खुटहन :गभिरन मैरवां गांव निवासी व अवकाश प्राप्त क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी 65 वर्षीय रामकृपाल यादव का शव जिले के वाजिदपुर तिराहे के पास पाये जाने की खबर से सिर्फ उनका परिवार ही नहीं पूरे गांव के लोग हतप्रभ हैं। वह सीधे सरल और मिलनसार स्वभाव के थे। स्वजनों का कहना है कि उनका गांव में किसी से कोई पुरानी रंजिश भी नहीं है। घटना के पीछे क्या कारण है,यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है।
गांव निवासी व खानदान के ही रिस्ते में उनके चचेरे भाई रायसाहब यादव ने बताया कि शनिवार को लगभग 11 बजे वह रामकृपाल के घर उनके साथ खाना खाया था। उसके बाद हम अपने घर चले गए। लगभग दो घंटे बाद जब फिर से राय साहब उनसे मिलने गए तो पता चला कि वे अपनी स्कूटी से कहीं चले गए। सुबह उनकी संदिग्ध मौत होने की सूचना मिलते ही लोग एक बार तो विश्वास ही नहीं कर सके। मौत की पुष्टि होने के बाद सभी की आंखें नम हो गईं।
मृतक की पत्नी,दो बेटे और बहुएं हैं अध्यापक
आर्थिक दृष्टि से भी मृतक रामकृपाल यादव का परिवार संपन्न माना जाता है। वह खुद समाज कल्याण विभाग से लगभग चार वर्ष पूर्व कार्यमुक्त हुए थे। इनकी पत्नी विद्या देवी परिषदीय विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर हैं। बड़ा पुत्र मनीष यादव घर पर रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। दूसरे नंबर के अवनीश इंटर कालेज में तथा इनकी पत्नी सरिता प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। तीसरे पुत्र सौरभ यादव और इनकी पत्नी दोनों प्राइमरी में शिक्षक हैं। घर पर मृतक की पत्नी विद्या देवी तथा बड़ा पुत्र व बहू रहते हैं। तीसरे पुत्र सौरभ जौनपुर शहर में बने आवास में रह रहे हैं। मृतक रामकृपाल कभी गांव तो कभी शहर के आवास पर निवास करते थे
खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय-खुटहन मुख्य मार्ग पर स्थित नौली बाज़ार में रविवार की देर शाम एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौली गांव निवासी अजय राजभर (24 वर्ष), पुत्र दलसिंगार राजभर, रविवार की शाम पल्सर बाइक से अपने पिता के लिए दवा लेने स्थानीय बाजार नौली गया था। इसी दौरान खेतासराय की ओर से तेज़ रफ़्तार में आ रहे एक ऑटो ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अजय गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद ऑटो चालक मौके से वाहन समेत फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल अजय को खेतासराय के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही अजय ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और फरार ऑटो चालक की तलाश की जा रही है।
जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के तत्वाधान में दिनांक 31 मई को सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापिका लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वी जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन गुलाबी देवी बालिका इंटर कॉलेज कन्हैपुर के सभागार में किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता श्री उदयराज सिंह, संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप पांडेय एवं मंचासीन पदाधिकारियों द्वारा स्वामी विवेकानंद ,भारत माता एवं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्वलन करके किया गया । कार्यक्रम के प्रारंभ में आयुष गिरी द्वारा वंदे मातरम गीत गाया गया । संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप पांडेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में संस्था द्वारा किए गए कार्यों के बारे में बताते हुए लोकमाता अहिल्याबाई के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और बताया कि हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए । संस्था के संगठन सचिव जयशंकर सिंह ने लोकमाता अहिल्याबाई जी के संपूर्ण जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला ।गोष्टी के मुख्य वक्ता डॉ उदय राज सिंह ने देवी अहिल्याबाई होल्कर को संघर्ष त्याग व सनातन संस्कृति का पुनर संस्थापक एवं वीरांगना के रूप में महिला सशक्तिकरण के लिए इनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही । कार्यक्रम में साक्षी गिरी ने अहिल्याबाई होलकर के संबंध में एक कविता का दान किया ।