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JAUNPUR: ट्रैफिक व्यवस्था को देखने सड़क पर उतरे डीएम 

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JAUNPUR: ट्रैफिक व्यवस्था को देखने सड़क पर उतरे डीएम 
JAUNPUR: ट्रैफिक व्यवस्था को देखने सड़क पर उतरे डीएम 

Regarding the preparation of Mahakumbh, DM inquired about the condition of traffic system.jaunpur news :

JAUNPUR NEWS जौनपुर 10 जनवरी : महाकुंभ 2025 की आवश्यक तैयारियां के संबंध में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र एवं पुलिस अधीक्षक डॉ.कौस्तुभ की उपस्थिति में समीक्षा बैठक कार्यालय अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद में संपन्न ।  

बैठक में जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से सड़कों के मरम्मत, साइनेज बोर्ड, डिवाइडर पेंटिंग, सड़कों के ब्लैक टॉप कराए जाने आदि के संबंध में जानकारी ली। जिस पर संबंधित अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि कुंभ मेला के दृष्टिगत सड़कों की पैचिंग सहित अन्य आवश्यक तैयारियां कर दी गई है। उन्होंने बसों के डाइवर्जन के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी के द्वारा यातायात व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि कुंभ मेला 2025 के दौरान यातायात प्रबंधन व्यवस्था सुव्यवस्थित होना चाहिए जिससे मेला के दौरान जाम न लगने पाए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि टोल प्लाजा पर अलाव, रिफ्लेक्टर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकारियों को जो भी दायित्व सौंपे गए हैं उनका शत प्रतिशत अनुपालन कराना सुनिश्चित करें अन्यथा की दशा में कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि आस्था के इस महापर्व में सुदूर क्षेत्र से आए श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु इस पावन पर्व में हिस्सा लेते हैं ,अतः हम सब का दायित्व बनता है कि उन्हें उत्तम व्यवस्था के साथ तीर्थ नगरी प्रयागराज में पहुंचाएं ,फिर पुनः वापस होते समय यातायात की सुगमता और अन्य व्यवस्थाएं जो हो सके प्रदान करते हुए उन्हें उनके गंतव्य स्थल की ओर रवाना करें, श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। इसके पूर्व मे अधिकारियों के द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था, प्रकाश की व्यवस्था, साफ सफाई ,साइनेज सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए निर्देशित किया कि सभी प्रकार की आवश्यकता तैयारी ससमय पूर्ण कर ली जाए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरती जाए। 

इस अवसर पर अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मुंगरा बादशाहपुर कपिल मुनि, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सौरभ कुमार,अपर जिलाधिकारी भू राजस्व अजय अंबिष्ट, अपर पुलिस अधीक्षक देहात शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे। TAFTISH OF CRIME JAUNPUR NEWS

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JAUNPUR NEWS:चीनी मांझा बेचने वालों के  खिलाफ दिया गया ज्ञापन 

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JAUNPUR NEWS:चीनी मांझा बेचने वालों के  खिलाफ दिया गया ज्ञापन 
JAUNPUR NEWS

चीनी मांझा बेचने वालों के विरुद्ध दर्ज हो गैर इरादतन हत्या का केस-विकास तिवारी: JAUNPUR NEWS

JTAFTISH OF CRIME AUNPUR NEWS : जौनपुर में बिक रहें प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पर पूर्ण रोक लगाने की मांग को लेकर दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता विकास तिवारी के कुशल नेतृत्व में युवाओं का एक जत्था जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक जौनपुर से मिलकर चीनी मांझा बेचने वालों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए गैर इरादतन हत्या का केस पंजीकृत कर कार्यवाही करने की मांग की।

तिवारी का कहना है कि जनपद प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस की लापरवाही व शिथिलता के कारण हमारे जनपद में पूर्ण प्रतिबंध के बाद भी चीनी मांझा और प्रतिबंधित नायलॉन धागा व प्रतिबंधित सिंथेटिक से लेपित धागा तथा गैर बायोडिग्रेडेबल मांझे बेचे जा रहे हैं। जनपद का ऐसी कोई बाजार नहीं है जहां ये प्रतिबंधित धागा और मांझा धड़ल्ले से ना बिक रहा हों लेकिन प्रशासन मुकदर्शक बना पड़ा है।

