Home Blog Page 172

श्रीमद् भागवत कथा का समापन हवन पूजन के साथ संपन्न   

0
श्रीमद् भागवत कथा का समापन हवन पूजन के साथ संपन्न
श्रीमद् भागवत कथा का समापन हवन पूजन के साथ संपन्न

श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की महिमा के साथ संपन्न हुआ भक्ति महोत्सव

  • Shrimad Bhagwat Katha concluded with Havan Puja.jaunpur

जौनपुर: सिद्धार्थ उपवन में अंतर्राष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) जौनपुर द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का समापन अद्वितीय भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। कथा व्यास कमल लोचन प्रभु जी (अध्यक्ष, इस्कॉन मीरा रोड—मुंबई एवं वापी—गुजरात) ने अंतिम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की महिमा और भक्ति मार्ग के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए।

कमल लोचन प्रभु जी ने कहा, वैदिक साहित्य से ऐसा प्रतीत होता है कि जब कोई नाट्य कलाकार अनेक नर्तकियों के बीच नृत्य करता है, तो समूह नृत्य को रास नृत्य कहा जाता है। जब कृष्ण ने शरद ऋतु की पूर्णिमा की रात को विभिन्न मौसमी फूलों से सजी हुई देखा – विशेष रूप से मल्लिका के फूल, जो बहुत सुगंधित होते हैं – तो उन्हें देवी कात्यायनी से गोपियों की प्रार्थना याद आ गई, जिसमें उन्होंने कृष्ण को अपना पति बनाने के लिए प्रार्थना की थी। उन्होंने सोचा कि शरद ऋतु की पूर्णिमा की रात एक अच्छे नृत्य के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। इसलिए तब कृष्ण को अपना पति बनाने की उनकी इच्छा पूरी हो जाएगी।श्रीमद्भागवतम् में इस संबंध में प्रयुक्त शब्द हैं भगवान् अपि। इसका अर्थ है कि यद्यपि कृष्ण भगवान् हैं और इसलिए उनकी कोई ऐसी इच्छा नहीं है जिसे पूरा करने की आवश्यकता हो (क्योंकि वे सदैव छह ऐश्वर्यों से परिपूर्ण रहते हैं), फिर भी वे रास नृत्य में गोपियों की संगति का आनंद लेना चाहते थे। भगवान् अपि का अर्थ है कि यह नृत्य युवा लड़के और युवतियों के सामान्य नृत्य जैसा नहीं है।


कथा व्यास ने कहा श्रीमद्भागवतम् में प्रयुक्त विशिष्ट शब्द हैं योगमायाम् उपाश्रितः, जिसका अर्थ है कि गोपियों के साथ यह नृत्य योगमाया के मंच पर है , महामाया पर नहीं । भौतिक जगत में युवा लड़के और युवतियों का नृत्य महामाया या बाह्य ऊर्जा के साम्राज्य में है । गोपियों के साथ कृष्ण का रास नृत्य योगमाया के मंच पर है । योगमाया और महामाया के मंचों के बीच के अंतर की तुलना चैतन्य-चरितामृत में सोने और लोहे के बीच के अंतर से की गई है। धातु विज्ञान की दृष्टि से, सोना और लोहा दोनों ही धातु हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पूरी तरह से अलग है। इसी तरह, यद्यपि रास नृत्य और भगवान कृष्ण का गोपियों के साथ मिलना युवा लड़कों और लड़कियों के सामान्य मिलन की तरह प्रतीत होता है, लेकिन गुणवत्ता पूरी तरह से अलग है। महान वैष्णवों द्वारा इस अंतर की सराहना की जाती है क्योंकि वे कृष्ण के प्रेम और वासना के बीच के अंतर को समझ सकते हैं।

