सामाजिक संस्था लायंस क्लब शाहगंज स्टार के अध्यक्ष मनीष अग्रहरि जन्मदिन का अनोखा रूप प्रस्तुत किया कस्तूरबा में आयोजित किया दीपोत्सव
कस्तूरबा की छात्रा ने इस दीपोत्सव पर्व पर दीप बनाओ प्रतियोगिता , नृत्य प्रतियोगिता ,रंगोली प्रतियोगिता आदि में प्रतिभाग कर जीते पुरस्कार
शाहगंज , जौनपुर, नगर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शाहगंज में दीपोत्सव बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया बनाया गया आप को बता दे कि अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था लायंस क्लब शाहगंज स्टार के अध्यक्ष मनीष अग्रहरि एवम् कार्यक्रम संयोजक डॉ.आर के कस्तूरबा में दीपोत्सव पर्व कस्तूरबा की छात्रा के बीच उनका उत्साह वर्धन करते हुए मनाया । साथ विद्यालय की छात्राओं ने इस दीपोत्सव पर्व में दीप बनाओ प्रतियोगिता , नृत्य प्रतियोगिता ,रंगोली प्रतियोगिता , वेशभूषा प्रतियोगिता आदि में प्रतिभाग कर पुरस्कार जीता।
पर्व का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत में छात्राओं के स्वागत गीत से हुआ। और उसके कार्य के बारे विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय की वार्डन एकता नीलम कस्तूरबा विद्यालय के बारे में जानकारी दी । इस के बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया । जिसमे दीप सजाओ में प्रतियोगिता में मानवी,रंगोली प्रतियोगिता में, रानी ,मानवी नृत्य प्रतियोगिता में रानी सज सज्जा में चंदा,प्राची, सृष्टि ,श्रेया गणेश पूर्ति निर्माण में मोनी,भेष भूषा मानसी छात्राएं विनर रही। साथ ही आकांक्षा ,साक्षी काजल,दिव्यांशी आदि ने महत्वपूर्ण सहयोग किया ।सभी विनर छात्राओं को अध्यक्ष मनीष अग्रहरि कार्यक्रम संयोजक डॉक्टर आरके वर्मा ने सभी पदाधिकारी के साथ मिलकर पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया।
इस के पश्चात लायंस क्लब शाहगंज स्टार अध्यक्ष मनीष अग्रहरि ने अपने जन्म दिन पर छात्राओं के साथ की काटा और फैशन फर्स्ट के सौजन्य उपहार स्वरूप में सभी लगभग 95 छात्राओं को अंग वस्त्र दिया। दीपोत्सव पर्व का भव्य समापन जमकर आशीर्वाद जी के साथ को आतिशबाजी देख बच्चों के चेहरे खुशी से खेलते हैं इसके पश्चात सभी पदाधिकारी ने छात्राओं के साथ भोजन किया और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम का संचलन मनोज जायसवाल, और आभार प्रदर्शन सह कार्यक्रम संयोजक दीपक सिंह पत्रकार ने व्यक्त किया। इस दीपोत्सव को सफल बनाने में पूर्व अध्यक्ष एम जे एफ ला.मनोज जायसवाल,मनोज पांडेय सचिव, लायन सतीश गुप्ता,,लायन डॉक्टर रफीक फारुकी, ,डॉ.लायन राहुल वर्मा लायन रविकांत जायसवाल,लायन मनीष श्रीवास्तव,लायन अंकित गुप्ता (रोमिल)लायन डॉ हरिओम मोर्य ।
चंदन त्रिपाठी,डॉ राहुल गुप्ता चंदन अग्रहरि, के साथ विद्यालय परिवार किरण मौर्य, प्रियंका सिंह, अल्पना सिंह, अंकिता शुक्ला, आशीष राय, दशरथ मौर्या, इद्रावती, विद्या, प्रतिभा आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दुर्गा सिटी हास्पिटल व ट्रामा सेण्टर के सौजन्य से हुआ क्रिकेट मैच
जौनपुर। दुर्गा सिटी हास्पिटल व ट्रामा सेण्टर के प्रोपराइटर डा-आलोक कुमार यादव की अगुवाई में पूर्वांचल के मैदान में क्रिकेट मैच का फाइनल मैच हुआ। फाइनल में पहुचीं दोनों टीम ने दमदार प्रदर्शन किया। टास जीत कर कैप्टन आदेश की टीम ने पहले बल्लेबाजी का निर्णय लिया। आदेश की टीम ने पन्द्रह ओवर में एक सौ बासठ रन का स्कोर बनाकर अपोजिट टीम को एक सौ तिरसठ रन का लक्ष्य रखा। दूसरी टीम के कैप्टन विनोद की साथ मैदान में उतरी टीम चौदह ओवर में लक्ष्य प्राप्त कर दो विकेट से मैच जीत लिया।
डा-आलोक कुमार यादव ने बातचीत में उन्होंने बताया कि इस मैच से जो भी फंड मिलेगा वो दीपावली के अवसर पर बृद्धाश्रम में मिठाई व पटाखे बांट कर उनकी खुशियों में शरीक होगें।
महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा आज के समाज का एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा है। यह समस्या न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। शारीरिक,मानसिक,यौन, भावनात्मक, और साइबर उत्पीड़न जैसी हिंसाओं का सामना महिलाओं को हर दिन करना पड़ता है। महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की सुरक्षा के लिए भले ही कई कानून और नीतियां बनाई गई हों, लेकिन इस समस्या का समाधान आज भी दूर की कौड़ी लगता है। इस संदर्भ में, मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मीडिया समाज का दर्पण माना जाता है, जो हमें रोजमर्रा की घटनाओं से अवगत कराता है और सामाजिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है। महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा के मुद्दे पर मीडिया की भूमिका इसलिए महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वह इस विषय पर जागरूकता फैलाने, पीड़िताओं को न्याय दिलाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम योगदान दे सकता है।
महिलाओं के खिलाफ हिंसा कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से समाज का हिस्सा रही है। घरेलू हिंसा से लेकर बलात्कार, यौन उत्पीड़न, एसिड अटैक, ऑनर किलिंग, दहेज हत्या, और अब साइबर अपराध जैसे नए रूपों में यह समस्या सामने आ रही है। जैसे घरेलू हिंसा महिलाओं के खिलाफ सबसे आम और छिपी हुई हिंसा का रूप है। यह हिंसा न केवल शारीरिक रूप में होती है, बल्कि मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न भी इसमें शामिल होता है। महिलाओं को पति, ससुराल वालों या कभी-कभी अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों से हिंसा का सामना करना पड़ता है। भारत में घरेलू हिंसा कानून के बावजूद, महिलाएं अक्सर इसे रिपोर्ट करने से कतराती हैं, क्योंकि इसे समाज में परिवार की इज्जत से जोड़ा जाता है।
बलात्कार और यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह हिंसा महिलाओं के आत्मसम्मान, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा आघात करती है। एक समाज के रूप में हमारी विफलता यह है कि हम पीड़िता पर ही सवाल उठाते हैं, उसके चरित्र को दोषी ठहराते हैं, जबकि अपराधी खुली हवा में घूमते हैं। तकनीकी प्रगति के साथ, साइबर स्पेस में भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के नए रूप सामने आए हैं। ऑनलाइन उत्पीड़न, ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों या वीडियोज को बिना सहमति के पोस्ट करना, और उन्हें सोशल मीडिया पर धमकाना आम हो गया है। साइबर अपराध की शिकार महिलाएं अक्सर मानसिक तनाव, अवसाद और आत्महत्या तक के कगार पर पहुंच जाती हैं।
भारत में दहेज प्रथा और ऑनर किलिंग जैसी समस्याएं अब भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रमुख कारणों में से एक हैं। दहेज के कारण महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, और कई बार उन्हें जलाकर मार भी दिया जाता है। वहीं, ऑनर किलिंग समाज की खोखली मान्यताओं और पितृसत्ता के कारण होती है, जहां महिलाओं को अपनी पसंद से शादी करने की सजा दी जाती है। यदि हिंसा के कारण की बात करें को निम्नलिखित बातें उभर कर सामने आती है। उसमें सबसे प्रमुख पितृसत्तात्मक समाज है, हमारे समाज में पितृसत्तात्मक ढांचा आज भी मजबूत है। महिलाओं को पुरुषों के अधीन और उनकी संपत्ति के रूप में देखा जाता है। यही मानसिकता हिंसा का कारण बनती है। शिक्षा की कमी व शिक्षा का अभाव भी महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देता है। अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग अक्सर महिलाओं को समान अधिकार देने के विचार को स्वीकार नहीं कर पाते। वही कानून का कमजोर कार्यान्वयन भले ही हमारे देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून हैं, लेकिन उनका कार्यान्वयन कमजोर है। अपराधियों को सजा देने में देर होती है, जिससे न्याय प्रणाली पर सवाल उठते हैं और अपराधी बेखौफ हो जाते हैं। समाज में विकृत मानसिकता भी कई बार समाज की मानसिकता ही महिलाओं के प्रति हिंसा को बढ़ावा देती है। उदाहरण के लिए, महिलाओं के पहनावे, उनकी स्वतंत्रता और उनके निर्णयों को लेकर समाज में आलोचना की जाती है।
