सल्टेन्ट, डा0 आमीन कन्ट्रोलर्स प्रा0लि0,नोयडा समिति द्वारा प्रदत्त निर्देश के अनुपालन में जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा के साथ मेसर्स एच0वी0आर0 एग्रों फूड प्रा0लि0 सतहरिया जौनपुर के अनुदान की द्वितीय किश्त अवमुक्त किये जाने से पूर्व मशाला उद्योग का स्थलीय निरीक्षण किया गया।


निरीक्षण के समय कम्पनी मालिक द्वारा अवगत कराया गया कि मशाला उद्योग स्थापित करने में कुल लागत 11.00 करोड आयी है, जिसके लिए उद्योग नीति 2023 के तहत रजिस्ट्रेशन कराया गया। जिसमें 35 प्रतिशत अनुदान की धनराशि अनुमन्य है,के सापेक्ष प्रथम किस्त प्राप्त हो चुका है,रविन्द्रनाथ सिंह ने बताया कम्पनी द्वारा 05 टन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के करीब 39 तरह के मसाले तैयार किये जा रहे है। साल के इनकम की बात करे तो करोड़ रूपये है  यूनिट वर्तमान में संचालित एवं सभी मशीने क्रियाशील पायी गयी। जून से यह मशाला उद्योग संचालित है। मशाला उत्पादन किया जा रहा है, वर्तमान में कम्पनी में 27 कार्मिक कार्य करते है। इस दौरान कम्पनी के ओनर रविन्द्रनाथ सिंह, जनरल मैनेजर उपेन्द्र सिंह व सन्तोष दुबे मौके पर उपस्थित रहे।

JAUNPUR: पंडित निधि नारायण पांडेय की स्मृति में वितरण किया गया कंबल

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JAUNPUR: पंडित निधि नारायण पांडेय की स्मृति में वितरित किया गया कंबल

 Blanket distributed in memory of Pandit Nidhi Narayan Pandey in jaunpur

जौनपुर। जरूरतमंदों को वितरित किया गर्म वस्त्र
नगर क्षेत्र के हल्दीपुर गांव में बुधवार को पंडित निधि नारायण पांडेय की स्मृति में समाजसेवी अमरावती ग्रुप के डायरेक्टर रवि पांडेय व रजनीकांत मिश्र के द्वारा सात सौ गर्म वस्त्र का वितरित किया गया ,तसत्पश्चात पत्रकारों को अंग वस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।


जरूरतमंदों को सात सौ कंबल का वितरण किया। अमरावती ग्रुप के डायरेक्टर रवि पांडे ने बताया कि उनके पिता पंडित निधि नारायण पांडेय की स्मृति में जरुरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया।। वह प्रत्येक वर्ष पिता के पुण्यतिथि पर जरुरतमंदों के बीच कंबल व गर्म वस्रों का वितरण करते आ रहे हैं। मौके पर पूर्व प्रधान राम प्रकाश पांडेय, पूर्व मंत्री कुंवर वीरेंद्र सिंह , नगर पालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्य, अमरीश पांडे, राहुल पांडे,वीरेंद्र पांडेय समेत तमाम पत्रकार उपस्थित रहे।

JAUNPUR NEWS : गोमती नदी पर बना पीपा पुल 28 फरवरी तक बंद रहेगा   

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JAUNPUR NEWS : गोमती नदी पर बना पीपा पुल 28 फरवरी तक बंद रहेगा   
JAUNPUR NEWS : गोमती नदी पर बना पीपा पुल 28 फरवरी तक बंद रहेगा   

Pipa bridge on Gomti river will remain closed till 28 February in jaunpur

JAUNPUR NEWS जौनपुर 08 जनवरी :कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सख्त निर्देश दिए गए कि कुंभ मेला 2025 के दृष्टिगत क्षतिग्रस्त मार्ग तत्काल ठीक कर ली जाए, प्रत्येक मार्ग पर साइनेज बोर्ड, डिवाइडर पेंटिंग कैटआई और रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाए। प्रत्येक टोल प्लाजा पर शौचालय की साफ सफाई कराने, अलाव लगाने के निर्देश दिए।

JAUNPUR NEWS : गोमती नदी पर बना पीपा पुल 28 फरवरी तक बंद रहेगा   

  फोटो – सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते डीएम डॉ0 दिनेश चंद्र :  

जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र ने एक्सईएन पीडब्ल्यूडी से सड़कों पर साइनेज बोर्ड लगाने के संबंध में जानकारी ली और निर्देशित किया कि जल्द से जल्द साइनेज बोर्ड लग जाए और जो भी सड़के ब्लैक टॉप होनी है उन्हें शीघ्र ही ब्लैक टॉप कर ली जाए। अगर सड़क दुर्घटना हुई तो संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी। एक्सईएन निर्माण खंड के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए 2 दिन के भीतर निर्धारित स्थलों पर साइनेज बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अनियमित रूप से बने कट बंद कर दिए जाए और इसके संबंध में प्रमाण पत्र भी 15 जनवरी तक उपलब्ध कराए जाए। उन्होंने कहा कि ब्रेकर को तोड़ने वालों के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया जाए। सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने के निर्देश दिए। अनफिट बसे किसी भी दशा में संचालित ना हो। रिफ्लेक्टर सभी गाड़ी में लग जाए। जिन सड़कों पर अवरोध है उनपर अभियान चलाकर खाली कराए। 

 इस दौरान जिलाधिकारी ने चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के संदर्भ में जानकारी लेते हुए साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लो0 नि0 द्वारा अवगत कराया गया कि महाकुंभ के दृष्टिगत पीपा पुल जनपद जौनपुर में अचला देवी घाट एवं मियांपुर के बीच संपर्क मार्ग के आगे गोमती नदी पर तथा मुबारकपुर से खानपुर संपर्क मार्ग के आगे गोमती नदी के बलुआ घाट पर पांटून सेतु की सामग्री जनपद प्रयागराज भेजा गया है, जिससे 6 जनवरी 2025 से 28 फरवरी 2025 तक पीपा पुल बंद रहेगा इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक, परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता, एआरटीओ, यातायात निरीक्षक,एसीएमओ सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

JAUNPUR NEWS NEWS NO-2 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत उद्यम एवं निजी फर्म की श्रेणी में आवेदित आवेदकों के सत्यापन हेतु, योजना अंतर्गत बैक आउट हुए लाभार्थियों के सापेक्ष प्रतीक्षारत सूची से आवेदकों के चयन हेतु मत्स्य विभाग की जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उद्यमी एवं निधि फर्म की श्रेणी में जिनका आवेदन भूलवश हुआ है, उन्हें मत्स्य पालक स्वीकार करते हुए योजना में शामिल किया जाए, साथ ही साथ बैक आउट हुए लाभार्थियों के सापेक्ष प्रतीक्षारत सूची से चयन किया जाए। 

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jauNpur: फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों की ठगी के आरोप में मैनेजर गिरफ्तार

         

JAUNPUR: जलसे में हिफ़्ज़ के 22 छात्रों की हुई दस्तार बन्दी

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JAUNPUR जलसे में हिफ़्ज़ के 22 छात्रों की हुई दस्तार बन्दी
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आधुनिक शिक्षा के साथ दीनी तालीम लेना जरूरी:- मौलाना वसीम शेरवानी

JAUNPUR NEWS खेतासराय (जौनपुर) एदारा उलूम इस्लामिया के मस्ज़िद कुवतुल इस्लाम आज़ाद पर बुधवार को एक भव्य जलसे का आयोजन किया गया। जिसमें हाफिज की पढ़ाई पूरी कर चुके 22 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्र व समाज के गणमान्य सदस्य और परिजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना वसीम शेरवानी उपस्थित रहे। जलसे की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुई, इसके पश्चात अतिथि के रूप में उपस्थित हुए मौलाना वसीम शेरवानी ने जलसे को सम्बोधित करते हुए कहा कि मॉडर्न शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक इल्म भी सीखना चाहिए। इससे बच्चा जब दुनिया के किसी विभाग में काम के लिए जाएगा तो न्याय करेगा न कि रिश्वत लेगा और भ्रष्टाचार करेगा। इल्मदीन पर जोर देते हुए कहा कि एक हाथ मे साइंस तो दूसरे हाथ में कुरान होना चाहिए। जिससे सही मार्ग पर चलते हुए देश तरक्की में अहम योगदान देगा जिसे देश और प्रदेश विकास की तरफ अग्रसर हो सके। उन्होंने दस्तारबंदी की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दस्तारबंदी न केवल धार्मिक शिक्षा पूर्ण होने का प्रतीक है, बल्कि यह बच्चों को सही मार्ग पर चलने और समाज मे सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा भी देती है।

इस दौरान लगभग दो दर्जन बच्चों को पगड़ी बाँध कर सम्मानित किया गया, जो उनके धार्मिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव को दर्शाती है। वही जलसे में मदसरा के सेक्रेटरी मिर्ज़ा अजफर बेग ने जलसे को सम्बोधित करते हुए कहा कि दस्तारबंदी बच्चों की मेहनत, उनके परिवार की दुआओं और समुदाय के सहयोग का परिणाम है। यह उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित करता है। कार्यक्रम के अंत में देश-दुनिया में अमन, चैन और शांति के लिए दुआएं की गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से अब्दुल मुनीम खां,हाफ़िज अबू सहमा,डॉ0 अलाउद्दीन खान, एजाज़ अहमद, डॉ. अबू उमर, अल्तमश बरलास, हाफिज जफर, डॉ. शादाब, प्रधनाचार्य नौशाद अहमद, मौलाना फरीद,आरिफ व अरशद मौजूद रहे।

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