28th convocation of Virbahadur Singh Purvanchal University Jaunpur postponed
जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अट्ठारह सितंबर को आयोजित होने वाले 28वें दीक्षा समारोह को स्थगित कर दिया गया है,अगली तिथि इसी महीने निर्धारित की जाएगी।
गौरतलब हो कि विश्वविद्यालय परिसर में 18 सितंबर को होने वाले समारोह की तैयारियां पहले ही पूरी की जा चुकी थीं। विश्वविद्यालय परिषर में साफ सफाई का कार्य तेजी के साथ निपटा लिया गया था ।
बीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षांत समारोह के आयोजन में इस बार दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैटेरियल्स आईएएएम,स्वीडन के निदेशक डॉ.आशुतोष तिवारी को आमंत्रित किया गया था ।
विश्वविद्यालय प्रशासन नई तिथि की जल्द ही घोषणा करेगा। इस विषय पर जब कुलपति फ्रोफेसर वंदना सिंह से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि जिस डेट को दीक्षा समारोह का कार्यक्रम होना था उसी तिथि को महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कार्यक्रम किसी अन्य जगह निर्धारित ह। जिसके कारण 18 सितंबर को होने वाले 28 वें दीक्षांत समारोह की तिथि स्थगित करनी पड़ी है। दूसरी तिथि आने पर सूचित किया जाएगा।
जौनपुर। भाजपा ही एकमात्र दल हैं जो अपनी पार्टी के संविधान के अनुसार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने कार्य का विस्तार कर रहा है उक्त बातें भाजपा के राष्ट्रीय नेता, पूर्व गृह मंत्री महाराष्ट्र सरकार, जौनपुर लोकसभा प्रत्यासी रहे कृपा शंकर सिंह ने आज भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट के सदर चुंगी आवास पर आयोजित सम्मान समारोह पर कही और कृपा शंकर सिंह ने कहा कि मोदी योगी सरकार बैगर भेदभाव के सबके हित के लिए दृढ़संकल्प है और करती रहेगी।
उन्होंने उपस्थिति भाजपा कार्यकर्ताओं कायस्थ समाज के लोगो से भाजपा सदस्यता अभियान को सफल बनाने की अपील किया। कृपा शंकर सिंह ने कहा है मैं जौनपुर की जनता की सेवा में समर्पित रहूंगा और सेवा करता रहूंगा। इसके पूर्व भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया, भाजपा कार्यकर्ताओं, कायस्थ समाज के लोगो ने कृपा शंकर सिंह जी को मल्यापर्ण कर स्मृति चिन्ह अंगवस्त्र भेट कर जोरदार स्वागत किया। उक्त अवसर पर, प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश सिंह, आई टी सेल भाजपा के राष्ट्रीय संयोजक रोहित उपाध्याय,कायस्थ महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव कल्याण समिति के अध्यक्ष दयाल सरन श्रीवास्तव गिरिजेश श्रीवास्तव, चंद्रमोहन श्रीवास्तव, भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार जायसवाल, अमित श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, राजा श्रीवास्तव, भाजपा नेता सुधांशु सिंह, दीपक श्रीवास्तव पत्रकार संदीप श्रीवास्तव पत्रकार, प्रदीप श्रीवास्तव, आकाश श्रीवास्तव एडवोकेट मनीष श्रीवास्तव सोनू एडवोकेट नीरज मौर्य सभासद शिवम जायसवाल सेक्टर संयोजक , विनय श्रीवास्तव, प्रमोद सिंह सभासद, भाजपा नेता नबाब रूसी भाई, राकेश श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, राजन श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, आदि लोग मौजूद रहे। भाजपा नेता राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने आए हुए लोगो का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा सदस्यता अभियान सफल बनाने की अपील किया।
A group of 50 farmers from Jaunpur leaves for a 7-day interstate tour.
जौनपुर : गुणवत्तायुक्त पान उत्पादन प्रोत्साहन योजना वर्ष 2024-25 अन्तर्गत 50 कृषको के समूह दल को एक हप्ते के लिए अर्न्तराज्यीय भ्रमण हेतु जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा ने सुबह हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया ।
उक्त कृषक दल भ्रमण कार्यक्रम के प्रथम दिवस में औद्यानिक प्रयोग एंव प्रशिक्षण केन्द्र खुशरूबाग प्रयागराज द्वारा पान उत्पादक कृषको को पान उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक की जानकारी दी जायेगी। तत्पश्चात चित्रकूट भ्रमण के पश्चात द्वितीय दिवस 03 सितम्बर 2024 को कृषि एंव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बांदा के लिए रवाना होगा। 04 व 05 सितम्बर, 2024 को पान शोध केन्द्र महोबा में दो-दिवसीय प्रशिक्षण एंव पान उत्पादक कृषको के यहां प्रक्षेत्र भ्रमण कराया जायेगा। तत्पश्चात 06 एंव 07 सितम्बर, को कृषि विज्ञान केन्द्र छत्तरपुर (मध्य प्रदेश) में कृषक प्रशिक्षण एंव पान की खेती करने वाले प्रगतिशील कृषको के यहां प्रक्षेत्र भ्रमण कराया जाना है एंव 08 सितम्बर, 2024 को पुनः जौनपुर वापसी के लिए प्रस्थान किया जायेगा।
जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा द्वारा बताया गया कि जनपद मे पान की खेती करने वाले कृषक बक्शा, महराजगंज, सुजानगंज,करंजाकला, व मछलीशहर विकासखण्डो से 07 दिन अर्न्तराज्यीय भ्रमण के लिए कृषको का चयन किया गया है। निश्चित रूप से ये पान उत्पादक कृषक इस भ्रमण से पान की खेती की नवीन तकनीकी से अवगत होकर अपने जनपद में पान उत्पादन के क्षेत्र में गुणात्मक वृद्धि करने में सहायक होगें। उक्त भ्रमण दल रविन्द्र कुमार सिंह, उद्यान निरीक्षक, प्रभारी पान के पर्यवेक्षण में रवाना किया गया है।
रसूले ख़ुदा हजरत मोहम्मद मुस्तफा की शहादत की याद मे निकला जुलूस
रसूले ख़ुदा हजरत मोहम्मद मुस्तफा (स.अ.) व हज़रत इमाम हसन (अ.स.) की शहादत की याद मे निकला जुलूस
जौनपुर :पैगम्बरे इस्लाम रसूले ख़ुदा हजरत मोहम्मद मुस्तफा व उनके बड़े नवासे हज़रत इमाम हसन (अ.स.) की शहादत की याद मे जुलूस 26 सफर रविवार रात्रि उठा। इमामबाड़ा नक़ी फाटक में एक मजलिस हुई। जिसमे सोज़ख्वानी अब्बास काज़मी ने अपने साथियो के साथ किया। मजलिस को सम्बोधित करते हुए धर्मगुरु मौलाना महफूज़ुल हसन ख़ा ने कहा कि हजरत मोहम्मद मुस्तफा साहब ने अपने जीवन में न सिर्फ इस्लाम को फैलाया बल्कि इंसानियत का पैगाम देते हुए गरीब बेसहारा मजलूमों की मदद की। मानवता की सेवा कर उन्होंने समाज को एक करने का प्रयास किया है।
जिस तरह से उन्होंने पूरी इंसानियत को जिंदा रखने के लिए काम किया, उसे आगे बढ़ाने की ज़रूरत है। आज समाज में जो कुरीतियां फैली है उसे दूर करने के लिए उनके बताये हुए रास्ते पर चलने की जरुरत है। मजलिस के बाद शबीहे अलम निकाला गया।
ताबूत व अलम के साथ एक जुलूस की शक्ल में अन्जुमन मातम करती नौहा पढ़ती हुई इमाम चौक वक्फ बीकानी बीबी मल्हनी पड़ाव तक गई। जुलूस पुनः नकी फाटक मे आकर समपन्न हुआ। जुलूस मे अन्जुमने जुल्फेकारिया मस्जिदतला, अज़ादारिया बारादुअरिया,असग़रिया पुरानी बाज़ार व कौसरिया रिज़वी खा आदि अंजु अन्त में सै मो मुस्तफा, सै शाहिद हुसैन गुड्डु व सै रज़ि हैदर जावेद ने आये हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। मनो ने नौहा मातम किया।
