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JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.

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JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.
JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.

Gang involved in cheating people on the pretext of marriage busted. Two arrested in jaunpur

  • महिला समेत दो गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी…

JAUNPUR CRIME खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय पुलिस टीम ने शनिवार को शादी का झांसा देकर ठगी करने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया तथा थाने लाकर विधिक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि राजस्थान के झुंझुनू जिला के खेतड़ी तहसील के मेहाड़ा थाना क्षेत्र के डाडा फतेहपुर गांव निवासी पृथ्वी सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह ने लिखित सूचना के माध्यम से क्षेत्र के ललई पुत्र शिवचरण निवासी सन्दहा थाना सरायख्वाजा,बजंरगी पुत्र नंदलाल निवासी मलहज़,शाहगंज,बृजेश व एक महिला कामिनी पत्नी अमरजीत निवासी मोहमदाबाद खेतासराय के विरूद्ध तहरीर दिया था।

आरोप है कि महिला अपने आपको को लड़की की चाची बताकर लड़के की शादी कराने की बात बतायी गयी और प्रार्थी को खेतासराय बुलाया गया। जिससे मोटी रकम ठगकर फरार हो गए। सूचना के आधार पर पुलिस अभियोग दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी रही, इसी बीच पुलिस बल द्वारा अभियुक्त ललई पुत्र शिवचरन व कामिनी पत्नी अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष श्री राय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त पूछताछ में बताया कि हम लोगों का एक सक्रिय गिरोह है जो राजस्थान, मध्यप्रदेश व पश्चिम के लोगों से सम्पर्क स्थापित कर शादी के लिये बुलाया जाता है फिर उनको विश्वास में लेकर लड़की का फोटो दिखाकर शादी, बारात के लिए एडवांस में मोटी रकम ली जाती है फिर गायब हो जाते थे। जिसके दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले कि गहनता से जाँच की जा रही है कि इनका तार कहा से जुड़ा है, गिरोह में शामिल अन्य की तलाश की जा रही है जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 

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JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 
JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 

Women officers honoured for outstanding work JAUNPUR

JAUNPUR NEWS जौनपुर 08 मार्च : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र द्वारा विभिन्न विभागों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारियों और कर्मचारियों, खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।  इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज की सशक्त महिलाएं देश के विकास में तथा समाज के हित में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आकस्मिकता के अवसर पर अथवा आपदा के अवसर पर भी महिलाएं लगातार उपस्थित रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। सभी महिलाएं अपने आप में सम्मानित हैं।

 इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, दिव्यांगजन विभाग, शिक्षा विभाग, बाल एवं पुष्टाहार विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग से कक्षा 5 की कंपोजिट विद्यालय तारा उमरी की छात्रा दीपिका विश्वकर्मा द्वारा रश्मिरथी के सर्ग तीन के प्रथम भाग के मनमोहक प्रस्तुतीकरण पर स्मृतिचिन्ह देकर तथा अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया तथा प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान उन्होंने दीपिका को इनाम स्वरूप रु0 11000 धनराशि की फिक्स्ड डिपॉजिट करने के निर्देश भी दिए।   इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 लक्ष्मी सिंह, उपजिलाधिकारी योगिता सिंह, निधि शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दिव्या शुक्ला सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

JAUNPUR 1 दिन की BSA बनी दीपिका

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Deepika became BSA for one day in jaunpur

JAUNPUR NEWS: राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दीपिका विश्वकर्मा कक्षा-5, कम्पोजिट विद्यालय तारा(उमरी) मुफ्तीगंज को एक दिन के लिऐ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया।


यह दिवस विशेष कर महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा व प्रेम प्रकट करते हुए, महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के रूप में मनाया जाता है।बीएसए डॉ गोरखनाथ पटेल ने छात्रा को एक दिन के लिए बीएसए बनने पर शुभकामनाएं दी।
कंपोजिट विद्यालय तारा उमरी की छात्रा दीपिका विश्वकर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बनकर विभागीय कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिया। दीपिका विश्वकर्मा ने कार्यों की समीक्षा की और जानकारी प्राप्त की। दीपिका ने अपने प्रभावी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। ज़िलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र ने छात्रा की प्रतिभा से मंत्र मुग्ध होकर छात्रा के लिए रू0 11000 धनराशि फिक्स डिपॉजिट करने की बात कही जिसका प्रयोग वह 18 वर्ष पूर्ण होने पर कर सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ गोरखनाथ पटेल ने दीपिका को इनाम स्वरूप रू0 5100 रुपए की धनराशि प्रदान की। दीपिका विश्वकर्मा ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि वह भविष्य में पढ़ लिख कर अपने माता पिता का नाम रौशन करना चाहती हैं। उसने कहा कि आज बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर मुझे बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है। मैं सभी बहनों से अपेक्षा करती हूं कि वह भी पढ़ लिखकर अच्छे पदों पर आसीन होकर समाज, देश व महिलाओं और बच्चों की सेवा करें, जिससे हमारा देश आत्मनिर्भर बन सकें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:भारतीय समाज और महिलाएं

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डॉ. अन्नू राजभर तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर
डॉ. अन्नू राजभर तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति सदियों से बदलाव के विभिन्न दौर से गुजरी है। जहां प्राचीन काल में महिलाओं को शिक्षा और स्वतंत्रता प्राप्त थी, वहीं मध्यकाल में सामाजिक बंधनों ने उनकी प्रगति को अवरुद्ध कर दिया। आधुनिक भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं।

ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कई समाज सुधारकों ने महिलाओं की दशा सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। राजा राममोहन राय ने सती प्रथा का विरोध किया और इसके उन्मूलन के लिए आंदोलन चलाया। ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया। ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए और पहला महिला विद्यालय खोला। इस दौरान महिलाओं ने भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, कमला नेहरू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली जैसी महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर यह सिद्ध किया कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारतीय संविधान में महिलाओं को समान अधिकार प्रदान किए गए। संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत महिलाओं और पुरुषों को समानता का अधिकार दिया गया। अनुच्छेद 15(3) महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति देता है। अनुच्छेद 39(d) में समान कार्य के लिए समान वेतन की बात की गई है। इसके अलावा, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए विशाखा दिशानिर्देश और मातृत्व लाभ अधिनियम जैसे कई कानून बनाए गए ताकि महिलाओं को सुरक्षा और समान अवसर मिल सकें।

आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। आज महिलाएं राजनीति, विज्ञान, खेल, कला, व्यवसाय और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। राजनीति में इंदिरा गांधी, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, ममता बनर्जी और द्रौपदी मुर्मू जैसी महिलाओं ने नेतृत्व कर देश की बागडोर संभाली है। विज्ञान और अंतरिक्ष में कल्पना चावला, टेसी थॉमस और रितु करिधाल जैसी महिलाओं ने अपना योगदान दिया है। खेल जगत में पी. वी. सिंधु, साइना नेहवाल, मैरी कॉम, मिताली राज और साक्षी मलिक जैसी खिलाड़ी भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित कर रही हैं। उद्यमिता के क्षेत्र में किरण मजूमदार शॉ, फाल्गुनी नायर और वंदना लूथरा जैसी महिलाओं ने बड़े व्यापारिक साम्राज्य खड़े किए हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव किया गया है। मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाता है ताकि वे अपने बच्चे की देखभाल कर सकें। निर्भया फंड के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद भारतीय समाज में महिलाओं को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, कार्यस्थल पर भेदभाव और शिक्षा की कमी जैसी समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक कठिन है, जहां लड़कियों की शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता है और उन्हें कम उम्र में विवाह के लिए बाध्य किया जाता है। कई महिलाओं को अब भी कार्यस्थल पर समान वेतन और प्रमोशन के अवसर नहीं मिलते हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि महिलाओं को समान अवसर दिए जाएँ, तो वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना भी जरूरी है। कार्यस्थल और समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना एक बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का अवसर है। महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास के लिए आवश्यक है। जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तो समाज और देश भी प्रगति करेगा। यह समय है कि हम केवल महिलाओं के अधिकारों की बात न करें, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करें ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज की वास्तविक प्रगति है और जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो भारत भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।

डॉ. अन्नू राजभर
तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर

नव निर्मित मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति स्थापित

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नव निर्मित मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति स्थापित

खुटहन [जौनपुर ] महमदपुर गुलरा गांव में शिवालय के बगल नव निर्मित मंदिर में शुक्रवार को हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई। इसके पूर्व प्रतिमा को फूल माला से सजे रथ पर रख कर गाजे बाजे के साथ सियरावासी,सुतौली, महमदपुर और गुलरा गांव का भ्रमण कराया गया। पंडित रामप्यारे दूबे व उमेश दूबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराया।

अधिवक्ता स्व गोरखनाथ पाण्डेय की पावन स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से सामूहिक मंदिर का निर्माण कराया गया। जिसमें गांव की युवा शक्तियों के द्वारा अर्थ दान से लेकर श्रमदान तक किया गया। लाखों की लागत से बन कर तैयार हुए मंदिर में मूर्ति स्थापित होते ही भक्त गणों की जयकार से पूरा पांडाल गुंजायमान हो गया।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों को संबोधित करते हुए कथा वाचक पंडित परमानंद तिवारी ने कहा कि सेवा से बड़ी भक्ति कोई नहीं है। स्वयं हनुमान जी सेवक के रूप में ही प्रभु के सबसे अनन्य बने। आगे कहा कि सभी देवों में अमर व कलयुग के जीवंत देव हैं पवनसुत। इस मौके पर श्रीपाल पाण्डेय। राम अनंद पाण्डेय, श्रीप्रकाश पाण्डेय,कैलाश नाथ पांडेय, शिवपूजन पाण्डेय,राजन, मिंटू,डब्लू,पिंटू, जगदंबा,काली प्रसाद, अखिलेश आदि मौजूद रहे। एडवोकेट राकेश पाण्डेय ने आगतो का स्वागत किया

क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?

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क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?
क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?

हिन्दू धर्म से जुड़े त्योहारों के अनेक मान्यताएँ हैं अनेकों परम्पराएँ है, कुछ तो ऐसे है जिससे पारिवारिक समरसता प्राचीन काल से लेकर आजतक झलकती है ऐसी ही कुछ मान्यताएँ रंगों के त्योहार होली को लेकर है, होली में सभी एक ही रंग के नज़र आते हैं। क्या बुढ़े, क्या जवान, क्या नयी नवेली दूल्हन सभी रंगों में रंगे नज़र आते हैं। हर तरफ़ बस उल्लास ही उल्लास नज़र आता है, यह त्योहार सारी कटुता को भूल कर मिठास का संदेश देता है,मगर इस होली को लेकर कुछ मान्यताएँ हैं कुछ परम्पराएँ है जिस को लोग आज भी कड़ाई से पालन करते हैं,जैसे नई नवेली दूल्हन को पहली होली अपने ससुराल में नहीं खेलनी चाहिए। दुल्हे को अपनी पहली होली ससुराल में खेलनी चाहिए आदि आदि।
इन्ही सब मान्यताओं को हम अपने इस लेख के माध्यम से अपने पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।


नई नवेली बहू को क्यों नहीं खेलनी चाहिए पहली होली ससुराल में? मान्यताओं के अनुसार जिस लड़की की नई नई शादी हुईं हो उसकी पहली होली ससुराल में नहीं बीतनी या खेलनी चाहिए ऐसा कहा जाता है कि यदि सास और बहु दोनों एक साथ होलिका दहन होतें हुए देखती है तो उनके रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो जाती है। कुछ अन्य बातें भी होती है जैसे नई दुल्हन पहली बार अपने माता पिता को छोड़ कर आई रहती है जिस कारण वह उतनी सहज नहीं रह पाती है इस कारण वह पुरी खुशी के साथ इस त्योहार का आनंद नहीं ले पाएगी इस कारण भी यह परम्परा शायद शुरू की गई होगी। कुछ मान्यताओं के अनुसार यदि नई बहू अपनी पहली होली अपने पीहर में मनाती है तो दोनों परिवार के रिश्तों में मधुरता आती है।


कुछ अन्य मान्यताओं के अनुसार गर्भवती स्त्री को भी अपनी पहली होली ससुराल में नहीं मनानी चाहिए। इससे उसके बच्चे का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है दामाद को पहली होली ससुराल में क्यों मनानी या खेलनी चाहिए? एक तरफ़ नई नवेली बहू को अपनी पहली होली ससुराल में मनाने से मनाही की गई है तो वही दूसरी तरफ दुल्हा के लिए अपनी पहली होली ससुराल में ही खेलने को कहा गया है। मान्यताओं के अनुसार यदि दामाद अपनी पहली होली अपने ससुराल में अपने सास ससुर तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ मनाता या खेलता है तो सास ससुर तथा अन्य रिश्तेदारों से उसके संबंध मधुर हो जाते हैं। जीवन में कभी किसी प्रकार की कटुता नहीं आती है। यदि सही अर्थों में देखा जाए तो यह त्योहार आपसी मेल मिलाप भाई चारे का त्योहार है। उपरोक्त दी गई सारी जानकारी प्रवचनों, स्थानीय मान्यताओं, लोक कथाओं, एवं बडे़ बुढो़ के अनुभवों पर आधारित है

  • mohammad kasim

jauNpur News जौनपुर के 4 पहिया, मोटरसाइकिल वाहन स्वामियों के लिए जरूरी सूचना

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jaunpur NEWS जौनपुर। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने जनपद के समस्त व्यावसायिक वाहनों (यथा-ट्रक/वस/टैक्सी आटो) के स्वामियों को अवगत कराया है कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों से सम्बन्धित समस्त जानकारी/सूचना (टैक्स/फिटनेस/परमिट/बीमा/प्रदूषण इत्यादि) वाहन स्वामी के मोबाइल नम्बर पर प्रेषित किया जाता है तथा वाहन से सम्बन्धित किसी भी कार्य के लिये आवेदन करने पर आवेदक के जानकारी एवं स्वीकार्यता हेतु वाहन स्वामी के मोबाइल नम्बर पर ओ०टी०पी० जाता है।

 अतः समस्त व्यावसायिक वाहनों (यथा-ट्रक/बस/टैक्सी/आटो) के स्वामी अपने नाम से पंजीकृत वाहनों पर एक सप्ताह के अन्दर अपना मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अपडेट करा लें, ताकि समस्त सूचनाए ससमय कार्यालय द्वारा संप्रेषित की जा सकें। अन्यथा की स्थिति में परिवहन विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्त सेवायें एवं सूचना की जानकारी आपको प्राप्त नहीं हो पायेगी साथ ही आपके वाहन से सम्बन्धित किसी भी कार्य का सम्पादन भी नहीं हो पायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी, परिवहन कार्यालय इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

JAUNPUR TRAFFIC जौनपुर शहर में सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों को अब बाइक फैंटम हटवाएंगे

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JAUNPUR TRAFFIC NEWS : जौनपुर शहर क्षेत्र के यातायात व्यवस्था को सुगम, सुचारू, सरल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिये पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश आठ बाइक फैंटम को शहर में 07 निर्धारित रुट पर चलाये जाने के लिये यातायात कार्यालय से सहायक पुलिस अधीक्षक द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जो अपने अपने निर्धारित रूटों पर यातायात व्यवस्था के तहत सड़कों पर गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटवाने के साथ साथ यातायात को सामान्य बनाने के साथ साथ प्रवर्तन का भी कार्य करेंगे।

बाइक संख्या 1 का रुट – लाइन बाजार चौराहा, कलेक्ट्रेड, सिविल लाइन, जोगियापुर पुल, अंबेडकर तिराहा, मातापुर रेलवे क्रॉसिंग, टीडी कॉलेज उत्तरी गेट, शेखपुर, रोडवेज तिराहा तक ।
बाइक संख्या 2 का रुट – वाजिदपुर, पॉलिटेक्निक, नईगंज, मछली शहर पड़ाव, बदलापुर पड़ाव, कालिचाबाद, मुरादगंज, सीहीपुर रेलवे क्रासिंग, मडियाहू ओवर ब्रिज तक ।

बाइक संख्या 3 का रुट – वाजिदपुर, जेसिज, जोगियापुर पुल, रिवरव्यू, सिपाह, सेंट पैट्रिक, पचहटिया, प्रसाद तिराहा, विशेश्वरपुर, आदमपुर रेलवे क्रॉसिंग, कुत्तुपुर तक ।

बाइक संख्या 4 का रुट – पॉलिटेक्निक, रुहट्टा, किसन काफी, मछली शहर पड़ाव, ओलंदगंज, बदलापुर पड़ाव, शाही पुल, चहारसू तक ।

बाइक संख्या 5 का रुट – जेसिस चौराहा, चंद्रा, जेपी, मोती ड्रेसेज, जेपी, भाजपा तिराहा, ओलनगंज, गुप्ता शू हाउस, सदभावना तिराहा, मछरहट्टा, जोगियापुर पुल तक ।

बाइक संख्या 6 का रुट – चहारसू, कोतवाली, चांद मेडिकल, बड़ी मस्जिद, मल्हनी पड़ाव, शाहगंज पड़ावल, शंकर मंडी, कुत्तुपुर, चांद मेडिकल तक ।

बाइक संख्या 7 का रुट – कोतवाली, सब्जी मंडी, सुतहट्टी, भंडारी, सुतहट्टी, अटाला, किला, अशोक टॉकीज, अटाला, पोस्ट ऑफिस, नगर पालिका, कोतवाली, मानिक चौक, सिपाह तक ।

बाइक संख्या 8 का रुट – इनके निगरानी/सहयोग में 01 उप निरीक्षक यातायात द्वारा आवश्यकतानुसार ।

उपरोक्त रुट पर ये बाइक फैंटम सुबह 9:00 से रात्रि 21:00 तक यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखेंगे व वाहनों के आवागमन को सुचारु रुप से संचालित करायेंगे । इनके द्वारा ये ध्यान रखा जायेगा कि शहर में कही भी यातायात बाधित न होने पाये । इनके द्वारा सड़क पर गलत तरिके से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाया जायेगा, आवश्यकता पड़नें पर प्रवर्तन की कार्यवाही भी करेंगें । इनके पास वायरलेस सेट, बाडीवार्न कैमरा,व सेफ्टी टॉर्च उपलब्ध होगा ।

JAUNPUR TRAFFIC POLICE

Jaunpur News उलट कर रखा गया डस्टबिन

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नगर पंचायत कजगांव में उलट कर रखा गया डस्टबिन।

  • नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी कुम्भकर्णी निद्रा लीन!

JAUNPUR NEWS जौनपुर। जिले के नगर पंचायत कजगांव के द्वारा कूड़े-कचरों फेंकने के लिए जगह-जगह डस्टबिन रखवाया गया।उलट कर रखे डस्टबिन को लेकर लोगों में चर्चा बना हुआ है। जहां एक तरफ सरकार के द्वारा नगर पंचायतों को स्वच्छ रखने के लिए नगर पंचायतों में जगह-जगह डस्टबिन रखवाये गये हैं वहीं नगर पंचायत का उलटकर रखवाया गया डस्टबिन रास्ते से गुजरने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। बता दें कि एक तरफ नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी यह दावा करते है कि कजगांव नगर पंचायत में साफ-सफाई समय-समय से होती है।

इसके बावजूद देखा जा रहा था कि नगर पंचायत द्वारा कचरा फेंकने वाले डस्टबिन को ही उलट कर रखवा दिया गया। नगरवासियों ने बताया कि यह डस्टबिन काफी दिनों से उलट कर रखा गया है। यह नगर पंचायत पूरी तरह से स्वच्छ भारत मिशन योजना पर पलीता लगा रहा है। इस प्रकार का कारनामा देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी पूरी तरह से कुम्भ कर्णी निद्रा में लीन पड़े हुए।

