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संकट मोचन मन्दिर में वार्षिकोत्सव श्रृंगार के उपरांत भण्डारे का हुआ आयोजन

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हज़ारों श्रद्धालुओं ने छका प्रसाद, देर रात तक चलता रहा भण्डारा

खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय-शाहगंज मुख्य मार्ग के आदर्श कन्या इण्टर कॉलेज परिसर में स्थित संकट मोचन मन्दिर पर भव्य वार्षिकोत्सव श्रृंगार, अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन हुआ। जिसके उपरांत को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। भक्ति और श्रद्धा के इस अनुपम संगम में क्षेत्र के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचे।

भंडारे की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी सचिदानंद मिश्रा द्वारा विशेष हवन व आरती के बाद प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ। भंडारे में पूड़ी, सब्ज़ी, हलवा व अन्य व्यंजन श्रद्धालुओं को परोसे गए। कार्यक्रम के आयोजन में भक्तों की सराहनीय भूमिका रही, जिन्होंने व्यवस्था को सुसंगठित बनाए रखा।

कार्यक्रम में यजमान रहे उद्योग व्यापार मण्डल के नगर अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता से भव्य रूप में भण्डारे का आयोजन हुआ। भण्डारा का शाम 6 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा। जिसमें क्षेत्र के आस-पास के दो हज़ार से अधिक श्रद्धालुओं में प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मुख्य रूप से जगदम्बा प्रसाद पाण्डेय, गोपाल जी, सचिदानन्द मौर्य, विशाल मोदनवाल, अनिल बरनवाल, राजू विश्वकर्मा, सत्यम गुप्ता, परमेन्द्र मोदनवाल, धर्मचंद्र गुप्ता समेत आदि लोग मौजूद रहे।

मारपीट के मामले में चार मनबढ़ गिरफ्तार,भेजे गए चालान

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खेतासराय (जौनपुर) मारपीट करने वाले मनबढ़ किस्म के चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और थाने लाकर विधिक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। पुलिस टीम ने शुक्रवार को थाना क्षेत्र के अब्बोपुर, सोधी एवं कलापुर गांवों से चार अभियुक्तों को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अब्बोपुर क्षेत्र से मुकदमेबाजी को लेकर हेमन्त कुमार गुप्ता पुत्र अनिल कुमार गुप्ता निवासी बागभार कोहण्डा, थाना पवई, आजमगढ़ को गिरफ्तार किया गया। वही सोधी से मारपीट के मामले में रवि यादव पुत्र कमलेश यादव को गिरफ़्तार किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम कलापुर से नवनीत यादव उर्फ शिवपाल पुत्र धर्मराज एवं रोशन यादव पुत्र सुबेदार यादव, दोनों निवासीगण सफीपुर, थाना खेतासराय को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किया गया।


चारों अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए उन्हें संबंधित न्यायालय भेज दिया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक अशोक वर्मा, उप निरीक्षक भोलानाथ सिंह, हेड कांस्टेबल मोहम्मद अंसारी, हेड कांस्टेबल अंबिका यादव एवं हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र गिरी शामिल रहे।

शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

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शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार
शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाला वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

खेतासराय पुलिस की कार्रवाई, न्यायालय भेजा गया आरोपी

खेतासराय (जौनपुर) शुक्रवार को खेतासराय पुलिस टीम ने शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में वांछित चल रहे नामित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने थाना स्थानीय पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 13/2026, धारा 69/115(2)/324(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त अभिनाश राजभर पुत्र परवीद राजभर, निवासी पोरईखुर्द, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर, (उम्र लगभग 24 वर्ष) गिरफ्तार अभियुक्त पर आरोप है कि उसने पीड़िता को शादी का झाँसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले के प्रकाश में आने के बाद से अभियुक्त फरार चल रहा था, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा लगातार की जा रही थी।


पुलिस टीम ने शुक्रवार की सुबह लगभग 08:30 बजे अमरेथुआ मोड़ के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के पश्चात आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए अभियुक्त को संबंधित न्यायालय भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, उप निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय, कांस्टेबल विनोद कुमार प्रजापति तथा कांस्टेबल सोनू गौड़ शामिल रहे।

