वाराणसी:गीत संगीत के मधुर संगम की मिठास दोस्ती में दिखी
दोस्ती जीवन का सबसे अनमोल रिश्ताः डीजीपी
वाराणसी। बनारस क्लब में क्वींस कॉलेज के पुराने मित्रों द्वारा आयोजित गुरुवार की शाम क्यू.सी -83 मीट : संगीत की शाम दोस्ती के नाम कार्यक्रम ने सभी संगीत प्रेमियों को आनंदित कर दिया। इस विशेष आयोजन का उद्देश्य पुराने मित्रों की यादों को ताजा करना और संगीत के माध्यम से दोस्ती के महत्व को उजागर करना था। गीत और संगीत के मधुर संगम की मिठास पुरानी दोस्ती में दिखी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) विजय सिंह मौर्य थे। उन्होंने दोस्ती की गहराई और उसकी अनमोलता पर अपने विचार साझा किए। विजय सिंह मौर्य ने कहा कि दोस्ती जीवन का सबसे अनमोल रिश्ता है, जो हर सुख-दुख में साथ खड़ा होता है। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में कई शानदार गीत प्रस्तुत किए, जिन्होंने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया। उन्होंने जितनी सुगमता से गीत गाया उससे भी अधिक संजीदगी से गजल की प्रस्तुति की।
इस संगीतमय शाम का संचालन देवेंद्र सिंह (बच्चा भइया) ने बड़े ही प्रभावशाली और मनोरंजक अंदाज में किया। उनके कुशल संचालन ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया। इसके अलावा, कार्यक्रम में अन्य संगीत प्रेमियों डॉ. धीरज मोहन, सुंजय सरन और अखिलेश सिंह ने खूब महफिल लूटी। अन्य लोगों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समा बांधा। सभी दोस्ती और जीवन से जुड़े गीतों के माध्यम से सभी को भावुक कर दिया। यह आयोजन संगीत और दोस्ती को साथ जोड़ते हुए एक नई परंपरा की शुरूआत की। सभी सदस्यों को गणेश जी की प्रतिमा स्मृति स्वरूप भेंट की गई।
इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना की और इसे एक अद्वितीय अनुभव बताया। कार्यक्रम ने न केवल पुराने दोस्तों को जोड़ने का काम किया, बल्कि संगीत के माध्यम से जीवन के रिश्तों की अहमियत को भी रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सुधांशु मिश्रा, शशिधर गौतम, मनीष श्रीवास्तव, रविंद्र सिंह, डॉ सुनील कुमार सोनकर, अनुराग खन्ना, संजय अग्रवाल, प्रवीण सिंह, ओम प्रकाश सिंह, डॉ प्यारे मोहन, अंदलीब रिजवी, रामाशीष चौरसिया, राकेश सैनिक, गिरीश त्रिपाठी आदि लोगों ने भाग लिया।
JAUNPUR NEWS जौनपुर। विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को सुदृढ़ करने के लिए पहल वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. प्रो. वंदना सिंह ने प्रो. देवराज सिंह को “डायरेक्टर रैंकिंग्स” के पद पर नामित किया गया है। प्रो. सिंह भौतिकी विभाग के प्रोफेसर हैं और वर्तमान में दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। QS( (Quacquarelli Symonds )रैंकिंग में भागीदारी के लिए डॉ. काजल डे को समन्वयक नामित किया गया।डॉ. काजल डे, रज्जू भैया संस्थान के नैनोविज्ञान शोध केंद्र में वैज्ञानिक के पद पर कार्यरत हैं, डॉ. डे नैनोविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शोध केंद्र के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
: प्रो.देवराज डायरेक्टर रैंकिंग्स
