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जौनपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ जन जागरण अभियान तेज

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रविवार को भी वृहद स्तर पर चला पोस्टर अभियान*

  • कीलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति के बैनर तले चला दूसरे दिन भी पोस्टर अभियान सैकड़ों नागरिकों ने लिया हिस्सा

जौनपुर : मकर संक्रांति से पहले पतंगबाजी की खुशी को मौत के जाल में बदल देने वाले प्रतिबंधित चाइनीज/नायलॉन/सिंथेटिक मांझे व तात के धागे के खिलाफ जौनपुर में जन आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2017 के सख्त आदेश के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहे इस घातक धागे के विरुद्ध कीलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति के नेतृत्व में आज रविवार को भी शहर में नेतृत्वकर्ता विकास तिवारी के नेतृत्व में वृहद स्तर पर पोस्टर अभियान चलाया गया।

भारी संख्या में नागरिकों ने स्वेच्छा से इसमें भाग लिया और शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सैकड़ों पोस्टर चिपकाए गए।

समिति के संयोजक अधिवक्ता विकास तिवारी व अतुल सिंह, सुधांशु सिंह, दिव्यप्रकाश सिंह, अंकित यादव एवं अन्य साथियों ने अभियान को विस्तार देते हुए कहा कि प्रशासन को जगाने और समाज मे जागरूकता लाने के लिए हम यह पोस्टर अभियान चला रहें हैं। प्रशासन की पतंग उड़ानें वाले प्रतिबंधित धागा के विरुद्ध कार्यवाही दिखनी शुरू हुई है। जनपद मे भारी स्तर पर पतंग उड़ानें मे प्रयुक्त होने वाला प्रतिबंधित धागा बरामद कर विक्रय और भंडारण करने वालो के विरुद्ध कार्यवाही हुई है लेकिन अभी और कठोरता से कार्यवाही करने की आवश्यकता है। हमारे द्वारा पूर्व में प्रशासन को कई बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब हम स्वयं जनता को जगाने के लिए पोस्टर हाथों में लिए सड़कों पर निकल पड़े है। रविवार होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, यह अभियान की सफलता और जनता के आक्रोश को दर्शाता है।

पोस्टर अभियान मे जुटे सब लोग एक स्वर मे अपील करते रहे कि प्रतिबंधित मांझा न बेचें, न खरीदें, न उपयोग करें। केवल सुरक्षित सूती धागा अपनाएं। उल्लंघन पर 5 वर्ष की कैद और 1 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

समिति ने खूनी डोर का उपयोग करने वालों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि पतंग उड़ानें के लिए सिर्फ काटन के धागे का ही उपयोग किया जा सकता है।

उक्त अवसर पर प्रमुख रूप से विकेश उपाध्याय, पूर्व प्रमुख मेवा यादव, विशाल सिंह हुकुम, रूद्रेश त्रिपाठी, भीम सोनकर, राजकुमार प्रजापति, सोनू रजक, अंकित यादव, निर्भय, अली नवाज, रंजीत यादव, देवेश मौर्य, नीरज, चन्द्रेश यादव, विराज ठाकुर, आदि उपस्थित रहे।

22 दिसंबर एक अद्भुत और भौगोलिक दिन,जानिए क्यों   

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22 दिसंबर एक अद्भुत भौगोलिक दिन ,डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

jaunpur : अंतरिक्ष से देखने पर नीले हरे रंग की हमारी धरती घूमते हुए पूरे ब्रह्मांड का अद्भुत ग्रह है क्योंकि अभी तक एक भी ग्रह पृथ्वी की तरह खोज नहीं जा सका है जो जीव जंतु हवा पानी और वनस्पतियों से युक्त हो धरती सचमुच अपने सौरमंडल का ही नहीं अपनी आकाशगंगा का भी सबसे अद्भुत ग्रह है और यहां पर घटने वाली भौगोलिक घटनाएं भी परम विचित्र हैं अपनी आकाशगंगा के दो खराब सूर्य के बीच कई हजार खराब ग्रह नक्षत्र में धरती पर ही जीवन विद्यमान है ऐसी ही एक अद्भुत भौगोलिक घटना 22 दिसंबर को घटित होती है जब सबसे बड़ी रात और सबसे छोटा दिन होता है l