Jaunpur News जौनपुर पुलिस बलवा से निपटने के लिए तैयार

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JAUNPUR Jb NEWS जौनपुर पुलिस लाईन में शुक्रवार परेड की ली गई सलामी तथा परेड का निरीक्षण किया गया। शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए लगवाई गयी दौड़ तथा जनपद में आगामी त्यौहारों के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाये रखने व किसी भी स्थिति से निपटने के लिए जौनपुर पुलिस द्वारा किया गया बलवा ड्रिल का अभ्यास। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा ड्रिल के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व की जाने वाली कार्यवाही के सम्बन्ध में सभी को आवश्यक निर्देश दिये गये। ड्रिल के दौरान आशु गैस के गोले, रबर बुलेट , फायर सर्विस व अन्य का प्रयोग करने की विधि बताकर रिहल्सल कराया गया।

Jaunpur News जौनपुर पुलिस बलवा से निपटने के लिए तैयार

ड्रिल के रिहल्सल से पुलिस बल को आने वाले आगामी त्योहार व अन्य परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। बलवा ड्रिल में अपर पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक व अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया। बाद परेड अर्दली रुम कर सम्बन्धित को आवश्यक आदेश-निर्देश दिए गए।

Jaunpur News जौनपुर पुलिस बलवा से निपटने के लिए तैयार

गौरतलब हों कि गुरुवार को डॉ0 दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक डॉ0 कौस्तुभ की उपस्थिति में जिला शांति समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई थी बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि रमजान महीने और होली पर्व के दृष्टिगत जनपद में विद्युत आपूर्ति, पेयजल, साफ-सफाई सुनिश्चित कर ली जाए। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्र में मस्जिदों और ईदगाह की सफाई, चूने का छिड़काव सहित अन्य व्यवस्थाएं कराना सुनिश्चित करें। होलिका दहन स्थल के आसपास सफाई करने हेतु निर्देश दिया गया।


अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि यदि कहीं जर्जर तार हो तो उसे तत्काल बदल दिए जाए, त्योहारों के दौरान निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति बनी रहे। किसी भी प्रकार की विद्युत समस्या न आने पाए। इसके लिए कंट्रोल रूम की स्थापना करते हुए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाये। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सीसीटीवी कैमरे को चेक कर लिया जाए और यदि कोई सीसीटीवी खराब है तो उसे तत्काल ठीक करना सुनिश्चित किया जाए।


शांति समिति के सदस्यों के द्वारा निर्णय लिया गया कि जनपद में होली के दिन मध्यान्ह् 12.00 बजे तक ही रंग खेला जाए। जिसके क्रम में जिलाधिकारी ने समस्त जनपद वासियों को आगामी त्यौहारों की बधाई देते हुए अपील किया कि जनपद में होली के दिन मध्यान्ह् 12.00 तक ही रंग खेला जाए तथा आपसी सद्भाव और भाईचारे के साथ त्यौहार मनाया जाए।


अभिहित अधिकारी खाद्य को निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किया जाए, जिसमें दूध, खोवा सहित अन्य दुग्ध पदार्थो आदि में मिलावट करने वालों पर कार्यवाही की जाए, इसके लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देशित किया कि एक समिति बनाकर मिलावट करने वालों पर कार्यवाही करे।


जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी सीओ और उप जिलाधिकारी तहसीलों में भी शांति समिति की बैठक करना सुनिश्चित करें। सभी को निर्देशित दिया कि त्योहार रजिस्टर को अनिवार्य रूप से पढ़ लिया जाए, त्योहारों के दौरान कोई नई परंपरा नहीं शुरू की जाए। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों के प्रसार से बचे। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का प्रसार करने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


पुलिस अधीक्षक में कहा कि जौनपुर बुद्धिजीवियों का शहर है इसलिए आगामी त्यौहारों को गंगा जमुनी की तहजीब रखते हुए मनाया जाए। सभी एसडीएम व सीओ तहसीलों पर भी शांति समिति की बैठक करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।