वेटलैंड और पक्षी संरक्षण से ही सुरक्षित रहेगा भविष्य :डॉ. रवि कुमार सिंह
खेतासराय (जौनपुर) विश्व वेटलैंड दिवस के अवसर पर सोमवार को वन विभाग की ओर से खुदौली स्थित वन पार्क में अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड एवं बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान गूजरताल क्षेत्र में स्कूली बच्चों को विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का दीदार कराया गया। विशेषज्ञों ने बच्चों को पक्षियों की पहचान, उनके आवास और संरक्षण के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, आर्द्रभूमि (वेटलैंड) और पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने पेंटिंग, निबंध, क्ले और मॉडल प्रतियोगिताओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और जैव विविधता संरक्षण का संदेश दिया।
कस्बा स्थित अरिहंत इण्टर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। चित्रकला प्रतियोगिता में दिव्यांशी जैन ने प्रथम, साली भद्र ने द्वितीय और मोहम्मद इब्राहिम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में कनक विश्वकर्मा, शिवांगी और कृति चौधरी को क्रमशः स्थान मिला। क्ले प्रतियोगिता एवं मॉडल प्रतियोगिता में देवांशी को विजेता घोषित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन संरक्षक वाराणसी वृत्त (सीएफ) डॉ. रवि कुमार सिंह ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि वेटलैंड और तालाब हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आज हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में समय रहते सचेत होने की आवश्यकता है। पक्षियों का कलरव और स्वच्छ ऑक्सीजन प्रकृति की अमूल्य देन है।
उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को ईरान में वेटलैंड संरक्षण को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय संधि हुई थी, जिसके तहत प्रत्येक देश अपने वेटलैंड की रक्षा करेगा।
भारत इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। देश में कुल 98 वेटलैंड घोषित हैं, जिनमें 11 उत्तर प्रदेश में हैं। तमिलनाडु देश का पहला राज्य है, जहां 20 वेटलैंड घोषित किए गए हैं। हमें प्रयास करना चाहिए कि उत्तर प्रदेश भी इस क्षेत्र में अग्रणी बने। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएफओ प्रोमिला ने की। इस दौरान आरएफओ जौनपुर शालिनी चौरसिया, एसडीओ शाहगंज सरफराज अहमद, एसडीओ जौनपुर हरिओम श्रीवास्तव, रंजना सिंह सहित अन्य वन अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आरएफओ बदलापुर सुशील ने किया। अंत में रेंजर शाहगंज राकेश ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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गुजरताल के संरक्षण एवं विकास को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में कई आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधाओं के लिए वाचिंग टावर, मोटर बोट, पर्यटक हट तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। इन सुविधाओं से झील की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखते हुए वन्य जीवों और पक्षियों के अवलोकन में सहायता मिलेगी, जिससे यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक बन सकेगा।
डॉ. रवि कुमार सिंह
वन संरक्षक वाराणसी वृत्त (सीएफ)