22 दिसंबर एक अद्भुत और भौगोलिक दिन,जानिए क्यों   

डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

पृथ्वी बाहर से देखने पर गोल दिखती है लेकिन यह पूरी तरह गोल नहीं है बल्कि उत्तरी दक्षिणी ध्रुव पर नंगी की तरह हल्की चपटी है और यह अपने अक्ष पर 23.50अंश झुकी हुई है इसीलिए धरती पर दिन-रात बराबर नहीं रहता है क्योंकि धरती पर सूर्य की किरणें सामान नहीं पड़ती है इसलिए धरती पर दिन-रात अंधेरा उजाला बराबर नहीं रहता है

पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करने के कारण मौसम और ऋतु में बदलता है जबकि पृथ्वी के अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूमने के कारण दिन और रात होते हैं इसी परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण सूर्य पूर्व में उगता हुआ और पश्चिम में डूबता हुआ दिखाई देता है

22 दिसंबर को उत्तरी गोलार्ध में पड़ता है और सबसे छोटा दिन होता है जबकि सबसे बड़ी रात होती है जब सूर्य मकर संक्रांति करता है तब मकर संक्रांति के दिन 15 जनवरी के आसपास उत्तरी गोलार्ध में दिन बाद होने लगता है और रात धीरे-धीरे छोटी होने लगती है इसलिए उत्तरी गोलार्ध में नवंबर से लेकर फरवरी तक घनघोर जाना पड़ता है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय गर्मी की ऋतु होती हैं इसीलिए दक्षिण अफ्रीका दक्षिण अमेरिका और आस्ट्रेलिया तथा न्यूजीलैंड में इस समय जाड़े में गर्मी के रितु चल रही है

इसी प्रकार 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है इसके बाद धीरे-धीरे सूर्य दक्षिणायन हो जाता है और उत्तरी गोलार्ध में वर्षा और उसके बाद जाड़े की ऋतु आने लगती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में इस समय जाड़े का मौसम शुरू हो जाता है इस प्रकार अप्रैल में जून जुलाई में घनघोर गर्मी पड़ती है

इसके भी खरीद 21 मार्च और 23 सितंबर ऐसा समय है जब सारी धरती पर दिन-रात बराबर होते हैं और सर्दी गर्मी भी बराबर होती है इसलिए सितंबर अक्टूबर में और फरवरी मार्च में सारी दुनिया में और भारत में भी मौसम सुहावना और बसंत का होता है यह सभी धरती के अपने अक्ष पर झुकी होने पूरी तरह से गोल नहीं होने और परिक्रमण और परिभ्रमण के कारण होता है

एक बात और है कि ठंड में जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव की ओर जाते हैं वैसे-वैसे दिन छोटे और रातें बड़ी होने लगती है भारत के दक्षिणी भागों में और विषुवत वृत्त पर 12 घंटे के दिन 12 घंटे का रात होता है जबकि मध्य भारत जौनपुर और आसपास दिसंबर में लगभग 14 घंटे की रात और 10 घंटे का दिन होता है कश्मीर और उसके उत्तरी भागों में और चीन तथा अरब देशों में इस समय 8 घंटे का रात और 16 घंटे की रात होता है जबकि 66 अंश उत्तरी अक्षांश पर केवल रात होती है और उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने की रात होती है जबकि इस समय दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने का दिन होता है ऐसा माना जाता है कि विश्व काव्य रामायण का भीषण धुरंधर महायोद्धा कुंभकरण उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर बारी-बारी से 6 महीने सोया करता था

इस प्रकार धरती के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर 6 महीने के दिन और 6 महीने की रात होती है यहां 6 महीने सूर्य डूबा रहता है और गर्मी में 6 महीने रात में भी सूर्य निकल रहता है फिनलैंड नार्वे जहां पर महीना का दिन होता है उसका दृश्य देखने लोग जाया करते हैं यहां पर रंग-बिरंगे प्रकाश की किरणें फैल जाते हैं जिनको मेरु प्रभा कहते हैं धरती पर यह अद्भुत भौगोलिक घटनाएं 22 दिसंबर 21 जून 23 सितंबर और 21 मार्च का दिन अद्भुत भौगोलिक घटना बना देती हैं

स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र एसआईआर कार्य हेतु डॉ. वीरेंद्र नामित

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स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र मतदाता बनाने की मिली जिम्मेदारी

जौनपुर। लखनऊ में चिकित्सा सेवा दे रहे वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव को समाजवादी पार्टी ने नई जिम्मेदारी दी है, जो स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता बनाने तथा एसआईआर के कार्य हेतु नामित किए गए हैं ,जो मतदाता बनाने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए जोर देंगे।

बता दें कि करंजाकला विकासखंड क्षेत्र के लाड़लेपुर निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ वीरेद्र कुमार यादव लखनऊ में चिकित्सा सेवा कार्य से जुड़े थे, लेकिन वह समय-समय पर समाजवादी पार्टी द्वारा दिए जाने वाली जिम्मेदारियां को भी संभालते रहे हैं, इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सीएम अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने उन्हें जौनपुर जिले की नई जिम्मेदारी दी है। जिसमें जौनपुर विधान सभा सदर में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता बनाने के कार्य करेंगे। इसके साथ ही एस आई आर के जागरूकता कार्यक्रम की भी जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए उन्हें नामित किया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने से लोगों ने उन्हें मिलकर बधाई दी। डॉ वीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि समाजवादी पार्टी में जो जिम्मेदारी दी है उसकी पूरी निष्ठा से निर्वहन करूगा पार्टी को आगे ले जाने में कोई कोर कसर नहीं छोडूंगा ।

Jaunpur News,टीडी कालेज में DRC की बैठक आयोजित

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Jaunpur Crime जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर के भौतिक विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित डी.आर.सी. (DRC) की बैठक सफलतापूर्वक एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैठक का उद्देश्य शोध कार्यों की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना एवं अकादमिक विमर्श को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रोफेसर संजय कुमार श्रीवास्तव ने बाह्य परीक्षक के रूप में सहभागिता करते हुए अपने महत्वपूर्ण सुझावों से बैठक को दिशा प्रदान की और कार्यक्रम प्राचार्य प्रो राम आसरे सिंह की उपस्थिति में हुआ।
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं आंतरिक विशेषज्ञ डॉ जेपी सिंह (राष्ट्रीय महासचिव, सुभासपा एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, वी.बी.एस. पूर्वांचल विश्वविद्यालय) ने शोध एवं उच्च शिक्षा से संबंधित अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। शोधार्थियों ने अपने अपने सिनॉप्सिस को पीपीटी के माध्यम से सेमिनार हाल में प्रस्तुति दिया।

कार्यक्रम में विभाग के प्रोफेसर सुदेश सिंह, प्रोफेसर अमित कुमार श्रीवास्तव,डॉ. रमेश सिंह , डॉ पंकज गौतम सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही।


यह बैठक विभाग के शैक्षणिक एवं शोधात्मक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। आयोजन की सफलता हेतु विभाग के समस्त सदस्यों एवं शोधार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ।

मनरेगा योजना के अन्तर्गत APO आउटसोर्सिग संस्था के चयन की अन्तिम तिथि 30 दिसम्बर

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Additional Programme Officer under MNREGA Scheme
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Additional Programme Officer under MNREGA Scheme

JAUNPUR NEWS जौनपुर : उपायुक्त (श्रम-रोजगार), जौनपुर ने अवगत कराया है कि जिलाधिकारी के अनुमोदन 12 दिसम्बर 2025 के अनुपालन में जनपद में मनरेगा योजना के अन्तर्गत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (ए०पी०ओ०), लेखासहायक एवं तकनीकी सहायको के आबद्धीकरण हेतु आउटसोर्सिग संस्था के चयन हेतु जेम पोर्टल के माध्यम से प्रकाशित की गयी जेम बिड संख्या GEM/2025/B/7028340 की अन्तिम तिथि 30 दिसम्बर को समय सायं 07.00 बजे तक समस्त इच्छुक निविदा दाता जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा में प्रतिभाग कर सकते है।

नगर पंचायत खेतासराय ईओ ने किया रैन बसेरे का औचक निरीक्षण

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नगर पंचायत खेतासराय ईओ ने किया रैन बसेरे का औचक निरीक्षण
नगर पंचायत खेतासराय ईओ ने किया रैन बसेरे का औचक निरीक्षण

नगर पंचायत खेतासराय ईओ ने किया रैन बसेरे का औचक निरीक्षण

खेतासराय (जौनपुर): नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) अलका मौर्या ने शनिवार को नगर स्थित रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ-सफाई व्यवस्था तथा रैन बसेरे में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का गहन अवलोकन किया।

ईओ ने रैन बसेरे में साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए। साथ ही पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कुछ आवश्यक सुधारों को लेकर मौके पर ही दिशा-निर्देश जारी किए गए। इसके उपरांत ईओ अलका मौर्या ने नगर के प्रमुख स्थानों पर जल रहे अलाव का भी भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने ठंड के मौसम को देखते हुए अलाव की निरंतर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।

