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प्रवक्ता पद पर चयनित हुए सर्वेश

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जौनपुर। जिले के मड़ियाहूं विकास खंड ब्रह्मदेवा निवासी सर्वेश कुमार यादव पुत्र राम सजीवन यादव, का उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में प्रवक्ता (रसायन विज्ञान) पद पर चयन हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार एवं पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।


सर्वेश की इस उपलब्धि को उनकी कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन का परिणाम बताया जा रहा है। इस अवसर पर अटेवा जौनपुर के जिला महामंत्री इंदु प्रकाश यादव,धर्मापुर ब्लॉक अध्यक्ष मनीष यादव , कृष्ण कुमार गुप्ता , जगदीश यादव ,अटेवा महिला विंग की अध्यक्ष आराधना चौहान सहित क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शुभचिंतकों और मित्रों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने कहा कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

बारिश से पहले खपरैल घर बचाने की जंग में जुटे ग्रामीण

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परम्परा, गरीबी और सरकारी उदासीनता की मार्मिक तस्वीर

खेतासराय (जौनपुर): आसमान में घिरते काले बादल, तेज होती हवाएं और मिट्टी की सोंधी महक, शहरों में यह मौसम सुकून और राहत का एहसास कराता है, लेकिन गांवों के सैकड़ों गरीब परिवारों के लिए यही बादल बेचैनी, चिंता और अनिश्चितता का संदेश लेकर आते हैं। मानसून की पहली बारिश से पहले जनपद जौनपुर के खेतासराय क्षेत्र के आस-पास गांवों में इन दिनों हर सुबह एक अनोखा दृश्य दिखाई देता है। जर्जर खपरैल मकानों की छतों पर पुरुष जान जोखिम में डालकर चढ़े हैं। महिलाएं नीचे मिट्टी और भूसे का गारा तैयार कर रही हैं। बच्चे टूटी खपरैल, बांस और ईंटें पकड़ाते हुए अपने हिस्से का श्रम दे रहे हैं। यह केवल छत की मरम्मत नहीं, बल्कि उस आशियाने को बचाने की जद्दोजहद है, जिसके नीचे पूरा परिवार अपने सपनों और संघर्षों के साथ जीवन बिताता है।

ग्रामीणों के लिए बारिश किसी उत्सव का मौसम नहीं होती, बल्कि एक ऐसी परीक्षा होती है जिसका सामना उन्हें हर साल करना पड़ता है। उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि छत की एक छोटी-सी दरार भी पूरी रात की नींद छीन सकती है। तेज बारिश शुरू होते ही घर के भीतर टपकता पानी, भीगे बिस्तर, खराब होता अनाज, बुझता चूल्हा और ठंड से कांपते बच्चे उनकी मजबूरी की सबसे दर्दनाक तस्वीर बन जाते हैं।

किसान रामहित कहते हैं, हम लोग हर साल यही लड़ाई लड़ते हैं। बरसात आने से पहले छत नहीं सुधारी तो पूरी रात बाल्टी और बर्तन बदलते हुए कटती है। कई बार बच्चों की किताबें, कपड़े और महीनों का रखा अनाज तक भीग जाता है। पक्का मकान बनवाने की हमारी हैसियत नहीं है, इसलिए हर साल उसी पुरानी छत को फिर से जोड़ना हमारी मजबूरी बन गई है।

सुंदरी देवी की आवाज़ भर्रा जाती है। वह कहती हैं, हमारे लिए बरसात खुशी नहीं, डर लेकर आती है। रातभर बच्चों को गोद में लेकर बैठना पड़ता है ताकि वे भीग न जाएं। चूल्हा नहीं जलता, बिस्तर सूखते नहीं और कई बार सांप-बिच्छू भी घर में घुस आते हैं। तब लगता है कि गरीब की सबसे बड़ी चिंता रोटी नहीं, अपनी छत बचाना है।

जवाहरलाल बताते हैं कि पहले खपरैल, बांस और लकड़ी गांव में ही सस्ते मिल जाते थे, लेकिन अब इनकी कीमतें इतनी बढ़ चुकी हैं कि मरम्मत कराना भी कठिन हो गया है। मजदूर रखना संभव नहीं, इसलिए पूरा परिवार मिलकर छत की मरम्मत करता है। यदि लगातार दो-तीन दिन बारिश हो जाए तो मिट्टी की दीवारें गलने लगती हैं और पूरा घर असुरक्षित हो जाता है।

महंगाई ने इस संघर्ष को और कठिन बना दिया है। खेती की आय लगातार घट रही है, मजदूरी से मुश्किल से घर का खर्च चल पाता है। ऐसे में हर साल खपरैल, बांस, लकड़ी और मरम्मत पर होने वाला खर्च गरीब परिवारों के लिए किसी पहाड़ से कम नहीं है। पक्का मकान आज भी उनके लिए एक ऐसा सपना है, जो हर बरसात के साथ और दूर होता जाता है।

इसके बावजूद गांवों की सबसे बड़ी ताकत आज भी उनका सामूहिक सहयोग है। किसी एक घर की छत टूटती है तो पूरा मोहल्ला उसके साथ खड़ा दिखाई देता है। पड़ोसी बिना बुलाए मदद के लिए पहुंच जाते हैं। महिलाएं मिट्टी तैयार करती हैं, बच्चे सामान पहुंचाते हैं और पुरुष मिलकर छत दुरुस्त करते हैं। अभाव के बीच यही अपनापन गांव की असली पहचान बनकर सामने आता है।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत सरकारी आवास योजनाओं को लेकर है। गोरारी निवासी सुनीता कहती हैं, कई बार आवेदन किया, सभी कागजात जमा किए, लेकिन आज तक नाम सूची में नहीं आया। हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है। महरौड़ा के रमेश का कहना है कि गांव में कई ऐसे परिवार हैं जो वास्तव में पक्के मकान के हकदार हैं, लेकिन उन्हें आज तक लाभ नहीं मिला, जबकि कुछ ऐसे लोगों को योजना का फायदा मिल गया जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं।

इस सम्बंध में आनंद बरनवाल बताते है कि आने वाले दिनों में खपरैल का घर सपना होकर इतिहास के अध्याय में जुड़ जाएगा। जो भी बचे उनके बचाने और सवारने के लिए कारीगर और सामान मिलना मुश्किल हो जाता है और यदि किसी तरह कही से मिल भी रहा है तो उसके दाम बहुत बहुत महंगे है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि अब खपरैल की जगह टीनशेड, पन्नी आदि उसकी जगह ले लिए है। अब ज्यादातर लोग सरकार के तरफ से मिलें अनुदान के बहाने पक्का मकान बनाने की कोशिश करते है। लेकिन पहले जो कच्चे मकान में सुकून और राहत होती थी वह अब बचे नहीं है और सपना होता चला जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि पात्र परिवारों का निष्पक्ष सत्यापन कर समय पर आवास उपलब्ध कराया जाए, मानसून से पहले कच्चे मकानों की मरम्मत के लिए विशेष सहायता दी जाए, निर्माण सामग्री पर अनुदान मिले और योजनाओं में पूरी पारदर्शिता लाई जाए, तो हर साल हजारों गरीब परिवार इस भय से मुक्त हो सकते हैं। यह केवल आवास का प्रश्न नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार का भी सवाल है।

खपरैल मकान केवल मिट्टी, बांस और खपरैल से बनी चार दीवारें नहीं हैं। वे गांव की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के साथ सामंजस्य की जीवंत मिसाल हैं। गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में अपेक्षाकृत गर्म रहने वाले ये मकान आज भी पर्यावरण के अनुकूल माने जाते हैं। विडंबना यह है कि जो मकान कभी ग्रामीण जीवन की पहचान थे, वही आज गरीबी और सरकारी उदासीनता के सबसे बड़े प्रतीक बन गए हैं।

बरसात की पहली बूंद गिरने से पहले गांवों की छतों पर चल रही यह हलचल केवल मरम्मत का काम नहीं है। यह उन हाथों की कहानी है जो हर साल अपनी टूटी छत के साथ अपने टूटते सपनों को भी जोड़ते हैं। यह उन आंखों की कहानी है जो हर मानसून से पहले आसमान की ओर देखकर यही दुआ करती हैं कि इस बार बारिश थोड़ी कम हो। आखिर कब तक गरीब परिवार हर साल अपनी छत बचाने के लिए प्रकृति और गरीबी से एक साथ लड़ते रहेंगे? यह सवाल केवल गांवों का नहीं, बल्कि हमारी विकास यात्रा के उस अधूरे सच का भी है, जिसे अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।

एनजीबी यूनिवर्सिटी के नए कुलपति बने प्रोफेसर बीवी तिवारी

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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवनियुक्त कुलपति का ऑनलाइन किया गया अभिनंदन

  • अनुसंधान और पारदर्शी प्रशासन को बताया प्राथमिकता

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में डीन एवं पूर्व कार्यवाहक कुलपति रहे प्रो. बीवी तिवारी को नेहरू ग्राम भारती मनित विश्वविद्यालय प्रयागराज का नया कुलपति बनाया गया है । उन्होंने कार्यभार ग्रहण कर लिया और शिक्षा , अनुसंधान एवं पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता बताया। उनके कुलपति बनने का पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय में वीडियो कान्फ्रेंसिंग अभिनंदन किया गया।

नेहरू ग्राम भारतीय मनित विश्वविद्यालय प्रयागराज का कुलपति बने प्रो बीबी तिवारी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित शिक्षाविद हैं ,उन्होंने वर्ष 1982 से 86 के दौरान विश्वविद्यालय आईआईटी रुड़की से एमटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग को उपाधि प्राप्त की, तथा वर्ष 1993 में आईआईटी लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी की ।चार दशक से अधिक अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जीवन में प्रो. तिवारी ने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में इंजीनियरिंग विभाग में बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां का निर्वहन किया और कार्यवाहक कुलपति की भी जिम्मेदारी निभाई।

इसके अलावा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी प्रयागराज, गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय हिसार सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्यापन अनुसंधान और प्रशासनिक जिम्मेदारियां का सफलतापूर्वक निर्वहन किया । नेहरू ग्राम भारती मनीत विश्वविद्यालय प्रयागराज का कुलपति बनने पर उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अभिनंदन किया। पूर्व कुलपति प्रो. डीडी दुबे ने कहा कि प्रो तिवारी का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव विश्वविद्यालय के विकास में नई दिशा देगा। नवनियुक्त कुलपति प्रो. बीबी तिवारी ने सभी के प्रति स्नेह और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। प्रो.बीबी तिवारी ने कहा कि उनका लक्ष्य विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान ,नवाचार, अनुशासन ,पारदर्शिता और उत्तरदाई प्रशासन का केंद्र बनना है। किसी भी संस्थान की प्रगति सामूहिक प्रयास समर्पण सकारात्मक कार्य संस्कृति से ही संभव है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दून विश्वविद्यालय के प्रो. हरिश्चंद्र पुरोहित, प्रो एसके सिन्हा, पूर्व अधीक्षक मनु प्रसाद आचार्य, डॉ हरिश्चंद्र मौर्य ,प्रो. एके श्रीवास्तव ,प्रो. सौरभ पाल, प्रो अजय द्विवेदी, प्रो. राजकुमार सोनी, प्रो. दिग्विजय सिंह.प्रो. मनोज मिश्रा,डा. दिग्विजय सिंह राठौर ने उन्हें अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विवेक सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयोजक डॉ प्रमोद सिंह कौशिक ने किया। प्रो. बीवी तिवारी ने अंत में आयोजन के प्रति व शामिल सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अनियंत्रित ट्रक ने विद्युत पोल तोड़ते हुए गैरेज में खड़ी तीन गाड़ियों को रौंदा

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गोरखपुर से गिट्टी उतारकर मिर्जापुर लौट रहा था ट्रक, भागने की कोशिश नाकाम

खेतासराय (जौनपुर): खेतासराय-जौनपुर मुख्य मार्ग पर स्थित हबीब हॉस्पिटल के सामने मंगलवार की भोर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। गोरखपुर से गिट्टी उतारकर मिर्जापुर लौट रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे लगे विद्युत पोल से जा टकराया, इसके बाद पास स्थित एक गैरेज में मरम्मत के लिए खड़ी तीन चारपहिया गाड़ियों को जोरदार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ट्रक का अगला पहिया क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण वह अधिक दूर नहीं जा सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोर में अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुँच गए। सूचना मिलने पर गैरेज संचालक उमाशंकर प्रजापति और क्षतिग्रस्त वाहनों के स्वामी भी घटनास्थल पर पहुँचे। ट्रक चालक वाहन को लेकर भागने की कोशिश करता रहा, लेकिन क्षतिग्रस्त पहिए के कारण ट्रक सड़क पर घिसटता रहा। सड़क पर बने टायरों के निशान के आधार पर लोगों ने ट्रक को कुछ ही दूरी पर रोक लिया।

हादसे में गैरेज में खड़ी तीनों गाड़ियों के अगले और पिछले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जिससे वाहन स्वामियों को हज़ारों रुपये के नुकसान का अनुमान है। वहीं विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। घटना के पीछे का कारण ट्रक चालक हरिश्चंद्र पुत्र राजेन्द्र प्रसाद वर्मा निवासी ग्राम तुलिस, लालगंज, मिर्जापुर ने बताया कि नींद लगने के कारण शाहगंज से खलासी नवीन ट्रक चला रहा था।

जिससे ट्रक अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही खेतासराय पुलिस मौके पर पहुँची और ट्रक को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। गनीमत रही कि हादसा सुबह के समय हुआ, जब सड़क पर लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी। यदि घटना व्यस्त समय में होती तो बड़ा जनहानि का हादसा भी हो सकता था।

786 नम्बर के नोट का झांसा देकर युवक से साइबर ठगी

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हाथ मलता रह गया बेचारा मजदूर

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के एक गांव निवासी एक युवक दुर्लभ सीरियल नंबर वाले 786 के नोट की ऊंची कीमत दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने खुद को नोट खरीदने वाला बताकर युवक से 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। बाद में दोबारा रुपये की मांग होने पर मामले का खुलासा हुआ।

जानकारी के अनुसार जमदहाँ गांव निवासी इंदु बिन्द पुत्र कन्हैया लाल, गांव की एक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर श्रमिक के रूप में कार्य करता है। उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि यदि उसके पास 786 सीरियल नंबर वाला नोट है तो उसकी कीमत 14 लाख रुपये तक मिल सकती है।

युवक द्वारा ऐसे नोट के होने की जानकारी देने पर ठग ने विश्वास में लेते हुए कहा कि वह नकदी लेकर हवाई जहाज से वाराणसी आ रहा है और नोट की तय कीमत अदा कर देगा। कुछ देर बाद उसने वाराणसी एयरपोर्ट पर रोके जाने की बात कहते हुए एक कथित वीडियो भी भेजा। इसके बाद एयरपोर्ट से बाहर निकलने के नाम पर तत्काल 10 हजार रुपये एक क्यूआर कोड के माध्यम से भेजने का दबाव बनाया।

युवक बैंक पहुँचा और नकदी जमा कर बैंक कर्मी के यूपीआई के माध्यम से बताए गए क्यूआर कोड पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर करा दिए। देर शाम तक कोई व्यक्ति रुपये लेकर नहीं पहुंचा। दोबारा संपर्क करने पर ठग ने विभिन्न बहाने बनाते हुए 18 हजार रुपये और भेजने की मांग की।

इस पर युवक ने पूरी घटना अपने मालिक को बताई, जिसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। अन्ततः बेचारा मज़दूर हाथ मलकर रह गया।

मक्का विकास पर ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी, किसानों को बताए उन्नत खेती के तरीके

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खेतासराय (जौनपुर): विकास खण्ड शाहगंज सोंधी में मंगलवार को कृषि विभाग की ओर से त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तरीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर मक्का की वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय सिंह तथा खण्ड विकास अधिकारी गजेंद्र प्रताप सिंह रहे। अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी (कृषि) धर्मेंद्र कुमार सरोज ने की। उन्होंने किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रयोग, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम का संचालन आत्मा (ATMA) के प्रबंधक सुरेश यादव ने किया। गोष्ठी में एडीओ जितेंद्र सिंह, फसल बीमा प्रतिनिधि हर्ष सिंह, तकनीकी सहायक पंकज कुमार, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला प्रभारी संतोष चौधरी तथा बीटीएम शमशाद अंसारी ने किसानों को फसल सुरक्षा, मृदा परीक्षण, फसल बीमा एवं वैज्ञानिक खेती के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही किसानों की समस्याओं का समाधान भी किया।

गोष्ठी में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मक्का की उन्नत खेती से संबंधित नई तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन में वृद्धि करने का प्रयास किया जा रहा है।

अगामी विधान सभा चुनाव मे टिकट वितरण मे कथित घन लेन देन से सम्बन्धित वायरल विडियो की हो जाँच

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Jaunpur News राजनैतिक पार्टीयो द्वारा पूर्व में टिकट वितरण एंव अगामी विधान चुनाव मे टिकट वितरण मे कथित घन लेन देन से सम्बन्धित वायरल विडियो की निष्पक्ष जांच एंव प्रभावी कार्यवाही की मांग।

स्वराज वाहिनी एसोशियेसन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा द्वारा उ०प्र० राज्य निर्वाचन आयोग, निर्वाचन आधाग भारत सरकार, राजपाल महोदया उ०प्र० महामहिम राष्ट्रपति महोदया को उक्त विषयक पत्र प्रेषित कर विभिन्न राज्य नैतिक दलो के पदाधिकारियो से सम्बन्धित वायरल विडियो के निष्पक्ष एंव फोरेनसिक जांच कराये जाने की मांग कि गयी है।

शिकायत में कहा गया है कि मिडिया के इस्टींग आपरेशन के जरिये संकलीत वायरल विडियो में विभिन्न रजनैतिक दलो के पदाधिकारियों द्वारा विगत विधानसभा चुनाव में अपने पार्टी से विधानसभा प्रतिनिधि टिकट वितरण में 5 से 10 करोड तक पर सीट लिया जाना स्वीकार किया गया है। तथा आगामी विधान सभा चुनाव के रेट मे प्रत्येक विधान सभा सीट के लिये 10 से 12 करोड मांगे जाने का वायरल विडियो सामने आयी। इस विडियो की सत्यता की निष्पक्ष जांच कराना लोक तांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता एंव निष्पक्ष चुनाव प्रकिया के लिये आवश्यक है। शिकायत पत्र मे सम्बन्धित से मांग कि गयी है कि वायरल विडियो की फोरेन्सीक जांच करायी जाए।

सम्बन्धित पदाधिकारियों एंव राजनैतिक दलो की भूमिका और वर्तमान में इन दलो से निर्वाचित विधान सभा सदस्यो के नगद लेन देन की सक्षम एजेन्सी से स्वत्रंत एंव निष्पक्ष जाच करायी एसोशिए चुनाव प्रक्रिया की सुचिता एंव निष्पक्षता बनाये रखने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये जाए।

स्वराज वाहिनी एसोशिएसन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार मिश्रा स्पष्ट किया कि यह शिकायत लोकतत्र मे पारदर्शिता निष्पक्ष चुनाव और भ्रष्टाचार मुक्त राजनैतिक वयवस्था की भावना से कि गयी है तथा आयोग से और अन्य सम्बन्धित से शिकायती पत्र का शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्यवाही का अनुरोध किया गया है।

जमीनी,रास्ते और पारिवारिक विवाद में चार गिरफ्तार

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खेतासराय (जौनपुर): जनपद में अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के अभियान के तहत थाना खेतासराय पुलिस ने अलग-अलग गांवों में हुए विवादों के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया।

थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए ग्राम सलारपुर में जमीनी विवाद के मामले में दो व्यक्तियों, ग्राम झासेपुर में रास्ते में ईंट रखने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति तथा ग्राम लेदरही में पारिवारिक विवाद के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपितों में राजेन्द्र प्रसाद पुत्र रमई, रामअजोर पुत्र कन्हैयालाल बिन्द निवासी सलारपुर, सुखराम पुत्र बैजूराम निवासी झासेपुर तथा अनीस पुत्र निजामुद्दीन निवासी लेदरही शामिल हैं। पुलिस ने सभी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए संबंधित न्यायालय में चालान भेज दिया। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार राय, उपनिरीक्षक लल्लू सिंह, कांस्टेबल आशुतोष तिवारी, कांस्टेबल विनोद प्रजापति तथा रिजर्व कांस्टेबल राजकुमार शामिल रहे।

कोर्ट से फरार चल रहे आठ आरोपी को पुलिस ने दबोचा

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खेतासराय (जौनपुर): कोर्ट से फरार चल रहे थाना खेतासराय पुलिस ने रविवार को अलग-अलग गांवों में दबिश देकर आठ वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।

थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि भुड़कुडहा गाँव से सलमान, सलारपुर से बालकेश और राजकेश, लतीफपुर से रामजतन, शेखवलिया शाहापुर से राजबहादुर, जमदहां से मुन्ना, खलौतीपुर से धर्मेंद्र तथा गुरदौली गांव से विपिन यादव को उनके घरों से गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न न्यायालयों से गिरफ्तारी वारंट जारी थे। पुलिस ने नियमानुसार सभी को संबंधित न्यायालय में पेश कर दिया। इस अभियान में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अनिल कुमार सिंह, गुलाबचंद्र, सुरेंद्रनाथ यादव, हेड कांस्टेबल गोपाल रजक, धर्मेंद्र गिरी, धर्मेंद्र यादव तथा आरक्षी अभिमन्यु सिंह और अमित चौहान शामिल रहे।

आज से फिर गुलज़ार होगा परिषदीय विद्यालय, लौटेगी ज्ञान की रौनक

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खेतासराय (जौनपुर): लंबे अवकाश के बाद आज से एक बार फिर विकास खण्ड शाहगंज सोंधी क्षेत्र के 138 परिषदीय विद्यालय में जीवन की चहल-पहल लौटेगी। सूने पड़े विद्यालय परिसर बच्चों की खिलखिलाहट, प्रार्थना की मधुर ध्वनि और कक्षाओं में गूंजते ज्ञान के स्वर से फिर आबाद हो जाएंगे। बंद कमरों, शांत गलियारों और वीरान खेल मैदानों में एक बार फिर नई ऊर्जा, उत्साह और उम्मीद का संचार होगा।

गर्मी की छुट्टियों के दौरान जहाँ विद्यालय परिसर सन्नाटे में डूबे रहे, वहीं अब नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ छात्र-छात्राएं नए सपनों, नई पुस्तकों और नई उम्मीदों के साथ विद्यालय की चौखट पर कदम रखेंगे। उनके कंधों पर टंगे बस्ते केवल किताबों का भार नहीं, बल्कि भविष्य के सुनहरे सपनों और सफलता की संभावनाओं का प्रतीक होंगे।

शिक्षक भी पूरी तैयारी के साथ विद्यार्थियों के स्वागत को उत्सुक हैं। कक्षाओं की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, पाठ्य सामग्री और शिक्षण योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। कई विद्यालयों में विद्यार्थियों का स्वागत तिलक, पुष्प वर्षा, प्रेरक संदेशों और पौधारोपण जैसे कार्यक्रमों के साथ किया जाएगा, ताकि नए सत्र की शुरुआत यादगार बन सके।

अभिभावकों में भी विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने बच्चों की नई ड्रेस, पुस्तकें और अन्य आवश्यक सामग्री की तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाजारों में भी पिछले कुछ दिनों से स्टेशनरी, स्कूल ड्रेस और बैग की खरीदारी को लेकर रौनक बनी रही। शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और बेहतर समाज की आधारशिला है। ऐसे में विद्यालयों का पुनः खुलना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि समाज में ज्ञान, अनुशासन और नई आशाओं के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

आज जब विद्यालयों की घंटी बजेगी, तो वह केवल कक्षाओं के आरंभ का संकेत नहीं होगी, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने, नई संभावनाओं को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने का आह्वान भी होगी। एक बार फिर विद्यालयों के आंगन बच्चों की मुस्कान, शिक्षकों के मार्गदर्शन और शिक्षा के उजास से गुलज़ार होंगे। खण्ड शिक्षा अधिकारी बसन्त कुमार शुक्ला ने बताया कि विद्यालय पहले से खुले है, तैयारियां पूरी हो चुकी है। हर्षोल्लास के साथ शिक्षण कार्य शुभारंभ होगा।