जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के हरबसपुर छून्छा गांव में दबंगों ने भोर मे घर में घुसकर लाठी डंडों से मां बेटी और दो बेटों को समेत पांच लोगों को पीटकर घायल कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि महिला के शरीर से जेवर नोच लिए घर में तोड़फोड़ की और घर के बक्से अटैची सब बाहर फेंक दिए ।पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। उधर घर में घुसकर मारने पीटने का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
बता दे की हरबसपुर छून्छ गांव में विश्वास मिश्रा का परिवार पुश्तैनी मकान में रहता है। विश्वास मिश्रा बाहर ड्यूटी पर गए हुए थे। दबंगों ने पहले तो शनिवार की रात पूनम मिश्रा को करने का प्रयास करते हुए जान से मारने की धमकी दी, लेकिन वह दरवाजा बंद कर भीतर बन्द हो गई। लेकिन आधा दर्जन की संख्या मे एक जुट होकर दबंगों ने रविवार की सुबह घर पर हमला कर दिया और घर में घुसकर लाठी डंडे ईट से पूनम और उनके बच्चों बेटी को मारना शुरू कर दिया। बचाव परिवार में इधर-उधर चिल्लाने भागने लगी।
लेकिन दबंगों ने घर में घेर कर पीटा और इसके बाद करकट दरवाजे दीवाल तोड़ दिए । घर के अंदर रखे सभी बक्से अटैची बर्तन सब बाहर फेंक दिए और इस दौरान घायल पूनम ने आरोप लगाया की चेन अंगूठी पायल और कान की बाली भी छीन लिए। दबंगों ने जान मरते की धमकी देते हुए कहा कि पुलिस में शिकायत करोगी तो जान से मार देंगे। इसके पूर्व मे मारने पीटने को लेकर पूनम मिश्रा ने पुलिस विभाग में शिकायत की थी। जिसके कारण दबंगो ने घटना को अंजाम दिया। दबंग के हमले में 44 वर्षीय पूनम, 13 वर्षीय बेटी सृष्टि 20 वर्षीय बेटा श्रेयस, 17 वर्षीय बेटा श्रुअस और 42 वर्षीय विवेकानंद घायल हुआ। मौके पर वह 112 नंबर पुलिस को सूचना दी। उधर सूचना पाकर ड्यूटी से विश्वास मिश्रा घर पहुंच गए और सृष्टि गंभीर रूप से घायल लोग थी, जिसे उपचार के लिए वह अस्पताल ले गए। घटना से परिवार दहशत में है। पीड़ित का पति विश्वास मिश्रा का आरोप है कि यह लोग आए दिन हमारा पुश्तैनी मकान आवादी की जमीन हड़पने के चक्कर में मारते पीटते हैं और पुलिस भी सुनवाई नहीं करती है। इसके पहले चार दिन पूर्व भी मारे थे। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने कोई करवाई नही की थी। इससे खुन्नस खाए हुए मनबढो ने दोबारा घटना को अंजाम दिए।
भगवान बुद्ध और बुद्ध पूर्णिमा -डॉ दिलीप कुमार सिंह
भगवान बुद्ध मानवता के सर्वोच्च प्रतिमान बन चुके हैं भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्णा संपूर्ण संसार में कितना लोकप्रिय कोई नहीं हुआ जितना भगवान बुद्ध है सच्चे अर्थों में उन्हें विश्व का और ज्ञान का प्रकाश स्तंभ कहा जा सकता है कम से कम 50 देश में भगवान बुद्ध के मत के अनुयाई रहते हैं इनकी संख्या 180 करोड़ से भी ज्यादा है यह इस बात का प्रमाण है कि ढाई हजार से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी भगवान बुद्ध इस धरती पर जागृत है
भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था जो पहले भारत का एक गणराज्य था और वर्तमान में यह नेपाल में है इस बात से स्पष्ट है कि प्राचीन काल में नेपाल भी भारत का एक अंग था यह भी ध्यान देने वाली बात है कि भगवती सीता देवी के पिता महाराज जनक जो ब्रह्म ऋषियों से बड़े ज्ञानी थे इसी मिथिला के थे जो तक भारत का अंग था और वर्तमान में अभी नेपाल में
भगवान बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम का जन्म देने के कुछ समय बाद ही उनकी महामाया देवी का स्वर्गवास हो गया था लेकिन मा प्रजापति गौतमी ने उनका पालन पोषण किया इससे उनके नाम के आगे गौतम लग गया जिन्होंने भगवान बुद्ध को असली मां से भी अधिक में और प्रेम दियाऔर अंत तक रहा। भगवान बुद्ध के जन्म के समय बड़े-बड़े ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी किया तो यह बालक चक्रवर्ती सम्राट होगा और सारे पृथ्वी को जीत लेगा या ऐसा महानतम सन्यासी होगा जिसका ज्ञान सारी धरती को जीत लेगा इसलिए उनके पिता शुद्धोधन ने हर संभव प्रयास किया की बालक दुनिया के दुखों से कष्ट से पीड़ा से बिल्कुल अनजान है लेकिन नियति को तो कुछ और स्वीकार था।