ऐसे में मीडिया, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, का समाज पर गहरा प्रभाव होता है। यह न केवल घटनाओं की जानकारी देता है, बल्कि समाज को जागरूक करता है और सोचने का तरीका बदलता है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के संदर्भ में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे- सूचना का प्रसार और जागरूकता के रूप में देखें तो मीडिया की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सूचना का प्रसार और जागरूकता फैलाने की है। जब मीडिया हिंसा की घटनाओं को प्रमुखता से रिपोर्ट करता है, तो यह समाज को उस घटना से अवगत कराता है। इसके साथ ही, मीडिया का काम लोगों को जागरूक करना भी है, ताकि वे महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को पहचान सकें और उसके खिलाफ आवाज उठा सकें। इसके साथ ही साथ पीड़िता की पहचान की सुरक्षा को ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। अक्सर यह देखा गया है कि मीडिया हिंसक घटनाओं को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे पीड़िता की पहचान और गरिमा खतरे में पड़ जाती है। विशेष रूप से यौन हिंसा के मामलों में, मीडिया को पीड़िता की पहचान गोपनीय रखनी चाहिए और रिपोर्टिंग में संवेदनशीलता बरतनी चाहिए तथा चरित्र हनन से बचाव करना चाहिए। वह किसी पीड़िता का चरित्र हनन न करे। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रिपोर्टिंग करते समय, मीडिया को उनके चरित्र पर सवाल उठाने या उनकी व्यक्तिगत जिंदगी में झांकने से बचना चाहिए और सकारात्मक कहानियों का प्रसार करें। मीडिया को केवल हिंसा की घटनाओं को रिपोर्ट करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे महिलाओं की सकारात्मक कहानियों को भी प्रमुखता से दिखाना चाहिए। ऐसी कहानियां, जो महिलाओं के सशक्तिकरण, उनके संघर्ष और उनकी उपलब्धियों को उजागर करती हैं, समाज में एक सकारात्मक प्रभाव डालती हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देती हैं। वर्तमान समय मे सोशल मीडिया का युग चल रहा है और यह एक सशक्त माध्यम बन चुका है। यहां पर हिंसा के खिलाफ तेजी से अभियान चलाए जा सकते हैं और महिलाओं के समर्थन में आवाज उठाई जा सकती है। मीडिया को सोशल मीडिया का सकारात्मक तरीके से उपयोग करना चाहिए ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और उनके खिलाफ हो रही हिंसा पर रोक लग सके इसके अलावा मीडिया को जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करनी चाहिए। इसे सनसनीखेज बनाने की बजाय, उसे तथ्यों पर आधारित और संतुलित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। मीडिया को हिंसक घटनाओं की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि समाज में सही संदेश जा सके और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैल सके।
अक्सर यह भी देखने को मिलता है कि मीडिया और संवेदनशीलता की कमी के कारण मीडिया की आलोचना की जाती है। वह कई बार महिलाओं के खिलाफ हिंसा को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करता है। जैसे कि- हिंसा की घटनाओं का गलत चित्रण प्रस्तुत करते है? कुछ मीडिया चैनल या प्रकाशन हिंसा की घटनाओं को इस तरह प्रस्तुत करते हैं कि वे पीड़िता को दोषी ठहराने या घटना को महज मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं। इससे समाज में हिंसा के प्रति संवेदनशीलता कम होती है और पीड़िताओं को न्याय