क्वालिटी सलाहकारों द्वारा जिला चिकित्सालय के सभी विभागों की हुई जांच
जौनपुर। सोमवार को कायाकल्प 2024 का एक्टर्नल असेसमेन्ट डा० विनोद कुमार जिला क्वालिटी सलाहकार एवं डा० एहतेराम हुसैन, जिला क्वालिटी सलाहकार फतेहपुर के द्वारा जिला चिकित्सालय जौनपुर के समस्त विभागों का जॉच किया गया, जिसमे इमरजेन्सी ओपीडी,औषधि भण्डार, वार्डो,ओटी इत्यादि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डा० कृष्ण कुमार राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में डा० एस०पी० अग्रवाल, डा० नरेन्द्र कुमार, डा० सैफ हुसैन खान, डा० क्षितिज पाठक, श्रीमती सुधा पाण्डेय मात्रिका मौके पर मौजूद थे।
जिला चिकित्सालय जौनपुर के कार्यो को देखते हुए काफी संतुष्ट दिखे, जिला चिकित्सालय जौनपुर विगत कई वर्षों से लगातार अपने कार्यों के लिए कायाकल्प में आवार्ड प्राप्त कर चुका है। एसेसर द्वारा बताया गया आपका चिकित्सालय अब एन०क्यू०ए०एस० को क्वालीफाई कर सकता है।
हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार,डेंगू का प्रचार वाहन के साथ आप सेल्फी ले
डेंगू का प्रचार वाहन जब आपके मोहल्ले में जाए तो आप प्रचार वाहन के साथ अपनी सेल्फी ले
जौनपुर! हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार” कार्यक्रम के के तहत आम आदमी पार्टी का जागरूकता प्रचार वाहन आज खरका तिराहा, इन्दरा कालोनी ,लाइन बाजार, हुसेनाबाद, न्यू कालोनी के आस पास होता हुआ कलेक्ट्रेट तिराहा व दिवानी तिराहा तक घर-घर जाकर लोगों को हर रविवार 10 हफ्ते 10:00 बजे 10 मिनट कार्यक्रम से जोड़ने की अपील की । कार्यक्रम संयोजक प्रदीप मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए आम जनमानस से अपील की की डेंगू का प्रचार वाहन जब आपके मोहल्ले में जाए तो आप प्रचार वाहन के साथ अपनी सेल्फी ले
और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम आदि के द्वारा लोगों से अपील करें की लोग बढ़ चढ़कर हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार अभियान से जुड़े और डेंगू क्यों हराने में अपना योगदान दें। जिला अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा जी ने जौनपुर वासियों से अपील की है कि यह एक सामाजिक कार्य है आप किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हो किसी भी विचारधारा के मानने वाले हो लेकिन अपने जनपद से डेंगू को हराने के लिए आम आदमी पार्टी के इस अभियान से जुड़े हम आप सभी के आभारी रहेंगे। मुरली मनोहर ने बताया कि आम आदमी पार्टी का डेमो के खिलाफ चलाए जा रहा महा अभियान जौनपुर नगर पालिका के सभी 39 वार्डों में चलाया जाएगा।
