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JAUNPUR CRIME: विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की कैद

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JAUNPUR CRIME: विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की कैद
JAUNPUR CRIME: विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपी को 10 वर्ष की कैद

घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देकर किया दुष्कर्म

JAUNPUR CRIME NEW जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र में 6 वर्ष पूर्व घर में घुसकर विवाहिता को धमकी देकर दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को 10 वर्ष के कारावास व 14000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया।


  • अभियोजन कथानक के अनुसार सरायख्वाजा थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अभियोग पंजीकृत करवाया कि दिनांक 21 जुलाई 2019 को वह अपनी साइकिल की दुकान बंद करके रात 9:00 बजे अपने घर पहुंचा तो उसकी पत्नी बहुत परेशान व बदहवास थी। उसने बताया की रात 8:00 बजे राहुल उसके कमरे में घुस आया और उसका मुंह बंद करके उसे तथा उसके पति को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने 100 नंबर पुलिस को बुलाया था किंतु बरसात होने की वजह से रात में थाने नहीं गया। दूसरे दिन 22 जुलाई 2019 को वह मुकदमा पंजीकृत करवाया।

  • न्यायालय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी युवक को दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के कारावास व 14000 रूपए अर्थदंड से दंडित किया।

ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर छात्राओं ने मनाया जश्न

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पीयू में ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर छात्राओं ने मनाया जश्न
कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्‍योमिका की फोटो लेकर किया अभिनन्दन

जौनपुर.। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संकाय भवन में शुक्रवार को मिशन शक्ति 5 के अंतर्गत ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी पर अभिनन्दन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मिशन शक्ति की समन्वयक डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव के नेतृत्व में छात्राओं ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और एयरफोर्स की विंग कमांडर व्‍योमिका सिंह के अदम्य साहस पर चर्चा की गई. छात्राओं ने कहा कि उन्हें देश की बेटी होने पर गर्व है.।


मिशन शक्ति की समन्वयक डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय की आज छात्राओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्‍योमिका सिंह की फोटो लेकर अभिनन्दन किया है और आतंकवादियों को यह यह संदेश दिया है कि इस देश की महिलाएं उनके इरादों को नाकाम करने के लिए काफी है।


उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बहुत गौरव की बात है कि मातृ शक्तियों पर भरोसा किया गया और ऑपरेशन सिंदूर के लिए जिम्मेदारी दी गई. मातृ शक्तियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि उन्हें अगर मौका मिले तो दुश्मनों के खेमे में घुसकर गोले भी बरसाएगी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और उत्तर प्रदेश सरकार में मिशन शक्ति का जिस तरह अभियान चलाया उसका उद्देश्य यही है कि महिलाओं को प्रत्येक जगह उचित अवसर दिया जाए. उन्होंने कहा कि हमारे देश में मां दुर्गा पूजी जाती हैं और वह राक्षसों नाश करतीं है इसी तरह इन महिलाओं ने आतंकियों को नष्ट करने का कार्य है.संकाय भवन में आयोजित इस अभिनन्दन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की छात्राएं शामिल हुई ।

छात्रों ने उल्लास के साथ लगवाया टीडी का टीका

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छात्रों ने उल्लास के साथ लगवाया टीडी का टीका
छात्रों ने उल्लास के साथ लगवाया टीडी का टीका

खेतासराय (जौनपुर) डिप्थीरिया की रोकथाम को लेकर स्कूलों में टीकाकरण अभियान जारी है। गुरुवार को नेशनल चिल्ड्रेन स्कूल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कक्षा पांच के छात्रों को टीडी वैक्सीन लगाई। छात्रों ने उत्साहपूर्वक वैक्सीन लगवाई।‌ प्रिंसिपल राममूर्ति यादव ने अभियान को सफल बनाने में भरपूर सहयोग दिया। टीकाकरण टीम में एएनएम तमन्ना और आशा कालिंदी पाठक रहीं।

आंधी पानी से खेतासराय में 12 घंटे गुल रही बिजली

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आंधी पानी से खेतासराय में 12 घंटे गुल रही बिजली
आंधी पानी से खेतासराय में 12 घंटे गुल रही बिजली