कार्यक्रम का संचालन अवधेश गिरी शाखा सचिव द्वारा किया गया ।कार्यक्रम में अतुल जायसवाल ,पंकज सिंह, डा अनिल सिंह, डॉ राजेश, नित्यानंद पांडेय,नीरज श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, अम्बरीष पाठक, महिला संयोजिका प्रियंका पांडेय ,कंचन पांडेय ,अंजू सिंह ,जया सिंह , निशा गिरी राहुल अग्रहरि , इत्यादि लोग उपस्थित रहे ।प्रकल्प प्रभारी रमेश श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया । राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम संपन्न किया गया।
सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वालो को पुलिस ने बैठाया
जौनपुर : पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध व अपराधियों पर अंकुश एवं प्रभावी नियन्त्रण बनाये रखने हेतु सार्वजनिक स्थानो पर शराब पीने वाले व्यक्तियो के विरुध्द विशेष अभियान के क्रम में शाम 06:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक जनपद जौनपुर के समस्त थाना क्षेत्रों में एंटी चीयर्स अभियान के तहत शराब की दुकान के आस पास व सड़क के किनारे अवैध रूप से लगी दुकानो व सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करने वाले व्यक्तियों की चेकिंग का एक सघन अभियान चलाया गया, जिसमें पुलिस टीम द्वारा सार्वजनिक रूप से खुलेआम सड़क पर शराब का सेवन करने वाले कुल-590 व्यक्तियों के विरुद्व 34 पुलिस अधिनियम/292 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
JAUNPUR जिला चिकित्सालय में बीती रात्रि किन्नरों का तांडव, 3 डॉक्टर घायल
Last night, transgenders created a ruckus in Amar Shaheed Umanath Singh District Hospital in jaunpur
JAUNPUR NEWS :अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय जौनपुर के इमरजेंसी सेवा में बीती रात्रि बवाल हो गया अर्धनग्न किन्नरों ने ड्यूटी पर तैनात तीन डॉक्टरों के साथ मारपीट तीनो डॉक्टर घायल है सुरक्षा ब्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाया है इस घटना को लेकर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर दी है शुक्रवार रात्रि सरकारी हॉस्पिटल में किन्नरों ने जम कर नग्न प्रदर्शन करते हुए तीन डॉक्टरों को किया लहूलुहान मामला पहुचा थाने।
डॉ0 पवन सिंह (चिकित्साअधिकारी) पवन ने बीती रात्रि तफ्तीश ऑफ़ क्राइम के रिपोर्टर से बात करते हुए बताया कि आज 30 मई की रात्रि 8 बजकर 50 मिनट पर हम मरीज का इलाज कर रहे थे तभी 10- 15 की संख्या में कुछ लोग आए।फर्जी मेडिकल करने की बात कर रहे थे मरीज को कोई दिक्कत न हो हमने कहा कि पेसेंट के साथ एक दो लोग ही अंदर रहो बाकी बाहर चले जाय। ऐसा कहने पर उत्तेजित होकर हमारे उपर हमला बोल दिया मारपीट करने कगे और सहायता के लिए 15 से 20 किन्नर समाज को बुला लिया।हमारे डॉक्ट और नरसिंह स्टॉप पर जानलेवा हमला किया जिसके चलते हम तीनों को चोटे आई है।पुलिस प्रसाशन से हमको उस तरह का सहयोग नही मिला जो पुकिस मुआयना के लिए आई थी वह भी उनके साथ ग़ायब हो गए।सुरक्षा नाम की चीज नही है एक दो गार्ड की ब्यवस्था हैं।मौके पर इमरजेंसी में कोई गार्ड नही था। हमने कोतवाली पुलिस के लिखित शिकायत की है हम चाहते है कि उन पर कार्यवाही हो ताकि जिला अस्पताल में सुरक्षा ब्यवस्था कायम रहे l
जिस आधार पर डॉक्टरों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दिया है उसमे उन्होंने लिखा है कि प्रार्थी डा० पवन सिंह जो अपनी इमरजेंसी ड्यूटी 2 पीएम से 9 पीएम की कर रहा था तभी रात लगभग 8:50पीएम पर कुछ अज्ञात व्यक्ति इमरजेंसी में आये और वेवजह फर्जी मेडिकल हेतु मुआयना करने को बोलने लगे इस पर मना करने पर वह और भी हान्य लोगो को बुलाकर गारपीट व गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने लगे जिसका सम्पूर्ण विवरण सीसीटीवी में रिकार्ड है। तथा उपस्थित स्टाफ को अशुद्ध गालियां दे रहे हो।
अतः आपसे निवेदन है कि चोटिल नर्सिंग आफीसर आशीष सिंह अमित सिंह व खुद प्रार्थी को चोट आयीं है’ हम सभी का डाक्टरी मुआयना करा कर उचित में व कठोर कार्यवाही करें ताकि भविष्य में दुबारा ऐसा न हो,और हम सभी लोग निर्भीक होकर पूरी निष्हा व इमानदारी से अपना कार्य कर सकें। taftish of crime news jaunpur