जिसके कारण आये दिन किसी ना किसी व्यक्ति का मांझे से गला कट जा रहा है। जनपद के प्रत्येक गांव व नगर की सड़कों पर यात्रा करने वाले लोग अत्यंत खौफजदा हैं उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि कब उनका प्रतिबंधित धागे से उड़ने वाली पतंग के धागों से गला कट जायेगा इसका कोई भरोसा नहीं है। हमारे जनपद मे पिछले कुछ दिनों में उक्त प्रतिबंधित धागों से गला कटने की कई घटनाएं हुई हैं। यदि इन प्रतिबंधित धागे से गला कटने के कारण किसी की मृत्यु होती है तो उस मौत के जिम्मेदार प्रतिबंधित मांझा बेचने वाले ही होंगे।

इस मौके पर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अतुल सिंह ने बिन्दुवार व्याख्या करते हुए कहा कि हमारे जनपद में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली द्वारा मूल आवेदन संख्या 384 वर्ष 2016 में पारित दिनांक 11 जुलाई, 2017 के निर्णय को अक्षरशः लागू करने में पूर्ण विफलता रही है। cheenee maanjha चीनी मांझा/नायलॉन मांझा के कारण मनुष्यों के अलावा पक्षी, बंदर भी बार-बार घायल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नई दिल्ली ने एप्लिकेशन संख्या 384 वर्ष 2016 (खालिद अशरफ एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य) में दिनांक 11 जुलाई, 2017 के निर्णय द्वारा नायलॉन या किसी भी सिंथेटिक सामग्री से बने माझे पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए छह बिंदु निर्देश जारी किए हैं।

 1. पतंग उड़ाने के लिए नायलॉन या किसी सिंथेटिक सामग्री से बने और/या सिंथेटिक पदार्थ से लेपित तथा गैर-बायोडिग्रेडेबल मांझे या धागे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

2.राज्य सरकारों को पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिंथेटिक मांझे/नायलॉन धागे और अन्य सभी समान सिंथेटिक धागों के निर्माण, बिक्री, भंडारण, खरीद और उपयोग पर रोक लगाने का निर्देश दिया जाता है।

3.राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों/प्रशासकों को अपने राज्य/क्षेत्रों में पतंग उड़ाने के लिए सिंथेटिक मांझे/नायलॉन धागे के निर्माण और उपयोग पर प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया जाता है।

4.प्रतिवादियों को देश के किसी भी हिस्से में सिंथेटिक मांझे/नायलॉन धागे या सिंथेटिक पदार्थों से लेपित अन्य समान धागे के आयात पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया जाता है।

5.सभी राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों/प्रशासकों को यह भी निर्देश दिया जाता है कि वे इस आदेश की एक प्रति सभी जिला कलेक्टरों/जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को भेजें ताकि इसका अक्षरशः अनुपालन हो और यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्र में कोई सिंथेटिक मांझा नायलॉन धागा और सिंथेटिक सामग्री से लेपित मांझा न खरीदा जाए, न बेचा जाए, न संग्रहीत किया जाए और न ही पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाए।

6.राज्य सरकारों/संघ शासित प्रदेशों/मुख्य सचिवों/जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया जाता है कि इस निर्णय में दिए गए किसी भी निर्देश का उल्लंघन होने की स्थिति में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986; पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960; वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, भारतीय दंड संहिता या कानून के किसी अन्य प्रावधान के तहत दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएं।

ज्ञापन देने के दौरान विराज ठाकुर ने कहा कि उक्त आदेश के अनुपालन में अपने गांव व शहर में पंतग उड़ानें के लिए प्रयोग में लायें जा रहे प्रतिबंधित धागे के भंडारण,विक्रय व प्रयोग पर अविलंब पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने की मांग जिला प्रशासन से करते हैं।

 ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से विकास तिवारी, अतुल सिंह, विराज ठाकुर,राजकुमार प्रजापति, शैलेश कुमार, सर्वेश, निर्भय, अश्वनी सिंह मार्शल, धीरज सिंह धीरू,सोनू रजक,आदि उपस्थित रहे।

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jaunpur News:12 जनवरी को लाखों लोग गायेंगे वन्दे मातरम् गीत : डा.सन्दीप पाण्डेय

