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हिन्दू अध्ययन:सांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन

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हिन्दू अध्ययनसांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन
हिन्दू अध्ययनसांस्कृतिक संवाद के साथ-साथ रोजगार को प्रोत्साहन

मनुष्य की सभ्यता की कहानी केवल इतिहास नहीं, बल्कि हमारी चेतना, विकास और सांस्कृतिक पहचान का मूल स्रोत है। विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ जैसे – सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया, मिस्र, चीन, यूनान और माया – न केवल अद्भुत स्थापत्य और विज्ञान की जननी रही हैं, बल्कि इन सभ्यताओं ने मानवता को नैतिकता, शासन, कृषि, लेखन और समाज व्यवस्था की नींव प्रदान की। इन सभ्यताओं का अध्ययन केवल अतीत को जानने के लिए नहीं, बल्कि आज की जटिल वैश्विक चुनौतियों का उत्तर खोजने का एक सशक्त उपाय भी है।


उदाहरण के लिए, सिंधु घाटी सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था आज की जल-संकटग्रस्त दुनिया को टिकाऊ शहरी नियोजन का पाठ पढ़ा सकती है। मिस्र की स्थापत्य कला या मेसोपोटामिया की विधिक प्रणाली हमें यह दिखाती है कि मानव रचनात्मकता ने हजारों वर्ष पहले भी चमत्कारी समाधान खोजे थे।

विश्वविद्यालयों और अध्ययन केंद्रों में इन प्राचीन सभ्यताओं पर केंद्रित शोध पुनः लोकप्रिय हो रहा है। जिसमें मुख्य रूप से ‘हिन्दू स्टडीज’, ‘मेसोपोटामिया संस्कृति अध्ययन’, ‘मिस्रविद्या’ और ‘शास्त्रीय चीनी विचार’ जैसे विशेष अध्ययन कार्यक्रम विश्वभर में विद्यार्थियों को संस्कृति, दर्शन, धर्म और प्रौद्योगिकी के ऐतिहासिक पहलुओं से परिचित करा रहे हैं। भारत में भी नवजागरण की तरह युवाओं में भारतीय ज्ञान परंपरा और वैदिक विज्ञान को समझने की ललक बढ़ रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों में मुख्य रूप से मातृभाषा को प्रोत्साहन देने के साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित मूल्यवर्धक विषयों के शिक्षण पर विशेष ज़ोर दिया गया है। यह समय है जब शिक्षा नीति, अनुसंधान संस्थान और मीडिया मिलकर इस चेतना को प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमें केवल विदेशी सभ्यताओं की ओर नहीं, बल्कि भारत की स्वयं की गौरवशाली विरासत जैसे – वेद, उपनिषदों के साथ ही, तक्षशिला, नालंदा शिक्षण संस्थानों व अरण्यक परंपरा, जिसमें आत्मविद्या/ब्रह्मविद्या, उपासना/ध्यान पर ज़ोर दिया जाता है – की ओर भी देखना होगा। इसमें कर्मकांड से हटकर दार्शनिक और आध्यात्मिक विषय शामिल हैं। इस विरासत को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है।

मानव सभ्यता की आत्मा
धर्म को मानव सभ्यता की आत्मा माना जाता है। यह न केवल ईश्वर या आध्यात्मिकता से जुड़ा विषय है, बल्कि यह समाज, संस्कृति, नैतिकता, दर्शन और जीवन पद्धति का भी आधार है। विश्व के प्राचीन धर्म जैसे – वैदिक सनातन परंपरा, जरथुष्ट्र धर्म (पारसी), मिस्र का देवपूजन, यूनानी देवमाला, यहूदी परंपरा, मेसोपोटामिया के देवी-देवता, और ताओवाद आदि – आज भी मानव चेतना को गहराई से प्रभावित करते हैं।

आज जब आधुनिक सभ्यता भौतिक प्रगति की दौड़ में मानसिक और नैतिक द्वंद्वों से जूझ रही है, तब प्राचीन धर्मों का अध्ययन न केवल ऐतिहासिक या धार्मिक जिज्ञासा की पूर्ति करता है, बल्कि यह जीवन को संतुलन, करुणा और एकात्म दृष्टि प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है।