भगवान बुद्ध को सांसारिक सुख में लिप्त रहने के लिए उनके पिता ने उनके लिए सर्दी गर्मी और वर्षा ऋतु के लिए तीन अलग-अलग शानदार महल सुंदर से सुंदर बाग बगीचा और वाटिका लगाया और उसे समय की सबसे सुंदर स्त्री यशोधरा से उनका विवाह भी कर दिया लेकिन भगवान बुद्ध को ईश्वरीय संदेश स्वप्न में आते ही रहते थे उनका सरकी छंदक बहुत ही बुद्धिमान था और वह भगवान बुद्ध को राजा के वचनों के अनुसार दुख और परेशानी के दृश्यों से दूर रखता था।
सिद्धार्थ बचपन से ही बहुत शक्तिशाली और मेधावी थे खेलकूद में सबसे आगे रहते थे उनका चचेरा भाई देवदत्त उनका सबसे बड़ा प्रतिबंध था एक बार उसने हंस को तीर मार दिया भगवान बुद्ध ने उसकी सेवा किया दोनों में विवाद हुआ की हंस किसका है और राजा ने निर्णय दिया कि बचाने वाले का अधिकार करने वाले से अधिक होता है इसलिए हंस सिद्धार्थ का है एक बार उनके राज्य में युद्ध की प्रतियोगिता हुई सिद्धार्थ गौतम सब प्रतियोगिता में सबसे आगे रहे लेकिन उड़ते हुए पक्षी को अपने करुणा के कारण मरने से अच्छी कार्य कर दिया उनका लक्ष्य वेध अचूक होता था।
भगवान बुद्ध एक बार महल से बाहर जनता के बीच घूमने निकले वहां पर उन्होंने वास्तविक जीवन को दिखा उन्होंने एक भिखारी को देखा एक मरे हुए व्यक्ति को देखा और एक संन्यासी को देखा और भी अनेक दृश्य देख जिससे वह बहुत विचलित हो गए सारथी ही के द्वारा सब कुछ ज्ञात होने पर और यह ज्ञात होने पर की सभी को अंत में मर जाना है और भी अधिक विचलित हो गए लेकिन सन्यासी के तेज से बहुत प्रभावित है और अंत में निश्चय किया की पुत्र और पत्नी राजपाट धन-धान्य को छोड़कर उन्हें सन्यासी बनना है
एक दिन संकल्प करके आधी रात को हुए भवन से बाहर निकल पड़े सारथी के पास नदी के किनारे आए और अपना वस्त्र आभूषण की समान देकर सारथी को विदा किया अपने बाल उतार दिए और ज्ञान की खोज में निकल पड़े वहां उन्होंने गुरु अलार कलाम और उद्रक राम पुत्र से गंभीर ज्ञान प्राप्त हुआ लेकिन मन को संतोष नहीं हुआ और भी बड़े-बड़े ज्ञानी ऋषि मुनि से मिले पर वह नहीं मिला जो वह खोजने गए थे अर्थात् जरा जीर्णता और मृत्यु से छुटकारा पाने का परम ज्ञान इसलिए वे आगे बढ़ते चले गए इसी क्रम में उन्हें सारनाथ में छः तेजस्वी शिष्य मिले जिनके साथ उन्होंने गणगौर तपस्या किया और सुख कर बिल्कुल कांटा हो गए फिर भी उन्हें उनके परम ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ
इसी अवस्था में सुजाता नाम की कन्या पुत्र जन्म की खुशी में खीर लेकर वृक्ष देवता को चढ़ाने आई और कंकाल मंत्र भगवान बुद्ध को देखकर समझी कि यही साक्षात वृक्ष देवता हैं और फिर अर्पित कर दिया भगवान बुद्ध ने बड़े प्रेम से खीर खाया यह देखकर उनके छह शिष्य भगवान बुद्ध की तपस्या खंडित हो गई ।
इसके बाद भगवान बुद्ध बोधगया में नदी के किनारे विराट पीपल के वृक्ष के नीचे बैठे और यह सोचकर अखंड समाधि लगाए किया तो मेरा महाप्रयाण हो जाएगा या परम ज्ञान प्राप्त हो जाएगा इस दशा में पूरे 1 महीने तक ध्यान मग्न समाधि में लीन रहे। और अंत में 1 सप्ताह के बाद उन्हें परम ज्ञान प्राप्त हुआ इस क्रिया को बुद्धत्व की प्राप्ति कहा जाता है तब से वह भगवान बुद्ध कह गए बाद में उनके शिष्यों को पश्चाताप हुआ और उन्होंने क्षमा याचना किया इसके बाद संपूर्ण जीवन भगवान बुद्ध ने पूरे विश्व में दया परोपकार करना शांति अहिंसा का संदेश फैलाया
आज भले लोग बौद्ध धर्म को अलग धर्म मान रहे हैं लेकिन भगवान बुद्ध ने इसे अलग धर्म नहीं माना उन्होंने केवल सनातन धर्म में आई कमी अंधविश्वास और रूढ़ियों को हटाकर परम दिव्य ज्ञान का प्रकाश फैलाया और पूरी दुनिया में उनके ज्ञान का प्रकाश फैल गया उन्होंने अंगुलिमाल जैसे शैतानी डाकू को भी अपने बस में करके अपने महान शक्ति का प्रदर्शन किया और अंत में 80 वर्ष की अवस्था में 483 ईसा पूर्व में उन्होंने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया उनका जन्म मृत्यु और ज्ञान प्राप्ति तीनों एक ही दिन हुआ था यह बहुत ही विलक्षण घटना थी भगवान बुद्ध एक ऐसे महान विभूति हैं जिनके ज्ञान का प्रकाश दिग्विगंत में फैल रहा है ईश्वर को लेकर वे नास्तिक नहीं थे लेकिन उसकी गलत व्याख्या की गई है ईश्वर के बारे में उन्होंने अपने विचार कभी व्यक्त नहीं किया आज भगवानपुर और उनकी शिक्षाओं की पूरे विश्व को आवश्यकता है
