स्ववित्रपोषित प्रबंधक महासंघ ने परीक्षा नियंत्रक को दिया ज्ञापन
पाच सौ का विलंब शुल्क लगने पर किया कड़ा विरोध
जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्ववित्तपोषित प्रबंधक महासंघ ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन देते हुए कहा कि बीएड का परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाने के साथ-साथ विलंब शुल्क हटा दिया जाए अन्यथा इसके विरोध में आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद परीक्षा नियंत्रक ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।
बता दें कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ दिनेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में प्रबंधकों का समूह परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह से मिला और उन्हें ज्ञापन देते हुए बीएड सत्र 24 -25 का परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाने की मांग की है । इसके साथ उसमें जो पाच सौ विलंब शुल्क लिया जा रहा है। उसे तत्काल हटाने के मांग की ।अगर विलम्ब शुल्क लिया जायेगा तो उस पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस बारे में परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौपा। डॉ दिनेश कुमार तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय विलंब शुल्क के नाम पर मनमाना कर रहा है और आए दिन थोड़े दिन ही फॉर्म ऑनलाइन खोलने के बाद उस पर विलंब शुल्क लगाकर कॉलेज और छात्रों से मनमानी वसुली की जाती है। जो बहुत ही गलत है इसके विरोध में प्रबंधकों के साथ छात्र भी आवाज मुखर करने को तैयार है। परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस पर विचार विमर्श करके निर्णय लिया जाएगा। डा दिनेश कुमार तिवारी ने कहा नहीं हटाया गया तो प्रबंधक महासंघ की बैठक इसका कड़ा विरोध किया जाएगा , जरूरत पड़ी तो परीक्षा का बहिष्कार किया जाएगा ।जिसकी सभी जिम्मेदारी पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी ।इस अवसर पर अशोक दुबे, संजय यादव ,प्रबुध्दनाथ सिंह ज, एसके मौर्य समेत अन्य प्रबंधक मौजूद रहे।
इडुनिक शोध एवं मनोवैज्ञानिक परीक्षण केन्द्र का हुआ उद्घाटन
शोध छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा शोध केन्द्र- प्रो. राकेश कुमार यादव
जौनपुर। इडुनिक पब्लिकेशन द्वारा इडुनिक शोध एवं मनोवैज्ञानिक परीक्षण केन्द्र की नईगंज मे स्थापना की गई है। शोध केन्द्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. राकेश कुमार यादव के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि ने कहा कि जिस प्रकार ज्ञान का संचय धर्म शास्त्रों, शिलालेखों, पुस्तकों, समाचार पत्र, पत्र पत्रिकाओं, पुस्तकालय एवं संग्रहालय में है उसी प्रकार ज्ञान का विकास शोध, खोज और सूक्ष्म चिंतन से होता रहता है। शिक्षा के विभिन्न संकायों विज्ञान, कला, वाणिज्य, कृषि, साहित्य, अभियांत्रिकी आदि में निरंतर नए ज्ञान का आविष्कार होता रहता है तथा पुराने ज्ञान को परिमार्जित किया जाता रहता है। प्रो. यादव ने आगे कहा कि यह रिसर्च सेंटर शोध छात्र-छात्राओं तथा चौदह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