मिलने में मुश्किल होती है। कई बार मीडिया बिना तथ्यों की पुष्टि किए फर्जी खबरें चलाता है, जिससे न केवल पीड़िता की छवि खराब होती है, बल्कि समाज में गलत धारणाएं भी बनती हैं। मीडिया को सटीक और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग करने की जरूरत है ताकि समाज में सही संदेश जा सके। अगर मीडिया हिंसक घटनाओं को केवल सनसनीखेज खबर के रूप में प्रस्तुत करता है, तो इससे समाज में यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा कोई बड़ी बात नहीं है। इससे समाज में संवेदनशीलता की कमी हो सकती है।
हाल के वर्षों मीडिया ने कई सकारात्मक कदम भी उठाए हैं, जिससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दों को सही ढंग से उठाया गया है। उदाहरण के लिए निर्भया कांड (2012), दिल्ली में हुए इस जघन्य अपराध के बाद मीडिया ने इस घटना को प्रमुखता से उठाया और पूरे देश में इसके खिलाफ गुस्से की लहर दौड़ गई। मीडिया की रिपोर्टिंग ने सरकार को इस मुद्दे पर सख्त कानून बनाने के लिए मजबूर किया।
मेरा भारत की प्रथम वर्षगाँठ पर विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
शाहगंज : भारत सरकार एवं युवा कार्यक्रम विभाग के निदेशानुसार मेरा भारत की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर ये दिवाली मेरा भारत वाली थीम पर आधारित विविध कार्यक्रमों का आयोजन राजकीय महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के बैनर तले किया गया।
जिसमें प्रथम दिवस सेवा से सिखो कार्यक्रम के अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ रफ़ीक़ फारूकी के मार्गदर्शन में अस्पताल परिसर में महाविद्यालय की स्वयं सेविकाओं द्वारा रोगियों की सेवा, दवा वितरण एवं पर्चा बनाना आदि कार्य किया गया।तथा स्थानीय मार्केट में व्यापारी सहयोग से स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया। द्वितीय दिवस को हेडकंस्टेबल यातायात सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जेसीज चौराहे पर स्वयं सेविकाओं द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों एवं ट्रैफिक कंट्रोल का भी अनुभव प्राप्त किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डाक्टर नूर तलअत, राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी प्रोफ़ेसर शिवाजी सिंह,डॉ अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉ आनन्द कुमार सिंह एवं समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
यूरोप एशिया चैंपियनशिप में वैष्णवी ने जीता कांस्य पदक
अंतरराष्ट्रीय यूरोप एशिया चैंपियनशिप में वैष्णवी ने जीता कांस्य पदक
जौनपुर। एशियाई देश येरीवन आर्मेनिया में 16 से 23 अक्टूबर तक कूड़ो की अंतरराष्ट्रीय यूरोप एशिया चैंपियनशिप प्रतियोगिता हुई। भारतीय दल को वैष्णवी सिंह असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक पर कब्जा किया। जापान व रसिया के खिलाड़ियों को शिकस्त दी। भारत के हेड कोच एवं कूड़ो एशिया के महासचिव हान्शी मेहूल वोरा के नेतृत्व में भारतीय दल अर्मेनिया गया था। अंतरराष्ट्रीय कूड़ो जगत में वैष्णवी ने भारत के लिए मेडल लाकर अपने राज्य उत्तर प्रदेश व जिला जौनपुर का नाम रोशन किया।
कूड़ो एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मो. एजाज खान व सेक्रेटरी विजय कसेरा के निर्देशन में कु. वैष्णवी कुडो का प्रशिक्षण ले रही है। उल्लेखनीय है कि कूड़ो मार्शल आर्ट को राष्ट्रीय खेल के रूप में भारत सरकार की मान्यता प्राप्त है। वैष्णवी जौनपुर जिले की नाहरमऊ टिकरा गांव की निवासी है। इस मेडल का श्रेय को अपने कोच मोहम्मद एजाज खान व विजय कसेरा एवं अपने पिता संजय सिंह को देती हैं। वैष्णवी सेकंडडेन ब्लैक बेल्ट है। 5 इंटरनेशनल एवं पिछले 10 साल से नेशनल चैंपियन है। वैष्णवी की शानदार जीत पर राष्ट्रीय कूड़ो संघ के चेयरमैन एवं बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार, फिल्म जगत के जॉन अब्राहम, भारत के हेड कोच हान्शी मेहूल वोरा ने एवं कई खेल व फिल्म जगत की हस्तियों ने वैष्णवी को एवं भारतीय दल को शुभकानाएं दी।
