jaunpur News : जौनपुर। देश और प्रदेश में मौजूदा सरकार द्वारा अपनाई जा रही दमनकारी नीतियाँ यह साबित कर रही हैं कि भारत आज एक अघोषित आपातकाल के दौर से गुजर रहा है। लोकतंत्र में विरोध, असहमति और सवाल पूछना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन आज उसी अधिकार को कुचलने का काम किया जा रहा है।
इसी कड़ी में आज पुनः लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने से पहले ही NSUI जौनपुर के शहर अध्यक्ष अमन सिन्हा को प्रशासन द्वारा हाउस अरेस्ट कर लिया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ अलोकतांत्रिक है, बल्कि यह सरकार की डर और असहिष्णुता की मानसिकता को भी उजागर करती है।
एनएसयूआई यह स्पष्ट करना चाहती है कि सरकार छात्रों, युवाओं और विपक्ष की आवाज़ से भयभीत है। सवालों से भागने के लिए पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह रवैया लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और संविधान पर सीधा हमला है।
एनएसयूआई इस अघोषित आपातकाल की कड़े शब्दों में निंदा करती है और यह चेतावनी देती है कि लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के खिलाफ हमारा संघर्ष और तेज़ होगा।
हाउस अरेस्ट, लाठी और दबाव से विचारों को कैद नहीं किया जा सकता।
यदि इस प्रकार की कार्रवाइयाँ बंद नहीं हुईं, तो एनएसयूआई छात्रहित, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करेगी।





