घटना स्थल का मंत्री ने किया निरीक्षण नगर पालिका बिजली विभाग के अधिकारी निलंबित
Two officers suspended in the death case of Prachi Shiva and Sameer
JAUNPUR NEWS जौनपुर :सोमवार की सायं भारी बारिश और जलजमाव के कारण मछलीशहर पड़ाव के पास विद्युत पोल में करेंट आने से तीन लोगों की मृत्यु हो गई थी, जिसमें शिवा नामक व्यक्ति का शव मौके से ही बरामद कर लिया गया था जिसमे दो अन्य प्राची मिश्रा ,मोहम्मद समीर के शव एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के आपसी समन्वय और प्रयास से कल बरामद किया गया है, मृतकों का पोस्टमार्टम भी करा लिया गया है।
इस दौरान पूरा जिला प्रशासन संवेदनशीलता के साथ लगा रहा, अब प्रशासन का दायित्व है कि जिनकी भी लापरवाही थी उनके खिलाफ कार्यवाही की जाए, जिसके संबंध में त्रिस्तरीय समिति का गठन हुआ, जिसके द्वारा रिपोर्ट सौंपी गई। जिसपर अवर अभियंता विद्युत विभाग तथा अवर अभियंता नगर पालिका परिषद की स्पष्ट लापरवाही मिली है, दोनों के निलंबन हेतु सक्षम अधिकारी को संस्तुति कर दी गई है। विद्युत विभाग के एससी को निर्देशित किया गया है कि 24 घंटे के अंदर मृतक के परिजनों को नियमानुसार 7.50 लाख (प्रति परिवार) की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
घटना स्थल का मंत्री ने किया निरीक्षण नगर पालिका बिजली विभाग के अधिकारी निलंबित
बुधवार देर रात्रि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण गिरीश चन्द्र यादव संग जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र सहित अन्य अधिकारियों के साथ गत 25 अगस्त को कोतवाली क्षेत्र में अतिवृष्टि तथा खंभे में विद्युत प्रवाह होने के कारण घटित हृदय विदारक घटना में मृतक शिवा, प्राची मिश्रा और समीर के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की गई तथा पीड़ित परिवार को सांत्वना दी गई।
राज्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में शासन प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ है। मा0 मुख्यमंत्री तथा प्रमुख सचिव गृह को घटना क्रम से अवगत करा दिया गया है तथा शासन के निर्देश के क्रम में नियमानुसार हरसंभव जो भी मदद दी जा सकेगी, दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घटना दुखद तथा हृदय को विचलित करने वाला है। घटना की जांच हेतु मुख्य राजस्व अधिकारी प्रभारी स्थानीय निकाय अजय अम्बष्ट की अध्यक्षता में एसपी सिटी तथा अधीक्षण अभियंता विद्युत की संयुक्त त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
इसके साथ ही माननीय मंत्री जी तथा जिलाधिकारी द्वारा घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया गया तथा मा0 मंत्रीजी द्वारा पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए कहा गया कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाए।इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ0 कौस्तुभ, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, नगर मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन, उप जिलाधिकारी सदर सहित अन्य उपस्थित रहे।
On not getting the RTI information, the councilors protested at the Nagar Panchayat office and alleged corruption. Jaunpur news
JAUNPUR NEWS : आरटीआई की सूचना न मिलने पर सभासदों ने नगर पंचायत कार्यालय पर किया प्रदर्शन, लगाया भ्रष्टाचार का आरोप।
जौनपुर। जिले के नगर पंचायत कचगांव से आरटीआई की सूचना न मिलने को लेकर सभासदों ने बुधवार को उक्त नगर पंचायत कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया। सभासदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर पंचायत कचगांव में तमाम कार्यों की जानकारी करने के लिए आरटीआई के तहत सूचना मांगी गयी थी। अधिशासी अधिकारी ने पत्र देकर हमलोगों को कार्यालय में बुलाया गया था। जब बुधवार को हम सभासद जब अधिशासी अधिकारी से सुचना प्राप्त करने के लिए कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय में अधिशासी अधिकारी उपस्थित नहीं थी। सभासदों ने कहा कि जब हम लोग अधिशासी अधिकारी के बारे में कार्योलय के बाबू जानकारी मांगी तो उन्होंने कोई जानकारी नही दी।
इसी बात से नाराज सभासदों ने कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन करते हुए कहा कि नगर पंचायत में मनमानी ढ़ंग से कार्य कराये जाने के कारण हम लोगों द्वारा जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गयी सुचना नहीं देना चाहते है, सिर्फ हमलोगों को परेशान करने के लिए कार्यालय का चक्कर लगवाया जा रहा है। सभासदों ने आरोप लगाया कि जब सरकार के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आम जनमानस को यह अधिकार देता है कि किसी भी विकास कार्य में अगर सरकारी धन का उपयोग किया गया है तो आम जनमानस आईटीआई अधिनियम के तमाम जानकारी मांग सकता है। उसी अधिनियम के तहत नगर पंचायत कजगांव में कराये गये कार्यों की जानकारी के लिए सूचना मांगे गई थी, जसकी सूचना नहीं दिया गया। सूचना देने के लिए कार्यालय पर हम लोगों को पत्र लिखकर बुलाया गया था। कार्यालय जाने के बाद न सुचना की जानकारी दिया गया और न ही अधिशासी अधिकारी मौजूद रहीं। सभासदों ने गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरटीआई अधिनियम कानून की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है। साथ ही सभासदों ने कहा कि नगर पंचायत में जो विकास कार्य कराया जा रहा है सभी कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। प्रदर्शन करने वालों में आलोक मौर्य, अखिलेश यादव, इकबाल अंसारी, रितेश मौर्य, अरविन्द प्रजापति, सुनील विश्वकर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Jaunpur News :27 घण्टे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ बंद,डेढ़ किलो मीटर दूर V mart के पीछे नाले में शव बरामद
JAUNPUR NEWS जौनपुर । मछलीशहर पड़ाव ऑपरेशन नाला पर मंगलवार की देर शाम विराम लग गया एसडीआरएफ पुलिस के हाथ बड़ी सफलता हाथ लगी है 27 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेश को किया गया बंद प्राची समीर का शव नाले से बरामद ।
गौरतलब हो कि सोमवार की शाम साढ़े 4 बजे को भारी बारिश के कारण नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के पास सड़क पर जल भराव हो गया था तभी एक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था आज मंगल वार देर शाम 7 : 30 पर 26 घंटे बाद यूपी फायर सर्विस और एसडीआरएफ की टीम को सर्च ऑपरेशन में सफल हुई नाले में गिरे युवक युवती के शव को घटना स्थल से डेढ़ किलो मीटर दूर बदलापुर पड़ाव के उत्तरी छोर पर स्थित पठान टोलिया नाले में प्राची मिश्रा और शमीर का शव मिला।
गौरतलब हो कि सोमवार को लाइनबाजार थाना क्षेत्र के मियांपुर मोहल्ला निवासी प्राची मिश्रा अपनी माँ प्रतिमा मिश्रा के लिए तीज का सामान लेने ओलंदगंज के मछलीशहर पड़ाव गई हुई थी तभी शहर में तेज बारिश शुरू हो गई अत्यधिक बारिश के चलते सड़क पर जल जमाव हो गया था प्राची अपने घर मियांपुर के लिए पैदल जैसे ही निकली उसका पैर नाले के किनारे फिसल गया नाले के बगल स्थित बिजली पोल में करेंट था प्राची को जैसे ही बिजली के करंट का ऐहसास हुआ वह घबरा कर नाले के गिर पड़ी तभी सड़क से गुजर रहे शमीर नामक युवक की नजर प्राची पर पड़ी प्राची बचाने के प्रयास में शमीर भी नाले में बहने लगा प्रयाग राज जिले का रहने वाला युवक 5 दिन पहले अपने मामू की शादी में शामिल होने जौनपुर आया था।
घटना स्थल पर मौजूद दुकानदारों ने बताया कि दोनों नाले में जाते देख बगल से गुजर रहे ई रिक्शा चालक कुल्हना मऊ गांव निवासी शिवा गौतम ने देखा तो वह भी दोनो को बचाने के प्रयास में दौड़ा मगर दुर्भाग्य से वह दोनों तक पहोच पाता उसके पहले ही वह बिजली के खंभे में करंट की चपेट में आ गया मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के कुछ घण्टे बाद जब युवक युवती के परिजनों को इस बात का पता चला तो लगातार उनके परिजन पुलिस और प्रशासन के साथ डटे रहे। परिजनों की बेचैनी और चीख पुकार से नगर का माहौल गमगीन हो गया है। – प्राची और शमीर का शव नाले से बरामद होने के बाद घटना की जानकारी देते हुए – नगर मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह ने कहा कि सोमवार को भारी बारिश के दौरान मछलीशहर पड़ाव पर एक लड़की को नाले में बहने के कारण जो एक ई रिक्शा चालक ने बचाने की कोशिश की जिसकी घटना स्थल पर बिजली के पोल में करन्ट की चपेट में आने से उसकी मौके पर मृत्यु हो गई थी उसके बाद पता चला कि नाले में दोलोग बह गए है कल शाम से ही हमारे नगर पालिका और पुलिस टीम ने जांच किया पुलिस अधीक्षक की निगरानी में रात भर सर्च ऑपरेशन किया गया सुबह फायर पुलिस सर्विस एसडीआरएफ की टीमो को बुलाया गया था। आज शाम को दोनो की डेड बॉडी मिल गई अस्पताल भेजवाया गया है।
सीओ सिटी देवेश कुमार सिंह मामले की जानकारी देते हुए बताया कि कल से हम लोग सर्च ऑपरेशन चला रहे थे जिसमें फायर बिग्रेड नगर पालिका के साथ सोमवार को सर्च ऑपरेशन चलाया मगर रात्री होने के कारण कुछ समय के लिए ऑपरेशन को रोकना पड़ा आज सुबह एसडीआरएफ की टीम के अथक प्रयास के बाद आज शाम साढ़े सात बजे पहले हमे युवक शमीर का शव प्राप्त हुआ , उसके 15 मिनट बाद उसी स्थान से 20 मीटर दूर लापता युवती का शव मिला ।
पीड़ित मरीज प्रसव में त्रस्त स्टॉप नर्स अपने में मस्त
हंगामे के बाद पहुंची पुलिस, पीएचसी करंजाकला का मामला
जौनपुर :प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का खेल तेजी से चल रहा है। मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं देने के नाम पर तैनात स्टाफ खुलेआम पैसा वसूली में जुटी हैं। सोमवार की रात करंजाकला ब्लॉक के सुल्तानपुर गौर गांव की रहने वाली सरोज बनवासी इस लापरवाही का शिकार बनीं।
जानकारी के अनुसार प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजनों ने गांव की आशा कार्यकर्ता सुमन पांडे को फोन किया और रात में एंबुलेंस से सरोज को पीएचसी करंजाकला लाया गया। आरोप है कि वहां मौजूद स्टाफ नर्स रचना राय ने महिला को पूरी रात बिना इलाज के ऐसे ही लेबर रूम में रख दिया। सुबह जब ड्यूटी पर स्टाफ नर्स स्वर्णिमा सिंह पहुंचीं तो उन्होंने भी पीड़िता को सुबह 10 बजे तक बिना किसी जानकारी के यूं ही रखा। इसके बाद आशा कार्यकर्ता से खून की जांच कराने को कहा गया और सैंपल बाहर भेज दिया गया।परिजनों का आरोप है कि प्रसव कराने के नाम पर स्टाफ नर्स स्वर्णिमा सिंह ने दो हजार रुपये की मांग की। गरीब परिवार देने में असमर्थता जताने पर आशा कार्यकर्ता ने भी बिना पैसे के प्रसव न कराने का दबाव बनाया। पैसे न मिलने पर नर्स ने खून की कमी का हवाला देते हुए महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसी बीच परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया तो मामला बिगड़ गया।
हंगामे के दौरान पुरुष स्टाफ नर्स अमित राय और आशा कार्यकर्ता के बेटे के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। सूचना मिलते ही 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। वहीं, इसी दौरान भकुरा गांव की राधा प्रजापति ने भी आरोप लगाया कि प्रसव के नाम पर उससे एक हजार रुपये वसूले गए थे।
आशा कार्यकर्ता सुमन पांडे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करंजाकला पीएचसी में बिना रुपये लिए कोई भी डिलीवरी नहीं कराई जाती। हर प्रसव के लिए 1500 से 2000 रुपये अनिवार्य रूप से मांगे जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुरुष स्टाफ नर्स अमित राय शराब पीकर लेबर रूम में मौजूद रहते हैं।
वहीं, स्टाफ नर्स स्वर्णिमा सिंह ने पैसे लेने से साफ इनकार करते हुए कहा कि सरोज बनवासी को खून की कमी और वजन कम होने की वजह से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। पुरुष नर्स अमित राय ने भी शराब पीकर काम करने की बात को निराधार बताया। इस पूरे मामले पर चिकित्सा प्रभारी डॉ. संतोष जायसवाल ने स्वीकार किया कि पैसे लेने की शिकायत आई थी। उन्होंने कहा कि लिखित बयान भी लिया गया है और जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है। वहीं थाना प्रभारी जयप्रकाश यादव ने बताया कि 112 पर सूचना जरूर मिली थी, लेकिन थाने पर अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं आई है। …………
प्रसव के लिए जरूरी सामान नदारद, बाहर से मंगवाए गए ग्लव्स-ब्लेड
शासन की तमाम सख्त निर्देश और मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला हालत चौंकाने वाली है। यहां प्रसव कराने के लिए जरूरी सामान तक उपलब्ध नहीं है। मंगलवार को सुल्तानपुर गौर गांव की रहने वाली सरोज बनवासी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उन्हें लेकर पीएचसी पहुंचे, लेकिन वहां की स्थिति देखकर उनका भरोसा टूट गया। अस्पताल में न तो ग्लव्स मिले, न ही ब्लेड और न ही खून की जांच की सुविधा मौजूद थी। स्टाफ ने साफ कह दिया कि ये सभी सामान बाहर से खरीदकर लाना पड़ेगा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उन्हें मजबूर किया कि प्रसव कराने के लिए जरूरी सामान बाहर से खरीद कर लाए। जब सरकार की ओर से मातृ एवं शिशु सुरक्षा के लिए मुफ्त सुविधा देने की बात कही जाती है। चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद स्टाफ नर्स स्वर्णिमा सिंह ने स्वीकार किया कि अस्पताल में प्रसव कराने के लिए बुनियादी उपकरण और दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रसव कराने के लिए मरीजों को बाहर से सामान लाना पड़ता है।
शाहगंज (जौनपुर)। एक युवा रिक्शा चालक रहस्मयी तरीक़े से लापता हो गया।और उसका रिक्शा एक नदी के पुलिया के पास से बरामद हुआ।बताया जाता है की नगर के पुराना चौक निवासी 25 वर्षीय अंकुश अग्रहरि उर्फ जैकी पुत्र अशोक अग्रहरि अपनी रोजी रोटी हेतू ई रिक्शा चलाता है।रविवार की शाम लगभग पांच बजे प्रतिदिन की भांति अपना ई रिक्शा लेकर निकला था।मगर रात भर घर वापस नही आया तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की फिर भी कोई पता नही चल सका।सोमवार की शाम लगभग पांच बजे किसी तरह परिजनों को जानकारी मिली एक ई रिक्शा नगर से सटे आज़मगढ़ जनपद के अम्बारी पुलिस चौकी अंतर्गत शैद पुर बिसेखा के नदी के पुलिया के पास लावारिश हाल में काफी समय से खड़ा है।परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे तो वहां अंकुश का ई रिक्शा,पैंट, शर्ट, मोबाइल, और कुछ पैसे मिले।परिजनों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने रिक्शे को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई।वहीं परिजन किसी अनहोनी की आशंका को लेकर सशंकित हैं।फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
खेतासराय (जौनपुर): स्थानीय थाना क्षेत्र के मनेछा गांव में मंगलवार की सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बिपिन कुमार यादव (22 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र यादव रोज़ की तरह सुबह लगभग सात बजे शौच के लिए खेतों की तरफ गया था। वापस लौटने के बाद उसने हाथ-मुँह धोया और चाय पी। इसी दौरान उसने परिवार वालों से सिर चकराने और बेचैनी की शिकायत की। देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह चौकी पर गिर पड़ा।
परिजन तत्काल डॉक्टर को बुलाए। लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद बिपिन को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शोकाकुल माहौल में बिना पुलिस को सूचित किए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
युवक की अचानक हुई मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उसे किसी जहरीले जीव-जंतु ने काट लिया होगा। वहीं, कुछ ग्रामीण हार्ट अटैक की आशंका जता रहे हैं। हालांकि वास्तविक कारण का पता नहीं चल सका है। युवक की असामयिक मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई और सीधे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
jaunpur News,लतीफपुर में टॉर्च जलाने को लेकर खूनी संघर्ष,11 घायल
Jaunpur News, bloody conflict over lighting a torch in Latifpur, 11 injured
गंभीर रूप से घायल 9 जिला अस्पताल एक ट्रामा सेन्टर रेफ़र
खेतासराय (जौनपुर) स्थानीय थाना क्षेत्र के लतीफपुर गांव में मामूली बात को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। रविवार की देर रात हुई इस मारपीट में दोनों ओर से लाठी-डंडे जमकर चले, जिसमें कुल ग्यारह लोग घायल हो गए। गम्भीर रूप घायल नौ लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया तथा एक कि हालात नाज़ुक देखते हुए वाराणसी के ट्रामा सेन्टर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, लतीफपुर निवासी सितई बिन्द के परिवार की कुछ महिलाएं देर रात शौच के लिए सड़क किनारे गई थीं। उसी समय दूसरे पक्ष का युवक सत्यम पुत्र रमाशंकर अपने पुराने मकान की ओर जा रहा था। रास्ता साफ देखने के लिए उसने टॉर्च जलाई। यही बात सितई पक्ष को नागवार गुजरी और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई।
देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रथम पक्ष से सितई बिन्द पुत्र भग्गल (55 वर्ष), मितई पुत्र भग्गल (53 वर्ष), इंद्रकेश पुत्र मितई (30 वर्ष), सुमन पत्नी इन्द्रकेश (33 वर्ष), रवीना पुत्री मनिका प्रसाद (20 वर्ष) द्वितीय पक्ष से रमाशंकर (38 वर्ष), सत्यम पुत्र रमाशंकर (15 वर्ष), पवन पुत्र बंशराज़ (28 वर्ष), हंसराज पुत्र मिट्ठू (48 वर्ष), रीता पत्नी रमाशंकर (36 वर्ष), अन्द्रिका पुत्री हंसराज (18 वर्ष) गम्भीर रूप से घायल हो गए। मंगलवार को सभी घायलों का मेडिकल मुआयना पीएचसी सोंधी में कराया गया।
जहाँ मामूली रूप से घायल अन्द्रिका को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, बाकी नौ गम्भीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले की छानबीन करने में जुट गई थी। घटना के सम्बंध में थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
JAUNPUR रात भर नदी-नाले पर भटकती रही पुलिस,नहीं लगा दोनों का सुराग
JAUNPUR: Police kept wandering in the rivers and streams throughout the night, could not find any clue of the two
JAUNPUR NEWS : जौनपुर में भारी बारिश के चलते सोमवार की शाम साढ़े चार बजे नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के पास बिजली के खम्भे के नीचे सीवर (नाले में करन्ट उतरने से एक रिक्शा चालक की मौत हो गई।स्थानीय लोगो के मुताबिक दो बच्चे सड़क से जा रहे थे सड़क पर पानी भर जाने की वजह से दोनों बच्चे जिनकी उम्र 13 से 14 वर्ष थो नाले में गिर पड़े तभी सड़क से जा रहे ई बैटरी रिक्शा चालक ने मानवता वस उनको बचाने का प्रयास किया मगर दुर्भाग्य से वह विद्युत करंट की चपेट में आ गया । घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा घायल रिक्शा चालक को आननफानन में शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय ले गए जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
JAUNPUR रात भर नदी-नाले पर भटकती रही पुलिस,नहीं लगा दोनों का सुराग
देर रात्रि तक पुलिस को उन दोनों का पता नहीं चल सका जिसपर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि 25 अगस्त को अपराह्न लगभग 4:30 बजे से 5:30 बजे के मध्य हुई तेज बारिश के कारण थाना कोतवाली अन्तर्गत मछलीशहर पड़ाव क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी दौरान एक खुले नाले में युवती के बहने की घटना पर सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षकस्वयं मौके पर पहुँचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ कराया।
पुलिस टीम, जिला प्रशासन,नगर पालिका एवं फायर ब्रिगेड द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से युवती को निकालने हेतु हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक द्वारा मौके पर मौजूद सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा युवती के परिजनों को हर सम्भव सहयोग व सहायता का आश्वासन दिया गया।
Hartalika Teej नारी तप आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व
Hartalika Teej Festival of Women’s Penance, Faith and Cultural Consciousness
Hartalika Teej : हरितालिका तीज भारत की धार्मिक परंपराएँ अपनी विविधता और गहनता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। यहाँ हर पर्व का कोई न कोई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व होता है। इन्हीं में से एक विशेष पर्व है हरितालिका तीज, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा पड़ोसी देश नेपाल में बड़े श्रद्धा-भाव और उल्लास के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह नारी-शक्ति, आस्था और आत्मबल का अद्वितीय प्रतीक है।
हरितालिका तीज का संबंध शिव-पार्वती विवाह की कथा से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। किंतु उनके पिता हिमवान ने उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ कराने का निश्चय कर लिया। जब पार्वती जी की सहेलियों को इसका ज्ञान हुआ, तब उन्होंने पार्वती जी का हरण (हरित) कर उन्हें वन में ले जाकर भगवान शिव की आराधना करने के लिए प्रेरित किया।
वहाँ पार्वती जी ने कठोर व्रत और उपवास कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। उनके तप और भक्ति से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसी प्रसंग के कारण इस व्रत का नाम हरितालिका तीज पड़ा हरित अर्थात् हरण और आलिका अर्थात् सखियाँ। यह कथा केवल एक धार्मिक आख्यान ही नहीं है, बल्कि इसमें स्त्री के संकल्प, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण मिलता है।
हरितालिका तीज का व्रत अत्यंत कठोर माना जाता है। यह निर्जला उपवास होता है, जिसमें जल तक का सेवन नहीं किया जाता। व्रत करने वाली महिलाएँ पूरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं और रात्रि में जागरण रखकर भजन-कीर्तन करती हैं।
इस व्रत को मुख्यतः विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए करती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। यह पर्व शिव-पार्वती के पावन दांपत्य का स्मरण कराता है और गृहस्थ जीवन में समर्पण, प्रेम और विश्वास के महत्व को रेखांकित करता है।
हरितालिका तीज के दिन पूजा की विधि विशेष महत्व रखती है। सामान्यतः इसकी प्रक्रिया प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं, घर अथवा मंदिर में मिट्टी या धातु की भगवान शिव, माता पार्वती तथा गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है, बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य से पूजन किया जाता है, व्रत कथा का श्रवण अथवा पाठ अनिवार्य माना गया है, महिलाएँ दिनभर निर्जला उपवास करती हैं और रात्रि में सामूहिक भजन-कीर्तन व जागरण करती हैं, अगले दिन प्रातः पूजन कर व्रत का विधिवत पारण किया जाता है।
हरितालिका तीज का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी गहरे हैं। इस दिन महिलाएँ पारंपरिक परिधान धारण करती हैं। विशेषकर लाल, हरे और पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं, जो सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक हैं। विवाहित महिलाएँ अपने हाथों में मेंहदी रचाती हैं, श्रृंगार करती हैं और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएँ देती हैं।
ग्रामीण अंचलों में इस अवसर पर लोकगीत और नृत्य का आयोजन होता है, जिनमें स्त्रियाँ अपने मनोभावों और उत्साह को अभिव्यक्त करती हैं। यह पर्व नारी एकजुटता और बहनापा का भी प्रतीक है, क्योंकि महिलाएँ सामूहिक रूप से उपवास और पूजा करती हैं।
हरितालिका तीज का पर्व केवल पति की लंबी आयु की प्रार्थना भर नहीं है। इसमें एक गहन संदेश छिपा हुआ है, नारी अपनी आस्था और संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है। पार्वती जी की भाँति, जिसने अपने दृढ़ निश्चय और तप से स्वयं भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, वैसे ही आधुनिक समय की स्त्रियाँ भी अपने आत्मबल और दृढ़ संकल्प से समाज में अपनी पहचान बना सकती हैं। इस प्रकार, हरितालिका तीज को नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक पर्व भी कहा जा सकता है। यह स्त्रियों को आत्मविश्वास, आत्मबल और अपनी परंपराओं के प्रति गर्व का बोध कराता है।
आज के व्यस्त और तकनीकी जीवन में जब पारिवारिक बंधन शिथिल पड़ते जा रहे हैं, हरितालिका तीज जैसे पर्व हमें परिवार और रिश्तों की अहमियत याद दिलाते हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के बीच विश्वास और निष्ठा को मजबूत करता है। साथ ही, सामूहिक रूप से तीज मनाना समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करता है। त्योहार चाहे धार्मिक हो या सामाजिक, उसका उद्देश्य मनुष्य को अपने कर्तव्यों और मूल्यों की ओर सजग करना होता है।
हरितालिका तीज केवल एक व्रत या धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह नारी के संकल्प, आस्था और आत्मबल का पर्व है। इसमें शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा के साथ-साथ नारी के धैर्य, दृढ़ता और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि, दांपत्य की मजबूती और स्त्री की आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। सांस्कृतिक दृष्टि से यह पर्व लोकगीत, श्रृंगार, उल्लास और सामूहिकता का उत्सव है। आधुनिक समय में भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है, क्योंकि यह हमें परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ जीवन में प्रेम, समर्पण और विश्वास की महत्ता का बोध कराता है। इस प्रकार, हरितालिका तीज भारतीय संस्कृति की उस अमर परंपरा का प्रतीक है, जिसमें आस्था, अध्यात्म और सामाजिक चेतना का गहन समन्वय दिखाई देता है।
खुदौली के पाँच छात्र जनपदीय बास्केटबॉल टीम में चयनित
खेतासराय (जौनपुर) सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के पाँच प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा के बल पर जनपदीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्थान बनाया है। यह प्रतियोगिता तिलकधारी सिंह इण्टर कॉलेज, जौनपुर में आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के कई विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया।
सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के कक्षा 11 मानविकी के छात्र आनंद कुमार यादव, 11 विज्ञान के छात्र सौरभ कुमार तथा 11 कृषि के छात्र नितीश कुमार का चयन अंडर-17 वर्ग में हुआ। वहीं कक्षा 12 विज्ञान के छात्र शौर्य सिंह और शिवम का चयन अंडर-19 वर्ग में किया गया। अब ये छात्र वाराणसी स्थित यू.पी. कॉलेज में होने वाली मण्डलीय प्रतियोगिता में जनपद जौनपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता ने चयनित खिलाड़ियों का माला पहनाकर स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल शिक्षक मोहम्मद शरीफ के मार्गदर्शन में हुई इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय सहित सभी अध्यापकों और कर्मचारियों ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया।