Home Blog Page 158

गुणवत्ता पूर्ण उपज के लिए किसान को सम्मानित किया गया

0
गुणवत्ता पूर्ण उपज के लिए किसान को सम्मानित किया गया
गुणवत्ता पूर्ण उपज के लिए किसान को सम्मानित किया गया

खुटहन [जौनपुर] गुरुवार को बीरी समसुदीनपुर गांव में श्रीराम कम्पनी ने गांव के किसान लालजीत यादव को अंगवस्त्र देकर सम्मानित कियाइस दौरान गांव के तमाम किसान मौजूद रहेगांव निवासी लालजीत यादव श्रीराम कम्पनी द्वारा गेंहू के उपचारित बीज को लगभग एक एकड़ में बुवाई किये थेअच्छी फसल तैयार होने पर श्रीराम फर्टिलाइजर एण्ड केमिकल के एमजीओ अतुल कुमार व कृषि विशेषज्ञ अजीत यादव ने किसान को सम्मानित कर बताया किश्रीराम सुपर 303 गेंहू बीज किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है उन्होंने कहा ठोस बालियां व मजबूत तनों के कारण फसल गिरने के प्रति सहनशील है बड़े वजनदार कठोर व चमकदार दाने भूरी रोग रतुआ व झुलसा के प्रति सहनशील है

कोर्ट से फरार चल अभियुक्त को पुलिस ने दबोचा

0
कोर्ट से फरार चल अभियुक्त को पुलिस ने दबोचा
कोर्ट से फरार चल अभियुक्त को पुलिस ने दबोचा

खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय पुलिस टीम ने शनिवार की सुबह करीब 10 बजे कोर्ट से फरार चल रहे एक अभियुक्त को दबोच लिया। थाने लाकर विधिक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि कस्बा के पुरानी बाजार निवासी कमरुद्दीन पुत्र इसहाक को उनके घर से दबोच लिया गया। जो कोर्ट से फरार चल रहे थे। थाने लाकर आवश्यक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:पीएचसी सोंधी पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

0
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:पीएचसी सोंधी पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:पीएचसी सोंधी पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

प्रभातफेरी निकालकर महिलाओं को किया जागरूक

खेतासराय (जौनपुर) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन कर महिला दिवस मनाया गया। जिसके क्रम में विकासखण्ड शाहगंज सोंधी के सभागार में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य कर रही मातृशक्ति को ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि अजय सिंह ने प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। जिसमें पंचायत सहायक, बी.सी. सखी, बैंक सखी, समूह सखी के साथ समूह की महिलाएं शामिल रही। कार्यक्रम में बी.एम.एम. संदीप द्विवेदी, रवींद्र कुमार, अरुण कुमार, शेखर, मिठाईलाल समेत आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बी.सी. कमलाकांत ने किया। वही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोंधी पर शनिवार को एक प्रभातफेरी निकाली गयी। जो खेतासराय चौराहे पर जाकर सम्पन्न हो गया। रैली में, महिला दिवस की यही पैगाम नारी का हो सदा सम्मान, इस सृष्टि की शान है नारी जगत जननी महान है नारी, हम सबकी यही पुकार नारी का हो सदा सम्मान आदि तख्ती पर लिखे नारों को लगाते हुए कतारबद्ध होकर महिलाएं चल रही थी। रैली सम्पन्न होने के पश्चात एक संगोष्टी का आयोजन किया गया। जिसमें डॉक्टर समरीन ने कहा कि महिलाएं आज पुरुषों से किसी कार्य में पीछे नहीं है, महिलाएं देश को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दे रही है, विज्ञान, शिक्षा, स्वास्थ्य व व्यवसाय के क्षेत्र में नारी सशक्त हो चुकी है। अब महिलाओं के साथ किसी प्रकार का शोषण या अत्याचार नहीं होना चाहिए। वही कार्यक्रम में डॉक्टर फिरदौसिया ने कहा कि बिना महिला के परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती है, आज महिलाएं न होती तो सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती, इसीलिए सभी को महिला का सम्मान करना चाहिए। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर सूर्य प्रकाश यादव, डॉक्टर फैजान अंसारी, अवधेश कुमार तिवारी, रश्मि सेठ, विनीता, राधेश्याम टण्डन समेत आदि लोग उपस्थित रहे।

JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.