प्रेमिका गिरफ्तार,पुलिस ने किया मामले का खुलासा

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प्रेमिका गिरफ्तार,पुलिस ने किया मामले का खुलासा
प्रेमिका गिरफ्तार,पुलिस ने किया मामले का खुलासा

प्रेम प्रपंच में डिपेंसरी संचालक की मौत

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के बरजी गांव में 16 जनवरी को डिपेंसरी संचालक की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत आत्महत्या से होना प्रमाणित हुई है। पुलिस ने इस मामले में प्रेम प्रपंच की पुष्टि करते हुए मृतक की प्रेमिका को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।

जानकारी के अनुसार बरजी गांव निवासी डिपेंसरी संचालक सुनील राजभर (30) पुत्र सुरेश का शव 16 जनवरी को घर के गेट के पिलर से फंदे पर लटकता मिला था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण हत्या और आत्महत्या के बीच गुत्थी उलझी हुई थी। पुलिस ने गहन जांच के बाद बताया कि मृतक का गांव की ही एक महिला से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच फोन पर लगातार बातचीत होती थी। महिला शादी के लिए दबाव बना रही थी, जबकि सुनील पारिवारिक समस्याओं, आगे की पढ़ाई और आर्थिक तंगी का हवाला देकर उसे टाल रहा था तथा कुछ समय इंतजार करने की बात कह रहा था।

पुलिस के अनुसार 16 जनवरी की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर सुनील ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद महिला ने अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया था। हालांकि पुलिस की तकनीकी टीम ने मोबाइल का डेटा रिकवर कर लिया, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना बताया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गुरुवार सुबह लगभग 11 बजे आरोपी महिला को उसके घर से गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

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सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

विजेता छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

खेतासराय (जौनपुर) जौनपुर में माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र के सर्वोदय इण्टर कॉलेज, खुदौली (जौनपुर) के विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में कक्षा 11 विज्ञान वर्ग की छात्रा कुमारी श्रेया अस्थाना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का विषय सड़क सुरक्षा: मुझसे शुरू होती है, मेरी भूमिका मेरी जिम्मेदारी रहा, जिस पर छात्रा ने प्रभावशाली एवं सारगर्भित प्रस्तुति दी। वहीं क्विज प्रतियोगिता में कक्षा 9 के छात्र उज्ज्वल अस्थाना ने भी द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। पोस्टर प्रतियोगिता में कक्षा 10 की छात्रा निष्ठा यादव को उनके रचनात्मक प्रयास के लिए सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

विद्यालय परिसर में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता ने विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर राजेश कुमार यादव, अनिल कुमार यादव, मेवा लाल यादव, अनिल कुमार सिंह सहित विद्यालय के समस्त अध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

शराब ठेके पर मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार

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शराब ठेके पर मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार
शराब ठेके पर मारपीट व तोड़फोड़ के मामले में एक अभियुक्त गिरफ्तार

खेतासराय (जौनपुर) बुधवार की रात्रि खेतासराय पुलिस टीम ने शराब के ठेके पर मारपीट एवं तोड़फोड़ करने वाले एक अभियुक्त को दबोच लिया तथा विधिक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम कलापुर स्थित शराब के ठेके पर मारपीट व तोड़फोड़ की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, जहां जांच के दौरान अभियुक्त विवेक यादव पुत्र सुबाष यादव, निवासी ग्राम सफीपुर, थाना खेतासराय जनपद जौनपुर का नाम प्रकाश में आया। अभियुक्त के कृत्य से क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना को देखते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया। थाने लाकर विधिक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया। इस कार्यवाई में उप निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल मोहम्मद अंसारी आदि शामिल रहे।

ट्रेन से गिरकर बुजुर्ग की मौत,पुलिस ने शव को भेजा पोस्टमार्टम

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खेतासराय (जौनपुर) थाना खेतासराय क्षेत्र अंतर्गत रेलवे स्टेशन के समीप एक दुखद हादसे में ट्रेन से गिरकर एक बुजुर्ग व्यक्ति की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू की।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि खेतासराय रेलवे स्टेशन पर तैनात प्वाइंट मैन जाहिद हुसैन द्वारा सूचना दी गई कि मानीकलां हाल्ट से आगे चौथे पोल के पास एक व्यक्ति ट्रेन से गिर गया है, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई है। सूचना पर थाना स्थानीय की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच की।

