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भारत विकास परिषद शौर्य के तत्वाधान में हुई सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापिका

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जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के तत्वाधान में दिनांक 31 मई को सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापिका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन गुलाबी देवी बालिका इंटर कॉलेज कन्हैपुर के सभागार में किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता श्री उदयराज सिंह, संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप पांडेय एवं मंचासीन पदाधिकारियों द्वारा स्वामी विवेकानंद ,भारत माता एवं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन करके किया गया । कार्यक्रम के प्रारंभ में आयुष गिरी द्वारा वंदे मातरम गीत गाया गया । संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप पांडेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में संस्था द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताते हुए लोकमाता अहिल्याबाई के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए । संस्था के संगठन सचिव जयशंकर सिंह ने लोकमाता अहिल्याबाई जी के संपूर्ण जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला ।गोष्टी के मुख्य वक्ता डॉ उदय राज सिंह ने देवी अहिल्याबाई होल्कर को संघर्ष त्याग व सनातन संस्कृति का पुनर संस्थापक एवं वीरांगना के रूप में महिला सशक्तिकरण के लिए इनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही । कार्यक्रम में साक्षी गिरी ने अहिल्याबाई होलकर के संबंध में एक कविता का दान किया ।कार्यक्रम का संचालन अवधेश गिरी शाखा सचिव द्वारा किया गया ।कार्यक्रम में अतुल जायसवाल ,पंकज सिंह, डा अनिल सिंह, डॉ राजेश, नित्यानंद पांडेय,नीरज श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, अम्बरीष पाठक, महिला संयोजिका प्रियंका पांडेय ,कंचन पांडेय ,अंजू सिंह ,जया सिंह , निशा गिरी राहुल अग्रहरि , इत्यादि लोग उपस्थित रहे ।प्रकल्प प्रभारी रमेश श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया । राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम संपन्न किया गया।

सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालो को पुलिस ने बैठाया 

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सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालो को पुलिस ने बैठाया 
सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालो को पुलिस ने बैठाया 

जौनपुर : पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध व अपराधियों पर अंकुश एवं प्रभावी नियन्त्रण बनाये रखने हेतु सार्वजनिक स्थानो पर शराब पीने वाले व्यक्तियो के विरुध्द विशेष अभियान के क्रम में शाम 06:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक जनपद जौनपुर के समस्त थाना क्षेत्रों में एंटी चीयर्स अभियान के तहत शराब की दुकान के आस पास व सड़क के किनारे अवैध रूप से लगी दुकानो व सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों की चेकिंग का एक सघन अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस टीम द्वारा सार्वजनिक रूप से खुलेआम सड़क पर शराब का सेवन करने वाले कुल-590 व्यक्तियों के विरुद्व 34 पुलिस अधिनियम/292 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही की गई।

JAUNPUR जिला चिकित्सालय में बीती रात्रि किन्नरों का तांडव, 3 डॉक्टर घायल    

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JAUNPUR जिला चिकित्सालय में बीती रात्रि किन्नरों का तांडव, 3 डॉक्टर घायल    
JAUNPUR जिला चिकित्सालय में बीती रात्रि किन्नरों का तांडव, 3 डॉक्टर घायल    

Last night, transgenders created a ruckus in Amar Shaheed Umanath Singh District Hospital in jaunpur

JAUNPUR NEWS :अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय जौनपुर के इमरजेंसी सेवा में बीती रात्रि बवाल हो गया अर्धनग्न किन्नरों ने ड्यूटी पर तैनात तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट तीनो डॉक्टर घायल है सुरक्षा ब्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाया है  इस घटना को लेकर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने  कोतवाली पुलिस को  लिखित तहरीर दी है शुक्रवार रात्रि सरकारी हॉस्पिटल में किन्नरों ने जम कर नग्न प्रदर्शन करते हुए तीन डॉक्टरों को किया लहूलुहान मामला पहुचा थाने।