साहित्य संगीत ,कला ,दर्शन ,एवं अध्यात्म की सरजमीं काशी में पैदाइशी परवरिशआफ्ता, छायावाद की बुनियाद से जुड़े उसके आधार स्तंभ के मानिंद जयशंकर प्रसाद जी यकीनन साहित्य संगीतकला और दर्शन की त्रिवेणी हैं। उनकी रचनाओं में जिंदगी की तमाम चीजें शामिल हैं -प्रेम,सौन्दर्य वतनपरस्ती, कुदरत से मुहब्बत, फ़लसफ़ा, रहस्यानुभूति, वगैरह मुख्तलिफ चीजों को लेकर खूबसूरत और खुशनुमा अंदाज़ के साथ अपने काव्य प्रेमियों से रू-ब-रू हुए। प्रसाद जी का भाव एवं भाषा-शैली, क़दीम हिंदुस्तानी तहजीब,तर्बियत, इखलाक व सलाहियत की वज़ह से बहुत ही पुरअसर है। प्रेम और आनंद के कवि होने की वजह से हुस्न और इश्क, हिज्रोविशाल, तन्हाई, पुर दर्द जुदाई, गमजदा के अश्कों का बड़ी कशिश और सिद्दत के साथ लाने की वजह से प्रसाद जी कालजयी साबित हुए।
प्रसाद जी की प्रबल काव्य -भावना संगीतात्मकता और प्रगीतात्मकता से पूर्ण रूप से प्रभावित है। उनके मुक्त छंद का अपना अलग कायदा है,उसका अपना एक अलग दायरा है जो पुरानी काव्य परम्परा से ज़रा हट के है।उसे छंदहीन और बेलय समझना हमारे कुंठित संगीत-बोध का सबूत हो सकता है। तुकबंदी की कमी, चरणों की मात्राओं में असमानता होते हुए उनके काव्य की आत्मा लय से पोषित है।लय संगीत का पिता है -श्रुति:माता लय: पिता। बन्धनों से निजात संगीत और काव्य की खूबसूरती को बरकरार रखने में मददगार साबित हो ता है –
“नूपुर के स्वर मन्द रहे,जब तक न चरण स्वच्छंद रहे।”
छायावादी कवियों की मंजुल शब्द- रचना और संगीत के तालमेल के विषय में डॉ.नामवर सिंह का ख़याल सटीक बैठता है -“छायावादी कवि के जिस हृदय स्पंदन ने वाक्य-विन्यास को प्रभावित किया, उसी वाक्य -विन्यास के माध्यम से छंदो -विधान का भी निश्चय हुआ। छायावाद का यह हृदय स्पंदन मुख्यतः प्रगीत-भावना ( लिरसिज्म) थी। छायावादी छंदों में से अधिकांश का निश्चय प्रगीत-भावना ने किया।”
प्रसाद जी ने अपनी आजाद ज़ेहन की वजह से कई खूबसूरत रचना फारसी बहर में भी लिखा है –
१-विमल इन्दु की विशाल किरणें, प्रकाश तेरा बता रही हैं।
२-न छेड़ना उस अतीत स्मृति के, खिंचे हुए बीन तार को कोकिल।
कुछ रचनाएं लोक छंद आल्हा और लावनी के अधिक नजदीक हैं-
“हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर बैठ शिला की शीतल छांह,
एक पुरुष भीगे नैनों से देख रहा था प्रलय प्रवाह।”
कामायनी महाकाव्य में ३०,३१,३२ मात्राओं के छंदों का इस्तेमाल प्रसाद जी की आजाद ज़ेहन और नए अंदाज की गवाही देता है। ऐसे छंदों को तीन ताल और कहरवा ताल में आसानी से गाया -बजाया जा सकता है। “लहर “, काव्य -संग्रह (१९३५) की कविताओं से उनके सांगीतिक ज्ञान और शास्त्रीय राग -रागिनी के इल्म की मुकम्मल जानकारी मिलती है -“बीती विभावरी जाग री!” जैसे जागरण गीत का आखिरी हिस्सा मिसाल के तौर पर देखा जा सकता है –
“अधरों में राग अमंद पिये, अलकों में मलयज बंद किये,
तू अब तक सोई है आली, आंखों में भरे विहाग री।”
मतलब,भोर हो गई है।भैरव/भैरवी राग की मस्ती में जागने के बजाय रात्रि के द्वितीय प्रहर में गाए जाने वाले राग विहाग के स्वरों की खुमारी अपनी आंखों में संजोए हुए हेआली!तू अब तक सो रही हो?
छायावादी काव्य के शब्द -रचना और संगीत के सम्बन्ध में निराला जी का विचार औचित्य पूर्ण है-
“एक -एक शब्द बंधा ध्वनिमय साकार”(मेरे गीत और कला)
इन बातों के पोषण में डॉ. नामवर सिंह ने भी यही कहा है -“शब्द -रचना और संगीत का जहां तक संबंध है, छायावादी कवियों ने अलग-अलग एक-एक शब्द के संगीत पर ध्यान रखने के साथ ही संपूर्ण शब्द- संगति अथवा शब्द- गुम्फन के संगीत पर भी ध्यान रखा। शब्द -संगति बैठाने में इन कवियों ने स्वर अथवा व्यंजन संबंधी अनुप्रास का सहारा लिया है।”
मसलन -“खग -कुल कुल- कुल सा बोल रहा, किसलय का अंचल डोल रहा।”
छायावादी गीत काव्य को पूर्णता प्रदान करने में प्रसाद जी की अदबी खिदमात काबिले तारीफ है। झरना, लहर एवं उनके नाटकों के गीत काव्य चरमोत्कर्ष पर हैं।
प्रसाद जी के गीतों को दो हिस्सों में तक्सीम किया जा सकता है-संगीत प्रधान गीत और साहित्यिक गीत। उनके नाटकों के ज्यादातर गीत शास्त्रीय राग- रागिनी संयुक्त हैं। गीतों में स्वरों का भावानुरूप उतार-चढ़ाव रस को उत्कर्ष देते हैं –
ध्रुवस्वामिनी नाटक के प्रथम दृश्य में मंदाकिनी के स्वर में वेदना की आत्माभिव्यक्ति,रागात्मक अनुभूति, लयात्मक अनुभूति से कवि की संगीतात्मकता का सुबोध होता है –
“यह कसक अरे आंसू सह जा।
बनकर विनम्र अभिमान मुझे, मेरा अस्तित्व बता रह जा।
बन प्रेम छलक कोने-कोने, अपनी नीरव गाथा कह जा।
करुणा बन दुखिया वसुधा पर, शीतलता फैलाता बह जा।
निश्चित तौर पर भाषा की कोमलता कारुणिक संगीत में श्री वृद्धि करती हुई नजर आती है। स्कंधगुप्त नाटक में देवसेना को भ्रम था की स्कंधगुप्त भी उससे मोहब्बत करता है इसी भ्रम में अपना सब कुछ लुटा कर उससे प्रेम करती है जिसका अंजाम बड़ा ही पुरदर्द और अफसोस से भरा है-
“आह! वेदना मिली विदाई।
चढ़कर मेरे जीवन रथ पर, प्रलय चल रहा अपने पथ पर,
मैंने निज दुर्बल पद- बल पर, उससे हारी- होड़ लगाई।”
ध्रुवस्वामिनी नाटक में मंदाकिनी का पीड़ा दरकिनार करके, बाधाओं को ठुकराते हुए, कष्टों को झेलते हुए हर हाल में कामयाबी हासिल करने के सुंदर पैगाम को कहरवा अथवा तीन ताल की संगत से बखूबी प्रतिष्ठा मिल सकती है-“यत: ताले प्रतिष्ठितम्।
“पैरों के नीचे जलधर हो, बिजली से उनके खेल चलें ।
संकीर्ण कगारों के नीचे, शत् शत् झरने बेमल चलें।।
पीड़ा की धूल उड़ाता सा, बाधाओं को ठुकराता -सा।
कष्टों पर कुछ मुस्काता-सा, ऊपर ऊंचे सब झेल चले।।”
प्रेम और आनंद के कवि होने के कारण प्रेमभाव का मनोवैज्ञानिक बहुविधि निरूपण संयोग और विप्रलंभ का समादर, भावों की तीव्रता और मूर्तता दर्शनीय है। चंद्रगुप्त की फरमाइश पर मालविका के द्वारा गाए गए गीत की पारदर्शिता अवलोकनीय है-
“मधुप कब एक कली का है!
पाया जिसमें प्रेम रस सौरभ और सुहाग,
बेसुध हो उस कली से मिलता भर अनुराग।
बिहारी कुंज गली का है।
पद विन्यास के सहारे जहां और कवि सीधी-सपाट कविता लिखतें हैं वहीं प्रसाद जी नये तरतीब और नए अंदाज से खूबसूरती पैदा कर देते हैं। ध्रुवस्वामिनी नाटक में नर्तकियों का गायन काबिले गौर है-
“अस्ताचल पर युवती संध्या की खुली अलक घुंघराली है।
लो, मानिक मदिरा की धारा अब बहने लगी निराली है।।
भरने निकले हैं प्यार भरे जोड़े कुंजों की झुरमुट से।
इस मधुर अंधेरी में क्या अब तक इनकी प्याली खाली है।।
प्रसाद जी के गीतों में जहां करुणा मूलक,प्रेमपरक सौंदर्य परक और नवजागरण के गीतों का शुमार है वही देश की अतीत गरिमा का गान, उद्बोधन गीत और प्रयाण गीत से उनकी प्रगीतात्मकता का परिचय मिलता है। भारत की सांस्कृतिक गरिमा का दर्शन विदेशी राजकुमारी सेल्युकस की पुत्री अथवा चंद्रगुप्त की पत्नी कार्नेलिया के द्वारा गाया गया गीत भारत की गरिमा और उसकी गौरवशाली परंपरा के अनुकूल और अनुरूप है –
“अरुण यह है मधुमय देश हमारा।
जहां पहुंच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।
बरसाती आंखों के बादल बनते जहां भरे करुणा जल।
लहरें टकरातीं अनंत की पाकर जहां किनारा।।”
चंद्रगुप्त नाटक के चतुर्थ अंक में अलका के स्वर में प्रसाद जी ने अहले -वतन को आलस्य और अकर्मण्यता की नींद से जगा कर आजादी के वास्ते विजयपथ पर प्रयाण का इशारा करते हैं जो दादरा ताल में निबद्ध एक खूबसूरत प्रयाण गीत का नमूना है –
“हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती –
अमर्त्य वीर पुत्र हो दृढ़ प्रतिज्ञ सोच लो,
प्रशस्थ पुण्य पंथ है बढ़े चलो बढ़े चलो।।
मुख्तसर रूप में, प्रसाद जी की रचना में जो संगीत तत्त्व या फ़िर प्रगीत-भावना है वह उनकी निजता और नये अंदाज़ का खूबसूरत आईना है जिसमें तमाम छायावादी खूबियां साफ़ -साफ़ झलकती नज़र आती हैं। डॉक्टर द्वारिका प्रसाद सक्सेना के अनुसार,”इनकी अपनी निजी तान है, निजी लय है, निजी स्वर है, निजी ताल है और निजी बंधन है। इसी कारण यह प्रगीत कहलाते हैं। ये प्रगीतात्मक कविताएं विविध नूतन राग रागिनियां प्रस्तुत करती हैं, मांसल एवं सौंदर्य के निरूपण में मादक अनुरक्ति के स्वर अभिव्यक्ति करती हैं, भावोच्छवास की गंभीर विह्ललता को कोमल लय में अंकित करती हुई पाठकों एवं श्रोताओं को अपनी लय में लीन करने की पूर्ण सामर्थ्य प्रकट करती हैं।”
अल्लाह और पैगम्बर पर ट्विटर पर अभद्र टिप्पणी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार,भेजा गया जेल
जौनपुर। सुरेरी थाने की पुलिस ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अल्लाह और पैगम्बर मोहम्मद साहब के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभिया के अंतर्गत सुरेरी थाना क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पुलिस को सूचना प्राप्त हुआ कि प्रवीण सिंह पुत्र रविन्द्रनाथ सिंह निवासी कठवतिया थाना सुरेरी द्वारा सोशल मीडिया ट्विटर पर अल्लाह और पैगम्बर मोहम्मद साहब के विरुद्धअपमानजनक टिप्पणी किया गया है ।
ट्विट करने से मुस्लिम सम्प्रदाय के लोगों में आक्रोश का माहौल पैदा हो गया तथा सम्प्रदायिक सौहार्द बिगडने की संभावना होने लगी कि जिसकी असंका को देखते हुए पुलिस ने अभियुक्त . प्रवीण सिंह पुत्र रविन्द्रनाथ सिंह निवासी कठवतिया के विरुद्ध स्थानीय थाने पर अपराध संख्या 111/24 धारा 299 बीएनस पंजीकृत करते हुए अभियुक्त को धारा 170 बीएनएस में गिरफ्तार कर सम्बन्धित न्यायालय भेजा दिया ।
जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 के लिए पुरानी कार्यकारिणी को भंग करके नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वप्रथम इस कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय, निवर्तमान जिला समन्वयक नीरज श्रीवास्तव, अतुल जायसवाल, अवधेश गिरी ने भारत माता और स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके दीप प्रज्जवल किया। इसके पश्चात महिला संयोजिका ज्योति श्रीवास्तव द्वारा वंदे मातरम गीत गाया गया। डॉ. संदीप के द्वारा नई कार्यकारिणी के गठन में सर्वप्रथम कोषाध्यक्ष के रूप में अमित पाण्डेय, संगठन सचिव पंकज सिंह, उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, जनार्दन पाण्डेय, रंजीत सिंह सोनू एवं महिला सह संयोजिका के रूप में शालिनी निगम का चयन किया गया।
इसके पश्चात विभिन्न प्रकल्पों में ‘भारत को जानो’ का प्रकल्प प्रमुख अवेधश गिरी, सह प्रकल्प प्रमुख राहुल पाण्डेय, ‘समूह गान’ के प्रकल्प प्रमुख सुजीत यादव, सह प्रकल्प प्रमुख राजीव साहू, ‘गुरु वंदन छात्र अभिनंदन’ के लिए प्रकल्प प्रमुख दया निगम और सह प्रकल्प प्रमुख अतुल मिश्रा, विभिन्न जयंती समारोह के लिए प्रकल्प प्रमुख डॉ. आशुतोष, स्वामी विवेकानंद जयंती के लिए प्रकल्प प्रमुख प्रमोद मौर्या, सह प्रकल्प प्रमुख आनंद वर्मा, रक्तदान के लिए प्रकल्प प्रमुख प्रशांत सिंह, सह प्रकल्प प्रमुख जयशंकर सिंह, दिव्यांग सहायता के प्रकल्प प्रमुख डॉ. राजेश, सह प्रकल्प प्रमुख प्रमोद सैनी, स्वच्छता दिवस के लिए प्रकल्प प्रमुख डॉ. आनंद अस्थाना, चिकित्सा प्रकल्प में डॉ. ऋषभ यादव, डॉ. जयेश सिंह, डॉ. विकास यादव, डॉ. अरूण मिश्रा, डॉ. अभिषेक मिश्र का चयन किया गया। सभी कार्यकारिणी सदस्यों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में शौर्य परिवार में कुछ नए सदस्यों ने सदस्यता ग्रहण की जिसमें विशाल तिवारी, मनीष सेठ, रत्नेश, गिरीश सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, अरविंद गिरी, रामकृपाल निषाद, डॉ. बृजेश कन्नौजिया, संजीव मिश्रा, विद्याभूषण पाण्डेय, श्रीमती रोली श्रीवास्तव, रविंद्र गुप्ता, आशीष गुप्ता, प्रदीप उपाध्याय, पंकज श्रीवास्तव, ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, सत्येंद्र सिंह राणा, विनय सिंह आदि शामिल रहे। मार्गदर्शक मंडल के सदस्य के रूप में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के डीन डॉ. अजय दुबे ने भी शौर्य परिवार की सदस्यता ग्रहण की। इस कार्यक्रम में दिलीप शुक्ला, अमरनाथ पाण्डेय, सुनील सिंह, अमरीश पाठक, शमसेर बहादुर पाल, भूपेंद्र पाण्डेय, अशोक सिंह, डॉ. विशाल सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक राहुल पाण्डेय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया और हर्षित गुप्ता ने इस कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
जौनपुर : कोतवाली पुलिस ने एक रेप के आरोपी कांग्रेसी नेता को गिरफ्तार किया है, पीड़िता के मुताविक रेप का आरोपी उसे अपने प्रेम जाल में फास कर बीते कई वर्षों से हवस का शिकार बना रहा था।
प्राप्त जानकारी जानकारी के अनुसार रेप के मामले में गिरफ्तार अभियुक्त और पीड़िता दोनों कांग्रेस पार्टी के नेता बताये जाते है। उधर गिरफ्तार अभियुक्त का प्रियंका गांधी के साथ एक खीची गई फोटो भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है, इस घटना और वायरल फोटो को जोड़ कर लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे है।
पुलिस ने जिस अभियुक्त को गिरफ्तार किया है वह स्थानीय कोतवाली थाना क्षेत्र के मुफ़्ती मेहंदी पुत्र अंजुम शायर निवासी अजमेरी ( अबीरगढ़ टोला) मोहल्ले का निवासी बताया जा रहा है। मुफ़्ती मेहंदी को आज नगर के बड़ी मस्जिद के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गौरतलब हो कि पीड़ित ने कुछ दिन पहले बलात्कार समेत अन्य आरोपी लगाते हुए संबंधित थाने पर तहरीर दिया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुफ़्ती मेहंदी पर धारा 356/2024, 64/115 (2) 351(3) bns/व 5/6 के तहत अभियुक्त को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
रेप के आरोपी मुफ़्ती मेहंदी की पत्नी ने भी लगाया था पीड़िता पर आरोप।
आरोपी की पत्नी ने पति पति की इज्जत और मानमर्यादा को लेकर बीते बुधवार को पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई थी जिसमे आरोपी की पत्नी कनीज़ फातिमा द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में अपनी व अपने पति मुफ़्ती मेहंदी की जान को खतरा बताया उसने बताया कि उक्त महिला उसी के घर पर नौकरी करती थी , उनके पति को ब्लैकमेल कर रही थी। पति के साथ अश्लील फोटो दिखाकर रुपयों की डिमांड करती रही ।बार बार फोन करके हमारे परिवार को नेस्तोनाबूत कर देने की धमकी देती है जो अपने आपको कांग्रेस पार्टी की नेत्री बताया करती है। आरोप लगाते हुए पत्नी कनीज़ फात्मा ने बताया था कि उक्त महिला चरित्र-हीन,कालगर्ल स्वाभाव की है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधीक्षक नगर ब्रजेश कुमार ने बयान एक जारी किया है। जिसमे उन्होंने कहा कि पीड़ित की तहरीर के आधार अभियुक्त मुफ़्ती मेहंदी उर्फ अंजुम शायर पर पॉक्सो एक्ट तथा दुष्कर्म मामले में पीड़िता के बयान और मेडिकल के आधार पर उपर्युक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को न्यायालय भेजमे के बाद जेल भेज दिया गया विवेचना जारी है।
Hemant Tiwari becomes president of Recognized Journalist Committee UP for the fifth time
जौनपुर: पांचवीं बार मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष बनकर हेमंत तिवारी, ने इतिहास रच दिया जिले के सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र के सुइथाकला गांव निवासी हेमंत तिवारी पांचवीं बार भी उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्हें कुल 395 वोट प्राप्त हुए। यह चुनाव लखनऊ स्थित तिलक हाल में संपन्न हुआ जिसमें उन्होंने अपने सबसे निकटतम प्रतिद्वंदी मनोज मिश्रा को शिकस्त देकर 116 मत हासिल करके जीत दर्ज कराई। श्री तिवारी ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के परिषदीय विद्यालय तथा हाई स्कूल व इंटरमीडिएट श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज समोधपुर व इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की।
वह साधारण परिवार से आते हैं उनके पिता पंडित रामसन्मुख तिवारी श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज समोधपुर में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। वह एक जमीन से जुड़े हुए असाधारण व बहुमुखी प्रतिभा के धनी, राजनीतिक विश्लेषक, एक कुशल पत्रकार हैं। क्राइम की रिपोर्टिंग में उन्होंने अपने समय में एक ऐतिहासिक महारत हासिल की है। उनकी गणना उच्च कोटि के दिग्गज पत्रकारों में होती है। एग्जिट पोल को लेकर उनके आकलन लगभग शत- प्रतिशत सच साबित होते हैं।
वह दिल्ली दूरदर्शन के अलावा आगरा, कानपुर, लखनऊ में भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में सेवाएं दे चुके हैं ।पत्रकारिता जगत में अपनी योग्यता, कर्मठता ,कुशलता और लकीर से हटकर अपनी एक अलग कार्यशैली से निरंतर प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित करते रहे हैं। इस बार भी प्रदेश कार्यकारिणी में शीर्ष पद पर निर्वाचित होकर जीत हासिल करके केवल सुइथाकला विकासखंड क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जनपद का गौरव प्रदेश में बढ़ाया है। आपने आज फिर साबित कर दिया कि यदि बुलंदियों को छूने का जज्बा हो तो कोई भी चीज हासिल करना असंभव नहीं है। फोन पर तथा घर पहुंच कर, उनके बटलर पैलेस स्थित आवास व विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
शिकारपुर पुलिस चौकी पर धूमधाम से मनाई गई भगवान श्री कृष्ण की छठी
शिकारपुर पुलिस चौकी पर अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कार्यक्रम का किया शुभारंभ
जौनपुर।सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के शिकारपुर पुलिस चौकी पर श्री कृष्ण छठी का आयोजन धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण छठी कार्यक्रम में रामचरितमानस अखण्ड पाठ के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेन्द्र कुमार सिंह ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया तथा इस दौरान भक्तो ने भगवान की लीला का आनंद भी उठाया l
इस दौरान श्री कृष्ण जन्माष्टमी की छठी में जगराते का भी आयोजन किया गया इसके साथ ही पधारी मंडली के द्वारा तरह तरह के रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए बताते चलें कि शिकारपुर चौकी के जनप्रिय एस आई गिरीश मिश्र द्वारा श्री कृष्ण भगवान की छठी धूमधाम से मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी की छठी महोत्सव पर चौकी परिसर को नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया इस दौरान जौनपुर से पधारी मंडली द्वारा रंगारंग कार्यक्रम व श्री कृष्ण की झलकियां दिखाकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा रामचरितमानस के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। । इस मौके पर क्षेत्राधिकारी परमानंद कुशवाहा, थानाध्यक्ष सरायख्वाजा राज नारायण चौरसिया,विस्मबर राय,सुधीर दुबे,मनिष सिंह, प्रवेश दुबे समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
जौनपुर :नेवढिया थाना क्षेत्र के लक्खापुर ग्राम निवासी हौसला प्रसाद प्रजापति उम्र 38 वर्ष पुत्र ब्रह्मदेव शनिवार की रात शराब के नशे में किसी बात से नाराज होकर अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया और गंभीर रूप से झुलस गया परीजन जिन्होंने देखा तो किसी तरह झूलश रहे व्यक्ति के ऊपर पानी डालकर आग बुझाया 108 द्वारा जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों की मानो तो 80 प्रतिशत झूलश गया है उसका उपचार जिला अस्पताल मे चल रहा है हालत गंभीर बनी हुई है l
शाहगंज खुटहन समेत तीन थाने की पुलिस के साथ मुठभेड़,3 बदमाश गिरफ्तार
जौनपुर:तीन थानों की पुलिस के साथ मुठभेड़ में तीन पशु तस्कर गिरफ्तार थाना सरपतहां खुटहन व शाहगंज की संयुक्त पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश पशु तस्कर गोली लगने से घायल पुलिस ने किया गिरफ्तार,अभियुक्तों के कब्जे से तीन देशी तमन्चा,एक मिस कारतूस व ,एक पिकअप नम्बर UP 62 AT 2667 सफेद रंग,चार राशि गोवंश व रूपया 1000 बरामद l
जौनपुर पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये गये अभियान के में आज रात्रि में थानाध्यक्ष सरपतहां मय हमराह सरपतहां मोड़ पर मौजूद थे कि मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक पिकअप गाड़ी पर गोवंश लाद कर कुछ गो तस्कर गोवध हेतु सूरापुर सुल्तानपुर की तरफ से आ रहे हैं और इसी रास्ते से शाहगंज की तरफ जाने वाले है, जिनके पास अवैध असलहा व कारतूस भी है। इस सूचना पर विश्ववास कर सड़के के दोनों किनारे गाड़ा बन्दी करके चेकिंग की जा रही थी कि थोड़ी देर बाद एक चार पहिया वाहन तेजी से सूरापुर की तरफ से आती हुई दिखाई दिया। जिसे टार्च की रोशनी से रोकने का इशारा किया गया तो पिकअप चालक पुलिस वालों के ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया तथा पुलिस वालों को जान से मारने की नीयत से पिकअप में सवार एक व्यक्ति द्वारा एक राउण्ड फायर किया गया।
जिसकी सूचना थानाध्यक्ष खुटहन व थानाध्यक्ष शाहगंज व जौनपुर कंट्रोल रुम जौनपुर को अवगत कराया गया। पिकअप चालक गाड़ी को बहुत तेजी से पट्टीनरेन्द्रपुर की तरफ लेकर भगा, जिसका पीछा थानाध्यक्ष सरपतहां द्वारा किया गया। पिकअप सवार पटैला की तरफ जा रही पक्की सड़क की तरफ घूमकर भागने लगे जहां पर थानाध्यक्ष शाहगंज मय हमराह व थानाध्यक्ष खुटहन मय हमराह संयुक्त टीम द्वारा आकर घेर लिया गया।
अपने आप को घिरता देख बदमाशों द्वारा पुलिस पार्टी को जान से मारने के नियत से लक्ष्य करके फायर कर दिये, आत्मरक्षार्थ पुलिस पार्टी द्वारा की गयी फायरिंग से पहला अभियुक्त सहाबुद्दीन पुत्र निजामुद्दीन निवासी लेदरही थाना खेतासराय जनपद जौनपुर के पैर में गोली लगने से चोटिल हो गया, दूसरा अभियुक्त अरशद पुत्र मो0 अहमद निवासी मजडीहा थाना शाहगंज जनपद जौनपुर के घुटने के नीचे व तीसरे अभियुक्त गोविन्द कुमार पुत्र स्व राजेन्द्र प्रसाद निवासी बड़ौना थाना शाहगंज जनपद जौनपुर के घुटने के नीचे गोली लगने से चोटिल हो गया। अभियुक्तगण को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया, जिसके जीवनरक्षार्थ तत्काल पुलिस अभिरक्षा में इलाज हेतु अस्पताल भेजा गया है। अभियुक्तगण के पास से 03 देशी तमन्चा .315 बोर, 02 खोखा कारतूस .315 बोर, एक मिस कारतूस .315 बोर व एक जिन्दा कारतूस .315 बोर, एक पिकअप नम्बर UP 62 AT 2667 सफेद रंग, चार राशि गोवंश व रूपया 1000 बरामद हुआ । नियमानुसार सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।