JAUNPUR NEWS:नि:शूल्क चिकित्सा एवं परामर्शक शिविर संपन्न

JAUNPUR NEWS जौनपुर। जनपद में नगर के एक्सीस बैंक के पीछे,मियांपुर रोड़,(डां0 शिव सूरत द्विवेदी के बगल में)में स्थित अखण्ड ज्योति फिजियोथेरेपी,रिहैब्लिटेशन सेंटर के बैनर तले आज एक दिवसीय चिकित्सा शिविर का समापन हुआ। तथा सैकडो़ मरीज जो शरीर के विभिन्न अंगों से संबंधित फिजियोथेरेपी की जरूरत रखते थे,उन्हें उत्तम स्वास्थ्य लाभ जैसी जानकारी दी गई। शिविर का संचालन तथा आयोजन डां0 योगेश सिंह द्वारा किया गया।

जिसमें मुख्य रूप से डां0 सौमित कुमार सिंह,डां0 विनोद यादव,डां0 बाल कृष्ण तिवारी,डां0 रवि प्रकाश सिंह,डां0 आशीष सिंह,डां0 आशीष प्रजापति इत्यादि चिकित्सक मौजूद रहे जो उनके उत्तम स्वास्थ्य संबंधित फिजियोथेरेपी के लिए परामर्श दिये।शिविर का समापन फिजियोथेरेपी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डां0 सौमित कुमार सिंह ने किया।


समाचार -स्मृति 

पं0 रूपनारायण त्रिपाठी ने एक ओर आधी शताब्दी तक कविता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी तो दूसरी ओर उन्होंने हिन्दी काव्य-मंचों को गरिमापूर्ण बनाये रखने में अतुलनीय योगदान किया। उक्त उद्गार काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो0 गिरीशचन्द्र त्रिपाठी ने जगतनारायण इण्टर कालेज जगतगंज के परिसर में रूप सेवा संस्थान एवं उ0प्र0 भाषा संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में यशस्वी रचनाकार पत्रकार महाकवि पं0 रूप नारायण त्रिपाठी की 34वीं पावन स्मृति को समर्पित गीत रूप नमन समारोह में अध्यक्ष के रूप में व्यक्त किया। मुख्य अतिथि प्रो0 राममोहन पाठक ने कहा कि पं0 रूप नारायण त्रिपाठी ने हिन्दी कविता को भारतीय संस्कृति का रंग देने वाले अग्रणी कवि थे। उन्होंने राजनीति में रहते हुए भी जीवन एवं साहित्य में शुचिता का निर्वहन किया। विशिष्ट अतिथि रहे अन्तर राष्ट्रीय कवि-साहित्यकार डॉ0 बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि स्व0 त्रिपाठी मात्र साहित्यकार ही नहीं थे वे साहित्यकारों की नय पीढ़ियों की परवरिश करने वाले थे।

उनकी काव्य भाषा पानी की तरह सहज-सरल एवं प्रवाहमान है। राज्य मंत्री उ0प्र0 सरकार गिरीशचन्द्र यादव ने कहा कि स्व0 त्रिपाठी साहित्य रत्न तो थे ही वे जनपद की पहचान भी थे। सांसदर श्याम सिंह यादव ने कहा पंडित जी सहज-सरल आम आदमी की भाषा में अपनी रचनाओं को बहुत ही सहज रूप से पिरोते थे। विशेष सचिव उच्च शिक्षा डा0 अखिलेश मिश्रा ने कहा कि त्रिपाठी जी की रचनाओं में आम आदमी की पीड़ा झलकती है। पूर्व प्रमुख  पूर्व एल0एल0सी0, चेयरमैन डी0सी0बी0 कुँवर विरेन्द्र सिंह ने कहा कि स्व0 त्रिपाठी की रचनायें भविष्य के निर्माण के साथ-साथ विकास का भी संकेत देती हैं। मेरे जीवन की प्रगति में इनकी रचनाओं का बहुत योगदान रहा। उक्त अवसर पर जनसंचार विभागाध्यक्ष पू0वि0वि0 प्रो0 मनोज  मिश्रा, पूर्व प्रमुख सुरेन्द्र प्रताप सिंह, विरेन्द्र सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता, डा0 पी0सी0 विश्वकर्मा, पूर्व प्राचार्य डा0 देवेश उपाध्याय, पूर्व प्रमुख श्रीपति उपाध्याय,

डा0 सुरेश कुमार पाठक प्राचार्य, सुभाष सिंह प्रधानाचार्य बी0आर0पी0 कालेज, फूलचन्द भारती, चन्द्रमणि पाण्डेय पूर्व प्राचार्य रमेश मणि त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, सपा नेता राहुल त्रिपाठी, अजय त्रिपाठी ’मुन्ना’, रामजी त्रिपाठी, डा0 रामेश्वर त्रिपाठी, भारतेन्दु मिश्र, रामदयाल द्विवेदी, डा0 माधवन सिंह, अरविन्द सिंह ’बेहोश’, ताराशंकर मिश्र एडवोकेट, आनन्द मिश्र एडवोकेट, पत्रकार लोलारक दूबे, कपिलदेव मौर्या, डा0 मधुकर तिवारी, श्याम मोहन अग्रवाल, पूर्व प्रधानाचार्य छविनाथ मिश्र, गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, दयासागर राय, प्रधानाचार्य नागेश पाठक, प्रशान्त त्रिपाठी, अनिल त्रिपाठी, सुनील, विवेक, संजय त्रिपाठी, धर्मराज मिश्र, नीरज त्रिपाठी, संजय उपाध्याय, अजय सिंह, धर्मेन्द्र मिश्र सहित जनपद के प्रबुद्धजनों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया।रूप सेवा संस्थान की ओर से संरक्षक पं0 रामकृष्ण त्रिपाठी एडवोकेट ने अपनी काव्यात्मक शैली में आगन्तुक अतिथियोंका स्वागत एवं संस्था प्रबन्धक सचिव लोकेश त्रिपाठी ने स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर अतिथियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ दीप प्रज्ज्वलन एवं आगन्तुक अतिथियों द्वारा प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। समारोह का संचालन कवि सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया।  

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