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Hartalika Teej नारी तप आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व

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Hartalika Teej नारी तप आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व
Hartalika Teej नारी तप आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व

Hartalika Teej Festival of Women’s Penance, Faith and Cultural Consciousness

Hartalika Teej : हरितालिका तीज भारत की धार्मिक परंपराएँ अपनी विविधता और गहनता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। यहाँ हर पर्व का कोई न कोई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व होता है। इन्हीं में से एक विशेष पर्व है हरितालिका तीज, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा पड़ोसी देश नेपाल में बड़े श्रद्धा-भाव और उल्लास के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह नारी-शक्ति, आस्था और आत्मबल का अद्वितीय प्रतीक है।

हरितालिका तीज का संबंध शिव-पार्वती विवाह की कथा से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। किंतु उनके पिता हिमवान ने उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ कराने का निश्चय कर लिया। जब पार्वती जी की सहेलियों को इसका ज्ञान हुआ, तब उन्होंने पार्वती जी का हरण (हरित) कर उन्हें वन में ले जाकर भगवान शिव की आराधना करने के लिए प्रेरित किया।

वहाँ पार्वती जी ने कठोर व्रत और उपवास कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। उनके तप और भक्ति से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसी प्रसंग के कारण इस व्रत का नाम हरितालिका तीज पड़ा हरित अर्थात् हरण और आलिका अर्थात् सखियाँ। यह कथा केवल एक धार्मिक आख्यान ही नहीं है, बल्कि इसमें स्त्री के संकल्प, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण मिलता है।

हरितालिका तीज का व्रत अत्यंत कठोर माना जाता है। यह निर्जला उपवास होता है, जिसमें जल तक का सेवन नहीं किया जाता। व्रत करने वाली महिलाएँ पूरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं और रात्रि में जागरण रखकर भजन-कीर्तन करती हैं।

इस व्रत को मुख्यतः विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए करती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। यह पर्व शिव-पार्वती के पावन दांपत्य का स्मरण कराता है और गृहस्थ जीवन में समर्पण, प्रेम और विश्वास के महत्व को रेखांकित करता है।

हरितालिका तीज के दिन पूजा की विधि विशेष महत्व रखती है। सामान्यतः इसकी प्रक्रिया प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं, घर अथवा मंदिर में मिट्टी या धातु की भगवान शिव, माता पार्वती तथा गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है, बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य से पूजन किया जाता है, व्रत कथा का श्रवण अथवा पाठ अनिवार्य माना गया है, महिलाएँ दिनभर निर्जला उपवास करती हैं और रात्रि में सामूहिक भजन-कीर्तन व जागरण करती हैं, अगले दिन प्रातः पूजन कर व्रत का विधिवत पारण किया जाता है।

हरितालिका तीज का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी गहरे हैं। इस दिन महिलाएँ पारंपरिक परिधान धारण करती हैं। विशेषकर लाल, हरे और पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं, जो सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक हैं। विवाहित महिलाएँ अपने हाथों में मेंहदी रचाती हैं, श्रृंगार करती हैं और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएँ देती हैं।

ग्रामीण अंचलों में इस अवसर पर लोकगीत और नृत्य का आयोजन होता है, जिनमें स्त्रियाँ अपने मनोभावों और उत्साह को अभिव्यक्त करती हैं। यह पर्व नारी एकजुटता और बहनापा का भी प्रतीक है, क्योंकि महिलाएँ सामूहिक रूप से उपवास और पूजा करती हैं।

हरितालिका तीज का पर्व केवल पति की लंबी आयु की प्रार्थना भर नहीं है। इसमें एक गहन संदेश छिपा हुआ है, नारी अपनी आस्था और संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है। पार्वती जी की भाँति, जिसने अपने दृढ़ निश्चय और तप से स्वयं भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, वैसे ही आधुनिक समय की स्त्रियाँ भी अपने आत्मबल और दृढ़ संकल्प से समाज में अपनी पहचान बना सकती हैं। इस प्रकार, हरितालिका तीज को नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक पर्व भी कहा जा सकता है। यह स्त्रियों को आत्मविश्वास, आत्मबल और अपनी परंपराओं के प्रति गर्व का बोध कराता है।

आज के व्यस्त और तकनीकी जीवन में जब पारिवारिक बंधन शिथिल पड़ते जा रहे हैं, हरितालिका तीज जैसे पर्व हमें परिवार और रिश्तों की अहमियत याद दिलाते हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के बीच विश्वास और निष्ठा को मजबूत करता है। साथ ही, सामूहिक रूप से तीज मनाना समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करता है। त्योहार चाहे धार्मिक हो या सामाजिक, उसका उद्देश्य मनुष्य को अपने कर्तव्यों और मूल्यों की ओर सजग करना होता है।

हरितालिका तीज केवल एक व्रत या धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह नारी के संकल्प, आस्था और आत्मबल का पर्व है। इसमें शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा के साथ-साथ नारी के धैर्य, दृढ़ता और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि, दांपत्य की मजबूती और स्त्री की आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। सांस्कृतिक दृष्टि से यह पर्व लोकगीत, श्रृंगार, उल्लास और सामूहिकता का उत्सव है। आधुनिक समय में भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है, क्योंकि यह हमें परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ जीवन में प्रेम, समर्पण और विश्वास की महत्ता का बोध कराता है। इस प्रकार, हरितालिका तीज भारतीय संस्कृति की उस अमर परंपरा का प्रतीक है, जिसमें आस्था, अध्यात्म और सामाजिक चेतना का गहन समन्वय दिखाई देता है।

खुदौली के पाँच छात्र जनपदीय बास्केटबॉल टीम में चयनित

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खुदौली के पाँच छात्र जनपदीय बास्केटबॉल टीम में चयनित
खुदौली के पाँच छात्र जनपदीय बास्केटबॉल टीम में चयनित

खेतासराय (जौनपुर) सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के पाँच प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा के बल पर जनपदीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्थान बनाया है। यह प्रतियोगिता तिलकधारी सिंह इण्टर कॉलेज, जौनपुर में आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के कई विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया।

सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के कक्षा 11 मानविकी के छात्र आनंद कुमार यादव, 11 विज्ञान के छात्र सौरभ कुमार तथा 11 कृषि के छात्र नितीश कुमार का चयन अंडर-17 वर्ग में हुआ। वहीं कक्षा 12 विज्ञान के छात्र शौर्य सिंह और शिवम का चयन अंडर-19 वर्ग में किया गया। अब ये छात्र वाराणसी स्थित यू.पी. कॉलेज में होने वाली मण्डलीय प्रतियोगिता में जनपद जौनपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता ने चयनित खिलाड़ियों का माला पहनाकर स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल शिक्षक मोहम्मद शरीफ के मार्गदर्शन में हुई इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय सहित सभी अध्यापकों और कर्मचारियों ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया।

गूजरताल पर शुरू हुआ मत्स्य बीज वितरण अभियान,पहले दिन 4 लाख बिक्री

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गूजरताल पर शुरू हुआ मत्स्य बीज वितरण अभियान,पहले दिन 4 लाख बिक्री
गूजरताल पर शुरू हुआ मत्स्य बीज वितरण अभियान,पहले दिन 4 लाख बिक्री

खेतासराय (जौनपुर) राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्र गूजरताल पर सोमवार से मत्स्य बीज वितरण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई। अभियान के पहले ही दिन प्रक्षेत्र से लगभग चार लाख से अधिक मत्स्य बीज का सफल वितरण किया गया।

गौरतलब है कि गूजरताल मत्स्य प्रक्षेत्र कभी एशिया स्तर पर अपनी विशेष पहचान रखता था, किंतु वर्ष 2006 में घाटा दर्शाते हुए यहाँ स्थापित मिनी हैचरी को बंद कर दिया गया। उसके बाद से विभाग द्वारा बाहर से स्पान (जीरा) मंगाकर प्रक्षेत्र के नर्सरी तालाबों में छोड़ा जाता है। यह स्पान विकसित होकर मत्स्य बीज के रूप में तैयार होता है और बाद में मत्स्य पालकों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है।

फिशरमैन ओ. पी. नागर ने जानकारी दी कि इस वर्ष विभाग ने 50 लाख मत्स्य बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले ही दिन 120 रुपये प्रति हजार की दर से चार लाख से अधिक बीज बेचे गए। इस समय प्रक्षेत्र के नर्सरी तालाबों में लगभग एक करोड़ 25 लाख स्पान संचय किए जा चुके हैं। यदि बिक्री की स्थिति संतोषजनक रही तो लक्ष्य पूर्ति हेतु अतिरिक्त 75 लाख स्पान और संचय किए जाएंगे। मत्स्य विभाग के अनुसार, इस वितरण अभियान से न केवल मत्स्य पालकों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होगा बल्कि स्थानीय मत्स्य उत्पादन को भी नई गति मिलने की संभावना है।