जांच के दौरान मृतक की पहचान जियालाल गौतम पुत्र गोवर्धन, निवासी ग्राम पकरौल, थाना दीदारगंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। मृतक की उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस द्वारा मृतक के परिजनों को दूरभाष के माध्यम से घटना की सूचना दे दी गई है।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम हेतु मर्चरी हाउस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से गिरकर दुर्घटनावश मृत्यु का प्रतीत हो रहा है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृत्यु के कारणों की पुष्टि होगी।

NCC कैडेटों को मिली बड़ी सौगात JAUNPUR NEWS  

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NCC कैडेटों को मिली बड़ी सौगात JAUNPUR NEWS  
NCC कैडेटों को मिली बड़ी सौगात JAUNPUR NEWS  

विश्वविद्यालय ने दी NCC कैडेटों को एक बड़ी सौगात विश्वविद्यालय में एनसीसी कैडेटों के लिए अत्याधुनिक फायरिंग रेंज व ट्रेनिंग एरिया का उद्घाटन

  • हाईटेक आब्स्टिकल ट्रेनिंग से कैडेटों को मिलेगा सशस्त्र सेवाओं तक पहुँचने का सुनहरा अवसरपूर्वांचल विश्वविद्यालय की फायरिंग रेंज कैडेटों के लिए पूरी तरह सुरक्षित: ग्रुप कमांडर वी के पंजियारएनसीसी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम: कुलपति प्रो. वंदना सिंह

JAUNPUR NCC जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने एनसीसी कैडेटों को एक बड़ी सौगात दी है। बुधवार को विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. वंदना सिंह एवं एनसीसी ग्रुप कमांडर वी के पंजियार ने संयुक्त रूप से अत्याधुनिक आब्स्टिकल ट्रेनिंग एरिया एवं फायरिंग रेंज का फीता काटकर उद्घाटन किया।उद्घाटन अवसर पर कैडेटों को संबोधित करते हुए एनसीसी ग्रुप कमांडर वी के पंजियार ने कहा कि विश्वविद्यालय में निर्मित फायरिंग रेंज पूरी तरह सुरक्षित एवं आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इससे कैडेटों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और वे अनुशासित, सक्षम एवं कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित होंगे।उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निर्मित आब्स्टिकल ट्रेनिंग एरिया अत्याधुनिक (हाईटेक) है और यह अपने प्रकार का सबसे बड़ा प्रशिक्षण क्षेत्र है।

यहाँ प्रशिक्षण लेने वाले कैडेट आगामी एनसीसी कैंपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे तथा भविष्य में सशस्त्र सेवाओं में जाने के लिए उन्हें मजबूत आधार प्राप्त होगा।कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। फायरिंग रेंज की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ एनसीसी से जुड़कर एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात करेंगे।विश्वविद्यालय परिसर में 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर के तत्वावधान में कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप–331 का आयोजन 15 जनवरी से 24 जनवरी तक किया जा रहा है। इस दौरान कैंप कमांडेंट कर्नल आलोक सिंह धर्मराज के नेतृत्व में ग्रुप कमांडर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तथा ड्रिल एवं परेड का प्रदर्शन किया गया।ग्रुप कमांडर ने एमआई रूम, कमांडिंग ऑफिस, कार्यालय, आवासीय परिसर, भोजनालय सहित कैंप की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

कैंप के दौरान कैडेटों को डिस्टेंस जजिंग, ओ टी ट्रेनिंग, फायरिंग एवं मैप रीडिंग जैसी महत्वपूर्ण प्रशिक्षण गतिविधियाँ कराई जा रही हैं, जिनमें कैडेट उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।निरीक्षण के उपरांत कुलपति एवं एनसीसी ग्रुप कमांडर द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 5 यूपी कंपनी, जौनपुर के कमांडिंग ऑफिसर एवं कीर्ति चक्र से सम्मानित पुष्विंदर सिंह की विशेष उपस्थिति रही।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव केश लाल, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजकुमार, मेजर आर.पी. सिंह, लेफ्टिनेंट जितेश सिंह,  लेफ्टिनेंट चित्रसेन गुप्ता, कैप्टन विनय सरोज, फर्स्ट ऑफिसर विनोद मिश्र, सेकंड ऑफिसर इन्द्रेश, सूबेदार मेजर केपी सिंह, बीएचम राजीव कुमार, सूबेदार बलवीर, हवलदार तरविंदर, गर्ल्स कैडेट इंस्ट्रक्टर रुचि यादव,  विश्वविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, उपकुलसचिव अजीत प्रताप सिंह, सहायक कुलसचिव (एनसीसी) श्रीमती सरला देवी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

जनक कुमारी इण्टर कॉलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

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जनक कुमारी इण्टर कॉलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
जनक कुमारी इण्टर कॉलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

जौनपुर : सड़क सुरक्षा पर भाषण, पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाई प्रति परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत जनक कुमारी इण्टर कॉलेज हुसैनाबाद जौनपुर में आयोजन किया गया।कार्यक्रम में जनपद के लगभग 25 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिसमें भाषण, चित्रकला, क्विज प्रतियोगिता कराई गई है। प्रतियोगिता का शुभारंभ जनपद के सह जिला विद्यालय निरीक्षक विवेक कुमार सिंह (पूर्व छात्र जनक कुमारी इण्टर कालेज) के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

भाषण प्रतियोगिता में दिव्या सिंह सेंट्र पैट्रिक इण्टर कालेज प्रथम, श्रेया अस्थाना सर्वोदय इण्टर कॉलेज द्वितीय, रिया मौर्या हरगोविन्द इण्टर कॉलेज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर प्रतियोगिता में उजाला निषाद प्रथम, जाह्नवी सिंह जीजीआईसी राजकीय इण्टर कॉलेज जौनपुर द्वितीय, सृष्टि मौर्या भगवान गौतम बुद्ध कॉलेज चम्बल तारा तृतीय एवं क्विज प्रतियोगिता में श्रीज़ी विश्वकर्मा जनक कुमारी इण्टर कालेज प्रथम, उज्जवल अस्थाना द्वितीय, शिवानी यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजयी प्रतिभागियों को एआरटीओ द्वारा पुरस्कृत किया गया।

  कार्यक्रम में एआरटीओ सत्येंद्र कुमार सिंह, यातायात निरीक्षक सुशील मिश्रा, जनक कुमारी इण्टर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक विपनेश कुमार श्रीवास्तव, नोडल प्रभाकर सिंह एवं निर्णायक मण्डल के सम्मानित सदस्य डॉ० रवीन्द्र नाथ, श्रीमती अनीता मौर्या एवं डॉ० सन्तोष गुप्ता, प्रधानाध्यापक राजकीय विद्यालय, रमेश कुमार सिंह प्रधानाचार्य नगर पालिका इण्टर कॉलेज जनक कुमारी इण्टर कॉलेज के शिक्षक रोहित अग्रवाल, तेज बहादुर प्रजापति प्रतिमा विश्वकर्मा, रेनू भारती एवं अन्य तथा प्रतिभागी विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जनक कुमारी इण्टर कॉलेज के शिक्षक बिजेन्द्र प्रसाद ने किया।

हिन्दू अध्ययन:सांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन

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हिन्दू अध्ययनसांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन
हिन्दू अध्ययनसांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन

मनुष्य की सभ्यता की कहानी केवल इतिहास नहीं, बल्कि हमारी चेतना, विकास और सांस्कृतिक पहचान का मूल स्रोत है। विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ जैसे – सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया, मिस्र, चीन, यूनान और माया – न केवल अद्भुत स्थापत्य और विज्ञान की जननी रही हैं, बल्कि इन सभ्यताओं ने मानवता को नैतिकता, शासन, कृषि, लेखन और समाज व्यवस्था की नींव प्रदान की। इन सभ्यताओं का अध्ययन केवल अतीत को जानने के लिए नहीं, बल्कि आज की जटिल वैश्विक चुनौतियों का उत्तर खोजने का एक सशक्त उपाय भी है।


