खेतासराय(जौनपुर): अपराधियों को शरण देने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है खेतासराय थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज हत्या के बाद पुलिस ने अब उन लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है जिन्होंने हत्यारों को पनाह दी और उन्हें कानून से बचाने की कोशिश की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 8 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो न केवल वांछित हत्यारोपियों को छिपा रहे थे, बल्कि उन्हें फरार कराने में भी मदद कर रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत गया है कि अब अपराध ही नहीं, अपराधियों का साथ देना भी भारी पड़ेगा।
बताया जा रहा है कि पच्चीस हजार रुपये के इनामी बदमाशों को सोंगर मोड़ के पास कब्रिस्तान के नजदीक छिपाकर रखा गया था। ये सहयोगी लगातार उन्हें सुरक्षित ठिकाना दे रहे थे और पुलिस की नजरों से बचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं थाम पुलिस ने सटीक सूचना पर दबिश देकर सभी 8 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों में मनेछा निवासी रामजीत बिन्द पुत्र राम अचल बिन्द, युनुसपुर निवासी आदित्य गौतम पुत्र स्व. ओम प्रकाश गौतम, सोंधी निवासी कमलेश यादव पुत्र बाबू नंदन यादव थाना खेतासराय। वही सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के तरसावां निवासी गुलशन राजभर पुत्र विक्रम राजभर, साहिल राजभर पुत्र महेंद्र राजभर, सचिन राजभर पुत्र अवधेश राजभर, शोले राजभर पुत्र जियालाल राजभर व बृजमोहन बिन्द पुत्र श्रीपति शामिल हैं। सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह, उपनिरीक्षक तारिक अंसारी, उपनिरीक्षक संजय कुमार पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अम्बिका यादव, राजकुमार यादव, कांस्टेबल प्रभाकर यादव, बृजेश कुमार मिश्रा, आशुतोष तिवारी, न्यायाधीश वर्मा, प्रदीप कुमार, गौरव तोमर, अरुण कुमार जायसवाल शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के साथ-साथ उनके मददगारों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।




