शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की दूसरी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पत्रकारों की आंखे हुई नम
जौनपुर। जौनपुर के कलेक्ट्रेट स्थित पत्रकार भवन में बुधवार को शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की दूसरी पुण्यतिथि पर बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया एसोसिएशन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन के सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर जुटे पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार के हत्यारों को सजा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा ।जिले भर से जुटे पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने शहीद पत्रकार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह “क्षेम” और ग्रामीण पत्रकार एसोसियेशन के जिला अध्यक्ष संजय अस्थाना ने ने दो वर्ष बीत जाने के बावजूद हत्यारों के खिलाफ शासन और प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया । साथ ही न्याय की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लेने की बात कही।
संपादक मंडल के संरक्षक राम जी जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह व अब्दुल हक अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह कितना बड़ा दुर्भाग्य है कि सभी को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़नें वाला पत्रकार आज खुद न्याय पाने के लिए संघर्ष की लाइन में खड़ा है।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला था। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं रहेगा तो समाज की आवाज भी दब जाएगी। शहीद पत्रकार आशुतोष के बड़े भाई संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की विवेचना में शुरू से ही लापरवाही बरती गई, जिसके चलते पीड़ित परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है।
सभा में उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे। उन्होंने क्षेत्र की जनसमस्याओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उनकी हत्या ने पूरे पत्रकार समाज को झकझोर कर रख दिया था।
ज्ञात हो कि शाहगंज थाना क्षेत्र के इमरानगंज बाजार में 13 मई 2024 को दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने सबरहद गांव निवासी पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले में आशुतोष के भाई संतोष श्रीवास्तव ने नासिर जमाल, कामरान उर्फ अर्फी, मोहम्मद हाशिम और जमीरुद्दीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।
श्रद्धांजलि सभा में तेलंगाना से आए पत्रकार अजय कुमार शुक्ला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि पत्रकार के परिवार को न्याय दिलाने के लिए जो भी संघर्ष करना पड़े किया जाएगा। शहीद पत्रकार के बड़े भाई संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस विवेचना के दौरान मुख्य अभियुक्त नासिर जमाल का नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया, जिस पर पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वादी मुकदमा संतोष श्रीवास्तव ने मामले की पुनः विवेचना कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपितों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी, तब तक परिवार को न्याय नहीं मिल सकेगा।
सभा के अंत में पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार संगठन आंदोलन करने को बाध्य होंगे। सभी ने आशुतोष श्रीवास्तव को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राजेश श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, रामजी जायसवाल, संजय अस्थाना, शशिराज सिन्हा, अजय शुक्ला, अजीत सिंह, जावेद अहमद, अब्दुल हक अंसारी, आदित्य भारद्वाज, दीपक श्रीवास्तव, राजन मिश्रा, नितिश कुमार “राहुल”, दीपक मिश्रा, दीपक सिंह उर्फ रिंकू, अजीत बादल चक्रवर्ती।
नीरज सिंह, अखिलेश श्रीवास्तव, प्रोफेसर आसाराम यादव, वीरेंद्र पाण्डेय, विनोद विश्वकर्मा, रोहित चौबे, आबिश इमाम, तबरेज नियाजी, अनवर हुसैन, सुनील सिंह, शिवेंद्र सिंह ‘काजू’, संजय चौरसिया, भोले विश्वकर्मा सहित आशुतोष श्रीवास्तव के बड़े भाई संतोष श्रीवास्तव, परितोष श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, भतीजे अमित श्रीवास्तव, अंकित , अर्पित श्रीवास्तव, और राम मिलन मौर्या समेत बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोगों ने शहीद पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। अंत में इलेक्ट्रॉनिक एंड डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के महामंत्री दीपक मिश्रा ने श्रद्धांजलि दी और आभार व्यक्त किया। संचालन वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह ने किया।




