Monday, January 12, 2026
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how to ganesh chaturthi date,गणेश चतुर्थी महापर्व

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गणेश चतुर्थी का महापर्व. डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

how to ganesh chaturthi date 2ग26: णेश चतुर्थी का महापर्व हर वर्ष माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है माताएं इस व्रत को अपने संतानों की रक्षा और उसके संकट को दूर करने के लिए देवों में प्रथम पूज्य गणेश के लिए करती हैं इसलिए इस संकटा चतुर्थी भी कहा जाता है हर वर्ष इस कठिन व्रत को महिलाओं के द्वारा भोर से लेकर चंद्र उदय तक बिना जल के पिये किया जाता है इसलिए इसे निर्जला व्रत भी कहा जाता है

भारत में हर एक पर्व उत्सव त्योहार पूजा पाठ या व्रत हवन अनुष्ठान के पीछे वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक तथा प्रकृति का दृष्टिकोण छिपा हुआ है इसी तरह ग्रहों में चंद्रमा और सूर्य सर्व प्रधान माने जाते हैं क्योंकि सूर्य जीवन का आधार है और चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट है और वह जीवन को सीधे-सीधे प्रभावित करता है

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डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह

बाकी नौ ग्रहों की भी अपनी अपनी कथा है इस बार शुक्रवार के दिन 6 जनवरी मंगलवार को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी क्योंकि सुबह भोर में 8:01 से उसका आरंभ होगा और 7 जनवरी बुधवार के सुबह 6.52 पर इसका समापन होगा इस व्रत को करने में दूब तिल मौसम के फल और फूल तथा पीले रंग और लाल रंग के वस्त्रो का विशेष महत्व है इसके साथ-साथ मिठाई अगर लड्डू हो तो सबसे अच्छा माना जाता है ‌ यदि किसी कारण से चंद्र देव का दर्शन नहीं होता है तो 6 जनवरी को रात में 8:55 पर चंद्रमा को अर्घ दिया जा सकता है *

*गणेश जी की पूजा आराधना करने पर संतान का कष्ट दूर होता है वह स्वस्थ दीर्घायु और यशवान बनता है इस बार गणेश चौथ में श्री गणेश जी की पूजा का विधि विधान है कि स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और 6 जनवरी को सुबह 8=01 से 9:21 मिनट तक या फिर 11.55 से 12=45 तक गणेश जी की पूजा आराधना या केवल ध्यान करें अगर जरूरी समझे तो गणेश जी के व्रत और कथाओं का भी उल्लेख करें इस बार चंद्रमा के उदित होने का समय जौनपुर और आसपास तथा मध्य भारत में 8=55 पर है इसके बाद अर्घ्य देकर गणेश जी की पूजा की जाती है जिसमें तिल और तिल के बने लड्डू मौसम के फल मिठाई लड्डू दूब का प्रयोग किया जाता है कुछ लोग इसमें कंद मूल भी शामिल करते हैं ध्यान रहे की पूजा में तुलसी के पत्तों का या तुलसी का किसी भी रूप में प्रयोग वर्जित है और जल भी तुलसी के पौधे में नहीं देना चाहिए चंद्रमा के उदय के बाद हर घर देखकर पूजा पाठ करके सादा भोजन या कंदमूल फल खाकर इस व्रत का समापन किया जाता है।

ganesh chaturthi इस कठिन निर्जला व्रत को महिलाएं अपने संतानों के लिए करती हैं इसलिए संतानों को भी चाहिए कि वह अपनी मां के प्रति समर्पित भाव से जीवन पर्यंत उनकी सेवा करके अपना जीवन धन्य बनाएं एक बात और है कि अगर बदली या कोहरा या किसी अन्य कारण से चंद्रमा नहीं दिखते हैं तो रात में 9:30 के बाद चंद्रमा और श्री गणेश का दर्शन करते हुए आराम से पारण व्रत का कर सकते हैं।