आगे कहा कि महामाया मंच पर इन्द्रिय-तृप्ति के आधार पर नृत्य होते हैं। किन्तु जब कृष्ण ने अपनी बांसुरी बजाकर गोपियों को बुलाया, तो वे कृष्ण को संतुष्ट करने की दिव्य इच्छा से बहुत जल्दी रास नृत्य स्थल की ओर दौड़ पड़ीं। चैतन्य-चरितामृत के रचयिता कृष्णदास कविराज गोस्वामी ने समझाया है कि काम का अर्थ इन्द्रिय-तृप्ति है, तथा प्रेम का अर्थ भी इन्द्रिय-तृप्ति है – किन्तु कृष्ण के लिए। दूसरे शब्दों में, जब क्रियाएँ व्यक्तिगत इन्द्रिय-तृप्ति के मंच पर की जाती हैं, तो उन्हें भौतिक क्रियाएँ कहा जाता है, किन्तु जब वे कृष्ण की संतुष्टि के लिए की जाती हैं, तो वे आध्यात्मिक क्रियाएँ होती हैं। क्रिया के किसी भी मंच पर इन्द्रिय-तृप्ति का सिद्धांत विद्यमान रहता है। लेकिन आध्यात्मिक स्तर पर, इन्द्रिय-तृप्ति भगवान कृष्ण के लिए है, जबकि भौतिक स्तर पर यह कर्ता के लिए है। उदाहरण के लिए, भौतिक स्तर पर, जब कोई सेवक स्वामी की सेवा करता है, तो वह अपने स्वामी की इन्द्रियों को संतुष्ट करने का प्रयास नहीं कर रहा होता, बल्कि अपनी इन्द्रियों को संतुष्ट करने का प्रयास कर रहा होता है। यदि भुगतान बंद कर दिया जाए तो सेवक स्वामी की सेवा नहीं करेगा। इसका अर्थ है कि सेवक केवल अपनी इन्द्रियों को संतुष्ट करने के लिए स्वामी की सेवा में संलग्न होता है। हालाँकि, आध्यात्मिक स्तर पर, भगवान के सेवक बिना भुगतान के कृष्ण की सेवा करते हैं, और वह सभी परिस्थितियों में अपनी सेवा जारी रखते हैं। कृष्ण चेतना और भौतिक चेतना के बीच यही अंतर है। कथा यजमान के रूप में विवेक सेठ रहे। कथा के अंतिम दिवस शुभारंभ हवन-पूजन से हुआ।


संयोजक डा क्षितिज शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि, शहर से लगभग 24 किलोमीटर दूर, भीरा बाज़ार के पास, कुंभ गाँव में 40 एकड़ के क्षेत्रफल में “गोमती इको विलेज” विकसित किया जा रहा जो जौनपुर को प्रदेश, देश और विदेश में आध्यात्म और पर्यटन के पटल पर एक प्रमुख पहचान देगा।

परमात्मा से जुड़ाव ही भक्ति का आधार, निरंकार सुदीक्षा जी महाराज

0
परमात्मा से जुड़ाव ही भक्ति का आधार, निरंकार सुदीक्षा जी महाराज
परमात्मा से जुड़ाव ही भक्ति का आधार, निरंकार सुदीक्षा जी महाराज

– निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज

JAUNPUR NEWS जौनपुर 12 जनवरी: जनपद जौनपुर के 43 शाखाओं ने मिलकर भक्ति पर्व सत्संग का आयोजन किया और सतगुरु माता जी का पावन संदेश सभी संतो ने अपने गीतों विचारों और कविताओं द्वारा गुरु  महिमा और भक्ति का भावपूर्ण वर्णन किया। भक्ति वह अवस्था है, जो जीवन को दिव्यता और आनंद से भर देती है। यह न इच्छाओं का सौदा है, न स्वार्थ का माध्यम। सच्ची भक्ति का अर्थ है परमात्मा से गहरा जुड़ाव और निःस्वार्थ प्रेम।‘‘ यह प्रेरणादायक विचार निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, समालखा में आयोजित ‘भक्ति पर्व समागम’ के अवसर पर अपना पावन संदेश पूरे विश्व को प्रदान किया।

यह जानकारी स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने देते हुए बताया की इस पावन अवसर पर परम संत सन्तोख सिंह जी के अतिरिक्त अन्य संतों के तप, त्याग और ब्रह्मज्ञान के प्रचार-प्रसार में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया और उनके जीवन से प्रेरणा ली गई।

