JAUNPUR NEWS जौनपुर : उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार गांधी जयंती के अवसर पर पॉक्सों एक्ट, 2012 के प्रावधानों, कानूनी नतीजों तथा महिला एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान 25 सितम्बर से 02अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। प्रथम चरण के तहत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ताओं द्वारा विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान के तहत आज को जनककुमारी इण्टर कालेज, में उमेश कुमार, द्वितीय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम, जौनपुर एवं को ही राजकीय बालिका इण्टर कालेज, जौनपुर सुरेन्द्र प्रताप यादव, अजर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्टम, जौनपुर द्वारा विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि अज्ञानता के कारण कोई किशोर बालक और बालिका ना कोई गंभीर अपराध करें ना उसका शिकार बने उन्होंने बताया कि 18 वर्ष के नीचे के किशोर किशोरियों और बच्चों के प्रति किसी भी लैंगिक अपराध के लिए कठोर कानून है और इसमें पीड़ित प्रताड़ित के लिए विशेष सुविधा दिया गया है इन अपराधों की गंभीरता के आधार पर 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा दी जाती है और 7 वर्ष तक के बच्चों के लिए गवाही देने का विशेष प्रावधान किया गया है इसके अतिरिक्त 7 से 12 वर्ष की आयु के अपराधी किशोरों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है और उनका परीक्षण किशोर न्याय बोर्ड में किया जाता है उन्होंने किशोर बालक बालिकाओं को विशेष रूप से सजग रहने और अपराधों के प्रति माता-पिता और घर वालों को तत्काल सूचना देने के बारे में अवगत कराया । उन्होंने आगे बताया की सही मामलों पर तत्काल ही प्राथमिक की लिखने में परहेज नहीं करना चाहिए लेकिन अनावश्यक और गलत मामलों में शत्रुता के कारण किसी को गलत फंसाना भी नहीं चाहिए।
उक्त अभियान के अन्तर्गत शिविर में अनिल कुमार सिंह, चीफ लीगल एड डिफेंस, डा0 दिलीप कुमार सिंह,डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस द्वारा गलत और सही स्पर्श के बारे में बताते हुए हेल्पलाइन नंबर 1098 15100, 112 नंबरों के बारे में बताएं और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निशुल्क सहायता और विधिक पैरवी की सुविधाओं के बारे में बताया और सोशल मीडिया पर सावधान रहने और साइबर क्राइम से बचने के बारे में विस्तार से बताते हुए अकेले और अलग स्थान पर जाने और अपरिचित लोगों से बचने की सलाह दिया उन्होंने यौन उत्पीड़न यौन अपराध यौन शोषण और अश्लीलता के बारे में सरल भाषा में विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के लड़के लड़कियों दोनों पर लागू होता है और इसमें पुलिस सादे कपड़ों में जाकर घर पर पीड़ित बच्चों का बयान लेती है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य,अध्यापकगण, छात्र-छात्रायें व अन्य उपस्थित रहे।