गणेश जी बुद्धि और चतुराई के देवता हैं और उनके बल असीमित है बड़े-बड़े राक्षसों का नरसंहार करके और अपने माता-पिता की प्रदक्षिणा करके उन्होंने सभी देवताओं में सबसे पहले पूजित होने का वरदान प्राप्त किया है रिद्धि और सिद्धि उनकी पत्नियों हैं अतः गणेश भगवान के प्रसन्न होने पर रिद्धि सिद्धि धन-धान्य सुख समृद्धि अपने आप घर में आ जाती है एक कथा है कि एक बार देवताओं की सभा में यह विवाद हुआ की सबसे पहले किसकी पूजा हो तो तय किया गया जो लोग तीनों लोकों की प्रदक्षिणा करके सबसे पहले आ जाएंगे उन्हें को प्रथम पूजा का स्थान दिया जाएगा सारे देवता और परम बलशाली कार्तिक देव तीनों लोकों की परिक्रमा करने निकल गए इधर गणेश जी अपने माता-पिता की तीन परिक्रमा करके सामने बैठ गए और एक मत से उनका सबसे पहले पूजनीय देवता माना गया ।

भगवान परशुराम से उनका घनघोर युद्ध हुआ था वेदव्यास जी के महाभारत बोलते समय जब गणेश जी लिख रहे थे उनकी कलम टूट गई तो उन्होंने अपना आधा दांत तोड़कर उसी से महाभारत लिखा था इसीलिए उन्हें एक दंत कहा गया जब उनका गर्दन भगवान शिव ने परम क्रोध में काट दिया और माता सती अत्यंत ही क्रोधित होकर तीनों लोकों का संघार करने निकली तो हाथी के नवजात बच्चे की गर्दन लगाकर भगवान गणेश को जिंदा किया गया इसलिए उन्हें वक्रतुंड कहा जाता है लड्डू या मोदक उन्हें अत्यंत प्रसन्न कर लेता है वह भगवती पार्वती के सबसे प्रिय पुत्र हैं इसलिए गणेश की पूजा करने पर सभी देवी देवताओं भगवान से और माता पार्वती का आशीर्वाद अपने आप मिल जाता है यह सभी कथा गणेश चतुर्थी के दिन जरुर कहना और सुनना चाहिए।

JAUNPUR NEWS,त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण

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JAUNPUR NEWS,त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण
JAUNPUR NEWS,त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण

Advocate’s role is important in speedy justice process.JAUNPUR NEWS,

जौनपुर। न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि त्वरित न्याय प्रक्रिया में अधिवक्ता की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और आजादी के बाद संविधान निर्माण में डॉ राजेन्द्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डॉ भीमराव अंबेडकर जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं और ये सभी महान पुरुष अधिवक्ता भी थे जनपद के वरिष्ठ अधिवक्ता स्व संतोष कुमार श्रीवास्तव संतोषी बाबू जी की 20 वी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं सेमिनार त्वरित न्याय प्रक्रिया में न्याय पालिका कार्य पालिका विधायिका एवं अधिवक्ता की भूमिका पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रयागराज उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति श्रीमती वाणी रंजन अग्रवाल जी ने कहा कि त्वरित न्याय प्रक्रिया में न्याय पालिका का जो सम्मान आम आदमी में है उसे और बढ़ाने की जरूरत है अधिवक्ता वादकारी व न्यायाधीश के बीच सेतु बनकर कार्य करता हैं और विधि और न्याय को समय के साथ परिवर्तित होते रहना चाहिए और कहा कि संतोषी बाबू एक अच्छे और विद्वान अधिवक्ता थे जो सदैव न्याय हित में कार्य करते थे।


न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल ने कहा कि आप सभी की शुभकामनाएं से मुझे उच्च न्यायालय जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है हम सभी दृहसंकल्पित है और त्वरित न्याय के लिए कार्य कर रहे हैं और कहा कि अधिवक्ता बार बेंच को जोड़ने का कार्य करते हैंजिला जज सुशील कुमार शशि जी ने कहा कि न्याय सिर्फ जज से नहीं होता है दोनों पक्षों को सुनने के बाद जो फैसला होता हैं वहीं न्याय होता हैं अधिवक्ता जिस वादकारी के लिए कार्य कर रहा हैं उसके प्रति ईमानदार होना चाहिए कहा कि अधिवक्ता ही जनमानस का मस्तिष्क है और अधिवक्ता कर्मयोगी होता हैं।
स्वागत भाषण अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव ने करते हुए कहा है अधिवक्ता सदैव न्याय हित में कार्य करता हैं और जौनपुर के अधिवक्ता संघ का नाम देश भर में लिया जाता हैं जो सौभाग्य की बात है मैने हमेशा अधिवक्ता संघ हित में कार्य किया है और करूंगा। आज सुबह ही जम्मू कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा जी और असम के राज्यपाल लक्ष्मण आर्चाय जी ने फोन कर सेमिनार में न आने पर खेद व्यक्त किया और संतोषी बाबू को श्रद्धांजलि अर्पित किया
इसके पूर्व सेमिनार का उद्घाटन अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।सभी अतिथि को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र बुके भेट कर स्वागत अभिनंदन किया गया।संचालन मंत्री रण बहादुर यादव ने किया।आभार कार्यकम संयोजक राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने किया।


