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रमेश यादव बने अटेवा के मण्डल उपाध्यक्ष

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#रमेश यादव बने अटेवा के मण्डल उपाध्यक्ष


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के क्रांतिकारी महामंत्री रमेश यादव को अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने अटेवा वाराणसी मण्डल का उपाध्यक्ष मनोनीत किया। वाराणसी मण्डल के सभी अटेवियन्स ने प्रदेश नेतृत्व के इस निर्णय का स्वागत किया। मण्डल अध्यक्ष वाराणसी मार्कण्डेय यादव, जिलाध्यक्ष अटेवा वाराणसी चन्द्र प्रकाश गुप्त, महामंत्री वाराणसी विनोद यादव, जिलाध्यक्ष गाज़ीपुर सरफ़राज़ खान,महामंत्री मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अटेवा चंदौली देवेन्द्र प्रताप आदि पदाधिकारियों ने दूरभाष के माध्यम से बधाई दी।
अटेवा जौनपुर से जिलाध्यक्ष चन्दन सिंह, महामंत्री इन्दु प्रकाश यादव, जिलाध्यक्ष महिला विंग डॉ यामिनी सिंह, जिला कैडर प्रभारी टी यन यादव, जिला आई टी सेल प्रभारी संदीप चौधरी, जिला कोषाध्यक्ष नन्द लाल पुष्पक,विनय वर्मा, अरविन्द यादव, सुबास सरोज, संदीप यादव, अरबिन्द यादव,डॉ राजेश उपाध्याय, प्रो. श्याम सुंदर उपाध्याय, शान्त सिंह, ब्रह्मशील यादव आदि ने रमेश यादव से मुलाक़ात कर उन्हें मण्डल उपाध्यक्ष बनने की बधाई दी एवं उनके नेतृत्व में पेंशन आंदोलन को निरंतर गतिमान रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त किया।

जौनपुर: निरंकारी मिशन द्वारा ‘वननेस वन’ परियोजना के चौथे चरण का हुआ आयोजन

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#निरंकारी मिशन द्वारा ‘वननेस वन’ परियोजना के चौथे चरण का आयोजन

JSUNPUR NEWS जौनपुर। समाज कल्याण के लिए आवश्यक इस परियोजना को क्रियान्वित करने हेतु संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में और अनेक नये स्थानों को जोड़कर इस महाभियान के चौथे चरण की सेवाओं का आरम्भ 11 अगस्त, रविवार को संपूर्ण भारतवर्ष के लगभग 600 से अधिक स्थानों पर ‘विशाल वृक्षारोपण अभियान’ के रूप में किया जा रहा है। इसमें मिशन के सभी अनुयायी व स्वयंसेवक सम्मिलित होकर करीब 10 लाख वृक्ष लगाऐंगे और अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निभाते हुए तीन से पाँच वर्षों तक इन वृक्षों की देखभाल भी करेंगे ताकि यह प्रथम चरण की भांति ही ‘लघु वन’ के रूप में प्रफुल्लित हो सके।

इसी क्रम मे 11 अगस्त, दिन-रविवार को, जौनपुर में भी कचगांव रोड पर ग्राम नेवादा में, रमना तालाब के पास ‘वननेस वन’ परियोजना को क्रियान्वित करने हेतु संत निरंकारी चैरिटेबिल फाउण्डेशन द्वारा मिशन के निरंकारी भक्तों एवं सेवादल सदस्यों द्वारा दोपहर 2:00 बजे से वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया जायेगा।

सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं पूज्य निरंकारी राजपिता जी के दिव्य मार्गदर्शन एवं पावन आशीर्वाद से संत निरंकारी मिशन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण हेतु सन् 2021 में ‘वननेस वन’ नामक मेगा वृक्षारोपण परियोजना का आरम्भ किया गया। इस परियोजना का लक्ष्य ‘वृक्षों के समूह’ (लघु वन) का रोपण एवं इनकी देखभाल करना था, जिसके स्वरूप में अब वर्ष दर वर्ष निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

