अपनी कार्यशैली से अमिट छाप छोड़ गए थानाध्यक्ष रामाश्रय राय, दी गई भावभीनी विदाई
खेतासराय (जौनपुर) सेवा ही परम धर्म है। इस भाव को अपने जीवनदायिनी कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहे थानाध्यक्ष रामाश्रय राय को 11 माह 14 दिन की अवधि में उत्कृष्ट एवं संवेदनशील कार्यशैली के कारण जन-सम्मानीय विदाई खेतासराय थाना परिसर में दी गई। इस दौरान उन्होंने न केवल अपराध नियंत्रण में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि स्थानीय जनता के सुख-दु:ख में सहयोगी बनने का दृढ़ संकल्प भी दिखाया।
थानाध्यक्ष राय के नेतृत्व में 4 नए पुलिस बूथ मानी, गुरैनी, जैगहाँ, कलापुर तथा एक पुलिस चौकी जन सहयोग एवं स्थानीय भागीदारी से स्थापित की गई। इन इकाइयों ने नागरिकों को नजदीकी पुलिस सहायता मुहैया कराई और अपराध की रोकथाम में सहायता की। उन्होंने थाना परिसर की बाउंड्री वॉल निर्माण का कार्य ब्लॉक प्रमुख के संवेदनशील सहयोग से कराया। इसके अतिरिक्त, परिसर को जल-जमाव की समस्या से मुक्त करने की पहल की गई और इंटरलॉकिंग पक्का निर्माण कर उसे मरम्मत एवं सौंदर्यात्मक रूप दिया गया।
थानाध्यक्ष राय ने यह सुनिश्चित किया कि हर दिन निश्चित समय पर फरियादियों से मिलें तथा उनकी समस्याओं को प्रत्यक्ष सुनें और शीघ्र समाधान की पहल करें। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज़ सुनना और न्याय दिलाना प्राथमिक दायित्व है। स्थानीय महिलाओं की सुरक्षा एवं उनका आत्मविश्वास बढ़ाने की दिशा में थानाध्यक्ष ने मिशन शक्ति को प्राथमिकता दी। महिलाओं को भयमुक्त वातावरण देने हेतु जागरूकता कार्यक्रम, सुरक्षा गश्त, शिकायत निस्तारण पर विशेष ज़ोर डाला गया।
वर्तमान समय की नकारात्मक प्रवृत्तियों को देखते हुए, थानाध्यक्ष राय ने साइबर अपराध रोकने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाई और साइबर सेल के निर्माण में स्थानीय संसाधन एवं अधिकारियों के साथ मिलकर सहयोग किया। उनके कार्यकाल के दौरान जिले थाने क्षेत्र में त्योहारों को सुरक्षित एवं शुभ वातावरण में मनाया गया। पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल, समय पूर्व गश्त एवं सतर्कता के कारण कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
विदाई समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिसकर्मी और आम नागरिक उपस्थित थे। समारोह के दौरान अनेक लोगों ने अपने अनुभव और संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि थाना प्रभारी जी ने सिर्फ कानून नहीं, भरोसा भी दिया। उनका व्यवहार इतना स्नेहिल था कि फरियाद लेकर आने वाले लोग आत्मविश्वास के साथ लौटते थे। समारोह के अंत में लोगों ने थानाध्यक्ष को शॉल, फूलमाला तथा सम्मान पत्र देकर भावुक विदाई दी गई तो थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने भावुक होकर सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मेरे का अविस्मरणीय पल है। आप सभी का प्यार, दुलार और स्नेह के लिए सदा आभारी रहूंगा। इस अवसर पर प्रमुख प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह, चेयरमैन वसीम अहमद, मन्नान अहमद, कुसुम सिंह एडवोकेट, मोहम्मद अजमद, सभासद मोनू, अमान महताब, पीके सिंह, कृपाशंकर राजभर समेत आदि लोग उपस्थित रहे।
जौनपुर । राजा श्री कृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर की आई. क्यू.ए .सी . के तत्वाधान में व Next IAS संस्थान प्रयागराज के के द्वारा यू पी एस सी एक्जाम कैसे क्रैक करे विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया ।
जिसमें प्रखर श्रीवास्तव सर और आयुष सर ने छात्र छात्राओं के बीच यूपीएससी की चुनौतियों और रणनीतियों के बारे में अपने विचार साझा किए ।
वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए बताया कि यूपीएससी न सिर्फ एक प्रतिष्ठित सेवा का अवसर उपलब्ध कराता है, बल्कि इसके द्वारा संपूर्ण भारत को जानने व समझने तथा सरकार की नीतियों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करती है वक्ताओं ने छात्र छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित सेवा में आकर 2047 में विकसित भारत बनाने के महान लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग कर सकते है । यूपीएससी के सिलेबस ,परीक्षा प्रणाली ,व पर्सनालिटी टेस्ट जैसे विषयों पर वक्ताओं ने छात्र छात्राओं का मार्ग दर्शन भी किया ।
कार्यक्रम का संचालन व संयोजन आई. क्यू .ए .सी .के सहसंयोजक व विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र डॉ लालसाहब यादव ने किया । इस अवसर पर डॉ अखिलेश गौतम डा विष्णु कुमार मौर्य सुधाकर शुक्ला सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
जौनपुर । जीवन ज्योति सेवा फाउंडेशन के तत्त्वावधान में आज प्रातःकाल गंगा दास बाबा कुटी, गैरवाह जौनपुर में एक साथ 1106 सुहागिन महिलाओं ने अवसान मैया की दुरदुरिया पूजा कर अखण्ड सौभाग्य मांगा।
कार्यक्रम में जीवन ज्योति सेवा फाउंडेशन की अध्यक्ष ज्योति सिंह की अगुवाई में एक साथ 1106 सुहागिन महिलाओं ने गंगा दास बाबा कुटी, गैरवाह जौनपुर के प्रांगण में अवसान मैया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि और लइया, चना और गुड़ का प्रसाद चढ़ा दुरदुरिया पूजा कर अखण्ड सौभाग्य और सुहाग का वर मांगा।
दुरदुरिया पूजा में ज्योति सिंह ने अवसान माता की कथा वाचन की तो वहीं दूसरी ओर 1106 महिलाओं ने सम्वेत स्वरों में मैया हम जानी बड़ी दानी अवसान मैया सबका दे हो मैया भर मांग सेंदुरा, सुन ला अरजिया हमार अवसानी मैया हाथ जोड़ पैया पडू बिनती बहुत करूं सुन ला अरजिया हमार अवसानी मैया, अवसान मैया तोहे रोजे बोलइबै, रोजे बोलइबै हो रोजे बोलइबै जैसे अन्य भजन सुनाकर लोगों में भक्ति भावना का संचार किया।
इस दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक कलाकारों ने अवधी और भोजपुरी भक्ति रस से सराबोर लोकगीत सुनाकर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर जितेन्द्र कुमार सिंह के संयोजन में हुए भंडारे में पूड़ी सब्जी और बूंदी का प्रसाद वितरित हुआ। जिसमें क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें जिनमें भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, अरसिया मण्डल अध्यक्ष अवधेश दुबे, पवन पाल क्षेत्रीय मंत्री युवा मोर्चा काशी क्षेत्र, अनिल सिंह मंडल अध्यक्ष, अंगद वर्मा मंडल उपाध्यक्ष कई ग्राम सभा के ग्राम प्रधान, बी०डी०सी० एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति सम्मिलित रहे।
Jaunpur News : 50 कृषकों का दल शैक्षणिक भ्रमण के लिए अयोध्या रवाना
जौनपुर । आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या में आठ व नौ अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशाल किसान मेला में भाग लेने के लिए जनपद से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजना अंतर्गत चयनित 50 किसानों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए रवाना किया गया। कृषकों को उप कृषि निदेशक हिमांशु पांडेय ने सुबह कृषि भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। किसान मेले में रबी फसलों की उन्नत शील बीजों की खरीद, उन्नत खेती की तकनीकी, फसल प्रदर्शनी और विश्वविद्यालय द्वारा किए गए अनुसंधान को देखकर किसान जानकारी प्राप्त करेंगे, जिससे उनकी आय में बृद्धि हो सके।
मुम्बई से आये पर्सी गोदरेज डालीकुका ने फीता काटकर किया शुभारंभ
खेतासराय(जौनपुर): परंपरा, संस्कृति और श्रद्धा के रंगों से सराबोर गोरारी की ऐतिहासिक श्री रामलीला का भव्य शुभारंभ सोमवार की शाम मुकुट पूजन के साथ हुआ। वर्षो पुरानी इस परंपरा की शुरुआत हर बार की तरह पूरे धार्मिक उत्साह और विधि-विधान से की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुम्बई से आये 80 वर्षीय पर्सी बुजुर्ग गोदरेज डालीकुका ने फीता काटकर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया।
मंच पर पूजा-अर्चना के उपरांत राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान एवं अन्य पात्रों के मुकुटों का पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया। इसके बाद कलाकारों ने श्रीगणेश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूरा मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
रामलीला समिति गोरारी के अध्यक्ष नितेश मोदनवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि लोक संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गोरारी का ऐतिहासिक रामलीला बहुत पुराना है और यह मंचन क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी है।
मुख्य अतिथि पर्सी गोदरेज डालीकुका ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी परंपराओं में बसती है। उन्होंने कहा, रामलीला केवल एक नाटक नहीं, बल्कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कलाकारों को शुभकामनाएँ दीं और आयोजन समिति को इस सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने के लिए सराहा। इस अवसर पर संरक्षक पूर्व प्रधान आनंद बरनवाल, उपाध्यक्ष लल्लन गुप्ता, निर्देशक प्रधान सन्दीप मौर्या, हरी मौर्या, अजय साहू (बब्लू), परमानंद, घनश्याम साहू, शिव कुमार, राहुल गुप्ता समेत आदि लोग मौजूद रहे।
खेतासराय(जौनपुर): जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत मंगलवार को खेतासराय की एंटी रोमियो पुलिस टीम ने एक शोहदे को गिरफ्तार कर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया।
पुलिस के अनुसार, बादशाही तालाब के पास संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त एक युवक को टीम ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान मोहम्मद नौशाद (20 वर्ष) पुत्र अब्दुल मन्नान निवासी यूनुसपुर थाना खेतासराय बताया। थाने लाकर विधिक कार्यवाई करते हुए शांति भंग की धारा में चालान भेज दिया गया।
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अनिल यादव व मधुबाला सिंह को पीएचडी (डॉक्टर आफ फिलासफी ) डाक्टरेट” की उपाधि प्रदान की गई। बता दें कि अनिल यादव ने वर्ष 2019 में डा. अभय कुमार मालवीय वाणिज्य विभाग स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर से किया। वह उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास में ग्रामीण पंचवर्षीय योजना का योगदान गाजीपुर जनपद के विशेष संदर्भ में शोधकार्य पूरा किया । उन्होंने शोधकार्य में ग्रामीण विकास में कई तर्क वितर्क को भी दिया।
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। बता दे अनिल यादव कोपा पतरही के निवासी हैं, शिक्षा क्षेत्र में मैनेजमेंट गुरु के रूप में जाने जाते हैं यह एमबीए विषय से लखनऊ विश्वविद्यालय से पीजी किये थे, यह आचार्य बलदेव ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन ग्रुप के चेयरमैन हैं ,शिक्षा क्षेत्र में कई शिक्षण संस्थान की स्थापना कर चुके है, और जरूरत पर असहाय गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा सेवा प्रदान करते हैं । इसके अलावा मधुबाला सिंह शिक्षाशास्त्र पीएचडी का शोधकार्य पूरा किया । इन्हें दीक्षांत समारोह में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ नीलेश सिंह, प्रो राकेश कुमार यादव, कर्मचारी संघ के महामंत्री रमेश यादव और डॉ राजबहादुर यादव समेत तमाम शिक्षकों ने बधाई दी है,
श्रद्धालुओं ने जमकर चखा प्रसाद, देर रात तक चलता रहा भण्डार
खेतासराय(जौनपुर): शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर क्षेत्र के पाराकमाल गाँव में स्थित मन्दिर पर सोमवार को भव्य भण्डारे का आयोजन किया गया। जिसमें माँ दुर्गा के जयकारों और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सूरज ढलते ही भण्डार का शुरू हो और देर रात तक प्रसाद वितरण करने का सिलसिला चलता रहा।
भण्डारे में पूड़ी-सब्ज़ी, हलवा और अन्य व्यंजन परोसे गए, जिनका श्रद्धालुओं ने आनंदपूर्वक स्वाद लिया। युवाओं और मन्दिर समिति के सदस्यों ने मिलकर पूरे आयोजन को सफल बनाया। समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व बीडीसी नन्दलाल राजभर ने बताया कि यह वार्षिक आयोजन पाराकमाल की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
देर रात तक माँ दुर्गा के भजनों के साथ भक्तों की भीड़ लगी रही। वातावरण भक्तिमय बना रहा और सभी ने माँ दुर्गा से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान भण्डारे में लगभग पंद्रह सौ भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सहयोग में कमलेश राजभर, सुरेंद्र कुमार, मीना देवी, राजीव कुमार, डा. सुनील कुमार, कपिल राज, आयुष राज, चंदन, धर्मेंद्र कुमार, गुलशन कुमार, विनोद, उमेश, सन्तोष कुमार, बब्लू, नीतीश सहित आदि युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
29 वॉ दीक्षांत समारोह में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 79 मेधावियों को मिले 80 स्वर्ण पदक जिलाधिकारी जौनपुर डॉ0 दिनेश चन्द्र की पुस्तक कर्म कुम्भ का राज्यपाल ने किया विमोचनआंगनबाड़ी केंद्रों को प्रदान किया गया किट
JAUNPUR NEWS जौनपुर :वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 29 वॉ दीक्षांत समारोह सोमवार को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति एवं श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर के 79 मेधावियों को 80 स्वर्ण पदक प्रदान किया। साथ ही 445 शोधार्थियों को पी.एचडी. और दो को डीलिट की उपाधि दी गई। इस वर्ष विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्नातक और परास्नातक के 80141 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। मा0 कुलाधिपति जी ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के डिवाइसेज एंड सेल्स प्रेसीडेंट सुनील दत्त को डी.एससी. की मानद उपाधि दी।
कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब विद्यार्थी गुरु के पास बैठकर कक्षा में संवाद करें। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य की गई है और इसका कड़ाई से पालन विश्वविद्यालयों को करना होगा। राज्यपाल ने शिक्षकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण भी करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शोध गंभीरता के साथ होना चाहिए क्योंकि शोध ही देश और समाज के लिए उपयोगी होता है। इसके लिए शिक्षक और विद्यार्थी दोनों में जज्बा होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि पुरातन ज्ञान, असंख्य पांडुलिपियों और आयुर्वेद में जिन औषधियों का जिक्र हैं, इस पर काम करने की जरुरत है। मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी पर शोध करने की पहल की है जिससे समाज तक इसका लाभ पहुंच सके। मा0 राज्यपाल जी ने कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू करने का उदद्ेश्य आपसी ज्ञान का आदान-प्रदान कर शोध और नवाचार को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का विद्यार्थी जब कहीं प्रवेश लेता है तो वह संस्थान की नैक ग्रेडिंग, एनआईआरएफ रैंकिंग और प्लेसमेंट को ध्यान में रखकर प्रवेश लेता है, इसलिए हर विश्वविद्यालय को अपनी गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है, तभी विद्यार्थी उनके संस्थान में आएंगे।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के डिवाइसेज एंड सेल्स प्रेसीडेंट श्री सुनील दत्त ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह स्वयं को इस गौरवपूर्ण अवसर पर उपस्थित पाकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति एवं कुलाधिपति को मंच पर आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दीक्षांत केवल अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
उन्होंने ‘जियो की डिजिटल यात्रा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि कैसे विश्वास, तकनीक और समावेशिता ने भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर किया। उन्होंने कहा कि “जब तकनीक सबके लिए होती है, तो समाज बदलता है।” जियो की कहानी इस बात का प्रमाण है कि मेड इन भारत डिजिटल क्रांति मा0 प्रधानमंत्री जी के डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के सपनों का साकार रूप है।
दत्त ने भविष्य के लिए सात सिद्धांत साझा किये कि बड़ा सोचो, छोटा शुरू करो, तेजी से बढ़ो, निरंतर सीखो, असफलता से डरना छोड़ो, उपयोगकर्ता मत बनो, निर्माता बनों और तकनीक के साथ मानवीय बने रहो। असफलता से मत डरो, हर असफलता ने हमें सफलता के करीब पहुंचाया है। उनका मानना है कि पद से अधिक उद्देश्य महत्वपूर्ण है क्योंकि आपकी भूमिका नहीं आपका प्रभाव मायने रखता है। उन्होंने कहा कि अब भारत अनुसरण नहीं करता, बल्कि नेतृत्व करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे साहस, रचनात्मकता और उद्देश्यपूर्ण जीवन से समाज और देश का गौरव बढ़ाएँ।
उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेंद्र उपाध्याय जी ने कहा कि जौनपुर की धरती ने सदैव प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को जन्म दिया है। उन्होंने रोबोट के निर्माता दिनेश पटेल, डीएनए वैज्ञानिक डॉ. लालजी सिंह तथा पंडित रामभद्राचार्य जैसी महान विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में जौनपुर का अपना विशिष्ट स्थान है।
उपाध्याय डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “आज आपके चेहरे पर जो मुस्कान है, वह आपके माता-पिता के बलिदान और गुरुओं के संघर्ष के बिना संभव नहीं थी। ’माता-पिता, गुरु देव’भवः हमारी संस्कृति का मूल मंत्र है और विद्यार्थियों को इसे सदैव याद रखना चाहिए।“उपाध्याय ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी डिग्री का उपयोग समाज की सेवा के लिए करें। उन्होंने कहा, “आप जीवन के एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहे हैं। यह आपका टर्निंग पॉइंट है। देश और प्रदेश तेजी से बदल रहे हैं और विकसित भारत की कल्पना को साकार करना छात्रों और युवाओं के बिना संभव नहीं है।“ मंत्री जी ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान राम, कृष्ण, स्वामी विवेकानंद, चाणक्य, चंद्रगुप्त, स्वामी दयानंद, शिवाजी और राणा प्रताप जैसे महापुरुषों ने अपना शौर्य युवावस्था में ही विश्व को दिखाया था। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि पिछली शिक्षा नीतियों में इन महापुरुषों को उचित रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया। श्री उपाध्याय ने कहा, “विकसित भारत बनाने के लिए हमें आत्मनिर्भर बनना होगा। स्वदेशी को अपनाते हुए हमें सामाजिक सरोकारों से जुड़ना होगा।“
प्रदेश की मा0 उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि शैक्षणिक उपाधियां उनकी मेहनत और लगन का प्रतिफल हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन उपाधियों का उपयोग सही दिशा में राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाना चाहिए। श्रीमती तिवारी ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आगे के जीवन में आपको सफलता और असफलता दोनों का सामना करना पड़ेगा। इन्हीं चुनौतियों के बीच से आपको सफलता का रास्ता खोजना और बनाना होगा।“ मा0 मंत्री जी ने बेटियों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि वे देश की दशा और दिशा बदलने का सामर्थ्य रखती हैं। उन्होंने बेटियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और योग्यता का उपयोग समाज और राष्ट्र के उत्थान में करें। श्रीमती तिवारी ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश शिक्षा का केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने कई नए विश्वविद्यालय और कॉलेज स्थापित किए हैं। उन्होंने गर्व से कहा, “आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक की व्यापक शिक्षा व्यवस्था की सोच केवल हमारी सरकार के पास है।
समारोह में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक, शोध और नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इस वर्ष समयबद्ध परीक्षा परिणाम घोषित किए गए, 303 शोधपत्र और 15 पेटेंट प्रकाशित हुए तथा स्कोपस पर 15695 साइटेशन और एच- इनडेक्स 56 प्राप्त हुआ। एनआईआरएफ रैंकिंग 2024 में उत्तर प्रदेश में दूसरा और भारत में 125वां स्थान मिला। डीएसटी-पर्स और समावेशी उच्च शिक्षा कार्यक्रम के तहत बड़े अनुदान प्राप्त हुए हैं, 22 शोध परियोजनाएं संचालित हैं और 9500 शोधग्रंथों के साथ प्रदेश में चौथा स्थान मिला। खेल व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार हासिल हुए। नई तकनीकी पहल अंतर्गत ईआरपी पोर्टल लागू किया गया, विभिन्न विषयों में नई सीटें जोड़ी गईं और प्रवेश में 23 फीसदी वृद्धि हुई। हर विभाग में मेंटर शिक्षक नियुक्त किए गए तथा परिसर में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक कदम उठाए गए। कुलपति ने कहा कि इन प्रयासों से विश्वविद्यालय अपने निर्धारित लक्ष्यों को निरंतर प्राप्त करेगा।
बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 29 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव में आयोजित खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले अर्जुन, दिव्या यादव और राज चौहान को पुरस्कार दिया ।उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जफरपुर के कक्षा 08 के छात्र अर्जुन ने दहेज कुप्रथा पर दीक्षांत समारोह में भाषण दिया। इसके साथ ही जासोपुर, देवकली और जफरपुर के प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय की छात्राओं द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण गीत प्रस्तुत किया गया। कुलाधिपति जी ने राजभवन की तरफ से प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका एकता गुप्ता को पुस्तकें प्रदान किया। दीक्षांत समारोह के पूर्व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जी ने 9 से 14 वर्ष की उम्र की बालिकाओं को जिन्हें पूर्व में निःशुल्क एचपीवी वैक्सीनेशन कराया गया था प्रमाण पत्र वितरित किया।
रक्षित प्रताप सिंह को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक : विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाता है। वर्ष 2025 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर रक्षित प्रताप सिंह को यह पदक मिला।
500 आंगनबाड़ी को मिला किट : दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जौनपुर और गाजीपुर जनपद के 10 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट प्रदान किया. दोनों जनपदों के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को यह किट दिया जायेगा, इसमें 100 किट पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा एवं 200-200 किट जौनपुर और गाजीपुर जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया।
बटन दबाते ही डीजी लॉकर में अपलोड हुईं डिग्रियां : दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आईपैड का बटन दबाकर 2024-25 की स्नातक और स्नातकोत्तर की 80,141 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड किया गया। विद्यार्थियों को इससे डिजीटल डिग्री आसानी से मिल जाएगी। डिजीलॉकर में उपकुलसचिव अजीत सिंह ने माननीय राज्यपाल के हाथों अपलोड कराया।
हेलीपैड पर कुलपति समेत अधिकारियों ने किया स्वागत : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हेलीपैड कुलाधिपति जी का स्वागत कुलपति प्रो. वंदना सिंह, मा0 विधायक बदलापुर श्री रमेश मिश्र एवं मा0 विधायक शाहगंज श्री रमेश सिंह, जिलाध्यक्ष श्री पुष्पराज सिंह, जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने पुष्प भेंट कर किया।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों की 6 पुस्तकों एवं गतिमान पत्रिका का हुआ विमोचन : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक योग माहात्म्य तथा विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका गतिमान सहित शिक्षकों और शोध छात्रों की कुल छह पुस्तकों का विमोचन दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं श्री राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने किया। योग माहात्म्य पुस्तक का संपादन प्रो. मनोज मिश्र और डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने किया है। सम्पादन मण्डल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. शशिकांत यादव रहे।
इसी क्रम में डॉ. आलोक गुप्ता की पुस्तक एसेंशियल ऑफ़ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राईट इन इंडिया, डॉ. सोनम झा, डॉ. नूपुर गोयल और डॉ. विकास चौरसिया की पुस्तक न्यू एरा ऑफ़ कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एंड बेसिक्स, डॉ. आलोक कुमार दास की पुस्तक टेक्स्ट बुक ऑफ़ मेडिकल केमिस्ट्री एंड मेडिसिनल प्रॉपर्टी तथा शोध छात्र रहे डॉ. शिवशंकर की पुस्तक तुलसी काव्य में लोकमंगल एवं समन्वय भावना का भी विमोचन किया गया।
राज्यपाल जी द्वारा इस दौरान जौनपुर जनपद के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की पुस्तक कर्म कुम्भ का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में विश्व प्रसिद्ध दिव्य एवं भव्य महाकुंभ 2025 की प्रशासनिक दूरदर्शिता और अहर्निश जनसेवा भाव को विभिन्न दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
445 विद्यार्थियों को पीएच.डी. और दो को मिली डी. लिट. की उपाधि : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 29वें दीक्षांत समारोह में इस बार कुल 445 शोधार्थियों को पीएच.डी. एवं डी.लिट. की उपाधि प्रदान की जाएगी। इनमें 292 पुरुष और 155 महिलाएं शामिल हैं। शोध उपाधियों के संकायवार वितरण पर नजर डालें तो कला संकाय सबसे आगे है, जहाँ 328 शोधार्थियों को उपाधि दी गई । इसके बाद शिक्षा संकाय के 46, विज्ञान संकाय के 28 और कृषि संकाय के 11 शोधार्थियों को यह सम्मान मिला । इसी तरह वाणिज्य संकाय से 8, प्रबंध अध्ययन संकाय (पीएच.डी. एवं डी.लिट.) से 10, औषध संकाय से 4, विधि से पांच और इंजीनियरिंग संकाय से 6 तथा अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय से 1 शोधार्थी उपाधि मिलेगी। डी.लिट. (व्यावसायिक अर्थशास्त्र) की उपाधि एक पुरुष और एक महिला शोधार्थी को मिली।
दीक्षांत समारोह में 79 मेधावियों को 80 स्वर्ण पदक : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के आगामी दीक्षांत समारोह में इस बार कुल 79 मेधावियों को 80 स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इनमें स्नातक और परास्नातक दोनों स्तरों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी शामिल हैं। इसमें स्नातक स्तर पर 24 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिला। इसमें 15 छात्राएं और 9 छात्र शामिल हैं। वहीं परास्नातक स्तर पर 55 विद्यार्थियों को 56 स्वर्ण पदक से नवाजा गया, जिसमें 32 छात्राएं और 23 छात्र हैं। दीक्षांत समारोह में एमए जनसंचार में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर रक्षित प्रताप सिंह को दो मेडल मिला। विश्वविद्यालय की तरफ से एक स्वर्ण पदक एवं अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक कुलाधिपति के हाथों मिला । कुल मिलाकर इस बार के दीक्षांत समारोह में 47 छात्राएं और 32 छात्र स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
दीक्षांत समारोह में 5 शिक्षकों को मिला प्रशस्ति पत्र : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पाँच शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संकाय से डॉ. विक्रांत भटेजा, प्रबंध अध्ययन संकाय से प्रो. मानस पांडेय, विज्ञान संकाय से डॉ. सुजीत कुमार, सामाजिक विज्ञान संकाय से डॉ. जानवी श्रीवास्तव तथा विधि संकाय से डॉ. वनिता सिंह शामिल हैं। इन सभी को कुलाधिपति जी ने प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर मा0 राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद जौनपुर श्रीमती मनोरमा मौर्या, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य विकास अधिकारी गाजीपुर संतोष कुमार वैश्य, उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 लक्ष्मी सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा0 गोरखनाथ पटेल, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
Jaunpur Jagdishpur railway crossing, flyover construction work started
Jaunpur News जौनपुर जनपद में नगरवासियों की लंबे समय से बहुप्रतीक्षित जगदीशपुर में ऊपरी रेल सेतु फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की शुरुआत आखिरकार रविवार को हो गई। इसका शुभारंभ राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण विभाग उ0 प्र0 श्री गिरीश चंद्र यादव जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन के साथ किया गया।
राज्यमंत्री ने कहा कि यह फ्लाईओवर जनपद की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उन्होंने कहा कि कार्यदाई संस्था से बात कर ली गई है, प्रयास रहेगा कि यह पुल समय से पहले बनकर तैयार हो जाए।
यह फ्लाईओवर जगदीशपुर रेलवे क्रॉसिंग (किमी 826/3-4) पर प्रस्तावित है, जो सीआरआईएफ ( सेंट्रल रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) योजना के तहत निर्मित होगा। सेतु की कुल लंबाई 765.05 मीटर होगी, जिसमें रेल पोर्शन 76.10 मीटर का निर्माण किया जाएगा। परियोजना की स्वीकृत लागत ₹10889.13 लाख तथा प्राप्त आवंटन ₹7895.20 लाख है। निर्माण कार्य जनवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सेतु का ढलान वाराणसी मार्ग पर जगदीशपुर प्राइमरी स्कूल और जौनपुर की ओर उद्योग कार्यालय मतापुर लाइन बाजार तक होगा
इस ओवरब्रिज के निर्माण से नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जाम की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। वर्तमान में जगदीशपुर रेलवे क्रॉसिंग पर प्रतिदिन भारी वाहन आवागमन के कारण अकसर लंबा जाम लगता है, जिससे लोगों को असुविधा और समय की हानि होती है। फ्लाईओवर ब्रिज का कार्य पूरा होने पर जनपद में सड़क परिवहन बहुत सुगम हो जाएगा और लोगों का समय बचेगा ।
ओवरब्रिज के बन जाने से वाराणसी–लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों को सुगम यातायात मिलेगा। इससे न केवल जौनपुर नगर, बल्कि आजमगढ़, शाहगंज, बदलापुर सहित आसपास के जिलों के लोगों को भी लाभ होगा। फ्लाईओवर निर्माण से नगर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी, प्रदूषण में कमी आएगी और क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को नया आयाम मिलेगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व विधान परिषद सदस्य केदारनाथ सिंह, मिडिया प्रभारी मनीष श्रीवास्तव,पूर्व नगर अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, पीयूष गुप्ता, आशीष गुप्ता , मंत्री जनसंपर्क अधिकारी कृष्ण कुमार जायसवाल , प्रतिनिधि अजय सिंह,स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण एवं नगरवासी उपस्थित रहे।