डॉ0 पवन सिंह (चिकित्साअधिकारी) पवन ने बीती रात्रि तफ्तीश ऑफ़ क्राइम के रिपोर्टर  से बात करते हुए बताया कि आज 30 मई की रात्रि 8 बजकर 50 मिनट पर हम मरीज का इलाज कर रहे थे तभी 10- 15 की संख्या में कुछ लोग आए।फर्जी मेडिकल करने की बात कर रहे थे मरीज को कोई दिक्कत न हो हमने कहा कि पेसेंट के साथ एक दो लोग ही अंदर रहो बाकी बाहर चले जाय। ऐसा कहने पर उत्तेजित होकर हमारे उपर हमला बोल दिया मारपीट करने कगे और सहायता के लिए 15 से 20 किन्नर समाज को बुला लिया।हमारे डॉक्ट और नरसिंह स्टॉप पर जानलेवा हमला किया जिसके चलते हम तीनों को चोटे आई है।पुलिस प्रसाशन से हमको उस  तरह का सहयोग नही मिला जो पुकिस मुआयना के लिए आई थी वह भी उनके साथ ग़ायब हो गए।सुरक्षा नाम की चीज नही है एक दो गार्ड की ब्यवस्था हैं।मौके पर इमरजेंसी में  कोई गार्ड नही था। हमने कोतवाली पुलिस के लिखित शिकायत की है हम चाहते है कि उन पर कार्यवाही हो ताकि जिला अस्पताल में सुरक्षा ब्यवस्था कायम रहे l 

 जिस आधार पर डॉक्टरों ने  कोतवाली पुलिस को तहरीर दिया है उसमे उन्होंने लिखा है कि  प्रार्थी डा० पवन सिंह जो अपनी इमरजेंसी ड्‌यूटी 2 पीएम से 9 पीएम की कर रहा था तभी रात लगभग 8:50पीएम पर कुछ अज्ञात व्यक्ति इमरजेंसी में आये और वेवजह फर्जी मेडिकल हेतु मुआयना करने को बोलने लगे इस पर मना करने पर वह और भी हान्य लोगो को बुलाकर गारपीट व गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने लगे जिसका सम्पूर्ण विवरण सीसीटीवी में रिकार्ड है। तथा उपस्थित स्टाफ को अशुद्ध गालियां दे रहे हो।

अतः आपसे निवेदन है कि चोटिल नर्सिंग आफीसर आशीष सिंह अमित सिंह व खुद प्रार्थी को चोट आयीं है’ हम सभी का डाक्टरी मुआयना करा कर उचित में व कठोर कार्यवाही करें ताकि भविष्य में दुबारा ऐसा न हो,और हम सभी लोग निर्भीक होकर पूरी निष्हा व इ‌मानदारी से अपना कार्य कर सकें। taftish of crime news jaunpur

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IISC में शोध के लिए फ़राज़ अब्बास का चयन 

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IISC में शोध के लिए फ़राज़ अब्बास का चयन 
IISC में शोध के लिए फ़राज़ अब्बास का चयन 

Faraz Abbas selected for research at IISC

IISC 2025 जौनपुर। फ़राज़ अब्बास का आईआईएससी में शोध के लिए चयन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग के छात्र मो. फ़राज़ अब्बास का चयन प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु के सेंटर फॉर न्यूरोसाइंस में शोध के लिए हुआ है। वह वहां सी. एलिगेंस नामक निमेटोड कृमि में न्यूरोपेप्टाइड्स पर शोध कार्य आरंभ करेंगे। इससे पूर्व उन्हें IIT मद्रास (2025) एवं IIT खड़गपुर, रुड़की व जोधपुर (2024) में भी शोध के लिए अवसर मिला था, परंतु पसंदीदा विषय न्यूरोसाइंस न मिलने के कारण उन्होंने प्रवेश नहीं लिया।


मो. फ़राज़ अब्बास ने विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग से एमएससी किया तथा 2024 में CSIR-JRF-NET एवं GATE परीक्षा भी उत्तीर्ण की।संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की । कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने शुभकामना देते हुए विद्यार्थियों को उद्योग व शोधोन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता जताई। विभाग के सभी शिक्षकों फ़राज़ को बधाई दी।

 वेब की दुनिया में मजबूती से खड़ी है हिंदी पत्रकारिता

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 JAUNPUR अनुज यादव हत्याकांड में लड़की के पिता समेत 4 गिरफ्तार 
 JAUNPUR अनुज यादव हत्याकांड में लड़की के पिता समेत 4 गिरफ्तार 


तकनीकी से  हिंदी पत्रकारिता में हुए बहुत से बदलाव  – प्रो. गोविन्द पाण्डेय 

  • हिंदी दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता’ विषय पर परिचर्चा

जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर “डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता” विषय पर एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में मीडिया अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों ने हिंदी पत्रकारिता के विविध आयामों पर विस्तार से चर्चा की ।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द पाण्डेय ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में तकनीकी का प्रवेश होता है तो वह बदलाव लाती है । तकनीकी के कारण हिंदी पत्रकारिता में भी बहुत से बदलाव हुए है । हिंदी पत्रकारिता ने समय- समय पर रूप बदला । समाचार पत्र के पाठक पढ़े- लिखे थे, टेलीविजन के आने के बाद बिना पढ़े- लिखे लोगों से भी हिंदी पत्रकारिता सीधे जुडी ।  हिंदी पत्रकारिता  समाचार  पत्रों, रेडियो से होती हुई टेलीविजन से जुड़ी और आज डिजिटल होकर खूब फल फूल रही है । आज डिजिटल  दौर में हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोगों को नई तकनीकों को व्यवहार में लाना होगा । उन्होंने  हिंदी पत्रकारिता में तकनीकी के विकास पर विस्तार से चर्चा की। 

पूर्व पत्रकार, प्रख्यात लेखक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. धनञ्जय चोपड़ा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता भारतीय परंपरा को साथ लेकर चल रही है । कृत्रिम बुद्धिमता के इस दौर में हिंदी पत्रकारिता ने सरोकार, संस्कृति और संस्कार को नहीं छोड़ा है । उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता वेब की दुनिया में मजबूती से खड़ी है । हिंदी के एप तेजी से डाउनलोड किये जा रहे है । उन्होंने भाषा के पहलू पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने शब्दों के प्रति ज्यादा अहंकार नहीं रखा । दूसरी भाषाओँ के शब्दों को बड़े आदर के साथ समाहित किया ।

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के पत्रकारिता विभाग की सहायक आचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने कहा कि समाचार पत्रों के साथ- साथ वेब और एप पर खबरों को पढने का दौर चल रहा है । इस समय हिंदी पत्रकारिता नए कलेवर में है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने की । संचालन एवं संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया ।   आमंत्रित वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया । 

UP BEd JEE 2025 नकल विहीन परीक्षा जौनपुर के 27 केंद्रों पर 1 जून को

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JAUNPUR:मासूम से रेप,26 दिन की कोर्ट 25 साल की जेल 
jaunpur crime news

UP BEd JEE exam will be held on 1st June at 27 centers in Jaunpur without cheating

UP BEd JEE 2025 जौनपुर : संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा- 2025 को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई।संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 01 जून 2025 को दो चरणों में आयोजित होना है, यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, प्रथम पाली पूर्वाह्न 09 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 02 बजे से 05 बजे तक आयोजित होगी। जनपद के 27 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी।  


जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए, सम्बंधित अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को शूचितापूर्ण तथा नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। नियमानुसार परीक्षा संपन्न कराई जाए। जिन अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है वे परीक्षा केंद्रों पर ससमय उपस्थित रहेंगे।इस अवसर पर एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राम अक्षयबर चौहान, नगर मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी, केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित अन्य उपस्थित रहे।

हिंदी पत्रकारिता दिवस:कलम की पहली चिंगारी से आज के जनमत तक

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हिंदी पत्रकारिता दिवसकलम की पहली चिंगारी से आज के जनमत तक
हिंदी पत्रकारिता दिवस:कलम की पहली चिंगारी से आज के जनमत तक

Hindi Journalism Day: From the first spark of the pen to today’s public opinion

हिंदी पत्रकारिता दिवस का दिन न केवल एक ऐतिहासिक घटना की स्मृति है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी, सामाजिक जागरूकता और जनमानस के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ी गई एक लंबी लड़ाई का प्रतीक भी है। 30 मई 1826 को प्रकाशित हुए उदन्त मार्तण्ड ने जब हिंदी में पहली बार समाचारों की दुनिया में प्रवेश किया, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह प्रयास आगे चलकर एक संपूर्ण परंपरा, एक आंदोलन और एक चेतना में रूपांतरित होगा। उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन कोलकाता से हुआ था, जहाँ हिंदी भाषी जनता बहुत कम थी, फिर भी पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने एक नया रास्ता चुना- ऐसा रास्ता जिस पर न संसाधन थे, न समर्थन और न ही सत्ता की सहानुभूति। अंग्रेजी और बंगाली के वर्चस्व वाले समाचार जगत में हिंदी को स्थान दिलाने का उनका प्रयास उस समय एक सामाजिक और भाषाई साहस था। यह पत्र लंबे समय तक नहीं चल सका, लेकिन जो विचार उस दिन अंकित हुआ, वह इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज हो गया।

