Home Blog Page 224

राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

0
राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे
राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

विश्वविद्यालय की प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में प्रयोग की जरूरतः राज्यपाल

जौनपुर :वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में विश्वविद्यालय का 28 वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति, श्री राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले स्नातक एवं स्नातकोत्तर मेधावियों को 96 स्वर्ण पदक प्रदान किए। स्वर्ण पदक पाते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिलखिला उठे।


इस अवसर पर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालय में प्रतिभा की कमी नहीं बस इन्हें प्रेरणा देकर सकारात्मक दिशा में इनकी ऊर्जा का उपयोग करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी संसाधन होने के बाद भी नैक मूल्यांकन से विश्वविद्यालय घबराते थे लेकिन राजभवन ने इसे जरूरी किया और सहयोग और ट्रेनिंग देकर उनके संसाधनों को सिस्टमैटिक रूप से बनाकर ए डबल प्लस की श्रेणी में पहुंचाया। प्रदेश के सात और एक कृषि विश्वविद्यालय ए डबल प्लस की श्रेणी में हैं। कहने का तात्पर्य है कि मानव में संकल्प शक्ति का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन के कई फायदे हैं ए डबल प्लस पाने वाले विश्वविद्यालयों को 100 करोड़ रूपये अन्य विश्वविद्यालय को 20 करोड़ की धनराशि दी गई है। उन्होंने कहा कि नैक प्रेक्टिस से विश्वविद्यालय के ढांचे में बेहतर परिवर्तन आया है। अब राजभवन का जोर एनआईआरएफ पर है। इस मूल्यांकन और रेटिंग से विश्वविद्यालय में विदेशी छात्र और मेधावी छात्र आएंगे और यहा के विद्यार्थियों का विदेश जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

राज्यपाल के हाथों स्वर्णपदक पाते ही विद्यार्थियों के खिले चेहरे

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आपके सामर्थ्य से बढ़ेगा हर चुनौती एक नए अवसर लेकर आती है गुजरात का कच्छ इसका उदाहरण है सरकार के सतत प्रयास से आज गुजरात की स्थिति बदल गई है वहां विदेशी कंपनियां निवेश कर रही है। उनका मानना है कि आज का युग तकनीक का युग है। इसका उपयोग जन कल्याण के हित में होना चाहिए विनाश के लिए नहीं दुनिया में जो कुछ अच्छी और नई चीज हो रही है उससे हमें जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने वन नेशनल वन इलेक्शन का जिक्र करते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक बचत होगी। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब हमारी तैयारी अंतरिक्ष पर है। अंतरिक्ष के पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय में शामिल करना चाहिए। एमओयू साइन पर उन्होंने कहा की दोनों के बीच गतिविधियां भी अच्छी हो तभी इसका मतलब है। उन्होंने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के खेलकूद की तारीफ करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं इससे और भी अच्छा करने के लिए और अधिक से अधिक गोल्ड मेडल लाने के लिए और भी अच्छे कोच की जरूरत है। उन्होंने आंगनबाड़ी को संसाधनयुक्त करने की योजना पर जोर दिया। कहा कि इससे वहां पढ़ने वाले गरीब छात्रों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी से लेकर विश्वविद्यालय तक एक सेतु बनाकर काम करें ताकि शिक्षा का विकास सकारात्मक दिशा में हो सके।


विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि स्वर्ण पदक पाने वालों में जुनून होता है लेकिन उसके पीछे अभिभावक और गुरु के समर्पण को भी नहीं भूलना चाहिए। शिक्षण संस्थान जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुसंधान हमारे शास्त्रों में पहले से ही था जिसका उदाहरण पीपल में ऑक्सीजन की खोज थी। ऋषि अनुसंधान कर मुनि को देते थे और वह समाज में बांटता था। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाणक्य और विवेकानंद के विचार आज भी समसामयिक है शिक्षक और विद्यार्थियों को उनसे सीख लेनी चाहिए जिन्होंने बहुत ही पहले राष्ट्र को सर्वोपरि माना था।
प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि डिग्री और उपाधि लेने के बाद आपका बोझ और बढ़ गया है आपके ऊपर समाज और राष्ट्र का उत्तरदायित्व है इसे पूरा कर आप भारत को विश्व गुरु बनाने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए संघर्ष जरूरी है जितना बड़ा लक्ष्य होगा उतनी बड़ी चुनौती सामने होगी। हमें सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।


विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कुलाधिपति जी के सक्षम एवं प्रेरणादायी निर्देशन में उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन और सुधारों को जन्म दिया है। आपकी गरिमामय उपस्थिति से हम सब आह्लादित एवं स्पन्दित हैं। आपके प्रेरक शब्द और मार्गदर्शन हमारे विद्यार्थियों के लिये बहुत महत्वपूर्ण होंगे और हमें यह विश्वास है कि वे इससे प्रेरित होकर अपने जीवन में उच्चतम स्तर को प्राप्त करेंगे। आज मैं, सभी उपाधि तथा स्वर्णपदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देती हूँ जिन्होंने अपने अनवरत् परिश्रम के बल पर ज्ञान अर्जनकर जीवन का एक अहम पड़ाव पार किया है। माननीय कुलाधिपति जी के कुशल दिषा निर्देशन में विश्वविद्यालय को नैक ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ, जो हमारी शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है। अखिल भारतीय अन्तरविश्वविद्यालयीय टीम स्पर्धा प्रतियोगिताओं में हमारे खिलाड़ियों ने कुल 52 पदक प्राप्त किये।


दीक्षांत समारोह की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। शोभायात्रा में अतिथियों के साथ कार्य परिषद् एवं विद्या परिषद के सदस्य शामिल हुए। दीक्षांत समारोह का संचालन जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। इसके पूर्व पौध लगाओ कार्यक्रम गीत के साथ किया गया। इस अवसर राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसु, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित, प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, वित्त अधिकारी संजय राय, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह, डा. विजय सिंह, डा. राहुल सिंह,, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. बीडी शर्मा, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, डा. मनीष गुप्ता, प्रो. राकेश यादव, एनएसएस समन्वयक डॉ. राज बहादुर यादव, डा. संतोष कुमार,. डा. सुनील कुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर,डा. रशिकेस, डॉ. अनु त्यागी, डा. जाह्नवी श्रीवास्तव, डा. अमरेंद्र सिंह, डा. आशुतोष सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर, महामंत्री रमेश यादव, उप कुलसचिव अमृतलाल, एआर अजीत सिंह, बबिता सिंह, दीपक सिंह, आदि शिक्षक और कर्मचारी मौजूद थे।

गतिमान पत्रिका का हुआ लोकार्पण

विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के वर्षभर की गतिविधियां स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत विश्वविद्यालय की विविध गतिविधियों को बड़े आकर्षण ढंग से प्रकाशित किया गया है। विमोचन अवसर पर कुलपति, दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि, प्रधान संपादक प्रो. मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, सम्पादन मण्डल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया और डॉ लक्ष्मी मौर्य रहें।

बच्चों को राज्यपाल के हाथों मिला उपहार


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने कक्षा 5 से 8 में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल बैग, फल, जमेटरी बाक्स, महापुरुषों पर प्रकाशित पुस्तकें आदि प्रदान किया। इसके साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए कुकड़ीपुर. देवकली, सुल्तानपुर एवं जासोपुर गांव में आयोजित खेल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले चार बच्चों को भी दीक्षांत समारोह राज्यपाल के हाथों पुरस्कार मिला। इसी के साथ राजभवन से 100 पुस्तकें बच्चों के लिए भेंट की गई।

संस्कार श्रीवास्तव को मिला अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक


विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया जाता है। वर्ष 2024 में एम.ए. जनसंचार विषय में सर्वोच्च अंक पाने पर संस्कार श्रीवास्तव को यह पदक मिला। पदक के दौरान उनके दादी भी उपस्थित रहीं। उनके दादी का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वह आज तक विश्वविद्यालय नहीं देखी थी। हमारी कोशिश भी यही है कि ऐसे लोगों को यहां बुलाया जाय।

95 मेधावियों को मिला 96 स्वर्ण पदक


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 28 वें दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 95 मेधावियों को प्रथम प्रयास में अपने विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 96 स्वर्ण पदक प्रदान किया। स्नातक स्तर पर 18 छात्राएं और 07 छात्र एवं परास्नातक स्तर पर 36 छात्र और 35 छात्राओं को स्वर्ण पदक मिला।

508 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि


दीक्षांत समारोह में 508 शोधार्थियों को मिली पीएच.डी. की उपाधि मिली। इसमें 345 कला संकाय में, विज्ञान संकाय में 25, कृषि संकाय में 13, शिक्षा संकाय में 77, विधि संकाय में 05, इंजीनियरिंग संकाय में 10, वाणिज्य संकाय में 18, प्रबन्ध संकाय में 10, अनुप्रयुक्त समाज विज्ञान एवं मानविकी संकाय में 03 और औषधि संकाय में 02 शोधार्थियों को उपाधि मिली।