भगवान बुद्ध की जयंती वैसा पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है इसको बुद्ध जयंती वैसाख वेसाक विशाख बुन सागा दाव फो दैन फैट दैन जैसे नाम से भी जाना जाता है भगवान बुद्ध की जयंती वैसाख पूर्णिमा समस्त सनातनी मानते हैं क्योंकि भगवान बुद्ध भगवान विष्णु के नवें अवतार माने जाते हैं दसवां और अंतिम अवतार भगवान कल्कि चुका है जो कलयुग के अंत में जन्म लेंगे। यहां पर बड़ी ही धूमधाम से भगवान बुद्ध के धर्मस्थली गोंडा उनके जन्म स्थान लुंबिनी और महापर्यन स्थान कुशीनगर में मनाया जाता है इस अवसर पर भगवान बुद्ध को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं का प्रचार प्रसार किया जाता है जो पहली बार सम्राट अशोक के द्वारा देश-विदेश में की गई थी l
रास्ते के विवाद में चार लोग गिरफ्तार, कोर्ट भेजा गया
खेतासराय (जौनपुर) थाना खेतासराय क्षेत्र के ग्राम अहिरोपरशुरामपुर में जमीन के बंटवारे और रास्ते को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के चलते दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंची खेतासराय पुलिस ने शांति भंग की आशंका के दृष्टिगत प्रथम पक्ष से दो और द्वितीय पक्ष से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। थाना खेतासराय की पुलिस टीम ने शनिवार को संबंधित धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में इन्द्रसेन पुत्र ललई (उम्र 57 वर्ष), इन्द्रकला पत्नी इन्द्रसेन (उम्र 53 वर्ष), उग्रसेन पुत्र ललई (उम्र 42 वर्ष) व नीलम पत्नी उग्रसेन (उम्र 40 वर्ष) निवासीगण ग्राम अहिरोपरशुरामपुर, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक कपिलदेव, हेड कांस्टेबल राकेश यादव, महिला हेड कांस्टेबल रीना देवी, कांस्टेबल हरखनाथ यादव शामिल रहे।
बिना रजिस्ट्रेशन भगवान भरोसे चल रहा अस्पताल, विभाग मौन
अप्रशिक्षित कर रहे ऑपरेशन, मरीजों का हो रहा शोषण
खेतासराय (जौनपुर) शाहगंज सोंधी विकास खंड के अरंद गाँव में एक भाड़े के कमरे में संचालित हो रहा कथित निजी अस्पताल न तो पंजीकृत है और न ही किसी मानक का पालन करता है। इसके बावजूद, यहाँ निडर होकर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों का शोषण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदेहास्पद बना रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई अनुभवी डॉक्टर है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। गर्भवती महिलाओं को डरा-धमकाकर अनावश्यक ऑपरेशन के लिए मजबूर किया जाता है। ऑपरेशन के बाद जब मरीज की हालत बिगड़ती है, तो आनन-फानन में उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है।
बताया जाता है कि यह अस्पताल बिना किसी पंजीकरण या डिग्री के, भगवान भरोसे चल रहा है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ दलाल गाँवों से मरीजों को बहला-फुसला कर इस कथित अस्पताल में लेकर आते हैं, जहाँ पहले तो उन्हें महंगी और अनावश्यक जाँचों के जाल में फँसाया जाता है और फिर भय का माहौल बनाकर सीजेरियन ऑपरेशन के लिए मजबूर किया जाता है।
गाँव के निवासी रविन्द्र कुमार ने बताया कि यह अस्पताल पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित हो रहा है और प्रतिदिन कई मरीज इसके शिकार बन रहे हैं। वहीं, उर्मिला देवी का कहना है कि अस्पताल संचालक रसूखदार हैं और वर्षों से यह अस्पताल प्रशासन की आँखों में धूल झोंकते हुए बेधड़क चल रहा है। सरकारी सुविधाओं के होते हुए भी ग्रामीण इस जाल में फँसते जा रहे हैं।
जब इस पूरे मामले को लेकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी सोंधी, डॉ. सूर्यप्रकाश यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा, अस्पताल का शीघ्र भौतिक निरीक्षण किया जाएगा और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
India-Pakistan में परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा ?