इस पहल के तहत JAUNPUR विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्थानों जैसे NIRF, QS रैंकिंग, वेबोमेट्रिक्स, एडु-रैंक, यूनि-रैंक, SCImago, IIRF और टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। प्रो. देवराज सिंह के नेतृत्व में रैंकिंग मानकों के अनुसार आवेदन तैयार करने के लिए नामित समन्वयकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा और उन्हें समय पर प्रेषित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा, “यह कदम विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने और शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी और हम अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकेंगे। आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चितता प्रकोष्ठ (IQAC) के समन्वयक प्रो. गिरिधर मिश्र ने बताया कि “विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और गुणवत्ता को बढ़ाने के उद्देश्य से IQAC द्वारा एक बैठक में इस पहल को स्वीकृति दी गई थी। JAUNPUR NEWS
Aadhaar Card अपडेट करने के नाम पर हो रही अवैध वसूली
aadhaar Carḍ apaḍeṭ karane ke naam par ho rahii avaidh vasuulii
खेतासराय (जौनपुर) मानक के विपरीत नगर के निजी केंद्रों पर बनाया जा रहा है Aadhaar Card ,आधार कार्ड बनवाने के नाम पर भोली-भाली जनता से मनमाने तरीके से धन उगाही की जा रही है। इसके खिलाफ कार्यवाई न होने से निजी केंद्रों की मनमानी इस कदर बढ़ती जा रही है की निर्धारित फीस से लगभग छह से सात गुना अधिक वसूली कर रहे है। बेचारी जनता मजबूर होकर देने के लिए विवश है। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि नियमित रूप से न तो स्थानीय ब्लाक और न ही बैंक में आधार कार्ड बनना बताया जा रहा हैं। जिसका नाज़ायज़ फायदा निजी आधार केन्द्र वाले उठा रहे है।
विदित हो कि सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने के लिए बायोमैट्रिक व आधार कार्ड से लिंक करा रही है। ऐसे में जिन लोगों के आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि व पता आदि का संशोधन कराने के लिए डाकघरों व बैंको को अधिकृत किया गया है।लेकिन नियमित रूप से आधार कार्ड व संशोधन आदि कार्य न होने के कारण पैसे की लालच में चन्द लोगों द्वारा नगर क्षेत्र व आस-पास की छोटी-बड़ी बाजारों में चोरी-छिपे खोलें गए निजी आधार कार्ड केंद्र पर आसानी से बन जाता है जहाँ पर आधार कार्ड पर जन्मतिथि, पता, पति का नाम, बायोमैट्रिक इत्यादि कार्य जहाँ निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक की वसूली की जाती है।
एक पीड़ित ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि खेतासराय कस्बा व आस-पास के ग्रामीण इलाकों में कुछ निजी Aadhaar Card केंद्र खोलकर उक्त कार्य मनमानी तरीके से कर रहे है। पीड़ित ने बताया कि निजी आधार कार्ड केन्द्र पर सुबह से शाम तक जी-हुजूरी करने के बाद किसी तरह संशोधन होता है। वह भी एक आधार कार्ड पर बायोमेट्रिक के लिए 500 से 1000 की वसूली की जा रही है। जबकि इसकी निर्धारित शुल्क 100 रुपये बतायी जा रही है। लेकिन इस सब को धता बताते हुए धड़ल्ले से वसूली की जा रही है। इस सबन्ध में उपजिलाधिकारी शाहगंज राजेश चौरसिया ने बताया कि मनमानी वसूली अनैतिक है, जाँच कराकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्यवाई की जाएगी।
JAUNPURसड़क दुर्घटना में घायल अधेड़ की इलाज के दौरान मौत
JAUNPUR NEWS खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के अब्बोपुर-जैगहा मोड़ पर बीते बुधवार की शाम एक सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल एक अधेड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर पहुँचे तो पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गौरतलब हो कि बीते बुधवार की शाम उक्त मोड़ पर बाइको की टक्कर में चार लोग घायल हो गए। जिसमें लतीफपुर गाँव निवासी रामसूरत बिन्द पुत्र कुबेर बिन्द (53) गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। घायलावस्था में सीएचसी शाहगंज ले गए थे, जहाँ चिकित्सको ने स्थित नाजुक देखते हुए रेफर कर दिया था। वही एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