आज जब हम हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते हैं, तो यह केवल एक भाषाई शुरुआत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस विचारधारा का स्मरण भी है जो जनता को सूचना से सशक्त करने की बात करती है। आज़ादी के आंदोलन में हिंदी पत्रकारिता ने अग्निशिखा की तरह काम किया। गणेश शंकर विद्यार्थी, बाबू बाल मुकुंद गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी जैसे पत्रकारों ने अपनी लेखनी से ब्रिटिश सत्ता की नींव हिला दी। उनकी कलम जनता की आवाज़ बनी, और अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ आक्रोश और आत्मसम्मान का प्रतीक भी। स्वतंत्रता के बाद हिंदी पत्रकारिता ने लोकतंत्र को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई। अनेक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने जनता को सच से परिचित कराने, सत्ता से सवाल पूछने और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने में योगदान दिया। गांव, कस्बों और छोटे शहरों की समस्याएँ हों या देशव्यापी आंदोलन- हिंदी पत्रकारिता ने उन्हें मंच देने का काम किया। परंतु बीते दो दशकों में इस पेशे की दिशा और दृष्टि में व्यापक बदलाव आए हैं।

वर्तमान हिंदी पत्रकारिता एक गहरे संक्रमण से गुजर रही है। एक ओर पत्रकारिता में डिजिटल क्रांति आई है, जिसने सूचनाओं को त्वरित और सुलभ बनाया है, तो दूसरी ओर इसने सूचना की विश्वसनीयता और गहराई को गंभीर संकट में भी डाला है। सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल, और न्यूज़ ऐप्स के ज़रिए खबरों की दौड़ में शामिल संस्थान तथ्यों की पुष्टि से पहले ‘सबसे पहले’ पहुँचने की होड़ में लगे हैं। नतीजतन, अफवाहें, भ्रामक हेडलाइन और अधूरी रिपोर्टिंग अब सामान्य होती जा रही है।।एक और चिंताजनक पहलू है- राजनीतिक और कॉरपोरेट प्रभाव। आज अनेक समाचार माध्यम या तो प्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक दल या कॉरपोरेट समूह के स्वामित्व में हैं या फिर उनके आर्थिक दबाव में काम कर रहे हैं। इससे पत्रकारिता की निष्पक्षता और स्वतंत्रता दोनों प्रभावित हो रही हैं। जब मीडिया संस्थान विज्ञापनदाताओं या राजनीतिक आकाओं की आलोचना से बचते हैं, तब पत्रकारिता लोकतंत्र की सेवा करने के बजाय उसकी सीमाओं को सीमित करने लगती है।

इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा और आज़ादी भी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में पत्रकारों पर हमले, गिरफ्तारी और हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कई पत्रकार, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले, भ्रष्टाचार, अवैध खनन या सांप्रदायिक हिंसा की रिपोर्टिंग करते समय हिंसा और दमन का शिकार हो रहे हैं। जहाँ एक ओर संकट के ये बादल मंडरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। हिंदी पत्रकारिता में आज कई साहसी और संवेदनशील पत्रकार हैं जो ज़मीन से जुड़ी रिपोर्टिंग कर रहे हैं, और सत्ता के सामने सच को निर्भयता से रख रहे हैं। क्षेत्रीय पोर्टल, स्वतंत्र मीडिया संगठन और कई युवा पत्रकार आज भी उस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं जो उदन्त मार्तण्ड से शुरू हुई थी।

आज की तारीख में पत्रकारिता को जितनी आज़ादी की ज़रूरत है, उतनी ही उत्तरदायित्व की भी। सूचना केवल देने का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना को दिशा देने का साधन भी है। जब पत्रकारिता तथ्य, विवेक और संवेदना के साथ काम करती है, तब वह जनता को सशक्त बनाती है। लेकिन जब वही पत्रकारिता केवल टीआरपी, क्लिक या राजनीतिक स्वार्थों का उपकरण बन जाती है, तब वह लोकतंत्र के लिए खतरा बन जाती है। हिंदी पत्रकारिता दिवस हमें याद दिलाता है कि पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, एक मिशन है। यह लोकतंत्र की आत्मा है- जो न केवल शासन से, बल्कि समाज से भी ईमानदारी की माँग करती है। इस दिन हमें उन सभी पत्रकारों को याद करना चाहिए जिन्होंने सत्ता की परवाह किए बिना सच को कहा, लिखा और जिया। साथ ही, आज के पत्रकारों को यह भी आत्ममंथन करना चाहिए कि वे पत्रकारिता को एक सेवा समझते हैं या एक साधन।

आज जब तकनीक, बाज़ार और सत्ता तीनों पत्रकारिता को अपनी सीमाओं में बाँधने की कोशिश कर रहे हैं, तब ‘उदन्त मार्तण्ड’ की वह पहली पुकार हमें फिर याद दिलाती है कि पत्रकारिता का अंतिम उत्तरदायित्व जनता के प्रति है- न कि सरकार, कॉरपोरेट या किसी राजनीतिक विचारधारा के प्रति। यह दिवस महज़ अतीत की महिमा का गुणगान नहीं, बल्कि भविष्य की पत्रकारिता के लिए एक नैतिक दिशा तय करने का अवसर भी है। यही इसकी सार्थकता है।

लेखक: अज़ीम सिद्दीकी (पत्रकार)
खेतासराय-जौनपुर
azim3027@gmail.com

Accident Jaunpur: अनियंत्रित बस सड़क किनारे पलटी 4 की मौत 10 घायल

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Accident Jaunpur: Uncontrolled bus overturned on the side of the road, 4 dead, 10 injured

Accident Jaunpur : जौनपुए । तेज रफ्तार प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटी चार यात्रियों की मौत पांच से अधिक घायल। यूपी के जौनपुर में शुक्रवार की सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया कुमार बस पलटने से 4 की मौत पांच गंभीर रूप से घायल बक्शा थाना क्षेत्र के लखौवा गांव के पास वाराणसी लखनऊ नेशनल हाइवे पर सवारियां लेकर आ रही एक निजी में अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।

इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई,पांच अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल है। मृतकों में निमा देवी उम्र 60 वर्ष, सन्ध्या शर्मा उम्र 23 वर्ष अन्य दो अज्ञात है।

पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से बस को सड़क से हटाया गया और यातायात बहाल किया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, और जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की तैयारियाँ शुरू,JAUNPUR NEWS

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JAUNPUR NEWS अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की तैयारियाँ शुरू
JAUNPUR NEWS अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की तैयारियाँ शुरू

JAUNPUR NEWS Preparations begin for International Yoga Day 2025

International Yoga Day 2025 JAUNPUR जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर भव्य और व्यापक स्तर पर तैयारियाँ आरंभ हो चुकी हैं। मा. कुलाधिपति एवं श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेश की प्रेरणा से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, योग दिवस से संबंधित विविध गतिविधियों की श्रृंखला 1 जून से प्रारंभ होकर 21 जून तक चलेगी। इन आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आमजन में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।


कुलपति प्रो. वंदना सिंह के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस आयोजन श्रृंखला की रूपरेखा अत्यंत व्यापक और जनहितकारी है। 1 जून से शुरू होने वाले कार्यक्रमों में चंदन वाटिका की स्थापना, सामूहिक योग अभ्यास, योग पर संगोष्ठियाँ, योग मैराथन, योग वाटिका, योग प्रदर्शनी का आयोजन, योग साहित्य पर पुस्तक प्रकाशन, सामूहिक सूर्य नमस्कार तथा विद्यार्थियों, शिक्षको, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के लिए सात दिवसीय निःशुल्क योग शिविर का आयोजन 5-11 जून, 2025 से किया जा रहा है, जिसमे आर्ट ऑफ़ लिविंग, बंगलुरु के प्रशिक्षित योग आचार्य द्वारा योगाभ्यास एवं ध्यान का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस शिविर के प्रथम दिन मेडिकल कॉलेज जौनपुर की टीम द्वारा समस्त प्रतिभागियों का आवश्यक मूलभूत निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा।


छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं योग दिवस के संयोजक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी – एक स्वास्थ्य के लिए योग” निर्धारित की गई है। साथ ही, इस वर्ष योग दिवस की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय द्वारा 10 विशिष्ट कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।सभी कार्यक्रमों के सुचारु संचालन हेतु कुलपति द्वारा प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजकुमार, प्रो. गिरिधर मिश्र, डॉ. राज बहादुर यादव (समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना), डॉ. मनोज कुमार पांडेय, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर एवं योग प्रशिक्षक जय सिंह को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।