गोद लिए गांव में हुई प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांव में आयोजित की गई प्रतियोगिता के विजेताओं एवं आंगनबाड़ी की आपसी प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया.
विश्वविद्यालय द्वारा देवकली, कुकड़ीपुर, सुल्तानपुर, जासोपुर एवं जफरपुर गांव गोद लिया गया है जिसमें भाषण कहानी कथन, चित्रकला एवं दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी. यह प्रतियोगिताएं कक्षा 3 से लेकर 12 तक के विद्यार्थियों के बीच विविध वर्गों में विभाजित करके की गई थी. इन प्रतियोगिताओं में 16 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था उन्हें राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत किया गया. इसके साथ ही इन गांवों के आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें जासोपुर आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम स्थान प्राप्त किया. प्रतियोगिताओं का संयोजन प्रो. राकेश कुमार यादव ने किया।


300 आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिला किट


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के क्रम में 300 आंगनबाड़ी केन्द्रों को किट मिला. दीक्षांत समारोह में मंच पर 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को राज्यपाल के हाथों किट मिला. पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों, गाजीपुर प्रशासन द्वारा 100 एवं जौनपुर जिला प्रशासन द्वारा 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों को उपलब्ध कराए गए किट को सौंपा गया। जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और सीडीओ साईं तेजा सेलम गाजीपुर के सीडीओ संतोष कुमार वैश्य को स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित किट देकर सम्मानित किया गया। साथ ही निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर इसकी व्यवस्था किया जाए।

बटन दबाते ही डीजी लॉकर में अपलोड हुईं डिग्रियां


दीक्षांत समारोह में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने आईपैड का बटन दबाकर 2023-24 की स्नातक और स्नातकोत्तर की 85595 डिग्रियों को डिजीलॉकर में अपलोड किया गया। इसमें स्नातक में 69276 और परास्नातक में 16319 विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजीलाकर में अपलोड की जाएंगी। इससे डिजीटल डिग्री आसानी से मिल जाएगी।

हैलीपेड पर कुलपति समेत अधिकारियों ने किया स्वागत


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हैलीपैड पर राज्यपाल सुबह पहुंची। इस दौरान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह, जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, पुलिस अधीक्षक डॉ अजय पाल शर्मा, रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार, समेत कई अधिकारियों ने पुष्प भेंट किया।

गतिमान समेत चार पुस्तकों का हुआ लोकार्पण


विश्वविद्यालय के 28 में दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका गतिमान एवं तीन शिक्षकों की पुस्तकों का लोकार्पण प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन ने किया. विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका के प्रधान संपादक प्रोफेसर मनोज मिश्र, संपादक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर एवं संपादन मंडल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ श्याम कन्हैया सिंह एवं डॉ लक्ष्मी प्रसाद मौर्य शामिल है. इसके साथ ही प्रोफेसर मनोज मिश्र की पुस्तक स्वतंत्रता संघर्ष में जौनपुर, डॉ श्याम कन्हैया की पुस्तक रिवर्स आफ इंडिया एवं प्रोफेसर अजय द्विवेदी की पुस्तक इन्दिआज ग्रोविंग रोल इन द जी- 20 पुस्तक का लोकार्पण हुआ।

सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

0
सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में निशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

दुर्गा सिटी हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के द्वारा नि:शुल्क मेडिकल कैंप आयोजित

JAUNPUR NEWS :स्वर्गीय सुभाष चंद्र यादव की स्मृति में आज राजबहादुर पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज गुलालपुर में नि:शुल्क के मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया । डॉक्टर आलोक यादव अपने स्टाफ के साथ पहुंचकर मरीज का इलाज किये तथा दवा का वितरण किये। इस मौके पर क्षेत्र के तमाम लोग जुट कर अपनी बीमारी का इलाज कराया। बिदित हो कि पिछले साल 22 सितंबर को श्री सुभाष चंद्र यादव का निधन हो गया था उनकी स्मृति में आज उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है उनके सुपुत्र डॉक्टर श्री आलोक यादव द्वारा नि:शुल्क मैडिकल कैंप का आयोजन किया गया । तमाम मरीजों ने इलाज करा कर नि:शुल्क मैडिकल कैंप का फायदा उठाया। इस मौके पर तमाम डाक्टर व गणमान्य ब्यक्ति मौजूद रहे। तथा शाम को उनके भवन पर उनकी स्मृति में विशाल कार्यक्रम रखा गया है।

जब ठान लिया तो ठान लिया

0

संस्मरण-

“जब ठान लिया तो ठान लिया”
—एक स्वर्णिम उपलब्धि का संस्मरण

जब ठान लिया है, तो अब पीछे मुड़कर देखने का कोई अर्थ नहीं। या तो संकल्प न किया होता, या फिर मंज़िल पाने का उद्देश्य ही छोड़ दिया होता। जब हमने ठान लिया कि कुछ बनना है, तो केवल आईएएस ही बनना है। पिताजी, जो स्वयं एक साधारण कर्मचारी थे, लेकिन उनकी सोच अत्यंत ऊँची थी, उन्होंने कभी हमें पीसीएस का फॉर्म भरने के लिए नहीं कहा। मैं पढ़ाई-लिखाई में सामान्य था लेकिन जीवन में ऊंचा लक्ष्य रखने के लिए हमेशा प्रेरित किया ।