जहाँ इलाज चल ही रहा था कि शुक्रवार को उक्त अधेड की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। शव को घर लेकर पहुँचे तो मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक खेती किसान कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था, उसके चार बच्चे है, जिसमें सबसे बड़ा बेटा संदीप (22) का है, इसके बाद दो बेटी और एक छोटा बेटा (12) का है। इन चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया वही अब घर का बोझ बड़े बेटे संदीप के कंधों पर आ गया।
जौनपुर । जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी ने शुक्रवार को ब्लाक मुख्यालय खुटहन काआकस्मिक निरीक्षण किया।उन्होंने सेवा पुस्तिका,लेजर,जीपीएफ पासबुक पर अद्यतन इंट्री न पाये जाने पर नाराज़गी ज़ाहिर किया। जिसे तत्काल अपडेट करने का निर्देश दिया।
शुक्रवार को अचानक ब्लाक पर पहुंची डीडीओ को देख विकास अधिकारी दीपक पाल स्वदेश व अन्य कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। वह सीधे बीडीओ कार्यालय में पहुंच क्षेत्र पंचायत के कामों का बारीकी से निरीक्षण किया। मनरेगा के मस्टररोल,इशू रजिस्टर और ईपीएफ से संबंधित फाइलें देख उनकी विधिवत समीक्षा कीं।बृद्ध, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन के अभिलेखों का निरीक्षण किया। जिसे देख संतुष्टि जाहिर किया। पिछड़ा वर्ग शादी अनुदान की पेंडेंसी को तत्काल निश्तारण किए जाने को कहा। जाते जाते सेवा पुस्तिका पर कर्मियों के हस्ताक्षर अवश्य कराये जाने का निर्देश दिया। इस दौरान बीडीओ गौरवेंद्र सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे। लगभग तीन घंटे तक ब्लाक मुख्यालय पर डीडीओ जमी रहीं। उसके बाद वे जिला मुख्यालय वापस लौट गयी। तब जाकर कर्मचारियों ने राहत की सांस लिया ।
जौनपुर।25 हज़ार का इनामिया बदमाश पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार बीती रात्रि थाना मुंगराबादशाहपुर व स्वाट की संयुक्त टीम के साथ पुलिस मुठभेड़ में अपराधी, पशु चोर,लुटेरा,25 हजार का ईनामिया था । कई मुकदमों में था वांछित पुलिस कर रही थी सर गर्मी से तलाश दो अन्य साथी मौके का फायदा उठाकर फरार कब्जे से एक पिकअप गाड़ी, एक तमंचा एक खोखा व जिन्दा कारतूस सुतली बम, एक कुल्हाड़ी व एक जंजीर बरामद।
पुलिस के मुताविक मुंगराबादशाहपुर व स्वाट जौनपुर की संयुक्त टीम के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में अन्तरराज्यीय शातिर अपराधी, पशु चोर,लुटेरा, वाछिंत व पुरस्कार घोषित 25 हजार का ईनामिया अभियुक्त पुलिस मुठभेड़ मे घायल कब्जे से एक पिकअप गाड़ी, एक तमंचा मय एक खोखा व जिन्दा कारतूस 315 बोर, 07 देशी सुतली बम,एक कुल्हाड़ी व एक जंजीर बरामद। पुलिस अधीक्षक कौस्तुभ द्वारा अपराध की रोकथाम एवं अपराधियों की गिरफ्तारी के चलाये जा रहे सघन अभियान के क्रम मै 27 रात्रि में प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र शांति व्यवस्था व आपरेशन वज्र के तहत वांछित वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी थाना क्षेत्र में भ्रमणशील होकर चौकी क्षेत्र सतहरिया से हाइवे पर होते हुए सुजानगंज ओवरब्रिज के नीचे पहुँचे कि वहां पर उप निरीक्षक अरविन्द यादव व उप निरीक्षक विनोद सिंह मय हमराह एव गस्त मे मामूर कर्मचारी के साथ अपराधियों की गिरफ्तारी के विषय मे बातचीत करने लगे तभी स्वाट टीम द्वितीय के प्रभारी निरीक्षक रामजनम यादव द्वारा सूचना दी गयी कि कुछ पेशेवर बदमाश एक संगठित गिरोह एक पिकअप गाड़ी लेकर क्षेत्र मे पशु चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए घुमता देखा गया है।