सतगुरु माता जी ने भक्ति की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मज्ञान भक्ति का आधार है। यह जीवन को उत्सव बना देता है। भक्ति का वास्तविक स्वरूप दिखावे से परे और स्वार्थ व लालच से मुक्त होना चाहिए। जैसे दूध में नींबू डालने से वह फट जाता है, वैसे ही भक्ति में लालच और स्वार्थ हो तो वह अपनी पवित्रता खो देती है।

सतगुरु माता जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान हनुमान जी, मीराबाई और बुद्ध भगवान का भक्ति स्वरूप भले ही अलग था, लेकिन उनका मर्म एक ही था-परमात्मा से अटूट जुड़ाव। भक्ति सेवा, सुमिरन, सत्संग और गान जैसे अनेक रूपों में हो सकती है, लेकिन उसमें निःस्वार्थ प्रेम और समर्पण का भाव होना चाहिए। गृहस्थ जीवन में भी भक्ति संभव है, यदि हर कार्य में परमात्मा का आभास हो।

सतगुरु माता जी ने माता सविंदर जी और राजमाता जी के जीवन को भक्ति और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन भक्ति और सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण है।

निरंकारी मिशन का मूल सिद्धांत यही है कि भक्ति परमात्मा के तत्व को जानकर ही सार्थक रूप ले सकती है।

निःसंदेह सतगुरु माता जी के अमूल्य प्रवचनों ने श्रद्धालुओं के जीवन में ब्रह्मज्ञान द्वारा भक्ति का वास्तविक महत्व समझने और उसे अपनाने की प्रेरणा दी।

वन्दे मातरम गान राष्ट्रभक्ति को जागने का एक प्रयास है: डॉ.सन्दीप पाण्डेय

0

JAUNPUR NEWS ; स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों को जीवन में उतारने की है आवश्यकता: वीरेन्द्र जायसवाल
संघर्ष ही व्यक्ति के जीवन में बनते हैं सफलता की प्रेरणा: डीएम


सामूहिक वन्दे मातरम का गान राष्ट्रभक्ति को जागने का एक प्रयास है: डॉ. सन्दीप पाण्डेय


जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सन्दीप पाण्डेय के नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानन्द जयन्ती के अवसर पर एक भव्य आयोजन किया गया जिसमें विशाल युवा चेतना शोभायात्रा निकाली गयी जो भण्डारी स्टेशन के निकट राज कालेज के मैदान से सुतहट्टी, सब्जी मण्डी, कोतवाली, चहारसू, शाही पुल, ओलन्दगंज, जेसीज चौराहा, रोडवेज तिराहा होते हुए बीआरपी कालेज के मैदान पर पहुंची। इस शोभायात्रा में नगर के प्रतिष्ठित लोग, शिक्षक बन्धु, छात्रों ने हजारों की संख्या में भाग लिया। मैदान में जयन्ती उत्सव का आयोजन किया गया जिसमें सर्वप्रथम भारत माता एवं स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर पुष्पार्पण एवं दीप प्रज्जवलन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य बिन्दु 2:15 बजे दिन में सामूहिक वन्दे मातरम का गायन किया गया। जिसमें परिसर में उपस्थित कई हजार लोगों तथा उसी समय संगठन के आह्वान पर पूरे जनपद और देश—विदेश में लाखों लोगों ने वन्दे मातरम का गीत गाया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. सन्दीप पाण्डेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में युगपुरूष स्वामी विवेकानन्द जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए संगठन के उदय और उसके निरन्तर कार्यों के विषय में सभी को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम का यह सामूहिक गान राष्ट्रभक्ति को जगाने का एक सार्थक प्रयास है।