What will happen if there is a nuclear war between India and Pakistan: डॉ दिलीप कुमार सिंह
India-Pakistan nuclear war परमाणु हमले को अधिकांश भारत के लोग हंसी मजाक में लेते है जबकि यह बहुत गंभीर विषय है । दुनिया बारूद के ढ़ेर पर खड़ी है । पाकिस्तान जैसे देश के पास परमाणु बम होना ही कांग्रेस के 65 सालों की नाकामी है। होना तो यह चाहिए था कि पाकिस्तान जैसे उत्तरदायित्व वहीं और आतंकी देश के पास एक भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए लेकिन आज उसके पास 140 से 160 परमाणु अस्त्र हैं और भारत के पास लगभग 200 परमाणु नाभिकीय महा भयंकर परमाणु और हाइड्रोजन बम है।
इसराइल बहुत ही छोटा सा देश है उसने कभी भी किसी भी अपने पड़ोसी अरब के देश को परमाणु बम बनाने का मौका नहीं दिया । जब भी किसी ने कोशिश की सीधे उसके प्लांट पर ही हमला किया चाहे कितनी ही देशों की सरहदें उसको पार करनी पड़े। ईरान पर कई बार प्रहार करके इसराइल ने उसे परमाणु बम बनाने नहीं दिया और यही हाल अन्य देशों का भी किया है जबकि भारत यह भी करने में सक्षम नहीं रहा है लेकिन एक बात अवश्य है कि परमाणु बमों के मामले में पाकिस्तान के परमाणु बम सचमुच हैं या नहीं है और उनका विस्फोट होगा भी या नहीं यह अभी-अभी संदेह के घेरे में है
पर भारत की पूर्ववर्ती सरकारों ने ऐसा होने दिया और एक बंदर के हाथ मे भयानक परमाणु बम का रिमोट पकड़ा दिया है ।भारत एक जिम्मेदार और प्रगति चाहने वाला देश है । पर बर्बादी की कगार पर खड़ा पाकिस्तान का भरोसा कुछ भी नहीं । खैर जब तक वहां नाममात्र का लोकतंत्र है है वह ठीक ठाक रहेगा पर डर है तख्तापलट होकर कुछ अनहोनी होने का । और यह काम बहुत आसान है और कभी भी आतंकी वहां पर कब्जा करके परमाणु बम का प्रयोग भारत अफगानिस्तान यहां तक कि इसराइल पर भी कर सकते हैं l
डॉ दिलीप कुमार सिंह -ज्योतिष विज्ञानी
अब बात करते है परमाणु हथियारों की और अगर ये हुआ तो परिणाम की । अनुच्छेद 370 हटने का बाद और भगवान श्री राम का मंदिर बनने के बाद से हिंदुस्तान और पाकिस्तान दोनों तरफ तनाव है। पाकिस्तान बार-बार परमाणु युद्ध की धमकी दे रहा है लेकिन भारत शांत है पाकिस्तान की धमकियों का जवाब नहीं दे रहा है लेकिन अगर दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो इसका अंजाम बहुत भयानक होगा और कल्पना से भी परे होगा।
भारत के पास करीब 180-2000 परमाणु नाभिकीय बम हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 140-150 न्यूक्लियर बम हैं। अगर युद्ध हुआ तो एक बार में 2 करोड़ 20 लाख लोग मारे जाएंगे। इनमें से 90 लाख लोग बम की तपिश से झुलस जाएंगे, लाखों लोगों की मौत का कराण रेडिएशन बनेगा और पृथ्वी की आधी ओज़ोन परत तबाह हो जाएगी। आसमान पर काला धुआं छा जाएगा, बेहिसाब ठंड पड़ेगी और करीब 2 अरब लोग भूख से मारे जाएंगे। संपूर्ण धरती पर जीव जंतु जगत और वनस्पतियों पर इसका विनाशकारी सकारी प्रभाव पड़ेगा जो लगातार 12 वर्षों तक और आगे सैकड़ो वर्ष तक जारी रहेगा ऐसा महाभारत में विभिन्न दिव्यास्त्रों के प्रयोग में देखा गया है विभिन्न प्रकार के दिव्यास्त्र जैव रासायनिक परमाणु नाभिकीय बम के विराट रूप से जिन्हें छोड़ने के बाद भी नियंत्रित किया जा सकता था लेकिन आज यह भी संभव नहीं है अश्वत्थामा द्वारा प्रयोग किए गए ब्रह्माशीर नाम के महान दिव्यास्त्र द्वारा संपूर्ण राजस्थान मरुस्थल बन गया था
अगर भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हुआ तो इसका प्रकोप सिर्फ एक शहर, एक प्रांत या एक देश तक सिमित नहीं होगा बल्कि इस विनाश की चपेट में पूरी दुनिया आ जाएगी। दोनों देशों में कोई भी देश पहले हमला करे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि इस चिंगारी को कोई भी भड़काए आग दोनों तरफ बराबर लगेगी। और यह आग पाकिस्तान को तो पूरी तरह रख कर देगी लेकिन लगता नहीं कि भारत पर पाकिस्तान परमाणु बम का प्रयोग कर पाएगा उसके पहले ही उसे उसके नष्ट कर दिया जाएगा