सेमिनार में पूर्व अध्यक्ष आर पी सिंह सत्येन्द्र बहादुर सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, राजीव गुप्ता, प्रेम शंकर मिश्रा, जितेन्द्र उपाध्याय, ब्रज नाथ पाठक प्रेम नाथ पाठक, रमेश चन्द उपाध्याय, अवधेश सिंह, रमेश सिंह सोलंकी वशिष्ठ नारायण,डीजीसी क्रिमिनल लाल बहादुर पाल, हीरा लाल प्रजापति अरुण प्रजापति सुरेन्द्र प्रजापति, मंजू शास्त्री जय प्रकाश कामरेड राजनाथ चौहान राकेश द्विवेदी मनिता मंजीत कौर मनोज श्रीवास्तव एडवोकेट, प्रदीप श्रीवास्तव शशांक दुबे, शहंशाह हुसैन, हिमांशु श्रीवास्तव, डीजीसी सिविल मनोज गुप्ता, आदि जिले भर के हजारों अधिवक्ता मौजूद रहे सुरक्षा कर्मी भी भारी मात्रा में मौजूद रहे।
उसके बाद न्यायमूर्ति वाणी रंजन अग्रवाल जी ने चौकियां धाम में मत्था टेका और दर्शन पूजन कर प्रयागराज प्रस्थान किया।

मृत्युंजय महादेव धाम उमरछा में सस्वर सुंदरकांड प्रतियोगिता का आयोजन

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मृत्युंजय महादेव धाम उमरछा में सस्वर सुंदरकांड प्रतियोगिता का आयोजन
मृत्युंजय महादेव धाम उमरछा में सस्वर सुंदरकांड प्रतियोगिता का आयोजन

JAUNPUR NEWS जौनपुर : गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस का पाचवां खंड ‘सुंदरकांड’ केवल एक अध्याय नहीं, बल्कि जीवन की विषम परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने का एक ‘सफलता सूत्र’ है। सुंदरकांड की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भक्त हनुमान के पराक्रम, बुद्धि और समर्पण की गाथा है। जहाँ संपूर्ण मानस में भगवान राम की महिमा है, वहीं सुंदरकांड में राम जी ने स्वयं अपने भक्त की महिमा का बखान किया है। यह हमें सिखाता है कि अटूट विश्वास और शुद्ध संकल्प से समुद्र जैसी बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।

उक्त बातें सुशील कुमार उपाध्याय भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जौनपुर ने मृत्युंजय महादेव धाम उमरछा में प्रत्येक माह, प्रदोष के दिन होने वाली सस्वर सुंदरकांड पाठ के आज के कार्यक्रम के समापन पर आयोजित सम्मान समारोह अवसर पर कही, उन्होंने आगे कहा कि मुझे बेहद प्रसन्नता है कि श्वेता प्रियांशी रामचरित मानस समिति, मलिकानपुर के कलाकारों ने अपनी मधुर और भक्तिपूर्ण प्रस्तुति से इस परिसर को साक्षात लंका दहन और राम-मिलन की अनुभूति करा दी है। आपकी कला और भक्ति का संगम प्रशंसनीय है। अंत में, मैं यही प्रार्थना करता हूँ कि बजरंगबली हम सभी के जीवन के ‘शोक’ और ‘बाधाओं’ का अंत करें और समाज में सुख-शांति का संचार करें।

इस भव्य अनुष्ठान की शुरूआत पंडित हीरामणी उपाध्याय जी के कुशल सानिध्य और वैदिक रीति-विधान से यजमान श्री शेषनाथ शुक्ल जी एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा पूजा पाठ से किया, उपस्थित दर्शकों के साथ-साथ निर्णायक मंडल के सदस्य ललित शुक्ल, कैलाश नाथ शुक्ल और सतीश कुमार उपाध्याय ने अपने निर्णय को बंद लिफाफे में सुरक्षित रखा।

जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह ने कहा कि सुंदरकांड रामचरित मानस का हिस्सा है जो बजरंगबली हनुमानजी को समर्पित है। हिंदू धर्म में रामचरितमानस का विशेष महत्व है, और उसके सुंदरकांड अध्याय को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। सुंदरकांड श्रीराम कथा का वह भाग है जिसमें भगवान हनुमान की वीरता, भक्ति और बुद्धिमत्ता का अद्भुत वर्णन है। इस पाठ को नियमित रूप से पढ़ने से जीवन में कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं आध्यात्मिक, मानसिक, भावनात्मक और भौतिक रूप से। सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति का साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव भी कम हो जाता है।

निर्णायक मंडल के सदस्य सतीश कुमार उपाध्याय के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित राजकृष्ण शर्मा, आशीष शुक्ल, सुधांशु सिंह, परविंदर चौहान, रोहित सिंह, इंद्रसेन सिंह, घनश्याम यादव, देवेंद्र सिंह, राजकुमार उपाध्याय, ईश नारायण उपाध्याय, सुरेंद्र मिश्रा, महेंद्र उपाध्याय, अच्छे लाल पांडेय, संजय सिंह, बैजनाथ सिंह को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के आयोजक सुशील कुमार उपाध्याय ने सस्वर सुन्दरकाण्ड प्रतियोगिता के प्रतिभागीगण कु श्वेता यादव, कु प्रियांशी यादव, नितिन तिवारी, श्रवण तिवारी, आर पी सरोज और अवधेश यादव को अंग वस्त्र और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया।

कार्यक्रम के अंत में रामायण और हनुमान जी की आरती के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम मे प्रभाकर, पद्माकर, सुरेश उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, देवेश कुमार उपाध्याय, राकेश शुक्ल, सन्तोष उपाध्याय, प्रेमा सिंह, अशोक, संतोष सिंह, राजेश, जयशंकर शुक्ल, संतोष शुक्ल ढोलन, अरविंद, सूरज, दीनानाथ, अनिल, विकास, और रमेश निषाद सहित सैकड़ों महिला पुरुष भक्त जन उपस्थित रहे।

मानीकलां-गुरैनी मार्ग के बुहरेंगे दिन, करोड़ो की लागत से होगा निर्माण

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मानीकलां-गुरैनी मार्ग
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जनपद के सबसे बड़ी आबादी वाले गाँव की सड़क होगी चौड़ी और सुंदरीकरण

  • जौनपुर से आजमगढ़ जनपद को जोड़ता है यह मार्ग

खेतासराय (जौनपुर): जनपद जौनपुर में आधारभूत ढांचे को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। गुरैनी–मानीकलां–सोंगर–मार्टीनगंज मार्ग के चेनज 0.000 से 14.800 तक चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य को उत्तर प्रदेश शासन से प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से जानकारी साझा की।

लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 28.28 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें पांच वर्षों का अनुरक्षण कार्य भी सम्मिलित रहेगा। शासनादेश के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम चरण के अंतर्गत 9.89 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय हेतु अवमुक्त की गई है। इसमें अनुदान-58 के अंतर्गत 7.79 करोड़ रुपये तथा अनुदान-83 के अंतर्गत 2.09 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 31 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया गया। परियोजना को व्यय वित्त समिति की संस्तुति के उपरांत स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह मार्ग जनपद के सर्वाधिक आबादी वाले क्षेत्रों में से एक मानीकलां–गुरैनी मार्ग का हिस्सा है, जिसके चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर इसे मानीकलां–गुरैनी मार्ग के बहुरेंगे दिन के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर लगभग 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिससे जनपद की सबसे बड़ी आबादी वाले गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।

यह सड़क जौनपुर जनपद को सोंगर होते हुए गैर जनपद आजमगढ़ से भी जोड़ती है, जिससे अंतरजनपदीय आवागमन को नई गति मिलेगी। वर्तमान में सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर होने के कारण आए दिन आवागमन में कठिनाई, दुर्घटनाएं तथा परिवहन संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण होने के बाद यातायात व्यवस्था सुचारु होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में कमी, ईंधन की बचत तथा यात्रा समय में भी कमी आने की संभावना है। इसके अतिरिक्त इस सड़क के सुदृढ़ होने से कृषि उपज के परिवहन, स्थानीय व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा होगी, वहीं स्थानीय व्यापारियों को भी इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। जनपदवासियों ने इस स्वीकृति को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शासनादेश की सभी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा।

