Khetasarai police arrested 10 people for trying to maintain peace,jaunpur crime News
खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु बड़ी कार्रवाई करते हुए शांति भंग की आशंका में कुल 10 लोगों को पाबन्द कर दिया।
खेतासराय प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय ने बताया कि रविवार को थाना क्षेत्र के ग्राम गयासपुर नोनारी व कस्बा खेतासराय से रोशन लाल, रवि कुमार, खुशबू, साधना, रामसेवक, करमचंद, रेनू, शबनम बानो, महताब आलम एवं गजाला को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। थाने लाकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय के साथ उपनिरीक्षक विनोद कुमार तिवारी, मो. तारिक अंसारी तथा मुख्य आरक्षी नफीस अहमद, आरक्षी अंकुश सिंह, महिला आरक्षी बिंदू एवं शुभम त्यागी शामिल रहे।
JAUNPUR NEWS संविधान और साझी विरासत पर बैठक संपन्न
250 युवाओं के कार्यों की प्रस्तुति और भविष्य की कार्य योजना पर चर्चा
JAUNPUR NEWS खेतासराय (जौनपुर) आजाद शिक्षा केंद्र कार्यालय, खेतासराय में साझी सोच कार्यक्रम के अंतर्गत संविधान और साझी विरासत विषय पर एक विचार-विमर्श बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत मनोज कुमार द्वारा कार्यक्रम के एजेंडे की प्रस्तुति से हुई।
कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से पिछले एक वर्ष में 250 युवाओं द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई। साथ ही आगामी छह महीनों की कार्य योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आजाद शिक्षा केंद्र के प्रमुख नेसार अहमद खान ने बताया कि आने वाले चार महीनों में युवा सोशल एक्शन प्रोग्राम के तहत गांव और कस्बों में युवाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान में मुस्लिम और ओबीसी समुदाय के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि व्यापक जनसहभागिता के साथ सामाजिक चेतना विकसित हो सके।
आईएसडी नई दिल्ली से आए अवधेश यादव ने विचारों में बदलाव की प्रक्रिया को समय-साध्य बताया और निरंतर प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। सैयद तारिक ने गांवों में शाम को चौपाल आयोजित करने की सलाह दी ताकि संवाद को जनमानस तक पहुंचाया जा सके।
वहीं, वाराणसी से श्रम विभाग के अधिकारी अमीनुद्दीन ने सरकारी योजनाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की बात कही। पत्रकार अजीम सिद्दीकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोग की जरूरत बताते हुए जागरूकता बढ़ाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया।
इस अवसर पर सूफियान अहमद, ज्योतिका श्रीवास्तव, आफताब आलम, वीर सेन प्रताप, शिल्पा प्रजापति, दीपा विश्वकर्मा, बीनू चौधरी, कुशाग्री श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, महेंद्र कुमार, वीरेंद्र कुमार, लइक अहमद, अमरजीत सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रमुख निसार अहमद खान ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए उनके सुझावों पर अमल करने का आश्वासन दिया और बैठक का समापन किया।
शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करें DM
JAUNPUR NEWS जौनपुर 24 मई : जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र के द्वारा थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना कोतवाली मछलीशहर में फरियादियों की समस्याएं सुनी गयी।जिलाधिकारी के द्वारा फरियादियों की शिकायतों को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद के प्रकरणों में पुलिस और राजस्व विभाग की टीम बनाकर जांच करने के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि महिला पुलिस भी सक्रिय रहे।इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी मछलीशहर सौरभ कुमार, कोतवाल, कानूनगो और लेखपाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
