कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों अकीदतमंदों ने की शिरकत
शाहगंज, जौनपुर। क्षेत्र स्थित बड़ागांव में बृहस्पतिवार देर रात ऐतिहासिक नौचंदी जुलूस-ए अज़ा निकाला गया। रजब महीने में आयोजित यह जुलूस कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों अकीदतमंदों की उपस्थिति में पूरी अकीदत के साथ संपन्न हुआ।
जुलूस का आरंभ रात्रि लगभग 10:30 बजे सैयद सिब्तैन के अज़ा खाना से हुआ। मौलाना सैफ आब्दी की तकरीर के साथ यह धार्मिक आयोजन शुरू किया गया। मातमी दस्ते के साथ शबीह-ए ज़ुलजनाह और अलम अपने प्राचीन मार्ग से भ्रमण करते हुए बाजार के रास्ते मौला अब्बास के रौज़े पर पहुंचे, जहां जुलूस का समापन हुआ। जुलूस का नेतृत्व वकील सलमानी ने किया।
इस दौरान अंजुमन रज़ा-ए हुसैन जलालपुर (अंबेडकर नगर) और अंजुमन हैदरिया मनियारपुर (सुल्तानपुर) सहित कई स्थानीय अंजुमनों ने नोहा मातम पेश किया। मौलाना असगर मेहंदी और मौलाना शौकत रिज़वी समेत लगभग आधा दर्जन उल्माए अहलेबैत ने इमाम हुसैन की शान और यजीद की बर्बरता का बयान किया। अंजुमन नासरुल अज़ा, अंजुमन गुन्च-ए नासरुल अज़ा, और अंजुमन तमन्ना-ए ज़हरा जैसी बाहरी अंजुमनों ने भी नोहा मातम किया। जुलूस का संचालन अली गदीरी ने किया।
कार्यक्रम का समापन शुक्रवार सुबह लगभग 9:00 बजे मौलाना सैयद शौकत रिजवी की विशेष तकरीर के बाद हुआ। इस ऐतिहासिक जुलूस में समीम हैदर बारादरी, जफर अब्बास, अकरम इदरीसी, वारिस हाशमी, बबलू इलेक्ट्रीशियन, हसन मेहंदी, अध्यापक रज़ा,रईश अहमद, ज़ाकिर हुसैन, प्यारे हसन,क़ायम अब्बास, अमीर हसन, सैयद परवेज़ मेहदी सहित हजारों ज़ायरीन उपस्थित रहे।