भारत और पाकिस्तान के पास मिलाकर करीब 300 परमाणु बम हैं। अगर इनमें से आधे परमाणु बमों का भी इस्तेमाल हुआ तो क्या होगा, ये सवाल ही डरा देता है। पाकिस्तान के पांच बड़े शहर कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी और पेशावर हैं और ये पांचों शहर भारतीय परमाणु हथियार की रेंज में हैं। 1945 में हिरोशिमा में जिस परमाणु बम ने विनाश किया था वो सिर्फ 15 किलोटन का था। भारत के पास इससे कई गुना बड़े और खतरनाक परमाणु बम हैं।अगर पाकिस्तान परमाणु जंग शुरू करता है तो भारत इन पाचों शहरों को निशाना बना सकता है जिसके बाद ऐसे तबाही मचेगी जिसके बारे में सोचकर ही आत्मा कांप जाती है। अगर इस्लामाबाद पर 100 किलोटन का एटमी बम फोड़ा गया तो धमाके के 7किलोमीटर तक सब कुछ खत्म हो जाएगा।
कंक्रिट की बिल्डिंग छोड़ कर कुछ भी नहीं बचेगा। 3.21 किलोमीटर तक भूकंप के बेहद तेज झटके लगेंगे। 10.5 किलोमीटर तक रेडिएशन फैलेगा जिससे इंसान जानवर कोई भी नहीं बच पाएगा।धमाके की वजह से 14.2 किलोमीटर तक सारी इमारते गिर जाएगी और बिल्डिंग में छिपे इंसान भी नहीं बच पाएंगे। 47.9 किलोमीटर थर्मल रेडिएशन का असर होगा जो लाखों लोगों को निगल जाएगा। और इसके द्वारा उत्पन्न अनंत ऊर्जा और सूर्य की सतह के बराबर का तापमान सब कुछ जलकर राख कर देगा
100 किलोमीटर तक घरों की खिड़कियां चटक जाएंगी। इस्लामाबाद के 13 किलोमीटर दूर पेशावर है, 36 किलोमीटर वाह शहर है और 110 किलोमीटर मरदान शहर है, यानि एक बम तीन शहर बर्बाद कर देगा। लेकिन ऐसा नहीं है कि परमाणु बम का असर सिर्फ पाकिस्तान तक रहेगा, बल्कि प्रलय तो परमाणु बम से मची बर्बादी के बाद आएगा और करीब 2 अरब लोग भूखे प्यासे मर जाएंगे।परमाणु धमाके में एक सेकेंड में बेहिसाब ऊर्जा निकलती है। और यह एक बार प्रारंभ हो जाती है तो उसको रोक नहीं जा सकता इसीलिए इसको श्रृंखलाबद्ध अभिक्रिया कहा जाता है अभी दुनिया में माना जाता है कि कल 15000 के लगभग परमाणु नाभिकीय अस्त्र है जिसमें आधे से अधिक केवल सोवियत संघ के पास हैं इसके बाद अमेरिका के पास 6000 के आसपास परमाणु नाभिकीय बम है जबकि फ्रांस ब्रिटेन भारत इजराइल चीन और पाकिस्तान को मिलाकर सबके पास 1000 परमाणु नाभिकीय बम का भंडार है
विस्फोट की जगह पर तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। इस धमाके के बाद जो महा भयानककाला भूरा धुआं निकलेगा वो पृथ्वी पर छा जाएगा और वह एवरेस्ट गौरीशंकर से तीन गुनी अधिक ऊंचाई पर जाएगा समुद्र में सुनामी आ जाएगी और दिन में काली अमावस्या का प्रकोप शुरू हो जाएगा। अगर भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध होता है तो इसका असर दुनिया पर कैसे पड़ेगा, वैज्ञानिकों ने जब इस पर शौध किया तो दुनिया भर में सन्नाटा पसर गया।भारत-पाक परमाणु युद्ध से निकला काला धुआं धीरे-धीरे पूरी दुनिया पर छाने लगेगा। करीब 15 दिन में पूरी दुनिया में अंधेरा छा जाएगा। धुआं बेहद काला होगा जो सूरज की रोशनी को सोख लेगा जिस कारण तापमान गिरना शुरू हो जाएगा और दुनिया में प्रचंड ठंड की मार पड़ेगी। पेड़-पौधे, वनस्पतियां सब खत्म हो जाएंगे। न्यूक्लियर धुएं से पृथ्वी का मौसम साइकिल खत्म हो जाएगा। भारत और पाकिस्तान में तो ज़िंदगी पहले ही दम तोड़ चुकी होगी।
अमेरिका में भी खेत कभी लहरा नहीं सकेंगे और दुनिया भर में भूख से दंगें फसाद शुरू हो जाएंगे।हिरोशिमा में परमाणु धमाके को 74 साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी वहां पैदा होते बच्चों में रेडिएशन का असर नजर आता है। भारत-पाकिस्तान युद्ध तो उससे सैकड़ों गुना ज्यादा विध्वंसक होगा जिसका असर सैकड़ों साल तक मौजूद रहेगा। हिंदु्स्तान और पाकिस्तान दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं। पाकिस्तान के पास करीब 150 परमाणु बम हैं जिनमें से 66% बम जमीन से वार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पर मौजूद हैं। वहीं भारत 56 फीसदी परमाणु बमों को मिसाइल से पाकिस्तान पर दाग सकता है।पाकिस्तानी लड़ाकू विमान 38 फीसद परमाणु बम दाग सकते हैं जबकि भारत अपने फाइटर प्लेन से 45 फीसद परमाणु हमला कर सकता है।
वहीं पाकिस्तान के पास जल यानि समंदर के अंदर से परमाणु हमला करने का कोई तरीका नहीं है जबकि भारतीय पनडुब्बी में 12 परमाणु मिसाइल हर वक्त तैयार रहती हैं। परमाणु युद्ध होगा या नहीं ये पाकिस्तान को तय करना है क्योंकि जिस तरह से पाकिस्तान न्यूक्लियर वॉर के लिए तड़प रहा है वो साफ बताता है कि इमरान खान को परमाणु युद्ध कैसे लड़ा जाता है इसका ज़रा भी अंदाजा नहीं है।परमाणु युद्ध की रणनीति जल, थल और नभ से तय होगी। पाकिस्तान का कुल क्षेत्र 7 लाख वर्ग किलोमीटर का है जबकि भारत का क्षेत्र 32 लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा है। यानि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान को मिला दिया जाए तो वो पाकिस्तान से बड़े साबित होंगे। ऐसे में अगर पाकिस्तान भारत पर पहले परमाणु वार करता भी है तो हिंदुस्तान तब भी खड़ा रहेगा लेकिन हिंदुस्तान के आक्रोश के सामने पाकिस्तान भस्म हो जाएगा।