इस बात पर प्रभारी निरीक्षक द्वारा थाना क्षेत्र में रात्रि ड्यूटी मे लगे अधिकारी व कर्मचारीगणों को सूचना की जानकारी देते हुए सतर्क रहकर ड्यूटी करने की हिदायत की गयी कि कुछ समय पश्चात जनपद स्वाट टीम द्वितीय के प्रभारी निरीक्षक श्री रामजनम यादव द्वारा बताया गया कि एक पिकअप गाड़ी मे 3-4 बदमाश सुजानगंज की तरफ से मुंगराबादशाहपुर की तरफ आ रहे है , जिनका पीछा स्वाट टीम के द्वारा किया जा रहा है। थाना मुंगराबादशाहपुर पुलिस टीम के अधिकारी/कर्मचारीगण सुजानगंज रोड की तरफ बढ़ते चले तो कुछ दूर आगे जाने पर गाड़ी की लाइट दिखाई दी जो बहुत तेजी से आ रही थी जिसके पीछे स्वाट टीम की गाड़ी लगी थी। एकबारगी हम सभी पुलिस टीम उक्त गाड़ी की घेराबन्दी किये, जिसपर गाड़ी चालक द्वारा जान से मारने की नियत से अचानक कट मारते हुए बम फेक गया, जिससे पूरा धुँआ हो गया और साथ ही जान से मारने की नियत से हम पुलिस वालों पर निशाना साधते हुए फायर किया गया लेकिन पुलिस टीम बाल बाल बच गयी ।
रामपुर तिराहे से गाड़ी मोड़कर तेज रफ्तार से भागे कि कुछ ही दूर पर गाड़ी बन्द कर दाहिने से उतरकर एक व्यक्ति निशाना करके जान से मारने की नियत से पुनः हम पुलिस वालो की तरफ फायर कर दिया , आत्मरक्षा में प्रभारी निरीक्षक व स्वाट टीम प्रभारी निरीक्षक द्वारा अपने सरकारी पिस्टल से फायर किया गया, जिससे एक व्यक्ति के दोनों पैर मे गोली लग गयी , इलाज हेतु तुरन्त पीएचसी मुंगराबादशाहपुर जौनपुर भेजा गया, एक बदमाश को मौके से पकड़ा गया , दो बदमाश भागने मे सफल रहे। जिनको अपराध का बोध कराते हुए समय करीब 05.05 बजे गिरफ्तार कर अभियुक्त उपरोक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओ में एफआईआर मु0अ0सं0 429/2024 धारा 109(1)/324(4)/125/3(5) बीएनएस , 3/25 आर्म्स एक्ट ,4/5 बम विस्फोटक अधिनियम थाना मुंगराबादशाहपुर जौनपुर पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही हैं तथा मौके से भागे हुए बदमासो की तलाश की जा रही है ।
गिरफ्तार अभियुक्त का नाम रवीन्द्र वर्मा पुत्र सभापति वर्मा निवासी मकदूमपुर थाना खुटहन जनपद जौनपुर दूसरे अभियुक्त का नाम प्रेमचन्द्र पुत्र गुरुशहाय वर्मा निवासी ग्राम वरामदपुर जरियारी थाना महरुआ अम्बेडकर नगर का निवासी है ।
एक लाख किसानों ने कराया फार्मर रजिस्ट्री ,किसान कार्ड के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का मिलेगा लाभ’
जौनपुर । किसानों को किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं की पारदर्शी तरीके से त्वरित लाभ प्रदान कर उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए एग्री स्टैक योजना के तहत जनपद के किसानों का आधार की तर्ज पर किसान कार्ड बनाया जा रहा है, इसके लिए जिलाधिकारी डा0 दिनेश चंद्र द्वारा रोस्टर जारी कर 26 जनवरी तक जिले की समस्त राजस्व गांवो में शिविर लगाकर किसान रजिस्ट्री की जाएगी। जिले में कुल सात लाख किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी है, जिन्हें नियमित रूप से योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। जनवरी के अंत तक 19 वी किस्त जारी होने तक सभी लाभार्थियों को फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसान गोल्डेन कार्ड बनवा लेना है, क्योंकि अगली किस्त के लिए किसान कार्ड (फार्मर रजिस्ट्री) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है, 26 जनवरी तक किसान कार्ड न बनवाने वाले कृषकों की किस्त रुक सकती है।
