शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराना सुनिश्चित करें DM
Consolidation process will end in villages older than 30 years.JAUNPUR NEWS
JAUNPUR NEWS IN HINDI जौनपुर केडीएम ने 30 वर्ष से अधिक पुराने गावों में चकबंदी प्रक्रिया समाप्त करने के निर्देश दिए है चकबंदी आयुक्त उत्तर प्र जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने 30 वर्ष से अधिक पुराने गावों में अंतिम अभिलेख बनाकर तत्काल चकबंदी प्रक्रिया समाप्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्राम वेल्छा और नेवादा के अंतिम अभिलेख जून माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि चकबंदी का कार्य गांव में कृषकों के साथ बैठकर संपादित किया जाए और आने वाली समस्याओं का तत्काल मौके पर निस्तारण किया जाए।
देश के द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में नव प्रसारित गांवों में चकबंदी आयुक्त के द्वारा निर्धारित विहित सीमा के अंतर्गत गांव में कार्य पूर्ण किया जाए।बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के द्वारा अवगत कराया गया कि 97 गांवो के सापेक्ष मात्र 60 लेखपाल है, जिस पर जिलाधिकारी ने वर्तमान स्थानांतरण सत्र में अतिरिक्त लेखपाल तैनात किए जाने हेतु चकबंदी आयुक्त को अनुरोध पत्र प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयवर चौहान, एस.ओ.सी. प्रशासनिक अशोक कुमार एवं पवन कुमार सिंधु व चकबंदी अधिकारी और सहायक चकबंदी अधिकारीगण उपस्थित रहे।
JAUNPUR NEWS स्टेट बैंक ऑफ़ इण्डिया का डीएम ने किया निरीक्षण
DM inspected the State Bank of India ,jaunpur news
JAUNPUR HINDI NEWS : जौनपुर स्टेट बैंक आफ इण्डिया मुख्य शाखा का DM डा0 दिनेश चन्द्र ने औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत लम्बित आवेदनों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के द्वारा फोन पर आवेदनकर्ताओं से वार्ता कर ऋण लेने के सम्बन्ध में आने वाली समस्याओं के सन्दर्भ में जानकारी ली गयी और प्रबन्धक को निर्देशित किया कि जिन आवेदनकर्ताओं के दस्तावेज अपूर्ण है, उन्हे उक्त दस्तावेज के सम्बन्ध में जानकारी देने के साथ ही ऋण वितरण हेतु अग्रेतर कार्यवाही करवाना सुनिश्चित करें। जिनका मार्जिन मनी नही जमा है, उन्हे मार्जिन मनी जमा करने के बारे में जानकारी देने के साथ ही ऋण वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लम्बित आवेदन शीघ्र निस्तारित किये जाए, जिससे शासन की मंशानुसार जनपद के युवाओं को रोजगार सृजक बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि इस योजनान्तर्गत सुगमतापूर्वक ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है।
इस दौरान उन्होंने बैंक में उपस्थित खाताधारकों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के लाभ बताते हुए उन्हें जागरूक किया और बताया कि यह दोनो योजनाएं हमारे लिए सुरक्षा कवच है। मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा शुरु की गयी यह दोनो योजनाएं बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में मात्र रु0 20 प्रति वर्ष का प्रीमियम देय होता है। और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा में 436 रुपये प्रति वर्ष प्रीमियम देय है। उक्त दोनों बीमा योजना में बीमित व्यक्ति के परिवार को दो लाख रुपये तक का जीवन बीमा कवर दिया जाता है। इस लिए योजना का लाभ अवश्य लें। उन्होंने बैंक के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ग्राहकों को इस योजना की जानकारी अवश्य दे जिससे कि उन्हें इसका लाभ मिल सके इस अवसर पर बैंक अधिकारी व स्टाफ उपस्थित रहे।
Betel cultivation AUNPUR NEWS जौनपुर : पान की खेती के साथ परवल, कुंदरू की खेती से कृषक की आय हुई दोगुनी जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा ने अवगत कराया है कि उद्यान विभाग में राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत रफ्तार पान विकास योजना चल रही है। योजना के तहत पान की खेती करने वाले किसानो का अनुदान प्रदान किया जाता है।
