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विलुप्ति की कगार पर पहुँचा कैथा का पेड़, संरक्षण की आवश्यकता

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कभी गाँवों की पहचान था कैथा, अब दुर्लभ होता जा रहा है

खेतासराय(जौनपुर): ग्रामीण भारत की जैविक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाने वाला कैथा (वुड एप्पल) का पेड़ आज धीरे-धीरे विलुप्ति की ओर बढ़ रहा है। एक समय था जब गाँवों, खेतों की मेड़ों, बाग-बगीचों और विद्यालयों के आस-पास कैथा के पेड़ सहज ही दिखाई देते थे, लेकिन बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और पारंपरिक वृक्षों के प्रति घटती रुचि के कारण अब इसकी संख्या लगातार कम होती जा रही है।

कैथा का वैज्ञानिक नाम लिमोनिया एसिडीसीमा है। इसे अंग्रेजी में वुड एप्पल कहा जाता है। संस्कृत में यह कपित्थ तथा हिंदी में कठबेल या कैथा के नाम से प्रसिद्ध है। यह रुटेसी कुल का पौधा है। इसके पुराने वैज्ञानिक नाम फेरोनिया लोमोनिया तथा फेरोनिया एलफंटूम भी प्रचलित रहे हैं। आज भी अधिकांश लोगों की स्मृतियों में कैथा का विशेष स्थान है। स्कूलों के बाहर लगने वाले पाचक और चाट के ठेलों पर कैथा का उपयोग आज भी कहीं-कहीं देखने को मिल जाता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों और बड़ों दोनों को आकर्षित करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार कैथा केवल स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि पोषण और औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसके फल में विभिन्न प्रकार के खनिज, विटामिन तथा पाचन में सहायक तत्व पाए जाते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में कपित्थ (कैथा) का उल्लेख अनेक रोगों में उपयोगी फल के रूप में मिलता है। पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे पाचन तंत्र को मजबूत करने, भूख बढ़ाने तथा पेट संबंधी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से कैथा का उपयोग घरेलू उपचार के रूप में किया जाता रहा है। हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी, विशेषकर मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारी के उपचार के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया का उपचार प्रमाणित चिकित्सा पद्धति और चिकित्सक की सलाह से ही किया जाना चाहिए।

कैथा का अचार भारतीय ग्रामीण खान-पान की एक अनूठी विरासत माना जाता है। इसका खट्टा-तीखा स्वाद भोजन का आनंद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी सहायक माना जाता है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किया जाने वाला कैथा का अचार आज भी कई घरों में विशेष पसंद किया जाता है। खेतासराय क्षेत्र के गोरारी ख़लीलपुर निवासी पूर्व प्रधान आनंद बरनवाल बताते है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी परंपरागत विधि के अनुसार कैथा के गूदे को काटकर धूप में सुखाया जाता है और फिर सरसों, मेथी, सौंफ, हींग, लाल मिर्च तथा अन्य मसालों के साथ सरसों के तेल में मिलाकर अचार तैयार किया जाता है। उचित देखभाल के साथ यह अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। लेकिन विडंबना है कि यह पेड़ अब विलुप्त होने के कगार पर पहुँच चुका है। जिसका संरक्षण और संवर्धन बेहद जरूरी है।

कैथा का पेड़ केवल फल देने वाला वृक्ष नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सूखा सहन करने की क्षमता रखता है तथा कम पानी वाले क्षेत्रों में भी आसानी से विकसित हो जाता है। इसकी जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करती हैं और यह स्थानीय जैव विविधता को भी समृद्ध बनाता है। वनस्पति विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस वृक्ष के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ियाँ इसे केवल पुस्तकों और चित्रों में ही देख पाएंगी।

पर्यावरण प्रेमियों और कृषि विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने खेतों, बगीचों, विद्यालय परिसरों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कैथा के पौधे लगाएँ। इसके संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा स्थानीय स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक भारतीय वृक्षों का संरक्षण केवल पर्यावरण की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए भी आवश्यक है।

कैथा का पेड़ भारतीय ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और आयुर्वेदिक ज्ञान का जीवंत प्रतीक है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर इसके संरक्षण का संकल्प लें, तो यह अमूल्य प्राकृतिक धरोहर फिर से हमारे गाँवों और शहरों की पहचान बन सकती है। एक पेड़ कैथा का लगाइए, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की इस अनमोल विरासत को बचाइए।

जौनपुर में सोशल ऑडिट के नाम पर धन उगाई,जिला प्रशासन मौन

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फर्जी सोशल ऑडिट के नाम पर धनउगाही, गाँव-गाँव घूमकर वसूले रुपये

वैगनआर कार सवार तीन युवक खुद को ऑडिटर बताकर पहुँचे ग्राम पंचायतों में, फाइलों की जाँच के नाम पर दर्जनों गांव से वसूली

खेतासराय (जौनपुर) विकास खण्ड के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में फर्जी सोशल ऑडिट टीम के नाम पर धनउगाही का सनसनीखेज मामला शनिवार को प्रकाश में आया है। कार से पहुँचे तीन युवक खुद को ऑडिटर और विभागीय अधिकारी बताकर ग्राम पंचायतों में दाखिल हुए तथा विकास कार्यों से संबंधित अभिलेखों और फाइलों की जाँच के नाम पर ग्राम प्रधानों पर दबाव बनाकर धन वसूलने लगे। मामले का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में हड़कम्प मच गया और कथित ऑडिटर बैगनार कार पर सवार हो कर फरार हो गए।

गौरतलब हो कि ग्राम पंचायतों में प्रत्येक वर्ष विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं तथा आय-व्यय का सोशल ऑडिट कराया जाता है। शाहगंज-सोंधी ब्लॉक की अधिकांश ग्राम पंचायतों का ऑडिट पहले ही सम्पन्न हो चुका था, जबकि लगभग 27 ग्राम पंचायतों का ऑडिट शेष रह गया था। हालांकि ऑडिट की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी थी और इस संबंध में जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग द्वारा कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया था।

इसी बीच तीन युवक एक कार से ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गाँव में पहुँचे उनके पास उन ग्राम पंचायतों की सूची थी, जिनका ऑडिट शेष बताया जा रहा था। युवकों ने स्वयं को अधिकृत ऑडिटर बताते हुए ग्राम पंचायतों की फाइलें, वाउचर, भुगतान रजिस्टर तथा अन्य अभिलेखों की जाँच शुरू कर दी। जाँच के दौरान वे विभिन्न त्रुटियां निकालने का हवाला देकर ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई का भय दिखाने लगे और कथित रूप से रुपये की माँग करने लगे।

बताया जाता है कि ग्राम पंचायत भरोठा में पहुँची टीम ने ग्राम प्रधान अमरदेव गौतम से अभिलेखों में अनियमितता बताकर 25 हजार रुपये की माँग की। काफी बातचीत और मोलभाव के बाद कथित ऑडिटरों ने 10 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद टीम ग्राम पंचायत वसीरपुर पहुँची, जहाँ ग्राम प्रधान ज्ञानचंद्र सोनकर से भी ऑडिट के नाम पर दो हजार रुपये वसूलने का आरोप है।

सूत्रों के मुताबिक इसके बाद उक्त युवक ग्राम पंचायत अरंद पहुँचे और वहाँ भी आय-व्यय संबंधी दस्तावेजों की जाँच करते हुए कमियां निकालने लगे। जब टीम अब्बोपुर गाँव पहुँची तो कुछ लोगों को उनके तौर-तरीकों पर शक हुआ। ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों ने उनकी पहचान तथा नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जाँच शुरू की। छानबीन के दौरान पता चला कि जिले से किसी भी प्रकार के सोशल ऑडिट या विशेष जाँच का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।

मामला संदिग्ध होने पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने युवकों से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वे अपने अधिकार और नियुक्ति संबंधी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। स्थिति बिगड़ती देख तीनों युवक वहाँ से निकलने का प्रयास करने लगे और मौका पाकर फरार हो गए। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों में भी बेचैनी और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। कई प्रधानों ने आशंका जताई कि फर्जी ऑडिट के नाम पर सुनियोजित तरीके से उगाही की जा रही थी।

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) शाहगंज-सोंधी पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि सोशल ऑडिट के लिए जिले से कोई नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि धनउगाही की शिकायत उनके संज्ञान में नहीं थी, लेकिन यदि ऐसा मामला सामने आया है तो इसकी जाँच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अटेवा पदाधिकारियों ने स्वर्गीय सत्तन सरोज को दी श्रद्धांजलि,शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढांढस

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जौनपुर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच जौनपुर के जिला संगठन मंत्री सुभाष सरोज के पिता स्वर्गीय सत्तन सरोज के निधन पर अटेवा परिवार में शोक की लहर व्याप्त है। उनके निधन की सूचना प्राप्त होते ही अटेवा जौनपुर एवं वाराणसी मंडल के पदाधिकारी उनके पैतृक निवास ग्राम मुरारा, (मुफ्तीगंज) पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस अवसर पर अटेवा वाराणसी मंडल के उपाध्यक्ष रमेश चंद्र यादव, मंडलीय महामंत्री संदीप चौधरी, जिला संयोजक चंदन सिंह, जिला महामंत्री इंदु प्रकाश यादव, जिला संयुक्त मंत्री प्रवीण श्रीवास्तव एवं ब्रह्मशील यादव, प्रमोद प्रजापति, लालचंद यादव, ध्रुवराज यादव, आशीष लोहिया, मुलायम यादव, संदीप यादव, सुरेंद्र सरोज सहित जनपद के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी पदाधिकारियों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय सत्तन सरोज का जीवन सादगी, संघर्ष और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक था। उनकी कमी सदैव महसूस की जाएगी। उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

हरीपुर में मां भगवती मंदिर वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, विधि-विधान से हुआ शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम

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महायज्ञ, रुद्र चंडी अनुष्ठान और अखंड रामायण पाठ से भक्तिमय बना माहौल


जलालपुर,जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के विकासखंड जलालपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हरीपुर स्थित मां भगवती मंदिर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। 24 मई से प्रारंभ होकर 29 मई 2026 तक चले इस धार्मिक आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महादेव एवं मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।


कार्यक्रम के अंतर्गत 24 मई को लक्ष्य पार्थिव शिवलिंग अभिषेक(125000) किया गया। 27 मई को महा रुद्र चंडी अनुष्ठान एवं महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें विद्वान आचार्यों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। वहीं 28 मई को श्रीरामचरितमानस अखंड रामायण पाठ का आयोजन शुरू हुआ, जिसका समापन 29 मई को हवन-पूजन एवं प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


इस अवसर पर संकल्पकर्ता अजय राम, लौटन गुप्ता, राजबहादुर राम, जागीर शर्मा, राजबहादुर एवं महेंद्र सिंह सहित ग्राम पंचायत हरीपुर के समस्त ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों की विशेष उपस्थिति रही। आयोजन समिति ने सभी आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में एकता, भाईचारा और आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है।

निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर दीवानी न्यायालय परिसर में संपन्न

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जौनपुर – सिविल जज सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर एवं पेनेसिया वेलफेयर एजुकेशनल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 मई को मधुमेह एवं हृदयाघात मुक्त भारतके सम्बन्ध में जागरुकता एवं निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर, जौनपुर के मीटिंग हाल में किया गया।


उक्त शिविर में पेनेसिया वेलफेयर एजुकेशनल सोसायटी वाराणसी के डा0 आशुतोष मिश्रा व डा0 पल्लवी मिश्रा तथा पेनेसिया हास्पिटल वाराणसी के मेडिकल स्टाफ द्वारा प्रतिभाग किया गया। डा0 आशुतोष मिश्रा द्वारा मधुमेह के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुये दैनिक दिनचर्या में परिवर्तन कर किस प्रकार मधुमेह सम्बन्धित बीमारी पर रोक लगायी जा सकती है इसके सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी।


डा पल्लवी मिश्रा द्वारा यह बताया गया कि आजकल के खानपान की वजह से कोलेस्ट्राल को बढ़ावा मिल रहा है जिससे हृदयाघात की समस्या बढ़ती जा रही है। उक्त बीमारी अब युवाओं में भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उनके द्वारा हृदयाघात की रोकथाम के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी दी गयी।


इस अवसर पर सुशील कुमार शशि जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुशील कुमार सिंह सिविल जज सी0डि0/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव प्रधान न्यायाधीश, अनिल कुमार यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम, रणजीत कुमार सिंह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय, सुरेन्द्र प्रताप यादव अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं सुबाष चन्द्र यादव बार अध्यक्ष, रण बहादुर यादव एवं समस्त अधिवक्तागण, पीएलवीगण एवं वादकारी आदि ने उपस्थित रहकर इस अवसर का लाभ उठायें। मेडिकल कैम्प में 100 से अधिक व्यक्तियों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

पुलिस एनकाउंटर में रवि के ढेर होने की सूचना से मचा कोहराम

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पिता पढ़ाकर बनाना चाहते थे योग्य अधिकारी,सपने पर फिरा पानी,दहाड़ें मारकर रो रहा रहा भाई

खेतासराय(जौनपुर): खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंधी गाँव में सोमवार की सुबह जैसे ही यह खबर पहुंची कि दुल्हा हत्याकांड का आरोपित और एक लाख का इनामी रवि यादव पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया जिस घर में कभी बेटे के भविष्य के सपने बुने जाते थे, वहां अचानक चीख-पुकार और मातम की आवाजें गूंजने लगीं।

  रवि यादव, कमलेश यादव का सबसे छोटा बेटा था। परिवार सामान्य किसान पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। पिता कमलेश यादव गांव में किराने की छोटी दुकान चलाने के साथ खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। मां अमरावती देवी गृहणी हैं। तीन भाइयों में रवि सबसे छोटा था। बड़ा भाई दीपक यादव सहज जनसेवा केंद्र चलाता है, जबकि बीच वाला भाई कुलदीप यादव और बहन वंदना अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

गांव वालों के मुताबिक रवि ने अपनी हाईस्कूल की पढ़ाई जौनपुर और माध्यमिक की शिक्षा सफीपुर से की थी। परिवार को उम्मीद थी कि सबसे छोटा बेटा पढ़-लिखकर कुछ अच्छा करेगा लेकिन किशोरावस्था में ही उसकी संगत बदलने लगी। बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान ही उसका उठना-बैठना पेशेवर गैंग से जुड़े युवकों के साथ होने लगा था। धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की तरफ बढ़ता चला गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रवि बेहद कम बोलने वाला युवक था। वह अपनी गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी किसी से साझा नहीं करता था। अक्सर गांव से बाहर रहता था और उसके साथ कम उम्र के लड़कों का समूह दिखाई देता था। करीब तीन-चार साल पहले उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और मारपीट समेत कई मामलों में जेल भी जा चुका था।


दुल्हा हत्याकांड के बाद पुलिस जांच में उसका नाम सामने आया। एक मई को खेतासराय इलाके में बारात लेकर निकले दूल्हे आजाद बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने रवि यादव को मुख्य आरोपियों में शामिल किया। गिरफ्तारी न होने पर उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था।सोमवार तड़के रानीमऊ के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में रवि यादव के मारे जाने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि उस समय घर के लोग सामान्य दिनचर्या में लगे थे। तभी किसी ने फोन पर एनकाउंटर की सूचना दी। खबर सुनते ही बड़ा भाई दीपक यादव बदहवास होकर घर पहुंचा और दहाड़े मारकर रोने लगा। परिवार की महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी घर की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में पूरे गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। ग्रामीणों के मुताबिक रवि के पिता कमलेश यादव पहले से ही इस मामले में जेल में बंद हैं। ऐसे में घर पर मां और भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है वह भी लोग घर तब पहुंचे जब इनकाउंटर की सूचना मिली इसके पूर्व पुलिस प्रताड़ना से लोग परेशान थे और घर नहीं रह रहे थे ।

दुल्हा हत्याकांड का खूनी अंजाम ,एक लाख का इनामी रवि यादव एनकाउंटर में हलाक

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रानीमऊ के पास पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़

लाइन बाजार एसएचओ केके सिंह जख्मी, दूसरा मुजरिम फरार

खेतासराय(जौनपुर): खेतासराय के रानीमऊ सोमवार की भोर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में चर्चित दुल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रवि यादव आखिरकार पुलिस की गोली का निशाना बन गया। इस मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह भी बदमाशों की गोली लगने से जख्मी हो गए, जिन्हें फौरन जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। पुलिस के मुताबिक तड़के गोरारी मोड़ के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी। तभी बाइक पर सवार दो युवकों को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश बौखला गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान गोली लगने से रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गई, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


हालांकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

गौरतलब है कि एक मई की रात खेतासराय क्षेत्र में उस वक्त मातम पसर गया था, जब बारात लेकर निकले दूल्हे आजाद बिन्द की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शादी की खुशियां चंद लम्हों में चीख-पुकार और मातम में बदल गई थीं। दूल्हे के सेहरे पर खून के छींटे देखकर हर आंख नम हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। वारदात के बाद पुलिस पर भारी दबाव था। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें रवि यादव मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा था। पुलिस लंबे वक्त से उसकी तलाश में जुटी थी। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

मुठभेड़ के बाद पुलिस अफसरों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। फिलहाल घायल एसएचओ केके सिंह की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, पूरे जिले में इस एनकाउंटर की चर्चा तेज है। कोई इसे इंसाफ बता रहा है तो कोई इसे अपराध के खात्मे की जरूरी कार्रवाई मान रहा है। मगर इतना तय है कि जिस दुल्हा हत्याकांड ने खुशियों को मातम में बदला था, उसका एक बड़ा किरदार अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है।

ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ की दर्दनाक मौत

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शव की नहीं हो सकी शिनाख्त, पुलिस ने पंचनामा कर भेजा मोर्चरी हाउस

खेतासराय (जौनपुर): वाराणसी–अयोध्या रेल प्रखंड मार्ग पर स्थित खेतासराय थाना क्षेत्र के मानीकलां हाल्ट के समीप रविवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह लगभग आठ बजे गंगासतलुज एक्सप्रेस मानीकलां हाल्ट के पास गेट संख्या 52सी से गुजर रही थी। इसी दौरान एक अधेड़ व्यक्ति अचानक ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना खेतासराय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी।

पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 50 वर्ष के आसपास प्रतीत हो रही है। उसका हुलिया सफेद रंग की बनियान तथा नीले रंग की चेकदार लूंगी पहने हुए था। गले में काले रंग का धागा भी मिला है। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए आसपास के थानों तथा स्थानीय लोगों को सूचना दी है। खेतासराय पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी हाउस भेज दिया। पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है तथा मृतक की शिनाख्त कराने का प्रयास जारी है।

मेडिकल स्टोर मारपीट मामले में दो वांछित आरोपित गिरफ्तार

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मानीकलां हाल्ट के पास से दबोचे गए आरोपित, भेजे गए चालान

खेतासराय(जौनपुर): गत दिनों क्षेत्र के बरंगी चौराहे पर मेडिकल स्टोर पर हुई मारपीट और खूनी झड़प के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपितों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया। जबकि अन्य नामजद व अज्ञात आरोपितों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस के मुताबिक मुखबीर की सूचना व निशानदेही पर क्षेत्र के मानीकलां हाल्ट के पास से आरोपित रिजवान पुत्र नन्हे उर्फ अब्दुल अहद (23) एवं इब्राहिम पुत्र एजाज (29) निवासीगण मानीकलां को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक मोहम्मद फैज़ और उनके पिता गयासुद्दीन के साथ हुई मारपीट के मामले में वांछित चल रहे थे। इस घटना में बाप-बेटा गम्भीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें बुज़ुर्ग गयासुद्दीन की हालत नाज़ुक होने पर जिला अस्पताल रेफ़र किया गया था।

थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों को विधिक कार्रवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया। बाकी अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उनको भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्यवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहम्मद तारिक अंसारी, कांस्टेबल देवी प्रसाद तथा रिक्रूट आरक्षी शुभम यादव शामिल रहे।

त्योहार को लेकर पीस कमेटी की बैठक सम्पन्न

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खेतासराय(जौनपुर): ईद-उल-अजहा (बकरीद) के मद्देनज़र थाना परिसर में शनिवार को पीस कमेटी मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की उपजिलाधिकारी शाहगंज तथा क्षेत्राधिकारी शाहगंज द्वारा की गई। इस अवसर पर थाने के समस्त उपनिरीक्षकगण, क्षेत्र के सम्भ्रान्त नागरिक, धर्मगुरु, मौलाना, उलेमा-ए-किराम तथा गणमान्य व्यक्ति बड़ी तादाद में मौजूद रहे।

बैठक का आग़ाज़ आपसी भाईचारे, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहज़ीब को बरकरार रखने की अपील के साथ किया गया। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से त्योहार को पूरी शांति, मुहब्बत और आपसी तालमेल के साथ मनाने की गुज़ारिश की।

उपजिलाधिकारी शाहगंज कुणाल गौरव ने कहा कि त्योहारों का असली मक़सद मोहब्बत, इंसानियत और एकता का पैग़ाम देना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले गुमराह करने वाले संदेशों पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित करें।

क्षेत्राधिकारी शाहगंज गिरेन्द्र सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर प्रशासन की पैनी नज़र रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान अमन-ओ-अमान में खलल डालने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उन्होंने कुर्बानी के दौरान शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की हिदायत दी।

वही पुलिस ने उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा एवं सुविधा हेतु पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान थाना क्षेत्र में लगातार गश्त, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि हर नागरिक खुद को महफूज़ महसूस कर सके।

बैठक में मौजूद मौलाना एवं धर्मगुरुओं ने भी लोगों से अपील की कि वे आपसी सौहार्द, भाईचारा और कानून का सम्मान बनाए रखें तथा प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि खेतासराय की सरज़मीं हमेशा से अमन, भाईचारे और मोहब्बत की मिसाल रही है और आगे भी यह परम्परा कायम रहेगी। अंत में अधिकारियों द्वारा सभी उपस्थित लोगों को शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आदेशों और दिशा-निर्देशों से तफ्सील के साथ अवगत कराया गया तथा त्योहार को शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु सामूहिक सहयोग की अपील की गई।