उदाहरण के लिए, सिंधु घाटी सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था आज की जल-संकटग्रस्त दुनिया को टिकाऊ शहरी नियोजन का पाठ पढ़ा सकती है। मिस्र की स्थापत्य कला या मेसोपोटामिया की विधिक प्रणाली हमें यह दिखाती है कि मानव रचनात्मकता ने हजारों वर्ष पहले भी चमत्कारी समाधान खोजे थे।

विश्वविद्यालयों और अध्ययन केंद्रों में इन प्राचीन सभ्यताओं पर केंद्रित शोध पुनः लोकप्रिय हो रहा है। जिसमें मुख्य रूप से ‘हिन्दू स्टडीज’, ‘मेसोपोटामिया संस्कृति अध्ययन’, ‘मिस्रविद्या’ और ‘शास्त्रीय चीनी विचार’ जैसे विशेष अध्ययन कार्यक्रम विश्वभर में विद्यार्थियों को संस्कृति, दर्शन, धर्म और प्रौद्योगिकी के ऐतिहासिक पहलुओं से परिचित करा रहे हैं। भारत में भी नवजागरण की तरह युवाओं में भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक विज्ञान को समझने की ललक बढ़ रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों में मुख्य रूप से मातृभाषा को प्रोत्साहन देने के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित मूल्यवर्धक विषयों के शिक्षण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। यह समय है जब शिक्षा नीति, अनुसंधान संस्थान और मीडिया मिलकर इस चेतना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमें केवल विदेशी सभ्यताओं की ओर नहीं, बल्कि भारत की स्वयं की गौरवशाली विरासत जैसे – वेद, उपनिषदों के साथ ही, तक्षशिला, नालंदा शिक्षण संस्थानों व अरण्यक परंपरा, जिसमें आत्मविद्या/ब्रह्मविद्या, उपासना/ध्यान पर ज़ोर दिया जाता है – की ओर भी देखना होगा। इसमें कर्मकांड से हटकर दार्शनिक और आध्यात्मिक विषय शामिल हैं। इस विरासत को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।

मानव सभ्यता की आत्मा
धर्म को मानव सभ्यता की आत्मा माना जाता है। यह न केवल ईश्वर या आध्यात्मिकता से जुड़ा विषय है, बल्कि यह समाज, संस्कृति, नैतिकता, दर्शन और जीवन पद्धति का भी आधार है। विश्व के प्राचीन धर्म जैसे – वैदिक सनातन परंपरा, जरथुष्ट्र धर्म (पारसी), मिस्र का देवपूजन, यूनानी देवमाला, यहूदी परंपरा, मेसोपोटामिया के देवी-देवता, और ताओवाद आदि – आज भी मानव चेतना को गहराई से प्रभावित करते हैं।

आज जब आधुनिक सभ्यता भौतिक प्रगति की दौड़ में मानसिक और नैतिक द्वंद्वों से जूझ रही है, तब प्राचीन धर्मों का अध्ययन न केवल ऐतिहासिक या धार्मिक जिज्ञासा की पूर्ति करता है, बल्कि यह जीवन को संतुलन, करुणा और एकात्म दृष्टि प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है।

अध्ययन की प्रासंगिकता
हिन्दू अध्ययन से विश्व की विभिन्न सभ्यताओं को समझने एवं उनमें संवाद स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से संस्कृति की समझ विकसित होगी क्योंकि हर समाज की सांस्कृतिक पहचान उसके धार्मिक दृष्टिकोण से गहराई से जुड़ी होती है।

प्राचीन धर्मों का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि सभ्यताओं ने जीवन, मृत्यु, प्रकृति, सृष्टि और आत्मा को कैसे परिभाषित किया। साथ ही यह वैश्विक संवाद और सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करेगा क्योंकि जब हम विभिन्न धर्मों की उत्पत्ति और मूल विचारों को समझते हैं, तब हमें धर्मों के बीच साम्य और संवाद की क्षमता दिखती है। इससे वैश्विक शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व की भावना को बल मिलता है।