जिलाधिकारी डा0 दिनेश चंद्र ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में किसान का आधार नंबर,खेत का रखवा नंबर, खसरा नंबर, मोबाइल नंबर आदि का विवरण दर्ज किया जाएगा, पूरा विवरण दर्ज होने के बाद किसानों को एक यूनिक नंबर जारी होगा इस नंबर के जरिए ही संबंधित किसान का पूरा विवरण देखा जा सकेगा। रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण होने के बाद किसान कार्ड बनाया जाएगा, कार्ड से मिलने वाले नंबर के जरिए ही पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसानों को दिया जाएगा। किसान कार्ड (फार्मर रजिस्ट्री) के लिए जिले के हर राजस्व गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा है इसमें कृषि विभाग/ पंचायत विभाग एवं राजस्व विभाग के दो- कर्मचारी रहेंगे, शिविर में गांव के संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले सभी गाटा संख्या, सहखातेदार होने की स्थिति में गाटों में किसान का अंश, आधार नंबर, ई-केवाईसी विवरण आदि दर्ज करेंगे। किसी प्रकार के स्वामित्व स्थानांतरण (विसारत, बैनामा आदि) होने पर किसान रजिस्ट्री में बदलाव किया जा सकेगा, इससे किसान के हर गाटे में हर सत्र में बोई जाने वाली फसल का विवरण भी शामिल किया जाएग ।
किसान कार्ड से फायदे बताते हुए जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने बताया कि अभी तक किसान को किसी भी तरह का ऋण लेने के लिए बार-बार राजस्व रिकार्ड देना पड़ता है, किसान रजिस्ट्री होने पर उसके नंबर को संबंधित एप पर डालकर उसका पूरा विवरण देखा जा सकेगा, इससे किसान कल्याण की योजनाएं बनाने और उसके क्रियान्वयन में आसानी होगी, लाभार्थियों को सत्यापन कृषि उत्पाद के विपणन और अन्य वित्तीय मामलों में सहूलियत होगी। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि भुगतान, फसली ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, आपदा के दौरान किसानों को क्षति पूर्ति देने के लिए किसानों का चयन करने में आसानी होगी, साथ ही राजस्व विवादों का भी निस्तारण होगा। जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने बताया कि किसान कार्ड (फार्मर रजिस्ट्री) कराने के लिए किसान ’कैम्प’ के अलावा भारत सरकार द्वारा जारी किए गए मोबाइल एप ’फार्मर रजिस्ट्री यूपी’ एप से स्वयं घर बैठे कर सकते है, अथवा अपने नजदीकी जन सेवा केन्द्र (सीएससी) से अपना आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नम्बर एवं खतौनी ले जाकर निर्धारित शुल्क देकर अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसान कार्ड बनवा सकते है।
पूर्व प्रधानमंत्री मंनोहन सिंह के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक
उत्तरप्रदेश । देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का कल दिल्ली एम्स में निधन हो गया इसके बाद से पूरे देश में शोक की लहर है नम आंखों से लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं साथ ही 7 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।
7 दिन के राष्ट्रीय शोक घोषित होने के बाद से कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर लगे झंडे को झुकाया गया और पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा देश ने एक अनमोल रत्न को दिया जिसने देश के लिए सब किया जब आर्थिक मंदी से हम जूझ रहे थे तो डॉक्टर साहब ने निकाला और चाहे बात की जय राजीव गांधी जी के सलाहकार के तौर पर या वित्त मंत्री के तौर पर या प्रधानमंत्री के तौर पर उनके काम हमेशा उत्कृष्ट रहे हैं उन्हें भुलाया नहीं जा सकता वह बहुत याद जाएंगे।
The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh meeting the Chairperson and General Secretary of the National League for Democracy, Myanmar, Daw Aung San Suu Kyi, on the sidelines of the third Summit of the Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (BIMSTEC), at Nay Pyi Taw, Myanmar on March 04, 2014.
