अघोषित बिजली कटौती व उमस भरी गर्मी में गाँव से शहर तक लोग बेहाल, रातभर रतजगा करने को बाध्य
खेतासराय (जौनपुर): भीषण गर्मी और उमस के बीच खेतासराय कस्बा सहित आसपास के गांवों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि कागजों पर 22 घंटे विद्युत आपूर्ति के दावे किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर लोगों को दो घंटे भी लगातार बिजली नहीं मिल पा रही है। लगातार हो रही घंटों की कटौती से आमजन में त्राहिमाम मचा हुआ है। दिन में तेज धूप के बीच हीटवेब से बचने के लिए मौसम विभाग अडवाइजरी जारी कर रहा है घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। लेकिन बिजली नही दी जा रही है।
और रात में उमस भरी गर्मी के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली न रहने से पंखे, कूलर और इन्वर्टर जवाब दे रहे हैं। बूढ़े, बच्चे और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं। रातभर लोग घरों से निकलकर सड़कों, गलियों और चौराहों पर समय बिताने को मजबूर हैं।कस्बा निवासी रिशु श्रीवास्तव का कहना है कि पूर्व सांसद कृष्ण प्रताप सिंह के प्रयास से खेतासराय कस्बे के लिए पूर्वांचल से बिजली सप्लाई हुई थी अलग से फीडर की व्यवस्था कराई गई थी, जिससे लगभग 22 घंटे बिजली आपूर्ति नगर को मिल सके।
कस्बे को अतिरिक्त बिजली भी मिल रही थी। लेकिन वर्तमान में व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों कटौती की जा रही है। कई बार पूरी रात और दिनभर बिजली गायब रहती है। ट्रिपिंग और लो ओलटेज की समस्या बनी रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब है। अंधेरे और गर्मी के बीच लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के बादशाही फीडर, सबरहद फीडर, अहीरों परशुरामपुर फीडर, सोंगर फीडर, देवकली फीडर, भादी फीडर पर आपूर्ति नाम मात्र के बराबर है। सबरहद फीडर पर लगातार बिजली ट्रिप और अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान है।
व्यापारियों का कहना है कि बिजली संकट का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। डी-फ्रीजर और कूलिंग सिस्टम बंद रहने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्दोग व्यापार ठप्प पड़ा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र रातभर गर्मी और मच्छरों के बीच पढ़ने को विवश हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।