शोध छात्र छात्राओं के लिए पुरातन साहित्य उपलब्ध कराना तथा बच्चों की अभिवृद्धि एवं विकास का अध्ययन करने के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षण का प्रयोग करना समय की मांग है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बिहार राज्य सरकार में शिक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा उपभोग के रूप में दी जानी चाहिए निवेश मानकर नहीं। ऐसा करने से आने वाली पीढ़ी को भविष्य बेहतर होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त पदाधिकारी उत्तर प्रदेश विद्युत कार्पोरेशन के सभाजीत यादव ने किया और कहा कि माता-पिता तथा अभिभावकों को अपने बच्चों को समझने बूझने की आवश्यकता है। बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक, सामाजिक विकास में उसकी रुचि का ध्यान रखना चाहिए। इस अवसर पर एआरपी संतोष मिश्रा, ब्रह्मजीत सिंह, रणजीत सिंह ने अपने विचार व्यक्त किया। इससे पूर्व उद्घाटन भाषण इडुनिक रिसर्च सेंटर के संस्थापक डॉ. अरविन्द कुमार यादव दिया। धन्यवाद ज्ञापन राजकुमार यादव ने किया। इस अवसर संदीप गुप्ता, बादल यादव, रंजीत चौहान, भारतेन्दु यादव, लक्ष्य यादव, प्रिंस यादव, अंकुश, विवेक, देवाशीष, हर्षित, अमित आदि उपस्थित रहे।
अवैध असलहा और शांति भंग के आरोप में खेतासराय पुलिस ने किया चार को गिरफ्तार
खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय थाना पुलिस ने जहां अवैध हथियार के साथ एक आरोपित को गिरफ्तार किया है वहीं शांति भंग करने के आरोप में तीन अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। थाना प्रभारी रामाश्रय राय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वार्ड नंबर 10 कोहरौटी निवासी फैय्याज पुत्र धनी को सोमवार को लेदरही नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर चालान न्यायालय भेज दिया है।
उक्त अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी है, जिसमें पूर्व में भी मुक़दमा पंजीकृत है. वहीं झांसेपुर ग्राम में शांति भंग की आशंका पर तीन व्यक्तियों—कामता प्रसाद (38 वर्ष), राकेश कुमार (35 वर्ष), तथा लालमन बिन्द (42 वर्ष) को शांति भंग में दबोच लिया। दोनों अभियानों में प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक मो. तारिक अंसारी, शैलेन्द्र कुमार राय, कांस्टेबल अम्बिका यादव, शुभम त्यागी, अनिल कुमार यादव व विनोद कुमार प्रजापति पुलिस टीम में शामिल रहे।
संपर्क और वैचारिक माध्यम से ही कार्यकर्ताओं का निर्माण किया जा सकता है: रमाशंकर जी
जौनपुर। गंगा समग्र, काशी प्रांत की प्रांतीय बैठक अशोका वर्ल्ड स्कूल जमालपुर, जौनपुर में आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर गंगा समग्र के राष्ट्रीय मंत्री और वरिष्ठ प्रचारक रमाशंकर जी रहे। वहीं क्षेत्रीय संगठन मंत्री संजय जी और प्रांत संयोजक राकेश मिश्रा उपस्थित रहे। बैठक कुल तीन सत्रों में संपन्न हुआ, जिसमे उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्जवलन के उपरान्त बैठक को संबोधित करते हुए गंगा समग्र के राष्ट्रीय मंत्री रामाशंकर जी कहा कि संपर्क और वैचारिक माध्यम से ही कार्यकर्ताओं का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ के दौरान गंगा समग्र के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न परिस्थितियों में सराहनीय कार्य किया। श्रीमान रमाशंकर जी ने कहा कि हमारे सामने गंगा की निर्मलता बहुत बड़ा प्रमाण है, यह है की प्रदूषण मुक्त गंगा का जल लंबे समय तक लोगों के लिए निश्चित मन से उपयोगी बना रहता है। चाहे वह प्रवाहित