यूनियन ने संगोष्ठी कर याद किया ‘उदन्त मार्तण्ड’ का सफर
जौनपुर। देश में हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास और समसामयिक चुनौतियों पर प्रकाश डालने के उद्देश्य से यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के तत्वाधान में जिला कैंप कार्यालय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के इस विशेष अवसर पर उपस्थित पत्रकारों और बुद्धिजीवियों ने देश के पहले हिन्दी पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ के प्रकाशन के ऐतिहासिक 200 वर्ष पूरे होने पर विस्तृत चर्चा की।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र ने कहा कि आज का दिन हर हिन्दी पत्रकार के लिए आत्ममंथन का दिन है। पंडित युगल किशोर शुक्ल ने जिस निष्पक्षता और जीवटता के साथ ‘उदन्त मार्तण्ड’ की नींव रखी थी, आज के डिजिटल युग में भी उस पत्रकारीय मूल्य और विश्वसनीयता को बचाए रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर संगठन के उपाध्यक्ष व संपादक आदर्श कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी पत्रकारिता ने स्वतंत्रता आन्दोलन से लेकर आज तक समाज को दिशा देने का काम किया है। 200 वर्षों का यह सफर इस बात का गवाह है कि हिन्दी जन-जन की भाषा है और इसकी पत्रकारिता सीधे आम आदमी के अधिकारों की लड़ाई लड़ती है।
इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार व यूनियन के कोषाध्यक्ष यशवन्त कुमार गुप्त ने भी अपने वक्तव्य में बदलते दौर में पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक भले बदल गई हो, लेकिन पत्रकारिता का मूल सिद्धांत ‘सत्य और जनसरोकार’ आज भी वही है। संगोष्ठी में लाल बहादुर यादव, सीएम पाण्डेय, जुबेर अहमद और ऋतिक अरोरा ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि युवा पत्रकारों को हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए और खबरों की सत्यता जांचने के बाद ही उसे समाज के सामने लाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पत्रकारों मे प्रेम प्रकाश मिश्र,दीपक चिटकारिया,प्रमोद कुमार पाण्डेय, रमाशंकर पाठक,ओमप्रकाश यादव,मोहर्रम अली,राजेश कुमार गुप्त,मनीष कुमार गुप्त,सचिन श्रीवास्तव, दयालु अस्थाना,नरेन्द्र कुमार गिरी,देवेश कुमार मिश्र,गंगा प्रसाद चौबे,अमरेश कुमार पाण्डेय,विजय प्रताप सिंह, चन्द्र मणि पाण्डेय सहित अनेक पत्रकार शामिल होकर पत्रकारिता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन महामन्त्री सन्तोष सोन्थालिया ने किया।