IISC 2025 जौनपुर। फ़राज़ अब्बास का आईआईएससी में शोध के लिए चयन वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग के छात्र मो. फ़राज़ अब्बास का चयन प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस (IISc) बेंगलुरु के सेंटर फॉर न्यूरोसाइंस में शोध के लिए हुआ है। वह वहां सी. एलिगेंस नामक निमेटोड कृमि में न्यूरोपेप्टाइड्स पर शोध कार्य आरंभ करेंगे। इससे पूर्व उन्हें IIT मद्रास (2025) एवं IIT खड़गपुर, रुड़की व जोधपुर (2024) में भी शोध के लिए अवसर मिला था, परंतु पसंदीदा विषय न्यूरोसाइंस न मिलने के कारण उन्होंने प्रवेश नहीं लिया।
मो. फ़राज़ अब्बास ने विश्वविद्यालय के बायोकेमिस्ट्री विभाग से एमएससी किया तथा 2024 में CSIR-JRF-NET एवं GATE परीक्षा भी उत्तीर्ण की।संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश शर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार गुप्ता ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की । कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने शुभकामना देते हुए विद्यार्थियों को उद्योग व शोधोन्मुख बनाने की प्रतिबद्धता जताई। विभाग के सभी शिक्षकों फ़राज़ को बधाई दी।
JAUNPUR अनुज यादव हत्याकांड में लड़की के पिता समेत 4 गिरफ्तार
तकनीकी से हिंदी पत्रकारिता में हुए बहुत से बदलाव – प्रो. गोविन्द पाण्डेय
हिंदी दिवस पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में ‘डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता’ विषय पर परिचर्चा
जौनपुर: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर “डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता” विषय पर एक ऑनलाइन परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में मीडिया अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों ने हिंदी पत्रकारिता के विविध आयामों पर विस्तार से चर्चा की ।
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द पाण्डेय ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में तकनीकी का प्रवेश होता है तो वह बदलाव लाती है । तकनीकी के कारण हिंदी पत्रकारिता में भी बहुत से बदलाव हुए है । हिंदी पत्रकारिता ने समय- समय पर रूप बदला । समाचार पत्र के पाठक पढ़े- लिखे थे, टेलीविजन के आने के बाद बिना पढ़े- लिखे लोगों से भी हिंदी पत्रकारिता सीधे जुडी । हिंदी पत्रकारिता समाचार पत्रों, रेडियो से होती हुई टेलीविजन से जुड़ी और आज डिजिटल होकर खूब फल फूल रही है । आज डिजिटल दौर में हिंदी पत्रकारिता से जुड़े लोगों को नई तकनीकों को व्यवहार में लाना होगा । उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में तकनीकी के विकास पर विस्तार से चर्चा की।
पूर्व पत्रकार, प्रख्यात लेखक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. धनञ्जय चोपड़ा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता भारतीय परंपरा को साथ लेकर चल रही है । कृत्रिम बुद्धिमता के इस दौर में हिंदी पत्रकारिता ने सरोकार, संस्कृति और संस्कार को नहीं छोड़ा है । उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता वेब की दुनिया में मजबूती से खड़ी है । हिंदी के एप तेजी से डाउनलोड किये जा रहे है । उन्होंने भाषा के पहलू पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने शब्दों के प्रति ज्यादा अहंकार नहीं रखा । दूसरी भाषाओँ के शब्दों को बड़े आदर के साथ समाहित किया ।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के पत्रकारिता विभाग की सहायक आचार्य डॉ. साधना श्रीवास्तव ने कहा कि समाचार पत्रों के साथ- साथ वेब और एप पर खबरों को पढने का दौर चल रहा है । इस समय हिंदी पत्रकारिता नए कलेवर में है ।कार्यक्रम की अध्यक्षता जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने की । संचालन एवं संयोजन डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया । आमंत्रित वक्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील कुमार ने किया ।
UP BEd JEE exam will be held on 1st June at 27 centers in Jaunpur without cheating
UP BEd JEE 2025 जौनपुर : संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा- 2025 को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक संपन्न हुई।संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 01 जून 2025 को दो चरणों में आयोजित होना है, यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, प्रथम पाली पूर्वाह्न 09 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा अपराह्न 02 बजे से 05 बजे तक आयोजित होगी। जनपद के 27 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि यातायात व्यवस्था, ट्रैफिक को लेकर किसी भी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए, सम्बंधित अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कर ली जाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को शूचितापूर्ण तथा नकलविहीन ढंग से संपन्न कराया जाए। नियमानुसार परीक्षा संपन्न कराई जाए। जिन अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है वे परीक्षा केंद्रों पर ससमय उपस्थित रहेंगे।इस अवसर पर एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 राम अक्षयबर चौहान, नगर मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी, केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित अन्य उपस्थित रहे।
हिंदी पत्रकारिता दिवस:कलम की पहली चिंगारी से आज के जनमत तक
Hindi Journalism Day: From the first spark of the pen to today’s public opinion
हिंदी पत्रकारिता दिवस का दिन न केवल एक ऐतिहासिक घटना की स्मृति है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी, सामाजिक जागरूकता और जनमानस के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ी गई एक लंबी लड़ाई का प्रतीक भी है। 30 मई 1826 को प्रकाशित हुए उदन्त मार्तण्ड ने जब हिंदी में पहली बार समाचारों की दुनिया में प्रवेश किया, तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह प्रयास आगे चलकर एक संपूर्ण परंपरा, एक आंदोलन और एक चेतना में रूपांतरित होगा। उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन कोलकाता से हुआ था, जहाँ हिंदी भाषी जनता बहुत कम थी, फिर भी पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने एक नया रास्ता चुना- ऐसा रास्ता जिस पर न संसाधन थे, न समर्थन और न ही सत्ता की सहानुभूति। अंग्रेजी और बंगाली के वर्चस्व वाले समाचार जगत में हिंदी को स्थान दिलाने का उनका प्रयास उस समय एक सामाजिक और भाषाई साहस था। यह पत्र लंबे समय तक नहीं चल सका, लेकिन जो विचार उस दिन अंकित हुआ, वह इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज हो गया।
आज जब हम हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते हैं, तो यह केवल एक भाषाई शुरुआत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस विचारधारा का स्मरण भी है जो जनता को सूचना से सशक्त करने की बात करती है। आज़ादी के आंदोलन में हिंदी पत्रकारिता ने अग्निशिखा की तरह काम किया। गणेश शंकर विद्यार्थी, बाबू बाल मुकुंद गुप्त, माखनलाल चतुर्वेदी जैसे पत्रकारों ने अपनी लेखनी से ब्रिटिश सत्ता की नींव हिला दी। उनकी कलम जनता की आवाज़ बनी, और अंग्रेजी सत्ता के खिलाफ आक्रोश और आत्मसम्मान का प्रतीक भी। स्वतंत्रता के बाद हिंदी पत्रकारिता ने लोकतंत्र को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाई। अनेक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं ने जनता को सच से परिचित कराने, सत्ता से सवाल पूछने और सामाजिक अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करने में योगदान दिया। गांव, कस्बों और छोटे शहरों की समस्याएँ हों या देशव्यापी आंदोलन- हिंदी पत्रकारिता ने उन्हें मंच देने का काम किया। परंतु बीते दो दशकों में इस पेशे की दिशा और दृष्टि में व्यापक बदलाव आए हैं।