खेतासराय(जौनपुर):- आंधी और गरज चमक के साथ हुई बारिश के दौरान फाल्ट आने से बुधवार की अर्द्ध रात्रि नगर की बिजली गुल हो गई। गुरुवार को बिजली कर्मचारियों के प्रयास से लगभग 12 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। बिजली न रहने से उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।


रात्रि करीब साढ़े बारह बजे मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ गया। आंधी के साथ बादलों की गर्जना और चमक के बीच बारिश होने लगी। इस दौरान नगर की बिजली गायब हो गई। सुबह तक बिजली आपूर्ति न होने पर उपभोक्ताओं ने बिजली कर्मचारियों से संपर्क किया तो पता चला कि आंधी के दौरान 11 हजार की लाइन में कहीं फाल्ट आ गया है। कर्मचारियों के प्रयास से मनेछा में फाल्ट मिलने पर उसे दोहर लगभग डेढ़ बजे ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई। इस बारे में जेई और एसडीओ के सीयूजी नंबर पर बात करने की कोशिश की गई तो मोबाइल बंद मिला। लाइमैन दयाराम ने बताया कि मनेछा के पास आंधी पानी के दौरान इंसुलेटर पंक्चर हो गया था। मरम्मत करने के बाद बिजली आपूर्ति चालू किया गया।

नही लगा मेला फिर भी पहुँचे गाज़ी मियां के जायरीन

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नही लगा मेला फिर भी पहुँचे गाज़ी मियां के जायरीन
नही लगा मेला फिर भी पहुँचे गाज़ी मियां के जायरीन

कनूरी कर मत्था टेका मन्नतें मुरादें मांगी

खेतासराय (जौनपुर) गुरुवार को नगर मे परंपरागत रूप से लगने वाला गाज़ी मियां का मेला इस बार प्रशासनिक अनुमति न मिलने पर नहीं लगा फिर भी सैकड़ों अकीदत मंद और जायरीन नगर के उत्तरी छोर पर डोभी वार्ड मे स्थित खेतों में लहबर पर मत्था टेकने पहुंचे। विदित हो कि पुलिस प्रशासन द्वारा शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए गुरुवार को परंपरागत रूप से लगने वाले मेले के लिए अनुमति नहीं दी थी। मेला न लगने की जानकारी न हो पाने के कारण सैकड़ों जायरीन और अकीदतमंद सुबह से नगर के उत्तरी छोर पर सड़क के पूरब दिशा में खेतों में छोटे लहबर पर जायरीनो ने मजार पर मत्था टेका और फूल चढ़ाए और मन्नत मुराद मांगी। लोगो ने खेत मे गाज़ी मियां के लिए परंपरागत रूप से मिट्टी के बर्तन मे पकवान पका कर कनूरी भी की। शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात रही । मेले लगने की मनाही के चलते सड़क पर भीड़भाड़ नहीं रही। अस्थाई दुकानें और झूले आदि भी नही लगे लेकिन दिन भर जायरीनों का आवागमन जारी रहा। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि गाजी मियां के नाम पर क्षेत्र में गुरखेत का मेला लगाने की अनुमति नहीं दी गई। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर:भारतीय आत्मा के स्वर और विश्व चेतना के सेतु

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राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर
राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर

भारत के सांस्कृतिक इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो न केवल अपने युग को आकार देते हैं, बल्कि युगों के पार जाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाशस्तंभ बनते हैं। रवींद्रनाथ ठाकुर (टैगोर) ऐसे ही विराट व्यक्तित्व के धनी थे। उनकी जयंती (7 मई) केवल एक कवि के जन्मदिवस की याद नहीं है, बल्कि यह भारतीय आत्मा के पुनर्जागरण, सांस्कृतिक स्वाभिमान और वैश्विक मानवीयता की पुनः पुष्टि का दिन है। जिसने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को एक नया स्वर और दिशा दी, वह हैं गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर, जिन्हें विश्व आज रवींद्रनाथ टैगोर के नाम से जानता है। उनका जीवन केवल एक साहित्यकार की नहीं, बल्कि एक विचारक, शिक्षक, देशभक्त और मानवतावादी की जीवंत गाथा है।

