रानीमऊ के पास पुलिस-बदमाशों की मुठभेड़
लाइन बाजार एसएचओ केके सिंह जख्मी, दूसरा मुजरिम फरार
खेतासराय(जौनपुर): खेतासराय के रानीमऊ सोमवार की भोर गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई जबरदस्त मुठभेड़ में चर्चित दुल्हा हत्याकांड का मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये का इनामी बदमाश रवि यादव आखिरकार पुलिस की गोली का निशाना बन गया। इस मुठभेड़ में लाइन बाजार थाना प्रभारी केके सिंह भी बदमाशों की गोली लगने से जख्मी हो गए, जिन्हें फौरन जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। पुलिस के मुताबिक तड़के गोरारी मोड़ के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी। तभी बाइक पर सवार दो युवकों को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस को देखते ही दोनों बदमाश बौखला गए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान गोली लगने से रवि यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले गई, मगर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हालांकि उसका दूसरा साथी अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
गौरतलब है कि एक मई की रात खेतासराय क्षेत्र में उस वक्त मातम पसर गया था, जब बारात लेकर निकले दूल्हे आजाद बिन्द की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शादी की खुशियां चंद लम्हों में चीख-पुकार और मातम में बदल गई थीं। दूल्हे के सेहरे पर खून के छींटे देखकर हर आंख नम हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। वारदात के बाद पुलिस पर भारी दबाव था। मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिनमें रवि यादव मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा था। पुलिस लंबे वक्त से उसकी तलाश में जुटी थी। उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
मुठभेड़ के बाद पुलिस अफसरों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। फिलहाल घायल एसएचओ केके सिंह की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, पूरे जिले में इस एनकाउंटर की चर्चा तेज है। कोई इसे इंसाफ बता रहा है तो कोई इसे अपराध के खात्मे की जरूरी कार्रवाई मान रहा है। मगर इतना तय है कि जिस दुल्हा हत्याकांड ने खुशियों को मातम में बदला था, उसका एक बड़ा किरदार अब हमेशा के लिए खामोश हो चुका है।