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में निधन
Former Prime Minister of India Dr. Manmohan Singh passes away at the age of 92
नई दिल्ली :भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के aiims में निधन आज रात्रि उनको aiims के इमरजेंसी वार्ड में 8 बजे भर्ती कराया गया था लम्बे समय से स्वास्थ समस्याओ से जूझ रहे थे Dr.Manmohan Singh को देखने के लिए स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा पहुंचे थे aiims डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में शोक की लहर देखने को मिल रहा है कांग्रेस के बड़े नेता सोशल मीडिया पर शोक ब्यक्त कर रहे है l
डॉ. मनमोहन सिंह भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे और वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता । उनका कार्यकाल 2004 से 2014 तक था। वे एक अत्यंत विद्वान और अनुभवी अर्थशास्त्री के रूप में प्रसिद्ध। उनकी नीतियों और निर्णयों ने भारत के आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाला।
Dr. Manmohan Singh की प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को पंजाब के गहरी शेखपुरा गाँव (जो अब पाकिस्तान में स्थित है) में हुआ था। उनका पालन-पोषण विभाजन के बाद भारत में हुआ था। उनके पिता का नाम गुलजार सिंह था, जो एक सरकारी कर्मचारी थे। मनमोहन सिंह के जीवन में बचपन से ही शिक्षा का बड़ा महत्व था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पंजाब में प्राप्त की और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की और फिर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से D.Phil. (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की डिग्री हासिल की।
Dr. Manmohan Singh का पेशेवर जीवन
डॉ. मनमोहन सिंह एक कुशल अर्थशास्त्री थे और उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय योजना आयोग में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई। वे 1982 में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर बने और उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के लिए कई सुधारों की शुरुआत की। इसके बाद, 1991 में, जब भारत आर्थिक संकट से जूझ रहा था, डॉ. सिंह को वित्त मंत्री बनाया गया। उनका कार्यकाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ, क्योंकि उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए, जिनमें बाजार आधारित अर्थव्यवस्था, विदेशी निवेश को बढ़ावा देना, और व्यापार नीति में उदारीकरण शामिल थे।
Dr. Manmohan Singh का प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल (2004–2014)
डॉ. मनमोहन सिंह ने 22 मई 2004 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनका प्रधानमंत्री बनने का रास्ता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी द्वारा गठबंधन सरकार बनाने के बाद आया, जिसमें उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण था।
उनकी सरकार ने भारत में कई सुधारों को लागू किया और वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया। प्रमुख पहलुओं में शामिल थे: 1. आर्थिक विकास*: उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था में तेज़ी से वृद्धि हुई, और भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभरा। 2. सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र में वृद्धि उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा दिया, जिससे भारत में रोजगार के अवसर बढ़े और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान हुआ। 3. परमाणु समझौता (India-US Nuclear Deal) डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने 2005 में भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो भारत को परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए वैश्विक परमाणु आपूर्ति बाजार से जुड़ने का अवसर प्रदान करता था। 4. महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA): इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की गई।
Dr. Manmohan Singh चुनौतियाँ और आलोचनाएँ
उनके प्रधानमंत्री रहते हुए कई बड़े संकट और विवादों का सामना करना पड़ा। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के कुछ बड़े मामले सामने आए, जैसे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला और कोल घोटाला। इसके अलावा, कई लोगों ने उन्हें “निर्विवाद” नेता के रूप में देखा और यह आलोचना भी की कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए ज्यादा निर्णायक नेतृत्व नहीं दिखाया। इसके बावजूद, वे एक शालीन और शांतिपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं और उन्हें एक ईमानदार और संजीदा नेता के तौर पर माना जाता है।
Dr. Manmohan Singh का व्यक्तिगत जीवन
डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी का नाम गुरशरण कौर है, और उनके दो बेटियाँ हैं। वे एक निजी और सरल जीवन जीते हैं और सार्वजनिक जीवन से दूर रहकर परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। वे एक संयमित और शालीन व्यक्तित्व के मालिक हैं, और अपनी संवेदनशीलता और विवेकपूर्ण निर्णयों के लिए जाने जाते हैं।
Dr. Manmohan Singh को पुरस्कार और सम्मान
डॉ. मनमोहन सिंह को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनमें से कुछ प्रमुख पुरस्कार निम्नलिखित हैं:
1. भारत रत्न (2019): यह भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जिसे उन्हें 2019 में प्रदान किया गया। 2. आर्थिक नीति के क्षेत्र में योगदान: उन्हें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्थशास्त्र में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व थे । उनके नेतृत्व में भारत ने कई आर्थिक सुधारों को लागू किया और वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वे एक ऐसे नेता थे जिन्होंने हमेशा देश की भलाई को सर्वोपरि रखा और अपनी ईमानदारी और निष्कलंक छवि के कारण जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया।ऐसे महान पुरुष को भाव भीनी श्रदांजलि l
BSA के निरीक्षण में गंदी मिली रसोई,प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा
BSA got angry after seeing filth in the school, sought answers from the headmaster in jaunpur :
विद्यालय में गंदगी और एमडीएम की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर बीएसए हुये नाराज, प्रधानाध्यापक को स्पष्टीकरण
JAUNPUR NEWS : जौनपुर जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी [BSA ] डा0 गोरखनाथ पटेल ने शासन की मंशानुरूप बेसिक शिक्षा विभाग में गुणवत्ता संवर्धन एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए विभिन्न प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों का गुरुवार को निरीक्षण किया । विकास खण्ड करंजाकला प्राथमिक विद्यालय पदुमपुर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में उपस्थित छात्रों के साथ प्रार्थना सभा में प्रतिभाग किया। विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक दिवाकर सिंह, दिनेश एवं शिक्षामित्र श्रीमती सीमा देवी अनुपस्थित पाये गये।
विकास खण्ड करंजाकला के कम्पोजिट विद्यालय के निरीक्षण कि दौरान विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक अल्का श्रीवास्तव, शुभम मौर्य एवं शिक्षामित्र कृपाशंकर अनुपस्थित पाये गये।विकास खण्ड करंजाकला के कम्पोजिट विद्यालय, हैदरपुर के निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक विद्यालय में 10ः10 बजे निरीक्षण के समय कैजुवल ड्रेस में असामान्य स्थिति में उपस्थित हुए। रसोई घर अत्यन्त गन्दा, खाद्य सामग्री मानक के विपरीत पाया गया। रसोई घर में मसाले व अन्य सामग्री रखने हेतु कंटेनर नहीं पाया गया, जिसके कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
विकास खण्ड शाहगंज के कम्पोजिट विद्यालय अतरौरा BSA निरीक्षण के समय समस्त स्टाफ उपस्थित पाये गये। विद्यालय में मध्यान्ह् भोजन हेतु खाद्य सामग्री मानक के विपरीत पाया गया तथा प्रत्येक गुरुवार को वितरित होने वाले अतिरिक्त खाद्य सामग्री यथा-मूगंफली की चिक्की, चना इत्यादि का वितरण नहीं होने के कारण प्रधानाध्यापक रत्नाकर यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अनियमितता, गंदगी और एमडीएम की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर बीएसए हुये नाराज, प्रधानाध्यापक से मांगा स्पष्टीकरण
विकास खण्ड शाहगंज के कम्पोजिट विद्यालय पकड़ी के निरीक्षण के समय समस्त स्टाफ उपस्थित पाये गये। मध्यान्ह् भोजन चूल्हे पर बनता पाया गया, जबकि विद्यालय पर एलपीजी कनेक्शन है। मध्यान्ह् भोजन बनाने के लिए बर्तन क्रय करने हेतु धनराशि 20000 के सापेक्ष सामग्री उपलब्ध नहीं पायी गयी। प्रधानाध्यापक द्वारा बताया गया कि सामग्री घर पर रखी गयी है। रसोई घर में मसाले व अन्य सामग्री रखने हेतु कंटेनर नहीं पाया गया। खेलकूद सामग्री क्रय नहीं की गयी थी। शौचालय गन्दा पाया गया तथा पाइप रखी गयी। विद्यालय में व्याप्त कमियों के कारण प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया।
विकास खण्ड शाहगंज के कम्पोजिट विद्यालय गोधना में BSA द्वारा किए गए निरीक्षण में मध्यान्ह् भोजन ग्रहण करने हेतु विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे तीतर-बीतर होकर भोजन ग्रहण कर रहे थे, कुछ बच्चे रसोई घर में रोटी लेने हेतु धक्का-मुक्की कर रहे थे समस्त स्टाफ कक्षा-कक्ष में बैठे हुए थे, जिसके कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समस्त स्टाफ को फटकार लगाते हुए बच्चों को बरामदे में पंक्तिबद्व बैठाकर भोजन कराया। विद्यालय में व्याप्त कमियों के कारण प्रधानाध्यापक अखिलेश चन्द्र यादव सहित समस्त अध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया, तथा सभी को निर्देशित किया गया कि सभी समय से विद्यालय उपस्थित होकर पठन-पाठन करने हेतु निर्देशित किया गया।