रवींद्रनाथ ठाकुर ने वर्ष 1913 में गीतांजलि नामक काव्यसंग्रह के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। यह न केवल उनकी साहित्यिक प्रतिभा की मान्यता थी, बल्कि एशिया के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। वे पहले एशियाई व्यक्ति थे जिन्हें यह वैश्विक सम्मान प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि उस समय के भारत के लिए एक सांस्कृतिक गर्व का विषय थी, जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। उनके शब्दों में गूंजती आत्मा की पुकार, शांति, प्रेम और आध्यात्मिकता ने पश्चिमी जगत को भारतीय चिंतन की गहराई से परिचित कराया। उनकी लेखनी ने कविता, कहानियाँ, उपन्यास, नाटक और निबंध जैसे सभी साहित्यिक विधाओं को समृद्ध किया। उन्होंने 2000 से अधिक गीतों की रचना की, जिन्हें आज रवींद्र संगीत के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाएँ केवल कलात्मक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदना से ओतप्रोत हैं।

उनकी रचना जन गण मन आज भारत का राष्ट्रगान है, जबकि बांग्लादेश का राष्ट्रगान आमार सोनार बांग्ला भी उन्होंने ही लिखा। यह दुर्लभ सम्मान है कि एक ही व्यक्ति दो देशों के राष्ट्रगान का रचयिता हो। औपनिवेशिक शिक्षा प्रणाली से संतुष्ट नहीं थे। वे शिक्षा को जीवन से जोड़कर देखना चाहते थे। एक ऐसी शिक्षा जो रटने की बजाय सोचने की प्रेरणा दे, और परीक्षा की जगह प्रयोग को बढ़ावा दे। इसी उद्देश्य से उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना की, जो आगे चलकर विश्वभारती विश्वविद्यालय बना। यह संस्था आज भी उनके वैकल्पिक शिक्षा दर्शन की जीती-जागती मिसाल है।

रवींद्रनाथ ठाकुर का राष्ट्रवाद संकीर्ण नहीं था, बल्कि व्यापक और मानवीय था। जब जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ, तो उन्होंने ब्रिटिश सरकार द्वारा दिया गया नाइटहुड सम्मान लौटा दिया। यह उनका विरोध का गांधीवादी तरीका था- नैतिक और शांतिपूर्ण। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीय चेतना के साथ-साथ वैश्विक भाई-चारे का भी संदेश मिलता है। वे मानते थे कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। उनका दृष्टिकोण संकीर्ण राष्ट्रवाद की सीमाओं से ऊपर उठकर समस्त विश्व को एक परिवार मानने वाला था।

वर्तमान समय मे जब हमारा समाज फिर से असहिष्णुता, सामाजिक विषमता और सांस्कृतिक विस्मरण की ओर बढ़ रहा है, रवींद्रनाथ ठाकुर के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। हमें उनकी रचनाओं को केवल पुस्तकों और समारोहों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनके विचारों को जीवन और नीतियों में उतारना चाहिए।

निष्कर्षत गुरुदेव की अमर वाणी हमें सिखाती है- जहाँ मन भयमुक्त हो, और मस्तक गर्व से ऊँचा उठे,
जहाँ ज्ञान स्वतंत्र हो, जहाँ दुनिया संकीर्ण दीवारों से न बंटी हो…यही वह भारत है, जिसकी कल्पना उन्होंने की थी। उनकी जयंती पर हम उन्हें केवल स्मरण न करें, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाकर एक सशक्त, संवेदनशील और सृजनशील राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लें।

गुरुदेव को शत्-शत् नमन!

