जौनपुर के कारोबारी अजय विश्वकर्मा द्वारा रामलला को अर्पित सवा किलो चांदी का हार और 300 ग्राम चांदी की चरण पादुका की रसीद आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि यह दावा सही है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
हमारे पूर्वांचल में ऐसे स्थान हैं जहां बिना ताले, बिना चौकीदार के वर्षों से श्रद्धा का सामान सुरक्षित रहता है, क्योंकि आस्था का सम्मान किया जाता है। लेकिन यदि राम मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आस्था के नाम पर आने वाला हर दान जनता की अमानत है। जो भी दोषी हो, उसे कानून के अनुसार जवाबदेह बनाया जाए। श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अक्षम्य है।
— डॉ. अनुराग मिश्र
पूर्वांचल प्रांत प्रभारी, आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश


