सत्य हरिश्चंद्र संस्कृति महोत्सव एवं समाज संवाद 26 अक्टूबर से
ज़फराबाद जौनपुर २6 अक्टूबर से १ नवंबर, २०२६ 7 दिन, 11 सत्र
Jaunpur News : ज़फराबाद और जौनपुर में २6 अक्टूबर से १ नवंबर, २०२६ तक धर्म- अध्यात्म, साहित्य-संस्कृति और समाज-संवाद का सालाना जलसा सत्य हरिश्चंद्र संस्कृति महोत्सव एवं समाज संवाद, २०२६” आयोजित किया जा रहा है.
प्रथम चार दिन के कार्यक्रम जौनपुर में आदि गंगा पूजन और आरती, जमैथा में भगवती तारा की स्थापना, ज़फराबाद के मनहेच किले पर राजकुमारी अनंगिता के उत्सर्ग के स्मृति पर्व तथा सगरेकोट ( मछलीशहर) पर आस्तिक मुनि गर्भवास प्रसंग और नाग परिपथ की संकल्पना से जुड़े हैं।
अंतिम तीन दिन हर रोज दो सत्र होंगे। दोपहर को टी डी कॉलेज ( इंटर ) के सभागार में समाज संवाद आयोजित होगा, जिसमें देश के कई जाने-माने व्यक्तित्व शामिल होंगे। और शाम को जौनपुर की राग-रागिनियों की परंपरा में गोमती किनारे, वशिष्ठ पुत्री मां आदि गंगा की गोद में संगीत, नृत्य और अन्य ललित कलाओं की छटा उभरेगी।
संगीत के इस कार्यक्रम ब्रह्मोत्सव के कलाकार हैं- पद्मश्री उमाकांत गुंडेचा ( ध्रुपद गायन, भोपाल) पद्मश्री अनूप जलोटा (भक्ति संगीत, मुंबई) कमल साबरी ( सारंगी वादन मुंबई) फजल कुरैशी (तबला वादन, मुंबई)) गुरु गजेंद्र कुमार पंडा (ओडिसी नृत्य, भुवनेश्वर) राम शंकर (सुगम संगीत, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) अमीनुद्दीन नसीमुद्दीन डागर (ध्रुपद गायन, जयपुर), सुश्री रागिनी सरना (सुगम संगीत, बनारस) सुश्री सुचरिता गुप्ता (सुगम संगीत, बनारस), सुश्री संगीता शंकर- रागिनी शंकर (वायलिन, चेन्नई), श्री अनुज अर्जुन मिश्रा (कथक नृत्य, लखनऊ), श्री राहुल देव मंडल (भरतनाट्यम, कोलकाता), श्री सुब्रतो रायचौधरी (तबला वादन, वनस्थली विश्वविद्यालय), श्री संदीप मिश्रा- संगीत मिश्रा, (सारंगी वादन, मुंबई) और श्री अवनीश तिवारी (सुगम संगीत, जौनपुर.) साथ में मरी माता अनंगिता की याद में पद्मश्री डॉ. सोमा घोष का रिकॉर्ड किया हुआ गायन होगा.ये सारे कार्यक्रम सनातन धर्म की वैश्विक समझ और स्थापना तथा ज़फराबाद और जौनपुर के पुराने इतिहास की गवेषणा से जुड़े हुए है।