Spotlight Will the storm bring darkness? Can the earth sink into darkness? डॉ.दिलीप कुमार सिंह
धरती और सूर्य का संबंध अद्भुत है धरती सूर्य से ठीक उतना ही दूर है जितनी दूर पृथ्वी पर जीवन पेड़ पौधे और हरियाली और पानी जन्म ले सकता है और टिक सकता है अभी तक असंख्य आकाशगंगा वाले अनंत ब्रह्मांड में केवल हरी नीली पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जहां पर जीवन पाया जाता है और यह सभी सूर्य के कारण है ऐसा परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण होता है इस समय दुनिया के बहुत से वैज्ञानिक संस्थान और वैज्ञानिक यह दावा कर रहे हैं कि मई के अंत और जून जुलाई महीने में धरती पर भयंकर सौर आंधियों और सौर ज्वालाओं के कारण अंधेरा छा सकता है और विद्युत तथा इलेक्ट्रॉनिक संबंधी चीज जैसे कंप्यूटर लैपटॉप मोबाइल इंटरनेट एवं नौवहन सिस्टम नष्ट भ्रष्ट हो सकता है क्या ऐसा सचमुच संभव है आइए इस पर गंभीरता से विचार करें l
वास्तव में चंद्रमा पृथ्वी की पृथ्वी सूर्य की और सूर्य आकाश गंगा की और आकाशगंगा विराट आकाशगंगाओं के समूह की परिक्रमा करता है जो अंत में विराट ब्लैक होल और व्हाइट होल की परिक्रमा करते हुए अनंत में समाहित हो जाता है इसी अनंत से सृष्टि उत्पन्न होती है और इसी में सब कुछ समाहित हो जाता है लेकिन यहां हमारा विषय सूर्य है प्रत्येक 11 12 वर्ष में सूर्य का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है ऐसा सूर्य पर ताप नाभिकीय अभिक्रियाओं और चुंबकीय क्षेत्र के विस्फोट होने के कारण होता है जैसा कि सभी लोग जानते हैं सूर्य विराट अग्नि का भयंकर धधकता हुआ एक पिंड है जो धरती से 13 लाख गुना बड़ा है इसकी सतह का तापमान लगभग 7000 डिग्री सेल्सियस और केंद्र का तापमान डेढ़ से 2 करोड़ डिग्री सेल्सियस होता है जहां पर कोई भी वस्तु ठोस अवस्था में नहीं रह सकती क्योंकि धरती की कठोर से कठोर और मजबूत से मजबूत वस्तु भी 5000 डिग्री सेल्सियस पर भाप बनकर उड़ जाती है ऐसे में इन सौर ज्वालाओं और सौर आंधियों का क्या प्रभाव धरती पर पड़ने जा रहा है अभी 15 16 मई के आसपास अमेरिका चीन और अफ्रीका के अनेक भागों में सूर्य के सक्रिय भाग के पृथ्वी की तरफ होने के कारण विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक यंत्रों में भयानक गड़बड़ी आई थी और नेविगेशन सिस्टम नष्ट भ्रष्ट हो गया था हो गया था और ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि म ई के अंतिम भाग जून जुलाई में इसका गहरा और व्यापक प्रभाव धरती के चुंबकीय क्षेत्र पर और ओजोन मंडल पर पड़ने वाला है l
: डॉ.दिलीप कुमार सिंह :
Spotlight सके कारण दुनिया भर के मोबाइल कंप्यूटर लैपटॉप डेस्कटॉप टैबलेट इंटरनेट और विद्युत यंत्रों पर वायु और अंतरिक्ष यानू अंतरिक्ष स्टेशनों इत्यादि पर इसका गहरा असर पड़ेगा और अनेक महत्वपूर्ण चीजें हमेशा के लिए बर्बादहो सकती हैं क्योंकि सूर्य में जो विस्फोट होता है वह बहुत ही भयानक और प्रचंड होता है और वह विद्युत और प्रकाश की गति से चलता है और रास्ते में आने वाले हर चीज को कहां से नहस कर देता है इसका मानव पशु पक्षियों और फसलों पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है।
इसके पहले 2014 ईस्वी में सूर्य पर होने वाले प्रचंड विस्फोट और विद्युत चुंबकीय रेडिएशन ने धरती पर भयानक तबाही मचाई थी और अमेरिका यूरोप के अनेक भागों पर इसका भीषण प्रभाव पड़ा था और तब इस सिस्टम को बनाने के लिए बहुत अधिक परिश्रम करना पड़ा था इन कर ज्वालामुखी और सौर आंधियों का कारण सूर्य के द्रव्यमान में हो रही भयंकर ताप नाभिकीय अभिक्रियाएं हैं जिससे प्रचंड विस्फोट और भयंकर उर्जा निकल रही है इस ऊर्जा की गणना करना बड़ा मुश्किल है इन ताप नाभिकीय क्रियाओं के कारण सूर्य का तापमान अचानक बहुत अधिक बढ़ जाता है और प्रबल चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण होता है जिसमें प्रचंड विस्फोट के कारण भयानक सौर ज्वालाएं उत्पन्न होती हैं जो रेडियोएक्टिव रूप में प्रकाश की गति से धरती की तरफ दौड़ती है और केवल 8 मिनट 20 सेकंड में धरती पर पहुंच जाती है सूर्य के प्रबल विद्युत चुंबकत्व के कारण लाखों किलोमीटर की महा भयानक ज्वाला है उत्पन्न होते हैं जो निर्वात में बहुत तेजी से फैलती रहती है।
इस प्रकार सूर्य पर जब तप नाभिकीय अभिक्रियाएं मंद होती हैं तब सूर्य का तापमान घट जाता है और काले काले धब्बे दिखाई देते हैं जिन्हें ब्लैक स्पॉट कहते हैं तो उसका अर्थ यह होता है कि सूर्य की सतह का तापमान कम है लेकिन जब यह लाल नारंगी होते हैं तो सूर्य का तापमान बाढ़ जाता है और ऐसा हर 11 12 वर्ष में होता है जब यह सौर आंधी उतरी और दक्षिणी ध्रुव में पहुंचता है तो उसे मेरुप्रभा करते हैं जिसे अंग्रेजी में अरोरा कहा जाता है इस रहस्य को हमारे ऋषि मुनि प्राचीन काल से अच्छी तरह जानते से और इस मेरु प्रभा का बहुत विस्तार से वर्णन किया गया है की किस तरह से या उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर सुंदर दृश्य पैदा करती है
सारे वैज्ञानिक और विचारक चिंतित है कि उसका कितना भयानक प्रभाव सौर ज्वालाओं और सौर आंधियों का धरती पर पड़ेगा इसके बारे में बार-बार चेतावनी दी जा रही है और इसका विद्युत चुंबकत्व और इलेक्ट्रॉनिक्स पर कितना असर पड़ेगा । और इसके प्रभाव से अंतरिक्ष में घूम रहे हो और अंतरिक्ष स्टेशन प्रभावित ना हो जाएं और धरती पर सारा जीवन अचानक ठप होकर धरती अंधेरे में न डूब जाए क्योंकि ऐसा हुआ तो उसका भयानक नुकसान होगा और दुर्भाग्य से हर 11 वर्ष की तरह इस समय भी सूर्य का सबसे सकरी गर्म विद्युत चुम्बकत्व वाला भाग पृथ्वी की तरफ है प्रकाश की गति से चल रहे इन कर ज्वालामुखी और सुर आंधियों का प्रभाव कंप्यूटर लैपटॉप डेस्कटॉप इंटरनेट ट्यूब लाइट अंतरिक्ष स्टेशन हवाई जहाज पानी के जहाज के अलावा पशु पक्षियों और मानव मस्तिष्क पर अग्रसर डालकर धरती पर उन्माद हिंसा मारकाट युद्ध और पागलपन के स्थिति बड़ा सकती है जिसका नुकसान अभूतपूर्व होगा
इस प्रकार सौर आंधियां सौर ज्वालाएं सौर कलंक ताप नाभिकीय क्रियाएं और विद्युत चुंबकत्व को लेकर लोगों में गहरी जिज्ञासा और डर है कि आखिर सचमुच क्या होगा हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान एवं विज्ञान अनुसंधान केंद्र के अनुसार इसका थोड़ा बहुत असर तो पड़ सकता है और पड़ेगा लेकिन धरती पर अंधेरा छा जाने वाली ऐसी कोई घटना नहीं घटने जा रही है और न धरती और आसमान पर स्थित विद्युत चुंबकीय इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हवाई जहाज जलन अंतरिक्ष स्टेशन इत्यादि पूरी तरह नष्ट और बर्बाद होंगे हां इतना अवश्य है कि अपने मोबाइल कंप्यूटर लैपटॉप सेल फोन बिजली की चीज और इलेक्ट्रॉनिक के सामानों में सावधानी आवश्यक हैं l
पहलगाम का शैतानी नरसंहार और उससे उत्पन्न गंभीर प्रश्न
The diabolical Pahalgam massacre and the serious questions it raises
पहलगांव में शैतानों और नर पिशाचों को भी लज्जित कर देने वाली जघन्य हत्याकांड ने एक या दो दिन सनातन धर्म के लोगों को सरकार को आकर्षित किया फिर सब कुछ शांत हो गया नेता लोग भी बयान बाजी किये और लंबी चौड़ी हांक कर मिली मार और नूरा कुश्ती के तहत कुछ आतंकी ठिकानों पर बमबारी किया और प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया खरीदे गए बुद्धिजीवी लोगों और अपने चापलूसी चाटुकारों को मिलाकर इस तरह प्रदर्शित किया मानो उन्होंने विश्व विजेता का ताज पहन लिया और गिलगित बाल्टिस्तान मुजफ्फराबाद और आजाद कश्मीर को भारत में मिला लिया अब इन लोगों अर्थात अधिकांश प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया खरीदे गए सोशल मीडिया के गुलाम चापलूस और चाटुकार तथा आंख मूंदकर भाजपा और मोदी का गुणगान करने वाले लोगों को एक तरफ करते हुए मैं इसके मुख्य बिंदुओं को हमेशा की तरह पूरी निष्पक्षता और सच्चाई से फिर से रखूंगा तभी आपको इस घटना की भयानक स्थिति और शैतानी कांड का कुछ अनुभव हो सकेगा