उक्त विचार जौनपुर के पूर्व व गौतम बुद्ध नगर के वर्तमान डीएम मनीष कुमार वर्मा से सुनकर मेरे थके, निराश और हतोत्साहित मन में आशा की एक नई किरण फूटी। उस समय मेरे भीतर जो निराशा घर कर चुकी थी, वह आशा में बदलने लगी। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के ‘इन्वेस्टर समिट’ के समापन समारोह में डीएम मनीष कुमार वर्मा के ओजस्वी शब्द मेरे अंतर्मन को झकझोर गए। मैं तृतीय सेमेस्टर का टॉपर था, लेकिन फाइनल सेमेस्टर की की परीक्षा में सफलता की अनिश्चितता और प्रतिस्पर्धा के दबाव में जूझ रहा था। यह विचार मन में बार-बार आता था कि यदि किसी कारणवश चूक गया, तो न केवल गोल्ड मेडल से, बल्कि राज्यपाल के हाथों उस सुनहरे क्षण से भी वंचित हो जाऊंगा।

डीएम साहब के शब्दों ने जैसे मेरे अंदर संजीवनी का संचार कर दिया। उनकी बातें, “जब ठान लिया तो ठान लिया,” मेरे हृदय में गहराई से घर कर गईं। जैसे ही समारोह समाप्त हुआ, मैंने उनसे मिलने का अवसर पाया। उन्होंने स्नेहपूर्वक मेरे कंधे पर हाथ रखा और मेरी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। उनके शब्दों ने मुझे और अधिक प्रेरित किया, “आप फाइनल सेमेस्टर भी टॉप करेंगे और गोल्ड मेडल भी हासिल करेंगे।”

उस दिन के बाद से मेरे मन में संकल्प और दृढ़ हो गया कि अब मुझे विश्वविद्यालय का गोल्ड मेडल प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। मैंने उन सभी चीज़ों का त्याग किया जो मेरी सफलता के मार्ग में बाधा बन रही थीं। जीवन की तमाम समस्याएँ—चाहे वह आर्थिक हों या वैवाहिक—सब पर काबू पाकर मैं अपनी पढ़ाई में जुट गया। मेरे और गोल्ड मेडल के बीच केवल 17 अंकों का अंतर था, लेकिन डीएम की प्रेरणा से मैंने हर चुनौती को पार किया।

अंततः 9 नवंबर 2023 का वह ऐतिहासिक दिन आया जब मैं मंच पर राज्यपाल से गोल्ड मेडल प्राप्त कर रहा था। मेरी आँखों में प्रसन्नता के आँसू थे, और मन में डीएम मनीष वर्मा की बातें गूंज रही थीं। मुझे उन तक अपनी सफलता की खबर पहुँचानी थी। गौतम बुद्ध नगर स्थानांतरित होने के बावजूद, उन्होंने मेरी सफलता को निजी रूप से सराहा।

फोन करके बधाई देते हुए डीएम ने मेरे प्रयासों की सराहना की और मुझे अपने साथ दिल्ली आने का निमंत्रण दिया, तो वह क्षण मेरे जीवन का सबसे अनमोल पल बन गया। उनका स्नेह, समर्थन, और प्रेरणा मेरी सफलता के पीछे का मुख्य कारण थे। उनसे मिलने का अवसर पाकर, मुझे यह एहसास हुआ कि वह सिर्फ एक जिलाधिकारी नहीं, बल्कि मेरे जीवन के प्रेरणा स्रोत थे।

लेखक: रामनरेश प्रजापति, गोल्ड मेडलिस्ट, जनसंचार एवं पत्रकारिता, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर

विद्यालय संस्थापक ठाकुर प्रसाद सिंह की 21 वीं पुण्य तिथि 22 सितंबर को

0
विद्यालय संस्थापक ठाकुर प्रसाद सिंह की 21 वीं पुण्य तिथि 22 सितंबर को

सुइथाकलां।क्षेत्र के गांधी स्मारक विद्यालय के संस्थापक स्व.ठाकुर प्रसाद की 21 वीं पुण्यतिथि श्री गांधी स्मारक इंटर कालेज के प्रांगण में रविवार को मनाई जायेगी। संकुल के प्रबंधक हृदय प्रसाद सिंह रानू ने बताया कि स्व.संस्थापक द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये गये महत्वपूर्ण व अभूतपूर्व योगदान को याद किया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाले ऐसे महान व्यक्तित्व के कर्मयोगी जीवन से प्रेरणा लेने के लिए श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 