खेतासराय:जंगली सुअर के हमले से महिला समेत अन्य घायल,ग्रामीणों ने मार गिराया

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खेतासराय:जंगली सुअर के हमले से महिला समेत अन्य घायल,ग्रामीणों ने मार गिराया
खेतासराय:जंगली सुअर के हमले से महिला समेत अन्य घायल,ग्रामीणों ने मार गिराया

जंगली सुअर के हमले से महिला समेत अन्य घायल, ग्रामीणों ने मार गिराया

  • खेतासराय कस्बा में मचा हड़कम्प

खेतासराय (जौनपुर) कस्बा क्षेत्र में शुक्रवार की देर दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भटककर आए एक जंगली सुअर ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में एक महिला समेत अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए जंगली सुअर को घेरकर मार गिराया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगली सुअर देर दोपहर खेतासराय कस्बा के पुरानी बाजार में घुस आया और इधर-उधर दौड़ने लगा। इसी पुरानी बाजार स्थित बड़ी मस्जिद के समीप महिला शकुंतला कुत्ता समझकर भगाने गई तैसे जंगली सुअर हमला करके घायल कर दिया। जिससे महिला को गम्भीर चोटें आयी है।

वही जब लोगों ने दौड़ाया तो खुटहन थाना क्षेत्र के महमदपुर निवासी 28 वर्षीय नवनीत किसी काम से खेतासराय बाजार आएं हुए थे। जहाँ से वापिस जा रहे थे तभी वह कस्बा के सरवरपुर मोड़ के समीप पहुँचे जिनके बाइक से टकरा गया। जिससे वह असंतुलित होकर गिर और घायल हो गए। अंततः जंगली सुअर का पीछा कर रहे लोगों ने मार गिराया। जिससे लोगों ने राहत की सांस लिया। वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि डायल 100 की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुँची घायल जंगली जानवर को पशु अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर उसने दम तोड़ दिया। उसको कब्जे में लेकर वन विभाग ने खुदौली राजकीय वन में दफन कर दिया।

JAUNPUR:खेतासराय के 20 गांवों में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन

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JAUNPUR:खेतासराय के 20 गांवों में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन
JAUNPUR:खेतासराय के 20 गांवों में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन

सामाजिक सहभागिता से सुदृढ़ होगी कानून-व्यवस्था

खेतासराय (जौनपुर) शुक्रवार को क्षेत्र के बीस गांवों में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने तथा सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम सुरक्षा समिति का गठन किया गया है। इस पहल से गांवों में आपसी सहयोग, सतर्कता और अपराध नियंत्रण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीस गांवों में ग्रामीणों की सहभागिता से ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन किया गया। प्रत्येक समिति में गांव के सम्मानित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और महिला सदस्यों को शामिल किया गया है, ताकि सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर समन्वित रूप से कार्य किया जा सके।

उन्होंने बताया कि ग्राम सुरक्षा समिति का मुख्य उद्देश्य गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखना, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना, नशाखोरी, चोरी, घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों पर नियंत्रण तथा आपात स्थिति में पुलिस को त्वरित सूचना देना है। इसके साथ ही समितियां ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक करने का भी कार्य करेंगी।

गठन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को समिति की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ग्राम सुरक्षा समिति पुलिस और समाज के बीच सेतु का कार्य करेगी। किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि की सूचना समिति के माध्यम से तत्काल पुलिस तक पहुंचाई जाएगी, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।

ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गांवों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और आपसी भाईचारा बढ़ेगा। विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए प्रशासन का आभार जताया। अंत में अधिकारियों ने सभी समिति सदस्यों से ईमानदारी, निष्पक्षता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम सुरक्षा समिति की सक्रियता से क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगेगा और शांतिपूर्ण वातावरण कायम रहेगा।

सोंधी ब्लॉक में शोक सभा: एडीओ प्रदीप श्रीवास्तव के निधन पर जताया गया शोक

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सोंधी ब्लॉक में शोक सभा एडीओ प्रदीप श्रीवास्तव के निधन पर जताया गया शोक
सोंधी ब्लॉक में शोक सभा एडीओ प्रदीप श्रीवास्तव के निधन पर जताया गया शोक

खेतासराय (जौनपुर) विकास खण्ड शाहगंज के सोंधी ब्लॉक परिसर में बुधवार को सहायक विकास अधिकारी (ग्राम विकास) प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के आकस्मिक निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा का नेतृत्व सहायक विकास अधिकारी शाहगंज सोंधी प्रमोद सिंह ने किया। इस दौरान बक्शा ब्लॉक में तैनात एडीओ (ग्राम विकास) प्रदीप कुमार श्रीवास्तव के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया।