जल हो या घर में रखा हुआ हो। उन्होंने कहा कि गंगा की निर्मलता की तरह ही देश की अन्य प्रमुख नदियों की निर्मलता और जल संस्थाओं के स्वच्छता का प्रयास हो रहा है। कहा कि गंगा समग्र राष्ट्रीय स्तर पर छोटी बड़ी नदियों तालाबों कुओं आदि के पुनर्जीवन के लिए काम कर रहा है। बैठक के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ प्रचारक श्रीमान संजय जी ने काशी प्रान्त से आये सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा की काशी प्रान्त अपने सभी जिले अपने क्षेत्र में प्रवाहित नदियों की अविरलता और निर्मलता बनाये रखने को संकल्पित गंगा समग्र सभी जिलो को पहले सम्पर्क-युक्त फिर कार्ययुक्त और उसके बाद विकसित जिला बनाये। बैठक में कार्यकर्ताओं को वर्षभर के कार्यों के बारे में समझाते हुए एक संकल्प-पत्र (जिला वार्षिक कार्य-योजना) के बारे में उल्लेख किया, जिसमे सभी जिलों में खण्ड/ वार्ड समितियां बनाना, नदियों के तट से 3 से 5 किलोमीटर के गाँव को गंगा ग्राम एवं बस्तियों को गंगा बस्ती बनाना, वार्षिक योजना बनाकर नदियों एवं तालाबों पर कार्य करना, गंगा-आश्रित परिवारों से सम्पर्क करना, वृक्षारोपण के स्थान एवं उसको संख्या निर्धारित करना, 04 मई से 05 जून के तक जन-जागरण मास (वैशाख शुक्ल सप्तमी से ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) में आयोजित कार्यक्रमों की सूचि एवं योजना बनाना, इत्यादि पर विस्तृत चर्चा की। समापन सत्र में क्षेत्रीय संगठन मंत्री जी ने काशी प्रान्त के संरक्षक के लिए श्रीपति सिंह जी के नाम की घोषणा किया तदोपरान्त प्रान्त संयोजक राकेश मिश्रा ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए जोर देते हुए नए कार्यकर्ताओं के नाम की घोषणा किया जिसमे संजय सिंह जिला संयोजक एवं अयोध्या प्रसाद मिश्रा सह संयोजक सुल्तानपुर, अनुराग द्विवेदी सह संयोजक भदोही, राम रसद सिंह सह संयोजक चुनार, राजेश जी पालक प्रयाग विभाग एवं अजय पाल जी को सदस्य प्रान्त शैक्षणिक आयाम बनाया गया। बैठक में स्कूल के प्रबंधक और जिला संयोजक डा संजीव मौर्या, दिवाकर द्विवेदी, नीलम जी, राज नारायण जी, रणदीप जी, स्वामी आत्मानंद, अवध नारायण जी, जीतेन्द्र जी, साहब लाल जी, उमेश जी, रश्मि सिंह, भृगु नारायण पाठक, अजय सिंह, चन्द्र प्रकाश जी, अम्बरीष जी विभाग संगठन मंत्री, डॉ प्रवीण जी,अशोक कुमार सिंह, डा श्रवण कुमार मिश्रा,अतुल सिंह, मोती मनीष द्विवेदी, दीपक श्रीवास्तव जी, आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद् सह प्रांत संयोजक डा अभिषेक श्रीवास्तव ने किया।उक्त आशय की जानकारी संचार आयाम प्रमुख दीपक श्रीवास्तव द्वारा दिया गया।
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग की प्रतिभावान छात्रा श्रेया सिंह का चयन उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (U.P. C.S.T.) द्वारा आयोजित समर इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए हुआ है। इस उपलब्धि के तहत श्रेया को आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर अथवा देश के अन्य प्रतिष्ठित विज्ञान शोध संस्थानों में कार्य का अवसर प्राप्त होगा।
यह चयन श्रेया की वैज्ञानिक प्रतिभा, परिश्रम और अकादमिक उत्कृष्टता का परिचायक है। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष एवं बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रोफेसर राजेश शर्मा, डॉ. एस.पी. तिवारी, डॉ. मनीष कुमार गुप्ता सहित अन्य शिक्षकों ने श्रेया को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य छात्रों को भी अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा देगी। यह सफलता पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
खेतासराय(जौनपुर):- खेतासराय पुलिस टीम ने कोर्ट से फरार चल रहे तीन वांछित वारंटियों को रविवार को विभिन्न जगहों से गिरफ्तार कर न्यायालय को सुपुर्द कर दिया। प्रभारी निरीक्षक रामाश्रम राय ने बताया कि लतीफपुर निवासी रामअजोर( 40 वर्ष), इकराम (46)निवासी सैद गोरारी व मोहन (58)निवासी रानीमऊ को गिरफ्तार किया गया है।
इसी क्रम में शांति भंग में लतीफपुर निवासी अभिषेक केवट और सूरज मौर्य बुढ़नपुर थाना खुटहन को गिरफ्तार कर उपरोक्त अभियुक्तों को चालान संबंधित न्यायालय भेजा दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय, उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह, उप निरीक्षक अनिल कुमार पाठक, हेड कांस्टेबल शिवगोविन्द यादव, हेड कांस्टेबल अम्बिका यादव, कांस्टेबल रामकुमार यादव शामिल रहे।
जौनपुर। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के हरबसपुर छून्छा गांव में दबंगों ने भोर मे घर में घुसकर लाठी डंडों से मां बेटी और दो बेटों को समेत पांच लोगों को पीटकर घायल कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि महिला के शरीर से जेवर नोच लिए घर में तोड़फोड़ की और घर के बक्से अटैची सब बाहर फेंक दिए ।पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई है। उधर घर में घुसकर मारने पीटने का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
बता दे की हरबसपुर छून्छ गांव में विश्वास मिश्रा का परिवार पुश्तैनी मकान में रहता है। विश्वास मिश्रा बाहर ड्यूटी पर गए हुए थे। दबंगों ने पहले तो शनिवार की रात पूनम मिश्रा को करने का प्रयास करते हुए जान से मारने की धमकी दी, लेकिन वह दरवाजा बंद कर भीतर बन्द हो गई। लेकिन आधा दर्जन की संख्या मे एक जुट होकर दबंगों ने रविवार की सुबह घर पर हमला कर दिया और घर में घुसकर लाठी डंडे ईट से पूनम और उनके बच्चों बेटी को मारना शुरू कर दिया। बचाव परिवार में इधर-उधर चिल्लाने भागने लगी।
लेकिन दबंगों ने घर में घेर कर पीटा और इसके बाद करकट दरवाजे दीवाल तोड़ दिए । घर के अंदर रखे सभी बक्से अटैची बर्तन सब बाहर फेंक दिए और इस दौरान घायल पूनम ने आरोप लगाया की चेन अंगूठी पायल और कान की बाली भी छीन लिए। दबंगों ने जान मरते की धमकी देते हुए कहा कि पुलिस में शिकायत करोगी तो जान से मार देंगे। इसके पूर्व मे मारने पीटने को लेकर पूनम मिश्रा ने पुलिस विभाग में शिकायत की थी। जिसके कारण दबंगो ने घटना को अंजाम दिया। दबंग के हमले में 44 वर्षीय पूनम, 13 वर्षीय बेटी सृष्टि 20 वर्षीय बेटा श्रेयस, 17 वर्षीय बेटा श्रुअस और 42 वर्षीय विवेकानंद घायल हुआ। मौके पर वह 112 नंबर पुलिस को सूचना दी। उधर सूचना पाकर ड्यूटी से विश्वास मिश्रा घर पहुंच गए और सृष्टि गंभीर रूप से घायल लोग थी, जिसे उपचार के लिए वह अस्पताल ले गए। घटना से परिवार दहशत में है। पीड़ित का पति विश्वास मिश्रा का आरोप है कि यह लोग आए दिन हमारा पुश्तैनी मकान आवादी की जमीन हड़पने के चक्कर में मारते पीटते हैं और पुलिस भी सुनवाई नहीं करती है। इसके पहले चार दिन पूर्व भी मारे थे। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने कोई करवाई नही की थी। इससे खुन्नस खाए हुए मनबढो ने दोबारा घटना को अंजाम दिए।
भगवान बुद्ध और बुद्ध पूर्णिमा -डॉ दिलीप कुमार सिंह
भगवान बुद्ध मानवता के सर्वोच्च प्रतिमान बन चुके हैं भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्णा संपूर्ण संसार में कितना लोकप्रिय कोई नहीं हुआ जितना भगवान बुद्ध है सच्चे अर्थों में उन्हें विश्व का और ज्ञान का प्रकाश स्तंभ कहा जा सकता है कम से कम 50 देश में भगवान बुद्ध के मत के अनुयाई रहते हैं इनकी संख्या 180 करोड़ से भी ज्यादा है यह इस बात का प्रमाण है कि ढाई हजार से अधिक वर्ष बीत जाने के बाद भी भगवान बुद्ध इस धरती पर जागृत है
भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी नामक स्थान पर हुआ था जो पहले भारत का एक गणराज्य था और वर्तमान में यह नेपाल में है इस बात से स्पष्ट है कि प्राचीन काल में नेपाल भी भारत का एक अंग था यह भी ध्यान देने वाली बात है कि भगवती सीता देवी के पिता महाराज जनक जो ब्रह्म ऋषियों से बड़े ज्ञानी थे इसी मिथिला के थे जो तक भारत का अंग था और वर्तमान में अभी नेपाल में
भगवान बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ गौतम का जन्म देने के कुछ समय बाद ही उनकी महामाया देवी का स्वर्गवास हो गया था लेकिन मा प्रजापति गौतमी ने उनका पालन पोषण किया इससे उनके नाम के आगे गौतम लग गया जिन्होंने भगवान बुद्ध को असली मां से भी अधिक में और प्रेम दियाऔर अंत तक रहा। भगवान बुद्ध के जन्म के समय बड़े-बड़े ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी किया तो यह बालक चक्रवर्ती सम्राट होगा और सारे पृथ्वी को जीत लेगा या ऐसा महानतम सन्यासी होगा जिसका ज्ञान सारी धरती को जीत लेगा इसलिए उनके पिता शुद्धोधन ने हर संभव प्रयास किया की बालक दुनिया के दुखों से कष्ट से पीड़ा से बिल्कुल अनजान है लेकिन नियति को तो कुछ और स्वीकार था।
भगवान बुद्ध को सांसारिक सुख में लिप्त रहने के लिए उनके पिता ने उनके लिए सर्दी गर्मी और वर्षा ऋतु के लिए तीन अलग-अलग शानदार महल सुंदर से सुंदर बाग बगीचा और वाटिका लगाया और उसे समय की सबसे सुंदर स्त्री यशोधरा से उनका विवाह भी कर दिया लेकिन भगवान बुद्ध को ईश्वरीय संदेश स्वप्न में आते ही रहते थे उनका सरकी छंदक बहुत ही बुद्धिमान था और वह भगवान बुद्ध को राजा के वचनों के अनुसार दुख और परेशानी के दृश्यों से दूर रखता था।
सिद्धार्थ बचपन से ही बहुत शक्तिशाली और मेधावी थे खेलकूद में सबसे आगे रहते थे उनका चचेरा भाई देवदत्त उनका सबसे बड़ा प्रतिबंध था एक बार उसने हंस को तीर मार दिया भगवान बुद्ध ने उसकी सेवा किया दोनों में विवाद हुआ की हंस किसका है और राजा ने निर्णय दिया कि बचाने वाले का अधिकार करने वाले से अधिक होता है इसलिए हंस सिद्धार्थ का है एक बार उनके राज्य में युद्ध की प्रतियोगिता हुई सिद्धार्थ गौतम सब प्रतियोगिता में सबसे आगे रहे लेकिन उड़ते हुए पक्षी को अपने करुणा के कारण मरने से अच्छी कार्य कर दिया उनका लक्ष्य वेध अचूक होता था।
भगवान बुद्ध एक बार महल से बाहर जनता के बीच घूमने निकले वहां पर उन्होंने वास्तविक जीवन को दिखा उन्होंने एक भिखारी को देखा एक मरे हुए व्यक्ति को देखा और एक संन्यासी को देखा और भी अनेक दृश्य देख जिससे वह बहुत विचलित हो गए सारथी ही के द्वारा सब कुछ ज्ञात होने पर और यह ज्ञात होने पर की सभी को अंत में मर जाना है और भी अधिक विचलित हो गए लेकिन सन्यासी के तेज से बहुत प्रभावित है और अंत में निश्चय किया की पुत्र और पत्नी राजपाट धन-धान्य को छोड़कर उन्हें सन्यासी बनना है