0
राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 
राहुल गांधी के बयान को लेकर सिख समुदाय नाराज 

Sikh community angry over Rahul Gandhi’s statement

जौनपुर: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए ब्यान की भाजपा नेता सरदार जसविंदर सिंह के नेतृत्व मे ओलंदगंज मे सिक्ख समुदाय के लोगो ने राहुल गाँधी का पुतला फुका और कड़े शब्दों में निंदा की। 

सरदार जसविन्दर ने कहा कि राहुल गांधी का यह ब्यान सिर्फ सिख समुदाय ही नहीं बल्कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ है। राहुल गांधी का यह ब्यान अति निंदनीय है और विपक्ष के पद की गरिमा के बिल्कुल विपरीत है। नेता प्रतिपक्ष जैसे पद पर बैठे ऐसे नेता को यह शोभा नहीं देता। राहुल गांधी जैसे नेता को देश के बाहर जाकर ऐसा कहने से पूर्व सिख इतिहास को पढ़ने की सख्त जरूरत है । सिख समुदाय ने हमेशा राष्ट्रहित और धर्म के लिए कुर्बानियां दी हैं और नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर जी की कुर्बानी अपने आप मे बेमिसाल है।

ऐसा ब्यान देने से पहले राहुल गांधी क्या 1984 को भूल गए ? उनके इस ब्यान में देश विरोधी ताकतों की साज़िश की बू साफ दिखाई पड़ रही है अपने इस ब्यान के लिए राहुल गांधी को सिख समुदाय के साथ साथ पूरे भारत देश से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं। वह लगातार हार से पूरी तरह से निराश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आंतरिक मुद्दों को विदेशी धरती पर उठाने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि विदेश जाकर अपनी कमियों को उजागर क्यों करें? देश के अंदर तो ऐसी नादानी बर्दाश्त की जा सकती है, लेकिन इसे बाहर जाकर इतना उजागर करने का क्या मतलब है?

उक्त अवसर पर सरदार सतवंत सिंह, सरदार हरचरण सिंह, सरदार मनदीप सिंह, सरदार नवनीत सिंह, सरदार गुरमीत सिंह, सरदार रणदीप सिंह, सरदार हरभजन सिंह, सरदार काकू सिंह, सरदार सोनू सिंह, दिव्याशु सिंह अंशुमान सिंह गोल्डी शशांक सिंह, सरदार पिनो सिंह, सरदार अमन सिंह, सरदार शुभविंदर सिंह, सरदार सतनाम सिंह मेराज हैदर आदि उपस्थित रहे।

jaunpur News: जिलाधिकारी जौनपुर बने UP के अन्य जिलाधिकारियों के लिए मिसाल  

जिलाधिकारी जौनपुर बने UP के अन्य जिलाधिकारियों के लिए मिसाल  

0
जिलाधिकारी जौनपुर ने प्रदेश के अन्य जिलाधिकारियों के लिए पेश की मिसाल
जिलाधिकारी जौनपुर ने प्रदेश के अन्य जिलाधिकारियों के लिए पेश की मिसाल

जिलाधिकारी ने महज पांच दिन में आय, जाति तथा निवास के 3984 आवेदन किये निस्तारित 

जौनपुर : तय समय सीमा के बाद भी प्रमाण पत्र के लिए भटकने वाले आवेदकों को जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने दी राहत  तय समय सीमा के बाद भी आय,जाति, निवास और वरासत प्रमाण पत्र के लिए तहसील और जिलाधिकारी कार्यालय पर भटकने वाले आवेदकों को नवायुक्त जिलाधिकारी ने बड़ी राहत दी है। जिलाधिकारी ने महज पांच में आय, जाति, निवास और वरासत प्रमाण पत्र के 4133 आवेदनों को निस्तारण कर प्रदेश के अन्य जिलाधिकारियों के लिए मिसाल पेश की है। वहीं जिलाधिकारी की इस सजगता पर जमकर तारीफ की जा रही है। 

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व संबंधी मामलों को तय समय सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हैं ताकि बड़ी संख्या में आम जनमानस उससे लाभान्वित हो सके। मा० मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप जौनपुर में नवनियुक्त जिलाधिकारी के प्रयासों से महज तीन दिन के अंदर आय, निवास और जाति प्रमाण पत्रों को निर्गत करने में सफलता हासिल की गई है।

महज तीन दिन में निस्तारित किये आय प्रमाण पत्र के 3,840 आवेदन – 

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मा० मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरुप उन्होंने जिले की कमान संभालते ही 15 सितंबर को राजस्व संबंधी मामलों के तय समय सीमा में निपटारे को लेकर उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, कानून और लेखपालों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पाया कि तय समय सीमा के बाद भी आय प्रमाण पत्र के 4148, जाति प्रमाण पत्र के 75 और निवास प्रमाण पत्र के 74 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा उत्तराधिकारी/वरासत के 218 आवेदन लंबित हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए इन सभी आवेदनों तीन से चार दिन में निपटाने के निर्देश दिये। इस पर अधिकारियों ने असमर्थता जतायी। ऐसे में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों के साथ आवेदन के निपटारे को लेकर मंथन शुरू किया। जिलाधिकारी की गंभीरता और संवदेनशीलता का ही नतीजा है कि 16 से 20 सितंबर के बीच पांच दिन में आय प्रमाण पत्र के 3,840 आवेदन, जाति प्रमाण पत्र के 73 आवेदन और निवास प्रमाण पत्र के 71 आवेदनों को निस्तारण किया गया। वहीं उत्तराधिकारी/वरासत के 169 आवेदनों को निस्तारण किया। 

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि 21 सितम्बर 24 को लंबित आय प्रमाण पत्र के आवेदनों की संख्या 308, निवास की संख्या 03 तथा जाति प्रमाण पत्र के आवेदनों की संख्या महज 02 रह गयी है, जिसे अगले एक दो दिन में निपटा लिया जाएगा। इसी तरह उत्तराधिकारी/वरासत के 49 आवेदन लंबित हैं, जिसे जल्द से जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिये गये हैं।  

यह है जाति,आय और निवास प्रमाण पत्र के निस्तारण की तय समय सीमा – 

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि आय प्रमाण पत्र दो कैटेगरी में बनाए जाते हैं। इनमें पहली कैटेगरी एजुकेशन संबंधी मामलों में एक हफ्ते तय समय सीमा है जबकि अन्य मामलों में 15 दिन तय समय सीमा निर्धारित है। इसे तहसीलदार द्वारा निर्गत किया जाता है। वहीं जाति प्रमाण पत्र के लिए तय समय सीमा 20 दिन निर्धारित है। इसे भी तहसीलदार द्वारा निर्गत किया जाता है। इसी तरह निवास प्रमाण पत्र के लिए 20 दिन की समय सीमा निर्धारित है। इसे एसडीएम स्तर पर जारी किया जाता है। इसके अलावा उत्तराधिकारी/वरासत के लिए 21 दिन की समय सीमा निर्धारित है। इसे भी एसडीएम स्तर पर जारी किया जाता है। इसके लिए लेखपाल स्तर पर 7 दिन और कानूनगो स्तर पर 14 दिन की समय सीमा निर्धारित की गयी है।

यह भी पढ़े : पीयू के 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी,राज्यपाल देंगी छात्रों को मेडल   
यह भी पढ़े : जौनपुर पुलिस ने दिया ईमानदारी का परिचय
यह भी पढ़े : खेतासराय के मनेछा गांव में जंगली जानवर के काटने से आधा दर्जन लोग घायल  

जौनपुर पुलिस ने दिया ईमानदारी का परिचय

0
जौनपुर पुलिस ने दिया ईमानदारी का परिचय खोए हुए पैसे लौटाया
जौनपुर पुलिस ने दिया ईमानदारी का परिचय खोए हुए पैसे लौटाया

जौनपुर पुलिस ने दिया ईमानदारी का परिचय खोए हुए पैसे व आधार कार्ड लौटाया

जौनपुर:खेतासराय थाना क्षेत्र के सोंगर गांव निवासी अशरफी देवी पत्नी शोभा गौतम आज  अपने घर से अपने मायके कलापुर भाई राम केदार गौतम के घर जा रही थी गुरैनी बाजार से नहर पड़कर कलापुर के लिए निकली थी कि रास्ते में उनका पैसा ₹6000 व आधार कार्ड गिर गया स्थानीय थाने पर तैनात हेड कांस्टेबल ईश्वर कुमार व कांस्टेबल अंकुश सिंह क्षेत्र भ्रमण पर जा रहे थे कि रास्ते में पैसा व आधार कार्ड गिरा हुआ देख उठा लिया और ईमानदारी का परिचय देते हुए दोनों लोग सोगर प्रधान से जानकारी प्राप्त किया तो पता चला कि वह अपने मायके कलापुर के लिए निकली है तो दोनों लोगों ने कलापुर राम केदार यादव के घर पर पहुँचे तो पता चला कि उक्त महिला अभी नही पहुंची है तब पुलिस द्वारा अपने मोबाइल नंबर से बृद्ध महिला के भाई को सूचना दिया और कहा कि जब आ जाए तो थाने पर लिवा कर आ जाइएगा। उक्त महिला जब भाई के घर पहुंची तो भाई राम केदार बहन को लेकर थाने पहुँचे और पुलिस के जवानो ने आधार कार्ड व छ हजार रूपये वापस किया। दोनों भाई बहन पैसा वापस पा कर बड़े खुश हुए।पुलिस के इस मानवीय कार्य किया l

खेतासराय के मनेछा गांव में जंगली जानवर के काटने से आधा दर्जन लोग घायल  

0
खेतासराय के मनेछा गांव में जंगली जानवर के काटने से आधा दर्जन लोग घायल  
खेतासराय के मनेछा गांव में जंगली जानवर के काटने से आधा दर्जन लोग घायल  

जौनपुर:खेतासराय के मनेछा गांव में शुक्रवार की शाम एक जंगली जानवर ने आधा दर्जन ग्रामीणों को घायल कर दिया घायलों का इलाज पीएचसी सोंधी पर हुआ। जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम एक पागल जंगली जानवर कुत्ते की तरह दिखने वाला गांव में आ गया रास्ते में जो भी मिला सबको अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। जिसमें महिला सहित बच्चे भी उसके शिकार हो गए आस-पास के इलाके में लोग भयभीत हों गए। रात भर ग्रामीण अपने मोहल्ले में निगरानी करते रहे। जंगली जानवर काटने से मनेछा गांव निवासी शितावी देवी पत्नी अभयराज (74 वर्ष), इशारावती पत्नी जय प्रकाश बिंद (42 वर्ष) सुम्बुलपुर निवासी शिवा पुत्र राजाराम सोनकर (19 वर्ष) सविता पुत्री रुदल (19 वर्ष) माही पुत्र रुदल 5 वर्ष राजदेव यादव (70 वर्ष) घायल हो गए। घायलों का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी पर कराया गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। उक्त जंगली जानवर को लेकर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है ।

यह भी पढ़े : पीयू के 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी,राज्यपाल देंगी छात्रों को मेडल   

पीयू के 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी,राज्यपाल देंगी छात्रों को मेडल   

0
पीयू के 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी,राज्यपाल देंगी छात्रों को मेडल   
पीयू के 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी,राज्यपाल देंगी छात्रों को मेडल   

जौनपुर। पीयू के 28 वें दीक्षांत समारोह का हुआ पूर्वाभ्यास वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में शनिवार को 28  वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास कराया गया. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने स्वर्णपदक पाने वाले विद्यार्थियों को पूर्वाभ्यास कराया। दीक्षांत समारोह रविवार को विश्वविद्यालय में आयोजित होगा। इसमें प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मैटेरियल्स, आईएएएम, स्वीडन के निदेशक डॉ.आशुतोष तिवारी होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लेंगीं।

पूर्वाभ्यास में मा.राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की भूमिका का निर्वहन व्यावहारिक मनोविज्ञान  विभाग की डॉ. अन्नू त्यागी ने किया  ने किया। मुख्य अतिथि की भूमिका प्रो. गिरिधर मिश्र एवं विशिष्ट अतिथि की भूमिका में प्रो. अजय द्विवेदी एवं डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव रहीं। कार्यक्रम में क्षण- प्रतिक्षण के अनुरूप गतिविधियाँ की गई।

पीयू दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 96 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी।  स्वर्ण पदक पाने वाले मेधावियों में स्नातक में 18 छात्राएं एवं 7 छात्र हैं। वहीं परास्नातक स्तर में 36 छात्र एवं 35 छात्र शामिल है। दीक्षांत समारोह में 508 शोधार्थियों को पी.एचडी. की उपाधि प्रदान की जाएगी। कला संकाय में 345, विज्ञान संकाय में 25, कृषि संकाय में 13, शिक्षा संकाय में 77, विधि संकाय में पांच, इंजीनियरिंग संकाय में 10, वाणिज्य  में 18, प्रबंध संकाय में 10,अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय में तीन और औषधि संकाय के दो विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में पी.एचडी. की उपाधि मिलेगी. 27 वें दीक्षांत समारोह में 222, 26 वें दीक्षांत समारोह में 307 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली थी. दीक्षांत समारोह में पदक पाने वाले विद्यार्थियों को आईकार्ड जारी किया गया है और ड्रेस कोड में छात्राओं हेतु सफेद सलवार, सफेद दुपट्टा, हल्के रंग का कुर्ता, हल्के रंग की साड़ी, (जींस टाप नहीं पहनना है) छात्रों हेतु सफेद या किसी हल्के रंग की पूरी बांह की शर्ट गाढ़े रंग की पैंट (काले रंग की कोई भी चीज नहीं रहेगी) रहेगी।

पीयू के 28वें दीक्षां पूर्वाभ्यास की शुरुआत में शोभायात्रा निकाली गई, जिसका नेतृत्व पीयू कुलसचिव महेंद्र कुमार ने किया। इसमें विद्या परिषद और कार्य परिषद के सदस्य शामिल हुए। परीक्षा नियंत्रक डा विनोद कुमार सिंह मंचासीन रहे। स्वर्ण पदक धारकों को आवश्यक दिशा- निर्देश भी दिए गए. संचालन जनसंचार विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज मिश्र ने किया. इस अवसर वित्त अधिकारी संजय कुमार राय, प्रो.अजय प्रताप सिंह, प्रो.अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. बी डी शर्मा, प्रो.राम नारायण, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो.देवराज सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. संदीप सिंह, पूर्व एनएसएस समन्वयक प्रो. राकेश यादव,डॉ. राज बहादुर यादव,डा.दिग्विजय सिंह राठौर, डा.रसिकेश,डा.सुनील कुमार, डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, उपकुलसचिव अजीत सिंह, अमृतलाल, बबिता सिंह, दीपक सिंह, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नंद किशोर सिंह, महामंत्री रमेश यादव,डा.लक्ष्मी मौर्य,  डॉ. पी के कौशिक, श्याम श्रीवास्तव, इंद्रेश गंगवार आदि लोग उपस्थित रहे।

10:30 पूर्वान्ह शुरू होगा दीक्षांत समारोह

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 28 वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में 10:30 पूर्वान्ह से अपराह्न 1 बजे तक होगा. सुबह 10.30 बजे कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल का विश्वविद्यालय परिसर स्थित हेलीपैड पर आगमन  होगा. 10.35 बजे से  संगोष्ठी भवन में दीक्षांत शुरू होगा. इस बार विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संबंधी काव्य पाठ की प्रस्तुति भी की जाएगी.

कुलपति प्रो वंदना सिंह अतिथियों  का स्वागत एवं विश्वविद्यालय की संक्षिप्त प्रगति आख्या प्रस्तुत करेंगीं. कार्यक्रम में  राज्यपाल द्वारा क्लिक करके डिजीलॉकर में उपाधियों एवं अंकपत्रों का अपलोड किया जाएगा. इसके बाद  जी द्वारा विशिष्टता प्राप्त  मेंधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी. कुलाधिपति द्वारा डॉ0 आशुतोष तिवारी, मुख्य अतिथि को डी0एस-सी0 की मानद उपाधि से सम्मानित

करना विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिये गये गाँव  तथा आँगनबाड़ी केन्द्रों की आपसी प्रतियोगिता तथा खेलों में  प्रथम आने वाले बच्चों  को पुरस्कार वितरण किया जायेगा. राजभवन से प्राप्त पुस्तकें  प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को भेंट की जाएगी.  इसके बाद कुलाधिपति जी अध्यक्षीय सम्बोधन होगा.

प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से शिक्षक संघ में उबाल

0
प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से शिक्षक संघ में उबाल
प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से शिक्षक संघ में उबाल

प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से शिक्षक संघ में उबाल

रामपुर जौनपुर। विकासखंड रामपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय धनेथू में प्रधान और प्रधानाध्यापक के बीच एमडीएम को लेकर चल रहे विवाद जिसमें प्रधानाध्यापक द्वारा एमडीएम खाने वाले छात्रों की संख्या बढ़ाकर लिखे जाने से इनकार करने पर नाराज प्रधान प्रतिनिधि शिव प्रकाश दुबे ने साजिश करके विद्यालय में पढ़ने वाली कक्षा 8 की दिव्यांग व मानसिक मंद छात्रा शिवांगी दुबे की मां अनुराधा देवी को अपने प्रभाव में लेकर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने पर तहरीर दिलवाया थाने की पुलिस ने जांच पड़ताल में मामले के झूठा पाये जाने पर मुकदमा दर्ज नहीं किया l

इससे तिलमिलाये प्रधान प्रतिनिधि ने एसपी के यहां प्रार्थना पत्र दिलवा कर थाने पर अनुचित दबाव डलवा कर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया सम्मानित अध्यापक के सम्मान का सौदा करने के लिए प्रधान प्रतिनिधि ने सारा फरेब रचा है जबकि प्रधानाध्यापक के 30 वर्षों का कार्यकाल बेदाग रहा है 15 वर्ष से तो धनेथू में ही कार्यरत हैं‌ प्रधानाध्यापक को प्रताड़ित करने के लिए साजिशन कराए गए एफआईआर से शिक्षकों में आक्रोश है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ अतुल प्रकाश यादव ने प्रशासन से मांग किया है कि बिना निष्पक्ष जांच पड़ताल किए, बिना किसी साक्ष्य और सबूत के मनगढ़ंत कहानी के आधार पर दर्ज किए गए एफआईआर को स्पंज किया जाए और विभाग से मांग किया है कि प्रधानाध्यापक को एमडीएम के कार्यों से विरत किया जाए अन्यथा की स्थिति में शिक्षक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।