जानकारी के अनुसार 53 वर्षीय प्रदीप श्रीवास्तव की अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें गोरखपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। वे मूल रूप से काशीराम भवन, हुसैनाबाद, जौनपुर के निवासी थे। बुधवार को रामघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

शोक सभा का संचालन कर रहे एडीओ पंचायत दीपक यादव ने कहा कि एक कर्मठ और मिलनसार सहकर्मी के निधन से विभाग को अपूरणीय क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। शोक सभा में संदीप द्विवेदी, सचिव विनोद यादव, जाहिद अली, विजय गौड़, शेखर यादव, संतोष यादव, सुनीता, फिरदौस, रविन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

2026 में साइबर अपराधियों से केवल ‘जीरो ट्रस्ट’ करेगा सुरक्षा

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2026 में साइबर अपराधियों से केवल ‘जीरो ट्रस्ट’ करेगा सुरक्षा

2026 में साइबर अपराधियों से केवल ‘जीरो ट्रस्ट’ ही करेगा सुरक्षा- डॉ.दिग्विजय

जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के साइबर क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा है कि वर्ष 2026 साइबर सुरक्षा की दृष्टि से एक ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण वर्ष साबित होने वाला है। नए साल में साइबर अपराधियों से प्रभावी ढंग से लड़ने के लिए आमजन को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार होना होगा।

डॉ. राठौर ने बताया कि साइबर दुनिया में ‘जीरो ट्रस्ट मॉडल’ अपनाए बिना अब सुरक्षा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आभासी दुनिया में किसी भी व्यक्ति, कॉल, लिंक या संदेश पर बिना सत्यापन के विश्वास करना सबसे बड़ी भूल है। जब तक लोग डिजिटल संदेशों पर अंधविश्वास करना बंद नहीं करेंगे, तब तक साइबर अपराधों से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है।


उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी डर और विश्वास इन दो भावनाओं को हथियार बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ‘साइबर अरेस्ट’ जैसे नए-नए तरीक़े इसका जीवंत उदाहरण हैं, जिनके माध्यम से लोग भय के कारण तुरंत अपराधियों के जाल में फँस जाते हैं।


डॉ. राठौर ने बताया कि आज के साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे वे बड़ी आसानी से लोगों का विश्वास जीत लेते हैं। 2026 में ए आई का इस्तेमाल कर साइबर अपराधी बड़े पैमाने पर साइबर अपराध कर सकते हैं। ओटीपी मांगना पुराना पैटर्न हो चुका है और नए पैटर्न में मोबाइल हैक कर ओटीपी अपने आप हासिल कर ले रहे।ऐसे में केवल सतर्कता ही नहीं, बल्कि तकनीकी समझ और निरंतर जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से लड़ाई केवल तकनीक या केवल जागरूकता से नहीं, बल्कि दोनों के समन्वय से ही जीती जा सकती है। समय की माँग है कि प्रत्येक नागरिक ‘पहले सत्यापन, फिर विश्वास’ की नीति अपनाए।

साइबर सुरक्षा के लिए कुछ सावधानियां

  1. अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल को लॉक करके रखें।
  2. ईमेल का पासवर्ड मजबूत बनाएं और समय-समय पर बदलें।
  3. मोबाइल पर आने वाले किसी भी संदेश को ध्यान से पढ़ें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  4. कोई फोन करके ओटीपी मांगे तो कभी न दें।
  5. APK फाइल डाउनलोड न करें।
  6. अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल कभी रिसीव न करें।
  7. सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
  8. अपने व्हाट्सएप की प्रोफाइल फोटो केवल अपनों तक सीमित रखें।
  9. अपना फोन नंबर और ईमेल आईडी सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रदर्शित न करें।
  10. अपनी गतिविधियां तुरंत सोशल मीडिया पर साझा न करें।
  11. मोबाइल और कंप्यूटर में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर जरूर रखें।
  12. साइबर कैफे के कंप्यूटर पर अपनी क्रेडिट डेबिट कार्ड से पेमेंट ना करें।
  13. ट्रूकॉलर जैसे ऐप अपने मोबाइल में इंस्टॉल करके रखें आने वाले कॉल से एक स्तर तक बचाव होता है।
  14. दूसरे के मोबाइल में अपनी ईमेल आईडी लॉगिन ना करें.

काशी प्रांत का 65वाँ प्रांत अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न

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काशी प्रांत का 65वाँ प्रांत अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न
काशी प्रांत का 65वाँ प्रांत अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न

JAUNPUR NEWS जौनपुर, शिक्षा, राष्ट्र चेतना का अमर घोष वंदे मातरम्, सोनभद्र के विकास, पर्यावरण संबंधित चार प्रस्ताव किए गए पारित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रांत का 65वाँ प्रांत अधिवेशन जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अस्थाई रूप से बसाए गए ‘रानी अब्बक्का नगर’ में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, इस दौरान विभिन्न सांगठनिक एवं शैक्षिक विषयों पर संवाद हुआ और चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पारित तथा नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई है।

यह प्रांतीय अधिवेशन 28 दिसम्बर पर अधिवेशन की पूर्व संध्या पर ‘लाल जी सिंह प्रदर्शनी’ के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ था, जिसके पश्चात अगले दिन अधिवेशन की शुरुवात हुई। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रमेश, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रख्यात भारतीय कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त एवं विशेष रूप से राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात प्रांत अध्यक्ष के रूप में डॉ महेंद्र त्रिपाठी एवं प्रांत मंत्री के रूप में शिवम सिंह को निर्वाचित किया गया। विभिन्न भाषण एवं समानांतर सत्रों में विद्यार्थियों से संवाद किया गया। अधिवेशन के दूसरे दिन अभाविप, के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने भाषण दिया तथा तत्पश्चात मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज से टीडी कॉलेज तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जहां टीडी कॉलेज के ग्राउंड में राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह एवं काशी प्रांत मंत्री शिवम सिंह के नेतृत्व में खुला अधिवेशन संपन्न हुआ। अंतिम दिन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय सेवा प्रमुख युद्धवीर द्वारा भाषण सत्र लिया गया जिसके पश्चात चार प्रस्ताव पारित किए गए तथा नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई।

इस तीन दिवसीय प्रांतीय अधिवेशन के अंतिम दिवा पर ‘केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में रिक्त सीटें एवं देर तक चलती प्रवेश प्रक्रिया चिंतनीय’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष: राष्ट्र चेतना का अमर घोष’, ‘स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम की ओर: एक संतुलित जीवन की पहल’, ‘सीमांत से सशक्तिकरण तक: सोनभद्र के उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना’ विषयक चारों प्रस्तावों को पारित किया गया है। अभाविप, काशी प्रांत द्वारा आगामी सत्र में इनपर प्रमुखता से कार्य किया जाएगा।

अधिवेशन के अंतिम दिन नवीन कार्यकारिणी की घोषणा नवनिर्वाचित काशी प्रांत अध्यक्ष डॉ महेंद्र त्रिपाठी द्वारा घोषित की गई, जिसमें प्रांत उपाध्यक्ष के रूप में सुल्तानपुर के संतोष सिंह अंश, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राम शंकर उरांव, प्रयाग महानगर की आभा त्रिपाठी एवं गाजीपुर के रवि शेखर सिंह को अहम जिम्मेदारी मिली है। साथ ही प्रांत सह-मंत्री के रूप में कौशांबी के शिवबाबू चौधरी, प्रयाग महानगर की निवेदिता मिश्रा, भदोही के अमन सिंह तथा वाराणसी महानगर की त्रिकांत सिंह जाटव को दायित्व दिया गया है।

नवीन एवं पुरानी कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए अभाविप, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही ने सभी को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि,” विद्यार्थी परिषद की विशिष्ट एवं उन्नत कार्यपद्धति के कारण ही आज अभाविप ने 77 वर्षों की लंबी गौरवशाली यात्रा तय की है। अभाविप एक चलायमान और परिवर्तनशील संगठन है, जिसमें कार्यकर्ता अपने विद्यार्थी जीवन तक कार्य करता है। इस ध्येय यात्रा के दौरान अभाविप की विशिष्ट कार्यपद्धति के अनुरूप कार्य करने से कार्यकर्ता का व्यक्तित्व निखरता है और उसमें ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव विकसित होता है। इसी कारण आज अभाविप विश्व की सबसे बड़ी और सशक्त छात्रशक्ति बनकर उभरी है। अभाविप केवल एक व्यक्ति-समूह नहीं अपितु एक विचार है; हम जिस प्रकार कार्य करेंगे, समाज हमें उसी रूप में जानेगा। हम सभी को भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी।”

JAUNPUR NEWS,5पांच अन्य फर्मों के खिलाफ मुकदमा,औषधि निरीक्षक ने दी तहरीर

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JAUNPUR NEWS,5पांच अन्य फर्मों के खिलाफ मुकदमा,औषधि निरीक्षक ने दी तहरीर
JAUNPUR NEWS,5पांच अन्य फर्मों के खिलाफ मुकदमा,औषधि निरीक्षक ने दी तहरीर

JAUNPUR NEWS, Case filed against 5 other firms, drug inspector gave complaint

शैली ट्रेडर्स समेत जिले के 12 मेडिकल प्रतिष्ठानों के खिलाफ पहले से दर्ज है मुकदमा

  • कोडिंन युक्त खांसी की दवाई का नशे के रूप में दुरुप्रयोग करने और नियम की अवहेलना में कसी गई नकेल

JAUNPUR NEWS जौनपुर। प्रदेश के आयुक्त खाद्य सुरक्षा एव औषधि प्रशासन लखनऊ के निर्देश पर जिला औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा पूर्व में सैली ट्रेडर्स व जनपद के 12 मेडिकल प्रतिष्ठानों पर दर्ज की गई एफआईआर प्रकरण में मंगलवार को पांच अन्य और फ़र्मो के विरुद्ध नगर कोतवाली में तहरीर दी है। इस नए मुकदमे की तैयारी से दवा कारोबारी में जबरदस्त हड़कंप मचा है। क्योंकि लाइसेंस नियमों की उलंघन कर करोड़ों रुपए का खेल करने वाले जिले के यह दवा कारोबारी अभी तक शासन के शिकंजे से दूर थे। अब उनके खिलाफ पुलिस गिरफ्तारी से लेकर आय से अधिक संपत्ति की भी जांच की कवायद शुरू हो जाएगी।


औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा बताया गया कि कोडिन युक्त खांसी की दवाई दवा के रूप में प्रयोग न करके गलत तरीके से व्यापार करने वाले पर शक्ति से कार्यवाही की जा रही है।जनपद के औषधि निरीक्षक रजत कुमार पांडेय द्वारा यह भी बताया गया की झारखंड स्थित संचालित फर्म शैली ट्रेडर्स, रांची के संचालक द्वारा भारी मात्रा मे कोडिन युक्त न्यू फेन्सेडिल कफ सिरप की अवैध रूप से जौनपुर स्थित मेडिकल एजेंसी से बिक्री हुई है। जबकी मेडिकल एजेंसी मौके पर संचालित ही नहीं हो रही है।कफ सिरप की अनुमानित कीमत 7 करोड आकी गई है।


एएसपी गोल्डी गुप्ता के निर्देश पर पूर्व में दर्ज की गई एफआईआर में समयोजित कर प्रकरण की विवेचना एव वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।कोडिन युक्त कफ सिरप का इतनी भारी मात्रा में खरीद-दारी कर औषधि अनुज्ञप्ति के पृष्ठभूमि में कूट रचित बीजको के आधार पर गैर चिकित्सा प्रयोगहेतु नशे की रूप में खुली बाजार में बेचा गया है, संचालकों की सिर्फ और सिर्फ मंशा अधिक धन कमाने के उद्देश्य थे, आम जनता पर क्या प्रभाव होगा इसके बारे में कभी सोचा ही नहीं गया।

करोड़ों का खेल करने वाली ये हैं 5 फर्मे


जौनपुर। ड्रग लाइसेंस का खुलेआम उल्लंघन करने वाली जिन पांच फर्मो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनमें जौनपुर की न्यू मिलन सुपर फार्मा , मिलन मेडिकल हॉल , चित्रांशी ब्रदर्स , नितेश मेडिकल एजेंसी
और ए के फार्मा मेडिकल एजेंसी शामिल है। आरोप है कि इन फर्मो के मालिकों ने कोडीन युक्त कफ सिरप का प्रयोग नशे के सौदागरों को सप्लाई करने में किया है । उनसे करोड़ों रुपए का लेनदेन भी किया है। एस आई टी की जांच में अब तक ऐसे ही चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

सभी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई, रजत पांडेय


जौनपुर। अवैध तरिके से व्यापार करने वालो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो अब तक की हुई कार्रवाई में एक नजीर बनेगी। शासन का सख्त निर्देश है कि किसी भी प्रकार से आरोपियों को बक्शा न जाए।