अध्ययन की प्रासंगिकता
हिन्दू अध्ययन से विश्व की विभिन्न सभ्यताओं को समझने एवं उनमें संवाद स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है। इसमें मुख्य रूप से संस्कृति की समझ विकसित होगी क्योंकि हर समाज की सांस्कृतिक पहचान उसके धार्मिक दृष्टिकोण से गहराई से जुड़ी होती है।

प्राचीन धर्मों का अध्ययन हमें यह समझने में मदद करता है कि सभ्यताओं ने जीवन, मृत्यु, प्रकृति, सृष्टि और आत्मा को कैसे परिभाषित किया। साथ ही यह वैश्विक संवाद और सह-अस्तित्व को प्रोत्साहित करेगा क्योंकि जब हम विभिन्न धर्मों की उत्पत्ति और मूल विचारों को समझते हैं, तब हमें धर्मों के बीच साम्य और संवाद की क्षमता दिखती है। इससे वैश्विक शांति, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व की भावना को बल मिलता है।

इसके अलावा धर्म और दर्शन का समन्वय भी विकसित होगा। भारत में धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, यह दर्शन, तर्क और योग की पद्धतियों से भी जुड़ा है। वेद, उपनिषद, जैन आगम, बौद्ध त्रिपिटक, और ताओवादी ग्रंथ जैसे ‘ताओ ते चिंग’ हमें जीवन की व्यापक समझ देते हैं जो नैतिक शिक्षा का भी स्रोत है। आज की पीढ़ी को यदि जीवन मूल्यों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की समझ देनी है, तो प्राचीन ग्रंथों के विचारों से जुड़ना आवश्यक है।

शिक्षण संस्थानों की भूमिका
वर्तमान में अनेक विश्वविद्यालयों में तुलनात्मक धर्म, हिन्दू अध्ययन, बौद्ध दर्शन, अब्राहमिक धर्म और स्वदेशी आध्यात्मिकता जैसे पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। हिन्दू अध्ययन के अंतर्गत – हिन्दू परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, दर्शन, वेद, उपनिषद, स्मृति-शास्त्र, योग, पुराण, भक्ति वेदांत, भक्ति आंदोलन, धर्मशास्त्र, रामायण-महाभारत पर अध्ययन एवं शोध – मुख्य रूप से संचालित हो रहे हैं।

ईसाई धर्म केंद्र के अन्तर्गत – ईसाई धर्म का इतिहास, बाइबिल, धर्मशास्त्र, नैतिक दर्शन, प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक, ऑर्थोडॉक्स परंपराएं, समाज, राजनीति, मध्यकालीन और आधुनिक ईसाई चिंतन एवं शोध शामिल हैं।

इस्लाम धर्म अध्ययन केंद्र के अंतर्गत – इस्लामी सभ्यता, इतिहास, दर्शन, संस्कृति, कानून, परंपरा, कुरान, हदीस, शरीयत और फ़िक़्ह का गहन अध्ययन किया जाता है।

बौद्ध धर्म केंद्र के अन्तर्गत – बौद्ध धर्म की वैश्विक यात्राएँ, थेरवाद, महायान, वज्रयान परंपराओं का तुलनात्मक अध्ययन, पाली, तिब्बती और संस्कृत ग्रंथों पर शोध के साथ ही भाषायी-सांस्कृतिक विविधता का अध्ययन होता है।

यहूदी धर्म अध्ययन केंद्र के अन्तर्गत – दर्शन, संस्कृति, तोराह, तलमूद, हिब्रू भाषा, यहूदी परंपराएँ, संगीत, कला, हिब्रू ग्रंथों पर अध्ययन व शोध शामिल हैं।

इसी तरह सिख धर्म के दर्शन, संस्कृति, इतिहास, गुरुमुखी, कला, संगीत आदि पर शोध व अध्ययन कई संस्थानों में संचालित हो रहे हैं। भारत में – बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, सांची विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय सहित दर्जनों उच्च शिक्षण संस्थान प्राचीन धार्मिक परंपराओं पर उच्चस्तरीय शोध कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा में शामिल करने का जो आह्वान किया गया है, वह इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