ग्राम कोल्हुआ विकासखण्ड महराजगंज के निवासी रामजनक पुत्र नन्हकू पिछले 02 साल से पान की खेती कर रहे है। उन्होंने बताया कि महीने में 12-15 हजार रूपये तक का पान आसानी से बिक जाता हैं। पान में ही परवल व कुंदरू की सहफसली खेती कर लेते है। 01 बीघा की खेती में रू0 पचास हजार की लागत आती है और 1 से 1.5 लाख का मुनाफा हो जाता है। पान की खेती के लिए बरेजा सबसे ज्यादा जरूरी होता है। बांस की लकडी से बना एक ढांचा तैयार किया जाता है।
कृषक रामजनक ने पान के साथ-साथ सहफसली खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, और खेती किसानी करने में उद्यान विभाग द्वारा सहायता मिल रही है। उन्होंने उद्यान विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय-समय पर विभाग द्वारा तकनीकी मार्ग-दर्शन मिलता रहा है। जिससे पान के खेती करके 1 से 1.5 लाख रू0 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। पराम्परगत खेती की अपेक्षा पान की खेती करके अच्छा मुनाफा प्राप्त हुआ। यह योजना कृषक भाईयो के लिए अत्यन्त लाभाकारी साबित हो रही है। पहले 1000 वर्ग मी0 में अनुदान की सुविधा थी, जो लागत का 50 प्रतिशत यानि 50453 देय है। परन्तु अब छोटे कृषक भाई भी इसका लाभ ले सकते है। 250 वर्ग मी0 से 1000 वर्ग0 मी0 में भी अनुदान की सुविधा उपलब्ध है, अधिक जानकारी हेतु किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में सर्म्पक कर सकतें है।
किसानो को लाभ कृषि स्नातको को रोजगार –
वित्तीय वर्ष 2025-26 में उ0प्र0सरकार द्वारा किसानो एवं कृषि स्नातको की उन्नति के लिये वन स्टाप शॉप योजना के अर्न्तगत प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर खुलने वाले इस केन्द्र पर जहॉ एक छत के नीचे किसानो को मृदा परीक्षण के आधार पर खाद, बीज, दवा मिलेगी वही किराये पर लघु कृषि यंत्र भी मुहैया करायी जायेगी। इस केन्द्र के माध्यम से सरकार किसानों को जहॉं लाभ दिलाना चाहती है वही कृषि स्नातको की तरक्की के विषय में भी सोच रही है। कृषि विभाग द्वारा प्रयोग किये जाने वाले वन स्टॉप शाप में किसानों को मृदा परीक्षण की सुविधा मुहैया कराई जायेगी तथा उर्वरको के प्रयोग की संस्तुति की जायेगी। उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक, जैव उर्वरक, माइक्रोन्युट्रिएन्ट, वर्मी कम्पोस्ट, कीटनाशक रसायन तथा जैव कीटनाशक सहित समस्त कृषि निवेशो की आपूर्ति होगी। लघु कृषि यंत्रो को यहॉं किराये पर भी उपलब्ध कराया जायेगा, प्रसार सेवाओ में, तथा कृषि प्रक्षेत्र निर्देशन का भी कार्य होगा। वन स्टाप शॉप का मालिकाना हक कृषि स्नातको को ही मिलेगा। सरकार ने स्नातको के लिये कई सुविधा देने का भी ऐलान किया है। जनपद में वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 19 वन स्टाप शाप (एग्रीजक्शन) केन्द्रो की स्थापना का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
वन स्टाप शॉप के लिये अर्हता-
वन स्टाप शॉप के लिये आवेदन करने वाले अभ्यर्थियो की अर्हता में अभ्यर्थी जौनपुर जिले का निवासी हो तथा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि स्नातक/कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक/ स्नातक जो कृषि एवं सहबद्व विषयों यथा-उद्यान, पशुपालन, वानिकी, दुग्ध, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन एवं इस तरह की गतिविधियॉं, जो किसी राज्य/केन्द्रीय विश्वविद्यालय या किसी अन्य विश्वविद्यिलय से डिग्रीधारी हो, जो आई0सी0ए0आर0/यू0जी0सी0 द्वारा मान्यता प्राप्त हो, पात्र होगे। इसके अतिरिक्त अनुभव प्राप्त डिप्लोमाधारी/कृषि विषय में इण्टरमीडिएट योग्य प्रार्थी पर भी विचार किया जायेगा, तथा अभ्यर्थी की आयु 40 वर्ष से अधिक न हो। अनुसूचित जाति, जनजाति एवं महिलाओ को आयु में अधिकतम 05 वर्ष की छूट अनुमन्य है, तथा जिनकी जन्म तिथि पहले होगी उनको वरीयता दी जायेगी। योजना की लागत- वन स्टाप शॉप के लिये अभ्यर्थी को रू0 100000.00 मात्र स्वयं खर्च करने होगे तथा रू0 500000.00 मात्र बैंक से ऋण मिलेगा। इस प्रकार कुल योजना की लागत रू0 600000.00 मात्र होगी। अनुदान की व्यवस्था- वन स्टाप शॉप हासिल करने वाले कृषि स्नातको को सरकार की ओर से खाद, बीज एवं कृषि रसायनों की बिक्री का लाइसेन्स की प्रतिपूर्ति अधिकतम रू0 5250.00 दिया जायेगा साथ ही बैंको से प्राप्त होने वाले रू0 500000.00 पर ब्याज पर अनुदान रू0 60000.00 तीन वर्षो के प्रस्तावित कार्य हेतु दिया जायेगा। वन स्टाप शॉप परिसर का किराया पर 50 प्रतिशत प्रतिमाह अधिकतम रू0 1000 प्रतिमाह की दर से 12 महीने का रू0 12000.00 अनुदान देय होगा। कृषि विभाग द्वारा चयनित कृषि स्नातको को व्यवसाय के निमित्त समेती रहमानखेड़ा, लखनऊ/आर0से0टी0 के द्वारा कम से कम 13 दिन का प्रशिक्षण कराया जायेगा। चयन प्रक्रिया- लाभार्थियो का चयन जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय कमेटी के द्वारा किया जायेगा। आवेदन-पत्र कार्यालय उप कृषि निदेशक कृषि भवन, जौनपुर में 25 जून 2025 तक किसी भी कार्य दिवस में जमा किया जा सकता है।