अभी तक प्रकट और प्रामाणिक रूप से केवल नागासाकी और हिरोशिमा पर ही परमाणु बम का प्रयोग किया गया जिसके नाम लिटिल बॉय और फैट मैन था और यह केवल 12 से 15 किलो टन का था जिसने नागासाकी और हिरोशिमा का इतिहास की मिटा दिया था इसके अलावा चेर्नोबिलमें हुई भयानक परमाणु दुर्घटना से सारा यूरोप और यूक्रेन का काफी भाग आज तक आक्रांत है भारत चीन फ्रांस ब्रिटेन अमेरिका रूस और कुछ अन्य देशों ने जो परमाणु हाइड्रोजन और अन्य बम का परीक्षण किया है वह इतनी खतरनाक है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है अभी तक मानव इतिहास में सबसे खतरनाक जार बम का प्रयोग सोवियत संघ द्वारा 1961 में किया गया जो नागासाकी हिरोशिमा में प्रयोग किए गए परमाणु बम से लाखों गुना अधिक शक्तिशाली है। भारत-पाकिस्तान के अलावा रूस और यूक्रेन अब और इसराइल तथा ईरान के युद्ध में भी भयानक परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है जो मानवता के लिए सबसे विनाशकारी इतिहास है लेकिन जहां तक भारतीय ज्योतिष और पंचांग का निष्कर्ष है तो फिलहाल अभी कोई भी परमाणु नाभिकीय युद्ध नहीं होने वाला है इसलिए आप लोग निश्चिंत रहें l
जौनपुर : बाल श्रम रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश बाल श्रम के खिलाफ अभियान के तहत श्रम नहीं शिक्षा को लेकर जन जागरूकता अभियान के तहत भदोही के अभोली ब्लॉक और जौनपुर के रामपुर ब्लाक के विभिन्न इंटर कॉलेज में बच्चों व युवाओं के द्वारा बाल श्रम की रोकथाम के लिए युवाओ से शपथ व हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया जिसमें गुरुकुल इंटर कॉलेज गोकुलपट्टी भदोही, इंटरमीडिएट कॉलेज दुर्गागंज भदोही और शिवम इंटरमीडिएट कॉलेज मसूदी दुर्गागंज भदोही से लगभग एक हजार बच्चे शपथ वह हस्ताक्षर अभियान में शामिल रहे और बच्चों और युवाओं को बताया गया की आप की जानकारी मे कही भी बच्चों से बाल श्रम कराया जा रहा है तो उसकी शिकायत सरकार द्वारा बनाये गये विभिन्न पोर्टल पर दे ताकि पढ़ने वाले बच्चों के हाथों मे किताबें व खिलौने हो यह कार्यक्रम उपरोक्त इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य -श्री वीरेंद्र प्रताप सिंह,श्री मनोज कुमार उपाध्याय और सहायक अध्यापक और कार्यकर्ता अजय जी, सुरेश जी, राजमणि जी व नरेंद्र जी रहे
JAUNPUR NEWS जौनपुर : राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सिद्धिकपुर जौनपुर परिसर में वृहद अप्रेंटिस तथा रोजगार मेले का आयोजन किया गया।मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण श्री गिरीश चंद्र यादव जी, विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र तथा मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाडिया की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मा0 मंत्री जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या 1500 रही, जिसमें रोजगार प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या 549 है। मंत्री द्वारा आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों को टैबलेट वितरण कर अभ्यर्थियों के मनोबल को बढ़ाया गया। तत्पश्चात रोजगार पाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया, मा0 मंत्री जी द्वारा राजकीय आईटीआई के विद्युत कनेक्शन को शहरी अंचल से जोड़ने हेतु उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया तथा ऑडिटोरियम, महिला आईटीआई बिल्डिंग, केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ जल्द प्रारंभ किये जाने की बात कही गई, उन्होंने अवगत कराया कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में युवाओं को अत्यधिक रोजगार प्राप्त कराया गया है एवं कंपनियों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया गया तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त की गई, नोडल प्रधानाचार्य द्वारा माननीय मंत्री जी को बुके तथा शाल भेंट कर स्वागत किया गया ।