नवजागरण की आवश्यकता
प्राचीन धर्मों का अध्ययन एक निष्पक्ष, अकादमिक और तात्त्विक दृष्टिकोण से होना चाहिए, जिससे यह किसी संकीर्णता या प्रचार का साधन न बन जाए। यह अध्ययन हमारे युवाओं में जिज्ञासा, तर्क और सहिष्णुता को जन्म देगा।

प्राचीन धर्मों का अध्ययन केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि वर्तमान के लिए मार्गदर्शन और भविष्य के लिए चेतना का दीप है। जब हम विश्व के धार्मिक विचारों की विविधता को आत्मसात करते हैं, तब हम एक अधिक समावेशी, सह-अस्तित्व, वैश्विक शांति, वैज्ञानिक समझ के साथ संतुलित एवं समझदार समाज की ओर बढ़ते हैं।

प्रो. एच. सी. पुरोहित
समन्वयक, हिन्दू अध्ययन केन्द्र,
दून विश्वविद्यालय, देहरादून

JAUNPUR NEWS,दवा लेने जा रहे दो युवकों पर जानलेवा हमला

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JAUNPUR NEWS,दवा लेने जा रहे दो युवकों पर जानलेवा हमला
JAUNPUR NEWS,दवा लेने जा रहे दो युवकों पर जानलेवा हमला

घात लगाएं बैठे दबंगों ने किया मारपीट कर घायल

खेतासराय (जौनपुर) क्षेत्र के मनेछा मोड़ पर दो युवकों पर मंगलवार को उस समय जानलेवा हमला हो गया जब वे घर से पाराकमाल पीलिया की दवा लेने जा रहे थे।यहाँ पर घात लगाए पहले से बैठे तीन लोगों ने उन्हें घेर लिया और लोहे की रॉड, सरिया व डंडे से बेरहमी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।घायल युवकों की पहचान प्रवीण कुमार उर्फ मोनू (35 वर्ष)राहुल राजभर (27 वर्ष)निवासी तरसावा थाना सराय ख़्वाजा के रूप में हुई है।हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर 108 एंबुलेंस सेवा को बुलाया गया जिसके माध्यम से घायलों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्र सोंधी पहुंचाया गया।

वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया जिसके बाद घायलों की स्थिति को देखते हुए आगे के इलाज की सलाह दी गई।घटना की सूचना मिलते ही स्वजन मौके पर पहुंच गए और आरोप लगाया है कि हमला सुनियोजित था और हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया फिलहाल घटना के पीछे के कारणों का पता नहीं चल सका है। इस मामले में प्रवीण कुमार उर्फ मोनू द्वारा संबंधित थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने पर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान तथा गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि घायल के पिता सिधारी की तहरीर पर एक नामजद सहित तीन अज्ञात पर मुकदमा कायम कर विधिक कार्यवाई की जा रही है।

JAUNPUR NEWS,अर्चना को मिली राष्ट्रीय महिला परिषद जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी     

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JAUNPUR NEWS,अर्चना को मिली राष्ट्रीय महिला परिषद जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी     
JAUNPUR NEWS,अर्चना को मिली राष्ट्रीय महिला परिषद जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी     

अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल की हुई बैठक



जौनपुर। अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल की सामूहिक बैठक तिलकधारी इण्टर कॉलेज स्थित श्री हनुमान मन्दिर के प्रांगण में सोमवार को हुई जिसमें 20 जनवरी दिन मंगलवार को संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रवीण भाई तोगड़िया के कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

इसके पश्चात पदाधिकारियों की घोषणा किया गया जिसमें प्रधानाचार्य अर्चना सिंह जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय महिला परिषद, अरुण श्रीवास्तव नगर मंत्री, सुमित जायसवाल नगर उपाध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल एवं दिलीप जायसवाल नगर अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद जौनपुर घोषित किये गये। इस मौके पर जितेन्द्र बहादुर सिंह जिलाध्यक्ष, कृष्ण कुमार उपाध्याय जिला महामंत्री, आशीष श्रीवास्तव नगर अध्यक्ष राष्ट्रीय बजरंग दल, अजय पाण्डेय जिलाध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, विवेक उपाध्याय जिला मंत्री, सचिन श्रीवास्तव जिला मंत्री, सुधीर कुमार जिला मंत्री अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, गोविंद गुप्ता हिंदू एडवोकेट फोरम जिला उपाध्यक्ष, श्री लक्ष्मी पूजा महासमिति ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण कुमार जायसवाल आदि उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोंधी खण्ड द्वारा युवा सम्मेलन का आयोजन