इस अवसर पर मुफ्ती दानिश काज़मी,शोएब, नजमुल हसन,नवारूल हसन, कैफी आब्दी,असद हैदर, कायम, हुसैन हैदर, शारिब, फज़ले अली,साजन खान,अमीरूल हसन,वजीह हुसैन, हैदर काज़मी, जहीर हसन आदि उपस्थित रहे।
गणपति पूजा महासमिति जौनपुर का 21वां पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न
जौनपुर। श्री गणपति पूजा महासमिति जौनपुर ट्रस्ट का 21वां पुरस्कार वितरण समारोह श्री घनश्याम दास बैंकर का बगीचा उर्दू बाजार में सम्पन्न हुआ जहां सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों सहित मुख्य संरक्षक अवधेश चतुर्वेदी ने भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का पूजा अर्चना करके दीप प्रज्वलन करते हुये कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। तत्पश्चात अथितियों का स्वागत करते हुये स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। उक्त अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि बाबू सिंह कुशवाहा सांसद जौनपुर ने कहा कि महासमिति द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम एक—दूसरे को मिलने—मिलाने का मौका देता है जिससे लोगों में समरसता व भाईचारा की भावना जागृति होती है। इसी क्रम में मुख्य वक्ता जगदीश नारायण विधायक जफराबाद ने कहा कि गणपति पूजा महासमिति जौनपुर का यह कई मायनों में समाज को संदेश देने का कार्य करती है जो बिना भेदभाव से सभी का सम्मान करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता समाजसेवी ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि हम सभी अलग—अलग दलों को एक मंच पर लाकर महासमिति ने यह संदेश देने का कार्य किया कि यदि ईमानदारी और लगन से कोई भी कार्य किया जाय तो कुछ भी सम्भव नहीं है।
पूजन समितियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में पाया गया पुरस्कार यह बताता है कि आपस में प्रतिस्पर्धा की भी भावना होना जरूरी है। इससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि दिनेश टण्डन पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, आर्थो सर्जन डॉ आलोक यादव व डॉ सरफराज खान प्रतिनिधि अध्यक्ष नगर पंचायत जफराबाद ने संयुक्त रूप से कहा कि आज इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में मौजूद लोग इस बात की गवाही देते हैं कि कार्यक्रम बेजोड़ है। सभी संस्थाओं ने पुरस्कार प्राप्त करने के पश्चात प्रसन्नता व्यक्त किया तो इसका मतलब की महासिमिति द्वारा किया गया मूल्यांकन निष्पक्ष और सराहनीय है। कार्यक्रम में संरक्षक मंडल, समाजसेवी संगठनों एवं प्रबुद्धजनों को सम्मानित किया गया। साथ ही निर्णायक मण्डल के सदस्य सोम वर्मा, उर्वशी सिंह एडवोकेट, डॉo अंजना सिंह, अमर सेठ, नीरज शाह व दिलीप शुक्ला को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा समस्त पूजन समिति को उत्साहवर्धन पुरस्कार से नवाजा गया। पुरस्कार पाते ही पूजन समितियों ने ढोल नगाड़ों की ताल पर गणपति बाप्पा मोरया के जयघोष से पूरे पंडाल को गुंजायमान कर दिया। भजन संध्या में अभिषेक शर्मा सहित साथियों ने अपनी प्रस्तुति दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महासचिव दीपक जावा, संरक्षक अरशद कुरैशी, कोषाध्यक्ष प्रिंस सेठ, उपाध्यक्ष विशाल खत्री, आदर्श श्रीवास्तव, मनोज मौर्य, प्रमोद ओमर, संतोष पाण्डेय, आशीष बोस, चंद्रेश यादव, मुकेश साहू, रंजीत गुप्ता, अजय यादव, सुमित अग्रहरी, आदित्य सेठ, मनोज यादव, पृथु गुप्ता, विवेक यादव, अंश यादव आदि का सरहनीय योगदान रहा। अतिथियों का स्वागत महासमिति के संयोजक नवीन सिंह बसगोती व आभार अध्यक्ष संजय जांडवानी ने व्यक्त किया था। कार्यक्रम का संचालन मुख्य ट्रस्टी संजीव यादव एडवोकेट ने किया।
गत वर्ष निर्णायक मण्डल के अवलोकन करने पश्चात शोभायात्रा में श्री शिवशक्ति बाल गणेश संस्था ईशापुर प्रथम, श्री गणेश मित्र मंडल रसूलाबाद द्वितीय, श्री गणपति बाल संस्था शिव चौरा मंदिर सिपाह तृतीय आये। पूजन पंडाल (शहरी) में श्री नवयुवक गणेश उत्सव रसूलाबाद प्रथम, श्री वियाकम गणेश पूजनोत्सव सिटी स्टेशन द्वितीय, बाबा श्री जागेश्वर नाथ संस्था आलमगंज तृतीय आये। पूजन पंडाल (ग्रामीण) में श्री सार्वजनिक गणेश पूजनोत्सव संस्था गौराबादशाहपुर प्रथम, श्री जय बुढ़उ बाबा गणपति संस्था धर्मापुर द्वितीय, श्री नवयुगल मंगलदल समिति नैपुरवा तृतीय आये। इसके अतिरिक्त शोभायात्रा में सर्वप्रथम पहुंचने वाली संस्था युवा बाल्मिकी संस्था मखदूम शाह अढन प्रथम, दैनिक मार्ग सजावट में श्री शिवशक्ति गणपति संस्था ताड़तला प्रथम, झांकी में नव बाल तरंग गणपति संस्था अहियापुर प्रथम, उत्कृष्ट प्रदर्शन में श्री सार्वजनिक गणेश बाल समिति बेगमगंज प्रथम, अनुशासन में श्री विघ्नहर्ता पूजा समिति वाजिदपुर उत्तरी प्रथम, पूजन विशेष में श्री मां शीतला सेना गणपति संस्था चौकियां को प्रथम स्थान मिला।
Jaunpur District Committee of Sardar Sena expanded
दर्जनों लोगों को बनाया गया संगठन का पदाधिकारी
जौनपुर : जिले के मडियाहूं बाजार में स्थित पटेल काम्पलेक्स में सरदार सेना के सैकड़ो क्रांतिवीरों के साथ संविधान बचाओ आरक्षण बढ़ाओ,सामाजिक न्याय चिंतन बैठक एवं संगठन विस्तार कार्यक्रम संपन्न| बैठक जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार पटेल के नेतृत्व में सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एस पटेल की मुख्य मौजूदगी में सम्पन्न हुई|वर्तमान समय कि सामाजिक राजनीतिक समीक्षा,जाति जनगणना तथा सरकारी तथा अर्ध सरकारी संविदा तथा प्राइवेटाइजेशन भी वर्गिक आबादी के अनुपात में पूर्ण भागीदारी अथवा आरक्षण तथा OPS एवं युवाओं के नेतृत्व संवर्धन आदि मुद्दों पर समीक्षा बैठक संपन्न हुई|
जौनपुर के सैकड़ो सरदार सैनिकों ने जल्द से जल्द संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।संगठन विस्तार के क्रम में शेरे हिंद पटेल विधानसभा प्रभारी माड़ियाहूँ, त्रिभुवन सिंह पटेल विधानसभा अध्यक्ष,डॉ पवन पटेल जिला उपाध्यक्ष,रमाशंकर पटेल जिला महासचिव,डॉ साहब लाल पटेल संगठन महासचिव,राजवंश पटेल विधानसभा कार्यकारी सदस्य, गुलाबचंद पटेल ब्लॉक अध्यक्ष रामनगर,राजमणि पटेल ब्लॉक अध्यक्ष रामपुर,अजय पटेल विधान सभा उपाध्यक्ष सहित दर्जनों मनोनयन हुआ|इस दौरान सुरेश पटेल,सुरेन्द्र पटेल,विजय पटेल,पप्पू पटेल,वृजेन्द्र पटेल,परमेश पटेल,राकेश पटेल,सन्तोष पटेल,रामआसरे पटेल,सुरेश वर्मा,आरसी पटेल,सुधीर सिंह,पीयूष सिंह पटेल,जंगबहादुर पटेल,पिन्टू पटेल,सतीश पटेल,राजू पटेल,आलोक पटेल,बालकिशुन पटेल,रोबिन पटेल,दीपक पटेल,डां वकील,संकल्प पटेल,प्रकाश पटेल,छोटे लाल,संदीप पटेल सहित सैकड़ों की संख्या मैं लोग उपस्थित रहे|
क्वालिटी सलाहकारों द्वारा जिला चिकित्सालय के सभी विभागों की हुई जांच
जौनपुर। सोमवार को कायाकल्प 2024 का एक्टर्नल असेसमेन्ट डा० विनोद कुमार जिला क्वालिटी सलाहकार एवं डा० एहतेराम हुसैन, जिला क्वालिटी सलाहकार फतेहपुर के द्वारा जिला चिकित्सालय जौनपुर के समस्त विभागों का जॉच किया गया, जिसमे इमरजेन्सी ओपीडी,औषधि भण्डार, वार्डो,ओटी इत्यादि का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डा० कृष्ण कुमार राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में डा० एस०पी० अग्रवाल, डा० नरेन्द्र कुमार, डा० सैफ हुसैन खान, डा० क्षितिज पाठक, श्रीमती सुधा पाण्डेय मात्रिका मौके पर मौजूद थे।
जिला चिकित्सालय जौनपुर के कार्यो को देखते हुए काफी संतुष्ट दिखे, जिला चिकित्सालय जौनपुर विगत कई वर्षों से लगातार अपने कार्यों के लिए कायाकल्प में आवार्ड प्राप्त कर चुका है। एसेसर द्वारा बताया गया आपका चिकित्सालय अब एन०क्यू०ए०एस० को क्वालीफाई कर सकता है।
हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार,डेंगू का प्रचार वाहन के साथ आप सेल्फी ले
डेंगू का प्रचार वाहन जब आपके मोहल्ले में जाए तो आप प्रचार वाहन के साथ अपनी सेल्फी ले
जौनपुर! हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार” कार्यक्रम के के तहत आम आदमी पार्टी का जागरूकता प्रचार वाहन आज खरका तिराहा, इन्दरा कालोनी ,लाइन बाजार, हुसेनाबाद, न्यू कालोनी के आस पास होता हुआ कलेक्ट्रेट तिराहा व दिवानी तिराहा तक घर-घर जाकर लोगों को हर रविवार 10 हफ्ते 10:00 बजे 10 मिनट कार्यक्रम से जोड़ने की अपील की । कार्यक्रम संयोजक प्रदीप मिश्रा ने उक्त जानकारी देते हुए आम जनमानस से अपील की की डेंगू का प्रचार वाहन जब आपके मोहल्ले में जाए तो आप प्रचार वाहन के साथ अपनी सेल्फी ले
और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम आदि के द्वारा लोगों से अपील करें की लोग बढ़ चढ़कर हर रविवार डेंगू पर वार जौनपुर है तैयार अभियान से जुड़े और डेंगू क्यों हराने में अपना योगदान दें। जिला अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा जी ने जौनपुर वासियों से अपील की है कि यह एक सामाजिक कार्य है आप किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हो किसी भी विचारधारा के मानने वाले हो लेकिन अपने जनपद से डेंगू को हराने के लिए आम आदमी पार्टी के इस अभियान से जुड़े हम आप सभी के आभारी रहेंगे। मुरली मनोहर ने बताया कि आम आदमी पार्टी का डेमो के खिलाफ चलाए जा रहा महा अभियान जौनपुर नगर पालिका के सभी 39 वार्डों में चलाया जाएगा।
साहित्य संगीत ,कला ,दर्शन ,एवं अध्यात्म की सरजमीं काशी में पैदाइशी परवरिशआफ्ता, छायावाद की बुनियाद से जुड़े उसके आधार स्तंभ के मानिंद जयशंकर प्रसाद जी यकीनन साहित्य संगीतकला और दर्शन की त्रिवेणी हैं। उनकी रचनाओं में जिंदगी की तमाम चीजें शामिल हैं -प्रेम,सौन्दर्य वतनपरस्ती, कुदरत से मुहब्बत, फ़लसफ़ा, रहस्यानुभूति, वगैरह मुख्तलिफ चीजों को लेकर खूबसूरत और खुशनुमा अंदाज़ के साथ अपने काव्य प्रेमियों से रू-ब-रू हुए। प्रसाद जी का भाव एवं भाषा-शैली, क़दीम हिंदुस्तानी तहजीब,तर्बियत, इखलाक व सलाहियत की वज़ह से बहुत ही पुरअसर है। प्रेम और आनंद के कवि होने की वजह से हुस्न और इश्क, हिज्रोविशाल, तन्हाई, पुर दर्द जुदाई, गमजदा के अश्कों का बड़ी कशिश और सिद्दत के साथ लाने की वजह से प्रसाद जी कालजयी साबित हुए।
प्रसाद जी की प्रबल काव्य -भावना संगीतात्मकता और प्रगीतात्मकता से पूर्ण रूप से प्रभावित है। उनके मुक्त छंद का अपना अलग कायदा है,उसका अपना एक अलग दायरा है जो पुरानी काव्य परम्परा से ज़रा हट के है।उसे छंदहीन और बेलय समझना हमारे कुंठित संगीत-बोध का सबूत हो सकता है। तुकबंदी की कमी, चरणों की मात्राओं में असमानता होते हुए उनके काव्य की आत्मा लय से पोषित है।लय संगीत का पिता है -श्रुति:माता लय: पिता। बन्धनों से निजात संगीत और काव्य की खूबसूरती को बरकरार रखने में मददगार साबित हो ता है –
“नूपुर के स्वर मन्द रहे,जब तक न चरण स्वच्छंद रहे।”
छायावादी कवियों की मंजुल शब्द- रचना और संगीत के तालमेल के विषय में डॉ.नामवर सिंह का ख़याल सटीक बैठता है -“छायावादी कवि के जिस हृदय स्पंदन ने वाक्य-विन्यास को प्रभावित किया, उसी वाक्य -विन्यास के माध्यम से छंदो -विधान का भी निश्चय हुआ। छायावाद का यह हृदय स्पंदन मुख्यतः प्रगीत-भावना ( लिरसिज्म) थी। छायावादी छंदों में से अधिकांश का निश्चय प्रगीत-भावना ने किया।”
प्रसाद जी ने अपनी आजाद ज़ेहन की वजह से कई खूबसूरत रचना फारसी बहर में भी लिखा है –
१-विमल इन्दु की विशाल किरणें, प्रकाश तेरा बता रही हैं।
२-न छेड़ना उस अतीत स्मृति के, खिंचे हुए बीन तार को कोकिल।
कुछ रचनाएं लोक छंद आल्हा और लावनी के अधिक नजदीक हैं-
“हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर बैठ शिला की शीतल छांह,
एक पुरुष भीगे नैनों से देख रहा था प्रलय प्रवाह।”
कामायनी महाकाव्य में ३०,३१,३२ मात्राओं के छंदों का इस्तेमाल प्रसाद जी की आजाद ज़ेहन और नए अंदाज की गवाही देता है। ऐसे छंदों को तीन ताल और कहरवा ताल में आसानी से गाया -बजाया जा सकता है। “लहर “, काव्य -संग्रह (१९३५) की कविताओं से उनके सांगीतिक ज्ञान और शास्त्रीय राग -रागिनी के इल्म की मुकम्मल जानकारी मिलती है -“बीती विभावरी जाग री!” जैसे जागरण गीत का आखिरी हिस्सा मिसाल के तौर पर देखा जा सकता है –
“अधरों में राग अमंद पिये, अलकों में मलयज बंद किये,
तू अब तक सोई है आली, आंखों में भरे विहाग री।”
मतलब,भोर हो गई है।भैरव/भैरवी राग की मस्ती में जागने के बजाय रात्रि के द्वितीय प्रहर में गाए जाने वाले राग विहाग के स्वरों की खुमारी अपनी आंखों में संजोए हुए हेआली!तू अब तक सो रही हो?
छायावादी काव्य के शब्द -रचना और संगीत के सम्बन्ध में निराला जी का विचार औचित्य पूर्ण है-
“एक -एक शब्द बंधा ध्वनिमय साकार”(मेरे गीत और कला)
इन बातों के पोषण में डॉ. नामवर सिंह ने भी यही कहा है -“शब्द -रचना और संगीत का जहां तक संबंध है, छायावादी कवियों ने अलग-अलग एक-एक शब्द के संगीत पर ध्यान रखने के साथ ही संपूर्ण शब्द- संगति अथवा शब्द- गुम्फन के संगीत पर भी ध्यान रखा। शब्द -संगति बैठाने में इन कवियों ने स्वर अथवा व्यंजन संबंधी अनुप्रास का सहारा लिया है।”
मसलन -“खग -कुल कुल- कुल सा बोल रहा, किसलय का अंचल डोल रहा।”
छायावादी गीत काव्य को पूर्णता प्रदान करने में प्रसाद जी की अदबी खिदमात काबिले तारीफ है। झरना, लहर एवं उनके नाटकों के गीत काव्य चरमोत्कर्ष पर हैं।
प्रसाद जी के गीतों को दो हिस्सों में तक्सीम किया जा सकता है-संगीत प्रधान गीत और साहित्यिक गीत। उनके नाटकों के ज्यादातर गीत शास्त्रीय राग- रागिनी संयुक्त हैं। गीतों में स्वरों का भावानुरूप उतार-चढ़ाव रस को उत्कर्ष देते हैं –
ध्रुवस्वामिनी नाटक के प्रथम दृश्य में मंदाकिनी के स्वर में वेदना की आत्माभिव्यक्ति,रागात्मक अनुभूति, लयात्मक अनुभूति से कवि की संगीतात्मकता का सुबोध होता है –
“यह कसक अरे आंसू सह जा।
बनकर विनम्र अभिमान मुझे, मेरा अस्तित्व बता रह जा।
बन प्रेम छलक कोने-कोने, अपनी नीरव गाथा कह जा।
करुणा बन दुखिया वसुधा पर, शीतलता फैलाता बह जा।
निश्चित तौर पर भाषा की कोमलता कारुणिक संगीत में श्री वृद्धि करती हुई नजर आती है। स्कंधगुप्त नाटक में देवसेना को भ्रम था की स्कंधगुप्त भी उससे मोहब्बत करता है इसी भ्रम में अपना सब कुछ लुटा कर उससे प्रेम करती है जिसका अंजाम बड़ा ही पुरदर्द और अफसोस से भरा है-
“आह! वेदना मिली विदाई।
चढ़कर मेरे जीवन रथ पर, प्रलय चल रहा अपने पथ पर,
मैंने निज दुर्बल पद- बल पर, उससे हारी- होड़ लगाई।”
ध्रुवस्वामिनी नाटक में मंदाकिनी का पीड़ा दरकिनार करके, बाधाओं को ठुकराते हुए, कष्टों को झेलते हुए हर हाल में कामयाबी हासिल करने के सुंदर पैगाम को कहरवा अथवा तीन ताल की संगत से बखूबी प्रतिष्ठा मिल सकती है-“यत: ताले प्रतिष्ठितम्।
“पैरों के नीचे जलधर हो, बिजली से उनके खेल चलें ।
संकीर्ण कगारों के नीचे, शत् शत् झरने बेमल चलें।।
पीड़ा की धूल उड़ाता सा, बाधाओं को ठुकराता -सा।
कष्टों पर कुछ मुस्काता-सा, ऊपर ऊंचे सब झेल चले।।”
प्रेम और आनंद के कवि होने के कारण प्रेमभाव का मनोवैज्ञानिक बहुविधि निरूपण संयोग और विप्रलंभ का समादर, भावों की तीव्रता और मूर्तता दर्शनीय है। चंद्रगुप्त की फरमाइश पर मालविका के द्वारा गाए गए गीत की पारदर्शिता अवलोकनीय है-
“मधुप कब एक कली का है!
पाया जिसमें प्रेम रस सौरभ और सुहाग,
बेसुध हो उस कली से मिलता भर अनुराग।
बिहारी कुंज गली का है।
पद विन्यास के सहारे जहां और कवि सीधी-सपाट कविता लिखतें हैं वहीं प्रसाद जी नये तरतीब और नए अंदाज से खूबसूरती पैदा कर देते हैं। ध्रुवस्वामिनी नाटक में नर्तकियों का गायन काबिले गौर है-
“अस्ताचल पर युवती संध्या की खुली अलक घुंघराली है।
लो, मानिक मदिरा की धारा अब बहने लगी निराली है।।
भरने निकले हैं प्यार भरे जोड़े कुंजों की झुरमुट से।
इस मधुर अंधेरी में क्या अब तक इनकी प्याली खाली है।।
प्रसाद जी के गीतों में जहां करुणा मूलक,प्रेमपरक सौंदर्य परक और नवजागरण के गीतों का शुमार है वही देश की अतीत गरिमा का गान, उद्बोधन गीत और प्रयाण गीत से उनकी प्रगीतात्मकता का परिचय मिलता है। भारत की सांस्कृतिक गरिमा का दर्शन विदेशी राजकुमारी सेल्युकस की पुत्री अथवा चंद्रगुप्त की पत्नी कार्नेलिया के द्वारा गाया गया गीत भारत की गरिमा और उसकी गौरवशाली परंपरा के अनुकूल और अनुरूप है –
“अरुण यह है मधुमय देश हमारा।
जहां पहुंच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा।
बरसाती आंखों के बादल बनते जहां भरे करुणा जल।
लहरें टकरातीं अनंत की पाकर जहां किनारा।।”
चंद्रगुप्त नाटक के चतुर्थ अंक में अलका के स्वर में प्रसाद जी ने अहले -वतन को आलस्य और अकर्मण्यता की नींद से जगा कर आजादी के वास्ते विजयपथ पर प्रयाण का इशारा करते हैं जो दादरा ताल में निबद्ध एक खूबसूरत प्रयाण गीत का नमूना है –
“हिमाद्रि तुंग श्रृंग से प्रबुद्ध शुद्ध भारती
स्वयं प्रभा समुज्ज्वला स्वतंत्रता पुकारती –
अमर्त्य वीर पुत्र हो दृढ़ प्रतिज्ञ सोच लो,
प्रशस्थ पुण्य पंथ है बढ़े चलो बढ़े चलो।।
मुख्तसर रूप में, प्रसाद जी की रचना में जो संगीत तत्त्व या फ़िर प्रगीत-भावना है वह उनकी निजता और नये अंदाज़ का खूबसूरत आईना है जिसमें तमाम छायावादी खूबियां साफ़ -साफ़ झलकती नज़र आती हैं। डॉक्टर द्वारिका प्रसाद सक्सेना के अनुसार,”इनकी अपनी निजी तान है, निजी लय है, निजी स्वर है, निजी ताल है और निजी बंधन है। इसी कारण यह प्रगीत कहलाते हैं। ये प्रगीतात्मक कविताएं विविध नूतन राग रागिनियां प्रस्तुत करती हैं, मांसल एवं सौंदर्य के निरूपण में मादक अनुरक्ति के स्वर अभिव्यक्ति करती हैं, भावोच्छवास की गंभीर विह्ललता को कोमल लय में अंकित करती हुई पाठकों एवं श्रोताओं को अपनी लय में लीन करने की पूर्ण सामर्थ्य प्रकट करती हैं।”
अल्लाह और पैगम्बर पर ट्विटर पर अभद्र टिप्पणी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार,भेजा गया जेल
जौनपुर। सुरेरी थाने की पुलिस ने सोशल मीडिया ट्विटर पर अल्लाह और पैगम्बर मोहम्मद साहब के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभिया के अंतर्गत सुरेरी थाना क्षेत्र में भ्रमण के दौरान पुलिस को सूचना प्राप्त हुआ कि प्रवीण सिंह पुत्र रविन्द्रनाथ सिंह निवासी कठवतिया थाना सुरेरी द्वारा सोशल मीडिया ट्विटर पर अल्लाह और पैगम्बर मोहम्मद साहब के विरुद्धअपमानजनक टिप्पणी किया गया है ।
ट्विट करने से मुस्लिम सम्प्रदाय के लोगों में आक्रोश का माहौल पैदा हो गया तथा सम्प्रदायिक सौहार्द बिगडने की संभावना होने लगी कि जिसकी असंका को देखते हुए पुलिस ने अभियुक्त . प्रवीण सिंह पुत्र रविन्द्रनाथ सिंह निवासी कठवतिया के विरुद्ध स्थानीय थाने पर अपराध संख्या 111/24 धारा 299 बीएनस पंजीकृत करते हुए अभियुक्त को धारा 170 बीएनएस में गिरफ्तार कर सम्बन्धित न्यायालय भेजा दिया ।