सबसे पहली बात एक महीना बीत जाने के बाद भी तीन के तीनों नरपिशाच शैतान आतंकवादी छुट्टा घूम रहे हैं ना मारे गए ना पकडे गए ऐसे में कोई भयानक कांड फिर से कर सकते हैं इसलिए स्वाभाविक रूप से सरकार उसके गुप्तचर तंत्र पुलिस प्रशासन पर अंगुली उठना स्वाभाविक है और इस तरह के कितने कांड होंगे यह बहुत ही संवेदनशील बिंदु है मौलाना साद आइस्ता परवीन गुड्डू मुस्लिम जैसे लोगों की तरह इन लोगों को जमीन का गई या आसमान निकल गया कुछ पता नहीं चला और ना चलेगा।
दूसरा महत्वपूर्ण प्रश्न इतनी पर्यटकों से भरी हुई घाटी में जहां पैसों की बरसात होती है आखिर आज तक कोई सड़क क्यों नहीं बनी वहां पर कोई आपातकालीन चिकित्सा सेवा क्यों नहीं रखी गई और वहां एक पुलिस चौकी उन्नत किस्म के हथियारों से युक्त गैर मुसलमान वाली क्यों नहीं बनाई गई इसका उत्तर किसी के पास नहीं है और अगर ऐसा नहीं था तो आतंक से 1947 से दहल रही कश्मीर घाटी में पर्यटकों को जाने ही क्यों दिया गया जबकि वैष्णो माता और अमरनाथ यात्रा में उच्च कोटि के कमांडो और सेना पुलिस के बाद भी भयानक घटनाएं होती हैं और आतंकवादी हमले में हर साल बहुत से लोग मारे जाते हैं।
तीसरी बात जाने वाले लोग भी कम मूर्ख नहीं है इस घाटी से सुंदर और अच्छी से अच्छी एक से बढ़कर एक जगह हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड सिक्किम पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत की पहाड़ियों में और माउंट आबू में विद्यमान है इसके बाद भी यह धर्मनिरपेक्ष लोग सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के चक्कर में पड़कर गए और अपनी जान गवा बैठे । जबकि वहां जाने के पहले 100 बार सोचना चाहिए जहां पर खुद सुना और सरकार ही सुरक्षित नहीं है वहां पर जाकर इन्होंने अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती किया और अपनी जान गंवाई
शैतान आतंकवादी पूर्व की दिशा से घुसे जबकि चारों ओर चारदिवारी है तो फिर कैसे घुसे यह बहुत गंभीर प्रश्न है और 2 घंटे तक वह मारते रहे कोई भी सरकारी या अर्ध सरकारी पुलिस या प्रशासनिक मदद कितनी देर में क्यों नहीं पहुंच पाई और क्या भविष्य में लोग कश्मीर यात्रा का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे या इसी तरह अपने को बलिदान करते रहेंगे वैष्णो देवी अमरनाथ यात्रा सहित हर यात्रा को पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए अगर सरकार बंद ना करे तो किसी भी गैर मुसलमान पर्यटक को बिल्कुल नहीं जाना चाहिए जब वहां कोई महत्वपूर्ण व्यक्ति सांसद विधायक मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति जाते हैं तो कई स्तर की सुरक्षा के बाद ही जाते हैं पूरा भारत पर्यटकों के लिए खुला है फिर कश्मीर जाने की जिद क्यों करते हैं उन्हीं का पैसा आतंकवादियों के भजन हथियार और अशोक आराम में काम आता है
सरकार के इस नारे ने सबको भ्रमित कर दिया कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त हो गया है इस बात को संसद में अमित शाह और अन्य लोगों ने चिल्ला चिल्ला कर कहा था इससे जोश में भरकर लोग बैसारना घाटी गए और वापस नहीं आ पाए आतंकवादी अपने आधे उद्देश्य में ही सफल हुए उनका लक्ष्य महिलाओं और लड़कियों को लेकर अगवा करने का था लेकिन किसी अज्ञात वजह से ऐसा नहीं हो पाया वरना स्थिति और भी भयानक होती शायद संख्या में काम होने और साधन उपलब्ध न होने से उन्होंने ऐसा नहीं किया।
कुछ बड़े चुनिंदा प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया और सरकारी चमचे तथा खरीदे गए बुद्धिजीवी इसका अलग ढंग से बखान कर रहे हैं जो बिल्कुल अनुचित है और ऐसे बयानों का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए यह बहुत गंभीर बात है कि एक महीने में ही सरकार जनता सेवा पुलिस प्रशासन पूरी तरह से इस घटना को भूल गई या फिर जानबूझकर भुलाया गया क्योंकि सारे मीडिया के लोगों को इस पर चुप रखा गया और जो दिखाने लायक था वही दिखाया गया महत्वपूर्ण और संवेदनशील बिंदुओं पर सभी मौन रहे ।
एक बात बहुत ही दुखद और चौंकाने वाली है की किसके इशारे से एकमात्र मुस्लिम आदिल का इतना गुणगान किया जा रहा है कोई कह रहा है की बंदूक के छीनने में मर गया तो कोई कह रहा है पर्यटकों को बचाने में मर गया जबकि वास्तव में वह अपने घोड़े को लेकर भागने के चक्कर में मारा गया था और उसकी वेशभूषा भी हिंदुओं जैसी थी इसके अलावा कश्मीर के मुस्लिम महिलाओं का होटल का बड़ा संवेदनशील मुद्दा प्रस्तुत करके यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि आतंकवाद और मुसलमान अलग-अलग हैं जो की बहुत ही अनुचित है अगर आप वीडियो ध्यान से देखें तो जो महिलाएं होटल में डर के मारे गई थी उनसे होटल की मालकिन महिलाएं हंस कर बात कर रही थी जैसे पीड़ा का कोई अनुभव ही नहीं है ।
इसी तरह कुछ उन वीडियो को जानबूझकर बहुत अधिक प्रसारित किया गया जिसमें एक दो बच्चे लोगों को कंधे पर बैठ कर स्थानीय मुस्लिम ले जा रहे थे जबकि ऐसा कहीं कुछ नहीं था यह सब हत्याकांड के घंटे बाद शुरू किया गया जिससे सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे अन्यथा वहां सैकड़ो हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी में तीन आतंकवादी कुछ नहीं कर पाए होते एक तीर से दो निशाने किए गए और दुर्भाग्य से सरकारी तंत्र इसी आदिल घोड़े वाले को कंधे पर बैठ कर जाने वाले मुसलमान को और होटल की महिलाओं को जो शांत होना दे रही हैं इस तरह प्रचार प्रसार किया मानो उन्होंने अपना बलिदान दे दिया है वही वीडियो सामने आए जो मुस्लिम पक्ष के लाभ से जुड़े थे बाकी वीडियो बनाए गए लेकिन उसे सरकार या मीडिया को नहीं उपलब्ध कराया गया बाकी आप खुद समझ लीजिए।
मैं इस बात पर भी पूरे स्पष्ट और निष्पक्ष रूप से कहूंगा कि ऑपरेशन सिंदूर जो किया गया वह बहुत ही अच्छा और प्रभावशाली था लेकिन इस तरह अचानक बिना किसी निर्णय के उसको रोक देना और उसको सही ठहराना और एक इंच जमीन भी नहीं पाना और बाद में अपने सांसद विधायकों को जनता के खर्चे पर विदेश में इसका प्रचार करना पूरी तरह सामान्य व्यक्ति के भी समस्या बाहर है क्या यही मोदी जी का आपदा में अवसर हैं जितने पैसे लग रहे हैं उतने पर पैसे अगर पीड़ितों में बांट दिए गए होते तो कहानी दूसरी होती ।
और यह सब हो जाने के बाद आज भी कश्मीर में हर जगह आतंकी हत्यारों द्वारा रोज आए दिन सेना के जवान और अधिकारी मारे जा रहे हैं आम जनता और पुलिस वाले इन आतंकवादियों के सामने कितना ठहर पाएगी ।यही हाल नक्सली लोगों का है उनके भी समाप्त होने की घोषणा जोर-शोर से कई बार की जा चुकी है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है आज भी देश के संसाधनों का जो सनातनी लोग खून पसीने से कमाते हैं उसका लाभ मुसलमानों को दिया जा रहा है और यह सब लिखने का साहस किसी में नहीं है क्योंकि हम और देश की जनता वही जान पा रही हैं जो सरकार उन्हें बताना चाहती है
कुल मिलाकर इस तरह का बार-बार और सामूहिक शैतानी ढंग से किया गया हत्याकांड इस तरह का है जैसे कि हमाज नहीं इजराइल में घुसकर किया था लेकिन इसराइल ने तो दिखा दिया कि शत्रु पर प्रहार करके उन्हें पूरी तरह नष्ट कैसे किया जाता है लेकिन क्या भारत ने ऐसा कुछ किया यह मैं आप लोगों के ऊपर छोड़ता हूं और यह कहते हुए अपने इस लेख को समाप्त करता हूं की असली सच क्या है वह कभी भी हमारे आपके दुनिया के सामने नहीं आ पाएगा l
विश्वविद्यालय स्तर पर ग्रामीण जल समस्याओं के समाधान हेतु नई पहल
जौनपुर। जल से जुड़ी समस्याओं पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज विश्वविद्यालय में वाटर रिसर्च ग्रुप की बैठक का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. वंदना सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विश्वविद्यालय स्तर पर गठित जल अनुसंधान समिति के सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में भूमिगत जल मूल्यांकन (ग्राउंडवॉटर असेसमेंट), जल जनित बीमारियों और जल में मौजूद अशुद्धियों की पहचान पर विस्तृत चर्चा किया गया। प्रथम चरण में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के जल स्रोतों की वैज्ञानिक जांच करेगी। साथ ही, पानी में मौजूद अशुद्धियों का विश्लेषण कर नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से शुद्धिकरण की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि “हमारा शोध केवल शोध पत्रों के प्रकाशन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका सीधा लाभ समाज को मिलना चाहिए। इसी सोच के साथ इस अनुसंधान समिति का गठन किया गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समिति द्वारा ब्लॉक स्तरीय जल अध्ययन भी किया जाएगा जिससे व्यापक स्तर पर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें। बैठक में समिति सदस्य प्रो. गिरिधर मिश्र, डॉ. काजल, डॉ. धीरेंद्र चौधरी, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. एस.पी. तिवारी एवं डॉ. रामनरेश यादव रहे।
खेतासराय (जौनपुर):- ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में गुरुवार को खेतासराय नगर में एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। देशभक्ति से ओतप्रोत इस यात्रा में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, व्यापारियों एवं समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी हाथों में तिरंगा लिए देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान और एकजुटता प्रकट करते नजर आए।
यह तिरंगा यात्रा नगर के प्राचीन दुर्गा मंदिर से आरंभ हुई, जो पुरानी बाजार रोड, संकट मोचन मंदिर, मुख्य मार्ग होते हुए चौराहा और फिर ओरियंटल बैंक तक गई। पूरे रास्ते में ‘ भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से वातावरण गूंजता रहा। युवाओं के जोश और नागरिकों के उत्साह ने यात्रा को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा मंडल अध्यक्ष उपेन्द्रनाथ मिश्रा ने किया। उनके साथ-साथ प्रमुख रूप से कपूर चंद्र जायसवाल, अजय सिंह, धर्मेंद्र मिश्रा, गजेंद्र पाण्डेय, जगदम्बा पाण्डेय, संजय विश्वकर्मा, शांतिभूषण मिश्रा, विक्की गुप्ता, आदर्श श्रीवास्तव, कृष्ण मुरारी मौर्या, अवधेश पाण्डेय, सोनू बिंद, भास्कर तिवारी मौजूद रहे। पूरे आयोजन का संचालन मनीष गुप्ता द्वारा किया गया। नगरवासियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा बताया। तिरंगा यात्रा शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुई।
खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के जैगहा बाजार में गुरुवार को पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में चौकी इंचार्ज भोला सिंह के साथ पुलिस टीम मौजूद रही। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि पुलिस सहायता केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए थाने तक नहीं जाना पड़ेगा। छोटे-मोटे विवाद, त्वरित शिकायतें, सतर्कता संबंधी सूचनाएं अब स्थानीय स्तर पर ही निस्तरित हो सकेंगी। इससे पुलिस और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा। अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी। थाना प्रभारी रामाश्रय राय ने कहा कि सहायता केंद्र ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अहम कदम है। उन्होंने हर आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने और सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य आरक्षी शिव गोविंद, त्रिगुण यादव, संदीप सिंह, मयंक राय, नफीस अहमद, देवी प्रसाद, अंकुश सिंह, बिकेश, ग्राम प्रधान कृपाशंकर राजभर, गुड्डू ,आदि लोग मौजूद रहे।
JAUNPUR NEWS संविधान और साझी विरासत पर बैठक संपन्न
JAUNOUR NEWS जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन संकाय के वित्तीय अध्ययन विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक गुप्ता को भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में ‘बेस्ट अकादेमी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 10-13 मई 2025 के बीच रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान के नार्बुलिंग रिग्टर कॉलेज, पारो में आयोजित सम्मेलन में प्रदान किया गया। डॉ. गुप्ता को यह सम्मान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान एवं “ रोल आफ एआई एंड सोशल मीडिया इन सोशल ट्रांसफारमेशन” विषय पर प्रस्तुत शोधपत्र के लिए दिया गया। संगोष्ठी में वे “सतत और न्यायसंगत भविष्य की ओर: विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राजनीति एवं अर्थशास्त्र की भूमिका” विषयक तकनीकी सत्र के अध्यक्ष भी रहे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न देशों के शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सामाजिक परिवर्तन में भूमिका और इसके नए शोध क्षेत्रों पर प्रकाश डाला। डॉ. गुप्ता ने एआई के बढ़ते प्रभाव, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर बल देते हुए इसे अनुसंधान और नवाचार का नया मंच बताया। उनके इस सम्मान पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने उन्हें बधाई दी।
इसके अतिरिक्त जय नारायण मिश्रा पीजी कॉलेज, लखनऊ के पूर्व प्राचार्य प्रो. सुनील दत्त शर्मा, संकायाध्यक्ष प्रो. अजय द्विवेदी, विभाग के प्राध्यापक सुशील कुमार, डॉ. अबू सालेह, मनोज त्रिपाठी, यशी सिंह सहित छात्रों ने भी उन्हें बधाई दी।
नेपाल में जौनपुर का बजा डंका संगीत पशुपतिनाथ ताल अवार्ड से सम्मानित
JAUNPUR NEWS : जौनपुर का नेपाल में बजा डंका ।संगीत पशुपतिनाथ ताल अवार्ड से सम्मानित, अवधेश यादव नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित 11वें इंटरनेशनल ड्रामा डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल मे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई देशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया,भारत की ओर से जनपद जौनपुर के तबला वादक अवधेश कुमार यादव को तबला एकल वादन के लिए आमंत्रित किया गया जिसमें अवधेश को बेहतर प्रदर्शन के लिए नेपाल के प्रतिष्ठित सम्मान- संगीत पशुपतिनाथ ताल अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया। जिससे क्षेत्र में बेहद खुशी का माहौल है। बता दें कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में इंटरनेशनल ड्रामा डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 17 18 मई को कई देशों के सैकड़ो कलाकारों ने हिस्सा लियाl
जिसमें भारत की ओर से जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना अंतर्गत खम्हौरा गांव के निवासी तबला वादक अवधेश यादव को चयनित किया गया महोत्सव में अवधेश ने अपनी कला कौशल का शानदार प्रदर्शन किया जिसमें उन्हें संस्था द्वारा सम्मान प्रदान किया गया, बता दे अवधेश यादव संगीत में तीन बार नेट एवं भारत में प्रथम स्थान पाकर जे0आर0एफ की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं वर्तमान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से सम्बद्ध टीडी कॉलेज के डॉ0 नरेंद्र देव पाठक के निर्देशन में शोध कार्य कर रहे हैं इस सफलता के लिए उनके बड़े भाई कवि संतोष यादव राजकुमार अंकुर दीपक आशुतोष आदि लोगों ने बधाई दी है।