वर्तमान हिंदी पत्रकारिता एक गहरे संक्रमण से गुजर रही है। एक ओर पत्रकारिता में डिजिटल क्रांति आई है, जिसने सूचनाओं को त्वरित और सुलभ बनाया है, तो दूसरी ओर इसने सूचना की विश्वसनीयता और गहराई को गंभीर संकट में भी डाला है। सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल, और न्यूज़ ऐप्स के ज़रिए खबरों की दौड़ में शामिल संस्थान तथ्यों की पुष्टि से पहले ‘सबसे पहले’ पहुँचने की होड़ में लगे हैं। नतीजतन, अफवाहें, भ्रामक हेडलाइन और अधूरी रिपोर्टिंग अब सामान्य होती जा रही है।।एक और चिंताजनक पहलू है- राजनीतिक और कॉरपोरेट प्रभाव। आज अनेक समाचार माध्यम या तो प्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक दल या कॉरपोरेट समूह के स्वामित्व में हैं या फिर उनके आर्थिक दबाव में काम कर रहे हैं। इससे पत्रकारिता की निष्पक्षता और स्वतंत्रता दोनों प्रभावित हो रही हैं। जब मीडिया संस्थान विज्ञापनदाताओं या राजनीतिक आकाओं की आलोचना से बचते हैं, तब पत्रकारिता लोकतंत्र की सेवा करने के बजाय उसकी सीमाओं को सीमित करने लगती है।
इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा और आज़ादी भी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत में पत्रकारों पर हमले, गिरफ्तारी और हत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। कई पत्रकार, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले, भ्रष्टाचार, अवैध खनन या सांप्रदायिक हिंसा की रिपोर्टिंग करते समय हिंसा और दमन का शिकार हो रहे हैं। जहाँ एक ओर संकट के ये बादल मंडरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं। हिंदी पत्रकारिता में आज कई साहसी और संवेदनशील पत्रकार हैं जो ज़मीन से जुड़ी रिपोर्टिंग कर रहे हैं, और सत्ता के सामने सच को निर्भयता से रख रहे हैं। क्षेत्रीय पोर्टल, स्वतंत्र मीडिया संगठन और कई युवा पत्रकार आज भी उस परंपरा को जीवित रखे हुए हैं जो उदन्त मार्तण्ड से शुरू हुई थी।
आज की तारीख में पत्रकारिता को जितनी आज़ादी की ज़रूरत है, उतनी ही उत्तरदायित्व की भी। सूचना केवल देने का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना को दिशा देने का साधन भी है। जब पत्रकारिता तथ्य, विवेक और संवेदना के साथ काम करती है, तब वह जनता को सशक्त बनाती है। लेकिन जब वही पत्रकारिता केवल टीआरपी, क्लिक या राजनीतिक स्वार्थों का उपकरण बन जाती है, तब वह लोकतंत्र के लिए खतरा बन जाती है। हिंदी पत्रकारिता दिवस हमें याद दिलाता है कि पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, एक मिशन है। यह लोकतंत्र की आत्मा है- जो न केवल शासन से, बल्कि समाज से भी ईमानदारी की माँग करती है। इस दिन हमें उन सभी पत्रकारों को याद करना चाहिए जिन्होंने सत्ता की परवाह किए बिना सच को कहा, लिखा और जिया। साथ ही, आज के पत्रकारों को यह भी आत्ममंथन करना चाहिए कि वे पत्रकारिता को एक सेवा समझते हैं या एक साधन।
आज जब तकनीक, बाज़ार और सत्ता तीनों पत्रकारिता को अपनी सीमाओं में बाँधने की कोशिश कर रहे हैं, तब ‘उदन्त मार्तण्ड’ की वह पहली पुकार हमें फिर याद दिलाती है कि पत्रकारिता का अंतिम उत्तरदायित्व जनता के प्रति है- न कि सरकार, कॉरपोरेट या किसी राजनीतिक विचारधारा के प्रति। यह दिवस महज़ अतीत की महिमा का गुणगान नहीं, बल्कि भविष्य की पत्रकारिता के लिए एक नैतिक दिशा तय करने का अवसर भी है। यही इसकी सार्थकता है।
Accident Jaunpur: Uncontrolled bus overturned on the side of the road, 4 dead, 10 injured
Accident Jaunpur : जौनपुए । तेज रफ्तार प्राइवेट बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटी चार यात्रियों की मौत पांच से अधिक घायल। यूपी के जौनपुर में शुक्रवार की सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया कुमार बस पलटने से 4 की मौत पांच गंभीर रूप से घायल बक्शा थाना क्षेत्र के लखौवा गांव के पास वाराणसी लखनऊ नेशनल हाइवे पर सवारियां लेकर आ रही एक निजी में अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही चार लोगों की मौत हो गई,पांच अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल है। मृतकों में निमा देवी उम्र 60 वर्ष, सन्ध्या शर्मा उम्र 23 वर्ष अन्य दो अज्ञात है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से बस को सड़क से हटाया गया और यातायात बहाल किया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, और जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।