इसके अलावा धर्म और दर्शन का समन्वय भी विकसित होगा। भारत में धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, यह दर्शन, तर्क और योग की पद्धतियों से भी जुड़ा है। वेद, उपनिषद, जैन आगम, बौद्ध त्रिपिटक, और ताओवादी ग्रंथ जैसे ‘ताओ ते चिंग’ हमें जीवन की व्यापक समझ देते हैं जो नैतिक शिक्षा का भी स्रोत है। आज की पीढ़ी को यदि जीवन मूल्यों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ देनी है, तो प्राचीन ग्रंथों के विचारों से जुड़ना आवश्यक है।

शिक्षण संस्थानों की भूमिका
वर्तमान में अनेक विश्वविद्यालयों में तुलनात्मक धर्म, हिन्दू अध्ययन, बौद्ध दर्शन, अब्राहमिक धर्म और स्वदेशी आध्यात्मिकता जैसे पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। हिन्दू अध्ययन के अंतर्गत – हिन्दू परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, दर्शन, वेद, उपनिषद, स्मृति-शास्त्र, योग, पुराण, भक्ति वेदांत, भक्ति आंदोलन, धर्मशास्त्र, रामायण-महाभारत पर अध्ययन एवं शोध – मुख्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

ईसाई धर्म केंद्र के अन्तर्गत – ईसाई धर्म का इतिहास, बाइबिल, धर्मशास्त्र, नैतिक दर्शन, प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक, ऑर्थोडॉक्स परंपराएं, समाज, राजनीति, मध्यकालीन और आधुनिक ईसाई चिंतन एवं शोध शामिल हैं।

इस्लाम धर्म अध्ययन केंद्र के अंतर्गत – इस्लामी सभ्यता, इतिहास, दर्शन, संस्कृति, कानून, परंपरा, कुरान, हदीस, शरीयत और फ़िक़्ह का गहन अध्ययन किया जाता है।

बौद्ध धर्म केंद्र के अन्तर्गत – बौद्ध धर्म की वैश्विक यात्राएँ, थेरवाद, महायान, वज्रयान परंपराओं का तुलनात्मक अध्ययन, पाली, तिब्बती और संस्कृत ग्रंथों पर शोध के साथ ही भाषायी-सांस्कृतिक विविधता का अध्ययन होता है।

यहूदी धर्म अध्ययन केंद्र के अन्तर्गत – दर्शन, संस्कृति, तोराह, तलमूद, हिब्रू भाषा, यहूदी परंपराएँ, संगीत, कला, हिब्रू ग्रंथों पर अध्ययन व शोध शामिल हैं।

इसी तरह सिख धर्म के दर्शन, संस्कृति, इतिहास, गुरुमुखी, कला, संगीत आदि पर शोध व अध्ययन कई संस्थानों में संचालित हो रहे हैं। भारत में – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सांची विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय सहित दर्जनों उच्च शिक्षण संस्थान प्राचीन धार्मिक परंपराओं पर उच्चस्तरीय शोध कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा में शामिल करने का जो आह्वान किया गया है, वह इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

नवजागरण की आवश्यकता
प्राचीन धर्मों का अध्ययन एक निष्पक्ष, अकादमिक और तात्त्विक दृष्टिकोण से होना चाहिए, जिससे यह किसी संकीर्णता या प्रचार का साधन न बन जाए। यह अध्ययन हमारे युवाओं में जिज्ञासा, तर्क और सहिष्णुता को जन्म देगा।

प्राचीन धर्मों का अध्ययन केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान के लिए मार्गदर्शन और भविष्य के लिए चेतना का दीप है। जब हम विश्व के धार्मिक विचारों की विविधता को आत्मसात करते हैं, तब हम एक अधिक समावेशी, सह-अस्तित्व, वैश्विक शांति, वैज्ञानिक समझ के साथ संतुलित एवं समझदार समाज की ओर बढ़ते हैं।

प्रो. एच. सी. पुरोहित
समन्वयक, हिन्दू अध्ययन केन्द्र,
दून विश्वविद्यालय, देहरादून