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प्रेस की स्वतंत्रता:समाज का दर्पण या सत्ता का डर?

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प्रेस की स्वतंत्रता:समाज का दर्पण या सत्ता का डर?
प्रेस की स्वतंत्रता:समाज का दर्पण या सत्ता का डर?

हर वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाकर हम अभिव्यक्ति की आज़ादी, पत्रकारों के योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की शपथ दोहराते हैं। लेकिन यह अवसर केवल उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी है। क्या वर्तमान समय में प्रेस वास्तव में स्वतंत्र है? क्या वह निष्पक्ष रूप से समाज का दर्पण बन पाने में सक्षम है, या फिर सत्ता की छाया तले वह अपनी धार खो बैठा है?

प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के साथ-साथ मीडिया ही वह शक्ति है जो सत्ता को जवाबदेह बनाती है, समाज में जागरूकता फैलाती है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती है। महात्मा गांधी ने कहा था, “एक निर्भीक और स्वतंत्र प्रेस समाज को सच से परिचित कराता है, न कि भ्रम से।” लेकिन क्या यह आदर्श स्थिति आज भी विद्यमान है?

हाल ही में रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) द्वारा जारी विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2024 में भारत को 180 देशों में 161वां स्थान प्राप्त हुआ है। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र प्रेस की स्वतंत्रता के मामले में फिसलता जा रहा है। भारत में पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारों पर हमले, गिरफ्तारी, ऑनलाइन ट्रोलिंग और सरकारी दबाव के मामले तेज़ी से बढ़े हैं। 2023 में ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (CPJ) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कम से कम 4 पत्रकारों की हत्या उनके कार्य से जुड़ी वजहों से हुई, और दर्जनों को धमकियाँ दी गईं।

वर्तमान परिदृश्य में एक और बड़ी चुनौती सामने आई है। मीडिया का राजनीतिक और पूंजीवादी गठजोड़। अनेक मीडिया संस्थान अब कॉरपोरेट स्वामित्व के अधीन हैं, जो सरकार से विज्ञापन और समर्थन पाने के लिए अपनी निष्पक्षता से समझौता करते हैं। नतीजतन, टीआरपी की होड़ और राजनीतिक दबाव के बीच “न्यूज़” अब “व्यूज़” बनती जा रही है। वह प्रश्न जो सत्ता से पूछे जाने चाहिए, वे या तो पूछे ही नहीं जाते, या उनकी भाषा इस प्रकार से ढाली जाती है कि वे आलोचना कम और प्रशंसा अधिक प्रतीत हों। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 70% से अधिक प्रमुख टीवी समाचार चैनल या तो किसी राजनैतिक या कॉरपोरेट समूह के स्वामित्व में हैं, या उनके प्रभाव में काम करते हैं।

इन विकट परिस्थितियों में भी कुछ पत्रकार और मीडिया संस्थान सच्चाई को सामने लाने का साहस कर रहे हैं। राणा अय्यूब, सिद्धार्थ वरदराजन, रविश कुमार जैसे पत्रकार सत्ता के दमन के बावजूद जनहित में मुद्दे उठाते रहे हैं। डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे The Wire, Scroll, Newslaundry, Article 14 आदि अब उन आवाज़ों के लिए मंच बन गए हैं जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया ने अनदेखा कर दिया।

डिजिटल प्रेस स्वतंत्रता भी आज एक नया युद्धक्षेत्र बन गई है, जहाँ सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के बीच सच्चाई की खोज करना और भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। कई स्वतंत्र पत्रकारों को सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी रिपोर्टिंग को जनता तक पहुँचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन यह भी सच है कि यही माध्यम जनता को मुख्यधारा मीडिया की सीमाओं से परे जाकर जानकारी लेने का अवसर देता है।

यह समझना आवश्यक है कि प्रेस की स्वतंत्रता केवल पत्रकारों के लिए नहीं, बल्कि हर नागरिक के लिए आवश्यक है। जब प्रेस निष्पक्ष होता है, तभी जनता सच जान पाती है और सत्ता को चुनौती दे सकती है। जब प्रेस डर के साये में काम करता है, तो लोकतंत्र की नींव हिलती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरेश ने कहा है, “A free press is not a threat. It is essential.” एक स्वतंत्र प्रेस कोई खतरा नहीं, बल्कि अनिवार्य है।