खेतासराय के गुरैनी बाजार में स्मार्ट मीटर लगाने पर विरोध

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व्यापारियों के विरोध के बाद कर्मचारियों ने लगाया ब्रेक, सात मीटर वापस बदले गए

खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के गुरैनी बाजार में सोमवार को स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को व्यापारियों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना तीव्र हुआ कि कर्मचारियों को पहले से लगाए गए सात स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने पड़े।

सोमवार दोपहर करीब दो दर्जन कर्मचारी बाजार में स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे थे। एक दर्जन दुकानों पर मीटर लगाए भी जा चुके थे, तभी पूरे बाजार में इसकी खबर फैल गई। व्यापारियों का संगठन सक्रिय हो गया और इकट्ठा होकर विरोध करने लगा। हंगामे की स्थिति देख कर्मचारियों को मीटर लगाने का काम रोकना पड़ा।

व्यापार मण्डल अध्यक्ष मसूद सिद्दीकी ने बिजली विभाग के एसडीओ से फोन पर बातचीत कर स्मार्ट मीटर लगाने से पहले कुछ शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि बाजार में व्यापारियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए, 500 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए और किसी भी फाल्ट की स्थिति में तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए।

सिद्दीकी ने बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है। उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही व्यापारी मीटर लगवाने देंगे। एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार को वे गुरैनी बाजार पहुंचकर व्यापारियों से सीधे बातचीत कर समाधान निकालेंगे। इस दौरान व्यापार मण्डल के उपाध्यक्ष हुजैफा, महामंत्री रामशबद, मंत्री मोहम्मद आदिल, मोहम्मद सलीम, कादिर, सुनील कुमार, नौशाद आलम, अंजर, रहीम, अब्दुल्लाह समेत अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।

पूर्वांचल युवा महोत्सव के कार्यकारिणी की बैठक संपन्न

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24 अक्टूबर से शुरू होगा युवा महोत्सव

जौनपुर। नवदुर्गा मंदिर विसर्जन घाट पर हुई । जिसमें संगठन के समस्त पदाधिकारी अपने विचार व्यक्त किया 24 ,25 ,26 अक्टूबर 2025 से होने वाले महोत्सव के कार्यक्रम के बारे में सुझाव भी दिए । अगले मीटिंग में संरक्षक मंडल से कमेटी का विस्तार किया जाएगा ।

बैठक मे निर्णय हुआ की सितंबर प्रथम सप्ताह में संरक्षक मंडल की अध्यक्षता में अनुमत लेकर समस्त कार्यक्रमों की कमेटी बना ली जाए । वह कमेटी महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए अर्ह होगी ।

कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष डॉ दिनेश तिवारी ने समस्त पदाधिकारियो से कहा किया कि आप लोगों द्वारा जो सुझाव दिया गया ,इसे संरक्षक मंडल के सामने रखकर शीघ्र निर्णय ले लिया जाएगा कार्यक्रम का संचालन महामंत्री निवेदिता राय ने किया। अपर जिलाधिकारी के पेशकार आशीष त्रिपाठी ने सुझाव दिया ।
पंकज जी भोजपुरी गायक, उपाध्यक्ष उपेंद्र मिश्रा ,श्रवण पांडे संजय यादव, चंद्रमणि मिश्रा,डा. प्रियंका, पूर्वांचल विश्वविद्यालय से डा. रिचा सिंह,डा सोनम झा, महेंद्र विश्वकर्मा, के के विश्वकर्मा, अवनीश मिश्रा, लक्ष्मी ,नेहा ,अर्णव मिश्रा, अजय शुक्ला , शरद पाठक , सुनील मौर्य, अन्य पदाधिकारियो ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सुझाव दिया।

Jaunpur : ई ऑफिस प्रणाली में ग्राम विकास जौनपुर का यूपी में प्रथम स्थान

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Village Development Jaunpur ranks first in UP in e-office system in jaunpur

जौनपुर । ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से समस्त कार्यालयो की पत्रावलियों व्यवहरित की जा रही हैं,मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया है कि शासन के निर्देशानुसार वर्तमान समय में
ग्राम्य विकास के सभी विभागो की सहभागिता के चलते जनपद जौनपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। जनपद जौनपुर में वर्तमान समय तक 12459 पत्रावलियो का व्यवहरण करते हुए कुल 31465 पत्रावलियों का संचरण किया जा चुका है।

ई-आफिस प्रणाली के वेबसाइट पर प्रदेश के समस्त जनपदो की प्रगति के आधार पर द्वितीय स्थान पर काबिज जनपद से जनपद जौनपुर कुल 9002 संचरित पत्रावली में अधिक है। मुख्य विकास अधिकारी, जौनपुर द्वारा ग्राम्य विकास के समस्त विभागों के अधिकारियो को बधाई देते हुए निर्देशित किया गया कि इसी प्रकार कड़ी मेहनत करते हुए समस्त पत्रावलियो/पत्रो का संचरण ई-आफिस के माध्यम से किया जाए, जिससे कि प्रदेश में जनपद जौनपुर का प्रथम स्थान बरकरार रहे।

JauNpur News:122 ITI कॉलेज की परीक्षा 20 दिन मे संपन्न

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122 ITI college exams completed in 20 days

  • कङाई के चलते डेढ हजार छात्रों ने छोड़ी आईटीआई सीबीटी की परीक्षा

जौनपुर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र आईटीआई सिद्दीकपुर तथा शाहगंज केंद्र पर जिले के राजकीय व प्राइवेट आईटीआई कॉलेज को मिलाकर 122 कॉलेज की परीक्षा समाप्त हो गई। जिसमें करीब डेढ हजार से अधिक छात्रों ने परीक्षा में सख्त निगरानी होने के कारण परीक्षा छोड़ दिया। यह परीक्षा पर्यवेक्षक व मजिस्ट्रेट तथा सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में कराई गई।

जिले में कुल 122 आईटीआई के सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) की परीक्षा 28 जुलाई से शुरू हुई थी ,दोनो केन्द्रो पर 20 दिन परीक्षाएं चली। परीक्षा सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में हो रही थी और ट्रिपल लेयर की चेकिंग लगातार सख्त निगरानी के चलते इस परीक्षा के दौरान एक हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने सीबीटी की परीक्षाएं छोड़ दी, इसके अलावा दोनों केन्द्र पर पर्यवेक्षक मजिस्ट्रेट की निगरानी में परीक्षा चल रही थी और सीबीटी की परीक्षा ऑनलाइन लगातार निगरानी शासन से की जा रही थी । इससे परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं थी । कोई छात्र किसी दूसरे स्थान पर परीक्षा देने में सफल नही हुआ, जिसकी चलते ऐसे छात्र परीक्षा छोड़ दिए। नोडल प्रधानाचार्य मनीष कुमार पाल ने बताया कि तो उच्च अधिकारियों के निर्देश के क्रम में सीबीटी की परीक्षा सिददीकपुर व शाहगंज के केन्द्र पर सुचिता के साथ संपन्न हो गई।

Cctv के निगरानी में संपन्न हुई आईटीआई की परीक्षा

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Jaunpur News जौनपुर। सीसीटीवी लाइव कैमरे की निगरानी में सुचारू रूप से संपन्न हुई राजकीय आईटीआई सिद्दीकपुर व शाहगंज जौनपुर केंद्र की सीबीटी परीक्षा। राजकीय आईटीआई सिद्दीकपुर तथा शाहगंज केंद्र पर जिला जौनपुर के राजकीय तथा प्राइवेट आईटीआई के कुल मिलाकर लगभग 122 आईटीआई के प्रशिक्षार्थियों की सीबीटी (कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट) परीक्षा दिनांक 28 जुलाई से प्रारंभ होकर दिनांक 22 अगस्त को कुल चार चरणो में पारदर्शी तरीके से सुचारू रूप से संपन्न हुई । प्रति केंद्र, प्रति पाली लगभग 200 प्रशिक्षार्थियों की परीक्षा दोनों केंद्रों पर संपन्न हुई ।

सीबीटी परीक्षा की निगरानी परीक्षा एजेंसी के द्वारा मुख्यालय से लगातार सीसीटीवी लाइव कैमरे के माध्यम से की जा रही थी। प्रधानाचार्य द्वारा परीक्षा की सुचिता को ध्यान में रखते हुए ट्रिपल लेयर चेकिंग व्यवस्था अपनाई गई थी, जिसमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी या धांधली न की जा सके, प्रशिक्षणार्थियों द्वारा मोबाइल ,इयरफोन ब्लूटूथ तथा किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना सख्त मना था,100 मीटर दूर से ही चेकिंग की जा रही थी तथा ट्रिपल लेयर जांच के उपरांत ही प्रशिक्षार्थियों को कमरे में प्रवेश दिया जा रहा था, पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई गई, इंट्री गेट से लेकर कमरे के अंदर तक सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे जिससे किसी प्रकार की धांधली न की जा सके,वहीं जिलाधिकारी के माध्यम से परीक्षा की सुचिता को बनाए रखने के लिए, दोनों केंद्रों पर पर्यवेक्षक तथा मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई थी। जिनके द्वारा लगातार सीबीटी परीक्षा की मॉनिटरिंग की गई । परीक्षा में लगाए गए कर्मचारियों द्वारा परीक्षा की शुचिता का पूरा ध्यान रखा गया जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की कोई गुंजाइश नहीं बनी,नोडल प्रधानाचार्य मनीष कुमार पाल द्वारा बताया गया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के क्रम में सीबीटी परीक्षा सिद्दीकपुर तथा शाहगंज जौनपुर में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने के लिए व्यवस्था को चुस्त एवं दुरुस्त रखा गया था ।

Jaunpur News: खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत 50 से अधिक कार्मिकों का वेतन अवरुद्व

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Jaunpur News: खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत 50 से अधिक कार्मिकों का वेतन अवरुद्व
Jaunpur News: खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत 50 से अधिक कार्मिकों का वेतन अवरुद्व

The District Basic Education Officer has blocked the salary of more than 50 personnel including the Block Education Officer,jaunpur News

Jaunpur News in Hindi जौनपुर । यू -डायस पेंडेंसी अधिक होने के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जौनपुर ने 9 ब्लॉक के खण्ड शिक्षा अधिकारी समेत 50 से अधिक कार्मिकों का वेतन अवरुद्व कर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शनिवार को यू डायस डाटा में स्टूडेंट फीडिंग एवं ड्रॉपबॉक्स में अत्यधिक पेंडेंसी होने के कारण।

विकास खण्ड धर्मापुर, बरसठी, सुजानगंज, शाहगंज, सिरकोनी, जौनपुर, केराकत, मड़ियाहूं, महराजगंज, के खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक एम.आई.एस/एम आई एस इंचार्ज एवं सम्बंधित ब्लॉक के एम.आई.एस /क्वालिटी को-ऑर्डिनेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक लेखाकार, एवं कार्यालय सहायक का माह अगस्त का वेतन मानदेय अवरूद्ध करते हुए सुधार न होने पर अग्रेत्तर कार्यवाही करने हेतु चेतावनी दी गई तथा सम्बन्धित कार्मिकों को युद्व स्तर पर कार्य पूर्ण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया हैं साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मान्यता प्राप्त विद्यालयों को समयान्तर्गत कार्य पूर्ण न होने पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।

शाहगंज :पुलिस की सुरक्षा में ताज़िया दफ़न

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बड़गांव में 28 सफर का निकला जुलूस: हजारों श्रद्धालुओं ने ताजिया किया दफन, पुलिस ने किया सुरक्षा इंतजाम

जौनपुर । शाहगंज क्षेत्र स्थित बड़ागांव में शनिवार को दोपहर दो बजे ऐतिहासिक 28 सफर मजलिस का आयोजन हुआ। स्वर्गीय सैयद इम्तियाज हुसैन आब्दी के अजाखाने से मजलिस का आगाज हुआ।

इसके बाद सैयद अबूजर आब्दी के नेतृत्व में जुलूस-ए अजा निकाला गया। जुलूस में गांव की सभी अंजुमनों ने विशेष अंदाज में नौहाख्वानी और सीना जनी प्रस्तुत की। जुलूस सकुशल अपने गंतव्य तक पहुंचा, जहां ताजिए को दफनाया गया।

कार्यक्रम के दौरान शाहगंज कोतवाली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। उपनिरीक्षक मुन्ना लाल शर्मा, शिवानंद, आरक्षी सूर्यकुमार यादव, सजाउद्दीन और पप्पू समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

जुलूस में मोहम्मद अजहर, समीम हैदर, हसन मेहंदी, शाहिद इदरीसी, रईस अहमद, जाकिर हुसैन, अमान हैदर, मोहम्मद वारिस, हाशमी समीम हैदर बारादरी, बबलू खान इलेक्ट्रीशियन, आले हसन, दुन्ने, शालू, फैजान सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।