एक दिन संकल्प करके आधी रात को हुए भवन से बाहर निकल पड़े सारथी के पास नदी के किनारे आए और अपना वस्त्र आभूषण की समान देकर सारथी को विदा किया अपने बाल उतार दिए और ज्ञान की खोज में निकल पड़े वहां उन्होंने गुरु अलार कलाम और उद्रक राम पुत्र से गंभीर ज्ञान प्राप्त हुआ लेकिन मन को संतोष नहीं हुआ और भी बड़े-बड़े ज्ञानी ऋषि मुनि से मिले पर वह नहीं मिला जो वह खोजने गए थे अर्थात् जरा जीर्णता और मृत्यु से छुटकारा पाने का परम ज्ञान इसलिए वे आगे बढ़ते चले गए इसी क्रम में उन्हें सारनाथ में छः तेजस्वी शिष्य मिले जिनके साथ उन्होंने गणगौर तपस्या किया और सुख कर बिल्कुल कांटा हो गए फिर भी उन्हें उनके परम ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ
इसी अवस्था में सुजाता नाम की कन्या पुत्र जन्म की खुशी में खीर लेकर वृक्ष देवता को चढ़ाने आई और कंकाल मंत्र भगवान बुद्ध को देखकर समझी कि यही साक्षात वृक्ष देवता हैं और फिर अर्पित कर दिया भगवान बुद्ध ने बड़े प्रेम से खीर खाया यह देखकर उनके छह शिष्य भगवान बुद्ध की तपस्या खंडित हो गई ।
इसके बाद भगवान बुद्ध बोधगया में नदी के किनारे विराट पीपल के वृक्ष के नीचे बैठे और यह सोचकर अखंड समाधि लगाए किया तो मेरा महाप्रयाण हो जाएगा या परम ज्ञान प्राप्त हो जाएगा इस दशा में पूरे 1 महीने तक ध्यान मग्न समाधि में लीन रहे। और अंत में 1 सप्ताह के बाद उन्हें परम ज्ञान प्राप्त हुआ इस क्रिया को बुद्धत्व की प्राप्ति कहा जाता है तब से वह भगवान बुद्ध कह गए बाद में उनके शिष्यों को पश्चाताप हुआ और उन्होंने क्षमा याचना किया इसके बाद संपूर्ण जीवन भगवान बुद्ध ने पूरे विश्व में दया परोपकार करना शांति अहिंसा का संदेश फैलाया
आज भले लोग बौद्ध धर्म को अलग धर्म मान रहे हैं लेकिन भगवान बुद्ध ने इसे अलग धर्म नहीं माना उन्होंने केवल सनातन धर्म में आई कमी अंधविश्वास और रूढ़ियों को हटाकर परम दिव्य ज्ञान का प्रकाश फैलाया और पूरी दुनिया में उनके ज्ञान का प्रकाश फैल गया उन्होंने अंगुलिमाल जैसे शैतानी डाकू को भी अपने बस में करके अपने महान शक्ति का प्रदर्शन किया और अंत में 80 वर्ष की अवस्था में 483 ईसा पूर्व में उन्होंने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया उनका जन्म मृत्यु और ज्ञान प्राप्ति तीनों एक ही दिन हुआ था यह बहुत ही विलक्षण घटना थी भगवान बुद्ध एक ऐसे महान विभूति हैं जिनके ज्ञान का प्रकाश दिग्विगंत में फैल रहा है ईश्वर को लेकर वे नास्तिक नहीं थे लेकिन उसकी गलत व्याख्या की गई है ईश्वर के बारे में उन्होंने अपने विचार कभी व्यक्त नहीं किया आज भगवानपुर और उनकी शिक्षाओं की पूरे विश्व को आवश्यकता है
भगवान बुद्ध की जयंती वैसा पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है इसको बुद्ध जयंती वैसाख वेसाक विशाख बुन सागा दाव फो दैन फैट दैन जैसे नाम से भी जाना जाता है भगवान बुद्ध की जयंती वैसाख पूर्णिमा समस्त सनातनी मानते हैं क्योंकि भगवान बुद्ध भगवान विष्णु के नवें अवतार माने जाते हैं दसवां और अंतिम अवतार भगवान कल्कि चुका है जो कलयुग के अंत में जन्म लेंगे। यहां पर बड़ी ही धूमधाम से भगवान बुद्ध के धर्मस्थली गोंडा उनके जन्म स्थान लुंबिनी और महापर्यन स्थान कुशीनगर में मनाया जाता है इस अवसर पर भगवान बुद्ध को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं का प्रचार प्रसार किया जाता है जो पहली बार सम्राट अशोक के द्वारा देश-विदेश में की गई थी l
रास्ते के विवाद में चार लोग गिरफ्तार, कोर्ट भेजा गया
खेतासराय (जौनपुर) थाना खेतासराय क्षेत्र के ग्राम अहिरोपरशुरामपुर में जमीन के बंटवारे और रास्ते को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के चलते दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंची खेतासराय पुलिस ने शांति भंग की आशंका के दृष्टिगत प्रथम पक्ष से दो और द्वितीय पक्ष से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव व क्षेत्राधिकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान के पर्यवेक्षण में कार्रवाई की गई। थाना खेतासराय की पुलिस टीम ने शनिवार को संबंधित धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में इन्द्रसेन पुत्र ललई (उम्र 57 वर्ष), इन्द्रकला पत्नी इन्द्रसेन (उम्र 53 वर्ष), उग्रसेन पुत्र ललई (उम्र 42 वर्ष) व नीलम पत्नी उग्रसेन (उम्र 40 वर्ष) निवासीगण ग्राम अहिरोपरशुरामपुर, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक कपिलदेव, हेड कांस्टेबल राकेश यादव, महिला हेड कांस्टेबल रीना देवी, कांस्टेबल हरखनाथ यादव शामिल रहे।
बिना रजिस्ट्रेशन भगवान भरोसे चल रहा अस्पताल, विभाग मौन
अप्रशिक्षित कर रहे ऑपरेशन, मरीजों का हो रहा शोषण
खेतासराय (जौनपुर) शाहगंज सोंधी विकास खंड के अरंद गाँव में एक भाड़े के कमरे में संचालित हो रहा कथित निजी अस्पताल न तो पंजीकृत है और न ही किसी मानक का पालन करता है। इसके बावजूद, यहाँ निडर होकर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों का शोषण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी इस पूरे मामले को और भी संदेहास्पद बना रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में न तो कोई अनुभवी डॉक्टर है और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। गर्भवती महिलाओं को डरा-धमकाकर अनावश्यक ऑपरेशन के लिए मजबूर किया जाता है। ऑपरेशन के बाद जब मरीज की हालत बिगड़ती है, तो आनन-फानन में उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है।
बताया जाता है कि यह अस्पताल बिना किसी पंजीकरण या डिग्री के, भगवान भरोसे चल रहा है। स्थानीय स्तर पर सक्रिय कुछ दलाल गाँवों से मरीजों को बहला-फुसला कर इस कथित अस्पताल में लेकर आते हैं, जहाँ पहले तो उन्हें महंगी और अनावश्यक जाँचों के जाल में फँसाया जाता है और फिर भय का माहौल बनाकर सीजेरियन ऑपरेशन के लिए मजबूर किया जाता है।
गाँव के निवासी रविन्द्र कुमार ने बताया कि यह अस्पताल पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित हो रहा है और प्रतिदिन कई मरीज इसके शिकार बन रहे हैं। वहीं, उर्मिला देवी का कहना है कि अस्पताल संचालक रसूखदार हैं और वर्षों से यह अस्पताल प्रशासन की आँखों में धूल झोंकते हुए बेधड़क चल रहा है। सरकारी सुविधाओं के होते हुए भी ग्रामीण इस जाल में फँसते जा रहे हैं।
जब इस पूरे मामले को लेकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी सोंधी, डॉ. सूर्यप्रकाश यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा, अस्पताल का शीघ्र भौतिक निरीक्षण किया जाएगा और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।