इस अवसर पर हमें यह तय करना होगा कि हम किस दिशा में बढ़ना चाहते हैं— एक ऐसा समाज जहाँ प्रेस सत्ता का प्रवक्ता बनकर रह जाए, या वह समाज जहाँ प्रेस सच को निर्भीकता से सामने लाए। “पत्रकारिता का पहला कर्तव्य जनता के प्रति होता है, सत्ता के प्रति नहीं।” – यह सिद्धांत जितना आज प्रासंगिक है, शायद पहले कभी नहीं रहा। हमें एकजुट होकर उन आवाज़ों का समर्थन करना होगा जो सच बोलने का साहस करती हैं। क्योंकि यदि प्रेस समाज का दर्पण नहीं रहेगा, तो यह डर और भ्रम का उपकरण बन जाएगा और फिर लोकतंत्र केवल नाम भर रह जाएगा।

वरिष्ठ पत्रकार अज़ीम सिद्दीकी

JAUNPUR CRIME:सजायाफ्ता दुष्कर्मी को फिर दुष्कर्म करने पर उम्र कैद

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JAUNPUR CRIME:सजायाफ्ता दुष्कर्मी को फिर दुष्कर्म करने पर उम्र कैद
JAUNPUR CRIME NEWS

जमानत पर छूटते ही फिर किया बलात्कार


JAUNPUR CRIME NEWS जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय (पाक्सो) उमेश कुमार की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में सजा पाए हुए युवक द्वारा पुनः दुष्कर्म करने के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास व ₹50000 अर्थदंड से दंडित किया।


अभियोजन कथानक के अनुसार सुजानगंज थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने थाने में अभियोग पंजीकृत करवाया कि दिनांक 5 नवंबर 2020 को रात 12:30 बजे आरोपी राहुल कुमार यादव ने उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ कई बार बलात्कार किया। पुत्री घर वापस आकर सारी घटना की जानकारी दी। पीड़िता ने न्यायालय में अपने बयान में कहा कि राहुल उसे फोन करके बगीचे में बुलाया था और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया था।

फिर अपने घर बुलाकर शारीरिक संबंध बनाया और उसके ननिहाल ले जाकर छोड़ दिया। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार हुआ और जमानत पर छूटा। जमानत पर छूटते ही उसने एक अन्य नाबालिग लड़की से पुनः दुष्कर्म किया जिस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई थी। शुक्रवार को अदालत ने दुष्कर्मी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए अभ्यस्त अपराधी मानते हुए उसे आजीवन कारावास व 50000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की पैरवी शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार उपाध्याय व कमलेश कुमार राय ने किया।

प्रतियोगी सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग आवेदन 25 मई तक

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प्रतियोगी सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग आवेदन 25 मई तक
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जौनपुर 02 मई:  समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अर्न्तगत जनपद जौनपुर में प्रतियोगियों हेतु निःशुल्क संचालित कोचिंग कक्षाओं के सत्र 2025-26 में कक्षाओं का आरम्भ 01 जुलाई 2025 से किया जाता है, कक्षाओं में अध्यापन एवं मार्गदर्शन कार्य हेतु वार्ताकारों, प्रवक्ताओं/व्याख्याताओं एवं विषय विशेषज्ञों की आवश्याकता है, जिसका विषयवार विवरण यू0पी0एस0सी0/यू0पी0पी0एस0सी0-प्रचीन इतिहास, मध्यकालीन इतिहास, अधुनिक इतिहास, विश्व इतिहास, आर्ट एण्ड कल्चर, भूगोल, भारतीय राजव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था, इन्टरनल सिक्योरीटी, वैश्विक सम्बन्ध, एथिक्स, भारतीय समाज, करेन्ट अफेयर्स, इन्वायरमेंट एण्ड डिजास्टर मैनजमेंट, जनरल साइंस एण्ड टेक्नालॉजी, यूपी स्पेशल, सेन्सस एण्ड जी0के0, सीसेट कॉमप्रिहेन्शन, इण्टरपर्सनल स्कील्स एण्ड कम्यूनिकेशन, लॉजिकल रीजनिंग एण्ड एनालिटिकल एबिलिटी, डिसिशन मेंकिग, निर्णय क्षमता एवं समस्या समाधान, सामान्य बौद्धिक क्षमता तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता, संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल, बोधगम्यता, एलिमेन्टरी मैथ्स, जनरल इंग्लिश, जनरल हिन्दी है।  जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल ने अवगत कराया है कि निदेशालय समाज कल्याण उ0प्र0 एवं सचिवालय मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में उल्लिखित व्यस्थानुसारजे0ई0ई0-मैथ्स, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान। नीट- भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं जीव विज्ञान। एस0एस0सी0-मैथ्स, रीजनिंग, इंगिलश, जनरल साइंस एवं जी0के0।