0
JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.
JAUNPUR शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़.

Gang involved in cheating people on the pretext of marriage busted. Two arrested in jaunpur

  • महिला समेत दो गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी…

JAUNPUR CRIME खेतासराय (जौनपुर) खेतासराय पुलिस टीम ने शनिवार को शादी का झांसा देकर ठगी करने के मामले का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत दो को गिरफ्तार कर लिया तथा थाने लाकर विधिक कार्यवाही करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया। थानाध्यक्ष रामाश्रय राय ने बताया कि राजस्थान के झुंझुनू जिला के खेतड़ी तहसील के मेहाड़ा थाना क्षेत्र के डाडा फतेहपुर गांव निवासी पृथ्वी सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह ने लिखित सूचना के माध्यम से क्षेत्र के ललई पुत्र शिवचरण निवासी सन्दहा थाना सरायख्वाजा,बजंरगी पुत्र नंदलाल निवासी मलहज़,शाहगंज,बृजेश व एक महिला कामिनी पत्नी अमरजीत निवासी मोहमदाबाद खेतासराय के विरूद्ध तहरीर दिया था।

आरोप है कि महिला अपने आपको को लड़की की चाची बताकर लड़के की शादी कराने की बात बतायी गयी और प्रार्थी को खेतासराय बुलाया गया। जिससे मोटी रकम ठगकर फरार हो गए। सूचना के आधार पर पुलिस अभियोग दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी रही, इसी बीच पुलिस बल द्वारा अभियुक्त ललई पुत्र शिवचरन व कामिनी पत्नी अमरजीत को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष श्री राय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त पूछताछ में बताया कि हम लोगों का एक सक्रिय गिरोह है जो राजस्थान, मध्यप्रदेश व पश्चिम के लोगों से सम्पर्क स्थापित कर शादी के लिये बुलाया जाता है फिर उनको विश्वास में लेकर लड़की का फोटो दिखाकर शादी, बारात के लिए एडवांस में मोटी रकम ली जाती है फिर गायब हो जाते थे। जिसके दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाई करते हुए चालान न्यायालय भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले कि गहनता से जाँच की जा रही है कि इनका तार कहा से जुड़ा है, गिरोह में शामिल अन्य की तलाश की जा रही है जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 

0
JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 
JAUNPUR उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारी सम्मानित 

Women officers honoured for outstanding work JAUNPUR

JAUNPUR NEWS जौनपुर 08 मार्च : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चंद्र द्वारा विभिन्न विभागों से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अधिकारियों और कर्मचारियों, खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।  इस दौरान जिलाधिकारी ने सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज की सशक्त महिलाएं देश के विकास में तथा समाज के हित में अपना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आकस्मिकता के अवसर पर अथवा आपदा के अवसर पर भी महिलाएं लगातार उपस्थित रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रही है। सभी महिलाएं अपने आप में सम्मानित हैं।

 इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, दिव्यांगजन विभाग, शिक्षा विभाग, बाल एवं पुष्टाहार विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग से कक्षा 5 की कंपोजिट विद्यालय तारा उमरी की छात्रा दीपिका विश्वकर्मा द्वारा रश्मिरथी के सर्ग तीन के प्रथम भाग के मनमोहक प्रस्तुतीकरण पर स्मृतिचिन्ह देकर तथा अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित किया तथा प्रोत्साहित भी किया। इस दौरान उन्होंने दीपिका को इनाम स्वरूप रु0 11000 धनराशि की फिक्स्ड डिपॉजिट करने के निर्देश भी दिए।   इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 लक्ष्मी सिंह, उपजिलाधिकारी योगिता सिंह, निधि शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी दिव्या शुक्ला सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

JAUNPUR 1 दिन की BSA बनी दीपिका

0
Oplus_131072

Deepika became BSA for one day in jaunpur

JAUNPUR NEWS: राष्ट्रीय महिला दिवस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दीपिका विश्वकर्मा कक्षा-5, कम्पोजिट विद्यालय तारा(उमरी) मुफ्तीगंज को एक दिन के लिऐ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया गया।


यह दिवस विशेष कर महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा व प्रेम प्रकट करते हुए, महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के रूप में मनाया जाता है।बीएसए डॉ गोरखनाथ पटेल ने छात्रा को एक दिन के लिए बीएसए बनने पर शुभकामनाएं दी।
कंपोजिट विद्यालय तारा उमरी की छात्रा दीपिका विश्वकर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी बनकर विभागीय कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिया। दीपिका विश्वकर्मा ने कार्यों की समीक्षा की और जानकारी प्राप्त की। दीपिका ने अपने प्रभावी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। ज़िलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र ने छात्रा की प्रतिभा से मंत्र मुग्ध होकर छात्रा के लिए रू0 11000 धनराशि फिक्स डिपॉजिट करने की बात कही जिसका प्रयोग वह 18 वर्ष पूर्ण होने पर कर सकेगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ गोरखनाथ पटेल ने दीपिका को इनाम स्वरूप रू0 5100 रुपए की धनराशि प्रदान की। दीपिका विश्वकर्मा ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी और कहा कि वह भविष्य में पढ़ लिख कर अपने माता पिता का नाम रौशन करना चाहती हैं। उसने कहा कि आज बेसिक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर मुझे बहुत ही गर्व महसूस हो रहा है। मैं सभी बहनों से अपेक्षा करती हूं कि वह भी पढ़ लिखकर अच्छे पदों पर आसीन होकर समाज, देश व महिलाओं और बच्चों की सेवा करें, जिससे हमारा देश आत्मनिर्भर बन सकें।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस:भारतीय समाज और महिलाएं

0
डॉ. अन्नू राजभर तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर
डॉ. अन्नू राजभर तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह लैंगिक समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति सदियों से बदलाव के विभिन्न दौर से गुजरी है। जहां प्राचीन काल में महिलाओं को शिक्षा और स्वतंत्रता प्राप्त थी, वहीं मध्यकाल में सामाजिक बंधनों ने उनकी प्रगति को अवरुद्ध कर दिया। आधुनिक भारत में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं।

ब्रिटिश शासनकाल के दौरान कई समाज सुधारकों ने महिलाओं की दशा सुधारने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। राजा राममोहन राय ने सती प्रथा का विरोध किया और इसके उन्मूलन के लिए आंदोलन चलाया। ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा पुनर्विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया। ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं की शिक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए और पहला महिला विद्यालय खोला। इस दौरान महिलाओं ने भी अपनी स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, कमला नेहरू, विजयलक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली जैसी महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर यह सिद्ध किया कि वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारतीय संविधान में महिलाओं को समान अधिकार प्रदान किए गए। संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत महिलाओं और पुरुषों को समानता का अधिकार दिया गया। अनुच्छेद 15(3) महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति देता है। अनुच्छेद 39(d) में समान कार्य के लिए समान वेतन की बात की गई है। इसके अलावा, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए विशाखा दिशानिर्देश और मातृत्व लाभ अधिनियम जैसे कई कानून बनाए गए ताकि महिलाओं को सुरक्षा और समान अवसर मिल सकें।