स्वीकृति पत्र के साथ कुलपति वंदना सिंह एवं परिसर के शिक्षक
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय,ऊर्जा के क्षेत्र में शोध के लिए डीएसटी,भारत सरकार ने जारी किया पत्र
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रतिष्ठित प्रमोशन ऑफ यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड साइंटिफिक एक्सीलेंस (DST-PURSE) अनुदान प्रदान किया है। यह अनुदान ऊर्जा के क्षेत्र में शोध के लिए प्रदान किया गया है।इस वर्ष यह अनुदान पाने वाला यह प्रदेश का अकेला विश्वविद्यालय है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय में दिवाली पूर्व खुशी का माहौल है। यह विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो वैज्ञानिक अनुसंधान को एक नई दिशा देगा।
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देने वाला और उत्तर प्रदेश को विज्ञान एवं नवाचार में अग्रणी स्थान पर स्थापित करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय का डीएसटी परियोजना पर्स के लिए चयन इसकी शैक्षणिक उत्कृष्टता और ज्ञान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।यह विश्वविद्यालय ही नहीं अपितु पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।इस अनुसन्धान से सौर ऊर्जा, हाइड्रोजन ऊर्जा, और उन्नत बैटरी प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यापक शोध होगा। यह स्थायी ऊर्जा के क्षेत्र में समकालीन चुनौतियों का समाधान करने में सहायक होगा ।उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से पूर्व प्रदेश में स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं लखनऊ विश्वविद्यालय यह विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है।
मार्च 2024 में भारत के लगभग 100 विश्वविद्यालयों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, भारत सरकार को परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत किया था जिसके व्यापक मूल्यांकन के बाद अगस्त 2024 में कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. काजल डे तथा प्रो. गिरिधर मिश्र को नई दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पर्स परियोजना प्रबंधन बोर्ड के समक्ष इस परियोजना प्रस्ताव की प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था।
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अनुदान की प्राप्ति की सूचना प्राप्त होने पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने परियोजना समन्वयक डॉ. धीरेंद्र के. चौधरी, उप समन्वयक डॉ. काजल डे, परियोजना क्रियान्वयन समिति एवं विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों को बधाई दिया है। स्वीकृति पत्र प्राप्ति के अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार,वित्त अधिकारी संजय कुमार,परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, प्रो.मानस पाण्डेय,प्रो. अजय द्विवेदी,प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो.मनोज मिश्र, प्रो. राजेश सिंह,प्रो. संदीप सिंह,प्रो. अशोक श्रीवास्तव,प्रो. रजनीश भास्कर,प्रो. प्रमोद यादवा,प्रो.मुराद अली,प्रो.राज कुमार, प्रो.मिथिलेश सिंह,प्रो. रवि प्रकाश,डॉ. विक्रांत भटेजा,डॉ.प्रमोद कुमार, डॉ. संजीव गंगवार,डॉ. सुजीत चौरसिया,डॉ. नीरज अवस्थी,उप कुलसचिव अमृतलाल,बबिता सिंह,अजीत प्रताप सिंह सहित शिक्षक उपस्थित रहे ।