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोंधी खण्ड द्वारा युवा सम्मेलन का आयोजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोंधी खण्ड द्वारा युवा सम्मेलन का आयोजन

खेतासराय(जौनपुर): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सोंधी खण्ड द्वारा के.डी. इंटर कॉलेज खेतासराय में एक भव्य युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुभाष सिंह, जिला संघचालक जौनपुर रहे।


सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. सुभाष सिंह ने कहा कि युवा वही होता है जिसके हाथों में शक्ति, भीतर ज्वाला और विचारों में हवा की तरह वेग हो। वही युवा समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रतिपादित पंच परिवर्तन विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके अंतर्गत कुटुम्ब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व-जागरण तथा नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि यदि युवा इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर लें तो एक सशक्त, संगठित और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं को अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व से अवगत कराया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करना एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सर्वेश, संतोष, अखिलेश, वीरेंद्र पाण्डेय, अशोक कुमार, काशीनाथ, हृदयनारायण, प्रदुम्न, अमित, आशीष, उमेश, उपेन्द्र, डॉ. नीरज सोनी, रूपेश गुप्ता सहित अनेक स्वयंसेवक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समापन राष्ट्रगीत के साथ किया गया।

जमदहा पुलिया के नीचे नाले में मिला युवक का शव, मची अफरा-तफरी

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जमदहा पुलिया के नीचे नाले में मिला युवक का शव, मची अफरा-तफरी
जमदहा पुलिया के नीचे नाले में मिला युवक का शव, मची अफरा-तफरी

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के जमदहा वर्दमान पुलिया के नीचे नाले में रविवार सुबह लगभग दस बजे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव देखे जाने की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना पर क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान तथा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। पानी में पड़े रहने के कारण शव की पहचान नहीं हो सकी। मृतक की उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार शव के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, हालांकि प्रथम दृष्टया नाले में गिरने से मौत की आशंका जताई जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। शव मिलने की खबर से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि शव की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा

पीपल की डाल काटते समय गिरा श्रमिक,दर्दनाक मौत

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पीपल की डाल काटते समय गिरा श्रमिक,दर्दनाक मौत
पीपल की डाल काटते समय गिरा श्रमिक,दर्दनाक मौत

परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा

खेतासराय (जौनपुर): क्षेत्र के मानीकलां गांव में शनिवार की दोपहर पीपल पेड़ की डाल काटते समय एक श्रमिक की गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जानकारी के अनुसार मानीकलां गांव निवासी अर्जुन विश्वकर्मा 45 वर्ष पुत्र स्व. रामफेरशनिवार दोपहर करीब दो बजे गांव की पूर्व प्रधान विमला देवी के निर्माणाधीन मकान के पास पीपल के पेड़ की डाल काट रहा था। पेड़ की डाल निर्माधीन मकान में अवरोध कर रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसके सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद परिजन आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर रात परिजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जांच की जा रही है।

आलेख्य प्रकाशन के वाचन के कार्य का किया गया निरीक्षण

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आलेख्य प्रकाशन के वाचन के कार्य का किया गया निरीक्षण
आलेख्य प्रकाशन के वाचन के कार्य का किया गया निरीक्षण

जौनपुर [भारत] निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार गहन विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत आज रविवार को विशेष अभियान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र द्वारा विधानसभा क्षेत्र 366-जौनपुर के अंतर्गत टी०डी० पी०जी० महिला कॉलेज पर स्थित बूथ संख्या 509 से 512, टी०डी० इंटर कॉलेज पर स्थित बूथ संख्या 498 से 504 तथा सरस्वती शिशु मंदिर पर स्थित बूथ संख्या 458 से 467 और विधानसभा क्षेत्र 364-बदलापुर के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय पुरानी बाज़ार बदलापुर पर स्थित बूथ संख्या 137, 138 तथा 139 सहित अन्य बूथों का भ्रमण कर बीएलओ द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के वाचन के कार्य का निरीक्षण किया गया।


इस दौरान निरीक्षण के साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपस्थित बी०एल०ओ, बी०एल०ए तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों से वार्ता किया गया। उन्होंने कहा कि मा० भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अधिक से अधिक संख्या में फॉर्म-6 भरवाकर युवा मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांग मतदाताओं और महिला मतदाताओं की भी भागीदारी सुनिश्चित कराई जाए।इसी क्रम में आज जनपद के समस्त मतदेय बूथों पर बीएलओ द्वारा जनमानस की उपस्थिति में मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन और ए०एस०डी० सूची का वाचन किया गया।

कर्मचारियो के कंधों पर होती है बड़ी जिम्मेदारी,मंत्री गिरीशचन्द्र यादव

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कुलपति ने दिलाई नव-निर्वाचित पदाधिकारी को पद गोपनीयता की शपथ

जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नवनिर्वाचित शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियो को कुलपति ने पद गोपनीयता की शपथ दिलाई और उनको अपनी जिम्मेदारियां के प्रति निष्ठा से काम करने का भरोसा दिया। विश्वविद्यालय को आगे ले जाने पर सबको सहयोग देने पर जोर दिया।

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारी को शपथ ग्रहण समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि कर्मचारियों के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होती हैं और सभी अपने दायित्वों के बखूबी निर्वहन करते हैं। वह विश्वविद्यालय और शिक्षा को आगे ले जाने में अपना पूरा सहयोग दें, सरकार कर्मचारी और छात्रों शिक्षा के प्रति पूरा ध्यान देती है और उनके लिए काम करती है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार में कर्मचारी प्रमुख भूमिका में होती हैं , यह अपनी जिम्मेदारी को समय से निभाते हैं, उन्होंने पदाधिकारी को बधाई शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समय से विश्वविद्यालय के कामों का निपटारा हो ,ऐसा सहयोग होना चाहिए। कुलसचिव केशलाल व परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद सिंह कर्मचारी का हौसला अफजाई किया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष वरिंदर यादव, महामंत्री राधेश्याम सिंह मुन्ना, उपाध्यक्ष सुशील प्रजापति, कोषाध्यक्ष उमाशंकर यादव, संयुक्त मंत्री दूधनाथ यादव, कैलाश नाथ यादव व कार्यकारिणी के 11 सदस्यो को पद एवं गोपीनियता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर नए पदाधिकारी ने विश्वविद्यालय के हर कामों में सहयोग का पूरा भरोसा दिया । संचालन राजेश सिंह व पूर्व महामंत्री रमेश यादव ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर सहायक सचिव बबीता सिंह, प्रो एचसी पुरोहित ,प्रो एसके सिंन्हा, प्रो राकेश कुमार यादव ,डा. गिरधर मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष रामजी सिंह, पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, अमित वस्त,पूर्व महामंत्री डॉ स्वतंत्र कुमार, डॉ दिलगीर अहमद , श्याम त्रिपाठी रजनीश सिंह, अशोक चौहान, उत्तम चौबे मौजूद रहे।

रैन बसेरा से लेकर 80 अलाव तक,नगर पालिका की व्यवस्था जमीन पर दिखी मजबूत

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रैन बसेरा से लेकर 80 अलाव तक, नगर पालिका की व्यवस्था जमीन पर दिखी मजबूत
रैन बसेरा से लेकर 80 अलाव तक, नगर पालिका की व्यवस्था जमीन पर दिखी मजबूत

शाहगंज में ठंड से राहत का रियलिटी टेस्ट पास

शाहगंज। कड़ाके की ठंड के बीच शाहगंज नगर पालिका परिषद द्वारा की गई रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्थाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी नजर आ रही हैं। देर शाम दैनिक जागरण inext की टीम द्वारा किए गए रियलिटी टेस्ट में नगर पालिका की मानवीय पहल सफल पाई गई, जिससे यात्रियों और जरूरतमंदों ने राहत की सांस ली।

रैन बसेरा से लेकर 80 अलाव तक,नगर पालिका की व्यवस्था जमीन पर दिखी मजबूत

नगर के रैन बसेरा पहुंची टीम को प्रयागराज से आए एक यात्री मिले, जो अपने घर की ओर जा रहे थे। यात्री ने बताया कि रैन बसेरा में पीने का स्वच्छ पानी, चना-गुड़, हीटर, आरामदायक बेड और साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि ठंड के इस मौसम में ऐसी व्यवस्था किसी संबल से कम नहीं है और नगर पालिका की यह पहल सराहनीय है।

इसके बाद जेसी चौराहा, बस स्टैंड , रामलीला भवन के सामने, घासमंडी, पलथी मोड, ग्रैंड लॉन मोड, जय प्रकाश तिराहा, आजमगढ़ रोड़ सेट सेट साइकिल स्टोर के पास , वाजिद मिस्त्री पेट्रोल पम्प के पास, बुढ़वा बाबा हनुमान मंदिर, सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सभी प्रमुख स्थानों पर अलाव जलते मिले। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार नगर क्षेत्र में करीब 80 स्थानों पर नियमित रूप से अलाव जलाए जा रहे हैं, जिससे राहगीरों, मजदूरों और बाहर से आने वाले लोगों को ठंड से राहत मिल रही है।

स्थानीय लोगों और बाहर से आए यात्रियों ने बताया कि अलाव के लिए लकड़ी की नियमित आपूर्ति की जा रही है।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी ने कहा, “नगर पालिका की प्राथमिकता है कि ठंड के मौसम में कोई भी व्यक्ति असहाय न रहे। रैन बसेरा, अलाव और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर लगातार निगरानी की जा रही है और जहां जरूरत है वहां तत्काल सुधार किया जा रहा है।”


यात्रियों के लिए राहत बनी नगर पालिका की व्यवस्था रैन बसेरा में ठहरने वालों के लिए पानी, हीटर, चना-गुड़ और साफ बेड की व्यवस्था नगर क्षेत्र के 80 स्थानों पर अलाव की निरंतर व्यवस्था स्थानीय लोगों और यात्रियों ने जताई संतुष्टि


पूर्वांचल विश्वविद्यालय में CATC–331 एनसीसी कैंप का शुभारंभ

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खेतासराय(जौनपुर): वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में 98 यूपी बटालियन एनसीसी, जौनपुर द्वारा आयोजित CATC–331 एनसीसी कैंप का शुभारंभ किया गया। कैंप का उद्घाटन कैंप कमांडेंट कर्नल आलोक सिंह धर्मराज ने ओपनिंग एड्रेस के माध्यम से किया।

अपने संबोधन में कैंप कमांडेंट ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर 15 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कैडेट्स को कैंप के दौरान प्रदान किए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षणों की जानकारी दी, जिनमें फायरिंग, क्वार्टर गार्ड, ऑब्सटेकल, ड्रिल प्रतियोगिता सहित अन्य सैन्य प्रशिक्षण शामिल हैं। उन्होंने सभी कैडेट्स को पूरे मनोयोग और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण ग्रहण करने की हिदायत दी।

कैंप के कार्यक्रम के तहत 16 जनवरी 2026 को वाराणसी से आए ARO द्वारा अग्निवीर योजना एवं भारतीय सेना में भर्ती से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी, जिसमें वे अपने अनुभवों के माध्यम से कैडेट्स का मार्गदर्शन करेंगे। कैंप के सुचारु संचालन में सूबेदार मेजर कृष्णपाल सिंह, जेसीओ, एनसीओ, जीसीआई रुचि यादव, कैंप एड़जुटेंट मेजर आर.पी. सिंह, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट जितेश सिंह, लेफ्टिनेंट विनय सरोज, फर्स्ट ऑफिसर विनोद कुमार मिश्रा, सेकंड ऑफिसर इंद्रेश यादव सहित सभी पीआई स्टाफ उपस्थित रहे।