आधुनिक भारत में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। आज महिलाएं राजनीति, विज्ञान, खेल, कला, व्यवसाय और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। राजनीति में इंदिरा गांधी, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, ममता बनर्जी और द्रौपदी मुर्मू जैसी महिलाओं ने नेतृत्व कर देश की बागडोर संभाली है। विज्ञान और अंतरिक्ष में कल्पना चावला, टेसी थॉमस और रितु करिधाल जैसी महिलाओं ने अपना योगदान दिया है। खेल जगत में पी. वी. सिंधु, साइना नेहवाल, मैरी कॉम, मिताली राज और साक्षी मलिक जैसी खिलाड़ी भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित कर रही हैं। उद्यमिता के क्षेत्र में किरण मजूमदार शॉ, फाल्गुनी नायर और वंदना लूथरा जैसी महिलाओं ने बड़े व्यापारिक साम्राज्य खड़े किए हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। महिला आरक्षण विधेयक के तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव किया गया है। मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाता है ताकि वे अपने बच्चे की देखभाल कर सकें। निर्भया फंड के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लड़कियों की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद भारतीय समाज में महिलाओं को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, कार्यस्थल पर भेदभाव और शिक्षा की कमी जैसी समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक कठिन है, जहां लड़कियों की शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता है और उन्हें कम उम्र में विवाह के लिए बाध्य किया जाता है। कई महिलाओं को अब भी कार्यस्थल पर समान वेतन और प्रमोशन के अवसर नहीं मिलते हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि महिलाओं को समान अवसर दिए जाएँ, तो वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्हें कानूनी अधिकारों की जानकारी देकर आत्मरक्षा और सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना भी जरूरी है। कार्यस्थल और समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना एक बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करने और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का अवसर है। महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के विकास के लिए आवश्यक है। जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तो समाज और देश भी प्रगति करेगा। यह समय है कि हम केवल महिलाओं के अधिकारों की बात न करें, बल्कि उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर प्रदान करें ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज की वास्तविक प्रगति है और जब महिलाएँ आगे बढ़ेंगी, तो भारत भी नई ऊँचाइयों को छुएगा।

डॉ. अन्नू राजभर
तिलकधारी सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर

नव निर्मित मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति स्थापित

0
नव निर्मित मंदिर में बजरंगबली की मूर्ति स्थापित

खुटहन [जौनपुर ] महमदपुर गुलरा गांव में शिवालय के बगल नव निर्मित मंदिर में शुक्रवार को हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की गई। इसके पूर्व प्रतिमा को फूल माला से सजे रथ पर रख कर गाजे बाजे के साथ सियरावासी,सुतौली, महमदपुर और गुलरा गांव का भ्रमण कराया गया। पंडित रामप्यारे दूबे व उमेश दूबे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराया।

अधिवक्ता स्व गोरखनाथ पाण्डेय की पावन स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से सामूहिक मंदिर का निर्माण कराया गया। जिसमें गांव की युवा शक्तियों के द्वारा अर्थ दान से लेकर श्रमदान तक किया गया। लाखों की लागत से बन कर तैयार हुए मंदिर में मूर्ति स्थापित होते ही भक्त गणों की जयकार से पूरा पांडाल गुंजायमान हो गया।

प्राण प्रतिष्ठा के बाद भक्तों को संबोधित करते हुए कथा वाचक पंडित परमानंद तिवारी ने कहा कि सेवा से बड़ी भक्ति कोई नहीं है। स्वयं हनुमान जी सेवक के रूप में ही प्रभु के सबसे अनन्य बने। आगे कहा कि सभी देवों में अमर व कलयुग के जीवंत देव हैं पवनसुत। इस मौके पर श्रीपाल पाण्डेय। राम अनंद पाण्डेय, श्रीप्रकाश पाण्डेय,कैलाश नाथ पांडेय, शिवपूजन पाण्डेय,राजन, मिंटू,डब्लू,पिंटू, जगदंबा,काली प्रसाद, अखिलेश आदि मौजूद रहे। एडवोकेट राकेश पाण्डेय ने आगतो का स्वागत किया

क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?

0
क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?
क्यो नही खेलती बहू पहली होली ससुराल में?

हिन्दू धर्म से जुड़े त्योहारों के अनेक मान्यताएँ हैं अनेकों परम्पराएँ है, कुछ तो ऐसे है जिससे पारिवारिक समरसता प्राचीन काल से लेकर आजतक झलकती है ऐसी ही कुछ मान्यताएँ रंगों के त्योहार होली को लेकर है, होली में सभी एक ही रंग के नज़र आते हैं। क्या बुढ़े, क्या जवान, क्या नयी नवेली दूल्हन सभी रंगों में रंगे नज़र आते हैं। हर तरफ़ बस उल्लास ही उल्लास नज़र आता है, यह त्योहार सारी कटुता को भूल कर मिठास का संदेश देता है,मगर इस होली को लेकर कुछ मान्यताएँ हैं कुछ परम्पराएँ है जिस को लोग आज भी कड़ाई से पालन करते हैं,जैसे नई नवेली दूल्हन को पहली होली अपने ससुराल में नहीं खेलनी चाहिए। दुल्हे को अपनी पहली होली ससुराल में खेलनी चाहिए आदि आदि।
इन्ही सब मान्यताओं को हम अपने इस लेख के माध्यम से अपने पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।


नई नवेली बहू को क्यों नहीं खेलनी चाहिए पहली होली ससुराल में? मान्यताओं के अनुसार जिस लड़की की नई नई शादी हुईं हो उसकी पहली होली ससुराल में नहीं बीतनी या खेलनी चाहिए ऐसा कहा जाता है कि यदि सास और बहु दोनों एक साथ होलिका दहन होतें हुए देखती है तो उनके रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो जाती है। कुछ अन्य बातें भी होती है जैसे नई दुल्हन पहली बार अपने माता पिता को छोड़ कर आई रहती है जिस कारण वह उतनी सहज नहीं रह पाती है इस कारण वह पुरी खुशी के साथ इस त्योहार का आनंद नहीं ले पाएगी इस कारण भी यह परम्परा शायद शुरू की गई होगी। कुछ मान्यताओं के अनुसार यदि नई बहू अपनी पहली होली अपने पीहर में मनाती है तो दोनों परिवार के रिश्तों में मधुरता आती है।


कुछ अन्य मान्यताओं के अनुसार गर्भवती स्त्री को भी अपनी पहली होली ससुराल में नहीं मनानी चाहिए। इससे उसके बच्चे का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है दामाद को पहली होली ससुराल में क्यों मनानी या खेलनी चाहिए? एक तरफ़ नई नवेली बहू को अपनी पहली होली ससुराल में मनाने से मनाही की गई है तो वही दूसरी तरफ दुल्हा के लिए अपनी पहली होली ससुराल में ही खेलने को कहा गया है। मान्यताओं के अनुसार यदि दामाद अपनी पहली होली अपने ससुराल में अपने सास ससुर तथा अन्य रिश्तेदारों के साथ मनाता या खेलता है तो सास ससुर तथा अन्य रिश्तेदारों से उसके संबंध मधुर हो जाते हैं। जीवन में कभी किसी प्रकार की कटुता नहीं आती है। यदि सही अर्थों में देखा जाए तो यह त्योहार आपसी मेल मिलाप भाई चारे का त्योहार है। उपरोक्त दी गई सारी जानकारी प्रवचनों, स्थानीय मान्यताओं, लोक कथाओं, एवं बडे़ बुढो़ के अनुभवों पर आधारित है

  • mohammad kasim

jauNpur News जौनपुर के 4 पहिया, मोटरसाइकिल वाहन स्वामियों के लिए जरूरी सूचना

0
Oplus_131072

jaunpur NEWS जौनपुर। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने जनपद के समस्त व्यावसायिक वाहनों (यथा-ट्रक/वस/टैक्सी आटो) के स्वामियों को अवगत कराया है कि परिवहन विभाग द्वारा वाहनों से सम्बन्धित समस्त जानकारी/सूचना (टैक्स/फिटनेस/परमिट/बीमा/प्रदूषण इत्यादि) वाहन स्वामी के मोबाइल नम्बर पर प्रेषित किया जाता है तथा वाहन से सम्बन्धित किसी भी कार्य के लिये आवेदन करने पर आवेदक के जानकारी एवं स्वीकार्यता हेतु वाहन स्वामी के मोबाइल नम्बर पर ओ०टी०पी० जाता है।

 अतः समस्त व्यावसायिक वाहनों (यथा-ट्रक/बस/टैक्सी/आटो) के स्वामी अपने नाम से पंजीकृत वाहनों पर एक सप्ताह के अन्दर अपना मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से अपडेट करा लें, ताकि समस्त सूचनाए ससमय कार्यालय द्वारा संप्रेषित की जा सकें। अन्यथा की स्थिति में परिवहन विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली समस्त सेवायें एवं सूचना की जानकारी आपको प्राप्त नहीं हो पायेगी साथ ही आपके वाहन से सम्बन्धित किसी भी कार्य का सम्पादन भी नहीं हो पायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी, परिवहन कार्यालय इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।