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JAUNPUR NEWS : 12 जनवरी को लाखों लोग एक साथ गायेंगे वन्दे मातरम्: डा. सन्दीप पाण्डेय

जौनपुर। भारत विकास परिषद शौर्य के संस्थापक अध्यक्ष डा. सन्दीप पाण्डेय के नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा दिवस 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द जी की स्मृति में विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

जिसमें ऐसा अनुमान है कि लाखों लोग एक साथ वन्दे मातरम गीत गायेंगे। कार्यक्रम की पूर्ण योजना इस प्रकार है, सबसे पहले सुबह 11 बजे एक विशाल शोभायात्रा भण्डारी स्टेशन निकट राज कालेज के मैदान से प्रारम्भ की जायेगी जो सुतहट्टी, सब्जी मण्डी, कोतवाली, चहारसू, शाही पुल, ओलन्दगंज, जेसीज चौराहा, रोडवेज तिराहा होते हुए ​बीआरपी कालेज के मैदान में प्रवेश करेगी। जहां कार्यक्रम में 2:15 बजे वन्दे मातरम गीत परिसर से गाया जायेगा। जिसमें परिसर के बाहर भी जनपद में, जनपद के बाहर और पूरे देश में जहां तक यह सन्देश गया है, सभी लोग 2:15 बजे वन्दे मातरम गीत गायेंगे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान डा. सन्दीप पाण्डेय ने बताया कि विदेशों में भी ऐसे बहुत सारे परिवार हैं जो हमारे निवेदन पर 2:15 बजे वन्दे मातरम गीत गायेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाहक वीरेन्द्र जायसवाल रहेंगे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में जिलाधिकारी जौनपुर डा. दिनेश चन्द, विशिष्ट अतिथि के रूप में अनिल प्रताप सिंह राजा प्रतापगढ़ रहेंगे। इस मौके पर पंकज सिंह, अतुल जायसवाल, अमित पाण्डेय, अवधेश गिरि, जनार्दन पाण्डेय, जयशंकर सिंह, नित्यानन्द पाण्डेय, अतुल मिश्रा, विशाल सिंह, आनन्द देव वर्मा, राहुल अग्रहरि आदि उपस्थित रहे।

जौनपुर कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण की बैठक सकुशल संपन्न

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जौनपुर कर्मचारियों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण की बैठक सकुशल संपन्न

जौनपुर 10 जनवरी: मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों की समस्याओं मांगों तथा कार्मिकों की व्यक्तिगत समस्याओं के निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित हुई ।
             

बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा कर्मचारियों के विभिन्न विभागीय समस्याओं मूलतः समय से वेतन, बोनस, वेतन वृद्धि, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, स्थायीकरण, एसीपी, पदोन्नति, यात्राभत्ता, निलंबन, स्थानांतरण एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पावने (देय भुगतान) का समय से न मिलना आदि विभिन्न समस्याओं के सन्दर्भ में अवगत कराया गया जिसपर जिलाधिकारी ने समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि विभागों से लम्बित समास्याओं को तत्काल निस्तारित किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि अपने कार्यरत कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। सभी विभागाध्यक्ष को सचेत किया कि वे सुनिश्चित करें कि किसी भी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न न होने पाये, पेंशनर्स की समस्याओं को गम्भीरतापूर्वक सुना जाए तथा इसका निस्तारण भी समय से किया जाए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी कार्मिक संगठनों से जनपद में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में अपना शत-प्रतिशत योगदान देते हुए जनपद को शीर्ष स्थान पर लाने की अपील भी की।  


इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) अरविन्द्र वर्मा, नगर मजिस्ट्रेट इन्द्र नन्दन सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी उमाकान्त सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष पदाधिकारीगण, जिला स्तरीय अधिकारीगण आहरण वितरण अधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप सिंह समेत,सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारीगण सहित अन्य उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए

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जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए
जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित के निर्देश दिए

जिलाधिकारी ने पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए

JAUNPUR NEWS: जौनपुर :चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी द्वारा धारा 27 एवं धारा 52 में लक्षित ग्रामों की प्रगति निर्धारित कार्य योजना के साथ सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया तथा पुराने लंबित मुकदमे जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न चकबंदी न्यायालयों में विचाराधीन वादों में से पुराने वादों को प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 रामअक्षयवर चौहान, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी,चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन

IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 

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IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 
IPC: INDIAN PENAL CODE क्या है ? 

IPC[आईपीसी] का क्या मतलब होता है,What is INDIAN PENAL CODE?

[IPC ] INDIAN PENAL CODE भारतीय दंड संहिता आईपीसी भारत का आपराधिक कानून है (इसमें कुल 511 धाराएं है जिसको 23 अध्याय में बांटा गया है

भारतीय दंड संहिता को संक्षेप में IPC (Indian Penal Code) कहते है,जो भारतीय कानूनी व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एक ऐसी कानूनी धारा है जो अपराधों और उनके लिए दंड का निर्धारण करती है।भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य समाज में न्याय, समानता और शांति बनाए रखना है।

आईपीसी कब लागू हुआ था ?

यह संहिता ब्रिटिश शासन के दौरान 1860 में बनाई गई थी, और तब से इसे कई बार संशोधित किया गया है,लेकिन इसका मूल ढांचा आज भी वही है।

भारतीय दंड संहिता के इतिहास की बात करे तो भारतीय दंड संहिता की शुरुआत अंग्रेजी साम्राज्य के दौरान हुई थी। इसका मुख्य रूप से भारतीय न्यायिक प्रणाली को एक सूत्र में बांधने और उसे व्यवस्थित करने के लिए तैयार किया गया था। इसे लार्ड मेकाले (Lord Macaulay) के नेतृत्व में 1830 में तैयार किया गया था और 1860 में इसे कानून के रूप में पारित किया गया। यह संहिता भारतीय समाज की विभिन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई थी।

आईपीसी का नया नाम क्या है? क्या आप जानते है पिछले वर्ष संसद द्वारा पारित होने के बाद से आईपीसी IPC] की जगह भारतीय न्याय संहिता BNS [सीआरपीसी ] CRPC की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता [BNSS ]और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम [BSS ] को लागू कर दिया  गया है 

भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य क्या है?

भारतीय दंड संहिता का उद्देश्य सामाजिक शांति बनाए रखना है भारतीय दंड संहिता का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति बनाए रखना है। यह अपराधियों के लिए दंड का निर्धारण करती है ताकि अपराध को बढ़ने से रोका जा सके।

न्यायिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना यह संहिता न्यायिक प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित करने का कार्य करती है, ताकि अपराधियों को सजा दी जा सके और निर्दोषों को बचाया जा सके।

अपराधों के लिए दंड का निर्धारण: यह कानून यह तय करता है कि किस प्रकार के अपराध के लिए कौन सा दंड दिया जाएगा। दंड का निर्धारण अपराध की गंभीरता और प्रकार के आधार पर किया जाता है।

आईपीसी में कुल कितनी धाराएं है?

[ IPC ] भारतीय दंड संहिता की संरचना की बात करे तो भारतीय दंड संहिता कुल 511 धाराओं में विभाजित है और यह कई प्रमुख भागों में बांटी गई है:

1. आधिकारिक सिद्धांत (General Principles) इसमें अपराध की परिभाषा,दंड के उद्देश्य और अपराधों के वर्गीकरण के बारे में बताया गया है।

2. अपराधों का वर्गीकरण भारतीय दंड संहिता में अपराधों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जैसे:
   – संभाषण अपराध (Cognizable Offenses) इनमें पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी करने की शक्ति होती है।
   – असंभाषण अपराध (Non-Cognizable Offenses) इन अपराधों के लिए पुलिस को पहले अदालत से अनुमति प्राप्त करनी होती है।

3. विशेष अपराध: इसमें उन अपराधों का वर्णन किया गया है जो विशेष रूप से भारतीय समाज में अत्यधिक गंभीर माने जाते हैं, जैसे हत्या (Section 302), बलात्कार (Section 376),चोरी (Section 378) आदि।

4. दंड और सजा भारतीय दंड संहिता में प्रत्येक अपराध के लिए दंड का प्रावधान है। सजा के रूप में जुर्माना, कारावास, और मृत्यु दंड तक की सजा का प्रावधान है।

5. न्यायिक प्रक्रिया इसमें अदालतों का काम,अपराधियों की जांच और अभियोजन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

 भारतीय दंड संहिता के प्रमुख अपराध  

1. हत्या (Section 302) यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की जान लेता है, तो इसे हत्या माना जाता है। यह भारतीय दंड संहिता का सबसे गंभीर अपराध है, जिसके लिए मृत्यु दंड या उम्रभर की सजा का प्रावधान है।

2. बलात्कार (Section 376) बलात्कार एक गंभीर अपराध है, जिसमें किसी महिला के साथ अनैतिक शारीरिक संबंध बनाए जाते हैं। यह अपराध महिला के सम्मान और अधिकारों का उल्लंघन है।

3. चोरी (Section 378) जब कोई व्यक्ति दूसरे की संपत्ति को चोरी करके अपने पास रखता है,तो यह चोरी का अपराध माना जाता है। इसमें सजा के रूप में कारावास और जुर्माना लगाया जा सकता है।

4. दंगे और हिंसा (Section 147, 148) यदि कोई समूह किसी प्रकार की हिंसा या दंगे करता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।

5. धोखाधड़ी (Section 420) यह अपराध तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को धोखा देकर उसकी संपत्ति या धन हड़पता है।

 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मिलने वाले दंड ?

भारतीय दंड संहिता में विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित किए गए हैं। जो इनमें शामिल हैं:

– मृत्यु दंड कुछ गंभीर अपराधों जैसे हत्या के लिए मृत्यु दंड की सजा दी जा सकती है।
– आजीवन कारावास यह सजा गंभीर अपराधों के लिए दी जाती है, जिसमें अपराधी को उम्रभर जेल में रहना पड़ता है।
– कारावास (साधारण या कठोर) अपराधी को कुछ वर्षों के लिए जेल में रखा जाता है।
– जुर्माना कई मामूली अपराधों के लिए जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
– संपत्ति की जब्ती किसी भी अपराधी की अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सकता है।

– समाज में बदलाव के साथ संहिता का अनुप्रयोग समाज में तेजी से बदलाव हो रहा है, जिससे कुछ पुराने अपराध और उनके दंड अब अप्रासंगिक हो सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए समय-समय पर संहिता में संशोधन की आवश्यकता होती है।

– लिंग आधारित अपराध महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए इस संहिता में और सुधार की आवश्यकता है,ताकि महिलाओं को अधिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।

– प्रवर्तन में चुनौतियाँ कानून की संपूर्णता के बावजूद अपराधियों को सजा दिलवाने में कई बार न्यायिक प्रक्रिया में देरी होती है,जो इसे और भी चुनौतीपूर्ण बना देती है।भारतीय दंड संहिता (IPC) एक महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है,जो भारतीय समाज में अपराध और दंड के मध्य संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसका उद्देश्य समाज में न्याय,शांति और समानता सुनिश्चित करना है। 

JAUNPUR:पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना

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JAUNPURपॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना
JAUNPUR:पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास 5000 जुर्माना

JAUNPUR NEWS : जौनपुर; विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनन्य न्यायालय द्वारा पॉक्सो एक्ट के मामले में विशेष सत्र परीक्षण स्टेट बनाम मुन्ना यादव में अभियुक्त मुन्ना यादव को धारा 363 में 3 वर्ष का कठोर कारावास व ₹5000 जुर्माना वह धारा 366 में  5 वर्ष की कठोर सजा और 10000 जुर्माना तथा धारा 506 में 2 वर्ष का कठोर कारावास और ₹3000 जुर्माना तथा 5/6 पॉक्सो अधिनियम सपठित धारा 376 आईपीसी मैं 20 वर्ष का कठोर कारावास व ₹50000 जुर्माना से दंडित किया गया मामले की  पैरवी भी विशेष लोक  अभियोजक वेद प्रकाश तिवारी व विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र पाल ने किया l 

शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र

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शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र
शाहगंज के बीडीओ को किसान यूनियन ने सौंपा  सात सूत्रीय मांग-पत्र

किसान यूनियन सात सूत्रीय मांग-पत्र बीडीओ सोंधी को सौंपा

खेतासराय (जौनपुर) विकासखण्ड शाहगंज सोंधी क्षेत्र के विभिन्न गाँव के किसानों ने गुरुवार को अपनी समस्याओं को लेकर सात सूत्रीय-पत्र को खण्ड विकास अधिकारी सौंपकर अपनी समस्याओं की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया। भारतीय किसान यूनियन जौनपुर के बैनर तले ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष रामधारी बिन्द के नेतृत्व में गुरुवार की सुबह आस-पास क्षेत्र के किसान एकत्र होने हो गए। जहाँ एकत्रित सभी किसान अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बंधित सात-सूत्रीय मांग-पत्र को खण्ड विकास अधिकारी शाहगंज सोंधी जितेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा।

इस दौरान किसानों ने मांग किया है कि रबी फसल की बुआई के लिए 24 घण्टे बिजली मिलें, उजाला महिला स्वयं सहायता समूह की मजदूरी समय से मिलें, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन दिया जाएं, शाहापुर बड़ा तालाब से बेसो नदी तक नाले की सफाई हो, शाहापुर में शौचालय का निर्माण हो समेत कुल सात मांग करते हुए मांग-पत्र को बीडीओ को सौंपा है। इस दौरान मुख्य रूप से चंद्रभान, सन्तोष, इन्द्रराज,गणेश, रामअचल,शिवमूर्ति, उर्मिला, अशोक बिन्द समेत आदि लोग मौजूद रहे।

 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 

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 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 
 बसंती देवी आई टी आई में रोजगार मेला कल 

आई टी आई के छात्रों के  लिए  शाहगंज के  बसंती देवी आई टी आई रोजगार मेला शुक्रवार को

जौनपुर : जिला अंतर्गत शाहगंज क्षेत्र के कौड़ियां स्थित बसंती देवी आई टी आई  में धुत कंपनी द्वारा रोजगार मेले का आयोजन किए गया है इस संबंध में बसंती देवी आई. टी.आई. के निदेशक दिवाकर मिश्रा ने बताया कि इस रोजगार मेला में  आई टी आई पास के साथ ही आई टी आई कर रहे छात्र भी ऑन जॉब ट्रेनिंग के अंतर्गत भाग ले सकते हैं । सुबह 10 से रोजगार मेला प्रारंभ हो जाएगा, जिसका पात्र छात्र लाभ उठा सकते है।

  • रिपोर्ट – मोहम्मद कासिम 

JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन,39 तरह के मसाले,इनकम करोड़ों में  

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JAUNPUR NEWS: 5 टन प्रतिदिन,39 तरह के मसाले,इनकम करोड़ों में  
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JAUNPUR NEWS जौनपुर 09 जनवरी :जिला उद्यान अधिकारी ने अवगत कराया है कि अपर मुख्य सचिव द्वारा गठित कमेटी जिसमे सदस्य डॉ0 सर्वेश कुमार संयुक्त निदेशक (उद्यान) लखनऊ, पवन कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केन्द्र, वाराणसी, कन्सल्टेन्ट, डा0 आमीन कन्ट्रोलर्स प्रा0लि0,नोयडा समिति द्वारा प्रदत्त निर्देश के अनुपालन में जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा के साथ मेसर्स एच0वी0आर0 एग्रों फूड प्रा0लि0 सतहरिया जौनपुर के अनुदान की द्वितीय किश्त अवमुक्त किये जाने से पूर्व मशाला उद्योग का स्थलीय निरीक्षण किया गया।


निरीक्षण के समय कम्पनी मालिक द्वारा अवगत कराया गया कि मशाला उद्योग स्थापित करने में कुल लागत 11.00 करोड आयी है, जिसके लिए उद्योग नीति 2023 के तहत रजिस्ट्रेशन कराया गया। जिसमें 35 प्रतिशत अनुदान की धनराशि अनुमन्य है,के सापेक्ष प्रथम किस्त प्राप्त हो चुका है,रविन्द्रनाथ सिंह ने बताया कम्पनी द्वारा 05 टन प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के करीब 39 तरह के मसाले तैयार किये जा रहे है। साल के इनकम की बात करे तो करोड़ रूपये है  यूनिट वर्तमान में संचालित एवं सभी मशीने क्रियाशील पायी गयी। जून से यह मशाला उद्योग संचालित है। मशाला उत्पादन किया जा रहा है, वर्तमान में कम्पनी में 27 कार्मिक कार्य करते है। इस दौरान कम्पनी के ओनर रविन्द्रनाथ सिंह, जनरल मैनेजर उपेन्द्र सिंह व सन्तोष दुबे मौके पर उपस्थित रहे।