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राजस्व निस्तारण के मामले का जिलाधिकारी द्वारा प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी

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जिलाधिकारी ने महज 8 दिन में आय, जाति तथा निवास के लम्बित 24866आवेदन कराये निस्तारित


जौनपुर । नवागत जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र सिंह ने आय, जाति, निवास और वरासत प्रमाण पत्र के लिए तहसील और जिलाधिकारी कार्यालय पर भटकने वाले आवेदकों को बड़ी राहत दी है। उन्होने प्रभार ग्रहण करने के महज 08 दिन के भीतर आय, जाति, निवास के दिनांक 15 सितम्बर 2024 को 50938 लम्बित आवदेनो के सापेक्ष दिनांक 23 सितम्बर तक 24866 आवेदनों का निस्तारण कराया गया, जिसमें दिनांक 15 सितम्बर को आय प्रमाण पत्र के लम्बित कुल 25924 मामलों के सापेक्ष दिनांक 23 सितम्बर 2024 तक 12281, जाति प्रमाण पत्र के 12330 के सापेक्ष 7050 और निवास प्रमाण पत्र के 12684 के सापेक्ष मात्र 6741 मामलें लम्बित रह गये है, जिनका निस्तारण यथाशीघ्र करा लिया जायेगा।  


बता दें की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व संबंधी मामलों को तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है, जिससे बड़ी संख्या में आम जनमानस उससे लाभान्वित हो सके। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जौनपुर में नवनियुक्त जिलाधिकारी के प्रयासों से महज 08 दिन के अंदर आय, निवास और जाति प्रमाण पत्रों को निर्गत करने में सफलता प्राप्त की गयी।उत्तराधिकार वरासत हेतु दिनांक 15 सितम्बर 2024 से 23 सितम्बर 2024 के मध्य वरासत के लगभग 5176 आवेदनो का निस्तारण कराया गया। जिनमें समय सीमा के उपरान्त लम्बित लगभग 150 आवेदनों का निस्तारण भी सुनिश्चित किया गया। उल्लेखनीय है कि आलोच्य अवधि में समस्त तहसीलो के लेखपालों को प्रेरित कर निर्विंवाद वरासत के कुल 2235 नये मामले भी दर्ज कराये गये।    

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरुप उन्होंने जिले की कमान संभालते ही 15 सितंबर को राजस्व संबंधी मामलों के तय समय सीमा में निपटारे को लेकर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, कानून और लेखपालों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होने सम्बन्धित अधिकारियों का स्पष्ट रूप से निर्देशित  किया कि राजस्व के मामलों के निस्तारण में लापरवाही कतई बर्दास्त ही की जाएगी। जिलाधिकारी के द्वारा स्वयं प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।          

यह है जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र तथा निर्विवाद वरासत उत्तराधिकार के आवेदनों के निस्तारण की तय समय सीमा जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि आय प्रमाण पत्र दो कैटेगरी में बनाए जाते हैं। इनमें पहली कैटेगरी एजुकेशन संबंधी मामलों में एक हफ्ते तय समय सीमा है जबकि अन्य मामलों में 15 दिन तय समय सीमा निर्धारित है। इसे तहसीलदार द्वारा निर्गत किया जाता है। वहीं जाति प्रमाण पत्र के लिए तय समय सीमा 20 दिन निर्धारित है। इसे भी तहसीलदार द्वारा निर्गत किया जाता है। इसी तरह निवास प्रमाण पत्र के लिए 20 दिन की समय सीमा निर्धारित है। इसे एसडीएम स्तर पर जारी किया जाता है। इसके अलावा उत्तराधिकारी वरासत के लिए 21 दिन की समय सीमा निर्धारित है। इसे भी एसडीएम स्तर पर जारी किया जाता है। इसके लिए लेखपाल स्तर पर 7 दिन और कानूनगो स्तर पर 14 दिन की समय सीमा निर्धारित की गयी है।

आईजीआरएस पोर्टल पर गम्भीर बिमारियों से पीड़ित मरीजो के परिजनों द्वारा आवेदित आर्थिक सहायता हेतु प्राप्त आवेदन जो कि समयसीमा के उपरान्त लम्बित थे उन्हें प्राथमिकता देते हुए सम्बन्धित को निर्देशित कर तत्काल प्रभाव से निस्तारित कराया गया।

शिक्षा वारिधी उपाधि प्राप्त कर बृजेश कुमार पाठक ने बढ़ाया जिले का मान

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कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह के द्वारा ‘शिक्षा वारिधी’ की उपाधि प्राप्त कर बृजेश कुमार पाठक ने बढ़ाया जिले का मान

शाहगंज ( जौनपुर ) शाहगंज नगर के बंसराज मेमोरियल सनराइज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल बृजेश कुमार पाठक ने जौनपुर जिले का नाम रोशन किया है 22 सितंबर को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में 28 व दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉक्टर आशुतोष तिवारी (संस्थापक निदेशक इंस्टिट्यूट ऑफ एडवांस मैटेरियल्स आई.ए.ए.एम ,स्वीडन, विशिष्ट अतिथि श्री योगेंद्र उपाध्याय (माननीय मंत्री उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश सरकार), विशिष्ट अतिथि श्रीमती रजनी तिवारी (माननीय राज्य मंत्री उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश सरकार) उपस्थित रहे।

बृजेश कुमार पाठक ने श्री डॉक्टर अजय मिश्र के संरक्षण में फणीश्वर नाथ रेणु की कृतियों का मनोविश्लेषणात्मक अध्ययन नामक शीर्षक पर अपना शोध कार्य पूरा किया। शोध कार्य पूर्ण होने के पश्चात आज विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में माननीय कुलपति एवं श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल और पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने सामूहिक रूप से शिक्षा वारिधी’ की उपाधि प्रदान की। बृजेश कुमार पाठक ने उपाधि प्राप्त करने के पश्चात पूरे विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।


बृजेश कुमार पाठक वर्तमान समय में बंसराज मेमोरियल पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य के पद पर कार्य कर रहे हैं जो प्रिंसिपल के साथ ही उच्च कोटि के रचनाकार और शिक्षाविद भी हैं। साथ ही वे ऑल इंडिया प्रिंसिपल एसोसेशन के जिला अध्यक्ष और आरकेडीएक्स प्रिंसिपल्स नेटवर्किंग कम्युनिटी के जिला अध्यक्ष भी हैं। बृजेश कुमार पाठक को अभी तक कई बार राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। बृजेश कुमार पाठक जनपद सुल्तानपुर के कादीपुर तहसील के बागसराय गांव के निवासी हैं। यह सम्मान प्राप्त कर उन्होंने अपने गांव के साथ साथ विद्यालय तथा जिले का नाम भी रोशन किया। बृजेश कुमार पाठक को लगभग 200 से अधिक राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मानो से सम्मानित किया जा चुका है , यह सम्मान प्राप्त करते ही पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ गई।


बृजेश कुमार पाठक को सम्मान प्राप्त करने पर करने पर सीबीएसई के सेक्रेटरी श्री अनुराग त्रिपाठी, सीबीएसई डायरेक्टर डाक्टर श्री बिस्वतजीत शाह , नोएडा इंटरनेशनल युनिवर्सिटी के चांसलर श्री विक्रम सिंह, प्रो वाइस चांसलर डॉक्टर प्रसंजीत , श्री पीयूष पंडित( फाउंडर एंड सीईओ आई आई यू युनिवर्सिटी) ,श्रद्धास्पद श्री रामायुग पाठक, डॉ ओंकार नाथ द्विवेदी, श्रीमती मोनिका कपूर (फाउंडर एंड सीईओ फार्मर ज्वाइंट डायरेक्टर सीबीएसई), श्री मनोज कुमार सिंह,श्री संतोष कुमार तिवारी (मेंबर ऑफ मैनेजिंग कमिटी, प्रिंसिपल ग्लोरियस एकेडमी डफी लंका बनारसी), डॉ अजय मिश्र, श्रीमती डॉ रुचि शर्मा,श्री डॉक्टर शैलेंद्र नाथ , डॉ श्री मंगला प्रसाद श्रीवास्तव ,डॉ श्री पवन त्रिवेदी (पारूल यूनिवर्सिटी बड़ोदरा गुजरात),श्री डॉक्टर अवनीश अस्थाना, और जिले के तथा प्रदेश स्तर के सभी सम्मानित प्रिंसिपल और शिक्षाविदों आदि ने बृजेश कुमार पाठक इस सम्मान को प्राप्त करने पर अपनी बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए सतत आगे बढ़ने की बधाई प्रेषित की। श्री पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय मां सरस्वती की कृपा, श्री अनुराग त्रिपाठी जी (सेक्रेटरी सीबीएसई) अपने दादाजी श्री रामायण पाठक, श्री डॉक्टर अजय मिश्र , श्री डॉक्टर ज्ञानचंद चतुर्वेदी छत्रपति चंद्रवंशी तथा अपने परिवार के सभी लोगों, सभी गुरुजनों तथा उन सभी श्रेष्ठ लोगों को दिया जिनसे उन्हें निरंतर एक ऊर्जा और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत न होकर उनके विद्यालय और उस विद्यालय में कार्य कर रहे सभी शिक्षकों शिक्षिकाओं तथा पूरे प्रबंध समिति का है, क्योंकि यह सब उनके सहयोग और उन सब से प्राप्त उर्जा का परिणाम है। बृजेश कुमार पाठक की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के समस्त विद्वानों तथा श्रेष्ठ जनों ने अपनी शुभकामनाए तथा मंगलकामनाएं प्रेषित की। और बृजेश कुमार पाठक ने सबके प्रति अपने आभार को प्रदर्शित किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की देख रेख आयोजित हुआ सामाजिक समरसता मंच