 निदेशालय समाज कल्याण उ0प्र0 के अन्तर्गत निर्गत मानक संचालन प्रकिया में वर्णित व्यवस्थानुसार सिविल सेवा तथा पी0सी0एस0 के लिए विश्वविद्यालय, राजकीय डिग्री कालेज के शिक्षक तथा आई0ए0एस0 (मुख्य) परीक्षा अथवा पी0सी0एस0 (साक्षात्कार) अथवा दो बार पी0सी0एस0 मुख्य परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी अतिथि व्याख्याता के रूप में विशेषज्ञ चयन समिति की अनुशंसा से प्रशिक्षण केन्द्रो में सूचीबद्ध किए जायेंगे। नीट पाठ्यक्रम हेतु सम्बन्धित विषय में एम0एस0सी0 (प्रथम श्रेणी) अथवा एम0टेक की डिग्री धारण करने वाले अभ्यर्थी अतिथि व्याख्याताओं के रूप में चयनित किये जायेगें। उक्त योजना के अन्तर्गत प्रतियोगी परीक्षाओं यथा सिविल सेवा परीक्षा, पी0सी0एस0,

एस0एस0सी0, जे0ई0ई0 हेतु कोचिंग केन्द्रों पर अध्यापन एवं मार्ग दर्शन कार्य हेतु इच्छुक एवं सहमत अतिथि प्रवक्ता/वार्ताकार अपने सुसंगत शैक्षिक प्रमाण पत्रों के साथ 05 मई से 25 मई तक किसी भी कार्य दिवस में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग जनक कुमारी इण्टर कालेज हुसेनाबाद जौनपुर में सायं 03 बजे से 05 बजे तक एवं विकास भवन प्रथम तल समाज कल्याण विभाग कमरा न0-115 में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक फार्म प्राप्त कर आवेदन कर सकते है।

पीयूकैट-2025 के प्रवेश लिए पोर्टल लांच

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पीयूकैट-2025 के प्रवेश लिए पोर्टल लांच
पीयूकैट-2025 के प्रवेश लिए पोर्टल लांच

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से होंगे प्रवेश


जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल  विश्वविद्यालय परिसर में संचालित कोर्सों में सत्र 2025-26 में समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रवेश हेतु पंजीकरण प्रारंभ हो गया है.  कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में शुक्रवार को कुलपति प्रो.  वंदना सिंह ने परिसर में चल रहे विभिन्न पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के लिए “समर्थ पोर्टल” पर आवेदन फॉर्म लॉन्च किया. विश्वविद्यालय में पहली बार समर्थ पोर्टल से प्रवेश होंगे. पाठ्यक्रमों की उपलब्ध सीटों के सापेक्ष इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते है l


विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर के 20, परास्नातक स्तर  के 26 एवं डिप्लोमा के 5 पाठ्यक्रमों में पीयू कैट 2025 के माध्यम से प्रवेश होंगे. इस वर्ष 9 नए आधुनिक पाठ्यक्रम भी प्रारंभ हो रहे हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) हैं, वास्तु शास्त्र में डिप्लोमा, वैदिक ज्योतिष शास्त्र डिप्लोमा, वैदिक कर्मकांड डिप्लोमा, एल.एल. एम., एम.सी.ए इन्टीग्रेटेड जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं. ऑनलाइन आवेदन 10 जून तक स्वीकार किए जाएंगे.
समर्थ पोर्टल के माध्यम से छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, फीस भुगतान, दस्तावेज अपलोड, मेरिट सूची एवं सीट आवंटन जैसी सभी प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी रूप से पूरा कर सकेंगे. छात्र हेल्प डेस्क  के माध्यम से ऑनलाइन सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं.उक्त से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी,संचालित विषयों का विवरण एवं उपलब्ध सीटों की  विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट  vbspu.ac.in पर उपलब्ध है.ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के लिए शुभारम्भ अवसर पर रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह, पीयूकैट के अध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर, समन्वयक प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. गिरिधर मिश्र, नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डी.आर. बबीता सिंह, अमृत लाल सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे.

JAUNPUR NEWS:रामजीलाल सुमन पर हुए हमले को लेकर सपा कार्यकर्ता हुए लामबंद 

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रामजीलाल सुमन पर हुए हमले को लेकर सपा कार्यकर्ता हुए लामबंद 
रामजीलाल सुमन पर हुए हमले को लेकर सपा कार्यकर्ता हुए लामबंद 

संविधान और बाबासाहब का अपमान करने वाले न्याय का राज नहीं स्थापित कर सकते: प्रिया सरोज

  • पीडीए समाज के हक अधिकार और सम्मान की लड़ाई पूरे देश में अखिलेश यादव लड़ रहे: शैलेंद्र यादव ललई

JAUNPUR NEWS जौनपुर : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के निर्देश पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राज्यसभा रामजीलाल सुमन पर करणी सेना द्वारा हमला किए जाने एवं लगातार जान से मारने की धमकी दिए जाने पर तथा हमलावर अराजक तत्वों पर विधिसम्मत कार्रवाई ना किए जाने के विरोध में प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन के क्रम में समाजवादी पार्टी जौनपुर के जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य के नेतृत्व में सपाजनों ने डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीवानी कचहरी तिराहा, डॉ भीमराव अंबेडकर पार्क से भारी संख्या में जुलूस की शक्ल में नारेबाज़ी करते हुए अपने ग़म और गुस्से का इज़हार किया, तथा कलेक्ट्रेट परिसर में धरनास्थल पर पहुंच कर अपना विरोध प्रकट किया।


उक्त अवसर पर धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि जिस तरह से लगातार हमारे नेता और सांसद को लक्ष्य कर हमला किया जा रहा है कहीं न कहीं ऐसे अराजक तत्वों को सरकार और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, वहीं पीडीए समाज का योजनाबद्ध तरीके से उत्पीड़न किया जा रहा है ऐसे में बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के संविधान की सुरक्षा आवश्यक है। आज पीडीए समाज की एकजुटता जागरूकता की जरूरत है तभी हम प्रभुत्ववादियों से हम पीडीए समाज को संविधान प्रदत्त अधिकार, सुरक्षा दिला सकते हैं।

मछलीशहर की सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकार लगातार बाबासाहब के संविधान की अवहेलना करते हुए पीडीए समाज के लोगों का खुला उत्पीड़न कर रही है।

पीडीए समाज के उत्पीड़न करने वाले अराजक तत्वों को पूरा संरक्षण दे रही है।ऐसे में न्याय का राज स्थापित नहीं कर सकते। पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारों की कार्यप्रणाली से बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी द्वारा निर्मित संविधान और संविधान निर्माता बाबासाहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी का सम्मान खतरे में है और इसी क्रम में पीडीए समाज का हक अधिकार और सम्मान भी खतरे में है और आज पीडीए समाज की लड़ाई पूरे देश में कोई लड़ रहा है तो वो अखिलेश यादव हैं।

धरना सभा को विधायक गण तूफानी सरोज, लकी यादव, पंकज पटेल, पूर्व मंत्री दीपचंद सोनकर, पूर्व विधायक लालबहादुर यादव, पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ अवधनाथ पाल, जयहिंद यादव वरिष्ठ नेता दीपचंद राम, श्यामबहादुर पाल, सुश्री पूनम मौर्य, अनवारूल हक गुड्डू, रत्नाकर चौबे, श्यामनारायण बिंद, शर्मिला यादव ने भी संबोधित किया।