जौनपुर : मंत्री नगर विकास शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्त्रोत विभाग, उ0प्र0, प्रभारी मंत्री ए0के0 शर्मा की अध्यक्षता में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान ट्रांसफार्मर, विद्युत सम्बन्धी कार्य के लिए सांसद और विधायकगण की निधि से दिये गये बजट के सन्दर्भ में कार्य में प्रगति न लाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से विधायक सांसद निधि की राशि का सदुपयोग न किये जाने पर कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधीक्षण अभियन्ता विद्युत को निर्देशित किया कि लोगो की विद्युत सम्बन्धित समस्याओं पर तत्काल कार्यवाही करे,ट्रासफार्मरों की क्षमतावृद्धि करें, जर्जर पोल तथा तारों को बदले तथा बकाये बिजली बिल के कारण आमजनमानस का विद्युत कनेक्शन तत्काल न काटे जाये अपितु जमा कराने के प्रयास किये जाए। गलत बिल किसी भी दशा में निर्गत नही होने चाहिए। मा0 विधायक मडियाहूं डॉ0 आर के पटेल द्वारा 04 विद्युत घर बनाए जाने की मांग की गयी।
प्रभारी मंत्री कहा कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवादहीनता नहीं होना चाहिए। सभी अधिकारियों के फोन में जनप्रतिनिधियों का फोन नंबर अवश्य फीड रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार लाये सख्त निर्देश दिया कि अगली बैठक तक सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर विकास की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सभी निकायों में साफ सफाई कराई जाए,आगामी त्यौहारों को देखते हुए सभी प्रकार की आवश्यक तैयारियां कर ली जाए। शहर में गंदगी नहीं दिखनी चाहिए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को निर्देश दिया कि धान खरीद केंद्र जनप्रतिनिधियों की सहमति प्राप्त कर बनाए जाए। खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसानों को खाद उपलब्ध रहे उन्हें समस्या न हो।उद्यान विभाग की समीक्षा करते हुए पिछले सालों में फल, फूल के खेती में कितनी प्रगति हुई हैं इसके संबंध में जानकारी जिला उद्यान अधिकारी से ली और कहा कि जनपद में अपार संभावना है और इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए।
जौनपुर :थाना बदलापुर में पुलिस महानिरीक्षक द्वारा मिशन शक्ति के तहत स्कूल की महिलाओ को किया गया जागरूक जनपद के थाना बदलापुर में पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी के द्वारा मिशन शक्ति के तहत महिलाओ को जागरूक किया तथा उनकी समस्याओ पर भी वार्ता की। मौके पर पुलिस अधीक्षक डा. अजय पाल शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शैलेन्द्र कुमार सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकारी बदलापुर आयुष श्रीवास्तव, सहनोडल महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन क्षेत्राधिकारी शाहरूख खान व क्षेत्राधिकारी l
प्रतिमा वर्मा व प्रभारी निरीक्षक बदलापुर विनोद कुमार मिश्र की उपस्थिति में पुलिस कार्यालय व थाना बदलापुर में नियुक्त लगभग 36 महिला कर्मचारियो द्वारा माउन्ट लीट्रा पब्लिक स्कूल फहेजगंज थाना बदलापुर व एनपीएस पब्लिक स्कूल बरौली थाना बदलापुर की छात्राओ के साथ सभा/गोष्ठी करके लगभग 130 महिलाओंबालिकाओं को जागरूक किया गया व समस्त हेल्पलाइन नं0 1090, 112, 1930, 108, 102, 181, 1076 से अवगत कराया गया एवं साइबर क्राइम से बचने के उपाय बताते हुए मिशन शक्ति के पम्पलेट प्रदान किया गया।
धान खरीद केन्द्र के सम्बन्ध में शिकायतें मिलने पर कार्यवाही की जायेगी,डीएम
जौनपुर:जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में धान खरीद के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि सभी धान खरीद केंद्र में मानक के अनुसार आवश्यक तैयारियां कर ले, किसान जब भी क्रय केन्द्र पर आये तो उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, केंद्र प्रभारी किसानों से विनम्रता पूर्वक बातें करते हुए उनके धान की खरीद करे।
