JAUNPUR NEWS जौनपुर : जिलाधिकारी ने गांव के मुख्य प्रवेश द्वार पर ग्राम सूचना संकलित बोर्ड लगाने के दिए निर् जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में देर सायं कैम्प कार्यालय पर वी०बी०-जी० राम (जी०)- प्रगति कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सर्वप्रथम अपूर्ण कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन परियोजनाओं के कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
बैठक में एम०डी०एम शेडों, तालाबों एवं अमृत सरोवरों, आंगनबाड़ी केन्द्रों तथा अन्नपूर्णा भवनों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि इन सभी परियोजनाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूर्ण कराया जाए ताकि जनसामान्य को योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने सक्रिय जॉब कार्ड धारकों के ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराया जाए। साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन मास्टर रोल जारी करने की स्थिति की समीक्षा की तथा कार्यों की आवश्यकता के अनुसार नियमित रूप से मास्टर रोल जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को समय से मास्टर रोल जारी किए जाने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण कार्य में किसी प्रकार का विलंब न हो तथा आवश्यकतानुसार समय से मास्टर रोल जारी कर निर्माण कार्यों को गति प्रदान की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने अमृत सरोवरों को मॉडल स्वरूप विकसित करने पर जोर देते हुए निर्देशित किया कि अमृत सरोवर पर ओपन जिम, ट्री गार्ड, वॉकिंग ट्रैक, समुचित प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे अमृत सरोवर आकर्षक होने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों के उपयोग एवं मनोरंजन का बेहतर केंद्र बन सके।
उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत के मुख्य प्रवेश द्वार पर ग्राम सूचना बोर्ड ( Village Information Board) स्थापित कराने के निर्देश दिए। इस बोर्ड पर गांव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे कुल जनसंख्या, महिला एवं पुरुष जनसंख्या, कुल मतदाताओं की संख्या, ग्राम प्रधान का नाम, भू-जल (ग्राउंड वाटर) की स्थिति, ग्राम की प्रमुख उपलब्धियां तथा विलेज सिटीजन चार्टर अंकित किया जाए, जिससे ग्रामीणों एवं आगंतुकों को एक ही स्थान पर गांव की आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने उपायुक्त, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीसी-एनआरएलएम) को निर्देशित किया कि उक्त कार्यों का विस्तृत इस्टीमेट तैयार कराते हुए नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करें तथा सभी कार्यों को आगामी तीन माह के भीतर पूर्ण कराया जाए।
बैठक में अन्नपूर्णा भवनों की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया कि जहां निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहां कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा सभी नवीन अन्नपूर्णा भवनों एवं अन्य नव-निर्मित सरकारी भवनों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने हेतु फ्लैग पोल की स्थापना अनिवार्य रूप से कराई जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विकास कार्यों के डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्य की डिजिटल डायरी तैयार की जाए, जिसमें कार्य प्रारंभ से पूर्ण होने तक की फोटो, प्रगति एवं अन्य आवश्यक विवरण सुरक्षित रखे जाएं।
उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि मनरेगा के अंतर्गत जारी मास्टर रोल की नियमित जांच करें, कार्यों का सतत फीडबैक प्राप्त करें तथा स्वयं फील्ड में जाकर योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करें, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि समस्त ग्राम पंचायतों में फॉगिंग मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समयबद्ध रूप से फॉगिंग कर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, डी सी मनरेगा, समस्त खण्ड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
जौनपुर : डिप्टी कमिश्नर इण्डस्ट्रीज आशुतोष सहाय पाठक ने अवगत कराया है कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के तर्ज पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को विशिष्ट व्यंजन से पहचान दिलाने हेतु उ.प्र. सरकार द्वारा ‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना प्रारम्भ की गयी। जिसका उद्देश्य चिन्हित व्यंजनों को प्रतिस्पर्धी बनाना, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग करके स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उक्त के क्रम में जनपद के चिन्हित व्यंजन (इमरती, एटमबम मिठाई, जौनपुर मूली) हैं, में कार्यरत/कार्य करने के इच्छुक व्यक्तियों को व्यंजन की उत्पादकता बढ़ाने, पैकेजिंग, फूड टेस्टिंग, व्यंजनों के शेल्फ लाइफ बढ़ाने हेतु आधुनिक उपकरण, कोल्ड चेन/कोल्ड स्टोरेज हेतु डीप फ्रीजर, क्लाउड किचन इत्यादि की स्थापना एवं अन्य ऐसे क्रिया-कलाप जो चिन्हित ओ.डी.ओ.सी. व्यंजन को प्रतिस्पर्धी बनाएं, के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
एक जनपद एक व्यंजन योजना के अंतर्गत जिसमें रू 25 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रु. 6.25 लाख जो भी कम हो, रू. 25 लाख से रू. 50 लाख तक की इकाइयों हेतु रू. 6.25 लाख अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत जो भी अधिक हो, रू. 50 लाख से रू. 150 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों हेतु रू. 10 लाख अथवा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत जो भी अधिक हो तथा रू. 150 लाख से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाईयों हेतु परियोजना लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम रू. 50 लाख जो भी कम हो, मार्जिन मनी के रुप में देय होगी।
सामान्य वर्ग के लाभार्थी द्वारा परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान एवं विशेष श्रेणी (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन) के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान जमा करना होगा। परियोजना लागत में पूंजी व्यय (भूमि क्रय की लागत को छोड़कर) एवं कार्यशील पूंजी का एक चक्र शामिल होगा। इच्छुक व्यक्ति जिनकी आयु कम से कम 18 वर्ष हो ऑनलाइन पोर्टल msme.up.gov.in पर अपना आवेदन कर सकते है। साथ ही विस्तृत जानकारी हेतु कार्यालय से किसी भी कार्यदिवस में संपर्क कर सकते हैं।