संत निरंकारी मण्डल के सचिव आदरणीय श्री जोगिन्दर सुखीजा जी ने जानकारी सांझा करते हुए बताया कि सन् 2021 में आयोजित ‘वननेस वन’ परियोजना के प्रथम चरण के अंतर्गत संपूर्ण भारतवर्ष में लगभग डेढ़ लाख के करीब वृक्षों का रोपण किया गया। जिस उत्साह के साथ निरंकारी भक्तों द्वारा इन वृक्षों को रोपित किया गया था उसी उत्साह के साथ वर्ष भर निरंतर उनकी देखभाल भी की गई। जिसके परिणामस्वरूप इन ‘वृक्षों के समूह’ में इतना अधिक विस्तारण हुआ कि अब वह एक ‘लघु वन’ के रूप में प्रदर्शित हो रहा है। इन ‘वृक्षों के समूह’ पर प्रवासी एवं दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की उपस्थिति भी देखी जा रही है जिनका अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका था। निःसंदेह प्रकृति संतुलन में इन सभी जीवों का अत्याधिक महत्व है।

सन् 2022 में भी ‘वननेस वन’ परियोजना के दूसरे चरण का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्वक किया गया जिसमें वृक्षों की संख्या बढ़कर 2 लाख के करीब पहुंची। उसके उपरांत वर्ष दर वर्ष निरंतर इनकी संख्या में वृद्धि होती जा रही है और परिणाम स्वरूप अब 2.50 लाख के करीब वृक्षों को रोपित किया जा चुका है जिनकी तल्लीनता पूर्वक निरंतर देखभाल भी की जा रही है। मिशन के सेवादारों द्वारा इन वृक्षों को फलित एवं पोषित रखने हेतु उन्हें स्थानीय जलवायु एवं भौगोलिक परिवेश के अनुसार ही रोपा जा रहा है जिसमें उनकी सुरक्षा एवं बढ़ोतरी के लिए उत्तम जैविक खाद, स्वच्छ जल एवं सिंचाई की नवीनतम तकनीकों का प्रयोग किया जाता है ताकि उनका संपूर्ण रूप से विकास हो सके ।

फूलन देवी का पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा :-आशुतोष सिन्हा

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#संघर्षों से भरा रहा फूलन देवी का जीवन:- राकेश मौर्य

  • अन्याय के खिलाफ सदैव लड़ने की प्रेरणा मिलती है फूलन देवी से:- तूफानी सरोज

JAUNPUR NEWS : समाजवादी पार्टी जौनपुर के तत्वाधान में वीरांगना फूलन देवी पूर्व सांसद की जयंती समारोह नगर के मंगलम लॉन मियांपुर में आज 10 अगस्त शनिवार को 11 बजे दिन में आयोजित हुई। सर्वप्रथम उपस्थित सपाजनों ने पूर्व सांसद स्व. फूलन देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि जालौन जिले के गोरहा गांव में पिता देवी दीन मल्लाह एवं माता मुला देवी के परिवार में फूलन देवी का जन्म 10 अगस्त 1963 को हुआ। उनका पूरा जीवन उनका संघर्षो से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें बीहड़ों में भी भटकना पड़ा, लेकिन समाज एवं सरकार से न्याय की उम्मीद खो चुकी फूलन देवी को खुद हथियार उठाना पड़ा। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने कहा कि उन्हें सम्मानजनक नई जिंदगी देने का काम समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने उच्च सदन में भेजकर किया।


केराकत के विधायक पूर्व सांसद तूफानी सरोज ने लोकसभा में फूलन देवी के साथ सांसद के रूप में उनके शानदार कार्यों का उल्लेख करते हुए फूलन देवी के साहस को सलाम करते हुए उन्हें संघर्षो की देवी बताया तथा कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं का हमेशा सम्मान करती है। विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि श्रद्धेय नेताजी के विशाल हृदय और विचार को सलाम करता हूं जो उन्होंने फूलन देवी जैसी बहादुर महिला को सम्मान दिलाया वहीं देश की आधी आबादी के सम्मान को भी बढ़ाने का काम किया। नका पूरा जीवन संघर्षों से भरा रहा।