धरना सभा में वरिष्ठ नेता राजनाथ यादव, रुखसार अहमद, राजेश यादव , श्रवण जायसवाल, निज़ामुद्दीन अंसारी, रमापति यादव, सुशील दुबे, राजेश विश्वकर्मा, जितेंद्र यादव, डॉ सरफराज़, अमित यादव, राजन यादव, नैपाल यादव, सुरेश यादव, राजदेव पटेल, राहुल त्रिपाठी, आलोक त्रिपाठी लकी, गुलाब यादव, मालती निषाद, डॉ शबनम नाज़, हीरालाल विश्वकर्मा, सैयद आरिफ, कमलेश यादव, कमालुद्दीन अंसारी, गामा सोनकर, संजय गौतम, सुक्खू यादव, मुनव्वर अली उमाशंकर चौरसिया, प्रेमनारायण बाबा, उमाशंकर पाल, भूपेश पांडे, दीपक जायसवाल, मनोज मौर्य, जगदीश प्रसाद मौर्य गप्पू, अलमास सिद्दीकी, रमेश मौर्य, प्रवीण सरोज, ऋषि यादव, स्मारबहादुर यादव, बरसातू राम सरोज, सुहैल अंसारी, दीपक विश्वकर्मा, दा जंगबहादुर यादव, संजीव साहू, साहबलाल गौतम, हवलदार चौधरी, हरिश्चंद प्रभाकर, मुकेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष गण रामजतन यादव, मिथिलेश यादव, वीरेंद्र यादव, सोचनराम विश्वकर्मा, राम अकबाल यादव, सूर्यभान यादव रामू मौर्य, नंदलाल यादव, नीरज पहलवान, आनंद गुप्ता, गुड्डू सोनकर, दिलीप प्रजापति, अशोक नायक, लालचंद यादव, रजनीश मिश्रा, जितेंद्र शर्मा, नीलम शर्मा, सोनी सेठ, आरती महाजन, मीरा यादव, आर बी यादव, अरविंद यादव, प्रदीप पाल, तमजीद अशरफ, धर्मेंद्र सोनकर, नवाज़ खान, प्रमोद यादव, लालचंद यादव सहित सैकड़ों की संख्या में सपाजन उपस्थित रहे।


अंत में जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद राज्यसभा रामजीलाल सुमन पर हमले एवं PDA समाज के उत्पीड़न के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट जौनपुर को ज्ञापन को सौंपते हुए करणी सेना के अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने हेतु सरकार को निर्देश देने की मांग की गई।धरना सभा का संचालन ज़िला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।

मुआवजा के बगैर जमीन अधिग्रहण पर किसानों ने काम रोका

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मुआवजा के बगैर जमीन अधिग्रहण पर किसानों ने काम रोका
मुआवजा के बगैर जमीन अधिग्रहण पर किसानों ने काम रोका

खेतासराय (जौनपुर) फसलों से खेत खाली होते ही जौनपुर से अम्बेडकर तक फोरलेन निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो गया। इस बीच जेसीबी चालकों को जगह-जगह खेत का मुआवजा न पाने वाले किसानों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को महरौड़ा गांव में किसानों ने बिना मुआवजा के जमीन अधिग्रहण करने पर काम रुकवा दिया।
फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग 135ए का निर्माण कार्य के लिए जेसीबी मशीन गुरुवार को खुदौली और महरौड़ा गांव में पहुंची। खेतों में जेसीबी मशीन से काम होता देख मुआवजा न पाने वाले किसान घर की महिलाओं और बच्चों के साथ खेत में पहुंच गए। जेसीबी चालक से अनुरोध किए कि मुआवजा मिलने तक काम रोक दिया।

इस दौरान जेसीबी चालक और ग्रामीणों के बीच बहस हो गई। काम न रोकने पर ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों का आक्रोश देख जेसीबी चालक को पीछे हटना पड़ना। उसने एनएचआई से जुड़े अधिकारियों को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने फाइल देख कर निर्णय लिया कि जिस किसान का मुआवजा मिल चुका वहीं काम होगा। विरोध करने वालों में जिला जीत बिंद रामरूप, संजय, सूरज, कन्हैयालाल समेत अन्य काश्तकार रहे। हल्का लेखपाल अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि काम रोके जाने मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पेमेंट का डिटेल हमारे पास नहीं रहता है। महरौड़ा गांव की केवल चार फाइलें उनके पास बची हैं। जबकि 104 फाइलें भेजी जा चुकी हैं।