इन समस्त आयोजनों का मुख्य आकर्षण 21 जून को आयोजित होने वाला “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” समारोह होगा, जिसके अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में एक भव्य योग शिविर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भाग लेंगे। उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों तथा सम्बद्ध महाविद्यालयों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह सात बजे एक साथ ‘सूर्य नमस्कार योग मुद्रा’ कार्यक्रम आयोजित करते हुए विश्व कीर्तिमान स्थापित किया जाना है।विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सम्बद्ध महाविद्यालयों को निर्देशित किया है कि वे भी उक्त 10 कार्यक्रमों को अपने-अपने परिसर में आयोजित करें तथा कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट व जिओ-टैग फ़ोटो विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं।

स्वपवित्तपोषित शिक्षक संघ ने वित्त अधिकारी को दिया ज्ञापन

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स्वपवित्तपोषित शिक्षक संघ ने वित्त अधिकारी को दिया ज्ञापन
स्वपवित्तपोषित शिक्षक संघ ने वित्त अधिकारी को दिया ज्ञापन

स्वपवित्तपोषित शिक्षक संघ ने कुलपति वित्त अधिकारी को दिया ज्ञापन

प्राचार्य शिक्षकों का डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड करने का जोर

परीक्षकों के मूल्यांकन प्राश्रमिक भुगतान करने की मांग

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश स्ववित्रपोषित महाविद्यालय शिक्षक एशोसियेशन के पदाधिकारियो ने कुलपति वित्त अधिकारी को ज्ञापन दिया, जिसमे शिक्षकों प्राचार्यो का डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड करने की मांग की। वही मूल्यांकन के बाकी पराश्रमिक भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा स्ववित्रपोषित शिक्षकों को भी पीएचडी शोध निदेशक बनाए जाने के संबंध में जोर दिया।

बता दे की उत्तर प्रदेश स्ववित्रपोषित महाविद्यालय शिक्षक एशोसियेशन के अध्यक्ष डॉ. प्रभाकर सिंह ,महामंत्री डॉ निलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में दो दर्जनो शिक्षक पदाधिकारी पूर्वांचल विश्वविद्यालय पहुंचे। कुलपति और वित्त अधिकारी को ज्ञापन दिया। जिसमें शिक्षकों ने मांग किया कि विषम सेमेस्टर 2025 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन का प्रारंश्रिक अभी तक भुगतान नहीं किया गया। जिससे हजारों शिक्षकों का प्रारिश्रमि भुगतान न होने से उन्हे समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान शिक्षकों ने वित्त अधिकारी संतोष कुमार शर्मा को ज्ञापन दिया, उङाका दल के वाह के भुगतान को बढ़ाने की मांग की। वित्त अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक की जिम्मेदारों से बात किया और शिक्षकों के भुगतान एक हफ्ते के अंदर किए जाने का निर्देश दिया। जिससे शिक्षक को राहत मिली।

इसके बाद शिक्षक नेताओं ने कुलपति को ज्ञापन दिया ।जिसमें सेल्फ फाईनेन्स शिक्षकों को भी पीएचडी में शोध निर्देशक बनने की मांग की ,कहां की शोध निर्देशक बनने में भेदभाव ना करें , जबकि यह सामान योग्यता वेतन सेवा शर्तों पर शिक्षक सेवा दे रहे हैं तो उनके उन्हें शोध निरीक्षक क्यों नहीं बनाया जा रहा है। यह भेदभाव पूर्ण हो या कई सवाल खड़े करते हैं। सभी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों का डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड किया जाए और उन्हें एक यूनिक आईडी भी दी जाए ,इस बारे मे संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन हो सके और मूल्यांकन एवं अन्य कार्य के लिए बार-बार शिक्षकों को अनुमोदन विस्तारण सैलरी स्टेटमेंट आदि ना देना पड़े ।उन्हें एक क्लिक में सारी जानकारी विश्वविद्यालय को मिल जाए जिससे शिक्षकों को बार-बार समस्याओं का सामना न करना पड़े। मौके पर डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ राजेश श्रीवास्तव, डॉ सलीम खान, डॉ संजीव सिंह, डॉ रविंद्र त्रिपाठी, डॉ सतीश चंद दुबे, डॉ सीमा सिंह ,डॉ संतोष सिंह, डा इंद्र सिंह, डॉ पिंटू गुप्ता, डॉ निजामुद्दीन ,डॉ पूजा उपाध्याय डॉ चंदन सिंह डॉ शशिकांत डॉ श्रद्धा दुबे मौजूद रही।