यदि सोशल मीडिया या अखबार में किसानों द्वारा केन्द्र प्रभारियों के सम्बन्ध में शिकायतें प्राप्त होती है सम्बन्धित केन्द्र प्रभारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। गत वर्ष के डिफाल्टर राइस मिलों को विभाग से संबद्ध न किया जाए। क्रय केन्द्रों पर बैनर पोस्टर के माध्यम से किसानों से धान क्रय के सम्बन्ध में सम्पूर्ण प्रक्रिया के सम्बन्ध में जागरूक किया जाये। क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद 01 नवंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक किया जाएगा। धान का समर्थन मूल्य (सामान्य धान 2300 रुपए प्रति कुन्तल) ग्रेड ए का 2320 रुपए मूल्य निर्धारित किया गया है। धान क्रय में पारदर्शिता एवं किसानों के बेचे गए धान के मूल्य के त्वरित भुगतान हेतु पीएफएमएस के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान किया जायेगा। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान, डिप्टी आरएमओ नृपंजय पाठक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
एनसीसी ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर प्रयागराज उपेन्द्र शाण्डिल्य ने किया निरीक्षण
शाहगंज [जौनपुर] शाहगंज सीमा से सटे विश्वनाथ इण्टर कालेज कलान। में एन सी सी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा हैं जिस मे ब्रिगेडियर उपेन्द्र शाण्डिल्य का स्वागत 18 यूपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ए के सिंह और बटालियन के एडमिन ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सिंह यादव ने किया। दौरे के दौरान ब्रिगेडियर उपेन्द्र शांडिल्य को एनसीसी कैडेटों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। ब्रिगेडियर उपेन्द्र शाण्डिल्य ने शिविर में बनाए गए प्रशिक्षण और अनुशासन के उच्च मानकों के लिए अपनी प्रशंसा व्यक्त की और कहा मेरे अधीन जितने भी विद्यालय हैं उनमें सबसे अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्था वाला विद्यालय श्री विश्वनाथ इण्टर कालेज कलान सुल्तानपुर है।
ब्रिगेडियर ने यूनिट की प्रशिक्षण गतिविधियों का भी मूल्यांकन किया, कैडेटों के अनुशासन को देखा और कैडेटों के साथ बातचीत की। कमांडिंग ऑफिसर द्वारा कमांडर को शिविर में आयोजित प्रशिक्षण गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। शिविर में अपने संबोधन में, ब्रिगेडियर उपेन्द्र शांडिल्य ने कैडेटों के साथ जुड़ने और शिविर के उनके अनुभवों पर चर्चा करने का अवसर लिया और विभिन्न एनसीसी गतिविधियों और युवा व्यक्तियों के चरित्र और मूल्यों को आकार देने में एनसीसी के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपने कैडेटों में नेतृत्व के गुण और जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए यूनिट के प्रयासों की भी सराहना की।ऑडिटोरियम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां कैडेटों के द्वारा ड्रिल, फायरिंग, फार्मेशन आदि का प्रदर्शन किया गया और साथ ही ब्रिगेडियर ने मार्चपास्ट की सलामी ली गई। ब्रिगेडियर ने एसोसिएट एनसीसी अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के साथ बातचीत की और एनसीसी के विस्तार और विज्ञान और वाणिज्य स्ट्रीम के छात्रों के लिए एनसीसी को एनसीसी करने से मिलने वाले लाभ की चर्चा की और साथ ही सन्देश दिया कठिन परिश्रम और अनुसासन में रहने की सीख दिया।इस अवसर पर उपस्थित रहने वाले प्रमुख लोगों में श्री विश्वनाथ इंटर कॉलेज कलान के प्रबंधक श्री शशिप्रकाश सिंह तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर आशुतोष सिंह के अतिरिक्त कैंप कमांडेंट कर्नल अजय कुमार सिंह, एडम ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सिंह यादव, सूबेदार मेजर इकबाल सिंह, कैप्टन राकेश कुमार तिवारी, कैप्टन विनोद कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट सुरेश कुमार मिश्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार सिंह एवं सेकंड ऑफिसर दिग्विजय सिंह यादव उपस्थित रहे।