स्कूलों के आस-पास नशीले पदार्थ की बिक्री रोक लगेगी 

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स्कूलों के आस-पास नशीले पदार्थ की बिक्री रोक लगेगी 
स्कूलों के आस-पास नशीले पदार्थ की बिक्री रोक लगेगी 

जौनपुर:जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में एन-कोर्ड की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में समिति के संबंधित सदस्यों को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया जाय कि सभी प्रकार के मनःप्रभावी दवाओं की बिक्री चिकित्सक के परामर्श पर ही ग्राहकों को बिक्री की जाय तथा उनके स्टाक का विवरण पंजिका में अद्यतन किया जाय। 

सार्वजनिक एवं दूरस्थ/सूनसान स्थानों पर जहॉ ड्रग्स की बिक्री की सम्भावना हो, वहॉ पर सतर्क दृष्टि रखते हुए नियमित पेट्रोलिग की कार्यवाही की जाय। अस्पतालों, विद्यालयों एवं रेलवे बस स्टेशनों के आस-पास पान मसाला, गुटका दोहरा बेचने वाली दुकानों की चेकिंग/जांच किया जाय तथा पूर्ण रूप से जनपद में दोहरे की बिक्री पर रोक लगायी जाय।

स्कूलों के आस-पास परचून की दुकान पर टॉफी आदि के रूप में नशीले पदार्थ की बिक्री पर पूर्ण रोक लगायी जाय तथा ड्रग्स की तस्करी एवं परिवहन पर अंकुश लगाने हेतु विभिन्न राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गो एवं संदिग्ध स्थानों पर संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग की जाए तथा ड्रग्स पीड़ित व्यक्तियों के उपचार एवं नशे की लत छुड़ाने के संबंध में अस्पतालों मे व्यवस्था की जाए व उनके पुनर्वास के संबंध में यथावश्यक कार्यवाही की जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 लक्ष्मी सिंह, जिला आबकारी अधिकारी विष्णु प्रताप सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।

मानीकलां में पुलिस सहायता केंद्र का हुआ उद्घाटन

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मानीकलां में पुलिस सहायता केंद्र का हुआ उद्घाटन
मानीकलां में पुलिस सहायता केंद्र का हुआ उद्घाटन

खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय थाना क्षेत्र के मानीकलां गांव में बुधवार को पुलिस सहायता केंद्र का उद्घाटन क्षेत्राधिकारी (सीओ) शाहगंज अजीत सिंह चौहान ने किया। उद्घाटन कार्यक्रम में चौकी इंचार्ज शैलेंद्र कुमार राय के साथ-साथ पुलिस टीम व एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

इस मौके पर सीओ अजीत सिंह चौहान ने कहा कि इस सहायता केंद्र के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अब पुलिस से संबंधित कार्यों के लिए थाने तक नहीं जाना पड़ेगा। छोटे-मोटे विवाद, त्वरित शिकायतें, व सतर्कता संबंधी सूचनाएं अब स्थानीय स्तर पर ही दर्ज कराई जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इससे पुलिस और जनता के बीच संवाद मजबूत होगा और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान प्रभारी निरीक्षक रामाश्रम राय ने कहा कि यह केंद्र ग्रामीणों की सुविधा के लिए एक अहम कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और सहयोग करें।

भारतीय ज्ञान और परंपरा का वैज्ञानिक अध्ययन करेगा विश्वविद्यालय

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— भारतीय परंपराओं की वैज्ञानिक पुनर्परिभाषित की ओर एक ठोस कदम

  • अध्ययन के लिए कुलपति ने किया समिति का गठन

जौनपुर. वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक वैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य में पुनः स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शोध समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहर को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषित कर उसे जनमानस के समक्ष प्रस्तुत करना है।