वन्दे मातरम गान राष्ट्रभक्ति को जागने का एक प्रयास है: डॉ.सन्दीप पाण्डेय


इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह पूर्वी उत्तर प्रदेश वीरेन्द्र जायसवाल ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय संस्कृति को पूरे विश्व में स्थापित किया और पूरे विश्व को विश्व बन्धुत्व की भावना से परिचित कराया। आधुनिक समय में हम उनके आदर्शों को कहीं न कहीं भूल चुके हैं इ​सलिए देश के युवाओं को उनके जीवन से सीखने की और प्रेरणा लेने की ​आवश्यकता है। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी डा. दिनेश चन्द्र ने भारत विकास परिषद शौर्य द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की अत्यन्त सराहना की। उन्होंने कहा​ कि अध्यक्ष डा. सन्दीप पाण्डेय के नेतृत्व में 15 दिनों से इतनी ठंड के बावजूद इस विशाल कार्यक्रम को आयोजित किया गया। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों को इसकी शुभकामना दी और कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति के जीवन में सफलता की प्रेरणा बनते हैं। कार्यक्रम में महिला संयोजिका ज्योति श्रीवास्तव के नेतृत्व में बच्चों के द्वारा कई सांस्कृतिक कार्यक्रम किये गये। इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने वाले कार्यक्रम संयोजकों को मुख्य अतिथि के द्वारा सम्मानित किया गया।

राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर विभाग प्रचारक अजीत जी, जिला प्रचारक रजत जी, रवि सिंह, डा. मनोज वत्स, ब्रह्मेश शुक्ल, डा. रामनारायण सिंह, पंकज सिंह, आनन्द देव वर्मा, नीरज श्रीवास्तव, अतुल जायसवाल, अवधेश गिरि, जनार्दन पाण्डेय, अनिल गुप्ता, नित्यानन्द पाण्डेय, सन्दीप चौधरी, प्रशान्त सिंह लकी, डा. राजेश कुूमार, रंजीत सिंह सोनू, सुजीत यादव, चंचल पाठक, प्रमोद शुक्ला, अम्बरीश पाठक, डा. प्रमोद सैनी, जयशंकर सिंह, अतुल मिश्रा, डा. अमरनाथ पाण्डेय, भूपेन्द्र पाण्डेय, राहुल पाण्डेय, अंजू सिंह, शालिनी निगम, रमेश श्रीवास्तव, सत्येन्द्र सिंह राणा, आशुतोष राय, डा. प्रभाकर सिंह, राहुल अग्रहरि, देवीसेवक शुक्ल, डा. आशुतोष​ सिंह, ज्ञान प्रकाश उपाध्याय, विद्या भूषण पाण्डेय, निशा गिरि, कुसुम पाण्डेय, रविकेश श्रीवास्तव, राजीव श्रीवास्तव, सावित्री सिंह, डा. गिरीश सिंह, अरविन्द गिरि आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रकल्प प्रमुख डा. विशाल सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन हर्षित गुप्ता ने किया।

भारती विद्यापीठ खेतासराय में मनाया गया वैद्य जी का निर्वाण दिवस

0
भारती विद्यापीठ खेतासराय में मनाया गया वैद्य जी का निर्वाण दिवस
भारती विद्यापीठ खेतासराय में मनाया गया वैद्य जी का निर्वाण दिवस

भारती विद्यापीठ खेतासराय में मनाया गया वैद्य जी का निर्वाण दिवस,वैद्य वासुदेव मिश्र के पदचिन्हों चलना सच्ची श्रद्धांजलि: अनिल उपाध्याय

खेतासराय (जौनपुर) कस्बा स्थित भारती विद्यापीठ खेतासराय के संस्थापक पूज्य वैद्य वासुदेव मिश्र के निर्वाण दिवस को संस्थापक दिवस के रूप में शुक्रवार को मनाया गया। जिसमें अतिथि के रूप में आदर्श भारती महाविद्यालय के प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैद्य जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। महाविद्यालय एवं वासुदेव तपेश्वरी गर्ल्स इण्टर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने निर्गुण भजन, गीत एवं संस्मरण इत्यादि के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इस दौरान कार्यक्रम में प्रधानाचार्या सुनीता मिश्रा ने वैद्य जी आदर्शों पर चलने हेतु लोगों को प्रेरित किया।

प्राचार्य विनय सिंह ने भी वैद्य जी के सादगीपूर्ण जीवन के बारे में विस्तार से बताते हुए उनका परमार्थी स्वरूप का वर्णन किया। अतिथि प्रबन्धक श्री उपाध्याय ने कहा कि कीर्तिर्यस्य स जीवति अर्थात जिसका यश है वही जीवट है वैद्य जी भले ही सन्तानहीन रहे हो किंतु सन 1951 से स्थापित इन संस्थाओं से हज़ारों बच्चे पैदा होकर भारत माता जी सेवा में उच्च पदों पर आसीन है। वैद्य जी का जो संकल्प था जसि को पूरा करते हुए हम सब आगे बढ़ा रहे यही उनकी आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुंशी चौहान, विभा पाण्डेय, साफ़िया खान, मुकेश कुमार पाठक, विकास पाण्डेय, निलेन्द्र अस्थाना, सुनील उपाध्याय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अजय तिवारी ने किया।

राम वनगमन पर श्रोता हुए भाव विभोर    

0

JAUNPUR NEWS [जौनपुर खुटहन ] यूनिक आईडिया एजूकेशन पब्लिक स्कूल मरहट के प्रांगण में आयोजित आठ दिवसीय संगीत मयी श्रीराम कथा के छठवें दिन शनिवार को राम वनगमन, भरत मिलाप तथा राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक पंडित धर्मराज तिवारी जी महराज ने कहा कि भरत जैसा भाई इस कलयुग में मिलना मुश्किल है। राम -केवट का प्रसंग सुन पंडाल में बैठे स्रोता भाव विभोर हो गए।

श्री महराज ने राम कथा में कहा भगवान राम मर्यादा स्थापित करने को मानव शरीर में अवतरित हुए। पिता की आज्ञा पर वह वन चले गए। भगवान राम वन जाने के लिए गंगा घाट पर खड़े होकर केवट से नाव लाने को कहते हैं, लेकिन केवट मना कर देता है और पहले पैर पखारने की बात कहता है। केवट भगवान का पैर धुले बगैर नाव में बैठाने को तैयार नहीं होता है। राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनकर श्रोता भक्ति विभोर हो गए।

उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के द्वारा स्थापित आदर्श समाज में आज भी कायम है। भगवान प्रेम भाव के भूखे है।वे अपने भक्तों के कल्याण हेतु सदैव ततपर रहते है।महाराज जी ने भैया भरत के चरित्र को गाकर बताया और कहा भरत ने भगवान राम के वनगमन के बाद खड़ाऊं को सिर पर रखकर राजभोग की बजाय तपस्या की। कहा कि जीवन में भक्ति और उपासना का अलग महत्व है। निष्काम भाव से भक्ति करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस मौके पर सुभाष उपाध्याय, सुधाकर सिंह, संतोष सिंह ,रामाश्रय उपाध्याय, जिला जीत यादव,सुरेंद्र सिंह प्रदीप ,लकी सिंह ,गीता उपाध्याय ,रमापति मिश्रा, राजेन्द्र सिंह, प्रधान संतलाल सोनी, सत्येन्द्र सिंह, ब्रह्मचारी सिंह, रमेश सिंह, तहसीलदार चौरसिया,विवेक सिंह, सुमन सिंह, पुनीता सिंह,वेवी सिह ,मंजू सिंह,आभा सिंह, ऋषि केश तिवारी,राणा प्रताप सिंह,आदि मौजूद रहे l

JAUNPUR:मृत दंपति के आश्रित को मिलेगा PM आवास

0
JAUNPUR:मृत दंपति के आश्रित को मिलेगा PM आवास
JAUNPUR NEWS

विधायक ने स्वजनों से भेंट कर आर्थिक सहायता कर जतायी संवेदना

JAUNPUR [जौनपुर खुटहन न्यूज़  ] विशुनपुर ग्रामसभा के मलूकपुर गांव निवासी दलित दंपति की खेत की बाड़ में लगे नंगे तार के करेंट से हुई मौत के मामले में घटना के सातवें दिन उनके आवास पर पहुंचे स्थानीय विधायक रमेश सिंह ने दोनों नाबालिग बेटियों से मिल उनके सिर पर ममता का हाथ फेरा। उन्होंने बेटियों की आर्थिक मदद कर एक अभिभावक की तहर उन्हें संभव मदद का भरोसा दिया। आश्वासन दिया कि शव को बहुत जल्द बरामद कर लिया जाएगा।

ज्ञातव्य हो कि गांव के दलित दंपति रामचरित्तर अपनी पत्नी किस्मत्ती के साथ गत रविवार की सुबह खेत की सिंचाई के लिए गए थे। जहां से दोनों पति पत्नी लापता हो गए। पुलिस की पड़ताल में उनकी मौत का कारण बगल के खेत में नंगे तार से लगाई गई बांड़ में प्रवाहित विद्युत करेंट की चपेट में आने से होना साबित हुआ। मामले में पुलिस ने एक चमकदार को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है। उसकी निशानदेही पर शव की तलाश करायी जा रही है। सप्ताह बीतने को है उनका शव बरामद नहीं हो पाया है।

मृतक के घर ढांढस बंधाने पहुंचे विधायक ने बीडीओ गौरवेंद्र सिंह को निर्देशित किया कि स्वजन को अविलंब प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध करायें। मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी राजेश चौरसिया से कहा कि जो भी सरकारी योजनाएं हैं। जिसकी वे पात्र हैं, उसका पूरा लाभ नाबालिग पुत्रियों को अविलंब मुहैया कराए।इस मौके पर सीओ अजीत सिंह चौहान ,तहसीलदार आशीष सिंह,थानाध्यक्ष खुटहन दिव्य प्रकाश सिंह,रोशन अली लेखपाल,अजीत सिंह,संदीप यादव,कृष्णा यादव,अवधेश सिंह,अनीस शाह,बिपिन सिंह,वीरेन्द्र कुमार,रिंकू मिश्र,गोल्डू मिश्र,विनोद यादव आदि मौजूद रहे l

खेतासराय समाधान दिवस: 5 प्रार्थना-पत्रों में 2 का निस्तारण

0
खेतासराय समाधान दिवस:5 प्रार्थना -पत्रों में 2 का हुआ निस्तारण
खेतासराय समाधान दिवस

खेतासराय (जौनपुर) समाधान दिवस के स्थानीय थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस के मौके पर क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से फरियादियों से अपनी-अपनी समस्या अधिकारियों के समक्ष रखा। जिसमें कुल पाँच प्रार्थना-पत्र पड़े। मौके पर दो मामलों का निस्तारण कर दिया गया बाकी बचे मामलों के लिए टीम गठित करके रवाना कर दिया गया।

समाधान दिवस थानाध्यक्ष रामाश्रय राय की अध्यक्षता में स्थानीय थाना परिसर में शनिवार को आयोजित हुआ। इस मौके पर राजस्व से सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे। फरियादियों ने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखा। जिसमें दो मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। बाकी बचे तीन मामलों के लिए टीम गठित करके रवाना कर दिया गया।

चाइनीज मांझा के उपयोग पर कार्यवाही होगी,डीएम दिनेश   

0
चाइनीज मांझा के उपयोग पर कार्यवाही होगी,डीएम दिनेश   
चाइनीज मांझा के उपयोग पर कार्यवाही होगी,डीएम दिनेश   

JAUNPUR NEWS: जौनपुर में चाइनीज मांझा के खरीद,बिक्री, स्टोरेज व उपयोग करने वालों पर अब कड़ी कार्यवाही होगी आए दिन पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे के प्रयोग के कारण दुर्घटनाएं हो रही है, जिसके कारण लोग घायल हो रहे हैं और कई लोग अपनी जान भी गंवा रहे है जिसके दृष्टिगत माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र द्वारा चाइनीज मान्झे की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाये जाने का निर्देश दिया गया है।  

जिलाधिकारी द्वारा जनपद में सिंथेटिक सामग्री से बने नायलॉन धागे या घातक चाइनीज मांझे के खरीद, बिक्री, स्टोरेज व उपयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाए जाने तथा इस मांझे को विक्रय करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

 जिलाधिकारी द्वारा नगर मजिस्ट्रेट, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी को सख्त निर्देश दिया गया है कि जिस अधिकारी के क्षेत्र में चाईनीज मांझा बिकता हुआ पाया जाता है एवं कोई अनहोनी होती है तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध भी दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

यह भी पढ़े : jaunpur News:बिना हेलमेट वाहन चालकों का ARTO ने किया चालान 

यह भी पढ़े : IGRS निस्तारण में जौनपुर का पहला स्थान

जौनपुर से महाकुंभ के लिए अन्न संग्रह वाहन रवाना   

0
जौनपुर से महाकुंभ के लिए अन्न संग्रह वाहन रवाना   
जौनपुर से महाकुंभ के लिए अन्न संग्रह वाहन रवाना   

JAUNPUR NEWS TAFTISH OF CRIME । जौनपुर से महाकुंभ के लिए अन्न संग्रह वाहन रवाना हुआ अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.प्रवीण भाई तोगड़िया के आह्वान पर जनपद में ‘मुट्ठी भर अनाज’ कार्यक्रम किया गया। इसके तहत विभागाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव एवं जौनपुर जिलाध्यक्ष अजय पाण्डेय की अपील पर अहिप सहित समस्त अनुसांगिक संगठनों के अधिकांश पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अन्न संग्रह करके संगठन का मान बढ़ाया।

समस्त अन्न नगर के गूलर घाट स्थित श्रीराम जानकी मन्दिर के प्रांगण में एकत्रित किया गया जहां से रामप्रीति मिश्र फलाहारी महराज विभागाध्यक्ष राष्ट्रीय सन्त परिषद ने जौनपुर से महाकुंभ के लिए केसरिया ध्वज दिखाकर संग्रहित अन्न लदे वाहन को प्रयागराज के लिये रवाना किया। इस मौके पर श्री पाण्डेय ने कहा कि जहां हमारा देश की माटी धर्म, संस्कृति, वीरों का नाम से राष्ट्र गौरवान्वित होता है, वहीं वसुधम कुटुम्बकम् के साथ ही दान करने में भी पीछे नहीं रहता है।

मैं जनपदवासियों सहित संगठन के समस्त आयामों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं। विभागाध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव एवं अजय पाण्डेय ने संग्रहित अन्न प्रयागराज में बने अहिप के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचाया जहां पूरे महाकुम्भ तक आये सनातनियों के लिये भण्डारा में उपयोग होगा। इस अवसर पर कृष्ण कुमार उपाध्याय जिला महामंत्री राष्ट्रीय बजरंग दल, संतोष मिश्रा नगर उपाध्यक्ष, समिक पाण्डेय, सत्यम दुबे,अमन द्विवेदी सहित तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

यह भी पढ़े : jaunpur News:बिना हेलमेट वाहन चालकों का ARTO ने किया चालान 

यह भी पढ़े : IGRS निस्तारण में जौनपुर का पहला स्थान

jaunpur News:बिना हेलमेट वाहन चालकों का ARTO ने किया चालान 

0
jaunpur News:बिना हेलमेट वाहन चालकों का ARTO ने किया चालान 
jaunpur News

TAFTISH OF CRIME HINDI JAUNPUR NEWS जौनपुर :बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों का परिवहन अधिकारी ने किया चालान ,बढती सड़क दुर्घटनाओं में घायलों मृतकों की संख्या में कमी लाये जाने एवं आम जनमानस में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाये जाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा 01 जनवरी  से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है।

परिवहन आयुक्त लखनऊ द्वारा प्रदेश में सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान चलाया गया जिसमें बिना हेलमेट लगाये दो पहिया वाहन चालकों एवं बिना सीटबेल्ट लगाये चार पहिया वाहन चालको का चालान किया गया और सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया और उन्हें भविष्य में वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने के साथ ही सीट बेल्ट लगाने और हेलमेट लगाने के निर्देश दिए गए। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सत्येन्द्र कुमार सिंह द्वारा अभियान का संचालन किया गया। उक्त अवसर पर समस्त प्रवर्तन कार्मिक मौजूद रहे।

यह भी पढ़े : IGRS निस्तारण में जौनपुर का पहला स्थान