Father-in-law Paltu Nagar and son-in-law Nagmani arrested in triple murder case in jaunpur
JAUNPUR TRIPLE MURDER UPDATE जौनपुर। वाराणसी लखनऊ नेवादा हाइवे अंडरपास निकट पिता और दो पुत्रों समेत तीन लोगों की धारदार हथियार से हत्या मामले में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता थाना जफराबाद अन्तर्गत नेवादा बाईपास के पास स्थित लालजी वेल्डिंग वर्कशाप पर 03 शव की सूचना पर देर शाम पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना जफराबाद पर मु0अ0सं0-122/2025 बनाम पलटू नागर, उसके बेटे व उसके दामाद के विरुद्ध पंजीकृत करते हुए, पलटू नागर व उसके दामाद नागमणि को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार पलटू नागर का बेटा गोलू की गिरफ्तार हेतु पुलिस की टीम लगी है जिस पर 25000-/ रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। मृतक के पुत्र जिलाजीत जो जिला कारागार में बंद था उसे 24 घंटे की पैरोल पर बाहर लाकर उसके माध्यम से विधि सम्मत तरीके से मुखाग्नि दी गई है। मौके पर शांति है पुलिस के मुताविक इस मामले में बीट बुक तथा हत्या रोकथाम रजिस्टर में रंजिश के सम्बन्ध में अंकन न करने के दृष्टिगत बीट पुलिस अधिकारी, हल्का प्रभारी तथा थाना प्रभारी के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही करते हुए विभागीय कार्यवाही अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के अधीन प्रारंभ की गई है।
triple murder case in jaunpur
जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा गांव के पास बने अंडरपास के निकट एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लालजी भैया इंजीनयरिंग वर्क्स इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल्स वर्क शॉप पर बीती रात्रि अज्ञात बदमाशों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर कर के फरार हो गए परिजन रात से ही फोन लगा रहे थे फोन न उठने पर सुबह उनके रिस्तेदार मौके पहुंचे तों उन्होंने देखा कि पिता समेत दोनो पुत्रों की लाश वर्कशॉप के कमरे में पड़ी है जिसका सुचना पुलिस को दी। मौके पर पहुची पुलिस ने तीनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना में मृतकों की पहचान लालजी50 वर्ष, उनके पुत्र गुड्डू 32 वर्ष और राजवीर25 वर्ष के रूप में हुई है। तीनों लालजी भैया इंजीनियरिंग वर्क्स इलेक्ट्रिकल्स की दुकान के अंदर बने एक कमरे में सो रहे थे। रात में अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और तीनों को हथौड़ा और रॉड से मारकर हत्या कर दी।
दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अपने साथ ले बदमाश
हत्या करने के बाद बदमाशों ने दुकान में लगें सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उठ लें गए हमलावर ने खुन करने के बाद सबुत भी उठा लें गए। जिससे पुलिस को कोई सुराग नहीं लग पाएं
पुरानी रंजिश की कहानी
जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया है कि मृतक लालजी पहले पलटू राम के मकान में किराए पर कारखाना चलाते थे। कमरे को खाली कराने को लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। साथ ही गुड्डू पर पलटू राम की बेटी को भगाने का भी मुकदमा दर्ज था। दोनों पक्षों में दो-दो केस पहले से चल रहे थे। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी दुश्मनी में तीनों की हत्या की गई।
एडीजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि लालजी भैया इंजीनयरिंग वर्क्स इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल्स वर्क शॉप की दूकान है यही बगल में कमरा है लालजी अक्सर अपने दुकान का कार्य खत्म कर ताला लगाकर अक्सर घर चले जाते थे ।मगर बीती रात्रि लालजी अपने दो पुत्रों के साथ जब कल घर नही पहुचे तो जानकारी की गई तो पाया गया कि इस कमरे के अंदर उन तीनों के शव पाया गया। हमलावर द्वारा किसी हार्ड वस्तु से तीनों पर हमला कर हत्या कर दी गई।पूरी वारदात पर पुलिस की नजर है। पुलिस की टीम का गठन कर दिया गया है। शीघ्र ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
जफराबाद थाना छेत्र में अपराध अपराधी बेखोफ
जफराबाद थाना क्षेत्र में लगातार अपराध की घटनाएं हों रही है लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। थाने से महज कुछ ही दूरी पर इस तरह की निर्मम हत्या ने यह स्पष्ट कर दिया है। कि जफराबाद थानाध्यक्ष से कानून-व्यवस्था संभल नहीं रही।इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग खुलेआम कह रहे हैं कि पुलिस सिर्फ कागज़ी कार्रवाई में व्यस्त रहती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक जनता के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा।
लुट, किडनैप ,अपहरण चोरी के आंकड़े
केस 1- 18 अप्रैल को बाईपास जफराबाद में हुई पिकअप लूट का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्तारी से दुर हैं।
केस 2-अप्रैल में नाथुपुर जमैथा रेलवे क्रासिंग पर गेट ना खोलने पर बोलरो सवार बदमाशों ने पीटा अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई।
केस 3- 2 मई को कोचिंग जा रहे दो दलित छात्र का अपहरण अपराधि बैखौफ
केस 4- 23 अप्रैल को हौज के 14 वर्षीय किशोरी के अपहरण केस 5- 3 मई को थाना छेत्र के शेखलम्पुर गाँव मे नाबालिग किशोरी के अपहरण केस6-दिसंबर 2024 में जमैथा गांव में स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर से भगवान विष्णु और लक्ष्मी की अष्टधातु की प्रतिमा चोरी का खुलासा आज तक नहीं हुआ
अफसरशाही पर हावी है थानाध्यक्ष
जफराबाद थानाध्यक्ष की कार्य शैली कई सवालों के घेरे हैं स्थानीय लोगों का कहना है अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहें थानाध्यक्ष।इस थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं कई बड़े घटानाए हुई लेकिन उनकी गिरफ्तारी आज तक नहीं हों पाई। ऐसी घटनाएं आएं दिन हों रहीं पुलिस मुकदर्शक बनीं हुईं हैं पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ लापरवाह थानाध्यक्ष पर कई बड़ी घटनाओं का खुलासा ना करने वाले थानाध्यक्ष पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए। लोगों ने अनुसार थानाध्यक्ष की ऊंची पकड़ के नाते इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है अब देखना इतनी बढ़ी घटना के बाद कोई कार्रवाई होती है या फिर अफसर के ऊपर भारी पड़ेगा थानाध्यक्ष l
JAUNPUR NEWS जौनपुर पहुंचे मंत्री एके शर्मा ने देखी प्रदर्शनी
Minister AK Sharma inaugurated the exhibition at Veer Bahadur Singh Purvanchal University ,jaunpur news
JAUNPUR NEWS IN HINDI जौनपुर पहुंचे मंत्री एके शर्मा ने देखी प्रदर्शनी वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय,के महंत अवैद्यनाथ सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं का लोकार्पण एवं शुभारंभ कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया लोक भवन लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा समर कैंप आयोजन, आईसीटी लैब की स्थापना, स्मार्ट क्लास स्थापना एवं टैबलेट वितरण योजना जैसी कई नवीन योजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसका सजीव प्रसारण मुख्य अतिथि मंत्री नगर विकास, शहरी उन्मूलन, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा प्रदेश सरकार अरविंद कुमार शर्मा, विधायक बदलापुर रमेश चन्द्र मिश्र, मड़ियाहूं डा0 आर. के.पटेल, शाहगंज रमेश सिंह, सदस्य विधान परिषद बृजेश सिंह प्रिन्सू, पूर्व गृहराज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह, अध्यक्ष नगरपालिका परिषद मनोरमा मौर्य, जिलाध्यक्ष बीजेपी पुष्पराज सिंह और डा0 अजय सिंह, जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र और मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया सहित अन्य की उपस्थिति में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण समस्त शिक्षकों, शिक्षा विभाग केअधिकारियों, कर्मचारियों,ग्राम प्रधानों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा देखा गया।
