JAUNPUR MURDER NEWS जौनपुर : जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर गांव में हुई माता पिता की हत्या का पुलिस ने आज खुलासा कर दिया माता पिता के साथ बेटे से रिश्तों के टूटने की सबसे डरावनी कहानी का पुलिस ने किया खुलासा एक बेटे ने पैसों के लालच में अपने ही जन्म देने वाले माता पिता को पहले मारा फिर मृत शरीर को टुकड़ो टुकड़ो में लोहे की आरी से काटा सीमेंट की बोरियो में भरे शरीर के अंग को गोमती नदी पर बने पुल से पानी मे फेंका ,पिता की बोरे में टुकड़ो में मिला शव ,माता के शव के टुकड़ो की तलाश 48 घण्टे बाद भी जारी।
माता-पिता की हत्या करने वाला पुत्र गिरफ्तार,हत्या में इस्तेमाल लोहे का खर बट्टा ,लोहे की आरी, कार बरामद।जफराबाद थाने में 16 दिसंबर को थाना पर पंजीकृत मु0अ0सं0-288/25 धारा 103(1)238/301बी0एन0स0 से संबन्धित अभियुक्त अम्बेश कुमार उर्फ रिंकू उम्र 36 वर्ष पुत्र श्यामबहादुर निवासी अहमदपुर थाना जफराबाद जनपद जौनपुर मूल निवासी ग्राम टड़वा खर्गसेनपुर थाना केराकत गिरफ्तार।गिरफ्तार अभियुक्त अम्बरेश से पुलिस को पूछताछ के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर लिया घटना का जूर्म का इकबाल करते हुए कलयुगी बेटे ने बताया कि 8 दिसंबर को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच मे अपनी माँ बबिता देवी से पैसे व पारिवारिक बातो को लेकर कहा सुनी होने लगी, मेरी मम्मी बबिता ने कहा कि तुम घर से निकल जाओ तो मैने कहा कि यह घर मेरी नानी ने मुझे नेवासा मे दिया है आप लोग ही घर छोड़कर चले जाइये इस पर मेरी मम्मी ने मुझे धक्का देकर घर से बाहर करने लगी तो मुझे गुस्सा आ गया और मै पास मे टेबल पर रखा हुआ लोहे का खल बट्टे का राड से मम्मी के सिर मे मार दिया जिससे वह फर्श पर गिर कर छटपटाने लगी तब तक मेरे पापा भी वहाँ पर आ गये और कहे कि मै पुलिस को फोन करके बुला रहा हूँ और मोबाइल लेकर पुलिस को फोन करना चाहे तो मैने उसी लोहे के खल बट्टा के राड से पापा के सिर पर मार दिया मेरे पापा चिल्लाये और फर्श पर गिर गये तो एक बार और उनके सिर मे जोर से मार दिया तब भी वह चिल्लाने का प्रयास कर रहे थे तो मै रस्सी से उनके गले को कस दिया, उसके बाद मुझे समझ मे नहीं आ रहा था कि क्या करे । मैने देखा कि मेरे मम्मी पापा के सासे बन्द हो गयी और मर गई है, उनके शव को मै छिपाने के बारे मे सोचने लगा फिर मैने घर के बेसमेन्ट से लोहे की सरिया काटने वाली आरी लाकर अपने मम्मी पापा के शव को तीन – तीन भागो मे काटकर अगल-2 छः प्लास्टिक के बोरो मे भरकर तथा शरीर काटते समय निकले अवशिष्ट को अलग एक बोरी में भरकर अपनी स्विफ्ट डिजायर कार नं0- UP62BV6304 के डिग्गी मे लादकर घर मे फर्श पर लगे खून को पानी से साफ करके शव को 09 दिसंबर की सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच बेलाव पुल से गोमती नदी मे फेक दिया।
उसके बाद घर पर आकर घर के फर्श व गाड़ी के डिग्गी को अच्छी तरह से सर्फ से साफ कर दिया था। घर मे देखा कि मेरी मम्मी का कटा एक पैर घर मे छुट गया था तो मै पुनः उसी दिन कटा हुआ पैर को एक झोले मे लेकर अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से जलालपुर सई नदी मे पुल पर से नदी मे पानी मे फेक दिया था। लोहे का लोढ़ा, लोहा काटने वाला आरी, मम्मी पापा के मोबाइल को अपने घर में द्वितीय तल पर बालु मे छिपा कर रखा हूँ। जब मेरी बहनो का फोन आया तो मैने अपने बहनो से बता दिया कि मम्मी पापा 8 दिसंबर को रात्रि मे कही चले गये है और उन लोगो की मै तलाश कर रहा हूँ जब मेरी बहनो ने मुझ पर दबाव बनाने लगी कि तुम पुलिस मे जाकर शिकायत करो तो डर गया और इधर उधर टाल मटोल करने लगा जब मेरी बहनो का दबाव ज्यादा बढ़ गया तो मैने अपना मोबाइल बन्द करके जौनपुर रेलवे स्टेशन व वाराणसी में गंगा किनारे घाटो पर घुमने लगा। मेरा मन काफी घबड़ा रहा था मुझे शान्ति नहीं मिल रही थी तो दिनांक 15 दिसंबर को मै वाराणसी से अपने घर अहमदपुर आया तो देखा कि मेरे घर मे अलग से ताला लगा हुआ था तो मैने अपनी मोबाइल ऑन करके अपनी बहन को फोन करके घर के चाभी के बारे मे पूछा तो मेरी बहन, मम्मी पापा के बारे मे पूछने लगी। मेरी बहन आयी मेरी बहनो ने भी मुझसे मम्मी पापा के बारे मे पूछ रही थी तब मैने उनको सारी घटना बता दिया।
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