जिलाधिकारी द्वारा अभ्यर्थियों के उत्साहवर्धन के लिए शॉल देकर सम्मानित किया गया, तथा अभ्यर्थियों को स्वस्थ रहने के मूल मंत्र दिए गए, वहीं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से संचालित नवनिर्मित कौशलम् केंद्र का गहन निरीक्षण कर मशीनों के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा रोजगार प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के उत्साहवर्धन हेतु शुभकामनाएं दी गई तथा जीवन में आगे बढ़ने का मूल मंत्र दिया गया।
प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई शाहगंज बृजेश कुमार, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र सिंहानिया, करंजाकला ब्लॉक के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजकेशर पाल, आई.आई.ए. के अध्यक्ष बृजेश यादव, हॉकिंस कंपनी के प्रमुख अमित जिंदल, यूं.ए.एल. के मैनेजर ए.भी.सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी जयप्रकाश पासवान तथा उद्योग विभाग के अधिकारी जयप्रकाश सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ कार्यदेशक अखिलेश कुमार सिंह, हरेंद्र यादव अनुदेशक देवेश यादव, शशिकांत सिंहानी, आशीष सिंह,पवन प्रजापति, राकेश पाल, मनीष यादव, प्रधान सहायक मनोज सिंह तथा रोहित सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, मंच का सफल संचालन अनुदेशक अजय यादव द्वारा किया गया। अंत में नोडल प्रधानाचार्य द्वारा आए हुए नियोक्ताओं तथा ड्यूटी में लगे समस्त कर्मचारीयों को सफल आयोजन हेतु बधाई दी गई तत्पश्चात समापन की घोषणा की गई तथा मा0 मंत्री जी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी मनीष कुमार पाल रहे।
वीर महाराणा प्रताप हमारे राष्ट्र नायक थे-रीतू सिंह
जौनपुर: सिरकोनी ब्लॉक के ग्राम हीरापुर में महाराणा प्रताप के जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची महाराणा प्रताप सेना की प्रदेश सचिव श्रीमती रीतू सिंह ने कहा कि वीर राणा प्रताप जी सिर्फ एक योद्धा ही नहीं वरन हमारे राष्ट्र नायक हैं।
हल्दीघाटी में जिस वीरता व पराक्रम के साथ युद्ध लड़ा वह अविस्मरणीय है। बहुत कम संख्या के सहयोगियों के साथ तत्समय के मुगल शासक अकबर को हल्दी घाटी के मैदान में धूल चटा दिया। ऐसा भयानक युद्ध संभवतः ऩ हुआ था और न होगा।महाराणा प्रताप जी की गौरव गाथा हम जितना भी बताए कम ही है ।राष्ट्रभक्त की परिकल्पना बिना उनके अधूरी है । देश हित में उन्होंने घास की रोटियां खाना पसंद किया था परंतु कभी भी पराधीनता उन्होंने स्वीकार नहीं किया ।मुख्य अतिथि का स्वागत ब्लॉक अध्यक्ष संध्या चौहान के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा माला पहना कर किया गया।उक्त अवसर पर जिला प्रभारी शिवानी पांडेय जी जिला अध्यक्ष डॉ रेखा सिंह उपाध्यक्ष रेनू आंचल तिवारी जी उपस्थिति रहेसंचालन शिवानी पांडेय ने कियाधन्यवाद ज्ञापन संध्या सिंह चौहान ने किया।
मां शारदा बालिका कॉलेज में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर
मां शारदा बालिका इंटर कॉलेज खाना पट्टी में आयोजित हुआ विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर
जनपद जौनपुर न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में एक विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन मां शारदा बालिका इंटर कॉलेज खाना पट्टी सिकरारा जौनपुर में आयोजित किया गया इस अवसर पर अपर सत्र एवं जनपद न्यायाधीश तृतीय/ सचिव प्रशांत कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार सिंह बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय प्रबंधक जय नारायण सिंह एडवोकेट अमित सिंह जिला अध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ काउंसलर जिला चिकित्सालय डॉक्टर सीमा सिंह प्रधानाचार्य शरद सिंह एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी सुनील कुमार मौर्य राकेश कुमार यादव एवं पैरालीगल वॉलिंटियर सुभाष यादव शिव शंकर सिंहविद्यालय के शिक्षक गण और छात्र-छात्राएं और संभ्रांत लोग तथा मीडिया का लोग उपस्थित रहे
मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सचिव प्रशांत कुमार सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की उपयोगिता एवं इसके कार्यों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बच्चों को सफलता के गुण बताएं और कहा कि निरंतर प्रयास करने वाला सफल होता है उन्होंने छात्राओं को जागरुक करते हुए पुलिस प्रशासन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता कैसे ली जाती है इस बारे में विस्तार से बताया इसके अलावा उन्होंने बालिकाओं के विभिन्न प्रकार के पूछे गए प्रश्नों का भी सरल और सरगर्वित भाषा में उत्तर दिया उन्होंने देश के प्रति संवेदनशील होने और कानून और संविधान के प्रति सम्मान देने पर भी बोल दिया
डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि जब देश में मुकदमों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई तब न्यायमूर्ति पीएन भगवती और वी कृष्णा अय्यर ने वैकल्पिक न्याय प्रणाली की स्थापना की और 1985 में विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम बना जिससे करोड़ों मुकदमों का निस्तारण हर वर्ष हो रहा है उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए अनवरत परिश्रम करने जागरूक होनेऔर सुनीता विलियम्स मैडम क्यूरी कल्पना चावला मैरी कॉम व्योमिका सिंह गार्गी अपाला सीता सावित्री जीजाबाई जैसे उदाहरण का अनुकरण करने को कहा साथ ही संस्कार सीखने और नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने पर भी बल दिया साथी उन्होंने कहा कि बिना जागरूक हुए कितने भी कानून बनाए जाएं उनका बहुत लाभ नहीं मिलने वाला है
काउंसलर पारिवारिक न्यायालय देवेंद्र कुमार यादव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विभिन्न अंगों मध्यस्थता और सुलह अधिनियम डिफेंस काउंसिल सिस्टम रिटेनर जेल विजिटर पैरालेगल वॉलिंटियर और प्रीलिटिगेशन के बारे में बताते हुए लिंग भेद और कन्या भ्रूण हत्या पर प्रकाश डाला
इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय द्वारा बालिकाओं के लिए विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में काउंसलर डॉक्टर सीमा सिंह के द्वारा कानून का दुरुपयोग न करने कन्या भ्रूण हत्या और नारी जागरूकता के बारे में खंड शिक्षा विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह के द्वारा शिक्षा का महत्व और उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया गया और विद्यालय के प्रबंधक जयनारायण सिंह एडवोकेट के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया
कार्यक्रम के अंत में बोर्ड परीक्षाओं में मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाली छात्रों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह के द्वारा सम्मान पत्र दिया गया और विद्यालय के प्रबंध तंत्र के द्वारा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव एवं डॉ सीमा सिंह खंड शिक्षा अधिकारी अजीत कुमार सिंह थाना अध्यक्ष सिकरारा को शाल एवं स्मृति चिन्ह एवंभगवान श्री राम कीप्रतिमा देकर सम्मानित किया गया
इस कार्यक्रम का सुंदर ढंग से संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ दिलीप कुमार सिंह के द्वारा किया गया
JAUNPUR CRIME: विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की कैद
घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देकर किया दुष्कर्म
JAUNPUR CRIME NEW जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र में 6 वर्ष पूर्व घर में घुसकर विवाहिता को धमकी देकर दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को 10 वर्ष के कारावास व 14000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन कथानक के अनुसार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अभियोग पंजीकृत करवाया कि दिनांक 21 जुलाई 2019 को वह अपनी साइकिल की दुकान बंद करके रात 9:00 बजे अपने घर पहुंचा तो उसकी पत्नी बहुत परेशान व बदहवास थी। उसने बताया की रात 8:00 बजे राहुल उसके कमरे में घुस आया और उसका मुंह बंद करके उसे तथा उसके पति को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने 100 नंबर पुलिस को बुलाया था किंतु बरसात होने की वजह से रात में थाने नहीं गया। दूसरे दिन 22 जुलाई 2019 को वह मुकदमा पंजीकृत करवाया।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी युवक को दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कारावास व 14000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया।