शाहगंज (जौनपुर)। एक युवा रिक्शा चालक रहस्मयी तरीक़े से लापता हो गया।और उसका रिक्शा एक नदी के पुलिया के पास से बरामद हुआ।बताया जाता है की नगर के पुराना चौक निवासी 25 वर्षीय अंकुश अग्रहरि उर्फ जैकी पुत्र अशोक अग्रहरि अपनी रोजी रोटी हेतू ई रिक्शा चलाता है।रविवार की शाम लगभग पांच बजे प्रतिदिन की भांति अपना ई रिक्शा लेकर निकला था।मगर रात भर घर वापस नही आया तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की फिर भी कोई पता नही चल सका।सोमवार की शाम लगभग पांच बजे किसी तरह परिजनों को जानकारी मिली एक ई रिक्शा नगर से सटे आज़मगढ़ जनपद के अम्बारी पुलिस चौकी अंतर्गत शैद पुर बिसेखा के नदी के पुलिया के पास लावारिश हाल में काफी समय से खड़ा है।परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे तो वहां अंकुश का ई रिक्शा,पैंट, शर्ट, मोबाइल, और कुछ पैसे मिले।परिजनों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी।मौके पर पहुंची पुलिस ने रिक्शे को कब्जे में लेकर कोतवाली ले आई।वहीं परिजन किसी अनहोनी की आशंका को लेकर सशंकित हैं।फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
संदिग्ध हालात में युवक की मौत, परिजनों ने बिना सूचना दिए किया अंतिम संस्कार
खेतासराय (जौनपुर): स्थानीय थाना क्षेत्र के मनेछा गांव में मंगलवार की सुबह एक युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी बिपिन कुमार यादव (22 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र यादव रोज़ की तरह सुबह लगभग सात बजे शौच के लिए खेतों की तरफ गया था। वापस लौटने के बाद उसने हाथ-मुँह धोया और चाय पी। इसी दौरान उसने परिवार वालों से सिर चकराने और बेचैनी की शिकायत की। देखते ही देखते उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह चौकी पर गिर पड़ा।
परिजन तत्काल डॉक्टर को बुलाए। लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद बिपिन को मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शोकाकुल माहौल में बिना पुलिस को सूचित किए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
युवक की अचानक हुई मौत को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उसे किसी जहरीले जीव-जंतु ने काट लिया होगा। वहीं, कुछ ग्रामीण हार्ट अटैक की आशंका जता रहे हैं। हालांकि वास्तविक कारण का पता नहीं चल सका है। युवक की असामयिक मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई और सीधे अंतिम संस्कार कर दिया गया।
jaunpur News,लतीफपुर में टॉर्च जलाने को लेकर खूनी संघर्ष,11 घायल
Jaunpur News, bloody conflict over lighting a torch in Latifpur, 11 injured
- गंभीर रूप से घायल 9 जिला अस्पताल एक ट्रामा सेन्टर रेफ़र
खेतासराय (जौनपुर) स्थानीय थाना क्षेत्र के लतीफपुर गांव में मामूली बात को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। रविवार की देर रात हुई इस मारपीट में दोनों ओर से लाठी-डंडे जमकर चले, जिसमें कुल ग्यारह लोग घायल हो गए। गम्भीर रूप घायल नौ लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया तथा एक कि हालात नाज़ुक देखते हुए वाराणसी के ट्रामा सेन्टर भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, लतीफपुर निवासी सितई बिन्द के परिवार की कुछ महिलाएं देर रात शौच के लिए सड़क किनारे गई थीं। उसी समय दूसरे पक्ष का युवक सत्यम पुत्र रमाशंकर अपने पुराने मकान की ओर जा रहा था। रास्ता साफ देखने के लिए उसने टॉर्च जलाई। यही बात सितई पक्ष को नागवार गुजरी और कहासुनी बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई।
देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रथम पक्ष से सितई बिन्द पुत्र भग्गल (55 वर्ष), मितई पुत्र भग्गल (53 वर्ष), इंद्रकेश पुत्र मितई (30 वर्ष), सुमन पत्नी इन्द्रकेश (33 वर्ष), रवीना पुत्री मनिका प्रसाद (20 वर्ष) द्वितीय पक्ष से रमाशंकर (38 वर्ष), सत्यम पुत्र रमाशंकर (15 वर्ष), पवन पुत्र बंशराज़ (28 वर्ष), हंसराज पुत्र मिट्ठू (48 वर्ष), रीता पत्नी रमाशंकर (36 वर्ष), अन्द्रिका पुत्री हंसराज (18 वर्ष) गम्भीर रूप से घायल हो गए। मंगलवार को सभी घायलों का मेडिकल मुआयना पीएचसी सोंधी में कराया गया।
जहाँ मामूली रूप से घायल अन्द्रिका को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, बाकी नौ गम्भीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले की छानबीन करने में जुट गई थी। घटना के सम्बंध में थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
JAUNPUR रात भर नदी-नाले पर भटकती रही पुलिस,नहीं लगा दोनों का सुराग
JAUNPUR: Police kept wandering in the rivers and streams throughout the night, could not find any clue of the two
JAUNPUR NEWS : जौनपुर में भारी बारिश के चलते सोमवार की शाम साढ़े चार बजे नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के मछलीशहर पड़ाव के पास बिजली के खम्भे के नीचे सीवर (नाले में करन्ट उतरने से एक रिक्शा चालक की मौत हो गई।स्थानीय लोगो के मुताबिक दो बच्चे सड़क से जा रहे थे सड़क पर पानी भर जाने की वजह से दोनों बच्चे जिनकी उम्र 13 से 14 वर्ष थो नाले में गिर पड़े तभी सड़क से जा रहे ई बैटरी रिक्शा चालक ने मानवता वस उनको बचाने का प्रयास किया मगर दुर्भाग्य से वह विद्युत करंट की चपेट में आ गया । घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा घायल रिक्शा चालक को आननफानन में शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय ले गए जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

देर रात्रि तक पुलिस को उन दोनों का पता नहीं चल सका जिसपर पुलिस ने विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि 25 अगस्त को अपराह्न लगभग 4:30 बजे से 5:30 बजे के मध्य हुई तेज बारिश के कारण थाना कोतवाली अन्तर्गत मछलीशहर पड़ाव क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी दौरान एक खुले नाले में युवती के बहने की घटना पर सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षकस्वयं मौके पर पहुँचे और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ कराया।
पुलिस टीम, जिला प्रशासन,नगर पालिका एवं फायर ब्रिगेड द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से युवती को निकालने हेतु हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक द्वारा मौके पर मौजूद सम्बन्धित अधिकारियों कर्मचारियों को त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये तथा युवती के परिजनों को हर सम्भव सहयोग व सहायता का आश्वासन दिया गया।
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Hartalika Teej नारी तप आस्था और सांस्कृतिक चेतना का पर्व
Hartalika Teej Festival of Women’s Penance, Faith and Cultural Consciousness
Hartalika Teej : हरितालिका तीज भारत की धार्मिक परंपराएँ अपनी विविधता और गहनता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। यहाँ हर पर्व का कोई न कोई धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्त्व होता है। इन्हीं में से एक विशेष पर्व है हरितालिका तीज, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान तथा पड़ोसी देश नेपाल में बड़े श्रद्धा-भाव और उल्लास के साथ मनाया जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह नारी-शक्ति, आस्था और आत्मबल का अद्वितीय प्रतीक है।
हरितालिका तीज का संबंध शिव-पार्वती विवाह की कथा से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। किंतु उनके पिता हिमवान ने उनका विवाह भगवान विष्णु के साथ कराने का निश्चय कर लिया। जब पार्वती जी की सहेलियों को इसका ज्ञान हुआ, तब उन्होंने पार्वती जी का हरण (हरित) कर उन्हें वन में ले जाकर भगवान शिव की आराधना करने के लिए प्रेरित किया।
वहाँ पार्वती जी ने कठोर व्रत और उपवास कर भगवान शिव को प्रसन्न किया। उनके तप और भक्ति से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसी प्रसंग के कारण इस व्रत का नाम हरितालिका तीज पड़ा हरित अर्थात् हरण और आलिका अर्थात् सखियाँ। यह कथा केवल एक धार्मिक आख्यान ही नहीं है, बल्कि इसमें स्त्री के संकल्प, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण मिलता है।
हरितालिका तीज का व्रत अत्यंत कठोर माना जाता है। यह निर्जला उपवास होता है, जिसमें जल तक का सेवन नहीं किया जाता। व्रत करने वाली महिलाएँ पूरे दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं और रात्रि में जागरण रखकर भजन-कीर्तन करती हैं।
इस व्रत को मुख्यतः विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना के लिए करती हैं। वहीं, अविवाहित कन्याएँ अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को करती हैं। यह पर्व शिव-पार्वती के पावन दांपत्य का स्मरण कराता है और गृहस्थ जीवन में समर्पण, प्रेम और विश्वास के महत्व को रेखांकित करता है।
हरितालिका तीज के दिन पूजा की विधि विशेष महत्व रखती है। सामान्यतः इसकी प्रक्रिया प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं, घर अथवा मंदिर में मिट्टी या धातु की भगवान शिव, माता पार्वती तथा गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है, बेलपत्र, धतूरा, फल-फूल, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य से पूजन किया जाता है, व्रत कथा का श्रवण अथवा पाठ अनिवार्य माना गया है, महिलाएँ दिनभर निर्जला उपवास करती हैं और रात्रि में सामूहिक भजन-कीर्तन व जागरण करती हैं, अगले दिन प्रातः पूजन कर व्रत का विधिवत पारण किया जाता है।
हरितालिका तीज का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी गहरे हैं। इस दिन महिलाएँ पारंपरिक परिधान धारण करती हैं। विशेषकर लाल, हरे और पीले रंग के वस्त्र शुभ माने जाते हैं, जो सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक हैं। विवाहित महिलाएँ अपने हाथों में मेंहदी रचाती हैं, श्रृंगार करती हैं और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएँ देती हैं।
ग्रामीण अंचलों में इस अवसर पर लोकगीत और नृत्य का आयोजन होता है, जिनमें स्त्रियाँ अपने मनोभावों और उत्साह को अभिव्यक्त करती हैं। यह पर्व नारी एकजुटता और बहनापा का भी प्रतीक है, क्योंकि महिलाएँ सामूहिक रूप से उपवास और पूजा करती हैं।
हरितालिका तीज का पर्व केवल पति की लंबी आयु की प्रार्थना भर नहीं है। इसमें एक गहन संदेश छिपा हुआ है, नारी अपनी आस्था और संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है। पार्वती जी की भाँति, जिसने अपने दृढ़ निश्चय और तप से स्वयं भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया, वैसे ही आधुनिक समय की स्त्रियाँ भी अपने आत्मबल और दृढ़ संकल्प से समाज में अपनी पहचान बना सकती हैं। इस प्रकार, हरितालिका तीज को नारी-सशक्तिकरण का प्रतीक पर्व भी कहा जा सकता है। यह स्त्रियों को आत्मविश्वास, आत्मबल और अपनी परंपराओं के प्रति गर्व का बोध कराता है।
आज के व्यस्त और तकनीकी जीवन में जब पारिवारिक बंधन शिथिल पड़ते जा रहे हैं, हरितालिका तीज जैसे पर्व हमें परिवार और रिश्तों की अहमियत याद दिलाते हैं। यह त्योहार पति-पत्नी के बीच विश्वास और निष्ठा को मजबूत करता है। साथ ही, सामूहिक रूप से तीज मनाना समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करता है। त्योहार चाहे धार्मिक हो या सामाजिक, उसका उद्देश्य मनुष्य को अपने कर्तव्यों और मूल्यों की ओर सजग करना होता है।
हरितालिका तीज केवल एक व्रत या धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह नारी के संकल्प, आस्था और आत्मबल का पर्व है। इसमें शिव-पार्वती विवाह की पौराणिक कथा के साथ-साथ नारी के धैर्य, दृढ़ता और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह पर्व परिवार की सुख-समृद्धि, दांपत्य की मजबूती और स्त्री की आंतरिक शक्ति का प्रतीक है। सांस्कृतिक दृष्टि से यह पर्व लोकगीत, श्रृंगार, उल्लास और सामूहिकता का उत्सव है। आधुनिक समय में भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है, क्योंकि यह हमें परंपरा से जोड़ने के साथ-साथ जीवन में प्रेम, समर्पण और विश्वास की महत्ता का बोध कराता है। इस प्रकार, हरितालिका तीज भारतीय संस्कृति की उस अमर परंपरा का प्रतीक है, जिसमें आस्था, अध्यात्म और सामाजिक चेतना का गहन समन्वय दिखाई देता है।
खुदौली के पाँच छात्र जनपदीय बास्केटबॉल टीम में चयनित
खेतासराय (जौनपुर) सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के पाँच प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा के बल पर जनपदीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में स्थान बनाया है। यह प्रतियोगिता तिलकधारी सिंह इण्टर कॉलेज, जौनपुर में आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के कई विद्यालयों की टीमों ने प्रतिभाग किया।
सर्वोदय इण्टर कॉलेज खुदौली के कक्षा 11 मानविकी के छात्र आनंद कुमार यादव, 11 विज्ञान के छात्र सौरभ कुमार तथा 11 कृषि के छात्र नितीश कुमार का चयन अंडर-17 वर्ग में हुआ। वहीं कक्षा 12 विज्ञान के छात्र शौर्य सिंह और शिवम का चयन अंडर-19 वर्ग में किया गया। अब ये छात्र वाराणसी स्थित यू.पी. कॉलेज में होने वाली मण्डलीय प्रतियोगिता में जनपद जौनपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार गुप्ता ने चयनित खिलाड़ियों का माला पहनाकर स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल शिक्षक मोहम्मद शरीफ के मार्गदर्शन में हुई इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक अनिल कुमार उपाध्याय सहित सभी अध्यापकों और कर्मचारियों ने छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना किया।
गूजरताल पर शुरू हुआ मत्स्य बीज वितरण अभियान,पहले दिन 4 लाख बिक्री
खेतासराय (जौनपुर) राजकीय मत्स्य प्रक्षेत्र गूजरताल पर सोमवार से मत्स्य बीज वितरण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई। अभियान के पहले ही दिन प्रक्षेत्र से लगभग चार लाख से अधिक मत्स्य बीज का सफल वितरण किया गया।
गौरतलब है कि गूजरताल मत्स्य प्रक्षेत्र कभी एशिया स्तर पर अपनी विशेष पहचान रखता था, किंतु वर्ष 2006 में घाटा दर्शाते हुए यहाँ स्थापित मिनी हैचरी को बंद कर दिया गया। उसके बाद से विभाग द्वारा बाहर से स्पान (जीरा) मंगाकर प्रक्षेत्र के नर्सरी तालाबों में छोड़ा जाता है। यह स्पान विकसित होकर मत्स्य बीज के रूप में तैयार होता है और बाद में मत्स्य पालकों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
फिशरमैन ओ. पी. नागर ने जानकारी दी कि इस वर्ष विभाग ने 50 लाख मत्स्य बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले ही दिन 120 रुपये प्रति हजार की दर से चार लाख से अधिक बीज बेचे गए। इस समय प्रक्षेत्र के नर्सरी तालाबों में लगभग एक करोड़ 25 लाख स्पान संचय किए जा चुके हैं। यदि बिक्री की स्थिति संतोषजनक रही तो लक्ष्य पूर्ति हेतु अतिरिक्त 75 लाख स्पान और संचय किए जाएंगे। मत्स्य विभाग के अनुसार, इस वितरण अभियान से न केवल मत्स्य पालकों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होगा बल्कि स्थानीय मत्स्य उत्पादन को भी नई गति मिलने की संभावना है।
खेतासराय के गुरैनी बाजार में स्मार्ट मीटर लगाने पर विरोध
व्यापारियों के विरोध के बाद कर्मचारियों ने लगाया ब्रेक, सात मीटर वापस बदले गए
खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के गुरैनी बाजार में सोमवार को स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों को व्यापारियों के जोरदार विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध इतना तीव्र हुआ कि कर्मचारियों को पहले से लगाए गए सात स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने पड़े।
सोमवार दोपहर करीब दो दर्जन कर्मचारी बाजार में स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे थे। एक दर्जन दुकानों पर मीटर लगाए भी जा चुके थे, तभी पूरे बाजार में इसकी खबर फैल गई। व्यापारियों का संगठन सक्रिय हो गया और इकट्ठा होकर विरोध करने लगा। हंगामे की स्थिति देख कर्मचारियों को मीटर लगाने का काम रोकना पड़ा।
व्यापार मण्डल अध्यक्ष मसूद सिद्दीकी ने बिजली विभाग के एसडीओ से फोन पर बातचीत कर स्मार्ट मीटर लगाने से पहले कुछ शर्तें रखीं। उन्होंने कहा कि बाजार में व्यापारियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जाए, 500 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाए और किसी भी फाल्ट की स्थिति में तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
सिद्दीकी ने बताया कि फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोक दिया गया है। उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही व्यापारी मीटर लगवाने देंगे। एसडीओ ने आश्वासन दिया है कि मंगलवार को वे गुरैनी बाजार पहुंचकर व्यापारियों से सीधे बातचीत कर समाधान निकालेंगे। इस दौरान व्यापार मण्डल के उपाध्यक्ष हुजैफा, महामंत्री रामशबद, मंत्री मोहम्मद आदिल, मोहम्मद सलीम, कादिर, सुनील कुमार, नौशाद आलम, अंजर, रहीम, अब्दुल्लाह समेत अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।
पूर्वांचल युवा महोत्सव के कार्यकारिणी की बैठक संपन्न
24 अक्टूबर से शुरू होगा युवा महोत्सव
जौनपुर। नवदुर्गा मंदिर विसर्जन घाट पर हुई । जिसमें संगठन के समस्त पदाधिकारी अपने विचार व्यक्त किया 24 ,25 ,26 अक्टूबर 2025 से होने वाले महोत्सव के कार्यक्रम के बारे में सुझाव भी दिए । अगले मीटिंग में संरक्षक मंडल से कमेटी का विस्तार किया जाएगा ।
बैठक मे निर्णय हुआ की सितंबर प्रथम सप्ताह में संरक्षक मंडल की अध्यक्षता में अनुमत लेकर समस्त कार्यक्रमों की कमेटी बना ली जाए । वह कमेटी महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए अर्ह होगी ।
कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष डॉ दिनेश तिवारी ने समस्त पदाधिकारियो से कहा किया कि आप लोगों द्वारा जो सुझाव दिया गया ,इसे संरक्षक मंडल के सामने रखकर शीघ्र निर्णय ले लिया जाएगा कार्यक्रम का संचालन महामंत्री निवेदिता राय ने किया। अपर जिलाधिकारी के पेशकार आशीष त्रिपाठी ने सुझाव दिया ।
पंकज जी भोजपुरी गायक, उपाध्यक्ष उपेंद्र मिश्रा ,श्रवण पांडे संजय यादव, चंद्रमणि मिश्रा,डा. प्रियंका, पूर्वांचल विश्वविद्यालय से डा. रिचा सिंह,डा सोनम झा, महेंद्र विश्वकर्मा, के के विश्वकर्मा, अवनीश मिश्रा, लक्ष्मी ,नेहा ,अर्णव मिश्रा, अजय शुक्ला , शरद पाठक , सुनील मौर्य, अन्य पदाधिकारियो ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सुझाव दिया।
Jaunpur : ई ऑफिस प्रणाली में ग्राम विकास जौनपुर का यूपी में प्रथम स्थान
Village Development Jaunpur ranks first in UP in e-office system in jaunpur
जौनपुर । ई-आफिस प्रणाली के माध्यम से समस्त कार्यालयो की पत्रावलियों व्यवहरित की जा रही हैं,मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया है कि शासन के निर्देशानुसार वर्तमान समय में
ग्राम्य विकास के सभी विभागो की सहभागिता के चलते जनपद जौनपुर प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। जनपद जौनपुर में वर्तमान समय तक 12459 पत्रावलियो का व्यवहरण करते हुए कुल 31465 पत्रावलियों का संचरण किया जा चुका है।
ई-आफिस प्रणाली के वेबसाइट पर प्रदेश के समस्त जनपदो की प्रगति के आधार पर द्वितीय स्थान पर काबिज जनपद से जनपद जौनपुर कुल 9002 संचरित पत्रावली में अधिक है। मुख्य विकास अधिकारी, जौनपुर द्वारा ग्राम्य विकास के समस्त विभागों के अधिकारियो को बधाई देते हुए निर्देशित किया गया कि इसी प्रकार कड़ी मेहनत करते हुए समस्त पत्रावलियो/पत्रो का संचरण ई-आफिस के माध्यम से किया जाए, जिससे कि प्रदेश में जनपद जौनपुर का प्रथम स्थान बरकरार रहे।











