9 वर्षों बाद पुनः शुरू हुई बस सेवा, ग्रामवासियों में खुशी की लहर
खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के ग्राम कलापुर से लेकर लखनऊ तक जाने वाली बस सेवा, जो लगभग 9 वर्षों से बंद पड़ी थी, जिसको मंगलवार से पुनः शुरू कर दी गई। यह उपलब्धि पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी के अथक प्रयासों का परिणाम है। नई शुरू की गई बस कलापुर से नौली, खुटहन, सुल्तानपुर होते हुए सीधे राजधानी लखनऊ तक जाएगी। इस बस सेवा के शुरू होने से न केवल कलापुर बल्कि आस-पास के गांवों के लोगों में भी हर्षोल्लास का माहौल देखा गया। जिसको शिया डिग्री कॉलेज जौनपुर के प्राचार्य डॉ. सादिक रिजवी ने हरी झण्डी दिखाकर किया गया। ग्रामवासियों का कहना है कि बस सेवा शुरू होने से अब लोगों को लखनऊ तक आने-जाने में सहूलियत होगी।
खासतौर पर विद्यार्थियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सेवा अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। ग्रामीणों ने आशा जताई कि भविष्य में अन्य मार्गों पर भी इसी प्रकार की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। इस अवसर पर पूरे ग्राम में खुशी का माहौल छाया रहा। लोगों ने इसे ग्राम के विकास की दिशा में बड़ा कदम करार दिया और इस पहल को लंबे समय तक यादगार बताया। अंत में सभी ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए पूर्व एमएलसी सिराज मेहंदी के प्रयासों की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए नई सौगात बताया। इस मौके पर मुख्य रूप से जौहर अब्बास, जावेद, बृजेश राजभर, प्रधान अशोक गौतम, पूर्व प्रधान कोमल व रूपेश गुप्ता समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
जौनपुर में गूँजा माँ विंध्यवासिनी पंडाल खेतासराय का जयकारा, समिति हुई सम्मानित
खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय में धार्मिक व सामाजिक आयोजनों में अपनी अनुकरणीय परंपरा को जीवित रखते हुए जय माँ विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति को इस वर्ष भी जनपद स्तरीय सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान समिति को श्री दुर्गा पूजा महासमिति, जौनपुर द्वारा अपने 46वां भव्य पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के बीच प्रदान किया गया।
जय माँ विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति द्वारा विगत कई वर्षों से भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का आयोजन किया जा रहा है, जो न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनता है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक समन्वय का भी प्रतीक है। समिति के सजे-धजे पंडाल और उत्कृष्ट व्यवस्था को देखते हुए यह सम्मान उन्हें लगातार प्राप्त हो रहा है।
सम्मान समारोह के अवसर पर महासमिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जय माँ विंध्यवासिनी दुर्गा पूजा समिति ने अपने समर्पण, अनुशासन और भव्य आयोजन से जनपद का नाम रोशन किया है। समिति की इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय लोगों और भक्तों में हर्ष का वातावरण देखने को मिला। समिति के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने बताया कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का कार्य करेगा और आने वाले समय में और भी बेहतर आयोजन कर वे माँ दुर्गा की सेवा व जनमानस की आस्था को मजबूती प्रदान करेंगे।
सम्मान प्राप्त होने की खबर खेतासराय क्षेत्र में फैलते ही समिति के सदस्यों, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंडाल के संरक्षक मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि लगातार पंडाल को जो जिले स्तर पर पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो रहा है। यह सब कार्यकर्ताओं की देन है। उनके मेहनत और समाज के सहयोग से यह हासिल होता है। हम पूरा प्रयास कर रहे है कि जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त हो ताकि हमारे क्षेत्र का नाम रोशन हो सके। अंत में पंडाल के अध्यक्ष शांतिभूषण मिश्रा ने जौनपुर महासमिति का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
अबूझ हालात में रिहायशी छप्पर लगी आग गृहस्थी का सामान जलकर खाक
खेतासराय(जौनपुर): रविवार की रात खेतासराय क्षेत्र के लतीफपुर गांव में आगजनी की एक भीषण घटना सामने आई, जिसमें एक गरीब परिवार का पूरा घर-गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अजय बिन्द पुत्र झूरेलाल अपने परिवार से अलग गांव से कुछ दूरी पर छप्पर डालकर रहते थे। रोज़ी-रोटी की तलाश में अजय मुंबई में रहते हैं, जबकि घर पर उनकी पत्नी सविता अपने चार बच्चों के साथ निवास करती हैं।
रविवार को जीवित्पुत्रिका व्रत का पूजन सम्पन्न करने के बाद पूरा परिवार भोजन कर रात को सो गया। लगभग रात्रि 12 बजे अजय का 12 वर्षीय पुत्र आलोक अचानक नींद से जागा तो उसने देखा कि छप्पर में आग लगी हुई है। उसने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया।
बच्चे की आवाज सुनते ही परिवार और आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक छप्पर में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, भूसा सहित अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि इस अग्निकांड में किसी की जनहानि नहीं हुई।
Four killed, nine injured in horrific road accident; 50 people were travelling jaunpur bus accident
JAUNPUR BUS ACCIDENT यूपी के जौनपुर में बीती रात्रि दो बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया अयोध्या से वाराणसी जा रही टूरिस्ट बस ओवरटेक करने के चक्कर ट्रेलर से टकरा गई बस हादसे में सवार 4 श्रद्धालुओ की मौत हो गई जबकि 9 लोग घायल है। शेष अन्य घायलों का इलाज शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में चल रहा है
गौर तलब हो कि छत्तीसगढ़ की ओम श्री साईं राम टूर्स एंड ट्रेवल्स की बस नंबर CG 07 CT 4681 छत्तीसगढ़ से लगभग 50 यात्रियों को लेकर एक हप्ते पहले अयोध्या दर्शन के लिए निकली थी । आज वाराणसी जा रही थी कि रास्ते में NH 31 हाइवे पर लाइन बाजार थाना के सिंहीपुर रेलवे क्रासिंग के पास बस चालक आगे चल रही ट्रेलर को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था तभी ट्रेलर के नियंत्रण खोने से बस साइड से ट्रेलर से टकरा गई ।
बताया जा रहा है कि जिस समय दुर्घटना हुई हादसे की चीख पुकार की आवाज को सुनकर आस आपस ग्रामीण मौके पर पहुचे पुलिस को सूचना देने के साथ बस में फंसे लोगों को निकाला बेहतर इलाज के लिए उनको शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय ले गए जहाँ चार यात्रियों को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया आधा दर्जन लोग घायल है। बस यात्रियों की माने तो बस में लगभग 50 लोग सवार थे सभी छत्तीस गढ़ के रहने वाले है।सूचना मिलते ही मौके पर एसपी जौनपुर डॉ कौस्तुभ पुलिस टीम के साथ पहुंचे और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचवाया जहां उनका इलाज चल रहा है।
देर शाम थाना सीहीपुर क्रासिंग के पास हुई सड़क दुर्घटना के उपरांत बस में सवार श्रद्धालुओं की सुविधा और उनके लिए भोजन का उचित प्रबन्ध किया गया एवं उनकी सेवा और सहायता की गई, जिससे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली। श्रद्धालुओं द्वारा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया ।
भारत विकास परिषद शौर्य अपने कार्यों से कर रही राष्ट्र सेवा का कार्य : एसपी सिटी।भारत विकास परिषद शौर्य ने राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता का किया आयोजन
जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय के नेतृत्व में नगर के प्रतिष्ठित सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके प्रथम चरण में गुरु-शिष्य परम्परा को बढ़ाने के उद्देश्य से संस्था द्वारा विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, अध्यापक और विद्यालय के विशिष्ट छात्र को सम्मानित करने का कार्य किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पार्पण तथा दीप प्रज्जवलन से किया गया। इसके पश्चात वंदे मातरम गीत गाया गया। अमूल मौर्या ने शिव ताण्डव नृत्य करके उपस्थित लोगों का मनमोह लिया। संस्था के सचिव अवधेश गिरी के संचालन में क्रमश: विद्यालय के प्रधानाचार्य और छात्रों का नाम बुलाकर उन्हें सम्मानित करने का कार्यक्रम किया गया जिसमें छात्र ने अपने गुरु को तिलक लगाकर उनका माल्यार्पण किया और गुरुजन और छात्र दोनों को मुख्य अतिथि के हाथों सम्मानित किया गया।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पाण्डेय ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि संस्था आज विगत तीन वर्षों से निरंतर राष्ट्रीय और सांस्कृतिक चेतना जगाने के उद्देश्य से कार्य कर रही है, जिसमें छात्रों का व्यक्तित्व परिवर्तन एक प्रमुख उद्देश्य है। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सदस्य उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग डॉ. आरएन त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में सबसे पहले संस्थापक डॉ. संदीप पाण्डेय को ऐसे संगठन का निर्माण करने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि सबसे पहला धर्म चरित्र निर्माण होना चाहिए और ज्ञान के समान इस धरती पर न कुछ पवित्र है और न ही ज्ञान के समान कुछ कीमती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. पूनम सिंह ने गुरु और छात्र के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में बच्चों के रचनात्मक विकास हेतु एक भव्य राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम शाखा प्रबंधक जयशंकर सिंह द्वारा प्रतियोगिता के नियम बताए गए। इस प्रतियोगिता में मां दुर्गा सीनियर सेकेंड्री स्कूल जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान डीबीएस इंटर कॉलेज रामदयालगंज जौनपुर तथा तृतीय स्थान महावीर कान्वेंट स्कूल नखास जौनपुर ने जीता। इस संगीतमय प्रतियोगिता का निर्णय काशी से आए पं. आशीष मिश्र (एम्यूज), जौनपुर के घरानेदार संगीतकार पं. सूर्यप्रकाश मिश्र तथा संगीत शिक्षक प्रज्ञा मिश्रा ने किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पुलिस अधीक्षक नगर (आईपीएस) आयुष श्रीवास्तव ने शौर्य के कार्यक्रमों के सराहना की। बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस प्रतिस्पर्धा में जो छात्र जीत रहे हैं उनको शुभकामनाएं लेकिन प्रतिस्पर्धा व्यक्ति को सदैव अपने आप से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आप आज जो प्रदर्शन करेंगे उसकी तुलना में आपका अगला प्रदर्शन और अच्छा होना चाहिए तो आप सही मायने में विजयी माने जाएंगे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन वही श्रेष्ठ है जो अपने जनपद, प्रदेश और राष्ट्र की सेवा में लगा है। विशिष्ट अतिथि प्रांतीय गतिविधि संयोजक संस्कार श्रीमती बीना पाण्डेय ने इस भव्य कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा में कोई हारता नहीं है या तो जीतता है या सीखता है। इस कार्यक्रम में प्रकल्प प्रमुख रंजीत सिंह सोनू, कार्यक्रम संयोजक अतुल मिश्र, राजीव श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जनार्दन पाण्डेय, नीरज श्रीवास्तव, नित्यानंद पाण्डेय, पंकज सिंह, सुनील सिंह, डॉ. राजेश, डॉ. गिरीश, रमेश श्रीवास्तव, राय साहब शर्मा, दया निगम, संदीप चौधरी, प्रमोद सैनी, रविंद्र गुप्ता, अरविंद गिरी, ज्योति श्रीवास्तव, सुधा पाण्डेय, मीनू श्रीवास्तव, साधना जायसवाल, अंजू सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन हर्षित गुप्ता एवं अतुल जायसवाल द्वारा किया गया। अंत में प्रकल्प प्रमुख सुजीत यादव द्वारा सभी के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
The truth about aliens परग्रही एलियंस का सच क्या है
परग्रही एलियंस का सच क्या है – डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि एवं निदेशक,The truth about aliens
aliens news today : वर्तमान समय में मीडिया और सोशल मीडिया पर बहुत बड़ी हलचल मची हुई है और यह कहा जा रहा है कि एक बहुत बड़ा परग्रही एलियन का अंतरिक्ष यान बहुत तेजी से धरती की तरफ बढ़ता हुआ चला आ रहा है और नवंबर 2025 तक इसके धरती पर पहुंच जाने की पूर्ण संभावना व्यक्त की गई है बात तो यहां तक की जा रही है कि एलन मस्क जैसे लोगों ने भी इसको स्वीकार किया है और कहने वाले लोग यहां तक कहते हैं कि जेम्स वेब टेलीस्कोप ने इसका जो चित्र खींचा है वह किस टूटे हुए तारे का धूमकेतु का या उसका खंड का हो ही नहीं सकता है और इसका वेग भी बहुत भयानक है लाखों किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अपने सौरमंडल में घुसकर पृथ्वी की तरफ बढ़ता हुआ चला आ रहा है ।
ऐसा देखा जाता है कि चाहे मीडिया हो चाहे सोशल मीडिया या कोई अन्य साधन इनमें 100 में से केवल एक बात सच होती है बाकी 99 तो केवल लोकप्रियता पाने के लिए या फिर टीआरपी बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है लेकिन इस बार मामला कुछ अलग हटकर है इस बार जो चित्र खींचा गया है अगर वह सही है तो यह कदापि किसी भी धूमकेतु या उसका खंड का नहीं हो सकता है ऐसे में प्रश्न है उठना है कि क्या आखिर परग्रही एलियंस लोग अपने विशाल का अंतरिक्ष यान से धरती पर सचमुच उतरना चाहते हैं या फिर यह भी केवल एक कपोल कल्पना है।
इन सभी का उत्तर देना हम जैसे मौसम वैज्ञानिकों और ज्योतिषी लोगों के लिए बहुत ही आवश्यक है और इसका उत्तर बहुत सकारात्मक है इसलिए की 1980 ईस्वी में मैं ज्योतिष की गहन गणनाओं के आधार पर लिखा था कि 2025 तक प्रामाणिक रूप से एलियंस अर्थात परग्रही प्राणियों का साक्षात्कार हो जाएगा और यह हो भी चुका है जिसे छुपाया जा रहा है लेकिन अगर यह बाहरी सौरमंडल या आकाशगंगा का होगा तो इसे छुपाया जाना संभव नहीं होगा। वैसे सारी दुनिया अब यह जान चुकी है कि अमेरिका रूस और चीन की हैरत अंग्रेज उन्नति के मूल में कहीं ना कहीं परग्रही एलियंस सही हैं
डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि
47 वर्ष से लगातार हमारे अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम पूर्वानुमान और विज्ञान अनुसंधान केंद्र के द्वारा लाखों लाख भविष्यवाणी समय की कसौटी पर पूरी तरह से सत्य और खरी उतरी हैं दिनेश सिंह प्रवक्ता तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज संजय कुमार उपाध्याय एडवोकेट सीताराम चौरसिया राहुल और नीरा जैसे अनगिनत लोग इसके प्रमाण भी हैं मुझे अच्छी तरह से याद है कि मैं 1999 2000 2012 2020 जैसी सनसनी वाली पहले की घटनाओं को पूरी तरह से अफवाह बताया था जो बिल्कुल सही सिद्ध हुई और लोगों को घबराने से मना किया था इसी तरह कुछ साल पहले धरती पर घनघोर अंधेरा छाने की बात बहुत जोर शोर से नासा के हवाले से की गई थी उसे भी मैंने बकवास सिद्ध किया था स्काई लैब जब गिर रहा था तब भी हमारे केंद्र द्वारा कहा गया था कि इससे धरती पर कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि वह महासागर में गिरेगा इसी तरह 2026 तक किसी भी तीसरे विश्व युद्ध की कोई संभावना नहीं है यह सारी भविष्यवाणीयां भी हमारी पूरी तरह से सही हो रही है अब हम अपने मूल बिंदु पर आते हैं कि आखिर धरती की ओर बढ़ रहा यह विचित्र वस्तु है क्या
धरती की ओर तेजी से बढ़ रहे इस पिंड को पहले तो वैज्ञानिकों द्वारा टूटा हुआ तारा या उल्का खंड या धूमकेतु माना गया था लेकिन अब यह प्रामाणिक रूप से लगभग सिद्ध हो गया है कि ऐसी यह कोई वस्तु नहीं है यह चाहे जो कुछ है लेकिन इससे कुछ ना कुछ हटकर है इस यान के जो भी चित्र या काल्पनिक चित्र बनाए गए हैं या जो तस्वीर जेम्स वेब और हबल दूरबीन के द्वारा ली गई हैं वह कुछ और ही कहानी बोलते हैं और निश्चित रूप से यह मानव को भाई रोमांच और अद्भुत कल्पना से भर दे रहा है कि अगर सचमुच यह परग्रही एलियंस का यान निकल आया तो क्या होगा क्या हम उनकी भाषा समझ पाएंगे क्या उनके अंतरिक्ष यान में प्रलय मचाने वाले अस्त्र-शस्त्र होंगे क्या वे धरती के मित्र होंगे और क्या वह हमारे शत्रु होंगे अगर मित्र होंगे तब क्या होगा और शत्रु होंगे तब क्या होगा कहीं भी अपने हथियारों से धरती का विनाश तो नहीं कर देंगे या फिर धरती पर नई सभ्यता का जन्म तो नहीं देंगे कहीं यह स्वर्ग लोक के प्राणी तो नहीं है इस तरह के अनगिनत प्रश्न सबके मन में उठ रहे हैं
इस तरह से अनेक कल्पनाएं चल रही हैं और कुल मिलाकर इस यान का या पिंड का जो स्वरूप दिख रहा है वह किसी अंतरिक्ष यान का ही दिखाई देता है लेकिन सबसे बड़ी आश्चर्य की बात है कि इसका विस्तार कई किलोमीटर में बताया जा रहा है और निश्चित रूप से धरती पर विद्यमान आधुनिक मानव सभ्यता के बस की बात नहीं उनके कल्पना के पार की बात है आज हमारा सबसे उन्नत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन भी केवल फुटबॉल के मैदान जितना बड़ा है जो ज्यादा से ज्यादा 300 से 400 फुट है ऐसे में कई मील लंबा अंतरिक्ष यान अगर सचमुच है तो उसको किस शक्ति से चलाया जा रहा होगा इस यान को चलाने का अर्थ होगा धरती की सारी ऊर्जा एक ही अंतरिक्ष यान चलाने में खप जाए और वह कहां से आ रहा है यह वास्तव में बहुत ही हैरतअंग्रेज प्रश्न है यह अपनी आकाशगंगा का यह है या फिर किसी अन्य आकाशगंगा का है क्योंकि अगर अपनी आकाशगंगा से भी आ रहा है तो भी इसकी गति के अनुसार इस सबसे निकट तारे प्रॉक्सिमा सेंटूरी से भी यहां पहुंचने में हजारों वर्ष लग जाएंगे तो क्या हजारों वर्ष से इस यान में लोग जीवित हैं।
1980 से लेकर 2010 तक मैंने अनंत अंतरिक्ष सूर्य चंद्र तारे आकाशगंगा तारा विश्व और परम विश्व ब्लैक होल व्हाइट होल वरम्होल टाइम ट्रैवल प्रकाश यान जैसी लाखों चीजों पर काम किया हैऔर मैं 1980 में तिलकधारी सिंह इंटर कॉलेज की वल्लरी पत्रिका में प्रमाण के साथ लिखा था कि अमेरिका और रूसके वैज्ञानिक झूठ बोल रहे हैं जो वह कह रहे हैं कि चंद्रमा पर हवा पानी कुछ नहीं है और मैंने लिखा कि वहां पर चंद्रमा की सतह पर हवा पानी के साथ जीव और वनस्पतियां भी मिलेगी जो अब धीरे-धीरे सही सिद्ध हो रही हैं अपने सौरमंडल में ही मैं काम से कम पांच ग्रह और उपग्रह पर हवा पानी के साथ बहू विद बहू प्रकार के जीवन की भविष्यवाणी किया है और आज शनि और बृहस्पति पर और उनके चंद्रमा पर पानी का समुद्र पाया जाना उसमें मीथेन का मिलन यह बता रहा है कि अपने सौरमंडल में ही जीवन है और सौरमंडल भी अपना कल्पना से बहुत बड़ा है यह दो प्रकाश वर्ष में फैला हुआ है अभी तक मानव निर्मित कोई भी वस्तु अपने सौरमंडल की सीमा को पर नहीं कर सकी है वाइजर एक और वाइजर दो सबसे दूर जाने वाले यह हैं लेकिन यह केवल 25 अरब किलोमीटर की दूरी तय कर पाए हैं और 25 घंटा प्रकाश वर्ष की दूरी पर है याद रखें कि एक प्रकाश वर्ष का अर्थ 96 खरब किलोमीटर की दूरी होता है ऐसे में अपना सौरमंडल पार करने में ही इनको हजारों वर्ष लग जाएंगे
वैज्ञानिकों और ज्योतिर्विदों का यह कहना है कि यह अद्भुत पिंड नवंबर में धरती के बिल्कुल पास आ जाएगा तब देखा जाएगा कि वास्तव में यह कल्पना है या हकीकत है अभी तो संपूर्ण मीडिया और सोशल मीडिया इस पिंड की हलचल से भरा हुआ है और दिन-रात इसके बारे में अनगिनत बातें लिखी जा रहे हैं लेख के साथ इसका सबसे अच्छा छायाचित्र भी दिया जा रहा है और अगर यह चित्र सत्य है तो निश्चित रूप से कोई आकाशीय पिंड नहीं हो सकता है मेरा ऐसा मानना है कि यह बहुत संभव है कि यह कोई परग्रही एलियंस का अंतरिक्ष यान निकल आए वैसे भी अब नवंबर महीना बहुत दूर नहीं है इसलिए सांस रोक कर हमें इस अद्भुत और विचित्र पिंड के धरती तक पहुंचाने की प्रतीक्षा करनी होगी वैसे हमारा ब्रह्मांड अनंत है और हर नियम सिद्धांत और कल्पना से परे हैं
इस सिद्धांत को सर्वप्रथम बाबा बेंगा से जोड़कर देखा गया जिन्होंने बहुत पहले यह कहा था कि 2025 में एक अलौकिक शक्ति का साक्षात्कार धरती पर होगा पर भौतिक विज्ञान लोअब का कहना है 3I/ATLAS lagbhag 210000 किलोमीटर प्रति घंटा की भयंकर रफ्तार से धरती की ओर बढ़ रहा है और यह किसी विराट नगर जितना बड़ा है या बहुत विचित्र और अद्भुत दिख रहा है लेकिन ज्योतिष और पंचांग के आधार पर मेरा यही मानना है कि यह 99 परीक्षित कोई धूमकेतु या उल्का पिंड ही है केवल एक प्रतिशत संभावना है कि यह कोई अंतरिक्ष यान होगा क्योंकि इस ज्ञान की गति इतनी तेज है कि इससे हम केवल 2 घंटे में चंद्रमा पर पहुंच सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि हमारे सूर्य जैसे 2 से 3 खरब सूर्य हमारी अपनी आकाशगंगा में ही है और ऐसी अरबों आकाशगंगाएं अर्थात मंदाकिनी हमारे इस दृश्य मान ब्रह्मांड में खोजी गई हैं और यहां तक कि सबसे उन्नत तकनीक से खोजा गया है कि हम दृश्यमान ब्रह्मांड का पांच प्रतिशत से अधिक भाग किसी हालत में नहीं देख सकते क्योंकि यह भाग द्रव्य ऊर्जा से बना हुआ है जबकि 95% भाग डार्क एनर्जी और डार्क मैटर से बना हुआ है जिसे देखा नहीं जा सकता है और ऐसे ना जाने कितने कल्पना से परे परम ब्रह्मांड है जिसमें कल्पना से परे आकाश गंगाएं सूर्य चंद्रमा तारे ब्लैक होल व्हाइट होल वरम्होल और न्यूट्रॉन तथा क्वासर लाल दानव तारे श्वेत वामन तारे निहारिका और गैस तथा धूल के बादल द्रव्य और प्रति द्रव्य ऊर्जा और प्रति ऊर्जा कर्ण और प्रतिकण भरे पड़े हैं सभी ब्लैक होल हमारे महाकाली के अंश हैं और सुपरमैसिल ब्लैक होल स्वयं महाकाली है इसी प्रकार समग्र अनंत को ब्रह्मांडों को बनाने और बिगाड़ने वाले भगवान शिव और माता पार्वती हैं सारी सृष्टि उन्हीं से उत्पन्न होती है और अंत में उन्हें में लीन हो जाती है
सबसे अद्भुत बात यह है कि वैज्ञानिक ब्रह्मांड को 14 अरब वर्ष पहले उत्पन्न मानते हैं लेकिन 14 अब वर्ष में यह 100 अरब प्रकाश वर्ष कैसे फैल गया यही सबसे बड़ी हैरानी की बात है अगर यह सच है तो आकाशगंगा को इतना फैलने में प्रकाश की गति से भी 9 से 10 गुना अधिक वेग प्राप्त करना होगा और विज्ञान के अनुसार प्रकाश से अधिक वेग संभव ही नहीं है लेकिन मुझे पूर्ण विश्वास है और ज्योतिष भी यही कहता है भारत का धर्म दर्शन और विज्ञानभी कहता है कि प्रकाश का वेग तो छोड़ दो अनंत वेग भी प्राप्त किया जा सकता है l
हिन्दी राष्ट्रभाषा नागरी बने राष्ट्रलिपि,डॉ यदुवंशी
हिन्दी राष्ट्रभाषा और नागरी बने राष्ट्रलिपि,डॉ यदुवंशी
JAUNPUR NEWS जौनपुर। हिन्दी जब तक राष्ट्रभाषा का दर्जा प्राप्त नहीं कर लेती तब तक हम लोग चैन से नहीं बैठ सकते भले ही इसके लिए सड़क से संसद तक आन्दोलन करना पड़े। उक्त विचार सिविल लाइन स्थित पवन प्लाजा में आयोजित हिन्दी दिवस पर नागरी लिपि परिषद पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ ब्रजेश कुमार यदुवंशी ने व्यक्त किया। डॉ यदुवंशी ने आगे कहा कि हिंदी का प्रयोग अब मोबाइल से लेकर विदेशी दूतावासों तक हो रहा है। हिन्दी भारतीय संस्कृति की प्रतीक है। भारत सरकार को चाहिए कि हिन्दी को राष्ट्रभाषा और नागरी लिपि को राष्ट्रीय लिपि घोषित करे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए राजकीय महाविद्यालय जौनपुर के हिन्दी प्रोफेसर डॉ उदयभान ने हिंदी के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को केंद्र सरकार की आधिकारिक भाषा बनाने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के पूर्व समन्वयक इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ राकेश कुमार यादव ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि एक आत्म-भाव और विचार है। भारत सरकार द्वारा हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शैलेन्द्र सिंह, अनिल केशरी, रोहित यादव, नीलेश यादव, सचिन यादव, सूबेदार मेजर जमालुद्दीन, शिवम सिंह, गोपाल सिंह, चन्दन, मोहम्मद शरीफ,नीरज सिंह, अशोक यादव, आनंद मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन अमर शिवांशु सिंह भोलू ने किया आए हुए अतिथियों का आभार उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबंधक विशाल अष्ठाना ने व्यक्त किया।
यूपी के जौनपुर में डबल मर्डर: बाइक सवार दो भाइयों की गोली मारकर हत्या
Jaunpur Crime News : उत्तर प्रदेश के जाैनपुर में उस वक्त अफरातफरी का माहौल ब्याप्त हो गया , जब बाइक सवार दो भाइयों को गोलियों से भून देने की सूचना मिली। मुंगरा बादशाहपुर थाने की पुलिस माैके पर पहुंच गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के रामनगर में शनिवार की देर रात बाइक सवार दो सगे भाइयों की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दिया। दोनों मुंगरा बादशाहपुर से अपने घर जा रहे थे। बताया जा रहा है की कई राउंड गोली चलाई गई है।मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के मझगांवा गांव निवासी शाहजहां (60) और उनके छोटे भाई जहांगीर (45) ब्यापारी हैं। दोनों सगे भाई बाइक से मुंगरा बादशाहपुर आए थे। जहां से वह देर रात अपने घर जा रहे थे। रात करीब दस बजे रास्ते में रामनगर के पास पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि पहले से ही घात लगाए बाइक बदमाश उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे। घटना के बाद जुटे ग्रामीणों के मुताबिक शाहजहां की मौके पर ही मौत हो गई। जहांगीर की हालत नाजुक थी। सूचना पर पहुंची पुलिस आननफानन में घायल को ग्रामीणों की मदद से अस्पताल ले गई। जहां से चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख प्रयागराज के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में मौत हो गई। इधर वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से बदमाश भाग निकले।
JAUNPUR NEWS,राष्ट्रीय लोक अदालत में 48600 मामले हुए निस्तारित
48600 cases were settled in National Lok Adalat JAUNPUR NEWS
JAUNPUR National Lok Adalat जौनपुर : उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रशासनिक न्यायमूति प्रकाश पडिया, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद व जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा.प् की अध्यक्षता एवं निर्देशन एवं प्रशांत कुमार सिंह, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर की देखरेख में जनपद न्यायालय परिसर जौनपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश जौनपुर द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया तथा उनके द्वारा अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण हेतु सर्व सम्बन्धित को प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, पीठासीन अधिकारी एम0ए0सी0टी0 श्री मनोज कुमार अग्रवाल, दिलीप कुमार सिंह ,अपर जनपद न्यायाधीशगण तथा समस्त सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में लम्बित 4446 एवं राजस्व न्यायालयों तथा प्रशासन के अन्य विभागों में प्रीलिटिगेशन वाद के कुल 44154 मामलें निस्तारित हुए तथा समझौता राशि कुल रू0 104654539 रुपये की गई।
पारिवारिक न्यायालयो द्वारा 154 मुकदमों को निस्तारित किया गया जिसमें पीड़ि़ता को मु0 25585000 रूपये की समझौता राशि प्रदान करायी गयी।
इस अवसर पर पीठासीन अधिकारी एम0ए0सी0टी0 द्वारा क्षतिपूर्ति के 122 मुकदमें लगाये गये जिनमें से 108 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल रू0 81329000 रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति याचीगण को दिलायी गयी।न्यायालय अपर जिला जज चतुर्थ जौनपुर द्वारा विद्युत वसूली के 304 वादों का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायालयों द्वारा 2890 शमनीय फौजदारी वादों को निस्तारित किया गया जिनमें रू0 774910 का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। एन0 आई0 एक्ट के 01 मामलों का निस्तारण किया गया तथा अन्य प्रकार के 886 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें समझौता राशि रू0 15540 दिलाया गया।
सिविल न्यायालयों द्वारा कुल 103 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें उत्तराधिकार के मामलों में मु0 23801008 रूपये का प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।प्री-लिटिगेशन स्तर पर वैवाहिक विवाद के 04 मामलों का निस्तारण किया गया तथा राजस्व न्यायालयों फौजदारी के 1853 वादों, राजस्व के 562 वाद एवं अन्य प्रकार के 40519 व नगर पालिका द्वारा जलकर से सम्बन्धित 51 वादों, विद्युत बिल से सम्बन्धित 179 मामलों का निस्तारण किया गया।
बैंक/फाइनेंस कम्पनी एवं बी0एस0एन0एल0 आदि के रिकवरी से सम्बन्धित 986 प्री-लिटिगेशन वाद निस्तारित किये गये तथा जिसमें मु0 101906103 रुपये का समझौता किया गया।इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 48600 मामलों का निस्तारण किया गया जिसमें कुल रू0 236159997 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।
मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे खेतासराय के मूर्तिकार
नवरात्रि की धूम: खेतासराय में मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार
खेतासराय में तीन दशक से मूर्ति बना रहे है मूर्तिकार उत्तम पाल
खेतासराय (जौनपुर): शारदीय नवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का माहौल है। जगह-जगह पंडाल सजाने की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं। मूर्तिकार दिन-रात देवी दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्र 22 सितम्बर से आरंभ होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा। नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ रूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना होगी और 10वें दिन विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी उत्तम पाल पिछले तीन दशक से खेतासराय में प्रतिमाएँ बना रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार दुर्गा प्रतिमाओं के साथ-साथ हनुमान और विश्वकर्मा प्रतिमाओं का भी ऑर्डर मिला है। पूजा समितियों ने बड़े और आकर्षक पंडालों की तैयारी कराई है तथा भव्य प्रतिमाएँ बनवाने के लिए आदेश दिए हैं। इस बार प्रतिमाओं में आधुनिकता और पारंपरिक कला का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी की प्रतिमाओं और प्राकृतिक रंगों का विशेष रूप से प्रयोग किया जा रहा है, जिससे विसर्जन के समय पर्यावरण पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े।
उत्तम पाल ने बताया कि उन्हें जौनपुर जनपद के अलावा अन्य जिलों से भी प्रतिमाएँ बनाने के ऑर्डर मिल रहे हैं। उनका एक कारखाना आज़मगढ़ के दीदारगंज में है, जहाँ बड़े पैमाने पर मूर्तियाँ तैयार की जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिमा निर्माण के लिए आवश्यक मिट्टी और पुआल जैसी सामग्री पहले आसानी से उपलब्ध हो जाती थी, लेकिन अब कठिनाइयाँ बढ़ गई हैं। इस कारण वे लगभग छह माह पहले से ही सामग्री जुटाने का कार्य आरंभ कर देते हैं, ताकि समय पर प्रतिमाएँ तैयार हो सकें।
मूर्तिकारों के अनुसार यहाँ 10 हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक की प्रतिमाएँ उपलब्ध हैं। यदि कोई व्यक्ति या समिति अपनी पसंद और डिजाइन के अनुसार प्रतिमा बनवाना चाहती है तो वैसा ऑर्डर भी पूरा किया जाता है। प्रतिमाओं की ऊँचाई, सजावट और सामग्री के आधार पर कीमतों में अंतर रहता है।
मूर्तिकार सुबोध के अनुसार नवरात्रि के दौरान देवी प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक रहती है। इस बार बड़े पंडालों के लिए उन्हें 11 फीट तक ऊँची प्रतिमाओं के ऑर्डर मिले हैं। प्रतिमाओं की सजावट में सुनहरी पन्नी, चमकीले वस्त्र, कृत्रिम आभूषण और प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्रतिमाएँ और अधिक आकर्षक दिखाई देंगी।
जैसे-जैसे नवरात्रि नजदीक आ रही है, श्रद्धालुओं और पूजा समितियों का उत्साह बढ़ता जा रहा है। पंडाल सजाने का काम जोरों पर है। बिजली की सजावट और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा क्षेत्र देवीमय वातावरण में रंगने को तैयार है। आने वाले दिनों में खेतासराय सहित पूरा इलाका भक्ति और उल्लास से सराबोर होगा।