इस दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग के अर्न्तगत हो रहे कार्यों, बच्चों के पठन-पाठन के दिशा में मा0 प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में किये गये पहल, बदलाव, नवाचार से संबंधित प्रदर्शनी, अभिभावकों को प्रेरित करना और भविष्य में इसी प्रेरणा के साथ बच्चे आगे बढे और विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन हो, यही इस कार्यक्रम का उददेश्य है।
उन्होंने कहा कि पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होल्कर जी की 300वीं जयंती मनायी जा रही है, इस उपलक्ष्य में शासन और जिला प्रशासन के द्वारा गोष्ठियां आयोजित की जा रही है, जिसमें अहिल्याबाई होल्कर जी के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायी संस्मरण को याद किया जा रहा है, जो हमारे समाज, हमारे लोकमानस के लिए प्रेरणास्रोत है। जिससे हम अपने देश को समर्थ, समृद्ध और सम्पन्न बना सकते है। प्रदेश सरकार के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री जी के कर कमलों के द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया गया तथा जिसका सजीव प्रसारण आज हम सभी ने देखा। इसी क्रम में अन्य जनप्रतिनिधिगण ने भी शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचार पर अपने विचार रखे।
शासन के निर्देश के क्रम में जनपद जौनपुर में मंत्री द्वारा डीएलएड प्रशिक्षकों द्वारा कराए गए मूल्यांकन में खंड शिक्षा अधिकारियों की सराहनीय भूमिका को स्वीकार करते हुए 06 खण्ड शिक्षा अधिकारियों (खंड शिक्षा अधिकारी जलालपुर राजेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी सिरकोनी अमरेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी बदलापुर अरविंद कुमार पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी शाहगंज बसंत कुमार शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी केराकत अखिलेश कुमार झा एवं खंड शिक्षा अधिकारी धर्मापुर राजेश कुमार वैश्य) को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, साथ ही 05 पीएम विद्यालयों (पीएम श्री विथार, नाथूपुर, सबरहद, इब्राहिमाबाद एवं कुरनी) में उत्कृष्ट कार्य कर रहे प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया तथा 05 प्रधानाध्यापकों (प्राथमिक विद्यालय हैदरगंज, कंपोजिट विद्यालय मियापुर, कंपोजिट विद्यालय रास मंडल, प्राथमिक विद्यालय मतापुर एवं लाइन बाजार सभी नगर क्षेत्र) को टेबलेट भी वितरित किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डा0 दिनेश चन्द्र ने मंत्री को आश्वस्त किया कि जनपद जौनपुर बेसिक शिक्षा विभाग की सभी योजनाओं में सदैव अग्रणी रहा है और भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने हेतु कटिबद्ध रहेगा। इस भव्य आयोजन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा0 गोरखनाथ पटेल, जिला स्तरीय अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षकगण तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। TAFTISH OF CRIME JAUNPUR NEWS
JAUNPUR MURDER: 3 people including father and son killed in Jaunpur
JAUNPUR MURDER: 3 people including father and son killed in Jaunpur
JAUNPUR CRIME NEWS जौनपुर। वाराणसी लखनऊ नेवादा हाइवे अंडरपास निकट पिता और दो पुत्रों समेत तीन लोगों की धारदार हथियार से हत्या हो गई।
यूपी के जौनपुर में जफराबाद थाना क्षेत्र के नेवादा गांव के पास बने अंडरपास के निकट एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लालजी भैया इंजीनयरिंग वर्क्स इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल्स वर्क शॉप पर बीती रात्रि अज्ञात बदमाशों ने एक ही परिवार के तीन लोगों की धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर कर के फरार हो गए सोमवार को जब गांव के कुछ लीग दुकान पर पहुचे तो उनके होश उड़ गये । ग्रामीणों ने आननफानन में इसकी सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुची पुलिस ने तीनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना में मृतकों की पहचान लालजी, उनके पुत्र गुड्डू और राजवीर के रूप में हुई है। तीनों लालजी भैया इंजीनियरिंग वर्क्स इलेक्ट्रिकल्स की दुकान के अंदर बने एक कमरे में सो रहे थे। रात में अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और तीनों को हथौड़ा और रॉड से मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सुराग न लगे इस लिए दुकान में लगे CCTV कैमरे का DVR अपने साथ ले कर चले गए।
मौके पर पहुचे ADG piyush mordia ने बताया कि लालजी भैया इंजीनयरिंग वर्क्स इलेक्ट्रीकल एवं मैकेनिकल्स वर्क शॉप की दूकान है यही बगल में कमरा है लालजी अक्सर अपने दुकान का कार्य खत्म कर ताला लगाकर अक्सर घर चले जाते थे मगर बीती रात्रि लालजी अपने दो पुत्रों के साथ जब कल घर नही पहुचे तो जानकारी की गई तो पाया गया कि इस कमरे के अंदर उन तीनों के शव पड़े हुए है। पाया गया कि कोई ब्यक्ति किसी हार्ड वस्तु से तीनों पर हमला कर चोट पहुचा कर हत्या कर के चले गए जल्द ही पुलिस इसका अनावरण करेगी।
Dictatorship takes a toll on the ration dealer jaunpur news
JAUNPUR NEWS खुटहन जौनपुर : रूस्तमपुर के कोटेदार देवतादीन यादव पिछले कई वर्षों से गांव के डिहिया-फतेहगढ़ मार्ग स्थिति तीन कमरों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाते हैं। बीते शुक्रवार की रात हौसला बुलंद चोरों ने उनकी दुकान का ताला तोड़कर 49 पैकेट गेंहू व 18 पैकेट चावल समेत लगभग 33 कुंतल खाद्यान्न पार कर दिया। शनिवार की सुबह जानकारी होने पर देवतादीन यादव ने 112 नंबर पर फ़ोन करके पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचीं पुलिस खानापूर्ति करके लौट गई।
वहीं सूचना पर पहुंचे शाहगंज के पूर्ति निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह ने कोटेदार देवतादीन यादव पर रौब जमाते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करा दी। क्षेत्र में अफसरशाही की यह तानशाही चर्चा का विषय बन गई है। क्षेत्रीय लोगों की मानें तो चोरी हुए खाद्यान्न का पता लगाने की जगह पूर्ति निरीक्षक और पुलिस की मिलीभगत से पीड़ित कोटेदार पर एफआईआर दर्ज करके अप्रत्यक्ष तौर पर चोरों को हौसला देने का काम किया है।
एक तरफ जहां योगी सरकार अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही हैं, वहीं उनके अधिकारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। दबी जुबान लोग कह रहे हैं कि पुलिस को जहां घटना का पर्दाफांस कर अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी, वहां पुलिस ने पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज़ करके संवेदनहीनता दिखाई है। इससे चोरों के हौसले तो बढ़ेंगे ही, आम लोग चोरी की घटना की शिकायत करने से भी डरेंगे। वहीं पुलिस की हीलाहवाली और पूर्ति निरीक्षक के अड़ियल रवैए से ग्रामीणों और कोटेदारों में खासी नाराजगी है l
जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए जिलाधिकारी ने लिया ढैचा की खेती का सहारा
JAUNPUR NEWS जौनपुर :जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र द्वारा ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि हमारे देश में फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिये यूरिया का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है, क्योंकि इससे फसलों में नाइट्रोजन की आपूर्ति होती है, जो पौधों के विकास के लिये बेहद जरूरी है, किंतु यह रासायनिक खाद, यूरिया, फास्फोरस, पोटाश या पेस्टीसाइड्स आदि जैव उर्वरक व कीटनाशक नहीं है, जिसके कारण प्राकृतिक और जैविक खेती का मकसद पूरा नहीं हो पाता है। यही वजह है कि इसके दुरगामी समाधान के लिए अब किसानों के बीच ढैचा की खेती पर जोर दिया जा रहा है।
यह जिलाधिकारी द्वारा कृषक हित की दृष्टि से अनुकरणीय प्रयास है और इसी दिशा में किसानों के बीच जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए एक माह पूर्व किसान खरीफ फसल गोष्ठी के माध्यम से जनपद जौनपुर में जो ढैंचा की बुवाई को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, कोशिश है कि देशी खेती को बढ़ावा देने के लिए ढैंचा की खेती की दिशा में क्रांतिकारी कदम हो सकता है।
नैसर्गिक खाद उत्पादन की यह विधि सस्ती, सर्वसुलभ, पर्यावरण अनुकूल और विभिन्न मायनों में लाभदायक है। इसलिए उन्होंने समस्त किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि इस नेक व जनहितकारी प्रयास का अनुकरण करें और किसानों की आय दुगुनी करने के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों को मजबूत करे। उन्होंने बताया कि कि ढैंचा की खेती सामान्य तरीके से ही करते हैं। इसकी बुवाई के मात्र डेढ़ महीने के अंदर ढैंचा के पौधों की लंबाई 3 फीट हो जाती है और इसकी गांठों में नाइट्रोजन का भंडार भर जाता है। लिहाजा इसी समय ढैंचा की कटाई करके खेतों में फैला देते है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खाद उत्पादन विधि में ढैंचा की बुवाई और 45 दिन में उसे पलट देने यानी खेत की मिट्टी में उसे जोतकर मिला देना एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे गांवों में कम खर्च करके अच्छी फसल ली जा सकती है, क्योंकि यह विधि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए आदिकाल से उपयोग की जा रही है, यह मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश की मात्रा को बढ़ाता है।
ढैंचा की जड़ में नाइट्रोजन होता है, इसकी पत्तियों के रस में खरपतवार व कीटनाशक गुण होते हैं। इसलिए यह बहुउपयोगी पैदावार है। यह पौधा कार्बनडाईऑक्साइड को भी अवशोषित करता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है। मिट्टी की जैविक संरचना में सुधार होता है। इस ढैंचा को आमतौर पर बारिश के मौसम में बोया जाता है और फिर मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है। इसके इस्तेमाल के बाद यूरिया की एक तिहाई जरूरत कम होगी और खरपतवार की संभावना भी कम हो जाती है।
इस प्रकार ढैंचा की उपज से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है। ढैंचा नाइट्रोजन स्थिरीकरण के माध्यम से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा को बढ़ाता है। इसलिए इससे विभिन्न फसलों को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और यूरिया, पोटाश, डीएपी आदि विदेशी खादों और कीटनाशक आदि की जरूरत कम पड़ती है। इसलिए इसको बढ़ावा देने से जहां एक ओर रासायनिक खेती हतोत्साहित होती है, वहीं जैविक खेती को बढ़ावा मिलता है। इससे बहुमूल्य भारतीय मुद्रा की भी बचत होती है।
ढैंचा का उपयोग हरी खाद के रूप में किया जा सकता है, जिससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है, जो मिट्टी की संरचना को बेहतर बनाने और जल धारण क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। यही नहीं, ढैंचा गहरी मिट्टी की परतों से पोषक तत्वों को ऊपरी मिट्टी तक पुनर्चक्रित करने में मदद करता है, जिससे वे बाद की फसलों के लिए उपलब्ध हो जाते हैं।
कुछ लोग ढैंचा को पशुओं के लिए चारा के रूप में भी उपयोग किया करते हैं, जिससे खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा मिलता है। इसप्रकार यह एक ऐसी उपयोगी फसल है जो एक साथ हरित क्रांति के साथ साथ श्वेत क्रांति को भी बढ़ावा मिलती है। इसलिए सरकार भी जरूरतमंद किसानों को बीज व अन्य सहयोग प्रदान करती है। बताया जाता है कि ढैंचा का उपयोग फसल चक्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करता है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करता है।
वर्तमान दौर में रासायनिक खादों के बढ़ते उपयोग और उससे मिल रहे गुणवत्ताहीन व पोषक तत्व विहीन कथित तौर पर जहरीले खाद्य पदार्थों को नियंत्रित करने के लिए ही सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है ताकि प्राकृतिक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बची रहे और बच्चों व समाज को एक अच्छा खाद्यान्न मिल सके। इससे मानवीय स्वास्थ्य अप्रभावित रहेगा, अन्यथा सरकारी मेडिकल खर्चों में भारी इजाफा करना पड़ेगा।
किसान खाद्यान्न या बागवानी फसलों के साथ-साथ ढैंचा की सह-फसली खेती भी कर सकते हैं। क्योंकि इसे फसलों में बीच में लगाया जाता है, जिससे खरपतवारों की समस्या नहीं रहती है। चूँकि ढैंचा लगाने पर खेतों में झाडीदार उत्पादन मिलने लगता है, जिसके चलते धूप सीधा जमीन पर नहीं पड़ती। इतना ही नहीं, सह-फसली खेती करने पर ढैंचा की गाठों से फसलों को भी नाइट्रोजन की आपूर्ति होती रहती है। इस प्रकार से यह ढैंचा ही है, जो फसल में नाइट्रोजन के साथ-साथ फास्फोरस और पोटाश आदि सबकी कमी को एक साथ पूरा करता है। इसलिए
ढैंचा की खेती रबी या खरीफ सीजन से पहले की जाती है, ताकि नकदी फसलों को कम लागत में बेहतरीन पोषक तत्व मिल सके। वहीं इसकी फसल में फूल निकलने के बाद कटाई का काम किया जाता है, क्योंकि इस समय तक ढैंचा की जड़ें काफी नाइट्रोजन सोख लेती हैं। वहीं, फसल की कटाई के बाद हरी खाद बनने के लिये पूरे खेत पर फैला दिया जाता है और हल्की सिंचाई भी की जाती है। इस तरह से पानी पड़ने पर जड़ों का नाइट्रोजन मिट्टी में पहुंच जाता है और फसलों को पोषक तत्व प्रदान करता है।
कृषि विशेषज्ञों की मानें तो ढैंचा की खेती करने के बाद इसे हरी खाद के रूप में इस्तेमाल करने पर यूरिया की एक तिहाई जरूरत कम हो जाती है, जिससे पैसा और संसाधनों की बचत होती है। वहीं, ढैंचा की हरी खाद बनाने पर खेतों में खरपतवार की संभावना नहीं रहती, जिससे निकाई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण की बड़ी लागत कम हो जाती है। चूंकि ढैंचा की पत्तियों में नाइट्रोजन का रस काफी मात्रा में होता है, जिसके कारण कीट-पतंगों का असर सीधा फसल पर नहीं पड़ता और फसलें सुरक्षित रहती हैं। इससे फसलों में नाइट्रोजन के साथ-साथ फास्फोरस और पोटाश की भी आपूर्ति होती है, जिससे पोषक तत्वों पर अलग से होने वाला खर्चा बच जाता है। इससे फसलों के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी कायम रहती है और ढैंचा की खेती से भूजल स्तर भी कायम रहता है, जिससे अधिक सिंचाई की जरूरत भी नहीं पडती है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक हेक्टेयर में सिर्फ ढैंचा की खेती करने से 3 महीने में 10 क्विंटल ढैंचा उत्पादित किया जा सकता है और हजारों की जलावन की लकड़ी भी प्राप्त होती है। इसलिए इस दिशा में जारी सरकारी प्रयास आमलोगों के लिए स्तुत्य होनी चाहिए और जय किसान, जय जवान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान पर आधारित सरकारी प्रयास को अपनाने में कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए। चूंकि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया गया कदम, प्रादेशिक व राष्ट्रीय बदलाव का वाहक बनेगा। उन्होंने कहा कि हमें भी शासन के इस अभिनव प्रयास के साथ कदम मिलते हुए अपनी कृषि को जैविक आधारित बनाना चाहिए।
JAUNUR NEWS IN HNDI जौनपुर : विकासखंड मड़ियाहूं के ग्राम पंचायत पाली में लगभग 10 बीघे में बनाए गए अमृत वाटिका का औचक निरीक्षण किया गया।इस दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि लगभग 2000 से ज्यादा पौधे अमृत वाटिका में लगाए गए हैं इसमें लगभग 30 प्रजाति के फलदार पौधे लगाए गए है। ग्राम प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि यह पौधे पिछले साल जुलाई में लगाए गए थे।इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यहां पर जो पौधे लगाए गए थे उसमें लगभग 90 प्रतिशत पौधे से अधिक पौधे जीवित हैं और इस वर्ष भी खाली जगहों पर पौधारोपण किया जाए।
इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत में बनाए गए पार्क एवं ग्राम सचिवालय का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित को निर्देशित किया कि ग्राम सचिवालय में रोस्टर वाइस नियमित बैठना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान मौके पर खंड विकास अधिकारी राकेश मिश्रा, सचिव बृजराज सरोज, मनरेगा के टी ऐ जेई अजय सिंह, इंजीनियर सुरेंद्र यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।
Khetasarai police arrested 10 people for trying to maintain peace,jaunpur crime News
खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय थाना क्षेत्र में पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु बड़ी कार्रवाई करते हुए शांति भंग की आशंका में कुल 10 लोगों को पाबन्द कर दिया।
खेतासराय प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय ने बताया कि रविवार को थाना क्षेत्र के ग्राम गयासपुर नोनारी व कस्बा खेतासराय से रोशन लाल, रवि कुमार, खुशबू, साधना, रामसेवक, करमचंद, रेनू, शबनम बानो, महताब आलम एवं गजाला को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। थाने लाकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय के साथ उपनिरीक्षक विनोद कुमार तिवारी, मो. तारिक अंसारी तथा मुख्य आरक्षी नफीस अहमद, आरक्षी अंकुश सिंह, महिला आरक्षी बिंदू एवं शुभम त्यागी शामिल रहे।