JAUNPUR NEWS,चाइनीज मांझे के खिलाफ बगावत,शहर पोस्टरों से पाटा

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JAUNPUR NEWS,चाइनीज मांझे के खिलाफ बगावत,शहर पोस्टरों से पाटा
JAUNPUR NEWS,चाइनीज मांझे के खिलाफ बगावत,शहर पोस्टरों से पाटा

कीलर मांझा के खिलाफ सड़कों पर उतरे नागरिक, पोस्टर अभियान शुरू

एनजीटी आदेश को ठेंगा दिखा रहे प्रतिबंधित धागे के विक्रेता,जौनपुर में प्रतिबंधित मांझे की खुली बिक्री पर नागरिकों ने खुद थामा मोर्चा

जौनपुर!:पतंग उड़ाने की खुशी को मौत के जाल में बदल देने वाले प्रतिबंधित चाइनीज/नायलॉन/सिंथेटिक मांझे के खिलाफ जौनपुर में जन जागरण की लहर उठ खड़ी हुई है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 11 जुलाई 2017 के सख्त आदेश के बावजूद आठ वर्ष बीत जाने पर भी जिले के बाजारों में यह घातक धागा धड़ल्ले से बिक रहा है। नायलॉन, प्लास्टिक, तात वाला, सीसा लेपित या कोई भी गैर-बायोडिग्रेडेबल मांझा पूर्णतः प्रतिबंधित है। केवल सूती धागा ही सुरक्षित है। लेकिन प्रशासन की उदासीनता ने इसे सड़कों पर मौत का हथियार बना दिया है। आये दिन कोई न कोई अनहोनी हो रही है।

हालिया दर्दनाक हादसा किसी को भी झकझोर देगा। 11 दिसंबर 2025 को शास्त्री ब्रिज पर अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे 40 वर्षीय निजी स्कूल शिक्षक शसंदीप तिवारी प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आए। तेज धार ने उनकी गर्दन काट दी और अत्यधिक रक्तस्राव से मौके पर ही उनकी जान चली गई। यह कोई इकलौती घटना नहीं इस साल जौनपुर और प्रदेश में कई घटनाएं हुई व इसी मांझे के कारण कईयों को गंभीर चोटें हो चुकी हैं। पक्षी और जानवर भी इस जाल में फंसकर घायल हो रहे हैं।

इसी आक्रोश और चिंता से प्रेरित होकर “कीलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति” ने शहर में जोरदार पोस्टर अभियान छेड़ दिया। लाल-पीले रंग के प्रभावशाली पोस्टरों में बड़े अक्षरों में लिखा है । “प्रतिबंधित मांझा- मौत का फंदा”, “नायलॉन धागा/प्लास्टिक धागा/सिंथेटिक मांझा पूर्ण प्रतिबंधित”। पोस्टर में घायल गले की भयावह तस्वीरें लोगों को सिहरा रही हैं।

समिति के संयोजक एवं अधिवक्ता अतुल सिंह ने खुद अपने साथियों आशीष शुक्ल,विराज ठाकुर, सुधांशु सिंह, डॉ. अब्बासी,दिव्यप्रकाश सिंह, अंकित यादव सहित अन्य के साथ सड़कों पर उतरकर चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाए।

अतुल सिंह ने भावुक अपील करते हुए कहा कि पिछले एक साल से हम जिलाधिकारी महोदय को ज्ञापन पर ज्ञापन दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही। बाजारों में चाइनीज मांझा और प्रतिबंधित धागा खुलेआम बिक रहा है। शिक्षक संदीप तिवारी जैसे मासूम की मौत ने हमें मजबूर कर दिया कि अब जनता खुद जागे। हम अपील करते हैं । पतंग उड़ानें वाला प्रतिबंधित धागा न बेचें, न खरीदें, न उपयोग करें। केवल सूती धागा अपनाएं और पतंगबाजी की खुशी को सुरक्षित बनाएं। उल्लंघन पर 5 साल जेल और 1 लाख जुर्माना हो सकता है।

यदि प्रतिबंधित मांझा भण्डारण,विक्रय और उपयोग कहीं दिखे तो तुरंत इन नंबरों पर सूचना दें 9670669699,9565444444, 8318726612।

समिति ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र छापेमारी और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो एनजीटी या उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। यह अभियान मकर संक्रांति से पहले हर घर तक जागरूकता पहुंचाने का संकल्प है।ताकि पतंग उड़ाने की खुशी मौत न बन जाए।

पोस्टर अभियान के प्रमुख हिस्सा डा. अब्बासी ने कहा कि प्रतिबंधित मांझा न केवल इंसानों की जान ले रहा है, बल्कि निर्दोष पक्षियों और जानवरों के लिए भी क्रूरता है। एक डॉक्टर होने के नाते मैंने कई गंभीर चोटों के मरीज देखे हैं। एनजीटी का आदेश आठ साल पुराना हो चुका है, लेकिन प्रशासन सोया हुआ है। हम यह पोस्टर अभियान इसलिए चला रहे हैं ताकि मकर संक्रांति से पहले कोई और परिवार बिछड़ न जाए। केवल सूती धागा अपनाएं,जीवन बचाएं।

उसी क्रम में दिव्यप्रकाश सिंह ने कहा कि जौनपुर के बाजारों में प्रतिबंधित मांझा खुलेआम बिक रहा है, जबकि शिक्षक संदीप तिवारी जैसे लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन की लापरवाही अस्वीकार्य है। हम सड़कों पर पोस्टर चिपका रहे हैं ताकि हर नागरिक जागे और इस मौत के धागे को नकार दे। युवाओं से अपील है।पतंग उड़ाएं, लेकिन सुरक्षित सूती मांझे से। अगर प्रतिबंधित धागा देखें तो तुरंत सूचना दें।

उक्त अवसर पर प्रमुख रूप से विकास तिवारी, अतुल सिंह, डॉ अब्बासी, आशीष शुक्ला, दिव्यप्रकाश, सुधांशु सिंह, अंकित यादव, निर्भय, विनीत कुमार गुप्ता, अली नवाज, रकजकुमार प्रजापति, लकी विश्वकर्मा आदि उपस्थित रहे।

चोरी की बड़ी वारदात,तीस लाख के जेवर व नकदी पर हाथ साफ

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चोरी की बड़ी वारदात,तीस लाख के जेवर व नकदी पर हाथ साफ
चोरी की बड़ी वारदात,तीस लाख के जेवर व नकदी पर हाथ साफ

खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय थाना क्षेत्र के पहलमापुर गाँव में गुरुवार की रात चोरों ने एक बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देकर क्षेत्र में सनसनी फैला दी। चोरों ने घर के कमरों का ताला तोड़ने के बजाय ताला ही गायब कर दिया और लगभग तीस लाख रुपये मूल्य के जेवरात तथा तीस हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के समय घर में केवल एक वृद्धा मौजूद थीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य डिलीवरी के लिए अकबरपुर गए हुए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम निवासी दशरथ सिंह का संयुक्त परिवार है। परिवार के सदस्य दो दिन पूर्व डिलीवरी कराने के लिए अकबरपुर गए थे। घर में केवल उनकी माता आलती सिंह (उम्र लगभग 75 वर्ष) को बड़े पिता के परिवार के भरोसे छोड़ दिया गया था। गुरुवार की रात अज्ञात चोरों ने सुनसान घर को निशाना बनाया और ऊपर के कमरों में रखे जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

शुक्रवार की सुबह जब पड़ोसियों ने घर के ऊपरी कमरों के दरवाजे खुले और ताले गायब देखे तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पाटीदारों द्वारा गृहस्वामी को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही खेतासराय पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट, साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारी एकत्र की।

पीड़ित परिवार के अनुसार, चोरों ने घर के तीनों कमरों के ताले मौके से गायब कर दिए, जिससे चोरी की घटना को बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया प्रतीत होता है। कमरों में रखा सारा सामान अस्त-व्यस्त मिला। अलमारी और बक्सों में रखे सोने-चांदी के आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब तीस लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि तीस हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए हैं।

इस संबंध में गृहस्वामी दशरथ सिंह ने बताया कि वे रात्रि तक घर पहुंचेंगे, उसके बाद नुकसान का सही आकलन कर थाने में लिखित तहरीर देंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर चोरी की घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।

सत्य और भाव-भक्ति से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव : पं.अखिलेश चन्द्र मिश्र

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सत्य और भाव-भक्ति से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव पं.अखिलेश चन्द्र मिश्र
सत्य और भाव-भक्ति से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव पं.अखिलेश चन्द्र मिश्र

खेतासराय (जौनपुर): श्रीरामजानकी मन्दिर ठाकुरद्वारा के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में भारती विद्यापीठ, खेतासराय में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास पं. अखिलेश चन्द्र मिश्र ने भागवत के गूढ़ तत्वों की भावपूर्ण व्याख्या कर श्रोताओं को आध्यात्मिक रस से सराबोर कर दिया।

कथा के तृतीय दिन मंगलाचरण में “सत्यं परं धीमहि” की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। असत्य भाषण से बड़ा कोई अधर्म नहीं और सत्य भाषण से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इसी भाव को स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत के मंगलाचरण में किसी देवी-देवता की नहीं, बल्कि सत्य की ही वंदना की गई है। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए एक आदर्श राजा के प्रजा के प्रति कर्तव्यों पर प्रकाश डाला। साथ ही कहा कि संसार में लोग केवल सुख के साथी होते हैं, जबकि दुःख में केवल गोविंद ही सहारा बनते हैं। इसी कारण माता कुन्ती ने भगवान से दुःख का वरदान मांगा था, क्योंकि दुःख में प्रभु का स्मरण बना रहता है और सुख में मानव उन्हें भूल जाता है।

उन्होंने विदुर चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान भाव के ही भूखे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने दुर्योधन के छप्पन भोग को त्यागकर विदुर जी के यहां प्रेमपूर्वक परोसे गए साग और केले के छिलके तक ग्रहण कर लिए, क्योंकि विदुर के मन में भाव था और दुर्योधन के मन में अभिमान। इसके पश्चात भगवान कपिल के अवतार प्रसंग के माध्यम से सांख्य योग का प्रतिपादन करते हुए उन्होंने प्राणिमात्र की सेवा को ही सच्ची भक्ति बताया। ध्रुव चरित्र के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवत्स्मरण के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती। मात्र पांच वर्ष की अवस्था में ध्रुव ने कठोर तप कर भगवान का सान्निध्य प्राप्त किया।

कथा के मुख्य आयोजक एवं प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय ने पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। यजमान के रूप में प्राचार्य विनय कुमार सिंह ने अपने स्टाफ के साथ पूजन किया। इस अवसर पर सुनीता मिश्रा, विभा पाण्डेय, विजय पाण्डेय, राज नारायण दूबे, कृष्ण मुरारी मौर्य, मनीष गुप्ता समेत बड़ी संख्या में गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।

JAUNPUR,स्ववित्तपोषित शिक्षकों की शोध-निर्देशक मान्यता विवाद पर बड़ी राहत

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जौनपुर :वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ, जौनपुर की कुलपति से हुई सकारात्मक वार्ता। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लंबे समय से चले आ रहे स्ववित्तपोषित शिक्षकों की शोध-निर्देशक मान्यता संबंधी विवाद पर आज बड़ी राहत मिली। कुलपति प्रो. वंदना सिंह से हुई विस्तृत एवं सकारात्मक वार्ता में शोध-निर्देशक बनाने हेतु सार्थक पहल की गई है तथा Ph.D. उपरांत 5 वर्ष के शिक्षण अनुभव की अनिवार्यता को समाप्त करने यह भी मांग रखी गई। इस प्रकरण को विधायी समिति एवं विद्या परिषद में शीघ्र ले जाकर पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया।

JAUNPUR,स्ववित्तपोषित शिक्षकों की शोध-निर्देशक मान्यता विवाद पर बड़ी राहत


इस वार्ता में स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रतिनिधि मंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी जायज मांगें रखीं, जिन पर कुलपति ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए तत्काल समाधान का आश्वासन दिया।प्रतिनिधि मंडल में डॉ. विजय प्रताप तिवारी, डॉ. सुशील मिश्र, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. छविनाथ उपाध्याय उपस्थित रहे।संघ के इकाई अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार मिश्र ने वार्ता उपरांत प्रेस को जारी बयान में कहा कि,कुलपति के सौहार्दपूर्ण एवं दूरदर्शी रवैये से आज हमारी लंबी लड़ाई को सफलता मिली है। 5 वर्ष अनुभव की बाध्यता हटने से हमारा वैधानिक अधिकार बहाल होगा। हम विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित करते हैं और शीघ्र लिखित आदेश जारी होने की अपेक्षा करते हैं।”संघ ने सभी स्ववित्तपोषित शिक्षक साथियों से एकजुटता बनाए रखने तथा आगामी कार्यवाही पर नजर रखने की अपील की है।जारीकर्ता