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जौनपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जौनपुर के तत्वाधान में सामाजिक समरसता मंच का अयोजन मां शीतल तारा मैरिज हॉल शास्त्री नगर में मनाया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के प्रांत कार्यवाह मुरली पाल ने कहा की समाज में फैले हुए भेदभाव ,ऊंच नीच ,अगला पिछड़ा भाव को समाप्त करना ही हमारा उद्देश्य है।समाज के सभी व्यक्तियों के प्रति हमारा समरस भाव होना चाहिए।तभी देश और समाज का भला होगा।जब जब हम बटे देश बटा ।आज राजनीतिक पार्टियां हमे अलग थलग करने के लिए षड्यंत्र कर रही है।हम सावधान रहे, जागरूक रहे ।समाज एक रहे नेक रहे।यह हमारा उत्तर दायित्व है ।

वही शिव प्रकाश मौर्य ने कहा कि प्रकृति ने हम सभी को बनाया है समाज के सभी लोग अपने ही बंधु है।अपना व्यवहार उनके प्रति अच्छा होना चाहिए,और उनको भी समाज के कार्यों में कदम आगे बढ़ाना चाहिए। मंच द्वारा सफाई कर्मियों को अंग वस्त्र,स्मृति चिन्ह,मिष्ठान देकर एवम मल्यानपर कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम का संचालन एवम अतिथियों का परिचय अतुल जायसवाल ने किया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्र गान से हुआ इस अवसर पर मनिक चन्द सेठ, डा0 सदीप पाडेय अध्यक्ष भारत विकास परिषद शौयं, पंकज सिह, अवधेश गिरि, राकेश विश्वकमा, अजय गुप्ता, सतोष श्रीवास्तव, सदीप, जायसवाल, सोमेद अग्रहरि, नीरज श्रीवास्तव, रमेश श्रीवास्तव, राधेरमण जायसवाल, अलोक गुप्ता, कृणा कुमार जायसवाल, भृगुनाथ पाठक, अजय पाठक, अविनाश गुप्ता, राजीव सिह, रतन सेठ, अरूण अग्रहरि, डा अंजन सिह, रोहणी पाडेय राजेद जायसवाल एवम अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे पर जबरदस्ती कार्यवाही हो रही है ,श्याम लाल पाल

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सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे पर जबरदस्ती कार्यवाही हो रही है ,श्याम लाल पाल
सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे पर जबरदस्ती कार्यवाही हो रही है ,श्याम लाल पाल

JAUNPUR NEWS : जौनपुर पहुचे सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याल लाल पाल ने बीजेपी पर जमकर साधा निशाना बोले जेल से भी जिता लेगे सांसद के बेटे को सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे पर जबरदस्ती कार्यवाही हो रही है बीजेपी के लोग जान बुझ कर कारवाही कर रहे है । सांसद का बेटा अगर जेल में रहेगा तब भी हम लोग जीता लगे चुनाव को लेकर सपा गठ- बंधन पूरी तरह तैयार है । दस की दसो सीट हम लोग जीतेंगे। रेलवे पटरियों पर सिलेंडर व अन्य सामान पाए जाने पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष ने सीधे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में सांप्रदायिकता का माहौल किया है इन्हे अपने देश और प्रदेश में अपराधी नजर नहीं आ रहे है ।ये कही न कही खाली सिलेंडर व दूसरे समान को लेकर आम आदमी को परेशान करने की नीयत बन चुकी है । देश का किसान नौजवान गुमराह रहे और इनको देश की सत्ता में भेजता रहे ।

लेकिन अब इस देश का नौजवान व किसान पूरी तरह से समझ चुका है तिरुपति बाला के प्रसाद में जानवरों चर्बी की मिलावट पर कहा कि बीजेपी की पूरी नियत अंग्रेजो जैसी है । जिस परकार से अंग्रेजो ने गाय और सुअर की चर्बी कारतूसों में मिलाया था ।उसी प्रकार से ये भगवान को धोखा देने वाले लोग है ।इसी लिए भगवान राम ने कहा कि ये लोग धोखा देने वाले लोग है अयोध्या से इन्हे हटा दो । मंगेश यादव एनकाउंटर पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह हत्या है और घटना की सभी सीसी टीवी फुटेज निकल कर देख लिया जाय तो हो सकता है कि योगी जी के रिश्तेदार भी निकल आए ।


समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर के सुजानगंज में भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर बताओ और मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए तत्पश्चात स्वर्गीय सुभाष चंद्र यादव की पुण्यतिथि में पूर्व ज़िला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव के कुकुदीपुर स्थित आवास पर सम्मिलित होकर अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

तत्पश्चात फर्जी एनकाउंटर में मारे गए स्वर्गीय मंगेश यादव के के घर ग्राम अग्रहरा विधानसभा क्षेत्र बदलापुर पहुंचकर परिवार वालों से मिलकर उन्हें सांत्वना दिया।समस्त कार्यक्रमों के बीच में पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता मूलभूत समस्याओं से दो चार हो रही है, वहीं प्रदेश के मुखिया जाति के आधार पर ट्रांसफर एवं पोस्टिंग कर रहे हैं वहीं उनकी पुलिस जाति देखकर लोगों का फर्जी एनकाउंटर कर रही है।


पूरे प्रदेश में अपराध चरण पर है जनता परेशान हाल प्रदेश विकास की जगह विनाश की तरफ जा रहा है। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राकेश मौर्य विधायक पंकज पटेल एमएलसी आशुतोष सिन्हा, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई, राज नारायण बिंद, लाल बहादुर यादव, संगीता यादव, लल्लन प्रसाद यादव, राजबहादुर यादव हिसामुद्दीन शाह राजेंद्र बहादुर यादव राजेंद्र यादव ननकू यादव, आरिफ हबीब, राजेश विश्वकर्मा शिव प्रकाश विश्वकर्मा हीरालाल विश्वकर्मा अजय विश्वकर्मा सोच राम विश्वकर्मा केपी विश्वकर्मा गुलाब यादव, लालचंद यादव लाले जितेंद्र यादव अमित यादव विवेक यादव रामजतन यादव राम अकबाल यादव वीरेंद्र यादव सहित सैकड़ो सपाजन उपस्थित रहे।

भटहर गांव के दंगल में अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का जमावड़ा

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भटहर गांव के दंगल में अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का जमावड़ा
भटहर गांव के दंगल में अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का जमावड़ा

जौनपुर :मछली शहर विधानसभा के भटहर गांव के दंगल में अंतरराष्ट्रीय पहलवानों का हुआ जमावड़ा, एक लाख तक के इनाम एक पहलवान पर रखे गए थे,पंजाब, हरियाणा हिमाचल उत्तराखंड उत्तर प्रदेश मध्यप्रदेश के 100 से अधिक पहलवानों ने दंगल में भाग लिया । दंगल दिन के 1बजे से शुरू हुआ और 6बजे जबरदस्ती समाप्ति की घोषणा की गई। समयाअभाव में बहुत से पहलवान कुस्ती नहीं लड़ पाए , बहुत से पहलवानों को तय धनराशि दी गई और कुछ पहलवान निराश भी हुए। भटहर गांव के दंगल में महिला पहलवानों ने भी जबर्दस्त बेहतरीन प्रदर्शन दिखा कर लोगों का दिल जीत लिया,अतिथि में जज सिंह अन्ना भी मौजूद रहे । मैच रेफरी हनुमन्त पांडे, धन्नू राम यादव,राम पूजन सिंह,खंन्ना तिवारी, संचालन कर रही कमेटी में हनुमंत पांवड़े, मकालू, नन्हे सिंह, राजबहादुर यादव घनश्याम चौरसिया, जोखई राम मौर्या, हिन्दू मौर्या,शेर बहादुर सिंह सुरेश सिंह, लाल बहादुर सिंह,आद रहे ,

राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

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राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे
राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

विश्वविद्यालय की प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में प्रयोग की जरूरतः राज्यपाल

जौनपुर :वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालय का 28 वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति, श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर मेधावियों को 96 स्वर्ण पदक प्रदान किए। स्वर्ण पदक पाते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिलखिला उठे।


इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय में प्रतिभा की कमी नहीं बस इन्हें प्रेरणा देकर सकारात्मक दिशा में इनकी ऊर्जा का उपयोग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी संसाधन होने के बाद भी नैक मूल्यांकन से विश्वविद्यालय घबराते थे लेकिन राजभवन ने इसे जरूरी किया और सहयोग और ट्रेनिंग देकर उनके संसाधनों को सिस्टमैटिक रूप से बनाकर ए डबल प्लस की श्रेणी में पहुंचाया। प्रदेश के सात और एक कृषि विश्वविद्यालय ए डबल प्लस की श्रेणी में हैं। कहने का तात्पर्य है कि मानव में संकल्प शक्ति का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन के कई फायदे हैं ए डबल प्लस पाने वाले विश्वविद्यालयों को 100 करोड़ रूपये अन्य विश्वविद्यालय को 20 करोड़ की धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि नैक प्रेक्टिस से विश्वविद्यालय के ढांचे में बेहतर परिवर्तन आया है। अब राजभवन का जोर एनआईआरएफ पर है। इस मूल्यांकन और रेटिंग से विश्वविद्यालय में विदेशी छात्र और मेधावी छात्र आएंगे और यहा के विद्यार्थियों का विदेश जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आपके सामर्थ्य से बढ़ेगा हर चुनौती एक नए अवसर लेकर आती है गुजरात का कच्छ इसका उदाहरण है सरकार के सतत प्रयास से आज गुजरात की स्थिति बदल गई है वहां विदेशी कंपनियां निवेश कर रही है। उनका मानना है कि आज का युग तकनीक का युग है। इसका उपयोग जन कल्याण के हित में होना चाहिए विनाश के लिए नहीं दुनिया में जो कुछ अच्छी और नई चीज हो रही है उससे हमें जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वन नेशनल वन इलेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक बचत होगी। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब हमारी तैयारी अंतरिक्ष पर है। अंतरिक्ष के पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय में शामिल करना चाहिए। एमओयू साइन पर उन्होंने कहा की दोनों के बीच गतिविधियां भी अच्छी हो तभी इसका मतलब है। उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खेलकूद की तारीफ करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं इससे और भी अच्छा करने के लिए और अधिक से अधिक गोल्ड मेडल लाने के लिए और भी अच्छे कोच की जरूरत है। उन्होंने आंगनबाड़ी को संसाधनयुक्त करने की योजना पर जोर दिया। कहा कि इससे वहां पढ़ने वाले गरीब छात्रों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक एक सेतु बनाकर काम करें ताकि शिक्षा का विकास सकारात्मक दिशा में हो सके।


विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि स्वर्ण पदक पाने वालों में जुनून होता है लेकिन उसके पीछे अभिभावक और गुरु के समर्पण को भी नहीं भूलना चाहिए। शिक्षण संस्थान जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसंधान हमारे शास्त्रों में पहले से ही था जिसका उदाहरण पीपल में ऑक्सीजन की खोज थी। ऋषि अनुसंधान कर मुनि को देते थे और वह समाज में बांटता था। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाणक्य और विवेकानंद के विचार आज भी समसामयिक है शिक्षक और विद्यार्थियों को उनसे सीख लेनी चाहिए जिन्होंने बहुत ही पहले राष्ट्र को सर्वोपरि माना था।
प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि डिग्री और उपाधि लेने के बाद आपका बोझ और बढ़ गया है आपके ऊपर समाज और राष्ट्र का उत्तरदायित्व है इसे पूरा कर आप भारत को विश्व गुरु बनाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए संघर्ष जरूरी है जितना बड़ा लक्ष्य होगा उतनी बड़ी चुनौती सामने होगी। हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।


विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कुलाधिपति जी के सक्षम एवं प्रेरणादायी निर्देशन में उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन और सुधारों को जन्म दिया है। आपकी गरिमामय उपस्थिति से हम सब आह्लादित एवं स्पन्दित हैं। आपके प्रेरक शब्द और मार्गदर्शन हमारे विद्यार्थियों के लिये बहुत महत्वपूर्ण होंगे और हमें यह विश्वास है कि वे इससे प्रेरित होकर अपने जीवन में उच्चतम स्तर को प्राप्त करेंगे। आज मैं, सभी उपाधि तथा स्वर्णपदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देती हूँ जिन्होंने अपने अनवरत् परिश्रम के बल पर ज्ञान अर्जनकर जीवन का एक अहम पड़ाव पार किया है। माननीय कुलाधिपति जी के कुशल दिषा निर्देशन में विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ, जो हमारी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। अखिल भारतीय अन्तरविश्वविद्यालयीय टीम स्पर्धा प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने कुल 52 पदक प्राप्त किये।


दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। इसके पूर्व पौध लगाओ कार्यक्रम गीत के साथ किया गया। इस अवसर राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसु, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह, डा. विजय सिंह, डा. राहुल सिंह,, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, डा. मनीष गुप्ता, प्रो. राकेश यादव, एनएसएस समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव, डा. संतोष कुमार,. डा. सुनील कुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर,डा. रशिकेस, डॉ. अनु त्यागी, डा. जाह्नवी श्रीवास्तव, डा. अमरेंद्र सिंह, डा. आशुतोष सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर, महामंत्री रमेश यादव, उप कुलसचिव अमृतलाल, एआर अजीत सिंह, बबिता सिंह, दीपक सिंह, आदि शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे।

गतिमान पत्रिका का हुआ लोकार्पण

विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्षभर की गतिविधियां स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। विमोचन अवसर पर कुलपति, दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, प्रधान संपादक प्रो. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सम्पादन मण्डल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया और डॉ लक्ष्मी मौर्य रहें।

बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 5 से 8 में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बैग, फल, जमेटरी बाक्स, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर. देवकली, सुल्तानपुर एवं जासोपुर गांव में आयोजित खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले चार बच्चों को भी दीक्षांत समारोह राज्यपाल के हाथों पुरस्कार मिला। इसी के साथ राजभवन से 100 पुस्तकें बच्चों के लिए भेंट की गई।

संस्कार श्रीवास्तव को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक


विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाता है। वर्ष 2024 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर संस्कार श्रीवास्तव को यह पदक मिला। पदक के दौरान उनके दादी भी उपस्थित रहीं। उनके दादी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह आज तक विश्वविद्यालय नहीं देखी थी। हमारी कोशिश भी यही है कि ऐसे लोगों को यहां बुलाया जाय।

95 मेधावियों को मिला 96 स्वर्ण पदक


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 95 मेधावियों को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 96 स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्नातक स्तर पर 18 छात्राएं और 07 छात्र एवं परास्नातक स्तर पर 36 छात्र और 35 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिला।

508 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि


दीक्षांत समारोह में 508 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि मिली। इसमें 345 कला संकाय में, विज्ञान संकाय में 25, कृषि संकाय में 13, शिक्षा संकाय में 77, विधि संकाय में 05, इंजीनियरिंग संकाय में 10, वाणिज्य संकाय में 18, प्रबन्ध संकाय में 10, अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय में 03 और औषधि संकाय में 02 शोधार्थियों को उपाधि मिली।

गोद लिए गांव में हुई प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव में आयोजित की गई प्रतियोगिता के विजेताओं एवं आंगनबाड़ी की आपसी प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया.
विश्वविद्यालय द्वारा देवकली, कुकड़ीपुर, सुल्तानपुर, जासोपुर एवं जफरपुर गांव गोद लिया गया है जिसमें भाषण कहानी कथन, चित्रकला एवं दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी. यह प्रतियोगिताएं कक्षा 3 से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों के बीच विविध वर्गों में विभाजित करके की गई थी. इन प्रतियोगिताओं में 16 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था उन्हें राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत किया गया. इसके साथ ही इन गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें जासोपुर आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम स्थान प्राप्त किया. प्रतियोगिताओं का संयोजन प्रो. राकेश कुमार यादव ने किया।


300 आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिला किट


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में 300 आंगनबाड़ी केन्द्रों को किट मिला. दीक्षांत समारोह में मंच पर 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्यपाल के हाथों किट मिला. पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों, गाजीपुर प्रशासन द्वारा 100 एवं जौनपुर जिला प्रशासन द्वारा 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों को उपलब्ध कराए गए किट को सौंपा गया। जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और सीडीओ साईं तेजा सेलम गाजीपुर के सीडीओ संतोष कुमार वैश्य को स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित किट देकर सम्मानित किया गया। साथ ही निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसकी व्यवस्था किया जाए।

बटन दबाते ही डीजी लॉकर में अपलोड हुईं डिग्रियां


दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने आईपैड का बटन दबाकर 2023-24 की स्नातक और स्नातकोत्तर की 85595 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड किया गया। इसमें स्नातक में 69276 और परास्नातक में 16319 विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजीलाकर में अपलोड की जाएंगी। इससे डिजीटल डिग्री आसानी से मिल जाएगी।

हैलीपेड पर कुलपति समेत अधिकारियों ने किया स्वागत


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हैलीपैड पर राज्यपाल सुबह पहुंची। इस दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा, रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार, समेत कई अधिकारियों ने पुष्प भेंट किया।

गतिमान समेत चार पुस्तकों का हुआ लोकार्पण


विश्वविद्यालय के 28 में दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका गतिमान एवं तीन शिक्षकों की पुस्तकों का लोकार्पण प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन ने किया. विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका के प्रधान संपादक प्रोफेसर मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर एवं संपादन मंडल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ श्याम कन्हैया सिंह एवं डॉ लक्ष्मी प्रसाद मौर्य शामिल है. इसके साथ ही प्रोफेसर मनोज मिश्र की पुस्तक स्वतंत्रता संघर्ष में जौनपुर, डॉ श्याम कन्हैया की पुस्तक रिवर्स आफ इंडिया एवं प्रोफेसर अजय द्विवेदी की पुस्तक इन्दिआज ग्रोविंग रोल इन द जी- 20 पुस्तक का लोकार्पण हुआ।

सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

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सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में निशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

दुर्गा सिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के द्वारा नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

JAUNPUR NEWS :स्वर्गीय सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में आज राजबहादुर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज गुलालपुर में नि:शुल्क के मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया । डॉक्टर आलोक यादव अपने स्टाफ के साथ पहुंचकर मरीज का इलाज किये तथा दवा का वितरण किये। इस मौके पर क्षेत्र के तमाम लोग जुट कर अपनी बीमारी का इलाज कराया। बिदित हो कि पिछले साल 22 सितंबर को श्री सुभाष चंद्र यादव का निधन हो गया था उनकी स्मृति में आज उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है उनके सुपुत्र डॉक्टर श्री आलोक यादव द्वारा नि:शुल्क मैडिकल कैंप का आयोजन किया गया । तमाम मरीजों ने इलाज करा कर नि:शुल्क मैडिकल कैंप का फायदा उठाया। इस मौके पर तमाम डाक्टर व गणमान्य ब्यक्ति मौजूद रहे। तथा शाम को उनके भवन पर उनकी स्मृति में विशाल कार्यक्रम रखा गया है।

जब ठान लिया तो ठान लिया

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संस्मरण-

“जब ठान लिया तो ठान लिया”
—एक स्वर्णिम उपलब्धि का संस्मरण

जब ठान लिया है, तो अब पीछे मुड़कर देखने का कोई अर्थ नहीं। या तो संकल्प न किया होता, या फिर मंज़िल पाने का उद्देश्य ही छोड़ दिया होता। जब हमने ठान लिया कि कुछ बनना है, तो केवल आईएएस ही बनना है। पिताजी, जो स्वयं एक साधारण कर्मचारी थे, लेकिन उनकी सोच अत्यंत ऊँची थी, उन्होंने कभी हमें पीसीएस का फॉर्म भरने के लिए नहीं कहा। मैं पढ़ाई-लिखाई में सामान्य था लेकिन जीवन में ऊंचा लक्ष्य रखने के लिए हमेशा प्रेरित किया ।

उक्त विचार जौनपुर के पूर्व व गौतम बुद्ध नगर के वर्तमान डीएम मनीष कुमार वर्मा से सुनकर मेरे थके, निराश और हतोत्साहित मन में आशा की एक नई किरण फूटी। उस समय मेरे भीतर जो निराशा घर कर चुकी थी, वह आशा में बदलने लगी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के ‘इन्वेस्टर समिट’ के समापन समारोह में डीएम मनीष कुमार वर्मा के ओजस्वी शब्द मेरे अंतर्मन को झकझोर गए। मैं तृतीय सेमेस्टर का टॉपर था, लेकिन फाइनल सेमेस्टर की की परीक्षा में सफलता की अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा के दबाव में जूझ रहा था। यह विचार मन में बार-बार आता था कि यदि किसी कारणवश चूक गया, तो न केवल गोल्ड मेडल से, बल्कि राज्यपाल के हाथों उस सुनहरे क्षण से भी वंचित हो जाऊंगा।

डीएम साहब के शब्दों ने जैसे मेरे अंदर संजीवनी का संचार कर दिया। उनकी बातें, “जब ठान लिया तो ठान लिया,” मेरे हृदय में गहराई से घर कर गईं। जैसे ही समारोह समाप्त हुआ, मैंने उनसे मिलने का अवसर पाया। उन्होंने स्नेहपूर्वक मेरे कंधे पर हाथ रखा और मेरी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। उनके शब्दों ने मुझे और अधिक प्रेरित किया, “आप फाइनल सेमेस्टर भी टॉप करेंगे और गोल्ड मेडल भी हासिल करेंगे।”

उस दिन के बाद से मेरे मन में संकल्प और दृढ़ हो गया कि अब मुझे विश्वविद्यालय का गोल्ड मेडल प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। मैंने उन सभी चीज़ों का त्याग किया जो मेरी सफलता के मार्ग में बाधा बन रही थीं। जीवन की तमाम समस्याएँ—चाहे वह आर्थिक हों या वैवाहिक—सब पर काबू पाकर मैं अपनी पढ़ाई में जुट गया। मेरे और गोल्ड मेडल के बीच केवल 17 अंकों का अंतर था, लेकिन डीएम की प्रेरणा से मैंने हर चुनौती को पार किया।

अंततः 9 नवंबर 2023 का वह ऐतिहासिक दिन आया जब मैं मंच पर राज्यपाल से गोल्ड मेडल प्राप्त कर रहा था। मेरी आँखों में प्रसन्नता के आँसू थे, और मन में डीएम मनीष वर्मा की बातें गूंज रही थीं। मुझे उन तक अपनी सफलता की खबर पहुँचानी थी। गौतम बुद्ध नगर स्थानांतरित होने के बावजूद, उन्होंने मेरी सफलता को निजी रूप से सराहा।

फोन करके बधाई देते हुए डीएम ने मेरे प्रयासों की सराहना की और मुझे अपने साथ दिल्ली आने का निमंत्रण दिया, तो वह क्षण मेरे जीवन का सबसे अनमोल पल बन गया। उनका स्नेह, समर्थन, और प्रेरणा मेरी सफलता के पीछे का मुख्य कारण थे। उनसे मिलने का अवसर पाकर, मुझे यह एहसास हुआ कि वह सिर्फ एक जिलाधिकारी नहीं, बल्कि मेरे जीवन के प्रेरणा स्रोत थे।

लेखक: रामनरेश प्रजापति, गोल्ड मेडलिस्ट, जनसंचार एवं पत्रकारिता, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर

विद्यालय संस्थापक ठाकुर प्रसाद सिंह की 21 वीं पुण्य तिथि 22 सितंबर को

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विद्यालय संस्थापक ठाकुर प्रसाद सिंह की 21 वीं पुण्य तिथि 22 सितंबर को

सुइथाकलां।क्षेत्र के गांधी स्मारक विद्यालय के संस्थापक स्व.ठाकुर प्रसाद की 21 वीं पुण्यतिथि श्री गांधी स्मारक इंटर कालेज के प्रांगण में रविवार को मनाई जायेगी। संकुल के प्रबंधक हृदय प्रसाद सिंह रानू ने बताया कि स्व.संस्थापक द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये गये महत्वपूर्ण व अभूतपूर्व योगदान को याद किया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाले ऐसे महान व्यक्तित्व के कर्मयोगी जीवन से प्रेरणा लेने के लिए श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 

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राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 
राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 

Sikh community angry over Rahul Gandhi’s statement

जौनपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए ब्यान की भाजपा नेता सरदार जसविंदर सिंह के नेतृत्व मे ओलंदगंज मे सिक्ख समुदाय के लोगो ने राहुल गाँधी का पुतला फुका और कड़े शब्दों में निंदा की। 

सरदार जसविन्दर ने कहा कि राहुल गांधी का यह ब्यान सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं बल्कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ है। राहुल गांधी का यह ब्यान अति निंदनीय है और विपक्ष के पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठे ऐसे नेता को यह शोभा नहीं देता। राहुल गांधी जैसे नेता को देश के बाहर जाकर ऐसा कहने से पूर्व सिख इतिहास को पढ़ने की सख्त जरूरत है । सिख समुदाय ने हमेशा राष्ट्रहित और धर्म के लिए कुर्बानियां दी हैं और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी अपने आप मे बेमिसाल है।

ऐसा ब्यान देने से पहले राहुल गांधी क्या 1984 को भूल गए ? उनके इस ब्यान में देश विरोधी ताकतों की साज़िश की बू साफ दिखाई पड़ रही है अपने इस ब्यान के लिए राहुल गांधी को सिख समुदाय के साथ साथ पूरे भारत देश से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं। वह लगातार हार से पूरी तरह से निराश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आंतरिक मुद्दों को विदेशी धरती पर उठाने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि विदेश जाकर अपनी कमियों को उजागर क्यों करें? देश के अंदर तो ऐसी नादानी बर्दाश्त की जा सकती है, लेकिन इसे बाहर जाकर इतना उजागर करने का क्या मतलब है?

उक्त अवसर पर सरदार सतवंत सिंह, सरदार हरचरण सिंह, सरदार मनदीप सिंह, सरदार नवनीत सिंह, सरदार गुरमीत सिंह, सरदार रणदीप सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार काकू सिंह, सरदार सोनू सिंह, दिव्याशु सिंह अंशुमान सिंह गोल्डी शशांक सिंह, सरदार पिनो सिंह, सरदार अमन सिंह, सरदार शुभविंदर सिंह, सरदार सतनाम सिंह मेराज हैदर आदि उपस्थित रहे।

jaunpur News: जिलाधिकारी जौनपुर बने UP के अन्य जिलाधिकारियों के लिए मिसाल