खेतासराय: आपदा से निपटने के लिए किया गया मॉकड्रिल

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खेतासराय आपदा से निपटने के लिए किया गया मॉकड्रिल
खेतासराय आपदा से निपटने के लिए किया गया मॉकड्रिल

ब्लैक आउट की दी जानकारी

खेतासराय (जौनपुर) भारत-पाक युद्ध के दृष्टिगत आम जनमानस में सुरक्षा, सतर्कता एवं सहयोग की भावना जागृत करने के लिए बुधवार को सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के मैदान में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी रामाश्रय राय के नेतृत्व में आयोजित माकड्रिल में आपदा की स्थिति में छात्रों समेत आम जनमानस में सुरक्षा और सतर्कता की भावना जागृत की गई। इससे पहले जनमानस को सायरन को पहचानने, अफवाहों पर ध्यान न देने, सुरक्षित स्थानों पर छिपने आदि सुरक्षा के पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद स्थानीय पुलिस टीम, 112 पीआरवी वाहनों, एनसीसी के अधिकारी, कैडेट, जनता के सम्भ्रांत व्यक्तियों, सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों की टीम, फायर, नगर पंचायत कर्मियों, ब्लॉक कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं के द्वारा मॉकड्रिल किया गया। इस दौरान प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता, डॉक्टर फैजान अहमद,एनसीसी अधिकारी कैप्टन राजेश कुमार यादव, फर्स्ट अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा, डा. मो. सालिम, रेखा यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मो. सैफ, उपनिरिक्षण तारिक़ अंसारी, शैलेन्द्र राय, लल्लू सिंह, भोला सिंह, अशोक वर्मा, आरक्षी शुभम त्यागी, न्यायाधीश वर्मा, मयंक राय समेत आदि मौजूद रहे।

खेतासराय में ब्लैक आउट अभ्यास के दौरान लाइट रही ऑफ

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खेतासराय में ब्लैक आउट अभ्यास के दौरान लाइट रही ऑफ
खेतासराय में ब्लैक आउट अभ्यास के दौरान लाइट रही ऑफ

खेतासराय (जौनपुर) सुरक्षा की दृष्टि से नगर में बुधवार की रात ब्लैक आउट अभ्यास सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। निर्धारित समयानुसार रात 8:00 बजे थोड़े देर के लिए कस्बा में बिजली की आपूर्ति रोक दी गई। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं स्थानीय प्रशासन के संयुक्त निर्देशन में आयोजित किया गया।

अभ्यास का उद्देश्य किसी आपात स्थिति विशेषकर हवाई हमले, साइबर अटैक अथवा युद्ध जैसे संकट की स्थिति में नागरिकों की तत्परता, अनुशासन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जांच करना था। इस दौरान समस्त नगरवासियों से अपील की गई थी कि वे अपने घरों की सभी लाइटें बंद रखें, वाहन न चलाएं तथा बाहर अनावश्यक रूप से न निकलें।

नगर पंचायत, बिजली विभाग, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा सिविल डिफेंस की टीमें पूरी तरह से सक्रिय रहीं। अस्पतालों, अग्निशमन केंद्रों तथा अन्य आपात सेवाओं को पहले से ही बैकअप पावर उपलब्ध करा दी गई थी, ताकि आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।

कस्बा के चौराहा, पुरानी बाजार रोड समेत अन्य प्रमुख स्थान पर भी लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया। अधिकतर क्षेत्रों में रोशनी पूरी तरह बंद रही, जिससे आकाश की ओर से नगर लगभग अदृश्य दिखाई दिया। यह स्थिति युद्धकालीन रणनीतियों के अनुरूप मानी जाती है, जब रोशनी से बचाव करना आवश्यक होता है।

प्रभारी निरीक्षण रामाश्रय राय ने बताया कि यह अभ्यास सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत आवश्यक था। नागरिकों का सहयोग प्रशंसनीय रहा। हमें आवश्यकता के समय किस प्रकार संयम और अनुशासन बनाए रखना है, यह इस ड्रिल ने सिद्ध किया।

परीक्षा केंद्रों का कुलपति ने किया औचक निरीक्षण

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परीक्षा केंद्रों का कुलपति ने किया औचक निरीक्षण
परीक्षा केंद्रों का कुलपति ने किया औचक निरीक्षण

जौनपुर.वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों की चल रही सेमेस्टर परीक्षाओं के केन्द्रों का बुधवार को कुलपति प्रो वंदना सिंह ने औचक  निरीक्षण किया. उन्होंने परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी,बिजली और विद्यार्थियों के लिए पेयजल सुविधा को भी देखा. कहा कि पारदर्शी तरीके से परीक्षाओं को संपन्न कराये. उन्होंने कक्ष निरीक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं में भरी जाने वाली सूचनाओं का मिलान अवश्य करे.  
जौनपुर जनपद के परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान कुलपति ने परीक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया साथ ही विद्यार्थियों से परीक्षा के बारे में भी जानकारी ली. कुलपति के साथ निरीक्षण में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह भी मौजूद रहे. परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि केडीएस पीजी कॉलेज जौनपुर, कौशिल्या महाविद्यालय पर प्रकाश व्यवस्था के लिए निर्देश दिए गए है, बिजली न होने की स्थिति में परीक्षा के दौरान जनरेटर चलाया जाये. इसके साथ ही मड़ियाहूं पीजी कॉलेज की परीक्षा का भी  निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था कार्यरत होनी चाहिए

JAUNPUR NEWS:मॉक ड्रिल का हुआ अभ्यास 

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JAUNPUR NEWSमॉक ड्रिल का हुआ अभ्यास 
JAUNPUR NEWSमॉक ड्रिल का हुआ अभ्यास 


JAUNPUR NEWS जौनपुर : पुलिस लाइन प्रांगण जौनपुर में वॉर टाइम मॉक ड्रिल का किया गया आयोजन, इस दौरान आमजन को आपातकालीन परिस्थितियों जैसे युद्ध, आतंकी हमला या अन्य गंभीर संकट के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियोंसुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया गया जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चन्द्र और पुलिस अधीक्षक डा0 कौस्तुभ की अध्यक्षता में पुलिस लाइन प्रांगण जौनपुर में वॉर टाइम मॉक ड्रिल का आयोजन कर आम जनमानस को आपातकालीन परिस्थितियों जैसे युद्ध, आतंकी हमला या अन्य गंभीर संकट के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों/सुरक्षात्मक उपायों के प्रति जागरूक किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजने पर नागरिको को सुरक्षित स्थान पर पहुँचने हेतु की गयी गतिविधियाँ एवं बम फटने के पश्चात चपेट में आये नागरिको को प्रशासन व मेडिकल टीम द्वारा तत्काल सहायता उपलब्ध करायी गई एवं फायर सर्विस द्वारा आग लगने पर बचाव हेतु जानकारी देते हुए आग को बुझाया गया।

JAUNPUR NEWS:मॉक ड्रिल का हुआ अभ्यास 


 जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से न केवल पुलिसकर्मियों बल्कि जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों की तैयारियों का परीक्षण होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि आपातकालीन स्थिति में हम सभी किस प्रकार तालमेल बनाकर काम करेंगे।अफवाहों पर विश्वास न करें, सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिली खबरों को प्रसारित न करें, अधिकृत व्यक्ति के द्वारा जारी की गई सूचना को ही प्रसारित करने के निर्देश दिए।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह है कि जिले में किसी भी आपातकालीन स्थिति में सभी विभाग एकजुट होकर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। आज की मॉक ड्रिल ने हमें हमारी तैयारियों का परीक्षण करने का मौका दिया।


इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेन्द्र सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल आलोक सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 लक्ष्मी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेन्द्र कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर देवेश सिंह, क्षेत्राधिकारी सदर परमानन्द कुशवाहा, सिटी मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्दन सिंह, जिला होमगार्ड कमान्डेन्ट ओपी सिंह, मेजर 98 बटालियन टीडी कालेज एनसीसी रजनीश सिंह, एडिशनल सीएमओ डा0 राजीव कुमार, भूतपूर्व कैप्टन अजीत पाण्डेय, भूतपूर्व सैनिक संगठन डा0 राजेश, जिला सैनिक पुर्नवास कल्याण अधिकारी दिग्विजय रावत,, एफएसओ श्री नागेश प्रसाद द्विवेदी, प्रतिसार निरीक्षक अनुपम सिंह, जौनपुर व अन्य अधिकारी कर्मचारीगण द्वारा मॉक ड्रिल में प्रतिभाग किया गया।