भारत का इतिहास वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, नाट्यशास्त्र, ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, और दर्शन जैसे ज्ञान के विविध क्षेत्रों से समृद्ध रहा है। यह परंपराएं न केवल आध्यात्मिकता की प्रतीक रही हैं, बल्कि इनके पीछे वैज्ञानिक तर्क, अनुभव और प्रयोग आधारित आधार भी मौजूद हैं। किंतु आधुनिक काल में इन विषयों को प्रायः केवल आस्था या पौराणिक संदर्भों से जोड़कर देखा गया, जिससे इनकी वैज्ञानिकता जनसामान्य की दृष्टि से ओझल हो गई।

कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि “भारतीय ज्ञान परंपरा सिर्फ संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का वैज्ञानिक मार्गदर्शन भी करती है। हमारा प्रयास है कि हम इन परंपराओं की वैज्ञानिक बुनियाद को पुनः खोजें, उसका विश्लेषण करें, और शोध आधारित प्रमाणों के साथ उसे शैक्षणिक व सामाजिक पटल पर प्रस्तुत करें।”

इस नवगठित समिति में विविध विषयों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जिसमें प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. प्रताप मिश्रा डॉ. धीरेंद्र चौधरी और डॉ. पवन कुमार पाण्डेय हैं। समिति की अध्यक्ष कुलपति प्रो. वंदना सिंह है जिससे प्रगति की सम्यक निगरानी की जा सके ।

समिति न केवल भारतीय ज्ञान परंपरा के वैज्ञानिक विश्लेषण पर कार्य करेगी, बल्कि विश्वविद्यालय स्तर पर नवाचार, शोध परियोजनाओं, शोधार्थियों के प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकास में भी योगदान देगी। इसके अतिरिक्त समिति का उद्देश्य विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है।

ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय योग, आयुर्वेद एवं भारतीय जीवनशैली के वैज्ञानिक प्रभावों पर शोध प्रारंभ कर रहा है और इस दिशा में कई राष्ट्रीय संस्थानों से एमओयू भी किए जा रहे हैं। इस प्रयास के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप शोध प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप और सेमिनार में सहभागिता का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।

न्याय और धर्म के प्रहरी थे भगवान परशुराम : ओमप्रकाश दुबे

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न्याय और धर्म के प्रहरी थे भगवान परशुराम : ओमप्रकाश दुबे
न्याय और धर्म के प्रहरी थे भगवान परशुराम : ओमप्रकाश दुबे

खेतासराय (जौनपुर) कस्बे के बभनौटी मोहल्ला स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं और नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा दुबे) और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रधानाचार्य अनिल कुमार उपाध्याय उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण से हुई। इस दौरान अतिथियों ने भगवान परशुराम के जीवन और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि ओमप्रकाश दुबे ने कहा, हमने कभी किसी को तिरस्कृत नहीं किया। रैदास जी हों या श्रीरामचन्द्र जी, हमने सबको भगवान माना। परशुराम जी के कारण ही हमारी धरती और वंशजों की रक्षा हुई। जब उनके पिता की हत्या हुई, तब उनकी माता ने 21 बार विलाप किया और तब परशुराम जी ने संकल्प लिया कि हर्यक वंश के अत्याचारी क्षत्रियों का विनाश करेंगे, न कि पूरे क्षत्रिय समाज का।

विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा, हमें गर्व है कि भगवान परशुराम ब्राह्मण कुल में जन्मे। जीवन के प्रत्येक संस्कार में ब्राह्मण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है — नामकरण से लेकर अंत्येष्टि तक। एक व्यक्ति में दिनभर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र के गुण काम करते रहते हैं।

इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्रा, डॉ. अशोक पाण्डेय, प्यारे मोहन श्रीवास्तव, डॉ. गजेन्द्र पाण्डेय और रविंद्र मिश्रा ने भी भगवान परशुराम के जीवन दर्शन पर विस्तृत प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय ने किया, जबकि अंत में आयोजक वीरेंद्र पाण्डेय ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ।

इस अवसर पर मंडल महामंत्री मनीष गुप्ता, शांतिभूषण मिश्रा, रामबाबू पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष उपेन्द्र मिश्रा, बागीश तिवारी, अवधेश पाण्डेय, सोनू अवस्थी, रविन्द्र पाण्डेय, वंश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।