जयंती समारोह को संबोधित करते हुए छात्र, नौजवान, पीडीए जागरूकता अभियान के प्रभारी और सयुस के प्रदेश महासचिव शैलेश यादव ने कहा कि फूलन देवी जी ने अदम्य साहस और बहादुरी से जो पहचान बनाई उससे पीडीए समाज को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए यूथ के सभी अध्यक्षों और उनकी कार्यकारिणी को जिम्मेदारी से लग जाने का निर्देश दिया। जयंती समारोह के उपरांत अभियान के प्रभारी शैलेश यादव और सह प्रभारी सुमित यादव राजा ने जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य की गरिमामई उपस्थिति में बैठक कर चारो फ्रंटल संगठनों को तिथिवार कार्यक्रम को सफल बनाने और सदस्यता अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने का निर्देश दिया। बैठक के पूर्व प्रेस वार्ता आयोजित कर पत्र प्रतिनिधियों को प्रभारी शैलेश यादव, जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, आशुतोष सिन्हा एमएलसी, विधायक तूफानी सरोज सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने विस्तार से अभियान के विषय में बताया।


इस मौके पर जयंती समारोह को पूर्व एमएलसी लल्लन प्रसाद यादव,पूर्व विधायक/पूर्व जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव, पूर्व अध्यक्ष ज़िला पंचायत राजबहादुर यादव, पूर्व मंत्री संगीता यादव, हिसामुद्दीन शाह, रुखसार अहमद, राजदेव पाल, हीरालाल विश्वकर्मा ,राजेंद्र टाइगर, अरशद कुरैशी, अनवारूल हक गुड्डू, समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष श्याम नारायण बिंद, श्यामनारायण नाविक, संजय राजभर, मालती निषाद, रमेश साहनी, वीरेंद्र यादव, राम अकबाल यादव, रामू मौर्य, बरसातू राम सरोज आदि ने संबोधित किया।


गोष्ठी के अवसर पर मुख्य रूप से महेंद्र यादव, डा. सभाजीत यादव, श्याम बहादुर पाल, विवेक रंजन यादव, राजेश यादव, महावीर यादव, शिवशरण कुशवाहा, अंकुश कुशवाहा, दीनानाथ सिंह, गुलाब यादव रीठी, राजकुमार बिंद, इरशाद मंसूरी, सुहैल अंसारी एडवोकेट, शबनम नाज़, रूबी बिंद एडवोकेट, दीपचंद राम, राहुल त्रिपाठी, गप्पू मौर्य, जयप्रकाश प्रिंसु, शाहनवाज़ खान शेखू, डा.दशरथ यादव, धर्मेंद्र सोनकर, सोनी सेठ, आनंद गुप्ता, दिलीप प्रजापति, अशोक नायक, गुड्डू सोनकर, ऋषि यादव, देवा यादव, अखिलेश यादव, उमेश यादव, रामकेश बिंद, धीरज बिंद, संदीप बिंद, अमजद अंसारी सहित सैकड़ों सपाजन उपस्थित रहे। गोष्ठी संचालन ज़िला महासचिव आरिफ हबीब ने किया।

खुटहन के कपसियां गांव में पखवाड़ा बाद भी नहीं बदला जा सका जला ट्रांसफार्मर

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#खुटहन के कपसियां गांव में पखवाड़ा बाद भी नहीं बदला जा सका जला ट्रांसफार्मर

खुटहन (जौनपुर) स्थानीय थाना क्षेत्र के कपसियां गांव में लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जल जाने से पूरे गांव में एक पखवाड़ा से अंधेरा पसरा हुआ है। लोगों को पेयजल और सिंचाई के साथ साथ मोबाइल चार्ज को लेकर भारी फजीहत झेलना पड़ रहा है। शिकायत दर्ज कराने के दो सप्ताह बाद भी ट्रांसफार्मर न बदले जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

गांव में लगा ट्रांसफार्मर गत 24 जुलाई को फुंक गया। जिसकी आनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई। बावजूद इसके पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। गांव के विनोद,राम अकबाल,भानू ,समर बहादुर,जगत,बरसातू, सुरेंद्र, चंद्र देव आदि ने आक्रोश जाहिर करते हुए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाए जाने की मांग किया है।

कृषि यंत्रों के लिए ई-लाटरी से कृषकों का हुआ चयन

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कृषि यंत्रों के लिए ई-लाटरी से कृषकों का हुआ चयन
कृषि यंत्रों के लिए ई-लाटरी से कृषकों का हुआ चयन

जौनपुर : ई-लाटरी से कृषि यंत्रों हेतु कृषको का हुआ चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित 15 सदस्यीय जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति की निगरानी में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन योजनान्तर्गत तीन कस्टम हायरिंग सेंटर लक्ष्य के सापेक्ष कृषि यंत्रों हेतु ई-लाटरी के माध्यम से तीन कृषको का पारदर्शी तरीके से चयन किया गया।

एलईडी लगाकर पहले किसानों को डेमो के रूप में मार्क ड्रील करके दिखाया गया फिर ई-लाटरी द्वारा विकास खण्ड करंजाकला, बरसठी एवं रामनगर से एक एक किसान का चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप परियोजना निदेशक आत्मा डा0 रमेश चंद्र यादव ने किया। पारदर्शी तरीके द्वारा ई-लाटरी से कृषि यन्त्रो हेतु कृषको के चुनाव की प्रक्रिया को किसानों ने सराहा।इस मौके पर जिलाधिकारी की प्रतिनिधि के रूप में डीडी एजी हिमांशु पांडेय, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी डा0 सीमा सिंह राणा, डीआईओ एनआईसी, एलडीएम, जिला गन्ना अधिकारी सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।

आरक्षण का मानक सामाजिक छुआछूत है आर्थिक नहीं

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आरक्षण का मानक सामाजिक छुआछूत है आर्थिक नहीं
आरक्षण का मानक सामाजिक छुआछूत है आर्थिक नहीं

कोटा में कोटा के विवाद का मामला भी पहुंचेगा सुप्रीम कोर्ट

  • दलितों को तोड़ने की सत्तादल कर रहे हैं साजिश
  • सभी वर्ग के आरक्षण खत्म करने की सीढ़ी हो गई तैयार

व्यक्ति का उत्थान उसकी जाति को निरूपण नहीं करता

सुप्रीम कोर्ट ने एक अगस्त 2024 को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के आरक्षण बारे में ऐतिहासिक फै़सला सुनाते हुए कहा कि सरकार इन समुदायों के आरक्षण सीमा के भीतर अलग से वर्गीकरण कर सकती है। न्यायालय के इस फैसले का सीधा-सीधा अर्थ है क्रीमीलेयर। मेरा मतलब न्यायालय के फैसले का विरोध करना नहीं है, न हीं उस पर उंगली उठाना। सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी न्यायिक संस्था है उसका फैसला सर्वोच्च है। मुझे उस फैसले पर कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि इस फैसले के बाद गेंद सरकार के पाले में आ जाएगी। सरकार संसद के पटल पर रखकर ही अपना निर्णय सुना सकती है। मैं अपने लेख में सिर्फ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव के बारे में विश्लेषण कर अपने विचार रख रहा हूं। मेरा मकसद सिर्फ और सिर्फ इतना है कि सरकार और दलित नेताओं की इस पर चुप्पी से है। अदालत की आड़ में सत्तापक्ष के लोगों ने वहीं किया जो उनकी मंशा थी। कोई भी देश दो-तीन राज्यों के दलितों की समस्या का आकलन कर उसे पूरे देश के दलितों पर लागू नहीं कर सकता। यह तो वही बात हुई की लकड़ी के लिए पूरे पेड़ को काटा जाए। इस फैसले की आग धीरे-धीरे फैल रही है। सभी दलित एकजुट होकर इसका विरोध करने जा रहे हैं। आंदोलन का स्वरूप तैयार कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से कोई बयान न आना भी लोगों को साजिश की तरफ संकेत कर रहा है। मुझे लगता है कि राजनीतिक दल के साथ जुड़े दलित नेता भी ठीक ढंग से इस फैसले को समझ नहीं पाएं है। कुछ समझे हैं तो पार्टी की लाइन के खिलाफ बोलने की उनमें हिम्मत नहीं है। राजनीतिक दल का चुनाव के पहले सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। आरक्षण बचाओ, संविधान बचाओ और पीडीए के नारे पर सदन में अपनी संख्या तो बढ़ा ली गई लेकिन दलित जनता के विश्वास के साथ सभी दल धोखाधड़ी कर रहे हैं। यह कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं की राजनीतिक दल की नजर में दलित और हासिए का समाज सिर्फ वोटर बनकर रह गया है। अभी पड़ोसी बंगला देश का हाल किसी से छिपा नहीं है, कोटा के मामले ने गृहयुद्ध पैदा कर दिया और सेना के हाथ में देश चला गया। मेरा मानना है कि इस तरह के फैसले से देश की सर्वोच्च तीनों संस्थाओं को बचना चाहिए। साथ ही सरकार को भी न्यायालय के समक्ष ऐसे मामलों पर सुझाव रखने चाहिए।

सिर्फ चिराग पासवान ने ही इस मामले पर बोला कि सरकार से रिव्यू पिटीशन दाखिल करने कहा जाएगा। बड़े आश्चर्य की बात है कि जाति जनगणना की बात करने वाले भी इस फैसले पर अपने पार्टी की राजनीति का चश्मा लगाए हुए हैं। यह साबित करता है कि हम अपने को आदर्शवादी और दलितों का मसीहा बनने का नाटक करते हैं। संविधान और आरक्षण बचाने का भरोसा दिलाने वाले वोट लेने के बाद भी एक भी बयान दलितों के पक्ष में नहीं दिए। चाहे वह काग्रेस सपा हो या राजद। इसलिए एससी और एसटी समाज को एकजुट होना पड़ेगा। मेरा मानना है कि इस तरह के फैसले से देश में जातिविहीन समाज की स्थापना का प्रयास चल रहा है। आने वाले दिनों में इससे कोई जाति को उत्तर प्रदेश में 30 प्रतिशत रिजर्वेशन मिले और महाराष्ट्र में उसे 5 फीसदी मिले। इससे राजनीतिक रूप से मजबूत नेता यानी सत्ता पक्ष एससी और एसटी में सरकार को समर्थन करने वाली जाति के आरक्षण का प्रतिशत बढ़ा सकते हैं। ओबीसी के क्रीमीलेयर और एसी-एसटी के क्रीमीलेयर में काफी अंतर है। यह प्रवेश, नौकरी से लेकर विधानसभा और लोकसभा की सुरक्षित सीटों पर लागू होगा। इससे अब जाति की राजनीति राज्यों में गहरा जाएगी और यह राज्य सरकार की मर्जी पर डिपेंड हो जाएगी। अब सरकार चाहेगी कि पढ़े लिखे विद्वान शिक्षक और रिटार्यड आईएएस राजनीति में नही आए। कम पढ़े लिखे लोगों को वह वोट देकर कठपुतली बनाकर लोकसभा और विधानसभा में लाएगी ताकि कोई इनकी आवाज को न उठा सके। यह फूट डालो और राज करों की नीति अपनाएगी। 17 राज्य ऐसे हैं जहां जाति की राजनीति पर सरकार बनती और बिगड़ती है। देश के दलित नेताओं को यह समझना होगा कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे।

यह एक दूरगामी सोच के तहत साजिश की गई है। यह देश के पूरी आरक्षण व्यवस्था को आने वाले दिनों में ध्वस्त करने वाली है। आरक्षण कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं है। यह आर्थिक आधार पर नहीं सामाजिक आधार पर बना है। यह एक साजिश है। एसी और एसटी को मुख्यधारा से अलग करने की। अगर इसमें क्रीमीलेयर लागू हो गया तो एससी और एसटी के लोग सिर्फ क्लर्क, चपरासी और सिपाही कैडर में ही नौकरी पाएंगे, क्योंकि जो स्टीफेंस और कान्वेंट कल्चर के बड़े स्कूलों में पढ़ने वाले लोग है जाहिर से बात है कि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वह क्रीमीलेयर के कारण सिविल सर्विस की परीक्षा में जनरल कैंडिडेट के रूप में शामिल होंगे। अगर किसी भी तरह वह परीक्षा पास करते है तो उन्हें इंटरव्यू के दौरान नंबर कम दिया जाएगा ताकि उनका सेलेक्शन नहीं हो, क्योंकि उन पर दलित की मुहर लगी है। इसका उदाहरण उच्च शिक्षा और बड़े पदों के इंटरव्यू में देखा जा रहा है। सभी आरक्षित सीट को एनएफएस (नाट फार सूटेबल) किया जा रहा है। अगर क्रीमीलेयर की व्यवस्था लागू हो गई तो गरीब तबके के लोगों के पास उच्च पदों पर पहुंचने के लिए न तो कोचिंग करने का पैसा होगा न ही हास्टल में रहकर तैयारी करने की सुविधा होगी। जाहिर सी बात है कि सभी सीट पर योग्य उम्मीदवार ही नहीं मिलेंगे और आगे चलकर यह सीट जनरल कैटेगरी को मिल जाएगी। हमें इस साजिश को समझने की जरूरत है। अगर हमारे समाज का क्रीमीलेयर व्यक्ति आईएएस बनता है बड़े पदों पर जाता है, मंत्री बनता है तो हम तो अपनी गुहार लगा सकते हैं उससे। मेरा मानना है कि इस फैसले से हम फिर 1947 के पीछे वाली स्थिति में जा सकते हैं। इस फैसले को लागू करना सरकारों के लिए काफी कठिन होगा। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सुनाए फ़ैसले के बारे में बॉम्बे हाई कोर्ट के वकील संघराज रूपवते ने कहा, “सत्तारूढ़ राजनीतिक दलों ने एक बार फिर अदालत की आड़ में वही किया है जो वे चाहते थे. यह एक ऐसा फ़ैसला है जो हमें जातिविहीन समाज से दूर ले जाता है. अनुसूचित जाति और जनजाति के उप-वर्गीकरण की अनुमति देना छह न्यायाधीशों की एक बड़ी गलती है. जस्टिस बेला त्रिवेदी की एकमात्र असहमति ही संवैधानिक क़ानून का सही पुनर्कथन है.” उल्लेखनीय है कि पंजाब में 1975 में एसी. एसटी एक्ट की आरक्षित सीट को दो भागों में बांट दिया गया है।

पहला बाल्मीकि और मजहबी सिख और दूसरा अन्य अनुसूचित जाति। तीस साल तक यह नियम लागू रहा 2006 में मामला पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा। इसमें 2004 के ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला देते हुए रद कर दिया। कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति में सब कटेगरी एलाऊ नहीं है, क्योंकि यह समानता के आदेश का उल्लंघन है। कुछ सामान्य वर्ग के बुद्धजीवियों का मानना है कि आरक्षण की वजह से देश बर्बाद हो रहा है। अब ये बताइये की देश आजाद होने के बाद 14 व्यक्ति देश के राष्ट्रपति बने और 15 प्रधानमंत्री, 43 चीफ जस्टिस और 19 मुख्य चुनाव आयुक्त बने इसमें कितने रिजर्वेशन वाले हैं। हम घोटाले की बात करें तो सत्यम घोटाला, बोफोर्स घोटाला समेत सैकड़ों घोटाले में कोई दलित नहीं है तो ये देश को बर्वाद करने वालों में कौन हैं। बस हमारे समाज के लोग कुछ अच्छे पदों पर चले गए तो इनके पेट में दर्द होने लगा। जाति एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है, आर्थिक स्थिति का जाति पर कोई असर नहीं पड़ता है। बाबा साहेब ने दलितों को आरक्षण का आधार भी सामाजिक बनाया था न कि आर्थिक। ओबीसी का आरक्षण बाद में आया। यह ऐसे समय में आया कि ओबीसी से जुड़ी कई जातियां सम्पन्न हो चुकी थी, इसलिए इसमें क्रीमीलेयर की जरूरत पड़ी। इस आरक्षण का आधार सामाजिक भेदभाव नहीं था, इसलिए लोकसभा और विधानसभा में इनके लिए सीट सुरक्षित नहीं की गई। कुल मिलाकर यही कहना है कि आरक्षण का आधार छुआछूत है। कोई इसे कैसे बदल सकता है। क्रीमीलेयर व्यक्ति पर लागू होता है जाति पर नहीं। ये लेखक के निजी विचार हैं।


डॉ. सुनील कुमार
असिस्टेंट प्रोफेसर जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर

एक तरफा प्यार में पागल प्रेमी ने प्रेमिका की मां को पेट्रोल से जिन्दा जलाया,मौत

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एक तरफा प्यार में पागल प्रेमी ने प्रेमिका की मां को पेट्रोल से जिन्दा जलाया,मौत
एक तरफा प्यार में पागल प्रेमी ने प्रेमिका की मां को पेट्रोल से जिन्दा जलाया,मौत

#एक तरफा प्यार में पागल प्रेमी ने प्रेमिका की मां को पेट्रोल से जलाया ,ईलाज के दौरान मौत

JAUNPUR CRIME NEWS जौनपुर। सरपतहां थाना क्षेत्र के बसिरहां गांव में मकान के अंदर सो रही महिला पर तरफा प्यार में पागल एक युवक ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। घायल महिला प्रविदा बिन्द (40) की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गयी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव के ही आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। घटना बुधवार की रात करीब तीन बजे की है। सूचना पर एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। बसिरहा गांव निवासी प्रविदा (40) पत्नी लालजी बिंद घर के भीतर सोई हुई थी। रात में छत के रास्ते स्थानीय थाना क्षेत्र के मटियरा गांव निवासी विनय कुमार मकान के भीतर घुस गया। वहां पर सो रही प्रविदा के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया। आग लगते ही महिला बचाव के लिए चिल्लाती हुई घर के बाहर निकली।

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मां की आवाज सुनकर बेटे की नींद खुल गई तो देखा कि मां आग की लपटों से घिरी थी। उसने आनन-फानन में मां के ऊपर कंबल डालकर आग बुझाया, लेकिन तब तक महिला काफी झुलस चुकी थी। पीड़िता ने बताया कि 10 दिन पहले एक तरफा प्यार में पागल विनय बिन्द उनके घर में आकर पकड़ा गया था, इसके बाद विवाद हुआ था। वह अपने ननिहाल में आकर रहता है। पीड़ित महिला का पति रोजी रोटी के सिलसिले में मुंबई में रहता है। घटना के वक्त घर में महिला के अलावा उसका एक बेटा ही मौजूद था। घटना की सूचना पुलिस को देने के साथ ही उसे इलाज के लिए सीएचसी सुइथाकला ले जाया गया, जहां प्रविदा की गंभीर हालत को देखकर चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

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घायल महिला की गंभीर स्थिती होने के कारण वाराणसी रेफर कर दिया गया था। घटना की सूचना मिलते हीं थानाध्यक्ष अरविंद सिंह मौके पर पहुंच गए और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी युवक को गिरफ्तार करने के साथ ही उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दिए। क्षेत्राधकारी शाहगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी थाना क्षेत्र के मटियरा निवासी विनय कुमार बिन्द के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उसे गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज  दिया गया ।अभियुक्त के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है ।

खेतासराय के मानी कलां गांव में कारपेंटर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या  

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खेतासराय के मानी कलां गांव में कारपेंटर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या  
खेतासराय के मानी कलां गांव में कारपेंटर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या  

#  खेतासराय के मानी कलां गांव में कारपेंटर ने फांसी लगाकर की आत्महत्या,खुशियां मातम में तब्दील 

खेतासराय (जौनपुर) स्थानीय थाना क्षेत्र के मानी कलां गांव में नागपंचमी के अवसर पर लोग अपने परिवार के बीच खुशी मानते है। लेकिन क्षेत्र स्थित गांव मानीकलां में एक परिवार की खुशियां मातम में तब्दील हो गयी। दरअसल उक्त गांव निवासी 28 वर्षीय कारपेंटर अनुराग उर्फ मन्टू विश्वकर्मा पुत्र पारसनाथ शुक्रवार की सुबह कमरे में लगा पंखा में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। जिसके पीछे का कारण पारिवारिक कलह बताया जाता है। बताया जाता है कि मृतक अनुराग की पत्नी गुड़िया देवी से किसी बात को लेकर हुए अनबन में अनुराग अपनी जीवन लीला समाप्त करने की निर्णय पर पहुँच गया और घर के कमरे में लगा पंखा में फांसी का फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया।

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मृतक की माता निर्मला देवी गांव के पोखरे के पास नागपंचमी की पूजा करने गयी थी। वहां से आने के बाद बहु गुड़िया दरवाजे के पास बैठकर आवाज लगा रही थी। कई बार आवाज लगाने के बाद दरवाजा अंदर से नहीं खुला तो आस-पास के लोग एकत्र हो गए और दरवाजा को तोड़ा गया। पंखे के सहारे अनुराग को लटकते देख लोग दंग रह गए तथा मां, बहन दहाड़ मार कर रोने लगी। स्वजनों की मदद से आनन-फानन निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक अनुराग अपने पीछे अपनी पत्नी गुड़िया व 8 वर्षीय पुत्री लबली और 6 बर्षीय पुत्र अरुण को छोड़ गया। मृतक के पिता पारसनाथ रोजी-रोटी के सिलसिले में मुंबई रहते है। सूचना के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

शहीदों के सम्मान में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकाला गया साइकिल मार्च

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शहीदों के सम्मान में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकला साइकिल मार्च
शहीदों के सम्मान में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकला साइकिल मार्च

#शहीदों के सम्मान में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकाला गया साइकिल मार्च

जौनपुर। शहीदों के सम्मान मे शिलापट्ट पर कुलपति ने अर्पित की पुष्पांजलि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय सेवा योजना परिसर इकाई द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर शुक्रवार को मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने शहीद शिलापट पर पुष्पांजलि अर्पित कर काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शहीदों की वीरता और उनके द्वारा दिए गए बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन स्वतंत्रता के प्रति हमारे वीर क्रांतिकारियों की अटूट प्रतिबद्धता और बलिदान की प्रतीक थी। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अहम हिस्सा है, जिसने हमें आजादी की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

शहीदों के सम्मान में इस महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को उस संघर्ष की गाथा से अवगत कराना और उन्हें राष्ट्रप्रेम की भावना से प्रेरित करना है। साथ ही साथ शहीदों की याद में एक विशेष साइकिल मार्च का भी आयोजन किया गया। साइकिल मार्च का उद्देश्य न केवल शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करना था, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को जीवित रखना भी था।

शहीदों के सम्मान में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में निकाला गया साइकिल मार्च

 फोटो – शहीदों के सम्मान मे शिलापट्ट पर पुष्पांजलि अर्पित करती कुलपति बंदना सिंह 

इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक विनोद सिंह ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज हम उन वीरों को नमन करते है जिन्होंने अपने जीवन को राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके सपनों को साकार करने के लिए हमें एकजुट होकर सशक्त भारत का निर्माण करना होगा। शहीदों के सम्मान में काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई एवं क्विज़ एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्विज़ एवं निबंध प्रतियोगिता में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इसके साथ ही डॉ. नितेश जायसवाल ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित आलेख का वाचन कर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया।

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इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.अजय द्विवेदी, निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो.आचार्य विक्रम देव,  प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो.सौरभ पाल, प्रो.रजनीश भाष्कर, काकोरी ट्रेन एक्शन के नोडल अधिकारी प्रो.गिरिधर मिश्र,डॉ. पुनीत कुमार धवन एवं डॉ. शशिकांत यादव, हर घर तिरंगा के नोडल अधिकारी प्रो. मनोज मिश्र,उपकुलसचिव अमृत लाल, डॉ. श्याम कन्हैया,  डॉ. मनोज कुमार पांडेय,डॉ. नीरज अवस्थी,डॉ.सुजीत चौरसिया, डॉ. संदीप वर्मा,डॉ. विशाल यादव, डॉ. ज्ञानेंद्र पाल,डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, डॉ. प्रमोद कुमार कौशिक, डॉ.इंद्रेश गंगवार, नीरज कुमार आदि एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

प्रयागराज में अगस्त क्रान्ति पर शहीदों के नाम  जलाई गई रौशनी 

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प्रयागराज में अगस्त क्रान्ति पर शहीदों के नाम जलाई गई रौशनी
प्रयागराज में अगस्त क्रान्ति पर शहीदों के नाम जलाई गई रौशनी

#प्रयागराज में अगस्त क्रान्ति पर शहीदों के नाम एक रौशनी जलाई गई

प्रयागराज। कई साल बाद आज 9 अगस्त को अगस्त क्रांति के शहीदों को नमन करने के लिए शहीदवॉल पर “एक रोशनी शहीदों के नाम” जलाई गई। भारत माता की जय के नारे के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। उल्लेखनीय की शहीदवॉल  सुंदरीकरण योजना के तहत स्मार्ट सिटी इसका सुंदरीकरण कर रहा है।

प्रयागराज में अगस्त क्रान्ति पर शहीदों के नाम  जलाई गई रौशनी 

किंतु कार्य लगातार विलंब हो रहा है। भारत भाग्य विधाता संस्था ने पूर्व की तरह यहां कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय किया और आज शहीदों के नाम रोशनी की गई। साथ ही काकोरी एक्शन पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम में ज्ञानेश्वर त्रिपाठी, दिनेश तिवारी, विनीत श्रीवास्तव मो आमिर, राहुल दुबे,अनुराग द्विवेदी, अमित उपाध्याय श्यामू कुशवाहा प्रमुख रूप से उपस्थित थे