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21 जून अद्भुत खगोलीय घटना का सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात

21 जून अद्भुत खगोलीय घटना सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात*डॉ दिलीप कुमार सिंह मौसम विज्ञानी ज्योतिष शिरोमणि

Jaunpur News : इक्कीस जून को पृथ्वी का अत्यंत महत्वपूर्ण भौगोलिक दिन होता है जबकि सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है 21 जून को जौनपुर और आसपास लगभग 14 घंटे का दिन और 10 घंटे की रात होती है जबकि 22 दिसंबर को इसका उल्टा होता है जब 14 घंटे की रात और 10 घंटे का दिन होता है जैसे जैसे उत्तर की ओर बढ़ेंगे वैसे वैसे दिन बड़ा और रात छोटी हो जाएगी चीन मंगोलिया यूरोप में 20 घंटे का दिन और 4 घंटे की रात होगी जबकि साइबेरिया ग्रीनलैंड और कनाडा में इस समय 22 घंटे और केवल 2 घंटों की रात होती है इसके आगे जाने पर लगातार तीन महीने सूर्य डूबता ही नहीं और केवल दिन रहता है जिसको देखने के लिए फिनलैंड ग्रीनलैंड और रूस के उत्तरी भागों में हर वर्ष लाखों पहुंचते हैं यहां तक कि उत्तरी ध्रुव पर सूर्य 6 महीने तक अस्त नहीं होता है । 22 जून से सूर्य दक्षिणायन होने लगता है और उत्तरी गोलार्ध में धीरे-धीरे ठंड का आगमन होता है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में गर्मी का आगमन होता है*

  • 22 दिसंबर को दुनिया में सबसे छोटा दिन और सबसे बड़ी रात होगी जौनपुर और आसपास लगभग 14 घंटे की रात और 10 घंटे का दिन होता है ‌‌ अर्थात 21 जून का ठीक उल्टा होता है।जबकि मध्य एशिया मध्य यूरोप और मध्य अमेरिका में लगभग 20 घंटे कि रात और 4 घंटे का दिन होता है जबकि उत्तरी ध्रुव वृत्त पर 2 घंटे का दिन और 22 घंटे की रात होती है इसी तरह उत्तरी ध्रुव पर कल अन्तिम बार 6 महीने वाली रात होगी फिर वहां लगातार 6 महीने का दिन रहेगा*

भारत और विश्व में ऐसी घटनाएं क्यों घटती है ऐसा इसलिए है कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी द्वारा 106000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परिक्रमा करने से और अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूमने से ऐसा होता है‌ जो अपनी धुरी पर घूमते हुए आगे भी बढ़ता रहता है। इसी तरह 21 जून को सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात होती है जब जौनपुर और आसपास तथा उत्तर भारत में 14 घंटे का दिन और केवल 10 घंटे की रात होती है मध्य एशिया मध्य यूरोप मध्य अमेरिका में 20 घंटे का दिन 4 घंटे की रात होती है उत्तरी ध्रुव वृत्त पर 22 घंटे का दिन 2 घंटे की रात होती है और उत्तरी ध्रुव पर इस दिन से आखरी बार दिन होकर 6 महीने की रात शुरू हो जाती हैं जहां त्रेता युग में महा भीमकाय कुंभकरण बारी बारी से उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर 6/6 महीने सोया करता था

दक्षिणी गोलार्ध में इसके विपरीत स्थितियां होती हैं भारत न्यूजीलैंड आस्ट्रेलिया दक्षिण अमेरिका दक्षिण अफ्रीका में 22 दिसंबर को सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात तथा गर्मी का मौसम रहता है इस समय आस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका तथा अफ्रीका में बिल्कुल उल्टा अर्थात गर्मी का मौसम चल रहा है जिनके घर के बच्चे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे हैं वह इस तथ्य को अच्छी तरह जान रहे हैं इसीलिए अंटार्कटिका के अभियान दिसंबर महीने में किए जाते हैं क्योंकि तब वहां पर गर्मी का मौसम रहता है

जबकि 21 मार्च और 23 सितंबर को दुनिया भर में दिन रात लगभग बराबर 12 12 घंटे के होते हैं और मौसम समशीतोष्ण अर्थात ना अधिक गर्म ना अधिक ठंडा रहता है इसीलिए शारदीय और बसंतिक नवरात्रि का आयोजन किया गया है क्योंकि तब मौसम बसंत ऋतु जैसा रहता है और मौसम परिवर्तन के कारण गर्मी और जाड़ा एक समान बहुत सुंदर मौसम वाला होता है तब पृथ्वी सूर्य से ऐसे अक्ष पर होती है कि दिन और रात दोनों बराबर होते हैं

पृथ्वी के परिक्रमण अर्थात सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने के कारण और परिभ्रमण अर्थात अपनी धुरी पर घूमने के कारण के कारण ही यह सब अद्भुत विचित्र विलक्षण घटनाएं होती हैं इसीलिए 22 दिसंबर के 1 महीने पहले से जाड़ा शुरू होकर दो महीने बाद तक पूरे 3 महीने घनघोर जाड़ा रहता है और यही हाल 21 जून को भी होता है जब अप्रैल से जुलाई तक 3महीने गर्मी प्रचंड रहती हैं यह पृथ्वी पर घटने वाली सबसे विचित्र घटनाओं में से एक है

एक बात पर ध्यान देना आवश्यक है कि पृथ्वी के मध्य भाग अर्थात विषुवत वृत्त पर हमेशा गर्मी रहती है और 12 घंटे का दिन और 12 घंटे की रात होती है अर्थात वहां पर 21 जून और 22 दिसंबर जैसा कुछ भी नहीं घटित होता है इस तरह उत्तर और दक्षिणी ध्रुव प्रदेशों पर हमेशा ठंड का मौसम रहता है और बर्फ जमी रहती है और 6 महीने का दिन तथा 6 महीने की रात होती है यह पृथ्वी इतनी अद्भुत है कि अभी इसके रहस्य का पता लगाने में मानव जाति को लाखों वर्ष लग जाएंगे फिर अनंत अंतरिक्ष के रहस्य का पता लगाना तो केवल ईश्वर के बस की बात है।

चलते चलते इतना बता देना चाहते हैं कि 13 लाख गुना बड़ा हमारा सूर्य है और सूर्य से करोडो गुना अधिक बड़ा सौरमंडल है सौरमंडल से भी करोडो गुना बड़ा अपनी आकाशगंगा और उससे भी करोडो गुना बड़ी आकाशगंगाओं का समूह है अंतरिक्ष से नीला हर दिखने वाली हमारी धरती अभी तक संपूर्ण ब्रह्मांड का एक अद्भुत उदाहरण है क्योंकि प्रामाणिक रूप से अभी कहीं भी जीवन वनस्पतियां जल और वायु नहीं मिला है और इसलिए इस धरती की हर चीज परम अद्भुत है

डॉ दिलीप कुमार सिंह ज्योतिष शिरोमणि मौसम विज्ञानी एवं निदेशक अलका शिप्रा वैष्णवी ज्योतिष मौसम और विज्ञान अनुसंधानकेंद्र

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